भारतन्यूज़ – टॉप हेडर
News Menu Bar

Author name: scsmdos@gmail.com

झारखंड

पलामू के किसान ने किया कमाल, 5 एकड़ में लगाया आम का...

होमताजा खबरकृषि पलामू के किसान ने किया कमाल, 5 एकड़ में लगाया आम का बगीचा, अब कमा रहे लाखों Last Updated:June 14, 2026, 16:53 IST किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार कई योजनाएं चला रही है. इसी कड़ी में मनरेगा योजना के तहत आम बागवानी को बढ़ावा दिया जा रहा है. इससे ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को अतिरिक्त आय और रोजगार के बेहतर अवसर मिलेगा. पलामू: किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार कई योजनाएं चला रही है. वहीं पारंपरिक खेती के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों की आय बढ़ाने के भी प्रयास किए जा रहे हैं. रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए मनरेगा योजना के तहत आम बागवानी को भी लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है. इस योजना का लाभ लेकर कई किसान बेहतर आमदनी हासिल कर रहे हैं. पलामू जिले के सतबरवा प्रखंड के रजडेरवा गांव निवासी किसान विनोद कुमार भी ऐसे ही किसानों में शामिल हैं. इन्होंने सरकारी योजना का लाभ उठाकर आम की बागवानी को अपनी आय का मजबूत साधन बना लिया है. आज उनकी बागवानी न केवल उन्हें अच्छा मुनाफा दे रही है, बल्कि आसपास के किसानों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गई है. पांच एकड़ भूमि में आम का बागविनोद कुमार ने लोकल 18 को बताया कि उनके परिवार के पांच सदस्यों ने मिलकर करीब पांच एकड़ भूमि में आम का बाग लगाया है. यह बाग करीब पांच वर्ष पहले तैयार किया गया था. पिछले तीन वर्षों से बगीचे से आम की बिक्री की जा रही है और हर साल उत्पादन में वृद्धि हो रही है. उन्होंने बताया कि बगीचे में मालदह, लंगड़ा, अलफांसो समेत छह से सात किस्म के आम के पेड़ लगाए गए हैं. स्वाद और गुणवत्ता के कारण उनके बगीचे के आमों की बाजार में अच्छी मांग रहती है. आसपास के गांवों के अलावा डाल्टनगंज और अन्य क्षेत्रों से भी लोग सीधे बगीचे में पहुंचकर आम खरीदते हैं. इस दर से हो रही आम की बिक्रीविनोद कुमार के अनुसार, वर्तमान में प्रतिदिन लगभग एक क्विंटल आम की बिक्री हो रही है. खाने वाले आम 40 से 45 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रहे हैं. वहीं, अचार बनाने के लिए उपयोग होने वाले आम 15 से 20 रुपये प्रति किलो के भाव पर बेचे जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि इस वर्ष अब तक करीब एक लाख रुपये के आम की बिक्री हो चुकी है. यदि मौसम अनुकूल रहा, तो आने वाले दिनों में बिक्री और बढ़ने की उम्मीद है. सालाना तीन लाख रुपये तक का मुनाफाविनोद कुमार का कहना है कि आम की बागवानी में शुरुआती वर्षों में देखभाल और मेहनत की जरूरत होती है. एक बार पेड़ पूरी तरह विकसित हो जाने के बाद रखरखाव अपेक्षाकृत आसान हो जाता है. वर्तमान में उन्हें आम की बागवानी से सालाना लगभग तीन लाख रुपये तक का मुनाफा हो रहा है. उन्होंने बताया कि आने वाले चार से पांच वर्षों में जब पेड़ पूरी तरह परिपक्व हो जाएंगे, तब उनकी आय बढ़कर सालाना चार से पांच लाख रुपये तक पहुंच सकती है. सरकारी योजनाओं का लाभविनोद कुमार का मानना है कि किसानों को मनरेगा जैसी सरकारी योजनाओं का सही तरीके से लाभ उठाना चाहिए. फलदार पौधों की बागवानी को अपनाएं, तो खेती को घाटे का नहीं बल्कि मुनाफे का व्यवसाय बनाया जा सकता है. उनकी सफलता की कहानी आज क्षेत्र के कई अन्य किसानों को भी बागवानी की ओर आकर्षित कर रही है. About the Author Amita kishor न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Palamu,Jharkhand Source link

झारखंड

झारखंड आंदोलनकारी महासभा ने गठित की स्टैंडिंग कमेटी

लोहरदगा|झारखंड आंदोलनकारी महासभा लोहरदगा जिला कमिटी की बैठक शनिवार को कचहरी मोड़ के समीप जिलाध्यक्ष अनिल कुमार भगत की अध्यक्षता में की गई। बैठक में संगठन को और अधिक सशक्त व सक्रिय बनाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। साथ ही संगठन के संचालन व विभिन्न मुद्दों पर त्वरित निर्णय लेने के लिए एक स्टैंडिंग कमिटी का गठन भी किया गया। गठित स्टैंडिंग कमिटी में अनिल कुमार भगत, प्रो. विनोद भगत, अमर किन्डो, मो. कय्यूम खान, सुशीला लकड़ा, सीता उरांव, उषा रानी लकड़ा, सोमनाथ भगत, राम लगन उरांव, विशेषण भगत, दिनेश साहू, सूरज मोहन लकड़ा, क्रिस्टो टोप्पो, लक्ष्मण भगत, मनोज उरांव एवं कृष्णा कुमार ठाकुर सहित अन्य आंदोलनकारियों को शामिल किया गया है। बैठक में निर्णय लिया गया कि आंदोलनकारियों की विभिन्न समस्याओं व मांगों को लेकर आगामी 16 जून को एक प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त लोहरदगा से मुलाकात कर लंबित मामलों के शीघ्र समाधान की मांग करेगी। साथ ही संगठन के विस्तार और जमीनी स्तर पर मजबूती के लिए सभी प्रखंडों में जल्द से जल्द प्रखंड समितियों का गठन करने ओर प्रत्येक प्रखंड में कम से कम दो-दो सक्रिय व मजबूत साथियों को प्रभारी नियुक्त करने का निर्णय लिया गया। वहीं एक सहायता कोष का गठन कर नियमित रूप से राशि जमा करने का भी निर्णय लिया गया। इसके अलावा तय किया गया कि आगामी 24 जून को केंद्रीय उपाध्यक्ष नीरू शांति भगत के आवासीय परिसर में आयोजित होने वाली जिला समिति की बैठक को व्यापक व सफल बनाया जाएगा। Source link

झारखंड

दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर के पहले दिन सिखाए योग के गुर

लोहरदगा|पतंजलि योग समिति भारत स्वाभिमान जिला लोहरदगा के बैनर तले सुंदरी देवी सरस्वती शिशु मंदिर परिसर में दो दिवसीय विशेष योग प्रशिक्षण शिविर के पहले दिन जिला प्रभारी व मुख्य योग प्रशिक्षक प्रवीण कुमार भारती ने विशेष योगाभ्यास कराया। जिसमें सभी प्रशिक्षुओं ने ग्रीवा चालन, स्कन्ध संचालन, कटि चालन, घुटना संचालन, ताड़ासन, वृक्षासन, पादहस्तासन, अर्धचक्रासन, त्रिकोणासन, भद्रासन, शशकासन, वक्रासन, शलभासन, सेतुबंधासन, उत्तानपादासन, अर्धहलासन, पवनमुक्तासन एवं कपालभाति, अनुलोम विलोम प्राणायाम, ध्यान का क्रियात्मक अभ्यास कराया। प्रवीण कुमार भारती ने बताया कि योग प्राणायाम एवं स्वस्थ दिनचर्या के अलावा स्वस्थ रहने का कोई विकल्प नहीं है। यदि कोई स्वयं को निरोग रखना चाहता है तो योग, आयुर्वेद, स्वस्थ दिनचर्या,आहार संयम एवं प्रकृति के अनुकूल चलना होगा अन्यथा शरीर में बीमारियां आएंगी ही। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के लिए पूरे जिले में पतंजलि योग समिति की जोर शोर से तैयारी चल रही है जिसमें जिला प्रभारी के निर्देश पर कई जगहों पर योगाभ्यास कराया जा रहा है। जिसमें योग प्रशिक्षक दिनेश प्रजापति, संजय मधुर, वासुदेव प्रसाद, अभय भारती,खुशी भारती,विजय कुमार,भोला प्रसाद,विजय सोनी,अजय कुमार,निर्भय भारती,शिवराज कुमार,सुमित उरांव,श्रवण कुमार,रंजन गोप आदि अनेक योग प्रशिक्षक एवं सक्रिय कार्यकर्ता पूरी पुरूषार्थ से योगाभ्यास करा रहे हैं। मौके पर वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कृपा प्रसाद सिंह ने कहा कि योग से हमारा शरीर का शुद्धिकरण होता है। योगाभ्यास में राज्यकार्कारिणी सदस्य शिवशंकर सिंह, दिनेश प्रजापति, किरण प्रजापति, सतीश जायसवाल शामिल थे। Source link

ताज़ा खबर

PM Modi France Visit LIVE | PM Modi President TGrump Meet |...

PM Modi France Visit LIVE: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने फ्रांस दौरे के दौरान रविवार को फ्रांस के नीस शहर में आयोजित ‘भारत इनोवेट्स 2026’ कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे. इस अवसर पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भी उनके साथ मौजूद रहेंगे. यह पहल भारत के उच्च शिक्षण संस्थानों और केंद्रीय वित्तपोषित तकनीकी संस्थानों से उभर रहे नवाचारों और प्रौद्योगिकी आधारित स्टार्टअप्स को वैश्विक मंच प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई है. ‘भारत इनोवेट्स 2026’ का लक्ष्य देश के सबसे संभावनाशील प्रौद्योगिकी उद्यमों की पहचान करना, उन्हें मार्गदर्शन देना और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों, उद्योग जगत के नेताओं, नीति-निर्माताओं, अनुसंधान संस्थानों तथा तकनीकी साझेदारों से जोड़ना है. कार्यक्रम के माध्यम से भारतीय स्टार्टअप्स को वैश्विक बाजारों और निवेश के अवसरों तक पहुंच उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा. उधर, व्‍हाइट हाउस ने पीएम मोदी और राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप के बीच संभावित मुलाकात की पुष्टि कर दी है. भारत इनोवेट्स प्रोग्राम पर फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा, ‘अब सवाल यह नहीं है कि भारत नवाचार करता है या नहीं, बल्कि यह है कि भारत के साथ कौन नवाचार करेगा.’ उनके इस बयान को भारत की बढ़ती तकनीकी क्षमता और ग्‍लोबल इनोवेशन में उसकी मजबूत भूमिका के रूप में देखा जा रहा है. कार्यक्रम में सरकार, उद्योग, शिक्षा जगत, निवेश और अनुसंधान क्षेत्र से जुड़े प्रमुख प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे. साथ ही भारत के विभिन्न उच्च शिक्षण संस्थानों के निदेशक और वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे, जो देश में अनुसंधान, उद्यमिता और डीप-टेक नवाचार को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. यह मंच अनुसंधान से बाजार तक की यात्रा को तेज करने और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत बनाने का अवसर प्रदान करेगा. भारत के शिक्षा मंत्रालय ने भी एक्स पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि ‘भारत इनोवेट्स 2026’ भारत के तेजी से विकसित हो रहे इनोवेशन और डीप-टेक इकोसिस्टम को वैश्विक समुदाय के सामने प्रस्तुत करेगा. मंत्रालय के अनुसार यह आयोजन अनुसंधान, नवाचार और प्रौद्योगिकी-आधारित विकास के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है. प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब फ्रांस में 17 से 20 जून तक विवाटेक (VivaTech) 2026 का आयोजन होने जा रहा है, जिसे यूरोप का सबसे बड़ा स्टार्टअप और प्रौद्योगिकी सम्मेलन माना जाता है. इस वर्ष के आयोजन में भारत का राष्ट्रीय मंडप सबसे बड़ा होगा, जो भारतीय और यूरोपीय इनोवेशन इकोसिस्‍टम के बीच बढ़ती साझेदारी का प्रतीक माना जा रहा है. प्रधानमंत्री मोदी ने अपने दौरे को भारत-फ्रांस तकनीकी सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का अवसर बताते हुए फ्रांस में बसे भारतीय समुदाय से भी मुलाकात करने की बात कही है. विशेषज्ञों का मानना है कि ‘भारत इनोवेट्स 2026’ भारत को वैश्विक नवाचार केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है. PM Modi France Visit Live:’इनोवेशन भारत के डीएनए में है, किसी तकनीक की महानता वैल्यूएशन से नहीं, ह्यूमन इम्पैक्ट से तय होती है’, फ्रांस में गरजे पीएम मोदी PM Modi France Visit Live: भारत इनोवेट्स 2026 के मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तकनीकी विकास के वैश्विक परिदृश्य में भारत के दृष्टिकोण को बेहद स्पष्टता के साथ साझा किया. पीएम मोदी ने जोर देते हुए कहा कि इनोवेशन आज भारत के डीएनए में पूरी तरह समा चुका है. उन्होंने वर्तमान वैश्विक आवश्यकताओं को रेखांकित करते हुए कहा कि आज पूरी दुनिया एक ऐसी तकनीक की ओर देख रही है जो पूरी तरह से ट्रस्टेड हो, ह्यूमन-सेंट्रिक हो और इंक्लूसिव हो. प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि यही सोच भारत के एआई विजन का भी मूल तंत्र है, जिसका उद्देश्य ‘एआई फॉर ऑल’ यानी सभी के लिए एआई सुनिश्चित करना है. दिल्ली में आयोजित हुए एआई इम्पैक्ट समिट की थीम भी इसी पर आधारित थी. भारत ने वैश्विक पटल पर यह साबित करके दिखाया है कि इनोवेशन (नवाचार) और इंक्लूजन (समावेशिता) एक-दूसरे के विरोधी बिल्कुल नहीं हैं, बल्कि वे एक-दूसरे के पूरक हैं. तकनीक की वास्तविक परिभाषा तय करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि किसी भी बड़े इनोवेशन की महानता केवल उसके बाजार वैल्यूएशन से नहीं आंकी जा सकती. उसकी असली महानता और सफलता इस बात में निहित होती है कि उसका ह्यूमन इम्पैक्ट (मानवीय प्रभाव) कितना गहरा है. यही ‘भारत इनोवेट्स’ की मूल भावना और दृष्टिकोण है, जो आज स्टार्टअप जगत के लिए सबसे बड़ी प्रेरणा बनकर उभरी है. PM Modi France Visit Live:’आज का नया भारत समाधान ढूंढता नहीं, दुनिया को समाधान देता है’, फ्रांस से पीएम मोदी की हुंकार ‘भारत इनोवेट्स 2026’ के मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए भारत की ताकत को दुनिया के सामने रखा. उन्होंने कहा, “यह मंच हमारे युवाओं के इनोवेशन को वर्ल्ड स्टेज पर लाने का एक बेहतरीन माध्यम है. यहाँ इतनी बड़ी संख्या में उद्यमियों का जुड़ना नए भारत की ऊर्जा को दर्शाता है. आज का भारत सिर्फ सॉल्‍यूशन का कंज्‍यूमर नहीं बल्कि सॉल्‍यूशन लाने वाला देश बन रहा है.” पीएम मोदी ने भारतीय स्टार्टअप्स की तारीफ करते हुए कहा कि हमारे युवा ग्रीन हाइड्रोजन से सस्टेनेबल फ्यूचर बना रहे हैं तो कुछ स्टार्टअप डिफेंस और सिक्योरिटी के क्षेत्र में काम कर रहे हैं. आज भारत पूरी दुनिया के लिए इनोवेट कर रहा है. PM Modi France Visit Live: ‘आजादी के बाद सबसे लंबे समय तक पीएम रहने का रिकॉर्ड अद्भुत, हमें आप पर गर्व है’, मैक्रों ने की पीएम मोदी की जमकर तारीफ PM Modi France Visit Live: फ्रांस के नीस में ‘भारत इनोवेट्स’ के उद्घाटन समारोह में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा, “प्रिय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, नीस में आपका स्वागत करना बेहद सम्मान की बात है. कुछ महीने पहले हमने मुंबई में ‘भारत-फ्रांस इनोवेशन ईयर’ की शुरुआत की थी. सवाल यह नहीं था कि भारत इनोवेशन कर रहा है या नहीं बल्कि यह था कि भारत के साथ साझेदारी में कौन इनोवेशन करेगा.” मैक्रों ने आगे कहा, “आजादी के बाद से भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले प्रधानमंत्री बनने पर मैं आपको बधाई देता हूं. यह लंबी यात्रा आपके दृढ़ संकल्प और आपके देश की ताकत को दर्शाती है, जो वास्तव में अद्भुत है. हमें आपके यहां होने पर बेहद गर्व है.” PM Modi France

झारखंड

धान से भी ज्यादा मुनाफे वाली निकली यह फसल, कृषि वैज्ञानिक ने...

होमताजा खबरकृषि धान से भी ज्यादा मुनाफे वाली निकली यह फसल, कृषि वैज्ञानिक ने दी अहम सलाह Last Updated:June 14, 2026, 15:31 IST कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि किसान धान के साथ-साथ सोयाबीन की खेती कर कम लागत में बेहतर मुनाफा कमा सकते हैं. सोयाबीन की उन्नत किस्में करीब 100 दिनों में तैयार हो जाती हैं. वैज्ञानिक तरीके से खेती करने पर 25 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक उत्पादन दे सकती हैं. देवघर: मानसून की बारिश शुरू होते ही गांव-देहात के खेतों में रौनक बढ़ जाती है. किसान धान की नर्सरी तैयार करने में जुट जाते हैं और खरीफ सीजन की खेती की शुरुआत हो जाती है. झारखंड समेत पूरे पूर्वी भारत में धान किसानों की पहली पसंद मानी जाती है. वहीं, अब कृषि वैज्ञानिक किसानों को एक ऐसी फसल की खेती करने की सलाह दे रहे हैं. ये कम लागत में धान की तुलना में बेहतर मुनाफा दे सकती है. यह फसल है सोयाबीन, जिसकी मांग देशभर के बाजारों में लगातार बढ़ रही है. यही कारण है कि अब कई किसान धान के साथ-साथ सोयाबीन की खेती की ओर भी रुख कर रहे हैं. क्या कहते हैं कृषि वैज्ञानिकदेवघर कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डॉ. विवेक कश्यप ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि जून और जुलाई का महीना खरीफ फसलों की बुवाई के लिए सबसे महत्वपूर्ण समय होता है. इस दौरान किसान यदि सही फसल का चयन करें तो कम समय में अच्छी आमदनी प्राप्त कर सकते हैं. उन्होंने बताया कि सोयाबीन ऐसी फसल है, जो कम लागत में अच्छी पैदावार देती है. बाजार में इसकी कीमत भी किसानों को अच्छी मिल जाती है. यही वजह है कि पिछले कुछ सालों में सोयाबीन की खेती का चलन लगातार बढ़ रहा है. इन किस्मों के बीज हैं बेहतरडॉ. कश्यप के अनुसार, झारखंड के किसानों के लिए बिरसा सोयाबीन-01, बिरसा सफेद सोयाबीन-02 और आरटीएस-18 जैसी उन्नत किस्में काफी बेहतर हैं. ये किस्में यहां की जलवायु और मिट्टी के अनुसार विकसित की गई हैं. इनकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इन पर कीटों और कई सामान्य बीमारियों का प्रभाव अपेक्षाकृत कम पड़ता है. इससे किसानों को बार-बार कीटनाशकों का छिड़काव नहीं करना पड़ता. खेती की लागत भी कम हो जाती है. कम खर्च और बेहतर उत्पादन का यही संतुलन किसानों के लिए फायदे का सौदा साबित होता है. 100 दिनों में तैयार हो जाती है फसलडॉ. कश्यप ने बताया कि सोयाबीन की खेती केवल झारखंड तक सीमित नहीं है. इसकी खेती पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, असम और उत्तर-पूर्व के कई राज्यों में भी बड़े पैमाने पर की जाती है. इस फसल को बहुत अधिक देखभाल की आवश्यकता नहीं होती. सामान्य कृषि प्रबंधन के साथ भी अच्छा उत्पादन मिल जाता है. बुवाई के लगभग 40 से 45 दिनों बाद पौधों में फूल आने लगते हैं, जिससे किसानों को फसल की स्थिति का अंदाजा हो जाता है. वहीं करीब 100 दिनों में फसल पूरी तरह पककर कटाई के लिए तैयार हो जाती है. 15 जून के बाद शुरू कर सकते हैं बुवाईकृषि वैज्ञानिक का कहना है कि सोयाबीन की बुवाई जून के दूसरे सप्ताह से लेकर जुलाई के पहले सप्ताह तक कर लेनी चाहिए. यह समय सबसे उपयुक्त माना जाता है. मानसून की शुरुआती बारिश के कारण खेतों में पर्याप्त नमी बनी रहती है. बीजों का अंकुरण बेहतर होता है. हालांकि किसानों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि खेत में पानी जमा न हो, क्योंकि अत्यधिक जलभराव फसल को नुकसान पहुंचा सकता है. अच्छी जल निकासी वाली भूमि में सोयाबीन का उत्पादन बेहतर होता है. 20 से 25 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उपजउत्पादन की बात करें तो उन्नत किस्मों और वैज्ञानिक तरीके से खेती करने पर किसान 20 से 25 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक उपज प्राप्त कर सकते हैं. बाजार में सोयाबीन का उपयोग तेल, पशु आहार और कई खाद्य उत्पादों के निर्माण में किया जाता है, इसलिए इसकी मांग पूरे वर्ष बनी रहती है. मांग अधिक होने के कारण किसानों को अपनी उपज बेचने में भी ज्यादा परेशानी नहीं होती. यही वजह है कि सोयाबीन को कम लागत में अधिक मुनाफा देने वाली फसलों में गिना जाता है. About the Author Amita kishor न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Deoghar,Jharkhand Source link

झारखंड

हिरासत से साइबर अपराधी छुड़ाने का मामला:गिरिडीह पुलिस ने दो को दबोचा,...

गिरिडीह जिले के अहिल्यापुर थाना क्षेत्र के चिकसोरिया गांव में पुलिस हिरासत से साइबर अपराधी को छुड़ाने और पुलिस टीम पर हमला के मामले में दो आरोपियों को दबोचा है। वहीं मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। यह घटना 10/11 जून की रात उस समय हुई, जब साइबर थाना की टीम आरोपी चुड़ामन मंडल को गिरफ्तार करने गांव पहुंची थी। पुलिस कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों ने विरोध करते हुए न केवल आरोपी को छुड़ा लिया, बल्कि पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की भी की। इस दौरान सरकारी वाहन पर पथराव कर उसे क्षतिग्रस्त कर दिया गया था। पुलिस की स्पेशल टीम ने दो को पकड़ा घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. विमल कुमार के निर्देश पर तत्काल एक विशेष टीम का गठन किया गया। सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी जितवाहन उरांव के नेतृत्व में गठित इस टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए मामले में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान चिकसोरिया गांव निवासी 51 वर्षीय जितन मंडल और 20 वर्षीय सूरज मंडल के रूप में हुई है। दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस घटना में कई अन्य लोग भी शामिल थे, जो फिलहाल फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस टीम तकनीकी और स्थानीय इनपुट के आधार पर आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सरकारी कार्य में बाधा डालने, पुलिस पर हमला करने और आरोपी को छुड़ाने जैसी गंभीर घटनाओं में शामिल सभी लोगों को चिन्हित कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का मानना है कि जल्द ही बाकी आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। विशेष टीम में कई थानों की संयुक्त भागीदारी इस पूरे अभियान में जिले के कई थानों की संयुक्त टीम ने हिस्सा लिया। छापेमारी दल में पुलिस निरीक्षक कमलेश पासवान, साइबर थाना प्रभारी रामेश्वर भगत, मुफ्फसिल थाना प्रभारी श्याम किशोर महतो, अहिल्यापुर थाना प्रभारी ऐनुल हक खान, बेंगाबाद थाना प्रभारी अमन कुमार समेत अन्य अधिकारी शामिल थे। इसके अलावा एसडीपीओ की क्यूआरटी/सैट टीम और कई पुलिस जवान भी इस अभियान का हिस्सा बने। Source link

झारखंड

धनबाद में पति ने ब्लेड से काटी पत्नी की गर्दन:खाना बनाने का...

धनबाद के भूली ओपी क्षेत्र अंतर्गत पांडरपाला में रविवार को एक घरेलू विवाद ने खौफनाक रूप ले लिया। मामूली कहासुनी इतनी बढ़ गई कि एक पति ने अपनी ही पत्नी पर जानलेवा हमला कर दिया। आरोपी ने गुस्से में आकर ब्लेड से पत्नी की गर्दन पर वार कर दिया। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। घायल महिला को स्थानीय लोगों की तत्परता से तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। वहीं, घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी पति मौके से फरार हो गया। दोनों साथ करते थे काम, बहस के बाद चलाया ब्लेड जानकारी के अनुसार, झरिया के चौथाई कुल्ली निवासी शाहबाज उर्फ खैरुल अंसारी और उनकी पत्नी मेंहदी खातून एक ही स्थान पर काम करते थे। दोनों अलहबीबी मैरेज हॉल में खाना बनाने का काम करते हैं। रविवार को किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद शुरू हुआ, जो धीरे-धीरे उग्र होता चला गया। गुस्से में नियंत्रण खो बैठे शाहबाज ने पास में मौजूद ब्लेड उठाया और पत्नी की गर्दन पर हमला कर दिया। इस अचानक हुए हमले से महिला लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ी। चीख-पुकार सुनकर पहुंचे लोग, बचाई जान घटना के बाद महिला की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। वहां का दृश्य देख हर कोई सन्न रह गया। लोगों ने तुरंत स्थिति को संभालते हुए घायल महिला को उठाया और बिना देर किए शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसएनएमएमसीएच) पहुंचाया। डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज के बाद उसकी स्थिति को गंभीर लेकिन नियंत्रण में बताया है। स्थानीय लोगों की सक्रियता से महिला की जान बच पाई, नहीं तो स्थिति और भी भयावह हो सकती थी। पुलिस जांच में जुटी, आरोपी की तलाश जारी घटना की सूचना मिलते ही भूली ओपी प्रभारी विश्वजीत ठाकुर पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और आसपास के लोगों से पूछताछ की। इसके बाद वह अस्पताल भी गए और घायल महिला का हालचाल जाना। पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया मामला पति-पत्नी के आपसी विवाद का है। जिसमें पति ने गुस्से में आकर हमला किया। फिलहाल आरोपी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। Source link

ताज़ा खबर

छपरा में रामकृष्ण मिशन आश्रम बना उम्मीद की किरण, जहां 150 प्लस...

Last Updated:June 14, 2026, 14:53 IST छपरा के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. राजीव रंजन ने अपने गांव और आसपास के गरीब परिवारों के बच्चों को शिक्षित बनाने के उद्देश्य से अपने परिवार के सहयोग से रामकृष्ण मिशन आश्रम को 1 बीघा जमीन दान की. इसी जमीन पर बने आश्रम में बच्चों को निशुल्क शिक्षा, कपड़ा और बुनियादी चिकित्सा सुविधा दी जा रही है. आने वाले समय में यहां स्थायी रूप से निशुल्क इलाज की व्यवस्था करने की योजना है. फिलहाल बच्चों के लिए नियमित रूप से मुफ्त शिक्षा की व्यवस्था चल रही है. छपरा शहर ही नहीं, अब दूर-दराज के गांवों में भी गरीब तबके के बच्चों को शिक्षित करने के लिए सरकारी योजनाओं के साथ कई समाजसेवी और संस्थाएं सक्रिय है. मांझी प्रखंड के सलेमपुर गांव के पास रामकृष्ण मिशन आश्रम द्वारा 150 से अधिक गरीब बच्चों को पूरी तरह निशुल्क शिक्षा दी जा रही है. यहां पढ़ने वाले बच्चों को पाठ्य सामग्री, यूनिफॉर्म और अन्य आवश्यक संसाधन भी मुफ्त उपलब्ध कराए जाते है. नामांकन भी पूरी तरह निशुल्क है. इस क्षेत्र में शिक्षा संस्थान दूर-दूर होने के कारण आसपास के अधिकांश गरीब परिवार अपने बच्चों को आर्थिक अभाव में पढ़ा नहीं पाते और उन्हें कम उम्र में ही काम पर भेज देते है. इसी स्थिति को देखते हुए छपरा के मशहूर चिकित्सक डॉ. राजीव रंजन ने रामकृष्ण मिशन आश्रम को 1 बीघा जमीन दान की, जिस पर लगभग 5 वर्षों से आश्रम संचालित हो रहा है और बच्चों को मुफ्त शिक्षा दी जा रही है. इसके साथ ही समय-समय पर यहां स्वास्थ्य जांच के लिए कैंप भी लगाया जाता है. जहां दूर-दूर से लोग इलाज कराने पहुंचते है. सैकड़ों गरीब बच्चों की बदल रही है जिंदगीछपरा के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. राजीव रंजन ने अपने गांव और आसपास के गरीब परिवारों के बच्चों को शिक्षित बनाने के उद्देश्य से अपने परिवार के सहयोग से रामकृष्ण मिशन आश्रम को 1 बीघा जमीन दान की. इसी जमीन पर बने आश्रम में बच्चों को निशुल्क शिक्षा, कपड़ा और बुनियादी चिकित्सा सुविधा दी जा रही है. आने वाले समय में यहां स्थायी रूप से निशुल्क इलाज की व्यवस्था करने की योजना है. फिलहाल बच्चों के लिए नियमित रूप से मुफ्त शिक्षा की व्यवस्था चल रही है. लोकल 18 से बातचीत में सोमेश्वर धर्मानंद महाराज ने बताया कि रामकृष्ण मिशन आश्रम द्वारा बच्चों को पूरी तरह निशुल्क शिक्षा दी जा रही है. उनका कहना है कि सबसे बड़ा दान शिक्षा का दान है. इसी सोच को प्राथमिकता देते हुए गरीब बच्चों को मुफ्त शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है. यहां नामांकन से लेकर पढ़ाई तक सब कुछ निशुल्क है. उन्होंने बताया कि मांझी के सलेमपुर गांव में छपरा के मशहूर छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. राजीव रंजन द्वारा दान की गई 1 बीघा जमीन पर यह आश्रम बनाया गया है, जहां बच्चों को शिक्षित करने का कार्य लगातार चल रहा है. पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों को निशुल्क पाठ्य सामग्री, ड्रेस और ट्यूशन की सुविधा भी दी जाती है. आने वाले दिनों में इसी परिसर से स्कूल के साथ-साथ निशुल्क अस्पताल भी संचालित करने की योजना है. फिलहाल महीने में 1 दिन डॉ. राजीव रंजन और डॉ. रवि शंकर द्वारा यहां निशुल्क स्वास्थ्य जांच और दवा वितरण किया जाता है. आगे चलकर लाइब्रेरी, अस्पताल और ट्यूशन स्कूल के माध्यम से सेवा विस्तार की तैयारी है. इस क्षेत्र के लोग छपरा शहर की दूरी के कारण न तो आसानी से अपने बच्चों का इलाज करा पाते हैं और न ही उन्हें अच्छी शिक्षा दिला पाते है. इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए रामकृष्ण मिशन आश्रम के माध्यम से स्थानीय स्तर पर शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Chapra,Saran,Bihar Source link

झारखंड

बुटीक बिजनेस में छिपा है मोटा मुनाफा, बोकारो की डिजाइनर ने बताया...

बोकारो: आज के समय में महिलाओं के लिए बुटीक व्यवसाय आत्मनिर्भर बनने का एक बेहतरीन माध्यम बनकर उभरा है. कम पूंजी में शुरू होने वाला यह व्यवसाय न केवल रोजगार का अवसर प्रदान करता है, बल्कि अच्छी आय का स्रोत भी बन सकता है. बोकारो के सेक्टर-4 स्थित ‘द फैब्रिक जॉन’ बुटीक की संचालिका बसंती दास पिछले 35 वर्षों से इस क्षेत्र में काम कर रही हैं. उन्होंने बुटीक व्यवसाय शुरू करने से लेकर उसे सफल बनाने तक की कई महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं. बसंती दास ने बताया कि बुटीक व्यवसाय को छोटे स्तर पर करीब 40 हजार रुपये की पूंजी से शुरू किया जा सकता है. इसमें दो सिलाई मशीनों पर लगभग 20 हजार रुपये, दुकान के इंटीरियर पर 5 हजार रुपये, दुकान या कार्यस्थल के किराये पर 5 हजार रुपये, स्टीम आयरन, कैंची और मेजरिंग टेप जैसे उपकरणों पर 5 हजार रुपये तथा टेलरिंग से जुड़े अन्य सामानों पर करीब 5 हजार रुपये खर्च किए जा सकते हैं. उन्होंने बताया कि बुटीक में सिर्फ कपड़ों की सिलाई ही नहीं होती, बल्कि ग्राहकों की पसंद और जरूरत के अनुसार कस्टम डिजाइनिंग का काम भी किया जाता है. इसमें सूट, ब्लाउज, लहंगा, गाउन, कुर्ती, फॉल-पिको, अल्टरशन और ब्राइडल वियर जैसी सेवाओं की अच्छी मांग रहती है. खासकर शादी-विवाह के सीजन में ऑर्डर बढ़ने से कमाई में भी उल्लेखनीय वृद्धि होती है. बसंती दास के अनुसार, साधारण डिजाइन वाले गाउन की सिलाई का शुल्क 1,500 रुपये से शुरू होकर 4,000 रुपये या उससे अधिक तक हो सकता है. वहीं, कस्टम ब्लाउज डिजाइनिंग के लिए डिजाइन और कार्य की जटिलता के आधार पर 150 रुपये से लेकर 1,500 रुपये तक शुल्क लिया जाता है. ब्राइडल वियर और विशेष डिजाइन वाले परिधानों में मुनाफे की संभावना और भी अधिक रहती है. उन्होंने कहा कि बुटीक व्यवसाय शुरू करने से पहले कम से कम 4 से 5 वर्षों का अनुभव होना बेहद जरूरी है. इच्छुक लोग किसी स्थापित बुटीक में काम करके डिजाइनिंग, कटिंग, सिलाई और व्यवसाय प्रबंधन की बारीकियां सीख सकते हैं. इससे व्यवसाय शुरू करने में आने वाली चुनौतियों को बेहतर तरीके से समझा जा सकता है. बसंती दास ने बताया कि आज के डिजिटल दौर में बुटीक व्यवसाय को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए ऑनलाइन माध्यमों का उपयोग करना भी जरूरी है. होम डिलीवरी, डिजाइन कैटलॉग, सोशल मीडिया मार्केटिंग और डिजिटल प्रमोशन के जरिए ग्राहक संख्या बढ़ाई जा सकती है. इससे स्थानीय बाजार के अलावा दूसरे शहरों से भी ऑर्डर मिलने की संभावना बढ़ जाती है. उन्होंने कहा कि यदि इस व्यवसाय को सही योजना और ग्राहकों की पसंद के अनुसार संचालित किया जाए, तो छोटे शहरों और कस्बों में भी हर महीने 50 हजार रुपये या उससे अधिक की आय आसानी से अर्जित की जा सकती है. इतना ही नहीं, यह व्यवसाय लोगों को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ दूसरों को रोजगार देने का अवसर भी प्रदान करता है. Source link

झारखंड

पति के अवैध संबंध पर पत्नी ने जताई नाराजगी:पति ने गला रेतकर...

गिरिडीह जिले के बिरनी प्रखंड अंतर्गत भरकट्टा ओपी क्षेत्र के सिरमाडीह गांव में पति ने पत्नी की हत्या कर दी। जानकारी के मुताबिक पति का अवैध संबंध था। पत्नी इसपर आपत्ति जताई थी। जिससे नाराज पति ने पत्नी की हत्या कर दी। मृतका का नाम कुलसी देवी है। आरोपी पति का नाम दौलत साव है। हत्या के बाद आरोपी पति खुद ही थाने चला गया और हत्या करने की जानकारी पुलिस को दी। वहीं घटना की जानकारी मिलते ही पूरे गांव में सनसनी फैल गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। इसके बाद भरकट्टा ओपी प्रभारी ओमप्रकाश पांडेय पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। घर बंद होने के कारण पुलिस ने ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया। इसके बाद घर के बरामदे से महिला का शव बरामद किया गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना के बाद की तस्वीरें देखें… खुद थाने पहुंचकर दी हत्या की जानकारी इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि आरोपी पति दौलत साव खुद रविवार सुबह करीब नौ बजे भरकट्टा ओपी पहुंचा और अपनी पत्नी की हत्या की सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे हिरासत में ले लिया। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि हत्या के बाद आरोपी ने शव को ठिकाने लगाने की भी कोशिश की, लेकिन वह सफल नहीं हो सका। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। आरोपी से लगातार पूछताछ कर रही है, ताकि हत्या के पीछे के कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सके। अवैध संबंध बना हत्या की वजह, जांच जारी ग्रामीणों के अनुसार, दौलत साव का एक अन्य महिला के साथ अवैध संबंध था, जिसका उसकी पत्नी कुलसी देवी विरोध करती थी। इसी विवाद को हत्या की मुख्य वजह माना जा रहा है। हालांकि पुलिस इस एंगल के साथ-साथ अन्य संभावित कारणों की भी जांच कर रही है। सरिया-बगोदर एसडीपीओ धनंजय राम ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला बेहद निर्मम हत्या का प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि आरोपी सहित दो लोगों से पूछताछ की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी। Source link

Scroll to Top