पलामू के किसान ने किया कमाल, 5 एकड़ में लगाया आम का...
होमताजा खबरकृषि पलामू के किसान ने किया कमाल, 5 एकड़ में लगाया आम का बगीचा, अब कमा रहे लाखों Last Updated:June 14, 2026, 16:53 IST किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार कई योजनाएं चला रही है. इसी कड़ी में मनरेगा योजना के तहत आम बागवानी को बढ़ावा दिया जा रहा है. इससे ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को अतिरिक्त आय और रोजगार के बेहतर अवसर मिलेगा. पलामू: किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार कई योजनाएं चला रही है. वहीं पारंपरिक खेती के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों की आय बढ़ाने के भी प्रयास किए जा रहे हैं. रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए मनरेगा योजना के तहत आम बागवानी को भी लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है. इस योजना का लाभ लेकर कई किसान बेहतर आमदनी हासिल कर रहे हैं. पलामू जिले के सतबरवा प्रखंड के रजडेरवा गांव निवासी किसान विनोद कुमार भी ऐसे ही किसानों में शामिल हैं. इन्होंने सरकारी योजना का लाभ उठाकर आम की बागवानी को अपनी आय का मजबूत साधन बना लिया है. आज उनकी बागवानी न केवल उन्हें अच्छा मुनाफा दे रही है, बल्कि आसपास के किसानों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गई है. पांच एकड़ भूमि में आम का बागविनोद कुमार ने लोकल 18 को बताया कि उनके परिवार के पांच सदस्यों ने मिलकर करीब पांच एकड़ भूमि में आम का बाग लगाया है. यह बाग करीब पांच वर्ष पहले तैयार किया गया था. पिछले तीन वर्षों से बगीचे से आम की बिक्री की जा रही है और हर साल उत्पादन में वृद्धि हो रही है. उन्होंने बताया कि बगीचे में मालदह, लंगड़ा, अलफांसो समेत छह से सात किस्म के आम के पेड़ लगाए गए हैं. स्वाद और गुणवत्ता के कारण उनके बगीचे के आमों की बाजार में अच्छी मांग रहती है. आसपास के गांवों के अलावा डाल्टनगंज और अन्य क्षेत्रों से भी लोग सीधे बगीचे में पहुंचकर आम खरीदते हैं. इस दर से हो रही आम की बिक्रीविनोद कुमार के अनुसार, वर्तमान में प्रतिदिन लगभग एक क्विंटल आम की बिक्री हो रही है. खाने वाले आम 40 से 45 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रहे हैं. वहीं, अचार बनाने के लिए उपयोग होने वाले आम 15 से 20 रुपये प्रति किलो के भाव पर बेचे जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि इस वर्ष अब तक करीब एक लाख रुपये के आम की बिक्री हो चुकी है. यदि मौसम अनुकूल रहा, तो आने वाले दिनों में बिक्री और बढ़ने की उम्मीद है. सालाना तीन लाख रुपये तक का मुनाफाविनोद कुमार का कहना है कि आम की बागवानी में शुरुआती वर्षों में देखभाल और मेहनत की जरूरत होती है. एक बार पेड़ पूरी तरह विकसित हो जाने के बाद रखरखाव अपेक्षाकृत आसान हो जाता है. वर्तमान में उन्हें आम की बागवानी से सालाना लगभग तीन लाख रुपये तक का मुनाफा हो रहा है. उन्होंने बताया कि आने वाले चार से पांच वर्षों में जब पेड़ पूरी तरह परिपक्व हो जाएंगे, तब उनकी आय बढ़कर सालाना चार से पांच लाख रुपये तक पहुंच सकती है. सरकारी योजनाओं का लाभविनोद कुमार का मानना है कि किसानों को मनरेगा जैसी सरकारी योजनाओं का सही तरीके से लाभ उठाना चाहिए. फलदार पौधों की बागवानी को अपनाएं, तो खेती को घाटे का नहीं बल्कि मुनाफे का व्यवसाय बनाया जा सकता है. उनकी सफलता की कहानी आज क्षेत्र के कई अन्य किसानों को भी बागवानी की ओर आकर्षित कर रही है. About the Author Amita kishor न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Palamu,Jharkhand Source link







