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विद्यालय प्रबंधन समिति का गठन, अनीता पूर्ति अध्यक्ष व पिंकी बागे उपाध्यक्ष...

भास्कर न्यूज | चाईबासा उत्क्रमित मध्य विद्यालय, टेकासाई (चाईबासा) में प्रधानाध्यापिका की अध्यक्षता में विद्यालय प्रबंधन समिति का गठन किया गया। इस बैठक का उद्देश्य विद्यालय में सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देना, विकेंद्रीकृत व्यवस्था को मजबूत करना तथा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना था। बैठक में विद्यालय में नामांकित छात्र-छात्राओं के माता-पिता, स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं समुदाय के सदस्यों ने भाग लिया। इस दौरान विभागीय दिशा-निर्देशों के तहत विद्यालय प्रबंधन समिति के कार्यों और दायित्वों की विस्तार से जानकारी दी गई। इसके बाद, समिति के गठन की प्रक्रिया शुरू की गई और उपस्थित अभिभावकों में से सदस्यों का सर्वसम्मति से चयन किया गया। नयी विद्यालय प्रबंधन समिति में कुल 20 सदस्यों का चयन किया गया है, जिनमें अनीता पुरती को अध्यक्ष तथा पिंकी बागे को उपाध्यक्ष चुना गया है। इसके अलावा, संध्या लालिमा होरो को संयोजक, कविता गागराई एवं राजा राय को शिक्षक प्रतिनिधि, लक्ष्मी पाड़ेया को वार्ड सदस्य तथा मेजनवती पुरती को आंगनबाड़ी सेविका के रूप में शामिल किया गया है। समिति के अन्य चयनित सदस्यों में सोनामुनी लोहार, जोंगा पाड़ेया, राजेश बिरुली, बामिया सिंकु, सोमबारी बिरुली, समिता हेम्ब्रम, शुरू पुरती, प्यारी हेम्ब्रम, सावित्री हेम्ब्रम, मंजू बिरुली, मंजुरा करोवा, रजनी व रामाय शामिल हैं। प्रधानाध्यापिका ने सभी नवचयनित पदाधिकारियों और सदस्यों को बधाई व शुभकामनाएं देते हुए उनके कार्यों और दायित्वों से अवगत कराया। बैठक को सफल बनाने में समिति के सदस्यों के साथ अन्य अभिभावकों, बाल संसद के सदस्यों और शिक्षकों का योगदान रहा। Source link

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सावन की शॉपिंग के लिए बेस्ट है रांची की ये मार्केट, हरी...

Last Updated:July 29, 2026, 08:46 IST Ranchi Sawan Shopping: सावन की शॉपिंग करनी है और एक ही जगह पर हर तरह का सामान लेना चाहती हैं तो रांची की रंगरेज गली आ सकती हैं. यहां साड़ी, बिंदी चूड़ी, जूती, ज्यूलरी जो कुछ भी आपको चाहिए सब मिलेगा. छोटी सी जगह पर आसपास ही दुकानें हैं. इनका कलेक्शन बहुत अच्छा है और कीमत ऐसी की हर बजट में फिट होती है. झारखंड की राजधानी रांची में कुछ मार्केट ऐसी हैं जहां पर आप खासतौर पर सावन की शॉपिंग एक छत के नीचे कर सकते हैं. अलग-अलग सामान के लिए आपको अलग-अलग बाजारों में नहीं जाना होगा. इस कड़ी में सबसे ऊपर नाम आता है रंगरेज़ गली का. परिसर में घुसते ही आपको दो-तीन कॉम्प्लेक्स देखने को मिलेंगे और लाइन से कम से कम 40 से 50 दुकानें मिल जाएंगी. यहां की खास बात यह है कि आपको हरी चूड़ियां, साड़ी के अलावा हरी जूती, नेकलेस इन सबकी काफी वैरायटी देखने को मिलेगी. हरे रंग में आपको जो भी चीज चाहिए वो सब यहां मिल जाएगी, वह भी बहुत कम दाम में. मात्र ₹100 से किसी भी आइटम की रेंज शुरू हो जाती है. साड़ी यहां पर 300 से शुरू हो जाएगी और चूड़ी ₹50 व जूती ₹100 में मिल जाएगी. लेडीज बैंगल शॉप के संचालक आशीष बताते हैं, यहां पर खास तौर पर आपको चूड़ियों के जबरदस्त कलेक्शन देखने को मिलेगा. कांच की चूड़ियां चाहिए या लाह की या फिर मेटल वाली चाहिए, जैसी वैरायटी चाहेंगे मिलेगी. इसमें गोल्डन कलर, कस्टमाइज चूड़ी, लटकन चूड़ी, घुंघरू चूड़ी इस तरीके का यूनिक कलेक्शन यहां पर आपको देखने को मिलेगा. आपकी साड़ी के हिसाब से चूड़ियों को सेट भी कर दिया जाएगा. Add News18 as Preferred Source on Google इतना ही नहीं यहां पर आपके हरी साड़ी से मैचिंग की जूती भी मिलेंगी. आशीष बताते हैं हमारे पास एक ही छत के नीचे जूती के भी कलेक्शन हैं. अगर ग्रीन और सिल्वर कलर में साड़ी है तो इस पर सिल्वर कलर की जूती ज्यादा अच्छी लगेगी. हम इस तरीके से मैचिंग करके देते हैं. जूती की कीमत ₹250 से शुरू हो जाती है. वहीं, आपको बगल में कई सारी छोटी-छोटी ज्वेलरी की दुकानें देखने को मिलेंगी. एक ज्वेलरी दुकान के संचालक रमेश बताते हैं, आपके यहां पर एडी स्टोन, कुंदन सेट जैसी चाहेंगे वैसी ज्वेलरी मिलेगी. इन सारी ज्वेलरी की कीमत ₹100 से शुरू हो जाती है. 200- 300 रुपए की रेंज में तो आपको हरे कलर का काफी अच्छा कलेक्शन मिल जाएगा. इसके अलावा अगर आपको हरे कलर की बिंदी चाहिए या नेल पॉलिश चाहिए तो वो भी यहां पर मिलेगी. सब कुछ यहां 100 मीटर के अंदर ही खरीदा जा सकता है. ऐसे में इस सावन अपर बाजार की रंगरेज गली आना ना भूलें. सावन में यहां पर पैर रखने की जगह नहीं होती. महिला और लड़कियों की खचाखच भीड़ होती है, इसिलए कोशिश करे कि दोपहर में आएं. Source link

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कई जगह फाल्ट होने से लोहरदगा में 12 से 14 घंटे ही...

भास्कर न्यूज|लोहरदगा जिले में बिजली आपूर्ति व्यवस्था इन दिनों बारिश और तेज हवाओं के बीच संकट से गुजर रही है। शहरी क्षेत्र में तो फिर भी कुछ हद तक स्थिति ठीक है परंतु ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को निर्बाध बिजली नहीं मिल पा रही है। लगातार ट्रिपिंग, बार-बार बिजली कटौती और लोकल फॉल्ट के नाम पर आपूर्ति बाधित रहने से आम उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है। अधिकारियों का कहना है जिला को जितनी बिजली चाहिए उतनी मिल नहीं रही है। परंतु जगह-जगह पर फॉल्ट होने के कारण बिजली घंटों बाधित हो रही है। खासकर जिलेभर में बिछाए गए तारों में से कई जगहों पर अभी जर्जर तार निर्बाध विद्युत आपूर्ति में बाधा उत्पन्न कर रहा है। बीते एक दर्जन से अधिक बैठकों में जगह-जगह पर उलझी वह जर्जर तारों को बदलने को लेकर दिशा-निर्देश जारी किया जाता है। बावजूद इस दिशा में कार्य होने के बाद भी इससे पूर्ण रूप से छुटकारा जिलेवासियों को नहीं मिल पा रहा है। इधर बारिश के बीच बिजली व्यवस्था की बदहाली लोगों के लिए बड़ी समस्या बन गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश होने के साथ ही बिजली आपूर्ति की स्थिति और खराब हो गई है। पूरे शहर में लगातार 24 घंटे में 12 से 14 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। खासकर रात में फॉल्ट की बात कहते हुए आपूर्ति ज्यादा बाधित रहती है। ग्रामीण क्षेत्रों में रात्रि के समय विद्युत आपूर्ति सही से नहीं मिल पाने के कारण कई बार अंधेरे से कई प्रकार के परेशानियां भी बढ़ जाती है। जिले के पेशरार प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत केकरांग गांव में बिछाए गए 11 हजार वोल्ट के बिजली के तार जर्जर हो गए हैं जिसे बदलने को लेकर कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधि द्वारा मांग भी की गई है। बावजूद जिस दिशा में कोई पहल नहीं की जा रही है। इधर शहर के विभिन्न मोहल्लों में पिछले कुछ दिनों से फेज उड़ने व फॉल्ट की समस्या लगातार बढ़ी है, लेकिन इसके स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस पहल होती नहीं दिख रही है। सबसे अधिक दिक्कत बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को हो रही है। रात के समय बिजली कटने से स्थिति और गंभीर हो जाती है। मामले पर विभाग के सहायक विद्युत अभियंता अज्जू कच्छप ने बताया कि समय-समय पर मेंटेनेंस का कार्य किया जाता है। इसके अलावा हर एक कर्मियों की कार्य क्षेत्र बंटी है। इसी प्रकार के बाधा उत्पन्न होने पर उसके तुरंत निराकरण करने की कोशिश जारी रहती है। उन्होंने कहा कि लोहरदगा नगर क्षेत्र में ऑफिस ग्रिड से सप्लाई की जाती है, जिसमें ज्यादा परेशानी नहीं आती है। परंतु शंख नदी पिकेट के समक्ष बनी पावर ग्रिड से की गई सप्लाई में 33 केवीए में ज्यादा परेशानी बारिश के दौरान पेड़, डाल गिरने या फिर तेज हवा से आपस में तार सटने से सामने आती है, हालांकि इसका समाधान भी तुरंत कराया जाता है। Source link

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तेनुघाट डैम से 3200 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, विभाग ने जारी किया...

लगातार हो रही बारिश के कारण तेनुघाट डैम का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तेनुघाट बांध प्रमंडल ने मंगलवार सुबह जल निकासी शुरू कर दी है। जल संसाधन विभाग ने नदी के तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और प्रशासनिक अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। बांध की सुरक्षा और जलस्तर को संतुलित रखने के लिए वर्तमान में कुल 3,200 क्यूसेक (90.62 घन मीटर प्रति सेकंड) पानी लगातार छोड़ा जा रहा है। जल निकासी सुचारू रूप से करने के लिए बांध के तीन रेडियल गेट पूरी तरह सक्रिय किए गए हैं। एक अंडर स्लूस गेट को भी खोलकर रखा गया है। इन फाटकों से भारी मात्रा में पानी निकलने के कारण दामोदर नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी देखी जा रही है। इसको लेकर बांध प्रमंडल की ओर से अलर्ट जारी किया गया है। तेनुघाट डैम से छोड़ा जा रहा अत्यधिक पानी। Source link

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कचहरी आया मिसिर बेसरा, बम-बंदूक लेकर दौड़े 50 नक्सली, मोस्ट वांटेड को...

Maoist Misir Besra Arrest: साल था 2009… जब बिहार पुलिस एक शख्स को लेकर लखीसराय के सिविल कोर्ट पहुंची, जहां उसे पेश होना था. लेकिन थोड़ी ही देर में पूरे अदालत परिसर का मंजर बदल गया. एक दुस्साहसी हमले में, लगभग 50 हथियारबंद माओवादियों ने पटना से लगभग 165 किलोमीटर दूर लखीसराय में सिविल कोर्ट परिसर पर हमला किया, बम फोड़े और गोलीबारी की. माओवादियों ने लॉक-अप का ताला तोड़कर गिरिडीह के अपने कमांडर को छुड़ा लिया. दरअसल, ये सब किया गया था टॉप माओवादी नेता मिसिर बेसरा को पुलिस कैद से आजाद कराने के लिए. इस घटना का जिक्र इसलिए क्योंकि अब 17 साल बाद मिसिर बेसरा फिर से पुलिस की गिरफ्त में है. झारखंड के धनबाद जिले से शीर्ष माओवादी मिसिर बेसरा को 28 जुलाई की शाम गिरफ्तार कर लिया गया. बेसरा पर एक करोड़ रुपये से अधिक का इनाम था. पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि बेसरा झारखंड और ओडिशा समेत कई राज्यों में माओवादी गतिविधियों से जुड़े कई मामलों में वॉन्टेड था. अधिकारी के मुताबिक, गिरिडीह जिले के हरलाडीह निवासी बेसरा को धनबाद जिले के बरवाअड्डा थाना क्षेत्र के मनियाडीह इलाके से गिरफ्तार किया गया. मिसिर बेसरा कौन हैं?मिसिर बेसरा, जिन्हें भास्कर और सागर जैसे नामों से भी जाना जाता है, झारखंड के इकलौते माओवादी पोलित ब्यूरो सदस्य हैं. उन्हें CPI (माओवादी) के वैचारिक और ऑपरेशनल कमांड स्ट्रक्चर में एक अहम व्यक्ति माना जाता है. 66 साल के यह नेता लगभग दो दशकों तक फरार रहे. उन्हें आखिरी बार 2007 में झारखंड में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन 2009 में वे बिहार पुलिस की कस्टडी से भाग निकले. यह घटना तब हुई जब माओवादी कैडरों ने लखीसराय जिले में कोर्ट परिसर पर हमला किया, जहां उन्हें प्रोडक्शन रिमांड पर लाया गया था. सुरक्षा बल कई सालों से बेसरा की तलाश कर रहे थे; पुलिस अधिकारी उसे माओवादी पोलित ब्यूरो के बचे हुए आखिरी सीनियर सदस्यों में से एक मानते थे. इस ग्रुप की टॉप लीडरशिप के बाकी सदस्य या तो सरेंडर कर चुके हैं या फिर छत्तीसगढ़, तेलंगाना, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश में हुए एनकाउंटर में मारे जा चुके हैं. 16 माओवादियों ने भी किया सरेंडरइससे पहले मंगलवार को झारखंड पुलिस के समक्ष 16 माओवादियों ने सरेंडर किया था. इनमें से छह माओवादियों पर कुल 39 लाख रुपये का इनाम घोषित था. अधिकारी के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वालों में संतोष महतो उर्फ वासुदेव दा उर्फ दिलीप भी शामिल था, जो 128 मामलों में वॉन्टेड था और उस पर 15 लाख रुपये का इनाम था. उन्होंने बताया कि सरेंडर 10 लाख रुपये का इनामी जोनल कमेटी सदस्य चंदन लोहरा, पांच-पांच लाख रुपये के इनामी सब-जोनल कमेटी सदस्य अनिल तुरी उर्फ उज्ज्वल और सुखलाल बिरंजिया उर्फ अकेला, दो-दो लाख रुपये के इनामी एरिया कमेटी सदस्य सुदेश होनहागा उर्फ सोनाराम और रिसिव सोय शामिल हैं. एके-47 राइफल और एचके-33 राइफल बरामदइसके अलावा संतोष मांझी उर्फ जगबंधु, जयकांत मुंडा उर्फ गूंगा उर्फ बंगाली, राजनाथ हांसदा उर्फ गुना हांसदा, एतवारी मांझी उर्फ सोनोत उर्फ संत, देवान मुर्मू उर्फ शनिचरवा, सुमित्रा सुरीन, चंपा मंझियाइन उर्फ गुड़िया, सालमी मुंडा उर्फ पारूल, मुन्नी सुरीन उर्फ मुरीन सुरीन और सीता मुंडा ने भी हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया. देवान मुर्मू को एक करोड़ रुपये के इनामी शीर्ष माओवादी नेता मिसिर बेसरा का मुख्य अंगरक्षक माना जाता रहा है. आत्मसमर्पण के दौरान नक्सलियों ने छह इंसास राइफल, दो एके-47 राइफल, एक एचके-33 राइफल, एक यूएस कार्बाइन और एक एम-16 राइफल समेत कुल 11 आधुनिक हथियार जमा किए. इसके अलावा 38 मैगजीन और 1,562 जीवित कारतूस भी सुरक्षा बलों को सौंपे गए. Source link

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रविदास जयंती को ‘समरसता संकल्प अभियान’ के रूप में मनाने का फैसला

कुडू|कुडू में भाजपा कुडू मंडल की बैठक और प्रेस वार्ता में संत रविदास की 650वीं जयंती को ‘समरसता संकल्प अभियान’ के रूप में मनाने का निर्णय बताया गया। बैठक की अध्यक्षता मंडल अध्यक्ष कृष्णा मोदी ने की। प्रदेश कार्यसमिति सदस्य ओम प्रकाश सिंह ने कहा कि अभियान का उद्देश्य संत रविदास के समानता, सामाजिक समरसता और मानव सेवा के संदेश को लोगों तक पहुंचाना है। उन्होंने कार्यक्रम की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि 31 जुलाई 2026 को संत रविदास की जन्मभूमि बनारस (काशी) से पवित्र कलश झारखंड पहुंचेगा। तय कार्यक्रम के अनुसार कलश चंदवा प्रखंड से कुडू मंडल लाया जाएगा। यहां कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं की ओर से स्वागत, आरती और पुष्प वर्षा की योजना है। ओम प्रकाश सिंह के अनुसार रांची स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय से प्रत्येक जिले के लिए अलग-अलग कलश आवंटित किए जाएंगे। कलश संबंधित जिले में पहुंचने के बाद उसका स्वागत किया जाएगा। इसके बाद मंडलों के माध्यम से गांव-गांव तक कलश भ्रमण कराया जाएगा। Source link

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झारखंड के 22 जिलों में आज भारी बारिश:बंगाल की खाड़ी में बने...

राजधानी रांची सहित पूरे राज्य में मंगलवार को बंगाल की खाड़ी से बने डीप डिप्रेशन का असर साफ तौर पर देखने को मिला। सुबह से शुरू हुई झमाझम बारिश पूरे दिन जारी रही। रांची में दिनभर में करीब 16 से 20 मिमी तक वर्षा दर्ज की गई, जबकि अधिकतम तापमान में करीब दो डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई। मौसम विज्ञान केंद्र ने आज के लिए रांची में यलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार आज भी कई इलाकों में मध्यम से भारी बारिश, गरज-चमक और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। 30 जुलाई तक मौसम का यही रुख बने रहने का अनुमान है। राज्य के पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, खूंटी और सिमडेगा में भी भारी बारिश का असर देखा गया। राज्यभर में बारिश का अलर्ट, वज्रपात का खतरा अधिक मौसम विभाग के मुताबिक आज झारखंड के अधिकांश जिलों में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा। रांची, बोकारो, धनबाद, जमशेदपुर, देवघर, दुमका, पलामू, गुमला, लोहरदगा, लातेहार समेत 22 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ जगहों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। खासतौर पर वज्रपात का खतरा अधिक बताया गया है। जिसके मद्देनजर लोगों को खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है। लगातार बारिश से तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है, जिससे कई जिलों में मौसम सुहावना हो गया है। वहीं अच्छी बारिश के कारण वायु गुणवत्ता में भी सुधार देखने को मिल रहा है। हालांकि राज्य में अब तक सामान्य से 26 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, ऐसे में आने वाले दिनों की बारिश खेती के लिहाज से अहम मानी जा रही है। शहर के कई इलाकों में हुआ जलजमाव लगातार बारिश के कारण राजधानी के कई इलाकों में जलजमाव की स्थिति बन गई। लालपुर, हरमू, किशोरगंज, अशोक नगर, कांटा टोली, पंडरा और डोरंडा समेत कई क्षेत्रों में सड़कों पर पानी भर गया, जिससे आवागमन बाधित हुआ। कई जगहों पर सड़कें तालाब जैसी नजर आईं, जिससे वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। वहीं बारिश के चलते बिजली व्यवस्था भी प्रभावित रही। कोकर, महावीर नगर, सुंदर विहार, पहाड़ा मंदिर, रातू रोड और धुर्वा सहित कई इलाकों में दिनभर बिजली आती-जाती रही। बिजली विभाग के अनुसार बुधवार को भी कुछ क्षेत्रों में मरम्मत कार्य के कारण घंटों पावर कट रह सकता है। लगातार खराब मौसम ने शहर की सामान्य दिनचर्या को काफी हद तक प्रभावित कर दिया है। बारिश ने पकड़ी रफ्तार फिर भी 26 प्रतिशत कम वर्षा 1 जून से 28 जुलाई तक बारिश के आंकड़े बताते हैं कि राज्य में 478.3 मिमी की जगह मात्र 352.4 मिमी वर्षा हुई है। अब भी औसतन 26 प्रतिशत कम है। कई जिलों में स्थिति और भी खराब है, जहां 50 प्रतिशत से अधिक तक बारिश की कमी दर्ज की गई है। सबसे अधिक कमी चतरा (-61%), गढ़वा (-62%), पाकुड़ (-60%), देवघर (-56%) और गोड्डा (-50%) में है। बोकारो (-36%), गिरिडीह (-47%), कोडरमा (-52%) और पलामू (-41%) जैसे जिलों में भी हालात संतोषजनक नहीं हैं। दूसरी ओर कुछ जिलों में स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर रही है, जहां पश्चिमी सिंहभूम में 16 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई, जबकि सिमडेगा (-3%) और सरायकेला-खरसावां (-1%) सामान्य के करीब रहे। राजधानी रांची में भी अब तक 17 प्रतिशत कम बारिश हुई है। मौसम विभाग का मानना है कि आगामी दिनों में मानसून की सक्रियता बढ़ने से इस कमी की आंशिक भरपाई हो सकती है। Source link

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धोनी के पड़ोस में बसने का मौका! रांची की इस जगह मिल...

Last Updated:July 29, 2026, 06:51 IST Ranchi News: रांची के कांके रिंग रोड साइड 2-3 लाख में डिसमिल जमीन मिल रही है. यहां सेंट्रल यूनिवर्सिटी, ITBP स्टैंड और धोनी का घर पास है. आप यहां सस्ते में घर बनाने का सपना पूर कर सकते हैं. आइये जानते हैं इस लोकेशन के बारे में. ख़बरें फटाफट रांची: झारखंड की राजधानी रांची के कांके रिंग रोड साइड काफी अच्छी खासी जमीन देखने को मिल रही है. रांची के रियल एस्टेट एक्सपर्ट दीपक बताते हैं कि यहां पर 2-3 लाख के अंदर आपको डिसमिल जमीन मिल जाएगी और यहां पर कई सारे प्रोजेक्ट और हर जगह सिर्फ नया घर बनते हुए नजर आ रहे हैं. यहां की सबसे खास बात यह है कि यह जमीन सस्ते में मिल जाएगी. यहां का वातावरण बहुत ही खूबसूरत है. दीपक बताते हैं कि यहीं बगल में सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड है. जहां सरकारी कार्यालय भी हैं. ऐसे में आने वाले समय में इस जगह का दाम काफी बढ़ने वाला है. इसलिए लोग अभी से ही खरीद कर घर बनाने में लगे हुए. इसके अलावा थोड़ा सा आगे यहां पर आइटीबीपी स्टैंड है. यहीं थोड़ी दूर पर 1 किमी आगे जाने पर महेंद्र सिंह धोनी का घर भी है. यहां सस्ते में आशियाना बनाने का सपना होगा पूरा दीपक बताते हैं कि यहां पर सस्ते में ही घर बनाने का सपना लोग पूरा कर रहे हैं. जहां जमीन लेकर घर बनवाना एक बहुत बड़ी चुनौती होती है. क्योंकि, जमीन का रेट इतना अधिक होता है तो लोग सोचते हैं क्यों ना इतने रेट में तो मुझे एक फ्लैट अच्छा मिल जाएगा. ऐसे में कुछ लोग ऐसे होते हैं, जिन्हें अपने जमीन पर ही घर बनाने का सपना होता है. वैसे लोगों के लिए यह बेस्ट जगह है. यहां से रिंग रोड है मात्र 200 मीटर दूर इस जगह से रांची रेलवे स्टेशन की दूरी 10 किलोमीटर, एयरपोर्ट की दूरी 12 किमी, मेन रोड की दूरी 8 किमी, संत जेवियर कॉलेज की दूरी 7 किमी इस तरीके से है. यानी की 12 किमी के दरमियान यहां पर आपको सब कुछ शहर का आराम से मिल जाएगा. यहां पर अपना घर बनवा रहे प्रदीप बताते हैं कि रिंग रोड 200 मीटर की दूरी पर है. सेंट्रल यूनिवर्सिटी पास होने की वजह से सड़क और सुरक्षा काफी जबरदस्त है. उन्होंने बताया इसके अलावा यहां से मार्केट भी मात्र 1 किलोमीटर के अंदर है. सबसे बड़ी बात यहां पर सुकून बहुत है. आसपास पेड़ पहाड़ जंगल यह सब है. अब इतने लोग एक साथ घर बना रहे हैं तो सुरक्षा की भी टेंशन नहीं है. हां जमीन जब लिया था, तब थोड़ा ऊपर नीचे और पथरीला था. उसको थोड़ा अपनी तरीके से समतल करना पड़ रहा है. यहां अगल बगल किसान करते हैं खेती प्रदीप बताते हैं कि यहां पर अगल-बगल सिर्फ खेती होती है. खूबसूरत वातावरण, शुद्ध हवा यह सब कुछ देखने को मिल रहा है. अगल-बगल तालाब भी हैं. इस भागदौड़ भरी जिंदगी में अगर ऐसा लोकेशन मिल जाए तो और क्या चाहिए. उन्होंने ढाई लाख रुपये डेसिमल में 2 डिसमिल जमीन ली है. जिस पर वह 4 बेडरूम का घर बनवा रहे हैं. जहां 5 लाख में जमीन खरीद लिया और 15 लाख घर बनाने में लगा. यानी कि फ्लैट से भी सस्ते में यहां पर वह अपना घर बनवा रहे हैं. क्योंकि यहां वह अपने मन के अनुसार अपनी जमीन पर घर बनवा सकते हैं. About the Author Brijendra Pratap Singh बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत, दैनिक भास्कर के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से  Hindi.News18.com<… और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Jharkhand Source link

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₹ 1 करोड़ का इनामी नक्सली मिसिर बेसरा अरेस्ट:गिरिडीह में दो सहयोगी...

झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान में जुटे सुरक्षा बलों को सबसे बड़ी सफलता मिली है। एक करोड़ रुपए के इनामी शीर्ष नक्स​ली मिसिर बेसरा को गिरिडीह जिले से गिरफ्तार कर लिया। उसके साथ रीजनल कमेटी सदस्य 15 लाख के इनामी नक्सली मेहनत उर्फ मोछू और गौरव उर्फ सौरव भी पकड़ा गया। कोबरा, सीआरपीएफ और झारखंड पुलिस की संयुक्त टीम ने सटीक खुफिया सूचना के आधार पर जाल बिछाकर यह कार्रवाई की। करीब दो दशक से ​फरार चल रहा मिसिर बेसरा सुरक्षा एजेंसियों की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल था। अब राज्य में एक करोड़ का इनामी सिर्फ एक नक्सली असीम मंडल बचा है। सारंडा-कोल्हान में लाल आतंक का अंत मिसिर बेसरा की गिरफ्तारी से सारंडा और कोल्हान क्षेत्र में नक्सली नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है यह गिरफ्तारी झारखंड में नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में एक बड़ी उपलिब्ध है। अब तीनों नक्सलियों को गुप्त स्थान पर रखकर पुलिस, आईबी और अन्य केंद्रीय एजेंसियां पूछताछ कर रही हैं। जंगलों में छिपाकर रखे गए अत्याधुनिक हथियार और आईईडी की जानकारी जुटा रही है। नक्सलियों को लॉजिस्टिक और आर्थिक मदद पहुंचाने वाले ओवरग्राउंड वर्करों का पता लगाया जा रहा है। सटीक सूचना पर घेराबंदी, बिना गोली चलाए पकड़ाया सुरक्षा एजेंसियों को सूचना मिली थी कि सारंडा में बढ़ते दबाव के बाद मिसिर बेसरा अपने दस्ते के साथ गिरिडीह और पारसनाथ की पहाड़ियों के रास्ते नए ठिकाने की तलाश में निकल रहा है। इसके बाद सुरक्षाबलों ने ऑपरेशन सुदर्शन शुरू किया। मंगलवार देर शाम पूरे इलाके को सील कर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। कोबरा कमांडोज ने अंधेरे का फायदा उठाते हुए नक्सली दस्ते को घेर लिया। अचानक हुए इस एक्शन से मिसिर बेसरा और उसके साथियों को संभलने का मौका नहीं मिला। पीरटांड़ के मदनडीह निवासी मिसिर बेसरा उर्फ भास्कर भाकपा माओवादी पोलित ब्यूरो सदस्य है। उस पर हत्या, आईईडी ब्लास्ट, पुलिस पर हमला और आर्म्स एक्ट के 100 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। सारंडा, कोल्हान, पारसनाथ और ट्राइजंक्शन (झारखंड-ओ​डिशा-बंगाल) उसका मुख्य कार्यक्षेत्र था। 2003-04 में पश्चिम सिंहभूम के बिटकिलसोय और बलिबा में आईईडी ब्लास्ट की साजिश उसी ने रची थी, जिसमें 55 सुरक्षाकर्मी शहीद हुए थे। 2009 में बिहार के लखीसराय कोर्ट परिसर से सशस्त्र नक्सलियों ने पुलिस पर हमला कर उसे छुड़ा लिया था, इसके बाद से ही वह फरार था। इसलिए बड़ी है यह कामयाबी मिसिर बेसरा सिर्फ एक कमांडर नहीं है, बल्कि माओवादी केंद्रीय समिति का सक्रिय सदस्य है। वह झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के नक्सली नेटवर्क की रणनीति तय करता था। पिछले दो दशक से सारंडा जंगल और कोल्हान क्षेत्र में समानांतर सरकार चलाने और आईईडी विस्फोट से सुरक्षाबलों को निशाना बनाने की मुख्य साजिश मिसिर ही रचता था। तीन स्तरीय घेरे में रहता था मिसिर बेसरा मिसिर बेसरा सिर्फ एक माओवादी नेता नहीं, बल्कि संगठन के सबसे सुरक्षित ठिकानों में से एक का प्रमुख संचालक माना जाता था। उसकी सुरक्षा के लिए तीन-स्तरीय सुरक्षा चक्र बनाया गया था। पहले चक्र में सारंडा के प्रवेश मागों पर अत्याधुनिक हथियारों से लैस जन-मिलिशिया और सेंट्री पोस्ट तैनात रहते थे। रास्तों को आईईडी और स्पाइक होल्स से सुरक्षित किया गया था। सुरक्षा का दूसरे घेरे में अनल मांझी और अनमोल जैसे दुर्दात कमांडर थे। ये हर गतिविधि पर नजर रखते थे। किसी भी हलचल पर सुरक्षा बलों का मुकाबला करते थे। तीसरा घेरा 10-12 चुनिंदा प्रशिक्षित बॉडीगार्ड 24 घंटे ऑटोमैटिक हथियारों के साथ 100 मीटर के दायरे में उसकी सुरक्षा में तैनात रहते थे। Source link

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सड़क हादसे में ठे​का मजदूर जख्मी

बोकारो | बोकारो स्टील प्लांट में मंगलवार सुबह एक कार की टक्कर से बाइक सवार ठेका मजदूर जलेंद्र सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद उन्हें तत्काल प्लांट स्थित अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए बोकारो जनरल हॉस्पिटल (बीजीएच) रेफर किया गया। बाद में सेक्टर-9 निवासी घायल मजदूर के परिजनों ने उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज जारी है। दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है। घटना के बाद प्लांट क्षेत्र में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा। Source link

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