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jacresults.com| JAC 12th Result 2026: झारखंड बोर्ड 12वीं में लड़कियों ने मारी...

JAC 12th Result 2026: झारखंड बोर्ड 12वीं के लाखों छात्रों का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है.झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC)ने इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 का रिजल्ट जारी कर दिया है. इस साल के नतीजों में सबसे बड़ी बात यह रही कि लड़कियों ने एक बार फिर लड़कों से बेहतर प्रदर्शन किया और पास प्रतिशत में आगे रहीं. आर्ट्स में 96.14% और साइंस में 82.92% परीक्षार्थी सफल रहे हैं. लड़कियां आगे, लड़के पीछे जारी आंकड़ों के मुताबिक इस बार छात्राओं का पास प्रतिशत 78.35 प्रतिशत रहा जबकि छात्रों का पास प्रतिशत 69.06 प्रतिशत दर्ज किया गया यानी करीब 9 प्रतिशत से ज्यादा के अंतर से लड़कियों ने लड़कों को पीछे छोड़ दिया.यह नतीजा इस बात का संकेत है कि झारखंड में लड़कियां पढ़ाई में लगातार मजबूत होती जा रही हैं और बोर्ड परीक्षाओं में अपनी पकड़ और मजबूत कर रही हैं. पिछले साल से कैसा रहा रिजल्‍ट? इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 में राज्य का कुल पास प्रतिशत 73.57 प्रतिशत रहा है हालांकि यह आंकड़ा पिछले वर्ष के 75.92 प्रतिशत के मुकाबले थोड़ा कम है, लेकिन फिर भी लड़कियों के प्रदर्शन ने नतीजों को खास बना दिया है. गुमला जिला बना टॉपर झारखंड बोर्ड द्वारा जारी इंटरमीडिएट साइंस संकाय के नतीजों में गुमला जिला पूरे राज्य में सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला जिला बनकर उभरा है. गुमला का कुल पास प्रतिशत 91.06 प्रतिशत दर्ज किया गया जो राज्य में सबसे ज्यादा है.वहीं दूसरी ओर सिमडेगा जिला इस बार सबसे पीछे रहा जहां कुल पास प्रतिशत सिर्फ 58.49 प्रतिशत दर्ज किया गया. रांची, लोहरदगा और खूंटी का क्‍या हाल? राजधानी रांची जिले में कुल 7,769 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी जिनमें से 5,680 छात्र-छात्राएं सफल घोषित किए गए. रांची का कुल पास प्रतिशत 73.11 प्रतिशत रहा वहीं लोहरदगा जिले का पास प्रतिशत 71.26 प्रतिशत और खूंटी जिले का परिणाम 61.73 प्रतिशत दर्ज किया गया. साइंस में कितने बैठे, कितने पास? विज्ञान संकाय में इस वर्ष कुल 10,276 विद्यार्थियों ने नामांकन कराया था. इनमें से 10,220 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए और 7,519 छात्र-छात्राएं सफल घोषित किए गए.साइंस स्ट्रीम का कुल पास प्रतिशत 73.57 प्रतिशत रहा.  कितने छात्र रहे फर्स्‍ट, सेकंड? रिजल्ट के अनुसार प्रथम श्रेणी में 6,347 परीक्षार्थी सफल हुए हैं. द्वितीय श्रेणी में 1,169 विद्यार्थियों ने सफलता हासिल की जबकि तृतीय श्रेणी में केवल दो छात्र ही पास हो सके. तीनों संकायों में कैसा रहा प्रदर्शन इस वर्ष कला,विज्ञान और वाणिज्य तीनों संकायों में छात्रों का प्रदर्शन संतोषजनक रहा है.कला संकाय में कुल पास प्रतिशत 96.14 प्रतिशत रहा जहां 2,11,095 परीक्षार्थियों में से 2,02,962 छात्र पास हुए.विज्ञान संकाय में 82.92 प्रतिशत छात्र सफल रहे, जबकि वाणिज्य संकाय का पास प्रतिशत 93.37 प्रतिशत दर्ज किया गया. डिजिलॉकर और वेबसाइट पर रिजल्ट झारखंड बोर्ड ने छात्रों की सुविधा के लिए इंटर रिजल्ट 2026 को DigiLocker पर भी उपलब्ध कराया है. इसके अलावा छात्र jacresults.com पर जाकर रोल नंबर और रोल कोड के जरिए अपना परिणाम देख सकते हैं.रिजल्ट देखने के बाद छात्र अपनी मार्कशीट डाउनलोड कर सकते हैं और प्रिंट आउट भी निकाल सकते हैं। जल्द शुरू होगी स्क्रूटनी  बोर्ड की ओर से यह भी जानकारी दी गई है कि रिजल्ट जारी होने के बाद स्क्रूटनी प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी ताकि जिन छात्रों को अपने अंकों पर संदेह है.वे पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकें. बोर्ड ने दी सफल छात्रों को बधाई झारखंड एकेडमिक काउंसिल के अधिकारियों ने सभी सफल विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि मेहनत, नियमित पढ़ाई और आत्मविश्वास से बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं.इस बार के नतीजों में खास तौर पर लड़कियों का शानदार प्रदर्शन यह दिखाता है कि झारखंड की बेटियां शिक्षा के क्षेत्र में लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही हैं. Source link

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Jharkhand Board 12th Results 2026

झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) ने बुधवार को 12वीं कक्षा के तीनों संकायों (कला, वाणिज्य और विज्ञान) के परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए हैं। इस वर्ष इंटरमीडिएट परीक्षा में छात्रों का कुल प्रदर्शन बेहतर रहा है। . कला संकाय ने 96.14 प्रतिशत के साथ सबसे शानदार प्रदर्शन किया, जबकि वाणिज्य संकाय का परिणाम 93.37 प्रतिशत और विज्ञान संकाय का परिणाम 82.92 प्रतिशत रहा। लाखों विद्यार्थियों ने इस परीक्षा में भाग लिया, जिनमें से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं सफल हुए हैं। चार परीक्षार्थियों को केवल पास श्रेणी में रखा गया कला संकाय में कुल 2,12,721 परीक्षार्थियों ने आवेदन किया था, जिनमें से 2,11,095 परीक्षा में शामिल हुए। इनमें से 2,02,962 परीक्षार्थी सफल रहे, जिससे उत्तीर्ण प्रतिशत 96.14 रहा। प्रथम श्रेणी में 1,07,694 विद्यार्थी, द्वितीय श्रेणी में 91,317 और तृतीय श्रेणी में 3,947 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए। चार परीक्षार्थियों को केवल पास श्रेणी में रखा गया है। विज्ञान संकाय में कुल 90,638 परीक्षार्थियों ने आवेदन किया था, जिनमें से 90,168 परीक्षा में शामिल हुए। इस संकाय में 74,771 परीक्षार्थी सफल हुए, जिससे उत्तीर्ण प्रतिशत 82.92 रहा। विज्ञान में 61,589 विद्यार्थी प्रथम श्रेणी में, 13,163 द्वितीय श्रेणी में और 16 विद्यार्थी तृतीय श्रेणी में उत्तीर्ण हुए। तीन परीक्षार्थियों को पास श्रेणी में रखा गया है। टॉपर की लिस्ट। वाणिज्य संकाय का संतुलित प्रदर्शन, 93.37% रहा रिजल्ट वाणिज्य संकाय में इस बार कुल 21,228 परीक्षार्थियों ने आवेदन किया, जिनमें से 21,078 छात्र परीक्षा में शामिल हुए। इनमें 19,681 परीक्षार्थी सफल रहे, जिससे कुल रिजल्ट 93.37 प्रतिशत दर्ज किया गया। प्रथम श्रेणी में 12,030 विद्यार्थियों ने सफलता हासिल की, जबकि 7,468 विद्यार्थियों को द्वितीय श्रेणी और 183 विद्यार्थियों को तृतीय श्रेणी में सफलता मिली। वाणिज्य संकाय का यह प्रदर्शन संतुलित माना जा रहा है, जहां अच्छे प्रतिशत के साथ बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने उच्च श्रेणी में सफलता प्राप्त की है। छात्रों में खुशी, आगे की पढ़ाई को लेकर उत्साह रिजल्ट जारी होने के बाद छात्रों और अभिभावकों में उत्साह का माहौल है। कई छात्रों ने बेहतर अंक हासिल कर अपने करियर की दिशा तय करने की तैयारी शुरू कर दी है। वहीं, शिक्षकों का कहना है कि इस बार के परिणाम से यह स्पष्ट है कि छात्रों ने मेहनत की है और शिक्षा के स्तर में सुधार हुआ है। अब सफल छात्र उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटेंगे। कुल मिलाकर इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 का यह परिणाम राज्य के शैक्षणिक माहौल के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। Source link

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जमशेदपुर में मालगाड़ी पर चढ़ा युवक:खड़े होते ही हाईटेंशन तार से टकराया,...

जमशेदपुर के टाटानगर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 3 पर बुधवार को एक युवक हाई टेंशन तार की चपेट में आने से गंभीर रूप से झुलस गया। यह घटना तब हुई, जब युवक प्लेटफॉर्म पर खड़ी एक मालगाड़ी पर चढ़ गया। घटना के तुरंत बाद, रेलवे कर्मियों और स्थानीय लोगों की मदद से युवक को रेलवे अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद, उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया गया। पहले देखिए घटना से संबंधित चार तस्वीरें युवक प्लेटफॉर्म पर कैसे पहुंचा, जांच कर रही आरपीएफ इस मामले की जांच रेलवे सुरक्षा बल (RPF) द्वारा की जा रही है। आरपीएफ स्टेशन पर लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है, ताकि यह पता चल सके कि युवक प्लेटफॉर्म पर कैसे पहुंचा और किन परिस्थितियों में यह हादसा हुआ। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, युवक की मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। Source link

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विक्रमशिला सेतु बाधित… मुंगेर रेल पुल के रास्ते स्पेशल ट्रेन की घोषणा,...

Last Updated:May 06, 2026, 07:24 IST विक्रमशिला सेतु पर यातायात बाधित होने से रेलवे ने बड़ा फैसला लिया है. सरायगढ़ और देवघर के बीच मुंगेर रेल पुल के रास्ते स्पेशल ट्रेन चलेगी. यह सेवा 7 मई से 31 मई तक प्रतिदिन उपलब्ध रहेगी. ट्रेन सहरसा, खगड़िया और भागलपुर होकर गुजरेगी. इससे गंगा के दोनों ओर के यात्रियों को राहत मिलेगी. ख़बरें फटाफट भारतीय रेल की फाइल फोटो भागलपुर: भागलपुर में गंगा नदी पर बने विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने और वहां यातायात पूरी तरह बाधित हो जाने के बाद रेल मंत्रालय ने उत्तर और दक्षिण बिहार के यात्रियों को बड़ी राहत दी है. पुल पर आवागमन ठप होने से पैदा हुई समस्याओं को देखते हुए पूर्व मध्य रेल ने सरायगढ़ और देवघर के मध्य एक जोड़ी स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है. यह ट्रेन मुंगेर रेल पुल के रास्ते परिचालित की जाएगी, जिससे गंगा के दोनों ओर रहने वाले लोगों को यात्रा का एक सुलभ विकल्प मिल सकेगा. 07 मई से शुरू होगा परिचालनरेलवे द्वारा जारी सूचना के अनुसार, गाड़ी संख्या 05573/05574 सरायगढ़-देवघर-सरायगढ़ स्पेशल का परिचालन 7 मई 2026 से शुरू होकर 31 मई 2026 तक प्रतिदिन किया जाएगा. यह ट्रेन सुपौल, सहरसा, खगड़िया और मुंगेर होते हुए भागलपुर और बांका के रास्ते देवघर तक जाएगी. ट्रेन की समय सारिणी गाड़ी संख्या 05573 (सरायगढ़ से देवघर): यह ट्रेन प्रतिदिन सरायगढ़ से सुबह 03:05 बजे प्रस्थान करेगी. इसके बाद यह 03:38 बजे सुपौल, 04:30 बजे सहरसा, 05:00 बजे सिमरी बख्तियारपुर, 05:50 बजे मानसी, 06:00 बजे खगड़िया और 06:40 बजे मुंगेर पहुंचेगी. मुंगेर से खुलकर यह 07:48 बजे सुल्तानगंज और 08:30 बजे भागलपुर होते हुए सुबह 11:20 बजे देवघर पहुंचेगी. वहीं, वापसी में गाड़ी संख्या 05574 (देवघर से सरायगढ़): वापसी में यह ट्रेन देवघर से प्रतिदिन सुबह 11:35 बजे खुलेगी. दोपहर 02:20 बजे भागलपुर, 04:25 बजे मुंगेर और शाम 05:50 बजे खगड़िया होते हुए यह रात 08:40 बजे सहरसा पहुंचेगी. अंततः रात 10:15 बजे यह ट्रेन वापस सरायगढ़ पहुंचेगी. आमजन को मिलेगी बड़ी राहतविक्रमशिला सेतु बिहार के 16 जिलों को जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण कड़ी है. इसके क्षतिग्रस्त होने से सड़क मार्ग से संपर्क पूरी तरह टूट गया है. ऐसे में मुंगेर रेल पुल के रास्ते इस नई स्पेशल ट्रेन की शुरुआत से न केवल भागलपुर और मुंगेर के यात्रियों को फायदा होगा, बल्कि सहरसा, सुपौल और मधेपुरा के लोगों के लिए भी देवघर (झारखंड) तक का सफर आसान हो जाएगा. प्रशासन का मानना है कि इस पहल से सड़क पर लगने वाली भीड़ और जाम की समस्या में भी कमी आएगी. About the Author Prashun Singh मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Bhagalpur,Bihar Source link

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बाइक की ऑयल टैंकर से हुई टक्कर, युवक की मौत:बहन की शादी...

बोकारो जिले में एक सड़क दुर्घटना में 22 वर्षीय डीजेपद कुमार की मौत हो गई। यह घटना चास के पिंड्राजोरा थाना क्षेत्र के रानी चीड़का में हुई। डीजेपद अपनी बहन की शादी के लिए खरीदारी करने जा रहा था, तभी यह हादसा हुआ। डीजेपद की बहन की शादी 7 मई को होनी है। एनएच-32 पर बाबा धर्म कांटा के पास उसकी बाइक की टक्कर एक ऑयल टैंकर से हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि डीजेपद की मौके पर ही मौत हो गई। बाइक पर सवार उसके रिश्तेदार युवक को मामूली चोटें आई हैं और वह सुरक्षित है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए और उन्होंने सड़क जाम कर दिया। लगभग एक घंटे तक यातायात बाधित रहा। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाया और जाम खुलवाया। प्रशासन ने मृतक के परिजनों को मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया है। दुर्घटना में शामिल टैंकर को जब्त कर थाने ले जाया गया है। पुलिस के अनुसार, वाहन के बीमा के आधार पर मृतक के परिवार को उचित मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। Source link

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कोडरमा में दीवार गिरने से ऑटो चालक की मौत:कील ठोकते समय दीवार...

कोडरमा जिले के जयनगर थाना क्षेत्र के कन्द्रपडीह गांव में बुधवार सुबह एक ऑटो चालक की दीवार गिरने से मौत हो गई। मृतक की पहचान 47 वर्षीय अशोक रजक उर्फ चंगना, पिता स्वर्गीय बनवारी रजक के रूप में हुई है। अशोक रजक बुधवार सुबह अपने घर की लगभग 8 फीट ऊंची दीवार में कील ठोक रहे थे। दीवार के ठीक दूसरी ओर एक गहरा गड्ढा था। कील ठोकने के दौरान दीवार हिलने लगी और गड्ढे की ओर गिरने लगी। पहले दीवार का आधा हिस्सा गड्ढे में गिरा। इसी दौरान अशोक का संतुलन बिगड़ गया और वह भी दीवार के साथ गड्ढे में जा गिरे। इससे पहले कि वह संभल पाते, दीवार का बचा हुआ आधा हिस्सा भी उनके ऊपर गिर गया। अशोक मलबे के नीचे दब गए और उनके सिर में गंभीर चोटें आईं। उनकी पत्नी के शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर जमा हुए। ग्रामीणों ने मलबे को हटाकर अशोक को गड्ढे से बाहर निकाला। तत्काल उन्हें सदर अस्पताल कोडरमा ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक अपने पीछे पत्नी, एक पुत्र और एक पुत्री छोड़ गए हैं। ग्रामीणों के अनुसार, अशोक अपने घर के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे और ऑटो चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते थे। इस घटना के बाद परिवार पर आर्थिक संकट गहरा गया है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मृतक के परिजनों को सहायता प्रदान करने की अपील की है। Source link

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दिन में नौकरी, सुबह-शाम खेती… इंटीग्रेटेड फार्मिंग से बदली किसान सुधीर की...

Last Updated:May 06, 2026, 08:46 IST Ranchi Integrated Farming: रांची के सुधीर महतो गाय, सोनाली मुर्गी, मकई और कई सब्जियों की मिश्रित खेती कर रहे हैं. इसके अलावा डेरी भी चला रहे हैं. इस तरह वह घर से ही महीने में करीब 60 से 70 हजार रुपये की कमाई कर रहे हैं हैं. आइये जानते हैं उन्होंने क्या कुछ बताया. रांची: झारखंड की राजधानी रांची के सुधीर महतो रिंग रोड के एकदम बगल में ही रहते हैं. वह गाय और सोनाली मुर्गी का पालन किए हुए हैं. इसके अलावा वह मकई की भी खेती करते हैं. साथ ही नेनुआ, झिंगि ( धारदार लोकी ), खीरा सहित कई सब्जियों को भी उगाते हैं. इस तरीके से वह 6- 7 चीजों की खेती व डेरी फार्मिंग एक जगह ही करते हैं. वह बताते हैं कि हर दिन 20 केजी तक दूध बेच लेते हैं. आइये जानते हैं सुधीर की सफलता के बारे में. इसके अलावा वह मुर्गी से भी कमा लेते हैं और खेती से भी. फिर दिन में कैटरिंग का भी बिजनेस कर लेते हैं. ऐसे में आराम से महीने की कमाई 60-70 हजार रुपये की हो जाती है. सुधीर बताते हैं कि कभी भी हम लोग एक चीज पर निर्भर नहीं रहते हैं. क्योंकि खेती में अगर एक चीज का नुकसान होगा तो दूसरी चीज आपको संभलने का मौका देती है और दूध का व्यापार ऐसा है कि कभी मंदा पड़ने वाला नहीं है. एक खेत में करते हैं 4-5 सब्जियों की खेती उन्होंने बताया कि बाजार में हर चीज की अलग-अलग डिमांड है. ऐसे में दूध की डिमांड है, मुर्गी की भी डिमांड है और बाकी नेनुआ, झिंगि, खीरा यह सब का मौसम है तो यह सब हर दिन बाजार में जाकर बेच देते हैं. हर दिन आराम से 15 से 20 केजी तक निकल आता है. इसके अलावा वह मकई भी रोप दिए हैं. जहां आने वाले 30 दिनों के अंदर इसमें भी फल आने शुरू हो जाएंगे. इसके अलावा नीचे की तरफ के जमीन पर धान की खेती करते हैं. साथ ही, गाय का गोबर से हम लोग खाद बनाते हैं और यह फ्रेश गोबर खेत में डालते हैं, जिससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ती है. मुर्गी का बीट होता है इसे भी इस्तेमाल करते हैं, मतलब कुछ भी बेकार नहीं जाता व मकई का बेकार पत्ता यह हम अपनी गाय को चारा के रूप देते हैं. एक का वेस्ट दूसरे में इस्तेमाल हो जाता है. खपड़े के घर से बना है खुद का आशियाना उन्होंने बताया कि उनका बगल में खपड़े का घर है, जिसमें बहुत गर्मी लगती है और अब बगल में ही वह अपना घर बना रहे हैं. जो कि एक महीने में ही बनकर तैयार हो जाएगा. यही खेती बाड़ी व दिन में कैटरिंग का जो काम करता हैं, जिससे मुझे कुछ पैसे मिलते हैं. इसी सबको मिलाकर यह सारी चीज हो रही है. About the Author Brijendra Pratap Singh बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Jharkhand Source link

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प्रसव के दौरान आदिम जनजाति की महिला की मौत:CHC से गोड्‌डा सदर...

गोड्डा जिले के सुंदरपहाड़ी थाना क्षेत्र स्थित केडोबाजार में सनलाइफ हेल्थ केयर क्लीनिक में ऑपरेशन के दौरान एक गर्भवती की मौत हो गई। घटना के बाद क्लीनिक में मौजूद डॉक्टर मौके से फरार हो गए, जिससे परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। मृतका की पहचान रतनपुर कुसुम घाटी निवासी मीरा मालतो (पति चार्लीज मालतो) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि यह उसका दूसरा बच्चा था। बच्चा सुरक्षित है। मीरा मालतो आदिम जनजाति पहाड़िया समुदाय से थी। फर्जी क्लीनिक चलाने पर उठे सवाल घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने केडोबाजार से सुंदरपहाड़ी मुख्य सड़क को जाम कर दिया। क्लीनिक प्रबंधन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। लोगों का आरोप है कि प्रसव के दौरान गंभीर लापरवाही बरती गई, जिसके कारण महिला की जान चली गई। ग्रामीणों ने यह भी दावा किया कि संबंधित क्लीनिक फर्जी तरीके से संचालित हो रहा था। जहां न तो पर्याप्त चिकित्सीय सुविधाएं थीं और न ही योग्य डॉक्टर मौजूद थे। इसके अलावा स्थानीय जलसहिया सारा मालतो पर भी आरोप लगाया गया कि उन्होंने महिला को सरकारी अस्पताल के बजाय निजी क्लीनिक में भर्ती कराने की सलाह दी। रेफरल के बाद नहीं मिली एम्बुलेंस परिजनों के अनुसार, मीरा मालतो को पहले राजाभीठा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया था, जहां से उनकी स्थिति को देखते हुए गोड्डा सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। हालांकि, उस समय एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं होने के कारण परिजन असमंजस में पड़ गए। इसी दौरान जलसहिया के सुझाव पर महिला को रात में सनलाइफ हेल्थ केयर क्लीनिक में भर्ती कराया गया, जहां ऑपरेशन के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस-प्रशासन मौके पर, जांच शुरू घटना की सूचना मिलते ही सुंदरपहाड़ी और राजाभीठा थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। पुलिस ने लोगों को समझाकर सड़क जाम हटाया। गोड्डा के सिविल सर्जन डॉ. सुभाष शर्मा ने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी मिल चुकी है। वे स्वयं जांच कर रहे हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। Source link

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लातेहार में JJMP के दो उग्रवादी गिरफ्तार:एके-47, एसएलआर और भारी मात्रा में...

लातेहार पुलिस को उग्रवादियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने जेजेएमपी (झारखंड जन मुक्ति परिषद) संगठन के दो उग्रवादियों को अत्याधुनिक हथियारों के साथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई छिपादोहर थाना क्षेत्र के कुरूमखेता जंगल में की गई। गिरफ्तार उग्रवादियों की पहचान पलामू के जोबला पांकी निवासी मनोज लोहरा (पिता भुनेश्वर लोहरा) और लातेहार के सिमरियाटांड़ निवासी महादेव सिंह (पिता स्व. आदर सिंह) के रूप में हुई है। एसपी कुमार गौरव ने इसकी जानकारी दी। पुलिस टीम के जंगल पहुंचते ही उग्रवादी भागने लगे एसपी ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि जेजेएमपी का उग्रवादी शंकर राम अपने दस्ते के साथ कुरूमखेता जंगल में किसी नक्सली घटना को अंजाम देने की योजना बना रहा है। इस सूचना के आधार पर ‘स्पेशल ऑपरेशन ड्रैगन’ के तहत एक टीम गठित कर छापेमारी की गई। पुलिस टीम के जंगल पहुंचते ही उग्रवादी भागने लगे। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घेराबंदी कर दो उग्रवादियों को पकड़ लिया, जबकि शंकर राम सहित अन्य उग्रवादी भागने में सफल रहे। गिरफ्तार उग्रवादियों के पास से पुलिस ने दो एसएलआर राइफल, एक एके-47 राइफल, पांच मैगजीन और 318 जिंदा गोलियां बरामद की हैं। दो वॉकी-टॉकी व दो वाई-फाई राउटर भी बरामद इसके अतिरिक्त, तीन चितकबरा वर्दी, दो वॉकी-टॉकी, दो वाई-फाई राउटर, पांच मोबाइल फोन और छह सिम कार्ड भी जब्त किए गए हैं। एसपी कुमार गौरव ने बताया कि लगातार चलाए जा रहे अभियानों के कारण जेजेएमपी संगठन काफी कमजोर हुआ है। उन्होंने यह भी बताया कि गिरफ्तार दोनों उग्रवादी एक महीने पहले ही संगठन में शामिल हुए थे। एसपी ने उग्रवादियों से आत्मसमर्पण कर सरकार की पुनर्वास नीति का लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि वे ऐसा नहीं करते हैं, तो पुलिस का अभियान आगे भी जारी रहेगा। इस छापेमारी अभियान में मनिका थाना प्रभारी प्रभात कुमार दास, छिपादोहर थाना प्रभारी मो. यकीन अंसारी, आईआरबी और जिला पुलिस बल के जवान शामिल थे। Source link

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लोकल से ग्लोबल! हॉलीवुड में धूम मचाने वाले आदर्श गौरव का जमशेदपुर...

Last Updated:May 06, 2026, 08:52 IST Jamshedpur Famous Personality Adarsh Gaurav: जमशेदपुर से निकले अभिनेता आदर्श गौरव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुके हैं. द व्हाइट टाइगर मूवी से उन्होंने ग्लोबल मंच पर अपनी मौजूदगी दर्ज की. आदर्श का जन्म, शुरुआती शिक्षा जमशेदपुर में ही हुई और उन्हें शहर से विशेष लगाव भी है. आदर्श गौरव आज भारतीय सिनेमा का एक ऐसा नाम बन चुके हैं, जिन्होंने अपने अभिनय के दम पर देश ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान बनाई है. उनकी इस सफलता की जड़ें झारखंड के औद्योगिक शहर जमशेदपुर से गहराई से जुड़ी हैं. एक साधारण शहर से निकलकर वैश्विक मंच तक पहुंचने का उनका सफर युवाओं के लिए प्रेरणा है. आज भी आदर्श गौरव अपने इंटरव्यू में जमशेदपुर का जिक्र गर्व से करते हैं. वे मानते हैं कि इस शहर ने उन्हें सपने देखने की हिम्मत और उन्हें पूरा करने का आत्मविश्वास दिया. उनकी कहानी यह साबित करती है कि अगर मेहनत और जुनून हो, तो छोटे शहर से निकलकर भी दुनिया में बड़ा मुकाम हासिल किया जा सकता है. जमशेदपुर का वातावरण, खासकर जुबली पार्क जैसे स्थान, जहां सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियां होती रहती हैं, ने भी उनके व्यक्तित्व को प्रभावित किया. ऐसे स्थानों ने उन्हें लोगों के बीच रहने, उनकी भावनाओं को समझने और अभिव्यक्ति की कला सीखने में मदद की. शहर की सादगी और अनुशासन ने उन्हें जमीन से जुड़ा रहना सिखाया, जो आज भी उनके व्यक्तित्व में झलकता है. Add News18 as Preferred Source on Google आदर्श गौरव का जन्म 8 जुलाई 1994 को हुआ और उनका बचपन जमशेदपुर में ही बीता. यह शहर, जो अपनी अनुशासित जीवनशैली और टाटा नगरी के नाम से जाना जाता है, ने उनके व्यक्तित्व को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. शांत वातावरण, हरियाली और सांस्कृतिक गतिविधियों से भरपूर माहौल ने उनके भीतर रचनात्मक सोच को विकसित किया. उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई लोयोला स्कूल, जमशेदपुर से की, जो शहर के प्रतिष्ठित स्कूलों में गिना जाता है. स्कूल के दिनों में ही आदर्श को अभिनय और संगीत में गहरी रुचि हो गई थी. वे नाटकों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और डिबेट प्रतियोगिताओं में सक्रिय रूप से भाग लेते थे. यही वह समय था जब उनके भीतर छिपा कलाकार धीरे-धीरे निखरने लगा. अपने सपनों को पूरा करने के लिए आदर्श बाद में मुंबई चले गए, लेकिन जमशेदपुर से मिली सीख उनके साथ हमेशा रही. उन्होंने छोटे-छोटे रोल से शुरुआत की और धीरे-धीरे अपनी पहचान बनाई. उनके करियर का सबसे बड़ा मोड़ फिल्म The White Tiger से आया, जिसने उन्हें अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई. इस फिल्म में उनके अभिनय की दुनियाभर में सराहना हुई और उन्हें बड़े अवॉर्ड्स के लिए नॉमिनेशन भी मिला. Source link

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