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कोयला खदान में मलबा ढहने से चार मजदूरों की मौत:धनबाद के मुनीडीह...

धनबाद जिले के मुनीडीह स्थित बीसीसीएल की कोल वाशरी में शनिवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। वहां काम कर रहे दिहाड़ी मजदूरों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और चार मजदूर मलबे के नीचे दब गए। हादसे में चारों की मौत हो गई। उनके शव को बाहर निकाल लिया गया। इस हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। वाशरी में स्लरी लोडिंग का काम चल रहा था, तभी अचानक मलबे का एक बड़ा हिस्सा भरभराकर गिर पड़ा। हादसे के तुरंत बाद मौके पर अफरातफरी मच गई। आसपास मौजूद मजदूरों और स्थानीय लोगों ने बिना समय गंवाए राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया और प्रशासन को इसकी सूचना दी। पहले देखिए घटना से संबंधित कुछ तस्वीरें मलबा हटाने का काम शुरू किया गया सूचना मिलते ही प्रशासन और बचाव दल मौके पर पहुंचा और मलबा हटाने का काम शुरू किया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस हादसे में चार मजदूर दब गए। जब तक उन्हें मलबे से बाहर निकाला गया, उनकी मौत हो चुकी थी। इधर, इस दर्दनाक घटना के बाद मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, इस हादसे ने एक बार फिर खनन क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों ने बीसीसीएल प्रबंधक पर लापरवाही का आरोप लगाया है। फिलहाल प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। Source link

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पलामू में बोलेरो-बाइक की टक्कर, एक की मौत:फोरलेन पर हुआ हादसा, घायल...

पलामू जिले के पड़वा थाना क्षेत्र में शनिवार दोपहर एक सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई। मेदिनीनगर-पड़वा मुख्य पथ पर गाड़ीगांव में फोरलेन सड़क पर बोलेरो और बाइक की आमने-सामने टक्कर हो गई। इस हादसे में बाइक पर पीछे बैठे व्यक्ति की जान चली गई, जबकि बाइक चालक घायल हो गया। मृतक की पहचान करूअशना गांव निवासी 40 वर्षीय विजय ठाकुर के रूप में हुई है। घायल मुनेश ठाकुर भी इसी गांव का रहने वाला है। मुनेश ठाकुर का इलाज मेदनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चल रहा है, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। सिर में आईं गंभीर चोटें परिजनों के अनुसार, दोनों युवक एक ही बाइक पर सवार होकर कहीं जा रहे थे। गाड़ीगांव फोरलेन के पास एक तेज रफ्तार और अनियंत्रित बोलेरो ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों सड़क पर गिर गए, जिससे उन्हें सिर में गंभीर चोटें आईं। घटना की सूचना मिलते ही पड़वा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को मेदनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने विजय ठाकुर को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने दोनों वाहनों को जब्त कर लिया है और मामले की जांच जारी है। घटना की जानकारी मिलते ही मृतक के परिजन अस्पताल पहुंच गए। Source link

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ICSE Result 2026: 99.2% के साथ 10वीं में जिला टॉप करने वाले...

Last Updated:May 01, 2026, 12:09 IST Bokaro ICSE Topper: बोकारो के सेंट जेवियर स्कूल के आरुष सिंह ने आईसीएसई यानी दसवीं में 99.2 अंक लाकर जिले में टॉप किया है. आरुष ने अपनी स्ट्रेटजी शेयर करते हुए कहा कि खुद को मशीन न समझें और ब्रेक लेते हुए ही पढ़ाई करें. उन्होंने रटने को गलत बताया और प्रैक्टिस को महत्वपूर्ण बताया. ख़बरें फटाफट बोकारो. बोकारो जिले के सेक्टर-1 स्थित सेंट जेवियर स्कूल के मेधावी छात्र आरुष सिंह ने इंडियन सर्टिफिकेट ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (ICSE) कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा में 99.2% अंक प्राप्त कर जिला टॉपर बनने का गौरव हासिल किया है. लोकल 18 से खास बातचीत में आरुष सिंह ने बताया कि वे अपने परिणाम से बेहद खुश हैं. उन्होंने कहा कि उन्हें जिला टॉपर बनने की उम्मीद तो नहीं थी, लेकिन उन्हें पूरा भरोसा था कि ईमानदारी से की गई मेहनत का फल उन्हें जरूर मिलेगा. आरुष ने रूटीन का जिक्र करते हुए बताया कि रोजाना लगभग 6 घंटे पढ़ाई करते थे, जबकि परीक्षा के अंतिम महीनों में उन्होंने अपनी पढ़ाई का समय बढ़ाकर 12 घंटे से भी अधिक कर दिया था. ऐसे मिली सफलताअपनी सफलता का मंत्र साझा करते हुए आरुष ने कहा कि किसी भी परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए प्रीवियस ईयर क्वेश्चन पेपर्स का अभ्यास बेहद जरूरी होता है, क्योंकि इससे परीक्षा के पैटर्न को समझने में मदद मिलती है और बेहतर अंक हासिल किए जा सकते हैं. परीक्षा के दौरान आई चुनौतियों पर बात करते हुए आरुष ने बताया कि पढ़ाई के दौरान डिस्ट्रैक्शन होना सामान्य बात है, लेकिन टाइम मैनेजमेंट से इसे ठीक किया जा सकता है. दुखद यह है कि परीक्षा से करीब दो हफ्ते पहले उनके नाना जी का निधन हो गया था, जो उनके लिए बेहद कठिन समय था, क्योंकि वे बचपन से नाना-नानी के साथ जुड़े रहे हैं. इसके बावजूद उन्होंने खुद को संभाला और पढ़ाई पर ध्यान बनाए रखा. खुद को रोबोट न समझेंप्रोडक्टिव रहने के लिए आरुष ने कहा कि खुद को रोबोट नहीं समझना चाहिए, बल्कि पढ़ाई के बीच-बीच में आराम करना जरूरी है और खासकर नाइट स्टडी के दौरान उन्होंने 80-20 रूल अपनाया, जिससे उन्हें फोकस बनाए रखने और बेहतर परिणाम पाने में मदद मिली. यानी जो भी पढ़ो भले वह 30 परसेंट सिलेबस हो पर उससे 80 परसेंट रिटर्न मिलना ही चाहिए. बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों को आरुष ने सलाह दी है कि केवल रटने से सफलता नहीं मिलती, बल्कि कॉन्सेप्ट क्लियर होना बहुत जरूरी है, क्योंकि समझकर पढ़ी गई चीजें लंबे समय तक याद रहती हैं और परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने में मदद मिलती है. परिवार में कौन-क्या करता हैपारिवारिक पृष्ठभूमि का लेकर आरुष ने कहा कि उनके पिता मुकेश सिंह एक इंजीनियर हैं, जबकि उनकी मां पूनम कुमारी शिक्षिका हैं. उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, नाना-नानी और स्कूल के शिक्षकों को दिया है, जिनके मार्गदर्शन और आशीर्वाद से उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है. विषयवार अंकों की बात करें तो बोकारो के आरुष ने गणित में 100, विज्ञान में 98, इंग्लिश में 97, हिंदी में 100, सोशल साइंस में 100 और इकोनॉमिक एप्लिकेशन में 99 अंक प्राप्त किए हैं. About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Bokaro,Jharkhand Source link

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कोडरमा में स्कूल से गायब छात्र का शव मिला:मिड डे मील के...

कोडरमा थाना क्षेत्र के पाण्डेयडीह स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय में शनिवार को एक 10 वर्षीय छात्र की विद्यालय के पीछे खेत में बने गड्ढे में डूबने से मौत हो गई। मृतक छात्र की पहचान पाण्डेयडीह निवासी विकास साव के पुत्र विनय कुमार उर्फ सागर कुमार के रूप में हुई है, जो कक्षा 4 का छात्र था। मिली जानकारी के अनुसार, सागर रोज की तरह शनिवार सुबह गांव स्थित उत्क्रमित विद्यालय पढ़ने गया था। दोपहर के भोजन (मिड डे मील) के बाद वह अचानक स्कूल से गायब हो गया। इसके बाद उसके मित्रों और विद्यालय के शिक्षकों ने उसकी काफी खोजबीन की। परिजन और ग्रामीण बच्चे की खोज में जुट गए काफी देर तक जब विनय का कुछ पता नहीं चला, तो विद्यालय की ओर से उसके परिजनों को इसकी सूचना दी गई। इसके बाद परिजन और ग्रामीण बच्चे की खोज में जुट गए। आसपास के तालाबों, कुओं और अन्य जगहों पर विनय की तलाश की गई। इसी दौरान, विद्यालय के पीछे खेती के लिए खोदे गए एक गड्ढे में पानी के बीच सागर का शव उपलाता मिला। ग्रामीणों और परिजनों ने तुरंत बच्चे को बाहर निकाला और घटना की सूचना पुलिस को दी। घटना के बाद परिजनों ने विद्यालय प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनों का आरोप है कि विद्यालय के शिक्षकों की लापरवाही के कारण बच्चे की जान गई है। बच्चे के पिता ने कहा कि यदि शिक्षक बच्चों पर ध्यान देते, तो यह घटना नहीं होती। Source link

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विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 30 जुलाई से शुरू होगा:श्रद्धालुओं की सुविधा और...

देवघर में विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 30 जुलाई से शुरू होगा। इस वार्षिक मेले के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। हर साल लाखों श्रद्धालु देश-विदेश से बाबा बैद्यनाथ मंदिर पहुंचकर भगवान भोलेनाथ पर जलार्पण करते हैं। प्रशासन श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने में जुटा है। इसी क्रम में, देवघर समाहरणालय में उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक की उपस्थिति में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसमें जिले के सभी प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी शामिल हुए। बैठक में श्रावणी मेले के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। उपायुक्त ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि मेले से पहले सभी मूलभूत व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएं। उन्होंने पेयजल, शौचालय, विद्युत व्यवस्था, स्वास्थ्य सुविधा, सफाई व्यवस्था और श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए अस्थायी पंडाल जैसी सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को समय पर पूरा करने पर जोर दिया, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उपायुक्त ने यह भी जानकारी दी कि जल्द ही पूरे कांवरिया पथ का निरीक्षण किया जाएगा। इस दौरान मार्ग में उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया जाएगा और आवश्यकतानुसार सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि श्रावणी मेले के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है। मेले में आईपीएस और डीएसपी स्तर के अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। इसके अतिरिक्त, बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहेगा ताकि श्रद्धालु कतारबद्ध होकर मंदिर में प्रवेश कर सुरक्षित रूप से जलार्पण कर सकें। श्रावणी मेले को लेकर प्रशासनिक तैयारियां अब पूरी गति पकड़ चुकी हैं। Source link

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स्क्रीन चटकी, बैटरी खराब या मदरबोर्ड डेड? जमशेदपुर के इस मार्केट में...

Last Updated:May 02, 2026, 16:35 IST Jamshedpur Famous Mobile Repair Market: जमशेदपुर की जवाहर मार्केट मोबाइल रिपेयरिंग के लिए बहुत फेमस है और ये बाजार कम से कम 20-25 साल पुरानी है. यहां लाइन से इतनी ही दुकानें हैं जहां मोबाइल से जुड़ी हर एक्सेसरी भी मिलती हैं और आंखों के सामने फोन ठीक करके दिया जाता है. ख़बरें फटाफट जमशेदपुर. आज के समय में स्मार्टफोन हर किसी की जरूरत बन चुका है. चाहे पढ़ाई हो, काम हो या मनोरंजन – हर चीज के लिए लोग अपने फोन पर निर्भर हैं. लेकिन परेशानी तब बढ़ जाती है, जब फोन खराब हो जाता है और सर्विस सेंटर में भी ठीक नहीं हो पाता. ऐसे में लोग अक्सर नया फोन खरीदने की सोचने लगते हैं. लेकिन जमशेदपुर का एक ऐसा बाजार है, जहां आपकी यह चिंता काफी हद तक खत्म हो सकती है. यह है शहर का मशहूर जवाहर मार्केट, जिसे सुपर सेल मार्केट के नाम से भी जाना जाता है. यह बाजार मोबाइल रिपेयरिंग के लिए किसी हब से कम नहीं है. यहां 20 से 25 साल पुराने फोन भी आसानी से ठीक कर दिए जाते हैं, जो आज के समय में बेहद दुर्लभ बात है. मिलता है हर पार्टइस मार्केट की सबसे खास बात यह है कि यहां आपको लगभग हर तरह के मोबाइल पार्ट्स मिल जाते हैं. चाहे फोन की स्क्रीन टूट गई हो, बैटरी खराब हो, मदरबोर्ड में दिक्कत हो या कोई छोटा-मोटा पार्ट बदलना हो – हर समस्या का समाधान यहां मौजूद है. दुकान संचालक शेख आबिद बताते हैं कि इस मार्केट में करीब 25 से 30 मोबाइल रिपेयरिंग की दुकानें हैं, जहां अनुभवी कारीगर काम करते हैं. रिपेयरिंग भी होती हैयहां सिर्फ रिपेयरिंग ही नहीं, बल्कि फोन से जुड़ी कई अन्य सेवाएं भी मिलती हैं. जैसे – स्क्रीन लेमिनेशन, बैक कवर बदलना, सॉफ्टवेयर अपडेट करना और नए-पुराने सभी मॉडल्स की सर्विसिंग. खास बात यह है कि यहां पुराने से पुराने और नए से नए स्मार्टफोन के लिए भी जरूरी चीजें आसानी से उपलब्ध रहती हैं. उसी दिन ठीक कर देते हैं फोनजवाहर मार्केट की लोकप्रियता सिर्फ जमशेदपुर तक सीमित नहीं है. आसपास के गांवों से भी लोग यहां आते हैं. कई ग्राहक तो 50 से 60 किलोमीटर दूर से सिर्फ अपना फोन बनवाने के लिए इस बाजार तक पहुंचते हैं. यहां की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अधिकतर मामलों में फोन उसी दिन ठीक करके दे दिया जाता है, जिससे लोगों का समय और पैसा दोनों बचता है. चार्ज भी वाजिब होते हैंइसके अलावा, यहां काम पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाता है. ग्राहक के सामने ही फोन की मरम्मत की जाती है और कीमत भी काफी वाजिब होती है. यही वजह है कि लोग इस बाजार पर भरोसा करते हैं और बार-बार यहां आना पसंद करते हैं. जमशेदपुर का यह जवाहर मार्केट उन लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, जिनका फोन खराब हो गया है और उन्हें जल्दी और सस्ते में समाधान चाहिए. यह बाजार न सिर्फ लोगों की समस्याएं हल कर रहा है, बल्कि पुराने फोन को नई जिंदगी भी दे रहा है. About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Jamshedpur,Purbi Singhbhum,Jharkhand Source link

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आदित्यपुर में नवनिर्मित कंपनी में गिरे दो मजदूर, मौत:20 फीट की ऊंचाई...

सरायकेला जिले के आदित्यपुर स्थित एक नवनिर्मित कंपनी में शनिवार को एक हादसे में दो मजदूरों की मौत हो गई। यह घटना आरआईटी थाना क्षेत्र में हुई, जहां ऊंचाई पर काम करते समय संतुलन बिगड़ने से वे नीचे गिर गए। इस हादसे में नीचे काम कर रहे दो अन्य मजदूर ठाकुर बेसरा और रंजीत जेना भी गंभीर रूप से घायल हो गए। उनका इलाज स्थानीय नर्सिंग होम में जारी है। मृतकों की पहचान रामू मुर्मू (30) और लखींद्र हांसदा (28) के रूप में की गई। दोनों गम्हरिया के नीलडूंगरी निवासी थे। जानकारी के अनुसार, रामू मुर्मू और लखींद्र हांसदा लगभग 20 फीट की ऊंचाई पर निर्माण कार्य कर रहे थे। संतुलन बिगड़ने के कारण वे नीचे गिरे और सीधे नीचे काम कर रहे अन्य मजदूरों पर जा गिरे। इससे चारों मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को तत्काल एमजीएम अस्पताल लाया गया साथी मजदूरों और स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को तत्काल एमजीएम अस्पताल लाया गया। वहां चिकित्सकों ने रामू मुर्मू और लखींद्र हांसदा को मृत घोषित कर दिया। मृतकों के परिजनों और अन्य मजदूरों ने आरोप लगाया है कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था। उनका कहना है कि ऊंचाई पर काम करने के बावजूद मजदूरों को सेफ्टी बेल्ट, हेलमेट और अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए थे। ठेकेदार के लोग अस्पताल में शव छोड़कर हुए फरार यह भी सामने आया है कि दोनों मृतक ठेका श्रमिक थे। हादसे के बाद ठेकेदार के लोग अस्पताल में शव छोड़कर फरार हो गए, जिससे मजदूरों और परिजनों में गहरा आक्रोश है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। परिजनों ने कंपनी से उचित मुआवजे और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। Source link

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प्रेमिका की तय हुई शादी, प्रेमी चढ़ा टावर पर:गढ़वा में युवती की...

गढ़वा में शनिवार को एक युवक अपनी प्रेमिका कर दूसरे युवक से शादी तय होने के बाद 100 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गया। वहां से वो जान देने की धमकी देने लगा। मामला रंका थाना क्षेत्र के खपरो मानपुर गांव की है। दरअसल, खपरो गांव के असदुल्ला अंसारी का मानपुर की एक लड़की से पिछले दो साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। जब लड़की के घरवालों ने उसकी शादी दूसरी जगह तय कर दी, तो इससे नाराज होकर असदुल्ला मोबाइल टावर पर चढ़ गया और जान देने की धमकी देने लगा। प्रेमी और प्रेमिका की शादी कराने पर सहमति बनी थी असदुल्ला के पिता खुर्शीद अंसारी ने बताया कि लड़की भी उन्हीं के समुदाय की है। एक सप्ताह पहले रंका थाना में दोनों परिवारों के बीच समझौता भी हुआ था, जिसमें प्रेमी और प्रेमिका की शादी कराने पर सहमति बनी थी। हालांकि, लड़की के घरवालों ने बाद में उसकी शादी दूसरी जगह तय कर दी। इधर, सूचना मिलने पर रंका पुलिस मौके पर पहुंची और असदुल्ला अंसारी को टावर से नीचे उतारने का प्रयास शुरू किया। पुलिस पदाधिकारी अभिजीत गौतम ने बताया कि यह प्रेम प्रसंग का मामला है। उन्होंने पुष्टि की कि दोनों परिवारों में शादी की सहमति बनी थी, लेकिन किसी कारणवश बात बिगड़ गई और लड़की वालों ने शादी से इनकार कर दिया। Source link

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टुनटुन दीदी के हाथों का जादू… समोसे की ऐसी बिक्री देखी नहीं...

Last Updated:May 02, 2026, 08:30 IST Ranchi TunTun Didi Samosa: रांची में टुनटुन दीदी की सड़क किनारे समोसा दुकान की जबरदस्त डिमांड है. यह हर रोज 700 से 800 समोसे बिकते हैं. यहां समोसा खाने वालों की भीड़ लगी रहती है. आइये जानते हैं उनकी रेसिपी के बारे में. ख़बरें फटाफट रांची: झारखंड की राजधानी रांची से दस माइल चौक जब आप जाएंगे तो यहां से एक पतली सड़क टोरियन वर्ल्ड स्कूल की तरफ जाती है. बस वहीं से थोड़ा आगे एक बाजार लगती है. जहां पर खासतौर पर एक टुनटुन दीदी बांस और तिरपाल में दुकान लगाती हैं, इसके बाद भी उनके समोसे काफी लोकप्रिय हैं. यहां एक बार आप खायेंगे तो बार-बार खाने पहुंच जाएंगे. इसकी सबसे खास बात यह है कि वह ना कोई अपना खास दुकान लगाती हैं और ना ही कोई तामझाम है. बस एक छोटा सा टोकरी और कढ़ायी में समोसा यहां समोसा तैयार करती हैं. टुनटुन दीदी बताती हैं कि वह अपने घर से ही आलू के चोखे और आटा गूथ कर लाती हैं. यहां पर एकदम फ्रेश सबके सामने बनाती हैं. बस 7-8 लकड़ी से एक छोटा सा तिरपाल का छत जैसा उन्होंने बनाकर रखा है. बारिश में बचने के लिए और यहीं पर शाम के 3:00 बजे से बनाना शुरू कर देती हैं. जहां डेली 500 पीस तो सिर्फ पास के वाटर पार्क में ही चल जाता है. 700-800 पीस यूं ही हो जाते हैं खत्म उन्होंने बताया कि 500 पीस सिर्फ वाटर पार्क में ही चले जाते हैं और फिर वो लोग वाटर पार्क के अंदर हमारे ही समोसे को डबल रेट में बेचते हैं. इसके अलावा यहां के आसपास लोग शाम होते ही यहां पर आ जाते हैं. एक बार में वह 30 से 35 समोसा छानती हैं और मुश्किल से 15 मिनट के अंदर यह सारा खत्म हो जाता है. आलम यह है कि उन्हें कम से कम कर से पांच बार आटा यहीं पर गूथने पड़ते हैं. वह समोसे के साथ-साथ आलू की सब्जी भी देती हैं. ऐसा आलू की सब्जी आपको कहीं और देखने को नहीं मिलेगा. एकदम अपना खेत का आलू होता है और इसमें अपना घर का मिक्स मसाला होता है, जो अपने हाथों से बनाते हैं. ऐसे में कह सकते हैं कि सीक्रेट मसाला डालकर बनाते हैं. ऐसे नहीं यहां पर हर 3000- ₹4000 तक के समोसे की डेली बिक्री हो जाती है. पूरे रांची में कहीं नहीं मिलेगा ऐसा समोसा यहां पर समोसे का स्वाद लेने के लिए 15 मिनट पहले से इंतजार करने वाले रमेश बताते हैं कि वह क्योंकि रांची से 5 किलोमीटर बाहर की तरफ गांव से आते हैं. वह पूरे रांची में हर जगह का समोसा खा चुके हैं. उन्हें ऐसा समोसा कहीं नहीं मिलाहै. इसीलिए आलम यह है कि फोन करके उन्हें एडवांस ऑनलाइन बुकिंग करना पड़ता है कि भई मेरे लिए 15 पीस रख देना. जैसे टिकट की बुकिंग होती है ऐसा हम लोग फोन से समोसे की बुकिंग करते हैं. About the Author Brijendra Pratap Singh बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Jharkhand Source link

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जामताड़ा के जीतपुर जंगल में प्रेमी जोड़े का मिला शव:लाश के पास...

जामताड़ा जिले के मिहिजाम थाना क्षेत्र के जीतपुर जंगल में शनिवार को एक युवक और एक युवती के शव बरामद हुए। झाड़ियों के बीच शव पड़े देखकर स्थानीय ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर मिहिजाम थाना प्रभारी प्रदीप राणा अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और शवों को कब्जे में लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस इंस्पेक्टर अब्दुल रहमान भी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। प्रारंभिक जांच में मृत युवक की पहचान बोदमा गांव निवासी सागेन हेंब्रम के रूप में हुई है, जो कथित तौर पर शादीशुदा था। मृतका की पहचान पश्चिम बंगाल के सालनपुर थाना क्षेत्र के महेशपुर निवासी मालती मुर्मु के तौर पर की गई है। थाना प्रभारी प्रदीप राणा ने बताया कि घटनास्थल से जहर की एक बोतल बरामद हुई है। प्रथम दृष्टया यह मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा प्रतीत हो रहा है और आशंका जताई जा रही है कि दोनों ने जहर खाकर आत्महत्या की है। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। पुलिस इस मामले में आत्महत्या और अन्य संभावित कारणों सहित सभी पहलुओं से गहराई से जांच कर रही है। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। Source link

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