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शिक्षा

CBSE Revaluation Application Glitches | Students Stressed Over Last Date

Hindi News National CBSE Revaluation Application Glitches | Students Stressed Over Last Date नई दिल्ली30 मिनट पहलेलेखक: उन्नति झाबक कॉपी लिंक CBSE की वेबसाइट खोलने पर साइट अंडर मेंटेनेंस लिखा आ रहा है। सीबीएसई ने 19 मई से आंसर-शीट की स्कैन कॉपी के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू की है। लेकिन तकनीकी खामियों से वेबसाइट पिछले 5 दिनों से लगातार क्रैश हो रही है। आज आवेदन की लास्ट डेट है, लेकिन किसी भी वक्त वेबसाइट लोड ही नहीं हो पा रही। अगर साइट खुल भी जाए, तो एक स्टेप बढ़ने के लिए पेज को कम से कम 10 बार रिफ्रेश करना पड़ रहा है। जिन छात्रों ने 3-4 दिन पहले आवेदन किया था, उन्हें न तो अभी तक कॉपी मिली है और न ही मेल या टेक्स्ट के जरिए कोई जानकारी दी गई है। सर्वर डाउन, पेमेंट फेल होने और धुंधले पन्नों जैसी तकनीकी दिक्कतों पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने संज्ञान लिया है। उन्होंने बोर्ड से जिम्मेदार एजेंसियों की जवाबदेही पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। एक सूत्र ने शनिवार को यह जानकारी दी। एक स्टूडेंट ने शिकायत सोशल मीडिया पर फोटो शेयर करते हुए लिखा कि 4 बार 300 रुपए का पेमेंट रिजेक्ट हो गया और 3 रुपए का पेमेंट एक्सेप्ट हो गया। पेमेंट के बाद लौट रहे हैं पैसे कुछ छात्रों को सुबह 11:30 बजे पेमेंट सफल होने और एप्लीकेशन सबमिट होने का मैसेज मिला, शाम 6:45 बजे अचानक मैसेज आया कि उनके पैसे रिफंड कर दिए गए हैं और आवेदन सबमिट ही नहीं हुआ। स्टूडेंट इस बात से परेशान हैं कि अगर समय पर कॉपी नहीं मिली, तो वे अपनी कॉपियों के री-इवैल्युएशन के लिए समय पर आवेदन कैसे कर पाएंगे। री-इवैल्युएशन रद्द होने की अफवाह सर्वर ठप होने और छात्रों की इस परेशानी के बीच सोशल मीडिया पर एक फर्जी सर्कुलर भी तेजी से वायरल हो रहा है। 23 मई की तारीख वाले इस सर्कुलर में दावा किया गया है कि तकनीकी दिक्कतों से 2026 की री-इवैल्युएशन और स्कैन कॉपी प्राप्त करने की प्रक्रिया रद्द कर दी गई है। इसमें यह भी अफवाह फैलाई गई है कि छात्रों द्वारा जमा फीस 15 कार्य दिवसों के भीतर रिफंड कर दी जाएगी और उनके पुराने नंबर ही अंतिम (फाइनल) माने जाएंगे। सीबीएसई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर स्पष्ट किया है कि यह सर्कुलर पूरी तरह फर्जी है। कई स्टूडेंट ने लिखा कि वेबसाइट पर पेमेंट 100 रुपए की बजाय 8000 दिख रहा है। कहीं 2-2 पेज गायब तो कहीं 2-2 पेज रिपीट हैं मध्य प्रदेश की एक छात्रा की बिजनेस स्टडीज की आंसर-शीट में बड़ी गड़बड़ी दिखी है। कॉपी के पेज नंबर 12-13 व 20-21 स्कैन ही नहीं किए गए। ऐसे में इन पेजों पर लिखे जवाबों के अंक छात्रा को नहीं मिले। पेज संख्या पूरी दिखाने के लिए पेज 14-15 और 18-19 को दो बार स्कैन कर अपलोड कर दिया है। पीडीएफ में इन्हें ‘रिपीट आंसर’ के रूप में दिखाया गया है। कई जवाबों में सही तरीके से अंक भी नहीं दिए गए हैं। कहां से लें मदद? हेल्पलाइन भी शोपीस बनीं सीबीएसई के हेल्पलाइन नंबर भी किसी काम नहीं आ रहे हैं। छात्र जब भी इन नंबरों पर कॉल करते हैं, तो बस सिंगल बीप बजती रहती है और कोई फोन रिसीव नहीं करता। CBSE हेल्पलाइन नंबर: 1800-11-8002, अन्य हेल्पलाइन नंबर: 011-22509256, 22509257, 22509258, 22509259, ईमेल: info@cbse.gov.in —————————————— ये खबर भी पढ़ें… CBSE की थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे पेरेंट्स, 9वीं क्लास में लागू किए जाने का विरोध CBSE की थ्री लैंग्वेज पॉलिसी को सुप्रीम कोर्ट में 19 लोगों के एक ग्रुप ने चुनौती दी। इनमें स्टूडेंट्स, पेरेंट्स और टीचर्स शामिल हैं। ये याचिका क्लास 9वीं में थ्री लैंग्वेज पॉलिसी लागू किए जाने के विरोध दायर की गई। इसके खिलाफ SC अगले हफ्ते सुनवाई करेगा। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं… Source link

झारखंड

सीसीएल मुख्यालय में रोजगार मेला… 132 युवाओं को मिला नियुक्ति पत्र

युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पहल ‘रोजगार मेला’ के तहत शुक्रवार को सीसीएल मुख्यालय स्थित दरभंगा हाउस सम्मेलन केंद्र में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में रेलवे, डाक और विभिन्न केंद्रीय विभागों में चयनित 132 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर देशभर में आयोजित 19वें रोजगार मेले को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 47 स्थानों पर लगभग 51 हजार नवचयनित युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए। प्रधानमंत्री ने सभी चयनित अभ्यर्थियों और उनके परिजनों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि युवा शक्ति देश के विकास की सबसे बड़ी ताकत है और सरकार रोजगार सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। रांची में आयोजित समारोह में केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ रांची विधायक चंद्रेश्वर प्रसाद सिंह ने भी नवचयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। कार्यक्रम मंडल रेल प्रबंधक करुणा निधि सिंह की उपस्थिति में संपन्न हुआ। नियुक्ति पाने वाले अभ्यर्थियों में भारतीय रेल के 103, डाक विभाग के 18, राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के 1, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के 2, हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड के 1, भारतीय खाद्य निगम के 2 तथा मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस के 5 अभ्यर्थी शामिल हैं। विकसित भारत की मुहिम को आगे बढ़ाने वाला रोजगार मेला : संजय सेठ रक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री का स्पष्ट संकल्प है कि देश के युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार और सम्मानजनक अवसर प्राप्त हों। आज युवाओं को मिलने वाला नियुक्ति पत्र केवल एक कागज़ का टुकड़ा नहीं, बल्कि उनके परिश्रम, सपनों और उज्ज्वल भविष्य का प्रतीक है। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र प्राप्त करना प्रत्येक युवा और उसके परिवार के लिए जीवनभर का यादगार क्षण है। मोदी जी ने युवाओं से जो वादा किया था, उसे निरंतर पूरा करने का कार्य कर रहे हैं। आज भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है और इस यात्रा में युवाशक्ति सबसे बड़ी ताकत है। आज नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले सभी युवा वर्ष 2047 के विकसित भारत के ब्रांड एंबेसडर हैं। आप सभी राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। -देश-विदेश पेज भी पढ़ें Source link

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तेज धूप और उमस भरी गर्मी बन सकती है पशुओं की दुश्मन,...

भीषण गर्मी पड़ रही है और तापमान दिन में 45 से 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है. इस मौसम में जहां इंसान परेशान हैं, वहीं जानवर भी भीषण गर्मी से काफी प्रभावित हो रहे हैं. यदि आप पशुपालक हैं, तो इस भीषण गर्मी में सावधान हो जाएं, कहीं ऐसा न हो कि आपके पशु हीट वेव का शिकार हो जाएं और उनकी परेशानी बढ़ जाए. आइए जानते हैं कि ऐसे में पशुओं को कैसे सुरक्षित रखा जा सकता है. इस भीषण गर्मी में पशुओं को बाहर न छोड़ें लोकल 18 से बातचीत के दौरान मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. सीपी चौरसिया ने बताया कि वर्तमान में वातावरण का तापमान बहुत अधिक है और उमस भरी गर्मी पड़ रही है. इस मौसम में मानव के साथ-साथ पशुधन के उत्पादन पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है. ऐसी स्थिति में पशुपालक अपने पशुओं को दिन में बाहर न छोड़ें. यदि उन्हें बाहर का चारा खिलाते हैं, तो सुबह और शाम के समय ही बाहर ले जाएं. यदि आपने पशुशाला बनाई है और उसमें पशुओं को बांधते हैं, तो पशुशाला को हवादार बनाएं. उसे पूरी तरह बंद न रखें. पशुशाला ऐसी होनी चाहिए जिसमें हवा का आवागमन लगातार बना रहे. प्रत्येक पशु को 40 से 50 लीटर पानी पिलाएं यदि आपकी पशुशाला टीन शेड की बनी हुई है, तो टीन शेड के ऊपर घास-फूस या अन्य कोई सामग्री डाल दें, ताकि सीधे धूप पड़ने से टीन अधिक गर्म न हो. क्योंकि टीन शेड गर्म रहेगा तो नीचे का तापमान भी बढ़ जाएगा. साथ ही उचित वेंटिलेशन की व्यवस्था रखें, जिससे गर्म हवा बाहर निकल सके. इसके अलावा पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था रखें, ताकि पशु जब चाहें पानी पी सकें. वर्तमान समय में एक पशु को कम से कम 40 से 50 लीटर पानी अवश्य पिलाएं. इससे पशुओं का शरीर का तापमान नियंत्रित रहेगा. कोशिश करें कि पशुओं को दिन में 3 से 4 बार नहलाएं. सुबह और शाम को तो अवश्य नहलाएं और यदि संभव हो तो दोपहर में भी उन्हें पानी से ठंडक दें. हीट वेव के कारण पशुओं में बढ़ सकती हैं कई समस्याएं वर्तमान में पशुपालन विभाग द्वारा गलाघोंटू बीमारी का टीकाकरण कराया जा रहा है. यदि आपके पशु का टीकाकरण नहीं हुआ है, तो उसे अवश्य लगवाएं. यदि इस भीषण लू में आपका पशु हीट वेव का शिकार हो जाता है, तो उसके शरीर का तापमान बढ़ सकता है. तापमान 107 से 108 डिग्री तक पहुंचने पर पशु हांफने लगता है और उसके शरीर में पानी की कमी होने लगती है. इससे पशु को भूख कम लगती है. यदि पशु दुधारू है, तो उसका दूध उत्पादन भी कम हो सकता है. ऐसे में यदि आप पशुपालक हैं, तो इस भीषण गर्मी में अपने पशुओं का विशेष ध्यान रखें, नहीं तो पशुओं के साथ-साथ आपकी परेशानियां भी बढ़ सकती हैं. Source link

झारखंड

Aaj Ka Mausam Live | Today Weather Live | बस 4 दिन...

Today Weather Live: देशभर में लोग इन दिनों भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों से परेशान हैं और बारिश का बेसर्बी से इंतजार कर रहे हैं. ऐसे में भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने एक बड़ी खुशखबरी दी है. दक्षिण-पश्चिम मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है और अरब सागर से लेकर बंगाल की खाड़ी तक आगे बढ़ रहा है. मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून ने दक्षिण-पश्चिम अरब सागर, दक्षिण-पूर्व अरब सागर, कोमोरिन क्षेत्र, बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों और अंडमान सागर के अधिकांश इलाकों में आगे बढ़त दर्ज की है. अगले 3-4 दिनों में मानसून के और तेजी से आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं. हालांकि मानसून की यह प्रगति फिलहाल उत्तर भारत को राहत देती नहीं दिख रही. उत्तर और मध्य भारत के बड़े हिस्से भीषण गर्मी और हीटवेव की चपेट में हैं. दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में अगले कई दिनों तक लू का प्रकोप जारी रहने का अनुमान है. मौसम विभाग ने कुछ इलाकों में ‘सीवियर हीटवेव’ यानी भीषण लू की चेतावनी जारी की है. महाराष्ट्र का ब्रह्मपुरी रहा सबसे गर्म महाराष्ट्र के ब्रह्मपुरी में शुक्रवार को देश का सबसे अधिक तापमान 47.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इसके अलावा पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से 5 डिग्री तक ऊपर रिकॉर्ड किया गया. दूसरी ओर दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश का जोर बढ़ने वाला है. केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, असम और मेघालय में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. कई इलाकों में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. दिल्ली में आंधी के बाद फिर लौटेगी भीषण गर्मी दिल्ली-एनसीआर में शनिवार को पश्चिमी विक्षोभ के असर से धूलभरी आंधी और हल्की बारिश देखने को मिली, जिससे लोगों को कुछ घंटों के लिए गर्मी से राहत मिली. लेकिन IMD के मुताबिक यह राहत ज्यादा लंबी नहीं रहने वाली. मौसम विभाग का कहना है कि 24 मई से 28 मई के बीच दिल्ली में फिर से हीटवेव का असर बढ़ेगा. अधिकतम तापमान में अगले चार दिनों के दौरान 2 से 3 डिग्री तक की बढ़ोतरी हो सकती है. कई इलाकों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच सकता है. मौसम विभाग का कहना है कि 24 मई से 28 मई के बीच दिल्ली में फिर से हीटवेव का असर बढ़ेगा. दिल्ली में रात के तापमान में भी बढ़ोतरी का अनुमान है, जिससे उमस और बेचैनी बढ़ सकती है. हालांकि 28 मई के बाद एक नए पश्चिमी विक्षोभ के असर से तापमान में हल्की गिरावट देखने को मिल सकती है. भीषण लू की चपेट में उत्तर प्रदेश उत्तर प्रदेश में मौसम का मिला-जुला असर देखने को मिलेगा. पूर्वी उत्तर प्रदेश में अगले कई दिनों तक भीषण लू चलने की चेतावनी जारी की गई है. कुछ इलाकों में ‘सीवियर हीटवेव’ की स्थिति बन सकती है. दिन का तापमान 46 डिग्री तक पहुंचने की आशंका है. इसके साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में 23 और 24 मई को गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश हो सकती है. इससे कुछ समय के लिए तापमान में गिरावट आएगी, लेकिन उसके बाद फिर गर्मी बढ़ने लगेगी. वहीं उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में गरज-चमक और हल्की बारिश का अनुमान है. 23 और 25 मई को कई जगहों पर तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है. ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम अचानक बदलने की संभावना जताई गई है. बिहार में आंधी-बारिश की संभावना बिहार में मौसम काफी अस्थिर बना रहेगा. राज्य के कई हिस्सों में 23 और 24 मई को लू चलने की चेतावनी जारी की गई है. वहीं 25 से 27 मई के बीच कुछ जिलों में तेज आंधी और बारिश का दौर भी शुरू हो सकता है. मौसम विभाग ने बिहार के कुछ इलाकों में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया है. उत्तर बिहार के जिलों में भारी बारिश की भी संभावना है. वहीं झारखंड में भी अगले कुछ दिनों तक मौसम का दोहरा असर रहेगा. पश्चिमी हिस्सों में हीटवेव की स्थिति बनी रहेगी, जबकि 24 और 25 मई को कई इलाकों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है. मौसम विभाग ने झारखंड में थंडरस्क्वॉल यानी तेज तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी किया है. कुछ क्षेत्रों में बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं. पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में भारी बारिश का खतरा पूर्वोत्तर भारत में मानसूनी गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं. अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. कई इलाकों में भूस्खलन और जलभराव की स्थिति बन सकती है. दक्षिण भारत में केरल, लक्षद्वीप और तटीय कर्नाटक में अगले 4-5 दिनों तक भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में भी तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है. IMD के अनुसार अगले 3-4 दिनों में मानसून के और आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं. समुद्री इलाकों के लिए चेतावनी IMD ने अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में समुद्री गतिविधियां तेज होने की चेतावनी दी है. केरल, कर्नाटक और लक्षद्वीप तट के पास 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाएं चल सकती हैं. मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है. बंगाल की खाड़ी और दक्षिण अरब सागर में मौसम के तेजी से बदलने के संकेत हैं, जिससे आने वाले दिनों में मानसून और सक्रिय हो सकता है. मौसम पूर्वानुमान की खास बातें… मानसून अभी कहां तक पहुंचा है? दक्षिण-पश्चिम मानसून 23 मई 2026 तक दक्षिण-पश्चिम अरब सागर, दक्षिण-पूर्व अरब सागर, कोमोरिन क्षेत्र, बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों और अंडमान सागर के अधिकांश इलाकों तक पहुंच चुका है. मानसून कब भारत में दस्तक देगा? मौसम विभाग के अनुसार अगले 3-4 दिनों में मानसून के और आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं. देश में सबसे ज्यादा तापमान कहां रिकॉर्ड हुआ? महाराष्ट्र के ब्रह्मपुरी में सबसे अधिक 47.1 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया. किन राज्यों में हीटवेव

झारखंड

झारखंड में 7 से 10 जून के बीच मानसून प्रवेश:कल तक पलामू,...

झारखंड में इन दिनों भीषण गर्मी ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। राज्य के अधिकांश जिलों में तापमान 35 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। राजधानी रांची में बीते 24 घंटे में अधिकतम तापमान 39.2 डिग्री दर्ज किया गया। जबकि मेदिनीनगर 44.8 डिग्री के साथ सबसे गर्म स्थान रहा। कोडरमा में 41.0, हजारीबाग में 40.6, लोहरदगा में 40.0, खूंटी में 39.4 और गुमला में 39.0 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग के अनुसार आज रांची का तापमान 40 डिग्री, जबकि 25 और 26 मई को 41 डिग्री तक पहुंचने की संभावना है। तेज धूप और उमस के कारण हीटस्ट्रोक और डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ गया है। लोगों को दोपहर में बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है। कहीं लू का अलर्ट तो हल्की बारिश संभव मौसम विभाग ने पलामू, चतरा और गढ़वा में आज और कल लू चलने का पूर्वानुमान जारी करते हुए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया है। इन जिलों में तापमान में और वृद्धि होने की संभावना है। राज्य के अन्य हिस्सों में भी मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। 24-25 मई को उत्तर-पूर्वी और मध्य झारखंड में हल्की से मध्यम बारिश, तेज हवा और वज्रपात की संभावना जताई गई है। वहीं गिरिडीह, धनबाद, देवघर, दुमका, पाकुड़, गोड्डा और साहिबगंज में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी और वज्रपात की चेतावनी दी गई है। 26-27 मई को जमशेदपुर, चाईबासा और सरायकेला-खरसावां समेत दक्षिणी और मध्य भागों में तेज हवा और गरज के साथ बारिश हो सकती है, लेकिन तापमान में गिरावट के आसार नहीं हैं। 28-29 मई को भी कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और वज्रपात की संभावना बनी रहेगी। सीएम के निर्देश, हर हाल में पेयजल मिले भीषण गर्मी को देखते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रशासन को सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने सभी सरकारी कार्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर आम लोगों के लिए साफ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है। सभी डीसी, एसपी, सीओ, बीडीओ, थाना प्रभारी और पंचायत प्रतिनिधियों को अपने-अपने क्षेत्रों में मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी गांव, टोला या मोहल्ले में पानी की कमी नहीं होनी चाहिए। जहां जल संकट है, वहां टैंकर से तत्काल पानी पहुंचाने, बंद पड़े चापाकलों की मरम्मत और वैकल्पिक व्यवस्था करने को कहा गया है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से स्पष्ट किया कि जनहित सर्वोपरि है। प्रशासन को संवेदनशीलता व तत्परता के साथ काम करना होगा। 7-10 जून तक झारखंड पहुंच सकता है मानसून भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून अंडमान-निकोबार पहुंच चुका है। इसकी स्थिति अनुकूल बनी हुई है। 26 मई तक इसके केरल पहुंचने की संभावना है। इसके बाद संथाल परगना के रास्ते 7 से 10 जून के बीच झारखंड में मानसून के प्रवेश के संकेत हैं। झारखंड में इस साल मई में तापमान पिछले वर्ष की तुलना में 5 से 7 डिग्री अधिक रिकॉर्ड किया जा रहा है। जहां पहले 36-38 डिग्री रहता था, वहीं अब 40-45 डिग्री तक पहुंच रहा है। फिलहाल लोगों को तेज गर्मी और लू से जूझना पड़ेगा। Source link

झारखंड

जनजातीय सुरक्षा मंच भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम से संबंधित संगठन : सिंकू

चाईबासा। सहज व सरल आदिवासियों को गुमराह करने के लिए दिल्ली में जनजातीय सांस्कृतिक समागम का आयोजन किया जा रहा। जिससे आदिवासियों को बचने की आवश्यकता है। यह बातें शनिवार को गैर राजनीतिक सामाजिक संगठन झारखंड पुनरुथान अभियान के केंद्रीय अध्यक्ष सन्नी सिंकू ने टाटा कॉलेज के पास आयोजित अभियान की एक बैठक में कही। उन्होंने कहा कि जनजाति सुरक्षा मंच मूल रूप से अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम से संबंधित संगठन है। अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम का मातृ संगठन आरएसएस है। जनजाति सुरक्षा मंच कहने के लिए तो जनजातियों की सुरक्षा करने वाले संगठन के रूप में प्रचारित किया जाता है। लेकिन आरएसएस के गर्भ से निकला यह संगठन आदिवासियों को आदिवासी मानने के लिए भी तैयार नहीं है। अभियान के केंद्रीय महासचिव अमृत मांझी ने कहा कि जनजाति सुरक्षा मंच मूल रूप से वैसे आदिवासियों को टारगेट कर काम करता है, जो ईसाई धर्म से जुड़ गए हैं। उनका डीलिस्टिंग की बात कहती है। जबकि आदिवासियों को धर्म के आधार पर आदिवासी का अधिकार से वंचित नहीं करने का निर्णय उच्चतम न्यायालय का है। बैठक में अभियान के जिला सचिव शैली शैलेन्द्र सिंकू, अभियान के संस्थापक सदस्य पूर्व मुखिया कोलंबस, राजीव गांधी पंचायती राज संगठन कांग्रेस पश्चिमी सिंहभूम के समन्वयक रितेश कुमार तमसोय और अन्य लोग उपस्थित थे। Source link

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तपती गर्मी में भी हरा-भरा रहेगा किचन गार्डन, बस अपनाएं ये आसान...

Last Updated:May 24, 2026, 06:16 IST गर्मी के मौसम में किचन गार्डन की देखभाल बेहद जरूरी हो जाती है क्योंकि तेज धूप और गर्म हवाएं पौधों को नुकसान पहुंचा सकती हैं. विशेषज्ञों के अनुसार सही समय पर सिंचाई, मल्चिंग और शेड नेट का उपयोग करके पौधों को सुरक्षित रखा जा सकता है. जैविक खाद और नियमित निगरानी से पौधे स्वस्थ रहते हैं और बेहतर उत्पादन देते हैं. इन आसान उपायों को अपनाकर किचन गार्डन को पूरे गर्मी के मौसम में हरा-भरा रखा जा सकता है. गोंडा: गर्मी का मौसम शुरू होते ही किचन गार्डन में लगे पौधों की देखभाल करना बहुत जरूरी हो जाता है. तेज धूप, गर्म हवाएं और बढ़ता तापमान पौधों को नुकसान पहुंचा सकते हैं. अगर समय पर सही देखभाल न की जाए तो पौधे मुरझा सकते हैं, उनकी पत्तियां जल सकती हैं और उत्पादन भी कम हो सकता है. ऐसे में कुछ आसान उपाय अपनाकर पौधों को सुरक्षित रखा जा सकता है. समय पर सिंचाई करना जरूरी लोकल 18 से बातचीत के दौरान दीनदयाल शोध संस्थान केवीके गोपाल ग्राम कि गृह विज्ञान की वैज्ञानिक डॉ. ममता त्रिपाठी बताती है कि सबसे जरूरी है सही समय पर सिंचाई करना. गर्मियों में सुबह जल्दी या शाम को पौधों में पानी देना चाहिए. दोपहर के समय पानी देने से पानी जल्दी सूख जाता है और पौधों को पूरा लाभ नहीं मिल पाता. ध्यान रखें कि मिट्टी में नमी बनी रहे, लेकिन जरूरत से ज्यादा पानी भी न दें. पौधों को तेज धूप से कैसे बचाएं डॉ. ममता त्रिपाठी बताती हैं कि पौधों को तेज धूप से बचाने के लिए शेड नेट या किसी हल्के कपड़े का इस्तेमाल किया जा सकता है. इससे पौधों पर सीधे पड़ने वाली धूप का असर कम होता है और वे झुलसने से बच जाते हैं. विशेष रूप से नई पौध और नाजुक सब्जियों को धूप से बचाना जरूरी होता है. मल्चिंग है जरूरी डॉ. ममता त्रिपाठी बताती हैं कि मल्चिंग भी एक अच्छा उपाय है. पौधों के आसपास सूखी घास, पत्तियां या भूसा बिछाने से मिट्टी की नमी लंबे समय तक बनी रहती है. इससे पौधों की जड़ों को ठंडक मिलती है और पानी की जरूरत भी कम पड़ती है. गर्मी में पौधों को समय-समय पर जैविक खाद देना भी फायदेमंद रहता है. गोबर की सड़ी खाद, वर्मी कम्पोस्ट या घर में तैयार जैविक खाद पौधों को जरूरी पोषक तत्व देती है और उनकी बढ़वार अच्छी होती है. पौधों की नियमित निगरानी है जरूरी इसके अलावा, पौधों की नियमित निगरानी करें. यदि पत्तियां पीली पड़ रही हों या कीटों का हमला दिखाई दे तो तुरंत उचित उपाय करें. स्वस्थ पौधे गर्मी को बेहतर तरीके से सहन कर पाते हैं. ममता त्रिपाठी बताती है कि आपके सब्जी में जितने वेस्ट निकलते हैं उसको एक बर्तन में रखकर पानी डालकर सात आठ दिन के लिए छोड़ दे तो वह एक खाद के रूप में तैयार हो जाता है और अपने किचन गार्डन में डालते हैं तो यह भी काफी फायदेमंद होता है. डॉ. ममता त्रिपाठी बताती है कि इन आसान बातों का ध्यान रखकर आप अपने किचन गार्डन को गर्मी के मौसम में भी हरा-भरा और स्वस्थ रख सकते हैं. सही देखभाल से पौधे अच्छी बढ़वार करेंगे और आपको ताजी व पौष्टिक सब्जियां मिलती रहेंगी. About the Author Vivek Kumar विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Gonda,Gonda,Uttar Pradesh Source link

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बोकारो के 5 प्रसिद्ध हनुमान मंदिर: कहीं 51 फीट की मूर्ति, तो...

होमफोटोधर्म बोकारो के 5 प्रसिद्ध हनुमान मंदिर: कहीं 51 फीट की मूर्ति, कहीं 12 मंजिला दरबार Last Updated:May 24, 2026, 05:59 IST बोकारो जिला स्टील उद्योग और प्राकृतिक पर्यटन के साथ-साथ विशाल और प्रसिद्ध हनुमान मंदिरों के लिए भी जाना जाता है. यहां कई ऐसे अद्भुत हनुमान मंदिर हैं जहां दूर-दूर से श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचते हैं. इन मंदिरों में स्थापित विशालकाय हनुमान प्रतिमाएं न केवल आस्था का केंद्र हैं, बल्कि अपनी भव्य और सुंदरता के कारण लोगों को आकर्षित भी करती हैं. इस रिपोर्ट में हम आपको बोकारो के 5 प्रसिद्ध हनुमान मंदिर के बारे में बताएंगे. बोकारो के नावाडीह प्रखंड मुख्यालय से लगभग एक किलोमीटर दूर चिरूडीह गांव में स्थित श्रीश्री संकटमोचन मंदिर जिले का दूसरा सबसे ऊंचा हनुमान मंदिर माना जाता है. स्थानीय लोग इसे महावीर मंदिर के नाम से जानते हैं और ग्रामीणों के अनुसार, यह मंदिर करीब 105 फीट ऊंचा और 40 फीट चौड़ा है. बोकारो के चंद्रपुरा प्रखंड के तेलो गांव में स्थित 51 फीट ऊंची बजरंगबली की सुनहरी प्रतिमा है. यह जिले की सबसे ऊंची हनुमान प्रतिमा है. इसकी सुंदरता और भव्यता इतनी आकर्षक है कि इसे करीब दो किलोमीटर दूर से भी आसानी से देखा जा सकता है, यही कारण है कि यहां दूर-दूर से श्रद्धालु दर्शन करने के साथ-साथ तस्वीरें खिंचवाने के लिए भी पहुंचते हैं. वहीं, बेरमो प्रखंड स्थित संकट मोचन हनुमान मंदिर अपनी 12 फीट ऊंची भगवान हनुमान की विशाल प्रतिमा के लिए खास पहचान रखता है. यहां हनुमान जी को हाथ में पर्वत लिए हुए भव्य रूप में स्थापित किया गया है, जो श्रद्धालुओं के बीच आस्था का केंद्र यहां दूर-दूर से लोग यहां पूजा-अर्चना और गुड़-चना चढ़ाने के लिए पहुंचते हैं. यह मंदिर न सिर्फ अपनी विशाल प्रतिमा, बल्कि यहां देखने वाली गहरी धार्मिक आस्था के लिए भी प्रसिद्ध है. खासकर हर मंगलवार और शनिवार को यहां भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है. Add News18 as Preferred Source on Google बोकारो जिले के चास में स्थित संकट मोचन मनोकामना हनुमान मंदिर न केवल अपने नाम, बल्कि अपने भव्य स्वरूप और इतिहास के कारण भी श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है. इस मंदिर में स्थापित 18 फीट ऊंची हनुमान प्रतिमा भक्तों के लिए आस्था और आकर्षण का प्रमुख केंद्र है. बोकारो शहर के सेक्टर-6 में स्थित मंगल महावीर मंदिर भी जिले के प्रसिद्ध हनुमान मंदिरों में से एक माना जाता है, इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यहां स्थापित भगवान हनुमान की 8 फीट ऊंची भव्य प्रतिमा है. प्रतिमा में हनुमान जी को विशाल चकरी और गदा के साथ दर्शाया गया है, जो श्रद्धालुओं के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र है. मंदिर परिसर में हनुमान जी की 15 फीट ऊंची विशाल प्रतिमा भी स्थापित है, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है खास बात यह है कि यह 12 मंजिला हनुमान मंदिर अपनी भव्यता और अद्भुत बनावट के कारण दूर-दूर तक प्रसिद्ध है. इसे जिले का सबसे ऊंचा हनुमान मंदिर माना जाता है. खास बात यह है कि इस प्रतिमा की आंखें असली सोने से बनाई गई हैं, जो इस मंदिर को अनोखा बनता है. इस मंदिर की प्रतिष्ठा 25 मई 2013 को हुई थी. यहां के पुजारी विनय मिश्रा के अनुसार, इस भव्य मंदिर और प्रतिमा को तैयार करने में करीब 10 वर्षों का समय लगा था और पश्चिम बंगाल के कारीगरों ने इस विशाल प्रतिमा को विशेष रूप दिया है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

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रांची विश्वविद्यालय के पीजी टीआरएल विभाग में पहले से प्रकाशित पुस्तक पर...

रांची यूनिवर्सिटी में बौद्धिक संपदा की चोरी का मामला सामने आया है। आदिवासी लोक साहित्य की एक चर्चित पुस्तक के विषय और सामग्री को ही पीएचडी रिसर्च के लिए उपयोग किया गया है। इस किताब का नाम ‘उरांव लोक गीतों में नारी चित्रण’ है, जिसे वर्ष 2021 में तत्कालीन राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू द्वारा राजभवन में विमोचित किया गया था। इसके बावजूद इसी विषय पर स्कॉलर शकुंतला द्वारा पीएचडी रिसर्च किया जा रहा है। शोध पंजीयन, थीसिस मूल्यांकन के बाद 25 मई को इंटरव्यू तय होने से विश्वविद्यालय की पूरी शोध प्रणाली सवालों के घेरे में आ गई है। पुस्तक के लेखक विजय कुमार ने भी विवि प्रशासन से शिकायत की है। जिसमें कहा था कि मेरी किताब के विषय व सामग्री का उपयोग पीएचडी शोधकार्य में किया जा रहा है। जेएसएससी की परीक्षा में इस पुस्तक के लेखक कौन है, से संबंधित प्रश्न भी पूछा गया था। यूजीसी नियमों के अनुसार, किसी भी पीएचडी शोधकार्य का मौलिक होना अनिवार्य है। किसी विषय पर पहले से पुस्तक, शोधपत्र या अकादमिक सामग्री प्रकाशित है, तो शोधार्थी को उसका स्पष्ट संदर्भ देना होता है। लेकिन हूबहू उसी विषय पर रिसर्च नहीं कर सकते हैं। यूजीसी ने शोध कार्यों में नकल रोकने के लिए प्लेजरिज्म (साहित्यिक चोरी) की जांच को अनिवार्य बनाया है। शोध प्रबंध जमा होने से पहले उसे सॉफ्टवेयर जांच से गुजरना होता है। शिकायत मिलने के बाद आरयू के तत्कालीन रजिस्ट्रार 29 जनवरी, 2024 को पत्र जारी कर स्पष्ट कहा गया था कि इस विषय पर पीएचडी शोधकार्य की अनुमति नहीं दी जा सकती। यदि इस विषय पर अनुमति दी गई है तो उसे रद्द किया जाए। अब बड़ सवाल यह है कि जब विवि प्रशासन द्वारा रोक लगा दी गई थी तो पीएचडी इंटरव्यू की तिथि कैसे निर्धारित हो गई। इंटरव्यू के लिए विनोबा भावे विश्वविद्यालय के वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. मिथिलेश कुमार सिंह को एक्सपर्ट के रूप में आमंत्रित किया गया है। इस पीएचडी रिसर्च को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। इसमें रोक के बाद दोबारा फाइल आगे कैसे बढ़ी? थीसिस का किस आधार पर मूल्यांकन हुआ? पीएचडी वायवा के लिए इंटरव्यू की तारीख आखिर किसने तय की? विवि द्वारा रोक लेकर जारी पत्र परीक्षा विभाग कैसे अनभिज्ञ रहा? पीएचडी थिसिस का प्लेजरिज्म जांच में नकल क्यों पकड़ में नहीं आई? टीआरएल विभाग के कुडुख विभाग में शकुंतला का 25 मई को होने वाले पीएचडी इंटरव्यू को लेकर विवि से पत्र मिला है। जबकि आरयू के रजिस्ट्रार के पत्र के अनुसार पीएचडी पर रोक है। ऐसी स्थिति में यूनिवर्सिटी प्रशासन से मार्गदर्शन मांगा गया है, जो अभी नहीं मिला है। – डॉ. बंदे खलखो, एचओडी. टीआरएल विभाग, आरयू Source link

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गढ़वा में सहकारिता क्षेत्र को मिलेगा नया विस्तार ग्रामीण रोजगार पर विशेष...

भास्कर न्यूज | गढ़वा जिले में सहकारिता आंदोलन को मजबूत और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने नई पहल शुरू की है। उपायुक्त सह जिला सहकारिता विकास समिति (डीसीडीसी) के अध्यक्ष अनन्य मित्तल की अध्यक्षता में शुक्रवार को समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में आयोजित जिला सहकारिता विकास समिति की बैठक में सहकारिता संस्थाओं के आधुनिकीकरण, नई समितियों के गठन, गोदाम निर्माण और ग्रामीण आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने सहित कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में बहुउद्देशीय प्राथमिक सहकारी समितियों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने पर विशेष जोर दिया गया। सभी चयनित समितियों को सीएससी आईडी व झारसेवा आईडी उपलब्ध कराने, उन्हें ई-पैक्स के रूप में विकसित करने और समितियों में बैंकिंग व्यवस्था लागू करने पर सहमति बनी। उपायुक्त अनन्य मित्तल ने सीएससी मैनेजर को निर्देश देते हुए कहा कि जिन लैंप्स एवं पैक्स में अब तक सीएससी आईडी अथवा झारसेवा आईडी नहीं बनी है, वहां शीघ्र प्रक्रिया पूरी कर उन्हें सक्रिय किया जाए। बैठक में मत्स्यजीवी एवं दुग्ध उत्पादक सहयोग समितियों के विस्तार को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया। उपायुक्त ने जिले के सभी मत्स्यजीवियों की संख्या एवं गतिविधियों का विस्तृत विवरण तैयार करने के निर्देश दिया। साथ ही उन्होंने प्रत्येक पंचायत में दुग्ध उत्पादक सहयोग समिति गठित करने का निर्देश दिया। अधिकारियों ने जानकारी दी कि जिले में वर्तमान में 15 दुग्ध उत्पादक समितियां कार्यरत हैं, जबकि मेधा डेयरी के माध्यम से 75 मिल्क पोलिंग पॉइंट संचालित किए जा रहे हैं। बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 एवं 2026-27 के लिए 100 और 500 मीट्रिक टन क्षमता वाले गोदामों के निर्माण के लिए भूमि चिन्हित करने पर भी चर्चा हुई। उपायुक्त ने संबंधित विभागों की संयुक्त टीम गठित कर स्थल निरीक्षण कराने का निर्देश दिया। ताकि योजनाओं को समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारा जा सके। इसके अलावा पशु औषधि विक्रय केंद्र स्थापित करने, एमपीसीएस में मिनी मृदा परीक्षण प्रयोगशाला एवं कृषि उपकरण उपलब्ध कराने जैसे प्रस्तावों पर भी मंथन हुआ। ग्रामीण क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के तहत संचालित पाइप जलापूर्ति योजनाओं के संचालन एवं रखरखाव कार्यों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने आवश्यक दिशा-निर्देश दिया। बैठक से पूर्व उप विकास आयुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा की अध्यक्षता में ज्वाइंट वर्किंग कमेटी की बैठक आयोजित की गई, जिसमें निष्क्रिय सहकारी समितियों की पहचान कर उनके पुनर्गठन तथा नई समितियों के गठन की रणनीति पर चर्चा की गई। “सहकार से समृद्धि” अभियान के तहत गांव स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और किसानों को सहकारिता से जोड़ने पर भी बल दिया गया। उपायुक्त अनन्य मित्तल ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी प्रस्तावों की गहन जांच कर संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित किया जाए तथा अगली बैठक में अद्यतन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाए, ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और प्रभावशीलता सुनिश्चित हो सके। Source link

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