भारतन्यूज़ – टॉप हेडर
News Menu Bar

Author name: scsmdos@gmail.com

झारखंड

अर्जुन मुंडा ने भैया प्रीतम की माता को दी श्रद्धांजलि

सिटी रिपोर्टर | बोकारो भाजपा नेता एवं भाजपा उद्योग प्रकोष्ठ के पूर्व प्रदेश सहसंयोजक भैया प्रीतम के आवास पर शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा पहुंचे और उनकी दिवंगत माता के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उन्होंने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर गहरी संवेदना व्यक्त की। अर्जुन मुंडा ने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि दिवंगत पुण्य आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति दें। उन्होंने परिवार के सदस्यों को ढांढस बंधाते हुए हर संभव सहयोग का भरोसा भी दिया। इस अवसर पर परिवार के सभी सदस्य उपस्थित थे। श्रद्धांजलि सभा में बोकारो के पूर्व विधायक बीरंची नारायण, भाजपा जिला अध्यक्ष सुरेंद्र प्रसाद, संजय त्यागी, मुकुल ओझा, अनिल सिंह, राजीव आदि थे। Source link

झारखंड

सदर अस्पताल बोकारो की डॉ. पिंकी को झारखंड ऑनर अवॉर्ड पुरस्कार

सिटी रिपोर्टर | बोकारो स्वास्थ्य क्षेत्र में सदर अस्पताल बोकारो की नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. पिंकी पॉल के नाम एक और उपलब्धि दर्ज हुई है। ऑल इंडिया कम्युनिटी ऑप्थेल्मोलॉजी की ओर से डॉ. पिंकी को झारखंड ऑनर अवार्ड से सम्मानित किया गया है। रांची में आयोजित समारोह में राष्ट्रीय स्तर के नेत्र रोग विशेषज्ञों और स्वास्थ्य अधिकारियों की मौजूदगी में उक्त अवार्ड दिया गया। डॉ. पिंकी को यह अवार्ड मरीजों के नेत्र की उचित देखभाल, मुफ्त मोतियाबिंद का ऑपरेशन और अंधता निवारण कार्यक्रम चलाने में विशेष भूमिका निभाने के लिए दिया गया है। डॉ. पिंकी ने अब तक जिला के लगभग 25 हजार मोतियाबिंद मरीजों का मुफ्त ऑपरेशन करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। बोकारो जिला में अंधता पर लगाम लगाने के लिए स्क्रीनिंग के साथ मोतियाबिंद के मरीजों की मुफ्त ऑपरेशन, काला मोतिया और डायबिटिक रेटिनोपैथी जैसी बीमारियों के मरीजों की इलाज काफी सस्ते दरों पर करके समय रहते सैकड़ों लोगों को अंधेपन का शिकार होने से बचा चुकी हैं। इससे बोकारो स्वास्थ्य विभाग में हर्ष का माहौल है। Source link

ताज़ा खबर

मिक्सी-सूटकेस तो कभी प्लेन की सीट… अहमदाबाद टॉयलेट कांड से पहले तस्करों...

होमफोटोदेश मिक्सी-टॉयलेट से लेकर प्लेन की सीट तक; जानें सोना तस्करी के शातिर पैंतरे Last Updated:June 15, 2026, 22:17 IST Ahmedabad Plane Toilet Gold Smuggling Case: अहमदाबाद में विमान के टॉयलेट स्पीकर से ₹4.26 करोड़ का सोना मिलने से पहले, तस्करों ने सुरक्षा एजेंसियों को छकाने के लिए कई हैरान करने वाले ठिकाने ढूंढे हैं. दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े हवाई अड्डों पर पकड़े गए मामलों में कभी मिक्सर ग्राइंडर की मोटर के अंदर, कभी ट्रॉली सूटकेस की गुप्त आउटर लाइनिंग में, तो कभी एयरपोर्ट स्टाफ की जैकेट की जेबों और कपड़ों के अंदर करोड़ों का सोना छिपाया गया. हद तो तब हो गई जब मस्कट से आए तस्करों ने एक्लेयर्स टॉफी के रैपर के भीतर केमिकल गोल्ड पेस्ट में तस्‍करी की कोशिश की. विमान के टॉयलेट पैनल में छिपा ₹2 करोड़ का सोना: आईजीआई (IGI) एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग ने एक अंतरराष्ट्रीय उड़ान के टॉयलेट के अंदर बने सिंक और वॉल पैनल के पीछे छुपाकर रखा गया भारी मात्रा में सोना बरामद किया था. तस्करों ने सोने के बिस्कुटों को चुम्बकीय टेप की मदद से पैनल के अंदर चिपकाया था, ताकि बाहर से यह सामान्य दिखे. सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर की गई इस कार्रवाई में करीब ₹2 करोड़ मूल्य का अवैध सोना जब्त किया गया था. मुंबई एयरपोर्ट पर ₹5.10 करोड़ की सोने की तस्करी: छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कस्टम अधिकारियों ने दो अलग-अलग मामलों में ₹5.10 करोड़ मूल्य का 5.75 किलोग्राम सोना जब्त किया. इस रैकेट में हवाई अड्डे के कर्मचारी ही शामिल पाए गए. एक लाउंज कर्मचारी को अपने अंदरूनी कपड़ों में ₹2.48 करोड़ का गोल्ड डस्ट पेस्ट छिपाकर ले जाते हुए पकड़ा गया, जबकि एक कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी के जैकेट की जेब से ₹2.62 करोड़ का सोना बरामद हुआ. यह सोना उन्हें ट्रांजिट यात्रियों ने सौंपा था; दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. सूटकेस के भीतर ₹1.33 करोड़ के सोने के स्ट्रिप्स बरामद: साल 2024 में चेन्नई हवाई अड्डे पर सीमा शुल्क अधिकारियों ने मस्कट से आए ओमान के दो यात्रियों के पास से ₹1.33 करोड़ मूल्य का 3 किलोग्राम सोना जब्त किया. शातिर तस्करों ने सोने के तारों और स्ट्रिप्स को अपने ट्रॉली सूटकेस के बाहरी अस्तर (आउटर लाइनिंग) और ब्रीफकेस के फ्रेम में बड़ी चालाकी से फिट कर रखा था. संदेह होने पर जब कस्टम विभाग ने सूटकेस की सघन तलाशी ली, तब इस अवैध खेप का भंडाफोड़ हुआ और दोनों आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया. Add News18 as Preferred Source on Google मिक्सर ग्राइंडर में छुपाकर सोना: नवंबर 2022 में आईजीआई एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग ने रियाद से आई एक महिला यात्री के पास मौजूद मिक्सर ग्राइंडर के भीतर छुपाकर लाया गया 1 किलो 573 ग्राम सोना बरामद किया. वहीं, एक अन्य बड़ी कार्रवाई में मस्कट से आए भारतीय यात्री के पास से 18 एक्लेयर्स टॉफियां जब्त की गईं, जिनके भीतर केमिकल पेस्ट के रूप में सोना भरा हुआ था. इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर ग्रीन चैनल पर हुई इन दोनों कार्रवाइयों में तस्करों को दबोच लिया गया. कोलकाता और अगरतला में ₹25 करोड़ का विदेशी सोना जब्त: जून 2026 में राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने समन्वित अभियान चलाकर एक बड़े अंतरराष्ट्रीय स्वर्ण तस्करी सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है. इस कार्रवाई में कोलकाता और अगरतला से कुल 17 किलोग्राम विदेशी मूल का सोना जब्त किया गया, जिसकी बाजार में कीमत ₹25 करोड़ है. कोलकाता एयरपोर्ट पर थाईलैंड से सोना ला रहे एक महिला समेत 7 तस्करों को दबोचा गया, जबकि अगरतला में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के सहयोग से भारत-बांग्लादेश सीमा से तस्करी कर रहे 3 आरोपी गिरफ्तार हुए. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

झारखंड

आदिवासी गृहणी मोनिका का कमाल, पाइप क्लीनर-क्रोशिया आर्ट से हर महीने कमा...

Last Updated:June 15, 2026, 22:25 IST Tribal Homemaker Monica Success: कहते हैं कि हुनर अगर मेहनत और लगन के साथ जुड़ जाए तो सफलता जरूर मिलती है. इसका बेहतरीन उदाहरण पेश कर रही है बोकारो जिले के सेक्टर-12 स्थित गुमला नगर की रहने वाली आदिवासी गृहणी मोनिका लकड़ा, जो घर-परिवार की जिम्मेदारियों के बीच पाइप क्लीनर और क्रोशिया आर्ट के हुनर से खूबसूरत फ्लावर पॉट्स होम डेकोरेशन के सामान तैयार कर ऑनलाइन और ऑफलाइन ‌बेचकर आत्मनिर्भरता कि मिसाल पेश कर रही हैं. खास बातचीत में मोनिका ने बताया कि वह पिछले सात सालों से क्रोशिया आर्ट का काम कर रही हैं. इस दौरान उन्होंने कई तरह की डिजाइन तैयार कीं, लेकिन हाल के दिनों में बाजार में बढ़ते ट्रेंड को देखते हुए उन्होंने पाइप क्लीनर आर्ट के साथ एक्सपेरिमेंट शुरू किया, जो कि लोगों को बहुत ही पसंद आया. उन्होंने 5 मिनट से बेहतरीन आर्ट बनाना शुरू किया. आगे मोनिका ने बताया कि एक डिजाइन को तैयार करने में उन्हें 10 से 15 मिनट का समय लगता है,जबकि वेडिंग बुके या बर्थडे बुके बनाने में एक से दो घंटे तक का समय लग जाता है. वहीं उनके स्टॉल पर ग्राहक मात्र 50 रुपये में पाइप क्लीनर या क्रोशिया आर्ट से बने खूबसूरत फूल खरीद सकते हैं, वहीं आकर्षक बुके की कीमत 300 रुपये से शुरू होती है इसके अलावा उनके पास आइसक्रीम, फूल और अन्य रचनात्मक डिजाइन वाले की-रिंग भी उपलब्ध हैं,जो बच्चों और युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हैं. Add News18 as Preferred Source on Google वहीं उनके यहां सबसे अधिक मांग बुके और फ्लावर की होती है और हर महीने उनके 50 से 100 उत्पादों की बिक्री हो जाती है. जिससे उन्हें करीब 25 से 30 हजार रुपये तक की आमदनी हो जाती है. वही उनका ‌स्टॉल बोकारो मॉल के सामने शाम 5:00 बजे से रात 8:00 बजे तक खुला रहता है. इसके अलावा ग्राहक इंस्टाग्राम आईडी जेनिथ मोनिका लकड़ा पर ऑर्डर कर सकती है. आखिर में उन्होंने दूसरी महिला को संदेश दिया है कि घर पर खाली बैठने से अच्छा है आप अपने हुनर को पहचान कर कुछ नया शुरुआत कर सकते हैं जिससे अपनी पहचान के साथ कामयाबी भी जरूर मिलती है Source link

झारखंड

नशा मुक्ति अभियान आज से, जागरूकता वाहन करेंगे गांव-गांव प्रचार

बोकारो | निषिद्ध मादक पदार्थों की रोकथाम और नशा मुक्ति को लेकर जिले में सोमवार से व्यापक जन जागरुकता अभियान शुरू होगा। सरकार के निर्देश पर जागरुकता प्रचार वाहन विभिन्न प्रखंडों, पंचायतों और गांवों में भ्रमण कर लोगों को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी देंगे। रांची में मुख्यमंत्री दोपहर 2:15 बजे वाहनों को हरी झंडी दिखाएंगे। इसके बाद बोकारो समाहरणालय से अपराह्न 3:30 बजे उपायुक्त अजय नाथ झा अभियान का शुभारंभ करेंगे। एलईडी वैन के जरिए नशा मुक्ति संबंधी संदेश, लघु फिल्में और वीडियो प्रदर्शित किए जाएंगे। अभियान का उद्देश्य युवाओं समेत सभी वर्गों को नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है। Source link

झारखंड

चौकीदार भर्ती की मांग को लेकर जेएलकेएम ने की बैठक

तेलो | बोकारो जिले में वर्ष 2023 के बाद से चौकीदार एवं होमगार्ड की भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं किए जाने के विरोध में रविवार को चंद्रपुरा प्रखंड के तारानारी उच्च विद्यालय परिसर में झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के बैनर तले विद्यार्थी संघ की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता राहुल यादव ने की, जबकि संचालन अजय महतो ने किया। बैठक में पार्टी के केंद्रीय उपाध्यक्ष सुनील कुमार महतो, विधायक प्रतिनिधि राजू महतो तथा फहीम आलम सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे। वक्ताओं ने कहा कि राज्य के अन्य जिलों में चौकीदार एवं होमगार्ड की भर्ती प्रक्रिया संचालित की जा रही है, लेकिन बोकारो जिले में वर्ष 2023 के बाद से अब तक कोई बहाली नहीं निकाली गई है। इससे युवाओं में निराशा बढ़ रही है।बैठक को संबोधित करते हुए अजय महतो ने कहा कि यदि जिला प्रशासन जल्द ही चौकीदार एवं होमगार्ड भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं करता है, तो जेएलकेएम के बैनर तले बोकारो उपायुक्त कार्यालय के समक्ष जोरदार धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि युवाओं के रोजगार के मुद्दे पर संगठन चरणबद्ध आंदोलन चलाने को बाध्य होगा। बैठक में आंदोलन की रूपरेखा पर भी चर्चा की गई तथा युवाओं से संगठित होकर अपनी मांगों को मजबूती से उठाने का आह्वान किया गया। Source link

ताज़ा खबर

₹18000000 करोड़ की AI मशीन, दिमाग का ‘गूगल मैप’ खोलकर ब्रेन सर्जरी,...

Last Updated:June 15, 2026, 21:33 IST Kanpur GSVM Medical College : उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित जीएसवीएम (GSVM) मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में चिकित्सा जगत की एक क्रांतिकारी तकनीक ‘न्यूरो नेविगेशन सिस्टम’ की शुरुआत की गई है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर आधारित करीब 1.8 करोड़ रुपये की यह अत्याधुनिक मशीन डॉक्टरों के लिए दिमाग के ‘गूगल मैप’ की तरह काम करेगी. इस तकनीक की मदद से अब ब्रेन ट्यूमर और रीढ़ की हड्डी की जटिल से जटिल सर्जरी बिना बड़े चीरे के, बेहद सटीक और सुरक्षित तरीके से की जा सकेगी. इससे न केवल स्वस्थ ऊतकों (Tissues) को नुकसान पहुंचने का खतरा खत्म होगा, बल्कि मरीजों की रिकवरी तेज होगी और कानपुर सहित आसपास के 10 जिलों के मरीजों को अब दिल्ली-मुंबई जैसे महानगरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे. कानपुर: मेडिकल और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में कानपुर से एक बेहद ऐतिहासिक और राहत वाली खबर सामने आई है. कानपुर के प्रसिद्ध जीएसवीएम (GSVM) मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में एक ऐसी जादुई और एडवांस टोक्नोलॉजी लगाई गई है, जो न्यूरो सर्जरी के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होने वाली है. डॉक्टरों को अब इंसानी दिमाग की जटिलताओं को सुलझाने के लिए ‘गूगल मैप’ मिल गया है. जी हां, अस्पताल में करीब 1.8 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से अत्याधुनिक ‘न्यूरो नेविगेशन सिस्टम’ को एक्टिवेट कर दिया गया है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर आधारित यह सिस्टम डॉक्टरों को बिना भटके सीधे दिमाग और रीढ़ की हड्डी के भीतर छिपी बीमारी की सटीक लोकेशन तक पहुंचाएगा. अभी तक पारंपरिक तरीके से होने वाली न्यूरो या ब्रेन सर्जरी में डॉक्टरों के सामने सबसे बड़ी चुनौती ट्यूमर या प्रभावित हिस्से की बिल्कुल सटीक लोकेशन खोजना होती थी. इसके लिए डॉक्टरों को मरीज के सिर का एक बड़ा हिस्सा खोलना पड़ता था और बड़ा चीरा लगाना पड़ता था. कई बार इस पूरी प्रक्रिया में न केवल अधिक समय लगता था, बल्कि ट्यूमर के आसपास मौजूद दिमाग के बेहद संवेदनशील और स्वस्थ ऊतकों को भी नुकसान पहुंचने का खतरा हमेशा बना रहता था. दिमाग शरीर का सबसे नाजुक अंग है, जहां एक मिलीमीटर की चूक भी मरीज को जीवन भर के लिए अपंग बना सकती है. कैसे काम करता है यह हाई-टेक ‘ब्रेन नेविगेटर’? यह एआई-संचालित न्यूरो नेविगेशन सिस्टम ठीक वैसे ही काम करता है जैसे हम अनजान रास्तों पर सफर करने के लिए स्मार्टफोन में ‘गूगल मैप’ का इस्तेमाल करते हैं. 3D मैपिंग: ऑपरेशन थिएटर में सबसे पहले मरीज की एमआरआई (MRI) और सीटी स्कैन (CT Scan) की डिजिटल रिपोर्ट्स को इस मशीन के कंप्यूटर सिस्टम में फीड किया जाता है. सटीक रूट: यह सिस्टम पलक झपकते ही दिमाग के अंदरूनी हिस्से का एक बेहतरीन थ्री-डी (3D) डिजिटल नक्शा तैयार कर देता है. गाइड की भूमिका: डॉक्टर इस स्क्रीन पर बीमारी की सटीक गहराई और रास्ता देख पाते हैं और बिना किसी भटकाव के सीधे उसी पॉइंट पर पहुंचकर सर्जरी को अंजाम देते हैं. छोटे चीरे से बड़ी सर्जरी सुपर स्पेशियलिटी विंग के प्रभारी डॉ. मनीष सिंह ने इस तकनीक को न्यूरो साइंस के क्षेत्र में एक अभूतपूर्व क्रांति बताया है. डॉ. मनीष सिंह का बयान, ‘यह तकनीक डॉक्टरों के लिए एक अचूक गाइड की तरह है. पहले जहां ट्यूमर तक पहुंचने के लिए सिर में बड़े-बड़े कट लगाने पड़ते थे, वहीं अब कई जटिल मामलों में बहुत छोटे से चीरे (Minimal Invasive) के जरिए ही सफल ऑपरेशन संभव हो पा रहा है. चीरा छोटा होने से मरीज को होने वाला असहनीय दर्द काफी कम हो जाता है, ऑपरेशन के दौरान खून बहना (रक्तस्राव) न्यूनतम स्तर पर आ जाता है और सबसे बड़ी बात, सर्जरी के बाद होने वाले इंफेक्शन का खतरा लगभग खत्म हो जाता है.’ सुपरफास्ट रिकवरी और जल्द छुट्टी अस्पताल प्रशासन के अनुसार, इस रोबोटिक और एआई तकनीक की मदद से जटिल ऑपरेशनों में लगने वाला समय घटकर लगभग आधा रह गया है. इसका सीधा फायदा मरीज को होता है, क्योंकि उसे लंबे समय तक एनेस्थीसिया के प्रभाव में नहीं रहना पड़ता. बेहतर और सटीक सर्जिकल परिणामों के कारण मरीजों की रिकवरी पहले के मुकाबले दोगुनी तेजी से हो रही है, जिससे उन्हें अस्पताल के आईसीयू और वार्ड में हफ्तों तक रुकना नहीं पड़ेगा और वे जल्द स्वस्थ होकर अपने घर लौट सकेंगे. कानपुर समेत 10 जिलों सीधा फायदा जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की इस 1.8 करोड़ रुपये की इस महा-मशीन का लाभ केवल कानपुर शहर तक ही सीमित नहीं रहने वाला है. कानपुर मंडल और उसके आसपास के लगभग 10 से अधिक जिलों (जैसे उन्नाव, फतेहपुर, जालौन, हमीरपुर, फर्रुखाबाद, कन्नौज आदि) की करीब पौने दो करोड़ की आबादी को इसका सीधा फायदा मिलेगा. अब तक इन जिलों के गरीब और मध्यमवर्गीय मरीजों को गंभीर ब्रेन ट्यूमर या स्पाइनल इंजरी के इलाज के लिए दिल्ली, लखनऊ या मुंबई जैसे महंगे शहरों की तरफ भागना पड़ता था, जिससे उनका लाखों रुपये का अतिरिक्त खर्च होता था. अब सरकारी दर पर यह विश्वस्तरीय इलाज कानपुर में ही सुलभ हो गया है. About the Author Deep Raj DeepakSub-Editor Deep Raj Deepak working with News18 Hindi (hindi.news18.com/) Central Desk since 2022. He has strong command over national and international political news, current affairs and science and research-based news. …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Kanpur,Kanpur Nagar,Uttar Pradesh Source link

झारखंड

चातोंबा साई के निकट रेलवे पटरी से ओडिशा के मयूरभंज के युवक...

भास्कर न्यूज| नोवामुंडी बड़ाजामदा ओपी पुलिस और डांगुवापोसी आरपीएफ ने संयुक्त रूप में शनिवार को चातोंबा साई के निकट रेलवे पटरी पर पड़े शव को बरामद किया है। शव दो हिस्से में कटा हुआ था। शरीर का भाग अप लाइन के दोनों पटरी के बीच और सिर पटरी के बाहर पड़ा हुआ था। शव की पहचान मयूरभंज जिले की घाघरबेड़ा थाना क्षेत्र के नखसरा गांव के रहने वाले अशोक कुमार गिरी उम्र करीब 38 वर्ष के रूप में की गई है। बड़ाजामदा रेलवे स्टेशन मास्टर के लिखित शिकायत पर मामले को लेकर बड़ाजामदा ओपी में यूडी केस दर्ज किया गया है। स्टेशन मास्टर ने ओपी में दिए आवेदन में बताया है कि बोकना गांव के चातोंबा साई के निकट रेलवे पटरी पर एक शव को देखा था। मालगाड़ी के ड्राइवर की सूचना के आधार पर स्टेशन मास्टर ने ओपी में लिखित आवेदन देकर अग्रेतर कार्रवाई का निवेदन किया था। बड़ाजामदा पुलिस और आरपीएफ ने संयुक्त रूप से घटनास्थल पहुंचकर देखा तो हकीकत सामने आई। पुलिस ने शाम होने के कारण शव को लेकर नोवामुंडी टाटा स्टील अस्पताल के शीत गृह में रखवा दिया था। रविवार को सुबह शव को चाईबासा सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम कराने के बाद मृतक के परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने बताया कि मृतक के परिजनों के अनुसार उनके बेटे की दिमागी हालत पिछले कुछ दिनों से ठीक नहीं होने की लिखित सूचना दी है। Source link

शिक्षा

NEET Admit Card Download Issue

21 मिनट पहले कॉपी लिंक नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने 14 जून को एडमिट कार्ड जारी किए हैं। लेकिन कैंडिडेट्स की शिकायत है कि अभी भी एडमिट कार्ड डाउनलोड नहीं हो पा रहे हैं। कैंडिडेट्स की शिकायत है कि NTA की वेबसाइट का सर्वर स्लो काम कर रहा है। इससे कई उम्मीदवारों को बैंक अकाउंट डिटेल्स अपडेट करने में दिक्कत आ रही है। NTA ने एडवाइजरी जारी की एनटीए ने इस संबंध में एडवाइजरी जारी करते हुए लिखा है कि आप अपना पोर्टल लोग इन करते समय इन बातों का ख्याल रखें। NTA का कहना है कि अगर आप पोर्टल पर बिना अटके अपना काम पूरा करना चाहते हैं तो कंप्यूटर या मोबाइल के सामने बैठने से पहले ये 4 चीजें अपने पास रखें : पूरा नाम बैंक अकाउंट नंबर IFSC कोड: कैंसिल्ड चेक की स्कैन्ड कॉपी टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन जरूरी एनटीए के अनुसार परीक्षा से जुड़े किसी भी तरह के रिफंड (जैसे सिक्योरिटी मनी या एक्स्ट्रा फीस वापसी) को बैंक अकाउंट में भेजने और सुरक्षा के लिए लॉग इन के समय टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन मांगा जा रहा है। इस तरह आपकी जानकारी का कोई गलत इस्तेमाल नहीं कर सकेगा। बैंक डिटेल्स भरने के बाद ‘Final Submit’ का बटन दबाने से पहले एक बार सारी जानकारियों को चेक कर लें। अगर अकाउंट नंबर या IFSC कोड में एक भी अक्षर गलत हुआ तो भविष्य में आपका रिफंड अटक सकता है या उसमें देरी हो सकती है। केवल ऑफिशियल सोर्स पर ही करें भरोसा एडमिट कार्ड डाउनलोड करते समय इंटरनेट पर चल रही किसी भी तरह की अफवाह या फर्जी लिंक से सावधान रहें। किसी भी लेटेस्ट अपडेट के लिए NTA की ऑफिशियल वेबसाइट पर ही जाएं। नीट री एग्जाम एडमिट कार्ड डाउनलोड करने की 3 प्रोसेस : ऑफिशियल वेबसाइट से ऐसे करें डाउनलोड : ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं। “NEET UG 2026 Re-Exam Admit Card पर क्लिक करें। मांगी गई जानकारी दर्ज करें। सब्मिट बटन पर क्लिक करें। पीडीएफ डाउनलोड करें। इसका प्रिंटआउट निकाल कर रखें। वेबसाइट पर ज्यादा ट्रैफिक है तो उमंग एप से करें डाउनलोड : अपने फोन में UMANG ऐप डाउनलोड कर लें, Play Store या App Store से इस ऐप को डाउनलोड किया जा सकता है। ऐप को खोलकर सबसे पहले मोबाइल नंबर का इस्तेमाल करके रजिस्टर करें। लॉग इन करके NTA सर्च करें। NEET UG 2026 एडमिट कार्ड लिखा हुआ दिखाई देगा। इस पर क्लिक करके एप्लीकेशन नंबर और जन्म तिथि डालें। एडमिट कार्ड डाउनलोड करके सेव कर लें। DigiLocker के माध्यम से करें डाउनलोड करें? digilocker.gov.in पर जाएं। लॉग इन करें। “Search Documents” सेक्शन दिखेगा, इसपर National Testing Agency सर्च करें। NEET Admit Card 2026 लिखा हुआ दिखेगा, इस पर क्लिक करें। NEET 2026 एप्लीकेशन नंबर और परीक्षा का साल डालें। स्क्रीन पर दिख रहे एडमिट कार्ड को डाउनलोड करें। 12 मई को रद्द हुई थी नीट एग्जाम 2026 नीट यूजी एग्जाम 2026 देश भर के 551 शहरों और विदेशों में 14 शहरों में हुई थी। इस एग्जाम में 22 लाख छात्र शामिल हुए। NEET UG 2026 में पेपर लीक के चलते एग्जाम कैंसिल किया गया है। इस धांधली के खिलाफ देशभर में प्रदर्शन हुए थे। NTA के अनुसार 7 मई की शाम परीक्षा में गड़बड़ी की सूचना मिली थी। इसके बाद मामला केंद्रीय एजेंसियों को सौंपा गया। 12 मई को परीक्षा रद्द की गई और री-एग्जाम का फैसला लिया गया। NEET से 1 लाख से ज्यादा मेडिकल कॉलेज में एडमिशन नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) भारत में मेडिकल और डेंटल कोर्सेज में एडमिशन के लिए होने वाली राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा है। इसकी शुरुआत 2013 में हुई थी। इस परीक्षा के माध्यम से देश के सभी सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में MBBS, BDS, आयुष (BAMS, BHMS) और नर्सिंग जैसे कोर्सेज में एडमिशन मिलता है, जिसमें AIIMS और JIPMER जैसे प्रतिष्ठित संस्थान भी शामिल हैं। ये खबर भी पढ़ें : 19 साल के निसर्ग अधिकारी को मिली IIT में नौकरी:अपने ब्लॉग से CBSE के OSM पोर्टल में कमियां बताई थी, मिला जॉब ऑफर CBSE के पोर्टल में सुरक्षा से संबंधित खामियां ढूंढने वाले निसर्ग अधिकारी को IIT कानपुर ने नौकरी दी है। निसर्ग की उम्र 19 साल है जिन्होंने इसी साल 12वीं की परीक्षा पास की है। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं… Source link

झारखंड

3.84 acres of land marked for rehabilitation scheme in Saligutu of Khuntapani,...

. झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी पुनर्वास योजना को धरातल पर उतारने के लिए जिला प्रशासन ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। इसी कड़ी में जिला उपायुक्त मनीष कुमार एवं पुलिस अधीक्षक अमित रेणु ने संयुक्त रूप से खूंटपानी प्रखंड अंतर्गत सालीगुटू का दौरा किया। अधिकारियों ने यहां पुनर्वास योजना हेतु चिह्नित 3.84 एकड़ भूमि का निरीक्षण किया और चिह्नीकरण कार्य का अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त और एसपी ने पुनर्वास योजना के तहत प्रस्तावित कार्यों की समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि योजना के पारदर्शी और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जल्द ही ग्राम सभा का आयोजन किया जाएगा। ग्राम सभा की सहमति और तय नियमों के अनुसार चिन्हित भूमि पर आवास निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि पुनर्वास योजना से जुड़ी सभी आवश्यक कागजी और व्यावहारिक प्रक्रियाओं को निर्धारित समयसीमा (डेडलाइन) के भीतर पूरा किया जाए, ताकि पात्र लाभुकों को अविलंब इस योजना का सीधा लाभ मिल सके। निरीक्षण के दौरान सदर अनुमंडल पदाधिकारी एसडीओ समेत अन्य थे। Source link

Scroll to Top