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होमताजा खबरकृषि न मिट्टी की झंझट, न गमले की टेंशन…सिर्फ पानी में उगाएं ये पौधे, घर रहेगा ठंडा Last Updated:June 18, 2026, 17:37 IST How to grow money plant in water: घरों में मिट्टी की झंझट से बचने के लिए लोग पानी में पौधे उगा रहे हैं. अब मनी प्लांट, लकी बैम्बू, स्नेक प्लांट, पीस लिली जैसे पौधे पानी में उगा रहे हैं. ये पौधे कम देखभाल में घर को हरा-भरा और ठंडा रखते हैं. बस हर 4-5 दिन में पानी बदलना जरूरी है. जानिए इसके फायदे और लगाने के टिप्स. ख़बरें फटाफट नई दिल्ली: आजकल लोगों की जिंदगी इतनी भागदौड़ भरी हो गई है कि हर कोई चाहता है कि घर थोड़ा शांत, साफ और हरियाली से भरा दिखे. लेकिन कई बार मिट्टी, गमले और रोज़ की देखभाल की वजह से लोग पौधे लगाने से बचते हैं. ऐसे में अब एक आसान तरीका लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है पानी में पौधे उगाना.ये तरीका न सिर्फ आसान है बल्कि घर को खूबसूरत और फ्रेश रखने का भी अच्छा ऑप्शन है. बस एक कांच का जार, साफ पानी और सही पौधा और आपका छोटा सा ग्रीन कॉर्नर तैयार. ये पौधे बन रहे लोगों की पहली पसंदघरों में सबसे ज्यादा मनी प्लांट को पानी में उगाया जा रहा है. इसकी कटिंग आसानी से जड़ पकड़ लेती है और यह घर की खूबसूरती बढ़ाता है. इसके अलावा लकी बैम्बू भी काफी पसंद किया जा रहा है, जिसे लोग शुभ मानते हैं. वहीं स्नेक प्लांट और पीस लिली भी इस ट्रेंड का हिस्सा हैं. स्नेक प्लांट हवा को साफ करने के लिए जाना जाता है, जबकि पीस लिली अपने सफेद फूलों और सुंदर लुक के लिए मशहूर है.इसके साथ फिलोडेंड्रोन भी पानी में आसानी से उगने वाला पौधा माना जाता है. कम मेहनत, ज्यादा खूबसूरतीपानी में उगने वाले पौधों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इनमें मिट्टी की गंदगी नहीं होती और न ही ज्यादा देखभाल की जरूरत पड़ती है. एक कांच के जार या बोतल में साफ पानी भरकर पौधे की कटिंग डालने से कुछ ही दिनों में उसकी जड़ें निकलने लगती हैं. यही वजह है कि यह तरीका आजकल लोगों के बीच तेजी से फेमस हो रहा है. देखभाल में रखें इन बातों का ध्यानगार्डनिंग एक्सपर्ट पिंटू पांडे के मुताबिक, इन पौधों का पानी हर 4 से 5 दिन में बदलना जरूरी है. पानी गंदा होने पर पौधों की ग्रोथ रुक सकती है. साथ ही इन्हें ऐसी जगह रखना चाहिए जहां हल्की धूप या नेचुरल रोशनी मिलती रहे. About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : East Delhi,Delhi Source link

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बारिश से हो सकता है गन्ने को भारी नुकसान, कृषि विशेषज्ञ ने...

होमताजा खबरकृषि बारिश से हो सकता है गन्ने को भारी नुकसान, विशेषज्ञ से जानें फसल बचाने का उपाय Last Updated:June 18, 2026, 17:29 IST मानसून के दौरान खेत की मिट्टी नरम हो जाती है और गन्ने के पौधे तेजी से बढ़ने लगते हैं. ऐसे में तेज हवा चलने या लगातार बारिश होने पर पौधे गिरने लगते हैं. जब पौधे जमीन पर गिर जाते हैं तो उनकी बढ़वार प्रभावित होती है और उत्पादन पर भी असर पड़ता है. इसलिए किसानों को चाहिए कि वे समय रहते गन्ने के पौधों के पास मिट्टी चढ़ाकर उन्हें मजबूत सहारा दे. देवघर: झारखंड के देवघर समेत आसपास के क्षेत्रों में गन्ने की खेती करने वाले किसानों के लिए यह समय बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. मानसून ने राज्य में दस्तक तो दे दी है, लेकिन देवघर जिले में अभी तक अच्छी और लगातार बारिश नहीं हुई है. ऐसे में कृषि विशेषज्ञ किसानों को सलाह दे रहे हैं कि वे बारिश का इंतजार करने के बजाय अभी से खेतों में जरूरी तैयारियां पूरी कर लें. समय रहते कुछ महत्वपूर्ण कार्य कर लेने से मानसून के दौरान फसल को नुकसान से बचाया जा सकता है और उत्पादन भी बेहतर मिल सकता है. वहीं लापरवाही बरतने पर तेज हवा और अधिक बारिश की वजह से फसल को नुकसान होने की आशंका बढ़ जाती है. क्या कहते हैं कृषि विशेषज्ञ?देवघर के कृषि विशेषज्ञ अंबिका कुशवाहा ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि इस समय गन्ने की फसल में मिट्टी चढ़ाने का काम अवश्य कर लेना चाहिए. मानसून के दौरान खेत की मिट्टी नरम हो जाती है और गन्ने के पौधे तेजी से बढ़ने लगते हैं. ऐसे में तेज हवा या लगातार बारिश होने पर पौधों के गिरने का खतरा बढ़ जाता है. उन्होंने कहा कि जब गन्ने के पौधे जमीन पर गिर जाते हैं तो उनकी बढ़वार प्रभावित होती है और उत्पादन पर भी नकारात्मक असर पड़ता है. इसलिए किसानों को समय रहते पौधों के आसपास मिट्टी चढ़ाकर उन्हें मजबूत सहारा देना चाहिए. इससे पौधों की जड़ें मजबूत होती हैं और वे मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों को आसानी से सहन कर पाते हैं. मिट्टी चढ़ाने से पहले जैविक खाद का करें उपयोगकृषि विशेषज्ञ के अनुसार, मिट्टी चढ़ाने से पहले खेत में जैविक खाद का प्रयोग करना और भी लाभदायक साबित हो सकता है. किसान अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद का उपयोग कर सकते हैं. इससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ती है और पौधों को प्राकृतिक रूप से आवश्यक पोषक तत्व मिलते हैं. यदि गोबर की खाद उपलब्ध नहीं हो तो किसान जैविक खाद के अन्य विकल्पों का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. इससे पौधों की जड़ों का विकास बेहतर होता है और फसल अधिक स्वस्थ रहती है. साथ ही जैविक खाद के प्रयोग से मिट्टी की गुणवत्ता लंबे समय तक बनी रहती है, जिसका लाभ भविष्य की फसलों को भी मिलता है. पानी निकासी की समुचित व्यवस्था जरूरीविशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के मौसम में खेतों से पानी की निकासी की व्यवस्था सबसे महत्वपूर्ण होती है. कई बार लगातार बारिश के कारण खेतों में पानी जमा हो जाता है. गन्ने की फसल में लंबे समय तक जलभराव रहने से जड़ें सड़ने लगती हैं और कई तरह की बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए किसानों को अभी से खेतों में नालियां बनाकर पानी निकासी की उचित व्यवस्था कर लेनी चाहिए. खेत में कहीं भी पानी जमा नहीं होना चाहिए. बेहतर जल निकासी व्यवस्था से फसल सुरक्षित रहती है और पौधों की वृद्धि भी अच्छी होती है. बारिश से पहले पूरी कर लें जरूरी तैयारीकृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसान बारिश शुरू होने से पहले मिट्टी चढ़ाने, जैविक खाद डालने और जल निकासी की व्यवस्था जैसे जरूरी कार्य पूरा कर लेते हैं तो मानसून का मौसम उनके लिए लाभकारी साबित हो सकता है. इन उपायों से फसल मजबूत होगी, पौधे गिरने से बचेंगे और उत्पादन में भी वृद्धि होगी. इसलिए गन्ना किसानों को सलाह दी जा रही है कि वे मौसम को ध्यान में रखते हुए अभी से खेतों की तैयारी पूरी कर लें, ताकि मानसून के दौरान फसल सुरक्षित रहे और उन्हें बेहतर पैदावार के साथ अधिक आमदनी प्राप्त हो सके. About the Author Amita kishor न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Deoghar,Jharkhand Source link

झारखंड

बीपीएससीएल प्लांट में संविदा कर्मी की संदिग्ध अवस्था में मौत:परिजनों ने नौकरी-मुआवजे...

बोकारो पावर सप्लाई कंपनी प्राइवेट लिमिटेड (बीपीएससीएल) के कोल हैंडलिंग प्लांट में बुधवार को एक संविदा कर्मी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक की पहचान 30 वर्षीय शिव शंकर हेम्ब्रम के रूप में हुई है, जो प्लांट में सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत थे। घटना के बाद शिव शंकर हेम्ब्रम को इलाज के लिए बोकारो जनरल अस्पताल (बीजीएच) लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। कंपनी प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन गुरुवार को बड़ी संख्या में परिजन, मजदूर और स्थानीय लोग बीजीएच पहुंचे और कंपनी प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान अस्पताल परिसर में हंगामा हुआ, जिससे आवागमन भी प्रभावित हुआ। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सिटी डीएसपी राजीव रंजन पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों और प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर माहौल शांत कराया। मृतक के परिजनों ने बीपीएससीएल में एक आश्रित को स्थायी नौकरी और उचित मुआवजा देने की मांग की है। प्रदर्शन कर रहे मजदूरों ने आरोप लगाया है कि शिव शंकर हेम्ब्रम की मौत शॉर्ट सर्किट के कारण हुई। उनका कहना है कि भीषण गर्मी के बीच प्लांट के एक पाइप के अंदर काम कराया जा रहा था, जहां यह हादसा हुआ। हालांकि, प्रशासन ने अभी तक इन आरोपों की पुष्टि नहीं की है। फैक्ट्री इंस्पेक्टर शिवानंद लुगुन ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल पुलिस और श्रम विभाग की टीम पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। बीपीएससीएल प्रबंधन की ओर से घटना पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। Source link

झारखंड

सेमेस्टर-3 के छूटे छात्र 20 तक भर सकेंगे परीक्षा फार्म

रांची विश्वविद्यालय ने पीजी सेमेस्टर-3 (सत्र 2024-26) के उन विद्यार्थियों को बड़ी राहत दी है, जो किसी कारणवश परीक्षा फॉर्म भरने से वंचित रह गए थे। विवि प्रशासन ने ऐसे छात्रों के लिए विशेष अवसर प्रदान करते हुए कॉलेजों एवं विभागों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। केवल विभागाध्यक्ष या प्राचार्य द्वारा सत्यापित आवेदन ही स्वीकार किए जाएंगे। कॉलेजों और विभागों को 20 जून तक छात्रों से आवेदन प्राप्त करने का समय दिया है। Source link

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भारतीय ‘पैरा’ कमांडो VS पाकिस्तान कमांडो: ट्रेनिंग, हथियार, युद्ध में कौन आगे?

भारतीय सेना के “पैरा स्पेशल फोर्स” और पाकिस्तान के “SSG” दोनों दुनिया के बेहतरीन स्पेशल फोर्स यूनिट्स में गिने जाते हैं. ये दोनों कड़ी ट्रेनिंग वाले सैनिकों से बने हैं और खास मिशनों के लिए तैयार किए जाते हैं. लेकिन ट्रेनिंग की लंबाई, विविधता, हथियार, बड़े युद्धों में प्रदर्शन और सफल ऑपरेशन्स को देखते हुए भारतीय पैरा SF को SSG से बेहतर माना जाता है. इस लेख में हम दोनों को तुलनात्मक रूप से समझेंगे: दोनों यूनिट्स का परिचय और इतिहासपैरा SF (भारत): 1966 में 1965 के भारत-पाक युद्ध के बाद बनाई गई. ये पैराशूट रेजिमेंट का हिस्सा हैं. मोटो – “Men apart, Every man an Emperor” और “शत्रुजीत”. कुल 10-15 बैटालियन हैं. एक बैटालियन में लगभग 1000 कमांडो होते हैं. ये जंगल, ऊंचे पहाड़, शहरों में लड़ाई और दुश्मन के पीछे घुसकर हमला करने में माहिर हैं. 1971 के युद्ध से लेकर 2016 के सर्जिकल स्ट्राइक्स तक कई सफल अभियान किए. SSG (पाकिस्तान): 1956 में बनाया गया. इसे “Black Storks” या “Maroon Berets” भी कहते हैं. मुख्य रूप से सीमा पर, आतंकवाद विरोधी और खास मिशनों के लिए. ट्रेनिंग कड़ी है लेकिन “पैरा SF” के मुकाबले कुछ नहीं है. ट्रेनिंग की तुलनाट्रेनिंग दोनों की बहुत मुश्किल है, लेकिन पैरा SF की ज्यादा लंबी और बेहतर मानी जाती है: पैरा SF: चयन और ट्रेनिंग 3 से 3.5 साल तक चलती है. इसमें जंगल युद्ध, हाई एल्टीट्यूड (हिमालय) युद्ध, HALO/HAHO पैराशूट जंप, शहरी लड़ाई, काउंटर इंसर्जेंसी शामिल. US Navy SEALs, Israeli Sayeret Matkal, Russian Spetsnaz के साथ संयुक्त ट्रेनिंग. ड्रॉपआउट रेट बहुत ऊंचा है. SSG: मुख्य कोर्स 8-9 महीने का. 36 मील मार्च, लंबी दौड़ आदि. ड्रॉपआउट 80-90%. लेकिन पैरा SF जितनी लंबी और अलग-अलग इलाकों की तैयारी कम है. पैरा SF की ट्रेनिंग उन्हें लंबे समय तक दुश्मन क्षेत्र में रहकर काम करने और हर मौसम में लड़ने के लिए ज्यादा तैयार करती है. हथियार और उपकरणपैरा SF: आधुनिक हथियार जैसे Tavor X95, AK-103, SIG Sauer, Glock पिस्तौल, बेहतर संचार उपकरण और Make in India के तहत नए गैजेट्स. टेक्नोलॉजी और सैटेलाइट सपोर्ट बेहतर. SSG: HK MP5, G3, M4 जैसे हथियार. अच्छे हैं, लेकिन भारतीय सेना की तुलना में टेक्नोलॉजी और बैकअप कम. महत्वपूर्ण ऑपरेशन्स और प्रदर्शनपैरा SF के बड़े सफल अभियान– 1971 युद्ध – Operation Mandhol: 9 Para SF ने दुश्मन की तोपों की पूरी बैटरी नष्ट कर दी. Poonch क्षेत्र बचाया और पाकिस्तान की योजना बिगाड़ दी. सिर्फ 2 भारतीय सैनिक शहीद हुए.– Chachro Raid (1971): 10 Para SF ने 80 किलोमीटर अंदर घुसकर कई ठिकानों पर हमला किया, दुश्मन की सप्लाई लाइन बाधित की.– Kargil युद्ध (1999): ऊंचाई वाले इलाकों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई– 2015 Myanmar ऑपरेशन: आतंकियों के ठिकानों पर सफल हमला.– 2016 सर्जिकल स्ट्राइक्स: LoC पार करके आतंकी लॉन्च पैड्स नष्ट किए. SSG के ऑपरेशन्स: 1965 और 1971 में कुछ सफलताएं, लेकिन कई असफलताएं. 1965 में एयरबेस पर कमांडो ड्रॉप असफल रहा. कई कमांडो पकड़े गए या मारे गए. Kargil में भारतीय सेना ने बेहतर प्रदर्शन किया. आतंकवाद विरोधी काम में अनुभव है, लेकिन भारत के खिलाफ मिशन असफल रहे. युद्धों में कौन बेहतर? विश्लेषण1971 युद्ध: भारत ने पूर्ण जीत हासिल की. पैरा SF ने दुश्मन के पीछे हमले करके बड़ी भूमिका निभाई. SSG की कोशिशें कम प्रभावी रहीं. भारत ने पूर्वी पाकिस्तान को आजाद करवाया और बांग्लादेश बनाया। Kargil युद्ध (1999): पाकिस्तान ने घुसपैठ की, लेकिन भारतीय सेना, जिसमें पैरा SF भी शामिल थे, ने ऊंचाई वाले पहाड़ों पर दुश्मन को खदेड़ दिया। भारत ने सभी घुसपैठिए निकाल दिए. अन्य संघर्षों (सर्जिकल स्ट्राइक्स, काउंटर-इंसर्जेंसी) में भी पैरा SF की तैयारी, मोटिवेशन, समन्वय और टेक्नोलॉजी SSG से बेहतर साबित हुई. SSG में बहादुरी है, लेकिन कुल मिलाकर भारतीय पैरा SF ज्यादा सफल और प्रभावी रहे हैं. अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठाPara SF को अक्सर संयुक्त राष्ट्र मिशनों, बहुराष्ट्रीय अभ्यासों और वास्तविक अभियानों के कारण अधिक पहचान मिली है. भारतीय विशेष बलों ने अमेरिका, फ्रांस, रूस और अन्य देशों के साथ अभ्यास किए हैं. विविध भौगोलिक परिस्थितियों में काम किया है. लगातार सक्रिय ऑपरेशनल भूमिका निभाई है. SSG भी पेशेवर बल है, लेकिन उसकी अंतरराष्ट्रीय दृश्यता अपेक्षाकृत कम रही है. Para SF और SSG दोनों ही अपने-अपने देशों की पेशेवर स्पेशल फोर्स हैं और दोनों के कमांडो अत्यंत कठिन प्रशिक्षण से गुजरते हैं. हालांकि उपलब्ध युद्ध रिकॉर्ड, आतंकवाद विरोधी अभियानों का अनुभव, सीमा पार विशेष कार्रवाइयों, अंतरराष्ट्रीय सैन्य अभ्यासों और ऐतिहासिक प्रदर्शन को देखें तो भारतीय सेना की Para (Special Forces) को समग्र रूप से बढ़त मिलती दिखाई देती है. ट्रेनिंग, उपकरण, विविध अनुभव और युद्ध प्रदर्शन के आधार पर भारतीय पैरा स्पेशल फोर्स को पाकिस्तान के SSG से बेहतर माना जाता है. यह तुलना सार्वजनिक जानकारी और उपलब्ध रिकॉर्ड्स पर आधारित है. असली सैन्य क्षमता गोपनीय होती है. Source link

झारखंड

RSS ऑफिस अटैक केस में बड़ा एक्शन, फरार आरोपी सैफ का हाफ...

रांची: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ऑफिस पर पेट्रोल बम फेंकने के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. इस मामले के एक आरोपी सैफ को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है. मुठभेड़ में उसके पैर में गोली लगी है. फिलहाल उसका इलाज अस्पताल में चल रहा है. जानकारी के मुताबिक RSS कार्यालय पर हुए हमले के बाद पुलिस ने सैफ समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था. लेकिन सैफ कोतवाली थाना की हाजत से खिड़की तोड़कर फरार हो गया था. उसके भागने की पूरी घटना थाना में लगे सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हुई है. आरोपी के फरार होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था और उसकी तलाश के लिए कई टीमों का गठन किया गया था. हथियार छीनने का प्रयासपुलिस को सूचना मिली कि सैफ बस से भागने की कोशिश कर रहा है. इसके बाद मांडर टोल के पास पुलिस ने उसे दोबारा दबोच लिया. पुलिस उसे अपने साथ लेकर लौट रही थी. इसी दौरान आरोपी ने फिर से भागने की कोशिश की. बताया जा रहा है कि उसने पुलिसकर्मियों का हथियार छीनने का प्रयास किया और मौके से फरार होने की कोशिश की. पैर में लगी गोलीपुलिस ने उसे रोकने की कोशिश की. लेकिन जब वह नहीं रुका तो जवाबी कार्रवाई की गई. इस दौरान सैफ के पैर में गोली लगी और वह घायल हो गया. इसके बाद पुलिस ने उसे कब्जे में लेकर इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से लगातार पूछताछ की जा रही है. इस मामले में अमन अंसारी और सायन खान नाम के दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है. उनसे भी पूछताछ जारी है. पेट्रोल बम से हमला बता दें कि दो दिन पहले दिन पहले देर रात रांची के निवारणपुर स्थित RSS कार्यालय को निशाना बनाकर पेट्रोल बम फेंका गया था. घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी. पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की थी. जांच के दौरान कई अहम सुराग मिले और आरोपियों तक पहुंचने में सफलता मिली. अब पुलिस इस पूरे मामले के पीछे की साजिश, हमले की योजना और आरोपियों के नेटवर्क की जांच कर रही है. आईए आसान भाषा में समझते हैं कि आखिर इस हमले में अब तक क्या कुछ हुआ है…. सवाल 1: रांची में क्या हुआ था? रांची के निवारणपुर स्थित RSS कार्यालय पर 16 जून की देर रात पेट्रोल बम से हमला किया गया था. इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया था. पुलिस और प्रशासन की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और जांच शुरू की. सवाल 2: हमला कैसे किया गया? पुलिस के अनुसार, कुछ आरोपी कार से RSS कार्यालय के पास पहुंचे थे. उन्होंने पेट्रोल बम फेंका और वहां से फरार हो गए. घटना सीसीटीवी कैमरे में भी रिकॉर्ड हुई है.सवाल 3: पुलिस ने कितने आरोपियों को गिरफ्तार किया है? अब तक इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें एक आरोपी रांची का रहने वाला है, जबकि दो आरोपी लोहरदगा जिले के बताए जा रहे हैं. सवाल 4: हमले में कितने पेट्रोल बम इस्तेमाल किए गए थे? जांच में सामने आया है कि दो पेट्रोल बम तैयार किए गए थे. एक बम कार्यालय के गेट के बाहर मिला, जबकि दूसरा बम इमारत की छत पर फेंका गया था. सवाल 5: क्या आरोपियों के पास से कोई सामान मिला? हाँ. पुलिस ने आरोपियों के पास से पेट्रोल बम बनाने में इस्तेमाल होने वाला कच्चा सामान (रॉ मटेरियल) बरामद किया है. सवाल 6: क्या यह सामान्य आपराधिक घटना थी?पुलिस की शुरुआती जांच में यह मामला एक बड़ी साजिश से जुड़ा हुआ दिखाई दे रहा है. जांच एजेंसियां हमले के संभावित आतंकी कनेक्शन की भी पड़ताल कर रही हैं.सवाल 7: क्या हमले की योजना पहले से बनाई गई थी? जांच में पता चला है कि RSS कार्यालय को निशाना बनाने की योजना करीब दो महीने से बनाई जा रही थी. आरोपियों ने हमले की पूरी तैयारी पहले से कर रखी थी.सवाल 8: क्या हमले का वीडियो भी बनाया गया था?हाँ. पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने हमले का वीडियो बनाया था. बाद में यह वीडियो एक अन्य व्यक्ति को भी भेजा गया था.सवाल 9: क्या आरोपियों का विदेशी कनेक्शन भी सामने आया है? जांच में पता चला है कि एक आरोपी कुछ समय तक दुबई में रहा था. पुलिस को ऐसे डिजिटल सबूत मिले हैं जिनसे विदेशी हैंडलर्स से संपर्क होने की आशंका जताई जा रही है. सवाल 10: ISI और सोशल मीडिया का क्या कनेक्शन है? पुलिस का दावा है कि आरोपियों को सोशल मीडिया के जरिए निर्देश मिल रहे थे. शुरुआती जांच में पाकिस्तान की ISI से जुड़े हैंडलर्स और शहजाद भट्टी मॉड्यूल से संपर्क की आशंका सामने आई है. हालांकि इसकी विस्तृत जांच अभी जारी है. सवाल 11: पुलिस को कौन-कौन से सबूत मिले हैं? पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन, चैट रिकॉर्ड, व्हाट्सएप और अन्य मैसेजिंग ऐप्स के डेटा को कब्जे में लिया है. डिजिटल फुटप्रिंट की जांच की जा रही है.सवाल 12: क्या मामले की जांच पूरी हो गई है? नहीं. पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है. आरोपियों के अन्य साथियों, फंडिंग और पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है. जांच पूरी होने के बाद ही अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा. Source link

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धनबाद में चलती स्कॉर्पियो में लगी आग:लोगों ने गाड़ी से बाहर कूदकर...

धनबाद जिले के निरसा में एनएच-19 पर एक चलती स्कॉर्पियो में अचानक आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में पूरा वाहन जलकर राख हो गया। हालांकि, वाहन में सवार सभी लोग समय रहते बाहर निकल गए, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। यह घटना पुराने निरसा थाना से लगभग 100 मीटर दूर धनबाद की ओर जाने वाली सड़क पर हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्कॉर्पियो सड़क पर चल रही थी तभी उसमें आग लग गई। देखते ही देखते आग की लपटों ने पूरे वाहन को अपनी चपेट में ले लिया। उस समय वाहन में 4 से 5 लोग सवार थे, जिन्होंने तुरंत बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। देखिए घटना से संबंधित तीन तस्वीरें मिक्सर मशीन की टंकी से पानी लाकर आग बुझाने की कोशिश घटना की सूचना दमकल विभाग को दी गई, लेकिन उनके पहुंचने से पहले ही स्थानीय लोगों ने आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया। पास में खड़ी एनएच मिक्सर मशीन की टंकी से पानी लाकर लोगों ने आग पर काबू पाने की कोशिश की। उनकी तत्परता से आग को काफी हद तक नियंत्रित कर लिया गया, हालांकि तब तक वाहन पूरी तरह जल चुका था। वाहन मालिक विराज मंडल ने बताया कि स्कॉर्पियो महज आठ महीने पहले खरीदी गई थी और कुछ दिन पहले ही उसकी सर्विसिंग कराई गई थी। आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। सूचना मिलने पर निरसा पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। आग लगने के कारण कुछ समय के लिए सड़क पर जाम लग गया था, जिसे बाद में सामान्य कराया गया। पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है। Source link

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सरायकेला में हाथी ने घर किया क्षतिग्रस्त:परिवार ने भागकर बचाई जान, दलमा...

सरायकेला के बनडीह गांव में एक जंगली हाथी ने बुधवार रात एक सोते हुए परिवार के घर को क्षतिग्रस्त कर दिया। परिवार के सदस्यों ने भागकर अपनी जान बचाई। यह घटना दलमा वाइल्ड लाइफ सेंचुरी से पलायन कर ईचागढ़ क्षेत्र में डेरा डाले हाथियों के झुंड द्वारा मचाए जा रहे उत्पात का हिस्सा है। चांडिल वन क्षेत्र के नीमडीह प्रखंड स्थित बनडीह गांव में कार्तिक महतो का घर हाथी के हमले का शिकार हुआ। रात के अंधेरे में एक विशाल हाथी गांव में घुस आया और महतो के घर की दीवार तोड़ दी। हाथी ने घर में रखा अनाज खा लिया और अन्य सामान को तहस-नहस कर दिया, जिससे घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हमले के समय कार्तिक महतो का पूरा परिवार घर में सो रहा था। शोर मचाकर और मशाल जलाकर परिवार के सदस्यों ने अपनी जान बचाई और घर से बाहर भागे। उत्पात मचाने के बाद हाथी बनडीह से चुनचूड़िया होते हुए जामडीह की तरफ जंगल की ओर चला गया। घटना के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग से संपर्क किया, तो पता चला कि चांडिल वन क्षेत्र कार्यालय में हाथी राहत सामग्री का अभाव है। ग्रामीणों का आरोप है कि हर साल हाथी आते हैं और फसल तथा घरों को नुकसान पहुंचाते हैं, लेकिन उन्हें समय पर मुआवजा या राहत नहीं मिलती। इस घटना ने ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र में मानव-हाथी संघर्ष की समस्या को एक बार फिर उजागर कर दिया है। शाम ढलते ही ये जंगली हाथी भोजन की तलाश में जंगल से निकलकर गांवों में प्रवेश कर उत्पात मचाते हैं, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। Source link

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कहीं सड़क टूटी तो कहीं अधूरा पड़ा विकास का काम, अमेठी के 8 ग्राम...

Last Updated:June 18, 2026, 15:58 IST अमेठी जिले में प्रशासनिक कर्मचारी की कमी के साथ-साथ ग्राम प्रधानों की भी समस्या ग्राम पंचायत में कामकाज को प्रभावित कर रही है. 8 ग्राम पंचायत में भादर  ब्लॉक की सवनगी जामों का सूखी बाजगढ़ ग्राम पंचायत में प्रधान पद का दुरुपयोग करने के कारण प्रधान को बर्खास्त कर दिया गया. इन ग्राम पंचायत में विकास कार्य पूरी तरीके से प्रभावित है वही इन ग्राम पंचायत के अलावा जिले के गौरीगंज तहसील के शाहगढ़ ब्लॉक की किटियावा और तिलोई विकासखंड का छतहुआ और कुटमरा गांव पंचायत प्रधानों के निधन के कारण रिक्त है. ख़बरें फटाफट अमेठी: जिले में विकास कार्य को लेकर ग्राम पंचायत में प्रधान की जिम्मेदारी तय होती है, लेकिन अगर उन्हीं ग्राम पंचायत में प्रधान ना रहे तो लोगों को लाभ धरातल पर नहीं मिल पाता. ऐसी ही कुछ कहानी है अमेठी जिले के अलग-अलग ग्राम पंचायत की. जहां करीब 8 ग्राम पंचायतें ऐसी हैं जहां पर विकास काम प्रभावित हुआ है. कुछ ग्राम पंचायत में प्रधानों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा तो कुछ ग्राम प्रधानों की आकस्मिक मृत्यु हो गई. जिसके कारण गांव में विकास काम अब राम भरोसे है. कहीं टूटी सड़क तो कहीं नहीं पहुंच रही योजना अमेठी जिले में प्रशासनिक कर्मचारी की कमी के साथ-साथ ग्राम प्रधानों की भी समस्या ग्राम पंचायत में कामकाज को प्रभावित कर रही है. 8 ग्राम पंचायत में भादर  ब्लॉक की सवनगी जामों का सूखी बाजगढ़ ग्राम पंचायत में प्रधान पद का दुरुपयोग करने के कारण प्रधान को बर्खास्त कर दिया गया. इन ग्राम पंचायत में विकास कार्य पूरी तरीके से प्रभावित है वही इन ग्राम पंचायत के अलावा जिले के गौरीगंज तहसील के शाहगढ़ ब्लॉक की किटियावा और तिलोई विकासखंड का छतहुआ और कुटमरा गांव पंचायत प्रधानों के निधन के कारण रिक्त है. यहां पर भी विकास काम प्रभावित है. इसके अलावा बाजार शुक्ला ब्लॉक का संसारपुर ब्लॉक का कटारी गांव भी काम काज से प्रभावित गांव है. इन ग्राम पंचायत मे कही सड़क टूटी है तो कही जलभराव और आवास के लिए लाभार्थी परेशान नजर आ रहे हैं. खास करके उन ग्राम पंचायत में तो ज्यादा समस्या है. जहां पर प्रधानों का वित्तीय अधिकार पूरी तरीके से प्रधानों की मौजूदगी के बाद सीज है. ग्राम पंचायत में एडीओ पंचायत को प्रशासक बनाया गया जिले के जिला पंचायत राज अधिकारी मनोज त्यागी ने लोकल 18  को बातचीत में बताया कि कुछ ग्राम पंचायत में प्रधान के वित्तीय अधिकार सीज हैं. कुछ ग्राम पंचायत में प्रधानों की मृत्यु हो गई है. इन सभी ग्राम पंचायत में एडीओ पंचायत को प्रशासक बनाया गया. ऐसे में ग्राम पंचायत का कामकाज किसी प्रकार से प्रभावित न हो इसके लिए निगरानी की जा रही है जिन ग्राम पंचायत की शिकायतें आ रही हैं वहां पर पंचायत सचिवों को एक का रजिस्टर्ड दिया गया है और निस्तारण कराया जा रहा है किसी प्रकार की कोई समस्या किसी ग्राम पंचायत में नहीं होगी. About the Author Rajneesh Kumar Yadav मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Amethi,Lucknow,Uttar Pradesh Source link

झारखंड

petrol bomb attack on ranchi rss office police arrested three accused

Last Updated:June 18, 2026, 15:05 IST Ranchi Crime News: रांची में आरएसएस(RSS) कार्यालय पर पेट्रोल बम हमले के मामले में तीन आरोपी को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस के मुताबिक उन्हें सोशल मीडिया के जरिये पाकिस्तान की ISI से निर्देश मिल रहे थे. तीनों झारखंड के रहने वाले हैं. तीनों आरोपियों में एक आरोपी 6 महीने दुबई में रहा है. जहा वो एक आपराधिक मुकदमे में जेल में भी बंद था. दुबई में ISI और भट्टी मॉड्यूल से जुड़ा ये आरोपी राणा साहब नाम का एक हैंडलर्स ने बाकायदा पेट्रोल बम बनाने का वीडियो आरोपियों को भेजा था. ख़बरें फटाफट आरएसएस ऑफिस पर रात में हुआ था हमला, तीन आरोपी गिरफ्तार. रांची: रांची में 16 जून की रात हुए आरएसएस कार्यालय पर पेट्रोल बम से हमले के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपियों ने हमला उसी रात किए गए असेंबली के बाद अंजाम दिया. जांच अधिकारियों ने बयान में कहा कि दो पेट्रोल बम बनाए गए थे. एक बम दफ्तर के गेट के बाहर बरामद हुआ. दूसरा छत पर फेंका गया था. बता दें कि इस घटना का सीसीटीवी फुटेज काफी वायरल हुआ था. इसमें दो लोग पेट्रोल बम बनाकर हमला करते दिख रहे हैं. यह घटना 16 जून यानी मंगलवार देर रात करीब 11:35 बजे की है. तीनों आरोपी झारखंड के रहने वालेगिरफ्तार आरोपियों में से एक रांची का रहने वाला है. दो आरोपियों का नाता झारखंड के लोहारदगा जिले से है. पुलिस ने मौके से बम बनाने का रॉ मटेरियल भी जब्त किया है. जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों को पेट्रोल बम बनाना पूरी तरह से नहीं आता था. वे ऐसा करना सीख रहे थे. तीनों आरोपियों में एक आरोपी 6 महीने दुबई में रहा है. जहा वो एक आपराधिक मुकदमे में जेल में भी बंद था. दुबई में पाकिस्तान ISI और भट्टी मॉड्यूल से जुड़ा ये आरोपी राणा साहब नाम का एक हैंडलर्स ने बाकायदा पेट्रोल बम बनाने का वीडियो आरोपियों को भेजा था. जिसको देखकर बम तैयार किया गया था. तीनों आरोपी लगभग 20 से 22 साल के बीच के हैं. शहजाद भट्टी के तार झारखंड से भी जुड़े पाए गए हैं. सोशल मीडिया के माध्यम से आईएसआई दे रहा था निर्देश पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया के माध्यम से आरोपियों को भर्ती किया गया था. उन्हें पाकिस्तान की ISI से जुड़े हैंडलर्स से निर्देश मिल रहे थे. प्रारंभिक जांच में शहजाद भट्टी मॉड्यूल से जुड़ाव का शक जताया जा रहा है. आरोपियों के मोबाइल और व्हाट्सएप, बॉटम एप जैसी सेवाओं के जरिये विदेशी हैंडलर्स से संपर्क होने के सबूत मिले हैं. केस की विस्तार से जांच और रेड जारी है. अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों की पृष्ठभूमि और सहयोगियों की तलाश जारी है. अभी तक गिरफ्तार तीनों आरोपी मुस्लिम समुदाय से संबंध रखते हैं. पर जांच प्रगति पर है. किसी भी प्रकार के समूह या समुदाय के खिलाफ अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही घोषित किए जाएंगे. पुलिस आगे की कार्रवाई और आरोप तय करने के लिए सबूतों और डिजिटल फुटप्रिंट की पड़ताल कर रही है. मामले की आगे की जानकारी मिलने पर अपडेट दिया जाएगा. About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Jharkhand Source link

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