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चरही घाटी में कोल्ड ड्रिंक लदा ट्रक पलटा:केबिन में डेट घंटे फंसा...

हजारीबाग जिले की चरही घाटी में कोल्ड ड्रिंक से लदा ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया। हादसे में वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। जबकि चालक महेंद्र कुमार पाल केबिन में फंसकर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। देखते ही देखते बड़ी संख्या में स्थानीय लोग वहां जुट गए। सूचना मिलते ही चरही पुलिस भी मौके पर पहुंची। जिसके बाद राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। हादसे के बाद की तस्वीरें देखें… कटर मशीन से काटकर निकाला गया चालक हादसे के दौरान चालक का पैर हाईवा के लोहे के हिस्सों में बुरी तरह फंस गया था, जिससे उसे बाहर निकालना काफी मुश्किल हो रहा था। काफी देर तक प्रयास किया गया, लेकिन सफलता नहीं मिलने पर कटर मशीन मंगाई गई। इसके बाद वाहन के क्षतिग्रस्त हिस्सों को काटकर करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद चालक को सुरक्षित बाहर निकाला गया। घायल चालक को तत्काल प्राथमिक उपचार दिया गया और फिर बेहतर इलाज के लिए शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल, हजारीबाग भेज दिया गया। सड़क पर बिखरी कोल्ड ड्रिंक लूटते रहे लोग दुर्घटना के बाद हाईवा में लदी कोल्ड ड्रिंक की बोतलें सड़क पर बिखर गईं, जिसे उठाने के लिए लोगों में होड़ मच गई। मौके पर मौजूद कई लोग बोतलें उठाकर ले जाते नजर आए, जिससे स्थिति कुछ समय के लिए अनियंत्रित हो गई। वहीं, हादसे के कारण चरही घाटी मार्ग पर यातायात भी प्रभावित रहा। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए स्थिति को नियंत्रित किया और सड़क से क्षतिग्रस्त वाहन हटवाकर यातायात को पुनः सामान्य कराया। चरही थाना के अवर निरीक्षक अभय आनंद ने बताया कि दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है और फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। Source link

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गुलाब जल, आटा और एलोवेरा का कमाल, सिर्फ 20 मिनट में चेहरे...

X गुलाब जल, आटा और एलोवेरा का कमाल, सिर्फ 20 मिनट में चेहरे पर आएगा नेचुरल ग्लो   रांची की महिलाओं के बीच घर पर तैयार किया जाने वाला आटे का फेस पैक काफी लोकप्रिय है. ब्यूटी एक्सपर्ट के अनुसार, थोड़ा सा आटा लेकर उसमें गुलाब जल, एलोवेरा जेल या पपीता मिलाकर पेस्ट तैयार किया जा सकता है. इसे चेहरे पर 15 से 20 मिनट तक लगाने के बाद धो लेने से त्वचा साफ और ताजगी भरी नजर आती है. यह घरेलू नुस्खा पूरी तरह प्राकृतिक है और इसमें केमिकल का इस्तेमाल नहीं होता. उनका कहना है कि यह फेस पैक चेहरे की गंदगी साफ करने, टैनिंग कम करने और दाग-धब्बों को हल्का करने में मदद कर सकता है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

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गिरिडीह में युवक का शव फंदे से लटका मिला:प्रेम विवाह के बाद...

गिरिडीह जिले के पचम्बा थाना क्षेत्र में रविवार को एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बोरो हवाई अड्डा के समीप स्थित एक किराए के मकान में 28 वर्षीय पंकज कुमार का शव फंदे से लटका मिला। मृतक की पहचान सीहोडीह निवासी मुन्ना राम के पुत्र के रूप में हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई और आसपास के लोग मौके पर जुट गए। सूचना मिलने पर पचम्बा थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है। प्रेम विवाह के बाद परिवार में विवाद की आशंका जानकारी के अनुसार, पंकज कुमार अपनी पत्नी और बच्चे के साथ उक्त किराए के मकान में रहता था। करीब पांच वर्ष पूर्व उसने एक मुस्लिम युवती से प्रेम विवाह किया था, जिससे उसका एक बच्चा भी है। घटना के बाद मृतक के परिजनों ने मामले को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। मृतक की मां सरिका देवी का कहना है कि उनके बेटे की पत्नी का किसी अन्य व्यक्ति के साथ संबंध होने का संदेह था। इसी बात को लेकर रविवार सुबह पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ था। आरोप है कि विवाद के बाद पत्नी घर छोड़कर चली गई, जिसके बाद पंकज ने फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। पुलिस जांच में जुटी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार घटना के बाद सरिका देवी ने प्रशासन से अपने पोते को उनके संरक्षण में सौंपने की मांग भी की है। उनका कहना है कि बच्चे की सुरक्षा और बेहतर परवरिश के लिए यह जरूरी है। इधर, पचम्बा थाना प्रभारी राजीव कुमार ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। जांच-पड़ताल के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और जांच पूरी होने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। Source link

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शादी से लौटते दो युवकों की बाइक हादसे में मौत:पश्चिमी सिंहभूम में...

पश्चिमी सिंहभूम जिले के मझगांव-जैंतगढ़ मुख्य सड़क पर सिलफोड़ी साप्ताहिक हाट के पास सड़क हादसे में दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। इस घटना के बाद इलाके में शोक और दहशत का माहौल है। मृतकों की पहचान ओडिशा के मयूरभंज जिले के घाघरबेड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत बुरुहातु गांव निवासी 18 वर्षीय हरीश दिग्गी और 19 वर्षीय सोमया दिग्गी के रूप में हुई है। वहीं, 18 वर्षीय जादू मनी दिग्गी गंभीर रूप से घायल है, जिसका इलाज जारी है। तीनों युवक एक शादी समारोह में शामिल होकर लौट रहे थे। अनियंत्रित बाइक पेड़ से टकराई, दो की मौके पर मौत परिजनों के अनुसार, तीनों युवक मझगांव थाना क्षेत्र के पड़सा गांव स्थित करंजियालाई टोला में आयोजित एक शादी समारोह में शामिल होने आए थे। वे बोलेरो वाहन से समारोह स्थल तक पहुंचे थे, लेकिन वापसी के दौरान तीनों एक ही बाइक पर सवार होकर लौट रहे थे। इसी दौरान सिलफोड़ी हाट की पुलिया के पास उनकी बाइक अचानक अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे एक पेड़ से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया। डॉक्टरों ने दो को मृत घोषित किया, जांच जारी स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से तीनों घायलों को मझगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने हरीश दिग्गी और सोमया दिग्गी को मृत घोषित कर दिया। वहीं गंभीर रूप से घायल जादू मनी दिग्गी को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए चंपुआ रेफर कर दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही मझगांव थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी धीरज कुमार यादव ने बताया कि दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है। Source link

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पलामू के किसान ने किया कमाल, 5 एकड़ में लगाया आम का...

होमताजा खबरकृषि पलामू के किसान ने किया कमाल, 5 एकड़ में लगाया आम का बगीचा, अब कमा रहे लाखों Last Updated:June 14, 2026, 16:53 IST किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार कई योजनाएं चला रही है. इसी कड़ी में मनरेगा योजना के तहत आम बागवानी को बढ़ावा दिया जा रहा है. इससे ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को अतिरिक्त आय और रोजगार के बेहतर अवसर मिलेगा. पलामू: किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार कई योजनाएं चला रही है. वहीं पारंपरिक खेती के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों की आय बढ़ाने के भी प्रयास किए जा रहे हैं. रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए मनरेगा योजना के तहत आम बागवानी को भी लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है. इस योजना का लाभ लेकर कई किसान बेहतर आमदनी हासिल कर रहे हैं. पलामू जिले के सतबरवा प्रखंड के रजडेरवा गांव निवासी किसान विनोद कुमार भी ऐसे ही किसानों में शामिल हैं. इन्होंने सरकारी योजना का लाभ उठाकर आम की बागवानी को अपनी आय का मजबूत साधन बना लिया है. आज उनकी बागवानी न केवल उन्हें अच्छा मुनाफा दे रही है, बल्कि आसपास के किसानों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गई है. पांच एकड़ भूमि में आम का बागविनोद कुमार ने लोकल 18 को बताया कि उनके परिवार के पांच सदस्यों ने मिलकर करीब पांच एकड़ भूमि में आम का बाग लगाया है. यह बाग करीब पांच वर्ष पहले तैयार किया गया था. पिछले तीन वर्षों से बगीचे से आम की बिक्री की जा रही है और हर साल उत्पादन में वृद्धि हो रही है. उन्होंने बताया कि बगीचे में मालदह, लंगड़ा, अलफांसो समेत छह से सात किस्म के आम के पेड़ लगाए गए हैं. स्वाद और गुणवत्ता के कारण उनके बगीचे के आमों की बाजार में अच्छी मांग रहती है. आसपास के गांवों के अलावा डाल्टनगंज और अन्य क्षेत्रों से भी लोग सीधे बगीचे में पहुंचकर आम खरीदते हैं. इस दर से हो रही आम की बिक्रीविनोद कुमार के अनुसार, वर्तमान में प्रतिदिन लगभग एक क्विंटल आम की बिक्री हो रही है. खाने वाले आम 40 से 45 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रहे हैं. वहीं, अचार बनाने के लिए उपयोग होने वाले आम 15 से 20 रुपये प्रति किलो के भाव पर बेचे जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि इस वर्ष अब तक करीब एक लाख रुपये के आम की बिक्री हो चुकी है. यदि मौसम अनुकूल रहा, तो आने वाले दिनों में बिक्री और बढ़ने की उम्मीद है. सालाना तीन लाख रुपये तक का मुनाफाविनोद कुमार का कहना है कि आम की बागवानी में शुरुआती वर्षों में देखभाल और मेहनत की जरूरत होती है. एक बार पेड़ पूरी तरह विकसित हो जाने के बाद रखरखाव अपेक्षाकृत आसान हो जाता है. वर्तमान में उन्हें आम की बागवानी से सालाना लगभग तीन लाख रुपये तक का मुनाफा हो रहा है. उन्होंने बताया कि आने वाले चार से पांच वर्षों में जब पेड़ पूरी तरह परिपक्व हो जाएंगे, तब उनकी आय बढ़कर सालाना चार से पांच लाख रुपये तक पहुंच सकती है. सरकारी योजनाओं का लाभविनोद कुमार का मानना है कि किसानों को मनरेगा जैसी सरकारी योजनाओं का सही तरीके से लाभ उठाना चाहिए. फलदार पौधों की बागवानी को अपनाएं, तो खेती को घाटे का नहीं बल्कि मुनाफे का व्यवसाय बनाया जा सकता है. उनकी सफलता की कहानी आज क्षेत्र के कई अन्य किसानों को भी बागवानी की ओर आकर्षित कर रही है. About the Author Amita kishor न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Palamu,Jharkhand Source link

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झारखंड आंदोलनकारी महासभा ने गठित की स्टैंडिंग कमेटी

लोहरदगा|झारखंड आंदोलनकारी महासभा लोहरदगा जिला कमिटी की बैठक शनिवार को कचहरी मोड़ के समीप जिलाध्यक्ष अनिल कुमार भगत की अध्यक्षता में की गई। बैठक में संगठन को और अधिक सशक्त व सक्रिय बनाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। साथ ही संगठन के संचालन व विभिन्न मुद्दों पर त्वरित निर्णय लेने के लिए एक स्टैंडिंग कमिटी का गठन भी किया गया। गठित स्टैंडिंग कमिटी में अनिल कुमार भगत, प्रो. विनोद भगत, अमर किन्डो, मो. कय्यूम खान, सुशीला लकड़ा, सीता उरांव, उषा रानी लकड़ा, सोमनाथ भगत, राम लगन उरांव, विशेषण भगत, दिनेश साहू, सूरज मोहन लकड़ा, क्रिस्टो टोप्पो, लक्ष्मण भगत, मनोज उरांव एवं कृष्णा कुमार ठाकुर सहित अन्य आंदोलनकारियों को शामिल किया गया है। बैठक में निर्णय लिया गया कि आंदोलनकारियों की विभिन्न समस्याओं व मांगों को लेकर आगामी 16 जून को एक प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त लोहरदगा से मुलाकात कर लंबित मामलों के शीघ्र समाधान की मांग करेगी। साथ ही संगठन के विस्तार और जमीनी स्तर पर मजबूती के लिए सभी प्रखंडों में जल्द से जल्द प्रखंड समितियों का गठन करने ओर प्रत्येक प्रखंड में कम से कम दो-दो सक्रिय व मजबूत साथियों को प्रभारी नियुक्त करने का निर्णय लिया गया। वहीं एक सहायता कोष का गठन कर नियमित रूप से राशि जमा करने का भी निर्णय लिया गया। इसके अलावा तय किया गया कि आगामी 24 जून को केंद्रीय उपाध्यक्ष नीरू शांति भगत के आवासीय परिसर में आयोजित होने वाली जिला समिति की बैठक को व्यापक व सफल बनाया जाएगा। Source link

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दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर के पहले दिन सिखाए योग के गुर

लोहरदगा|पतंजलि योग समिति भारत स्वाभिमान जिला लोहरदगा के बैनर तले सुंदरी देवी सरस्वती शिशु मंदिर परिसर में दो दिवसीय विशेष योग प्रशिक्षण शिविर के पहले दिन जिला प्रभारी व मुख्य योग प्रशिक्षक प्रवीण कुमार भारती ने विशेष योगाभ्यास कराया। जिसमें सभी प्रशिक्षुओं ने ग्रीवा चालन, स्कन्ध संचालन, कटि चालन, घुटना संचालन, ताड़ासन, वृक्षासन, पादहस्तासन, अर्धचक्रासन, त्रिकोणासन, भद्रासन, शशकासन, वक्रासन, शलभासन, सेतुबंधासन, उत्तानपादासन, अर्धहलासन, पवनमुक्तासन एवं कपालभाति, अनुलोम विलोम प्राणायाम, ध्यान का क्रियात्मक अभ्यास कराया। प्रवीण कुमार भारती ने बताया कि योग प्राणायाम एवं स्वस्थ दिनचर्या के अलावा स्वस्थ रहने का कोई विकल्प नहीं है। यदि कोई स्वयं को निरोग रखना चाहता है तो योग, आयुर्वेद, स्वस्थ दिनचर्या,आहार संयम एवं प्रकृति के अनुकूल चलना होगा अन्यथा शरीर में बीमारियां आएंगी ही। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के लिए पूरे जिले में पतंजलि योग समिति की जोर शोर से तैयारी चल रही है जिसमें जिला प्रभारी के निर्देश पर कई जगहों पर योगाभ्यास कराया जा रहा है। जिसमें योग प्रशिक्षक दिनेश प्रजापति, संजय मधुर, वासुदेव प्रसाद, अभय भारती,खुशी भारती,विजय कुमार,भोला प्रसाद,विजय सोनी,अजय कुमार,निर्भय भारती,शिवराज कुमार,सुमित उरांव,श्रवण कुमार,रंजन गोप आदि अनेक योग प्रशिक्षक एवं सक्रिय कार्यकर्ता पूरी पुरूषार्थ से योगाभ्यास करा रहे हैं। मौके पर वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कृपा प्रसाद सिंह ने कहा कि योग से हमारा शरीर का शुद्धिकरण होता है। योगाभ्यास में राज्यकार्कारिणी सदस्य शिवशंकर सिंह, दिनेश प्रजापति, किरण प्रजापति, सतीश जायसवाल शामिल थे। Source link

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धान से भी ज्यादा मुनाफे वाली निकली यह फसल, कृषि वैज्ञानिक ने...

होमताजा खबरकृषि धान से भी ज्यादा मुनाफे वाली निकली यह फसल, कृषि वैज्ञानिक ने दी अहम सलाह Last Updated:June 14, 2026, 15:31 IST कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि किसान धान के साथ-साथ सोयाबीन की खेती कर कम लागत में बेहतर मुनाफा कमा सकते हैं. सोयाबीन की उन्नत किस्में करीब 100 दिनों में तैयार हो जाती हैं. वैज्ञानिक तरीके से खेती करने पर 25 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक उत्पादन दे सकती हैं. देवघर: मानसून की बारिश शुरू होते ही गांव-देहात के खेतों में रौनक बढ़ जाती है. किसान धान की नर्सरी तैयार करने में जुट जाते हैं और खरीफ सीजन की खेती की शुरुआत हो जाती है. झारखंड समेत पूरे पूर्वी भारत में धान किसानों की पहली पसंद मानी जाती है. वहीं, अब कृषि वैज्ञानिक किसानों को एक ऐसी फसल की खेती करने की सलाह दे रहे हैं. ये कम लागत में धान की तुलना में बेहतर मुनाफा दे सकती है. यह फसल है सोयाबीन, जिसकी मांग देशभर के बाजारों में लगातार बढ़ रही है. यही कारण है कि अब कई किसान धान के साथ-साथ सोयाबीन की खेती की ओर भी रुख कर रहे हैं. क्या कहते हैं कृषि वैज्ञानिकदेवघर कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डॉ. विवेक कश्यप ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि जून और जुलाई का महीना खरीफ फसलों की बुवाई के लिए सबसे महत्वपूर्ण समय होता है. इस दौरान किसान यदि सही फसल का चयन करें तो कम समय में अच्छी आमदनी प्राप्त कर सकते हैं. उन्होंने बताया कि सोयाबीन ऐसी फसल है, जो कम लागत में अच्छी पैदावार देती है. बाजार में इसकी कीमत भी किसानों को अच्छी मिल जाती है. यही वजह है कि पिछले कुछ सालों में सोयाबीन की खेती का चलन लगातार बढ़ रहा है. इन किस्मों के बीज हैं बेहतरडॉ. कश्यप के अनुसार, झारखंड के किसानों के लिए बिरसा सोयाबीन-01, बिरसा सफेद सोयाबीन-02 और आरटीएस-18 जैसी उन्नत किस्में काफी बेहतर हैं. ये किस्में यहां की जलवायु और मिट्टी के अनुसार विकसित की गई हैं. इनकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इन पर कीटों और कई सामान्य बीमारियों का प्रभाव अपेक्षाकृत कम पड़ता है. इससे किसानों को बार-बार कीटनाशकों का छिड़काव नहीं करना पड़ता. खेती की लागत भी कम हो जाती है. कम खर्च और बेहतर उत्पादन का यही संतुलन किसानों के लिए फायदे का सौदा साबित होता है. 100 दिनों में तैयार हो जाती है फसलडॉ. कश्यप ने बताया कि सोयाबीन की खेती केवल झारखंड तक सीमित नहीं है. इसकी खेती पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, असम और उत्तर-पूर्व के कई राज्यों में भी बड़े पैमाने पर की जाती है. इस फसल को बहुत अधिक देखभाल की आवश्यकता नहीं होती. सामान्य कृषि प्रबंधन के साथ भी अच्छा उत्पादन मिल जाता है. बुवाई के लगभग 40 से 45 दिनों बाद पौधों में फूल आने लगते हैं, जिससे किसानों को फसल की स्थिति का अंदाजा हो जाता है. वहीं करीब 100 दिनों में फसल पूरी तरह पककर कटाई के लिए तैयार हो जाती है. 15 जून के बाद शुरू कर सकते हैं बुवाईकृषि वैज्ञानिक का कहना है कि सोयाबीन की बुवाई जून के दूसरे सप्ताह से लेकर जुलाई के पहले सप्ताह तक कर लेनी चाहिए. यह समय सबसे उपयुक्त माना जाता है. मानसून की शुरुआती बारिश के कारण खेतों में पर्याप्त नमी बनी रहती है. बीजों का अंकुरण बेहतर होता है. हालांकि किसानों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि खेत में पानी जमा न हो, क्योंकि अत्यधिक जलभराव फसल को नुकसान पहुंचा सकता है. अच्छी जल निकासी वाली भूमि में सोयाबीन का उत्पादन बेहतर होता है. 20 से 25 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उपजउत्पादन की बात करें तो उन्नत किस्मों और वैज्ञानिक तरीके से खेती करने पर किसान 20 से 25 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक उपज प्राप्त कर सकते हैं. बाजार में सोयाबीन का उपयोग तेल, पशु आहार और कई खाद्य उत्पादों के निर्माण में किया जाता है, इसलिए इसकी मांग पूरे वर्ष बनी रहती है. मांग अधिक होने के कारण किसानों को अपनी उपज बेचने में भी ज्यादा परेशानी नहीं होती. यही वजह है कि सोयाबीन को कम लागत में अधिक मुनाफा देने वाली फसलों में गिना जाता है. About the Author Amita kishor न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Deoghar,Jharkhand Source link

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हिरासत से साइबर अपराधी छुड़ाने का मामला:गिरिडीह पुलिस ने दो को दबोचा,...

गिरिडीह जिले के अहिल्यापुर थाना क्षेत्र के चिकसोरिया गांव में पुलिस हिरासत से साइबर अपराधी को छुड़ाने और पुलिस टीम पर हमला के मामले में दो आरोपियों को दबोचा है। वहीं मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। यह घटना 10/11 जून की रात उस समय हुई, जब साइबर थाना की टीम आरोपी चुड़ामन मंडल को गिरफ्तार करने गांव पहुंची थी। पुलिस कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों ने विरोध करते हुए न केवल आरोपी को छुड़ा लिया, बल्कि पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की भी की। इस दौरान सरकारी वाहन पर पथराव कर उसे क्षतिग्रस्त कर दिया गया था। पुलिस की स्पेशल टीम ने दो को पकड़ा घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. विमल कुमार के निर्देश पर तत्काल एक विशेष टीम का गठन किया गया। सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी जितवाहन उरांव के नेतृत्व में गठित इस टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए मामले में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान चिकसोरिया गांव निवासी 51 वर्षीय जितन मंडल और 20 वर्षीय सूरज मंडल के रूप में हुई है। दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस घटना में कई अन्य लोग भी शामिल थे, जो फिलहाल फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस टीम तकनीकी और स्थानीय इनपुट के आधार पर आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सरकारी कार्य में बाधा डालने, पुलिस पर हमला करने और आरोपी को छुड़ाने जैसी गंभीर घटनाओं में शामिल सभी लोगों को चिन्हित कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का मानना है कि जल्द ही बाकी आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। विशेष टीम में कई थानों की संयुक्त भागीदारी इस पूरे अभियान में जिले के कई थानों की संयुक्त टीम ने हिस्सा लिया। छापेमारी दल में पुलिस निरीक्षक कमलेश पासवान, साइबर थाना प्रभारी रामेश्वर भगत, मुफ्फसिल थाना प्रभारी श्याम किशोर महतो, अहिल्यापुर थाना प्रभारी ऐनुल हक खान, बेंगाबाद थाना प्रभारी अमन कुमार समेत अन्य अधिकारी शामिल थे। इसके अलावा एसडीपीओ की क्यूआरटी/सैट टीम और कई पुलिस जवान भी इस अभियान का हिस्सा बने। Source link

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धनबाद में पति ने ब्लेड से काटी पत्नी की गर्दन:खाना बनाने का...

धनबाद के भूली ओपी क्षेत्र अंतर्गत पांडरपाला में रविवार को एक घरेलू विवाद ने खौफनाक रूप ले लिया। मामूली कहासुनी इतनी बढ़ गई कि एक पति ने अपनी ही पत्नी पर जानलेवा हमला कर दिया। आरोपी ने गुस्से में आकर ब्लेड से पत्नी की गर्दन पर वार कर दिया। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। घायल महिला को स्थानीय लोगों की तत्परता से तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। वहीं, घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी पति मौके से फरार हो गया। दोनों साथ करते थे काम, बहस के बाद चलाया ब्लेड जानकारी के अनुसार, झरिया के चौथाई कुल्ली निवासी शाहबाज उर्फ खैरुल अंसारी और उनकी पत्नी मेंहदी खातून एक ही स्थान पर काम करते थे। दोनों अलहबीबी मैरेज हॉल में खाना बनाने का काम करते हैं। रविवार को किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद शुरू हुआ, जो धीरे-धीरे उग्र होता चला गया। गुस्से में नियंत्रण खो बैठे शाहबाज ने पास में मौजूद ब्लेड उठाया और पत्नी की गर्दन पर हमला कर दिया। इस अचानक हुए हमले से महिला लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ी। चीख-पुकार सुनकर पहुंचे लोग, बचाई जान घटना के बाद महिला की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। वहां का दृश्य देख हर कोई सन्न रह गया। लोगों ने तुरंत स्थिति को संभालते हुए घायल महिला को उठाया और बिना देर किए शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसएनएमएमसीएच) पहुंचाया। डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज के बाद उसकी स्थिति को गंभीर लेकिन नियंत्रण में बताया है। स्थानीय लोगों की सक्रियता से महिला की जान बच पाई, नहीं तो स्थिति और भी भयावह हो सकती थी। पुलिस जांच में जुटी, आरोपी की तलाश जारी घटना की सूचना मिलते ही भूली ओपी प्रभारी विश्वजीत ठाकुर पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और आसपास के लोगों से पूछताछ की। इसके बाद वह अस्पताल भी गए और घायल महिला का हालचाल जाना। पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया मामला पति-पत्नी के आपसी विवाद का है। जिसमें पति ने गुस्से में आकर हमला किया। फिलहाल आरोपी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। Source link

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