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धनबाद में विवाहिता का शव फंदे से लटका मिला:मायके वालों ने हत्या...

धनबाद के जोड़ापोखर थाना क्षेत्र के डिगवाडीह बाली लाइन में एक विवाहिता अंजलि कुमारी का शव घर में पंखे से लटका मिला। यह घटना रविवार, 10 मई की रात को सामने आई, जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया। मंगलवार को अंजलि के मायके पक्ष के लोग धनबाद पहुंचे और ससुराल पक्ष पर हत्या का आरोप लगाया। अंजलि के पति आशुतोष कुमार जब रात में काम से घर लौटे, तो उन्होंने कमरे का दरवाजा खोलने पर अपनी पत्नी को फंदे से लटका हुआ पाया। उन्होंने तत्काल परिवार और जोड़ापोखर थाना पुलिस को इसकी सूचना दी। अंजलि का मायका बिहार के बक्सर जिले में है, जहां से सूचना मिलने के बाद मंगलवार को परिजन धनबाद पहुंचे। मायके पक्ष के लोगों ने शव देखने के बाद अंजलि की मौत पर गंभीर सवाल उठाए हैं। परिजनों का आरोप है कि अंजलि के सिर और नाक से खून निकल रहा था और उसका शरीर काला पड़ा हुआ था। उन्होंने आशंका व्यक्त की है कि अंजलि को पहले जहर दिया गया होगा या हत्या के बाद उसके शव को फांसी पर लटकाया गया है। 2024 में हुई थी शादी मृतका के पिता ने बताया कि अंजलि की शादी वर्ष 2024 में हुई थी। शादी के बाद से ही उसे बच्चा न होने के कारण ससुराल पक्ष द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा था। परिवार में अक्सर विवाद होते रहते थे। परिजनों ने कहा कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद वे लिखित शिकायत दर्ज कराएंगे। वहीं, मृतका के देवर ने बताया कि रविवार शाम को उसका भाई काम पर गया था और रात करीब 9 बजे लौटने पर उसने अंजलि को फंदे से लटका हुआ देखा। देवर ने यह भी बताया कि पति-पत्नी के बीच छोटी-मोटी कहासुनी होती रहती थी। जोड़ापोखर थाना के कांस्टेबल घनश्याम महतो ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह मामला फांसी लगाकर आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। शव का पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है और मौत के सही कारणों का खुलासा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगा। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की जांच कर रही है। Source link

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50 साल से हर साल होती है यह खास पूजा, 72 घंटे...

Last Updated:May 12, 2026, 16:48 IST Jamshedpur News: जमशेदपुर के बर्मामाइंस स्थित श्री सेवा आश्रम में करीब 50 साल से हर साल 72 घंटे की राधा गोविंद की खास पूजा होती है. इस पूजा के दौरान रोज 3 से 4 हजार लोगों के लिए भंडारा होता है और कई राज्यों से कलाकार इसमें शामिल होने आते हैं. इस दौरान पूरे क्षेत्र का वातावरण भक्तिमय हो जाता है. ख़बरें फटाफट जमशेदपुर. झारखंड को अपनी संस्कृति, परंपरा और आध्यात्मिक विरासत के लिए पूरे देश में अलग पहचान मिली हुई है. यहां आज भी गांवों और मोहल्लों में पुरानी सभ्यता जीवित दिखाई देती है. आधुनिकता और इंटरनेट के इस दौर में भी कई ऐसे स्थान हैं, जहां लोग हर वर्ष एकजुट होकर धार्मिक परंपराओं को उसी श्रद्धा और उत्साह के साथ निभाते हैं, जैसे वर्षों पहले निभाई जाती थीं. ऐसी ही एक अनोखी और प्रेरणादायक परंपरा देखने को मिलती है जमशेदपुर के बर्मामाइंस स्थित श्री सेवा आश्रम में, जहां पिछले करीब 50 वर्षों से प्रतिवर्ष राधा-गोविंद पूजा का आयोजन किया जा रहा है. लगातार 72 घंटे चलती है पूजाआश्रम के मुखिया गोपाल पत्रो ने बताया कि यह पूजा लगातार 72 घंटे तक चलती है. इस दौरान पूरा गांव, मोहल्ला और आसपास के लोग भक्ति में डूबे रहते हैं. पूजा की तैयारी कई दिनों पहले से शुरू हो जाती है. लोग अपने घर, आंगन और पूरे मोहल्ले को सजाने में जुट जाते हैं. रंग-बिरंगी रोशनी, फूलों की सजावट और भक्ति संगीत से पूरा वातावरण इतना सुंदर हो जाता है कि मानो धरती पर स्वर्ग उतर आया हो. रोज 3-4 हजार के लिए भोजन की व्यवस्थासबसे खास बात यह है कि इस पूजा में सिर्फ धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और भाईचारे की झलक भी देखने को मिलती है. यहां रोजाना लगभग 3 से 4 हजार लोगों के लिए उत्तम भोजन की व्यवस्था की जाती है. सुबह से लेकर देर रात तक भंडारा चलता रहता है, जिसमें हर वर्ग और हर उम्र के लोग शामिल होते हैं. कोई छोटा-बड़ा नहीं, सभी एक साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण करते हैं. साल में एक बार होनी चाहिए ऐसी पूजागोपाल पत्रो ने बताया कि इस पूजा का मुख्य उद्देश्य समाज में शांति, भाईचारा और सकारात्मकता बनाए रखना है. साथ ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और समाज कल्याण की कामना भी इस आयोजन का महत्वपूर्ण हिस्सा है. बड़े-बुजुर्गों का मानना है कि वर्ष में एक बार इस तरह की पूजा जरूर होनी चाहिए, क्योंकि इससे पूरे गांव और समाज में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है. दूसरे राज्यों से आए हैं कलाकारआज के समय में जहां लोग मोबाइल और इंटरनेट में व्यस्त रहते हैं, वहीं इस पूजा के दौरान लोग इन सबसे दूरी बनाकर एक-दूसरे के साथ समय बिताते हैं. बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी मिलकर भक्ति गीतों, नृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेते हैं. इस आयोजन में वेस्ट बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ से भी कलाकारों की टीमें पहुंचती हैं, जो अपनी पारंपरिक कला और भक्ति प्रस्तुतियों से लोगों का मन मोह लेती हैं. हर गुजरते साल के साथ यह पूजा और भी भव्य होती जा रही है. यह सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि लोगों को जोड़ने वाली ऐसी सांस्कृतिक विरासत है, जो आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जुड़े रहने की प्रेरणा देती है. About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Jamshedpur,Purbi Singhbhum,Jharkhand Source link

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हिसार CIA ने पकड़े झारखंड के 2 नशा तस्कर:अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश,...

हिसार जिले में नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सीआईए हिसार की टीम ने दो अंतर्राज्यीय नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 2 किलो 727 ग्राम अफीम बरामद की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में लाखों रुपए कीमत बताई जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शिवदयाल कुमार यादव निवासी गांव सलैया, जोरी खुर्द, जिला चतरा (झारखंड) तथा अकलेश कुमार निवासी गांव मुरैना, थाना वशिष्ठ नगर जोरी, जिला चतरा (झारखंड) के रूप में हुई है। अफीम लेकर घूम रहे थे आरोपी जानकारी के अनुसार, सीआईए स्टाफ हिसार की टीम गश्त व अपराध जांच के दौरान अग्रोहा मोड़ स्थित झिरी पुल क्षेत्र में मौजूद थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि झारखंड निवासी दो युवक झिडी पुल के पास भारी मात्रा में अफीम लेकर घूम रहे हैं और इसे बेचने की फिराक में हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए झिडी पुल स्थित लाले दा ढाबा के पास घेराबंदी कर रेड की। पुलिस टीम को देखकर दोनों आरोपियों ने मौके से भागने का प्रयास किया, लेकिन टीम की सतर्कता और मुस्तैदी के चलते उन्हें काबू कर लिया गया। अग्रोहा थाने में दर्ज किया गया केस नियमानुसार तलाशी लेने पर आरोपियों के कब्जे से कुल 2 किलो 727 ग्राम अफीम बरामद हुई। पुलिस ने तुरंत नशीले पदार्थ को कब्जे में लेकर आरोपियों के खिलाफ थाना अग्रोहा में एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपी अफीम कहां से लेकर आए थे और हिसार व आसपास के क्षेत्रों में इसकी सप्लाई किन लोगों तक की जानी थी। साथ ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य तस्करों की भी पहचान की जा रही है। सीआईए हिसार टीम ने स्पष्ट किया है कि जिले में नशा तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और इस अवैध कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। Source link

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गोड्डा पुलिस ने दो अपराधी पकड़े:मेहरमा लूटकांड का सामान और मोबाइल बरामद,...

गोड्डा पुलिस ने मेहरमा थाना क्षेत्र में हुए लूटकांड का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से लूटा गया बाइक और मोबाइल फोन बरामद किया गया है। यह लूट 26 मार्च को शाम करीब 7:30 बजे मेहरमा ब्रह्मबाबा स्थान धमड़ी रोड पर माइक्रो फाइनेंस कंपनी के कलेक्शन बॉय से हुई थी। गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई महागामा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी चंद्रशेखर आजाद ने बताया कि गोड्डा एसपी मुकेश कुमार को गुप्त सूचना मिली थी कि इस लूटकांड में शामिल ब्रजेश कुमार मंडल और सूरज कुमार मंडल अपने गांव मोहनपुर, थाना एकचारी दियारा में घूम रहे हैं और उनके पास लूटा हुआ सामान है। लूटी गई बाइक और मोबाइल फोन बरामद सूचना के आधार पर एसपी ने एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया। छापेमारी दल ने दोनों अभियुक्तों ब्रजेश कुमार मंडल और सूरज कुमार मंडल से पूछताछ की। उनकी निशानदेही पर 26 मार्च को लूटी गई मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन बरामद किया गया। इसके बाद दोनों को विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ने बताया कि इस वारदात में उनके साथ एक अन्य व्यक्ति भी शामिल था, जो वर्तमान में भागलपुर जिले में गिरफ्तार होकर न्यायिक हिरासत में है। ब्रजेश कुमार मंडल पर पूर्व से अपराधिक इतिहास रहा है। ये अपराधी मेहरमा जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों में अपराध करके बिहार भाग जाते थे, जहां उन्हें सुरक्षित ठिकाना मिल जाता था। Source link

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₹90 का ट्रे, लाखों की कमाई: पॉलीहाउस से किसानों का भरोसा जीत...

Last Updated:May 12, 2026, 09:16 IST Ranchi Vegetable Seed Farming: रांची के कमलेश पॉलीहाउस में पत्तागोभी, मिर्ची, करेला समेत 15 से 20 सब्जियों के बीज तैयार करते हैं. इसके बाद वह किसानों को बेचते हैं. इससे हर महीने वह हजारों ट्रे बेचकर लाखों रुपये की कमाई कर रहे हैं. ख़बरें फटाफट रांची: झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले कमलेश जो की खास तौर पर सारे सब्जियों के बीज तैयार करने का काम करते हैं. वह पत्तागोभी, मिर्ची, फुलगोभी, करेला जितनी भी सब्जियां होती हैं, यह उन सभी सब्जियों का बीज तैयार करते हैं और किसानों को बेचने का काम करते हैं. उन्होंने इसके लिए अपना पॉलीहाउस बनाया हुआ है. ऐसे में चाहे बरसात हो या गर्मी हो, मौसम की कोई टेंशन नहीं होती है. एक ट्रे की कीमत ₹90 तक होती है. जहां एक महीने में 1000 ट्रें तक आराम से बिक्री कर देते हैं. कमलेश ने लोकल 18 को बताया कि एक बीज को तैयार होने में 15 से 20 दिन का समय लगता है. 500 बीज एक बार तैयार करता हूं और 15 दिन के बाद फिर से 500 बीज तैयार करते हैं. मतलब की दो बार करके 1000 बीज का ट्रे एकदम तैयार कर लेते हैं. इससे सारा का सारा आउट ऑफ स्टॉक हो जाता है. यही नहीं, आसपास के जितने भी किसान हैं, सब उनके कस्टमर हैं. इसके साथ ही 30 किलोमीटर दूर से भी किसान उनका बीज खरीदने आते हैं. कड़ी मशक्कत के बाद तैयार होती है बीज कमलेश बताते हैं कि बीज तैयार करने में उन्हें काफी मेहनत करनी पड़ती है. जैसे मान लीजिए करेला का बीज है तो उसमें दूसरे तरह की खाद की भी जरूरत पड़ती है. अगर पत्तागोभी है तो गोबर खाद, मिर्ची है तो केंचुआ खाद. मतलब आपको बहुत सोच समझकर के खाद का चयन भी करना पड़ता है. तभी बीज मजबूत होगा, अगर बीज मजबूत नहीं हुआ तो पौधे और फसल उतनी अच्छी नहीं होगी और किसान भी खुश नहीं होंगे. कमलेश ने बताया कि उन्होंने खेत के बीचो-बीच पॉलीहाउस बना रखा है. इसीलिए मुझे मौसम का कोई टेंशन नहीं है. इतनी गर्मी और कड़ी धूप में भी आराम से उनका सारा काम हो जाता है. पानी पटाने से लेकर हर चीज वह अपने हाथों से करते हैं. इसकी सबसे खास बात यह है कि एक बार खाद तैयार करने के बाद हर दिन सुबह में मात्र 2 घंटा देना होता है. बस ऐसे में अन्य कामों में भी समय दे पाता हैं और इससे अच्छी खासी कमाई भी हो जाती है. बीज से है लाखों की कमाई उन्होंने बताया कि इससे उनकी आराम से लाखों की कमाई हो जाती है. इससे वह इन पैसों से अपने खेत में और अन्य साग सब्जी को उगाने में खर्च करते हैं. अब पहले से जीवन भी उनका बदल गया है. अब जरूरत के साथ शौक भी पूरी होती है. आज उनके पास 15 से 20 सब्जी के बीज मिल जाएंगे, जो आप नाम लीजिए. जैसे बिंस से लेकर भिंडी, नेनुआ, झिंगी, बैंगन, टमाटर जो चाहेंगे, वह आसानी से मिल जाएगा. इसीलिए किसान यहां पर आते हैं और एक बार में 25 से 30 ट्रे लेकर जाते हैं. About the Author Brijendra Pratap Singh बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Jharkhand Source link

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प्रमुख रूटों पर चलने वाली अधिकांश ट्रेनों में लंबी वेटिंग:बाहर जाने वाले...

रांची और आसपास के क्षेत्रों से बाहर जाने वाले यात्रियों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। इसके चलते ट्रेनों, बसों और हवाई सेवाओं पर भारी दबाव बन गया है। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु और पटना जैसे प्रमुख रूटों पर चलने वाली अधिकांश ट्रेनों में लंबी वेटिंग चल रही है। कई ट्रेनों में स्लीपर और एसी दोनों श्रेणियों में वेटिंग 100 के पार पहुंच गई है, जबकि कुछ ट्रेनों में सीटें पूरी तरह फुल हो चुकी हैं। झारखंड संपर्क क्रांति, रांची गरीब रथ, राजधानी एक्सप्रेस और हटिया-बेंगलुरू एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में 17 से 21 मई तक लगातार वेटिंग की स्थिति बनी हुई है। समर स्पेशल ट्रेनें चलाए जाने के बावजूद यात्रियों को कन्फर्म टिकट नहीं मिल पा रहा है, जिससे उनकी यात्रा योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। वहीं, हवाई सेवाओं में भी स्थिति सामान्य नहीं है। अगले दस दिनों तक प्रमुख शहरों के लिए उड़ानों में 65 प्रतिशत से अधिक सीटें पहले ही बुक हो चुकी हैं। समर स्पेशल फ्लाइट्स में भी 60 प्रतिशत से ज्यादा बुकिंग दर्ज की गई है। सड़क मार्ग से यात्रा के सीमित विकल्पों के कारण लोग रेल और हवाई यात्रा पर अधिक निर्भर हो रहे हैं। इधर यात्रियों और पैसेंजर एसोसिएशन ने रेलवे से महानगरों के लिए अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनें चलाने की मांग की है। इन ट्रेनों में लंबी वेटिंग 12873 झारखंड संपर्क क्रांति : 21 मई तक सभी श्रेणियों में लंबी वेटिंग 12877 रांची गरीब रथ : मई हीना में प्रत्येक दिन 100 से ज्यादा वेटिंग 18309 संबलपुर-जम्मूतवी : मई में सभी श्रेणियों में वेटिंग, रिग्रेट। 12453 राजधानी एक्सप्रेस वीकली : 17 व 21 मई को सभी श्रेणियों में वेटिंग। 18451 तपस्विनी एक्स. : 18 तक प्रत्येक दिन वेटिंग या आरएसी। 18616 हटिया-हावड़ा : 17 मई तक हर दिन सभी श्रेणियों में वेटिंग। 15661 रांची-कामाख्या वीकली : मई में प्रत्येक दिन लंबी वेटिंग। 13351 धनबाद-एलेप्पी : 17 मई तक सेकेंड एसी में रिग्रेट, स्लीपर में 100 से ज्यादा वेटिंग। 18637 हटिया बेंगलुरु साप्ताहिक : मई में लंबी वेटिंग, सेकेंड एसी में रिग्रेट। प्रभावित रहेंगी ट्रेनें दक्षिण-पूर्व रेलवे के आद्रा मंडल में विकास कार्य के लिए रोलिंग ब्लॉक लिया जाएगा, जिससे रांची रेल मंडल की कुछ ट्रेनें प्रभावित रहेंगी। ट्रेन संख्या 18036 हटिया-खड़गपुर एक्सप्रेस 13 और 16 मई 2026 को अपने निर्धारित समय से 120 मिनट विलंब से हटिया स्टेशन से प्रस्थान करेगी। वहीं, ट्रेन संख्या 18601 टाटानगर-हटिया एक्सप्रेस 12 मई को परिवर्तित मार्ग से चलेगी। यह ट्रेन अपने निर्धारित मार्ग चांडिल-पुरुलिया-कोटशिला-मूरी के बजाय चांडिल-गुंडा बिहार-मूरी होकर संचालित की जाएगी। रांची से खुलने वाली स्पेशल ट्रेनों में भी सीटें नहीं एलटीटी सुपर साप्ताहिक स्पेशल : थर्ड एसी में दस जून तक रिग्रेट। रांची नई दिल्ली एक्स साप्ताहिक स्पेशल : 16,23 और 30 मई को सभी श्रेणियों में वेटिंग रांची-अजमेर साप्ताहिक स्पेशल : 17 मई को सभी श्रेणियों में आरएसी। Source link

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धनबाद में विवाहिता का शव फंदे से लटका मिला:मायके वालों ने हत्या...

धनबाद के जोड़ापोखर थाना क्षेत्र के डिगवाडीह बाली लाइन में एक विवाहिता अंजलि कुमारी का शव घर में पंखे से लटका मिला। यह घटना रविवार, 10 मई की रात को सामने आई, जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया। मंगलवार को अंजलि के मायके पक्ष के लोग धनबाद पहुंचे और ससुराल पक्ष पर हत्या का आरोप लगाया। अंजलि के पति आशुतोष कुमार जब रात में काम से घर लौटे, तो उन्होंने कमरे का दरवाजा खोलने पर अपनी पत्नी को फंदे से लटका हुआ पाया। उन्होंने तत्काल परिवार और जोड़ापोखर थाना पुलिस को इसकी सूचना दी। अंजलि का मायका बिहार के बक्सर जिले में है, जहां से सूचना मिलने के बाद मंगलवार को परिजन धनबाद पहुंचे। मायके पक्ष के लोगों ने शव देखने के बाद अंजलि की मौत पर गंभीर सवाल उठाए हैं। परिजनों का आरोप है कि अंजलि के सिर और नाक से खून निकल रहा था और उसका शरीर काला पड़ा हुआ था। उन्होंने आशंका व्यक्त की है कि अंजलि को पहले जहर दिया गया होगा या हत्या के बाद उसके शव को फांसी पर लटकाया गया है। 2024 में हुई थी शादी मृतका के पिता ने बताया कि अंजलि की शादी वर्ष 2024 में हुई थी। शादी के बाद से ही उसे बच्चा न होने के कारण ससुराल पक्ष द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा था। परिवार में अक्सर विवाद होते रहते थे। परिजनों ने कहा कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद वे लिखित शिकायत दर्ज कराएंगे। वहीं, मृतका के देवर ने बताया कि रविवार शाम को उसका भाई काम पर गया था और रात करीब 9 बजे लौटने पर उसने अंजलि को फंदे से लटका हुआ देखा। देवर ने यह भी बताया कि पति-पत्नी के बीच छोटी-मोटी कहासुनी होती रहती थी। जोड़ापोखर थाना के कांस्टेबल घनश्याम महतो ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह मामला फांसी लगाकर आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। शव का पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है और मौत के सही कारणों का खुलासा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगा। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की जांच कर रही है। Source link

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वैज्ञानिक तरीके से तैयार बेहतरीन पौधे, कम कीमत पर, किसान हों या...

पलामू. आज के समय में घरों की सुंदरता बढ़ाने से लेकर अतिरिक्त आमदनी तक के लिए लोग बागवानी और नर्सरी की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं. हर कोई चाहता है कि उनके घर या खेत में फलदार और अच्छी गुणवत्ता वाले पौधे लगे हों, लेकिन सही जानकारी के अभाव में कई बार लोग गलत पौधे खरीद लेते हैं और बाद में पछताना पड़ता है. ऐसे में झारखंड के पलामू जिले में स्थित सरकारी नर्सरी लोगों के लिए बेहतर विकल्प बनकर उभर रही है, जहां कम कीमत में अच्छी गुणवत्ता वाले फलदार पौधे उपलब्ध कराए जा रहे हैं. 5 एकड़ में फैली है सरकारी नर्सरीपलामू जिले के चियांकी स्थित क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र में राज्य की प्रमुख फलदार नर्सरी संचालित की जा रही है. करीब 5 एकड़ क्षेत्र में फैली इस नर्सरी में 70 हजार से अधिक पौधे तैयार किए गए हैं. यहां किसानों, बागवानी प्रेमियों और आम लोगों को वैज्ञानिक तरीके से तैयार किए गए पौधे उपलब्ध कराए जाते हैं, ताकि उन्हें भविष्य में बेहतर उत्पादन मिल सके. कई तरह के फलदार पौधे उपलब्धकृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रमोद कुमार ने लोकल 18 को बताया कि इस नर्सरी में आम, अमरूद, संतरा, नींबू, मौसमी, कीनू, बेल, बेर और आंवला समेत कई प्रकार के फलदार पौधे तैयार किए जाते हैं. यहां पौधों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाता है. अनुसंधान केंद्र द्वारा तैयार पौधों की खासियत यह है कि जिस प्रभेद का पौधा लोगों को दिया जाता है, उसी गुणवत्ता का फल भी बाद में प्राप्त होता है. आम के 12 से 13 प्रभेद हैं खास आकर्षणनर्सरी में आम के करीब 12 से 13 प्रभेद उपलब्ध हैं, जो लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं. छोटे आकार वाले पौधों में मल्लिका, आम्रपाली और सुंदर लंगड़ा शामिल हैं, जिन्हें कम जगह में भी लगाया जा सकता है. वहीं बड़े वृक्षों वाले प्रभेदों में जर्दालू, मालदह, लंगड़ा, हिमसागर और अलफांसो जैसे आम शामिल हैं. विशेषज्ञों के अनुसार छोटे प्रभेद वाले पौधों को करीब 5 मीटर की दूरी पर लगाया जा सकता है. अमरूद और संतरे की भी कई किस्मेंआम के अलावा अमरूद और संतरे की भी कई उन्नत किस्में यहां उपलब्ध हैं. अमरूद में ताइवान पिंक अमरूद लोगों को काफी पसंद आ रहा है, जिसकी गुणवत्ता और स्वाद दोनों बेहतर माने जाते हैं. वहीं संतरा और मौसमी के भी 3 से 4 प्रकार के पौधे तैयार किए गए हैं, जो किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं. सस्ती दरों पर मिल रहे पौधेसरकारी नर्सरी में पौधों की कीमत भी काफी कम रखी गई है. यहां ग्राफ्टेड आम के पौधे मात्र 90 रुपए में मिल रहे हैं, जबकि अमरूद, नींबू, संतरा, मौसमी और कीनू के पौधे करीब 80 रुपए में उपलब्ध हैं. कम कीमत और बेहतर गुणवत्ता की वजह से बड़ी संख्या में लोग यहां से पौधे खरीदने पहुंच रहे हैं. फलदार पौधों की खेती किसानों और युवाओं के लिए अतिरिक्त आय का अच्छा माध्यम बन सकती है. ऐसे में चियांकी की यह सरकारी नर्सरी न सिर्फ लोगों को बेहतर पौधे उपलब्ध करा रही है, बल्कि बागवानी को बढ़ावा देने का भी काम कर रही है. Source link

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जमशेदपुर में दो नाबालिगों ने की आत्महत्या:गोविंदपुर में शादी समारोह से घर...

पूर्वी सिंहभूम जिले में आत्महत्या के दो अलग-अलग मामले सामने आए हैं। जमशेदपुर के गोविंदपुर थाना क्षेत्र में 17 वर्षीय नाबालिग ने प्रेम प्रसंग के चलते फांसी लगा ली, जबकि बोड़ाम थाना क्षेत्र में 16 वर्षीय किशोर का शव जंगल में फंदे से लटका मिला। गोविंदपुर थाना क्षेत्र के लुआबासा गांव में 17 वर्षीय चैतन्य सिंह ने सोमवार देर रात अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। जानकारी के अनुसार, चैतन्य गांव में एक शादी समारोह में शामिल होने के बाद घर लौटा था। रात में परिजन घर लौटे तो देखा शव घटना के समय घर में कोई सदस्य मौजूद नहीं था, क्योंकि परिवार के अन्य लोग दूसरे गांव में एक शादी समारोह में गए हुए थे। रात करीब 12:30 बजे परिजनों के लौटने पर उन्होंने चैतन्य को फंदे से लटका पाया। मृतक के पिता रघु सिंह ने पुलिस को बताया कि चैतन्य का गांव की ही एक लड़की से प्रेम संबंध था। आशंका है कि इसी संबंध में किसी बात को लेकर हुए तनाव के कारण उसने यह कदम उठाया। मेला जाने की बात कहकर घर से निकला था वहीं, दूसरे मामले में, बोड़ाम थाना क्षेत्र के पहाड़पुर गांव निवासी 16 वर्षीय वैद्यनाथ बेसरा का शव घर से लगभग 500 मीटर दूर जंगल में एक पेड़ से लटका मिला। परिजनों ने बताया कि वैद्यनाथ 10 मई की शाम मेला जाने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा था। मृतक के पिता सुनील बेसरा के अनुसार, वैद्यनाथ की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। उसकी आत्महत्या के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। Source link

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जामताड़ा में ट्रैक्टर ने बाइक सवारों को मारी टक्कर:एक की मौत, दूसरा...

गोविंदपुर-साहिबगंज नेशनल हाईवे पर मंगलवार को नारायणपुर थाना क्षेत्र के पबिया में एक सड़क हादसा हुआ। ओवरलोड बालू लदे तेज रफ्तार ट्रैक्टर की चपेट में आने से दुधानी गांव निवासी 50 वर्षीय राजा मणि मंडल की मौके पर ही मौत हो गई। इस दुर्घटना में रायडीह गांव निवासी राजकुमार सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। जानकारी के अनुसार, राजा मणि मंडल और राजकुमार सिंह बाइक से अपने गांव रायडीह लौट रहे थे। जामताड़ा की ओर से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि टक्कर इतनी भीषण थी कि इसकी आवाज काफी दूर तक सुनाई दी। हादसे के बाद ट्रैक्टर सड़क किनारे एक पेड़ के सहारे खड़ा हो गया। राजा मणि मंडल ट्रैक्टर के पहिए के नीचे आ गए दुर्घटना में बाइक चालक राजा मणि मंडल ट्रैक्टर के पहिए के नीचे आ गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पीछे बैठे राजकुमार सिंह गंभीर रूप से घायल हुए। मृतक राजा मणि मंडल अपने पीछे दो बेटे और तीन बेटियां छोड़ गए हैं। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने मुआवजे तथा दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर हाईवे जाम कर दिया। सड़क जाम के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। Source link

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