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झारखंड

आम की गुणवत्ता जांचने का आसान तरीका, पानी में इन तीन ट्रिक...

Last Updated:June 21, 2026, 16:39 IST Mango Quality Test Water Method: गर्मी का मौसम आते ही बाजार में आम की मांग बढ़ जाती है. आम को फलों का राजा कहा जाता है और शायद ही कोई ऐसा घर हो जहां गर्मियों में आम न खाया जाता हो. हालांकि आम खरीदते समय लोगों के सामने सबसे बड़ी समस्या यह होती है कि कौन सा आम अच्छा और मीठा होगा और कौन सा अंदर से खराब निकलेगा. कई बार बाहर से देखने में सुंदर और पका हुआ लगने वाला आम काटने पर खराब निकल जाता है. ऐसे में आम की गुणवत्ता और उसके पकने की सही स्थिति जानने के लिए एक बेहद आसान और घरेलू तरीका अपनाया जा सकता है, जिसमें केवल पानी की जरूरत होती है. कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) पलामू के कृषि वैज्ञानिक दिलीप पांडे के अनुसार, आम की गुणवत्ता जांचने के लिए सबसे पहले एक बाल्टी या टब में साफ पानी भर लें. इसके बाद आम को पानी में डालकर देखें कि वह किस तरह व्यवहार करता है. आम का पानी में डूबना या तैरना उसके पकने और गुणवत्ता के बारे में काफी हद तक जानकारी दे सकता है. उन्होंने बताया कि यदि कोई आम पानी में डालते ही सीधे नीचे तली में बैठ जाता है, तो इसका मतलब है कि वह अभी पूरी तरह से कच्चा है. ऐसे आमों को कुछ दिनों तक घर में रखने के बाद पकाया जा सकता है. वहीं अगर आम पूरी तरह पानी की सतह पर तैरने लगे, तो यह संकेत हो सकता है कि उसकी गुणवत्ता अच्छी नहीं है. ऐसे आमों में अंदरूनी खराबी, बीमारी या अन्य गुणवत्ता संबंधी समस्याएं हो सकती हैं. कृषि वैज्ञानिक के अनुसार, सबसे अच्छे आम की पहचान यह है कि वह न तो पूरी तरह पानी में डूबे और न ही पूरी तरह ऊपर तैरे. यदि आम पानी की सतह के ठीक नीचे दिखाई दे या सतह को हल्के से छूते हुए रहे, तो उसे अच्छी गुणवत्ता वाला आम माना जाता है. Add News18 as Preferred Source on Google ऐसे आम सामान्य रूप से स्वस्थ, स्वादिष्ट और खाने के लिए उपयुक्त होते हैं. उन्होंने बताया कि आम एक क्लाइमेक्टेरिक फल है. इसका मतलब है कि पेड़ से तोड़े जाने के बाद भी उसमें पकने की प्रक्रिया जारी रहती है. यही कारण है कि कच्चे आम समय के साथ अपना रंग, स्वाद और सुगंध बदलते रहते हैं. यदि कोई आम पानी की सतह से थोड़ा नीचे रहता है, तो यह इस बात का संकेत हो सकता है कि वह पकने की अवस्था में है और जल्द ही खाने के लिए तैयार हो जाएगा. हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि केवल पानी वाला परीक्षण ही पर्याप्त नहीं है. आम खरीदते समय उसकी खुशबू, रंग, छिलके की स्थिति और फल की नरमी पर भी ध्यान देना चाहिए. यदि आम से अच्छी खुशबू आ रही हो, उसका रंग प्राकृतिक दिख रहा हो और वह हल्का नरम महसूस हो, तो उसके अच्छे और स्वादिष्ट होने की संभावना अधिक होती है. विशेषज्ञों के मुताबिक इन आसान उपायों को अपनाकर लोग बाजार से अच्छे, ताजे और स्वादिष्ट आम चुन सकते हैं. इससे न सिर्फ खराब आम खरीदने से बचा जा सकता है, बल्कि पैसे और समय दोनों की बचत भी होगी. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

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पीएल खातों में पड़े हैं 18,902 करोड़ रुपए, वित्त मंत्री ने राजकोष...

राज्य के विभिन्न विभागों के पीएल (पर्सनल लेजर) खातों में 18,902 करोड़ रुपए जमा पड़ी है। 4 वर्षों से अधिक समय से पड़ी इसराशि को लेकर वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने इसे राजकोष में जमा करने का निर्देश दिया है । कहा है कि यदि संबंधित विभाग राशि वापस नहीं करते हैं तो वित्त विभाग उसे स्वतः प्रत्यर्पित मानकर कार्रवाई करेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार एक ओर मंईयां सम्मान योजना समेत विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए अतिरिक्त संसाधन जुटाने का प्रयास कर रही है, जबकि दूसरी ओर हजारों करोड़ रुपये पीएल खातों में निष्क्रिय पड़े रहना वित्तीय प्रबंधन के लिए दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है। वित्त मंत्री ने बताया कि 31 मई 2026 तक नगर विकास विभाग के पीएल खाते में 2,876 करोड़ , ऊर्जा विभाग के 3,943 करोड़ , उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के 1,957 करोड़ , कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के 1,922 करोड़ तथा भवन निर्माण विभाग के 1,776 करोड़ रुपए जमा पड़े हैं। इसके अलावा डेढ़ दर्जन से अधिक विभागों के खातों में कुल मिलाकर 18,902 करोड़ जमा हैं। कई विभागों में यह राशि कब से खातों में रखी गई है, इसका पूरा ब्योरा विभागों के पास उपलब्ध नहीं है। उन्होंने वित्त सचिव को निर्देश दिया है कि चालू वित्तीय वर्ष समेत पिछले तीन वर्षों तक की राशि को केवल विशेष परिस्थितियों में ही री-वैलिडेशन करें। इसके अलावा चार वर्ष से अधिक समय से पीएल खातों में पड़ी राशि को राजकोष में जमा कराने के लिए सभी विभागीय सचिवों को फरमान भेजें। “पीएल खाते में सरकारी धन रखना वित्तीय अनुशासन के खिलाफ” वित्त मंत्री ने कहा कि सरकारी धनराशि को पीएल खातों में लंबे समय तक रखना निर्धारित मानकों और स्वस्थ वित्तीय प्रबंधन के विपरीत है। यह वित्तीय अनुशासनहीनता का भी संकेत है। कहा कि बेहतर वित्तीय प्रबंधन के लिए एफआरबीएम एक्ट के तहत राज्य के ऋण लेने की सीमा हर वर्ष निर्धारित होती है। पीएल खातों में बड़ी राशि के संधारण का असर एफआरबीएम की सीमा पर भी पड़ता है। ऐसे में वित्तीय अनुशासन और संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए इन खातों की समीक्षा जरूरी है। Source link

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गिरिडीह में बंद घर को निशाना बनाकर चोरी:इलाज के लिए रखे ₹50...

गिरिडीह जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत सितलपुर शमशान घाट रोड स्थित एक बंद घर में चोरों ने बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। अज्ञात चोरों ने घर में घुसकर नगदी, जेवरात और अन्य कीमती सामान सहित करीब दो लाख रुपए की संपत्ति चोरी कर ली। यह घटना ट्रेजरी विभाग के सेवानिवृत्त कर्मी रामेश्वर महतो के घर में हुई। बताया जा रहा है कि रामेश्वर महतो 20 जून की शाम अपने पैतृक गांव गए हुए थे, जिससे घर पूरी तरह सूना था। चोरों ने इसी मौके का फायदा उठाया और घर को निशाना बनाया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, चोर छत के रास्ते घर के अंदर दाखिल हुए और इसके बाद मुख्य दरवाजा तोड़कर पूरे घर में आराम से चोरी की वारदात को अंजाम दिया। नगदी समेत पत्नी के इलाज के पैसे भी ले गए चोर पीड़ित रामेश्वर मेहतो ने बताया कि चोरों ने घर के सभी कमरों को खंगाल डाला। अलमारी और बक्सों के ताले तोड़ दिए गए और अंदर रखे सामान को अस्त-व्यस्त कर दिया गया। चोर करीब 50 हजार रुपए नगद भी अपने साथ ले गए। यह रुपए पत्नी के इलाज के लिए रखे गए थे। इसके अलावा सोने-चांदी के जेवरात और अन्य कीमती सामान भी चोरी कर लिए गए। उन्होंने बताया कि कुल मिलाकर करीब दो लाख रुपए की संपत्ति की चोरी हुई है। घर के अंदर सामान बिखरा पड़ा था, जिससे साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि चोरों ने काफी समय तक घर में रहकर वारदात को अंजाम दिया। घर लौटने पर खुला मामला, पुलिस ने शुरू की जांच रविवार को जब रामेश्वर मेहतो अपने घर लौटे, तो मुख्य दरवाजा टूटा हुआ देखकर उन्हें अनहोनी की आशंका हुई। अंदर जाकर देखा तो सभी कमरों के ताले टूटे थे और सामान बिखरा पड़ा था। इसके बाद उन्हें चोरी की जानकारी हुई। उन्होंने तुरंत मुफस्सिल थाना पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ की है। संभावित सुराग जुटाने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। Source link

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सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में सरकार की बुलंद आवाज तुषार मेहता को...

होमताजा खबरदेश सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में सरकार की बुलंद आवाज तुषार मेहता को मिला इनाम Last Updated:June 21, 2026, 20:05 IST सॉलिसिटर जनरल के रूप में तुषार मेहता ने देश की सुप्रीम कोर्ट और अलग-अलग हाईकोर्ट के समक्ष कई अत्यंत महत्वपूर्ण संवैधानिक, राष्ट्रीय सुरक्षा, नीतिगत और बडे आपराधिक मामलों में केंद्र सरकार का पक्ष पूरी मजबूती से रखा है. ख़बरें फटाफट एसीसी ने तुषार मेहता के कार्यकाल को मंजूरी दी. (फाइल फोटो) नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने तुषार मेहता को भारत के सॉलिसिटर जनरल के रूप में तीन साल के लिए फिर से नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है. यह नियुक्ति 1 जुलाई, 2026 से प्रभावी होगी. कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) द्वारा जारी एक आदेश के अनुसार, कैबिनेट की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने देश के दूसरे सर्वोच्च विधि अधिकारी के रूप में मेहता के पद पर बने रहने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. आदेश में कहा गया कि कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने तुषार मेहता को भारत के सॉलिसिटर जनरल के रूप में तीन साल के लिए फिर से नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है. यह नियुक्ति 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होगी या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो. मेहता को अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के रूप में सेवा देने के बाद अक्टूबर 2018 में सॉलिसिटर जनरल नियुक्त किया गया था. केंद्र सरकार ने बाद में उन्हें 1 जुलाई, 2020 से प्रभावी तीन साल के कार्यकाल के लिए और फिर 2023 में पुनः नियुक्त किया. नवीनतम कार्यकाल विस्तार के साथ, मेहता सॉलिसिटर जनरल के रूप में लगभग आठ वर्ष पूरे कर चुके हैं और नए कार्यकाल के अंत तक इस पद पर 11 वर्ष पूरे करने वाले हैं, जिससे वे देश के इतिहास में सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले विधि अधिकारियों में से एक बन जाएंगे. सॉलिसिटर जनरल के रूप में, मेहता ने सर्वोच्च न्यायालय और विभिन्न उच्च न्यायालयों के समक्ष कई महत्वपूर्ण संवैधानिक, नीतिगत और आपराधिक मामलों में केंद्र सरकार का प्रतिनिधित्व किया है. एसीसी ने सर्वोच्च न्यायालय के लिए पांच अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरलों (एएसजी) की तीन साल के अतिरिक्त कार्यकाल के लिए पुनर्नियुक्ति को भी मंजूरी दे दी है. विक्रमजीत बनर्जी और केएम नटराज को 1 जुलाई, 2026 से पुनः नियुक्त किया गया है, जबकि एसवी राजू, एन वेंकटरामन और ऐश्वर्या भाटी को 30 जून, 2026 से पुनः नियुक्त किया गया है. About the Author Rakesh Ranjan Kumar राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Source link

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सीड बॉल तकनीक का कमाल, 3 भाग गोबर खाद 1 भाग मिट्टी...

Last Updated:June 21, 2026, 16:51 IST Seed Ball Technique: पर्यावरण संरक्षण और खेती को आसान बनाने की दिशा में किसानों द्वारा अपनाई जा रही सीड बॉल (Seed Ball) तकनीक इन दिनों तेजी से लोकप्रिय हो रही है. पलामू जिले के किसान ओमकार नाथ वर्षों से नर्सरी तैयार कर पौधों का वितरण करते हैं. उनका मानना है कि पारंपरिक तरीके से पौधे तैयार करने में अधिक समय, मेहनत और खर्च लगता है. ऐसे में सीड बॉल तकनीक एक सरल, कम खर्चीला और प्रभावी विकल्प बनकर उभरी है. किसान ओमकार नाथ ने बताया कि सीड बॉल तैयार करने के लिए मुख्य रूप से मिट्टी, वर्मी कम्पोस्ट और गोबर खाद का उपयोग किया जाता है. सामान्यतः तीन भाग गोबर खाद या कम्पोस्ट और एक भाग मिट्टी को अच्छी तरह मिलाकर उसमें जरूरत के अनुसार पानी डाला जाता है. इसके बाद मिश्रण को छोटे-छोटे गोल आकार में तैयार किया जाता है. इन गोलों के बीच में जिस पौधे का उत्पादन करना हो, उसका बीज डाल दिया जाता है. तैयार सीड बॉल को कुछ समय तक सुखाने के बाद खेत, बगीचे या खाली जमीन पर रख दिया जाता है. बारिश या नमी मिलने पर बीज अंकुरित होने लगता है और पौधा विकसित होने लगता है. यह तकनीक बीज को सुरक्षित रखते हुए पौधे के शुरुआती विकास के लिए जरूरी पोषक तत्व भी उपलब्ध कराती है, जिससे अंकुरण की संभावना बढ़ जाती है. Add News18 as Preferred Source on Google ओमकार नाथ ने कहा कि सीड बॉल बीज के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह काम करती है. इससे बीज पक्षियों या अन्य जीवों से काफी हद तक सुरक्षित रहता है. साथ ही गोबर खाद और वर्मी कम्पोस्ट में मौजूद पोषक तत्व पौधे को शुरुआती अवस्था में पर्याप्त पोषण देते हैं. इसी वजह से पौधों की बढ़वार बेहतर होती है. उन्होंने कहा कि फलों के बीजों को फेंकने के बजाय सीड बॉल बनाकर उपयोग किया जाए, तो बड़े स्तर पर हरियाली बढ़ाई जा सकती है. सड़क किनारे, बंजर जमीन, पहाड़ी क्षेत्रों और खाली जगहों पर इन्हें आसानी से फैलाया जा सकता है. कम लागत, आसान तरीका और बेहतर परिणामों के कारण यह तकनीक किसानों के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण से जुड़े लोगों के बीच भी तेजी से लोकप्रिय हो रही है. Source link

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चक्रधरपुर-चाईबासा सड़क पर पुलिया से टकराई बाइक:श्राद्धकर्म से लौट रहे रेलवे गार्ड...

पश्चिमी सिंहभूम जिले में चक्रधरपुर-चाईबासा मेन रोड पर उलीगुटु के समीप सड़क हादसे में रेलवे गार्ड अमित कुमार स्वाई की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके साले आशीष डोगरा गंभीर रूप से घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, दोनों एक रिश्तेदार के श्राद्ध कर्म में शामिल होने के बाद चाईबासा से मोटरसाइकिल से चक्रधरपुर लौट रहे थे। इसी दौरान उलीगुटु के पास अचानक सामने आए एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन से बचने के प्रयास में चालक ने नियंत्रण खो दिया और बाइक सड़क किनारे स्थित पुलिया से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल में गार्ड को मृत घोषित किया हादसे के बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तुरंत एंबुलेंस की व्यवस्था कर दोनों घायलों को सदर अस्पताल चाईबासा पहुंचाया। अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद अमित कुमार स्वाई को मृत घोषित कर दिया। वहीं आशीष डोगरा की हालत गंभीर बनी हुई है। डॉक्टरों के अनुसार, उनके पैर की हड्डी टूट गई है। पसलियों में भी गंभीर चोट आई है। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए जमशेदपुर स्थित एमजीएम अस्पताल रेफर करने की सलाह दी गई है। इस घटना के बाद मृतक के परिवार में मातम पसरा हुआ है। पुलिस अज्ञात वाहन की तलाश में जुटी बताया जा रहा है कि अमित कुमार स्वाई भारतीय रेलवे में गार्ड के पद पर कार्यरत थे और अपनी ड्यूटी के प्रति बेहद सजग कर्मचारी माने जाते थे। उनकी असामयिक मौत से उनके सहकर्मियों में भी शोक की लहर है। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। दुर्घटना में शामिल अज्ञात वाहन की पहचान में लगी हुई है। Source link

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धनबाद में आटा मिल कर्मी की गोली मारकर हत्या:कलेक्शन कर लौटते वक्त...

धनबाद जिले के गोंदूडीह ओपी क्षेत्र के खेरकाबाद में रविवार को एक सनसनीखेज वारदात सामने आई, जहां आटा मिल में कार्यरत एक कर्मी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना 7 नंबर हिलटॉप आउटसोर्सिंग के समीप उस समय हुई, जब मृतक उमेश यादव (45) ग्राहकों से पैसे का कलेक्शन कर बाइक से वापस लौट रहे थे। जानकारी के अनुसार, झरिया थाना क्षेत्र के बस्ताकोला निवासी उमेश यादव गोधर स्थित एक आटा मिल में कई वर्षों से कार्यरत थे और कलेक्शन का जिम्मा संभालते थे। रविवार को भी वे नियमित रूप से कलेक्शन के लिए निकले थे। इसी दौरान खेरकाबाद के पास पहले से घात लगाए बाइक सवार अपराधियों ने उन पर फायरिंग कर दी। गोली लगते ही वे सड़क पर गिर पड़े और घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई। घटना से इलाके में दहशत, पुलिस ने शुरू की जांच घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और आसपास के लोग मौके पर जुट गए। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही गोंदूडीह ओपी, भूली ओपी और केंदुआडीह थाना की पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और मामले की छानबीन शुरू कर दी। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और आसपास के लोगों से पूछताछ की। घटना की जानकारी मिलते ही मृतक के परिजन भी मौके पर पहुंच गए, जहां उनका रो-रोकर बुरा हाल था। परिजनों ने हत्या के पीछे पुरानी रंजिश या लूटपाट की आशंका जताई है। मृतक के भाई राजेश यादव ने कहा कि घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगा। लूट या रंजिश, हर पहलू पर जांच आटा मिल के मालिक रतन अग्रवाल ने बताया कि उमेश यादव लंबे समय से उनके यहां कार्यरत थे और भरोसेमंद कर्मचारी थे। उन्होंने पुष्टि की कि रविवार सुबह वे कलेक्शन के लिए निकले थे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। ग्रामीण एसपी एस मोहम्मद याकूब ने बताया कि पुलिस इस मामले में लूट, आपसी रंजिश और अन्य सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही मामले का खुलासा कर लिया जाएगा। Source link

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पंजाब में सत्ता वापसी का खाका! राहुल गांधी ने दिया जीत का...

होमताजा खबरदेश पंजाब चुनाव से पहले कांग्रेस की रणनीति तेज, राहुल ने टटोली नेताओं की नब्ज Last Updated:June 21, 2026, 19:14 IST राहुल गांधी ने पंजाब विधानसभा चुनाव की जमीनी रणनीति को समझने के लिए इन पांचों कद्दावर नेताओं से अलग-अलग मुलाकात की. बैठक के मुख्य सूत्र के मुताबिक राहुल गांधी का स्पष्ट और कड़ा संदेश था कि ‘आप सभी को हर हाल में मिलकर लड़ना होगा, पंजाब हमारे लिए एक बेहद महत्वपूर्ण राज्य है’. राहुल गांधी ने पंजाब कांग्रेस के पांच नेताओं से मुलाक़ात की. (फाइल फोटो) नई दिल्ली. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को पंजाब के पांच वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की और उनसे आगामी विधानसभा चुनाव मिलकर लड़ने को कहा. राहुल ने जोर देकर कहा कि पार्टी की पंजाब इकाई में संगठनात्मक बदलावों की चर्चा के बीच राज्य में कांग्रेस के पास ‘बहुत अच्छा मौका’ है, पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और वरिष्ठ नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा एवं विजय इंदर सिंगला ने सोनिया गांधी के आवास ’10, जनपथ’ पर राहुल गांधी से मुलाकात की. पंजाब में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं. बैठक के बाद बाजवा ने पत्रकारों से कहा, “मैंने पार्टी के लिए जो सबसे अच्छा है, उसपर अपना पक्ष रखा. मैंने कहा कि आप (राहुल गांधी) जो भी फैसला लेंगे, हम उसके साथ खड़े रहेंगे. हम कांग्रेस के समर्पित सिपाही हैं. हमारे परिवारों ने पंजाब के हित और देश की एकता एवं अखंडता के लिए बलिदान दिया है.” बाजवा ने जोर देकर कहा, “नेतृत्व का फैसला राहुल पर है, वह कोई पद दें या न दें, हम उनके साथ खड़े हैं.” राहुल गांधी से मिलने वाले नेताओं के अनुसार, उन्होंने पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले की रणनीति पर इन पांचों नेताओं की राय जानने के लिए उनसे अलग-अलग मुलाकात की. बैठक की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने बताया, “राहुल गांधी का संदेश था कि ‘आपको मिलकर लड़ना होगा, पंजाब एक महत्वपूर्ण राज्य है और हमारे पास बहुत अच्छा मौका है.’ नेताओं ने नेतृत्व के मुद्दे और आगे बढ़ने के सबसे अच्छे तरीके पर अपने विचार साझा किए. मूल रूप से, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हमें पंजाब के हितों की रक्षा करनी चाहिए.” इस महीने की शुरुआत में कांग्रेस ने पंजाब में मौजूदा राजनीतिक हालात का जायजा लेने और उसपर रिपोर्ट सौंपने के लिए अजय माकन, मीनाक्षी नटराजन और भजन लाल जाटव को ‘अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी’ का पर्यवेक्षक नियुक्त किया था. उन्होंने अपनी रिपोर्ट आलाकमान को सौंप दी है. About the Author Rakesh Ranjan Kumar राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,New Delhi,Delhi Source link

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महुआ से शराब नहीं… अब बनाएं चॉकलेट-कुकीज, डायबिटीज पेशेंट भी चाव से...

होमफोटोलाइफ़फूड महुआ से शराब नहीं… अब बनाएं चॉकलेट-कुकीज, डायबिटीज पेशेंट भी चाव से खाएंगे Last Updated:June 21, 2026, 17:21 IST Mahua Chocolate & Cookies: खूंटी के जंगलों में खासतौर पर महुआ का पेड़ बहुत पाया जाता है. महुआ झारखंड में विशेष पर शराब बनाने के लिए इस्तेमाल होता है. लेकिन गांव की महिलाएं इससे चॉकलेट और बिस्किट बना रही हैं, जो खाने में काफी स्वादिष्ट हैं. इनमें कैलोरी की मात्रा न के बराबर होती है और शुगर भी नहीं होती. इसीलिए ये डायबिटीज के पेशेंट के लिए भी अच्छे माने जाते हैं. साथ ही इनमें प्रोटीन और दूसरे जरूरी विटामिन का भंडार भी होता है. सारे प्रोडक्ट को दिखाते हुए सलोनी बताती हैं, खूंटी के जंगलों से खासतौर पर हम महिलाओं द्वारा यह चुनकर मंगवाते हैं. पहले ये महिलाएं इसी की शराब बनाती थी और बेचती थी. लेकिन इससे ना उनको अधिक मुनाफा होता था और यह समाज के लिए भी सही नहीं था. ऐसे में हमने महुआ में एक्सपेरिमेंट किया और आज चॉकलेट से लेकर कुकीज तक इससे बनवा रहे हैं. सलोनी बताती हैं, आप एक बार खाकर देखिए, आप नहीं बोल पाएंगे कि महुआ का है, खाने में तो बड़े ब्रांड के चॉकलेट को टक्कर देता है, डायबिटीज पेशेंट चाहे जितना खा लें. क्योंकि, इसमें कैलोरी 5 से 10 है, इससे अधिक नहीं. हमने इस पर रिसर्च भी की है. हमारे पास इसकी कैंडी, अचार व सिरप तक मिलेगा. मतलब आपको केक में कोई अलग फ्लेवर खाना है, तो आप इसके सिरप का इस्तेमाल कर सकते हैं. शराब बनाने वाली चीज से महिलाओं द्वारा इतनी सारी चीज बनवाने का काम कर रहे हैं. इससे लगभग 300 महिलाओं को भी रोजगार और इनकम दोनों मिल रहा है. Add News18 as Preferred Source on Google हमारा अपना क्लस्टर है, जहां से हम ये सारी चीजें लेकर आते हैं, महिलाएं अपने हाथों से ये सारी चीजें तैयार करती हैं. जिसमें शुद्धता और सफाई का विशेष ध्यान रखा जाता है. अगर आपको इनकी कुकीज लेनी है, तो इसकी कीमत ₹50-100 की रेंज में होती है. वहीं, चॉकलेट भी इसकी रेंज में है. यानी 50 से 100 के अंदर आपको कैंडी से लेकर चॉकलेट हर एक चीज देखने को मिल जाएगी. अगर सिरप लेनी है, तो 200-250 रुपये कीमत होती है. आप अपने बजट और जरूरत के मुताबिक खरीदारी कर सकते हैं. महुआ से ऐसे आइटम बनाना इनोवेटिव तो है ही साथ ही कैलोरी कांशस और शुगर पेशेंट्स के लिए किसी वरदान जैसा है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

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मिठाई कारीगर के बेटे ने रचा इतिहास:गोड्डा के शुभम को बीपीएससी में...

बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) द्वारा शनिवार शाम जारी सिविल सेवा परीक्षा परिणाम में गोड्डा जिले के मेहरमा प्रखंड अंतर्गत दरियापुर गांव निवासी शुभम कुमार साह ने 319वीं रैंक हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे गांव और जिले में खुशी की लहर है। शुभम एक साधारण परिवार से आते हैं, जहां उनके पिता मनोज साव मिठाई बनाने का काम करते हैं, जबकि उनकी माता गृहिणी हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद शुभम ने अपनी मेहनत और लगन के बल पर यह मुकाम हासिल किया। परिवार के अन्य सदस्य भी उनकी सफलता से बेहद उत्साहित हैं। गांव से लेकर बीएचयू तक की शिक्षा शुभम ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव के ही राजकीयकृत मध्य विद्यालय दरियापुर से आठवीं तक पूरी की। इसके बाद उन्होंने पारसनाथ उच्च विद्यालय घोरीकित्ता से मैट्रिक और इंटर कॉलेज पथरगामा से कला संकाय में इंटरमीडिएट की पढ़ाई की। इंटरमीडिएट परीक्षा में उन्होंने जिले में पहला स्थान प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया था। आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री प्राप्त की। जेपीएससी में चूके, बीपीएससी में पाई सफलता स्नातक के बाद शुभम ने पटना में रहकर कोचिंग और स्वाध्याय के माध्यम से सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की। उन्होंने पहले झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की परीक्षा भी दी, जिसमें प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा पास करने के बावजूद वे साक्षात्कार में मात्र पांच अंकों से अंतिम चयन से वंचित रह गए थे। हालांकि इस असफलता से उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत जारी रखी। आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और 70वीं बीपीएससी परीक्षा में 319वीं रैंक हासिल कर उन्होंने राज्य कर सहायक आयुक्त पद पर सफलता प्राप्त की। Source link

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