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know gumla palkot nagvanshi kings palace 52 kothri 53 darwaza history and...

Last Updated:April 30, 2026, 17:52 IST Gumla 52 kothi 53 darwaza Dharohar: झारखंड का गुमला जिला अपनी प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक धरोहरों के लिए जाना जाता है. जिसमें पालकोट प्रखंड नागवंशी राजाओं का प्रमुख गढ़ रहा है. यहां का ’52 कोठरी 53 दरवाजा’ महल अपनी अद्भुत वास्तुकला के लिए मशहूर है. लेकिन वर्तमान में यह ऐतिहासिक धरोहर देखरेख के अभाव में खंडहर बन रही है. जानिए इस महल और पालकोट के अन्य रहस्यमयी स्थलों का गौरवशाली इतिहास. ख़बरें फटाफट गुमला: गुमला जिला चारों ओर जंगल पेड़ पौधे पहाड़ ऐतिहासिक स्थल, धार्मिक स्थल व पर्यटन स्थलों से भरा पड़ा है. इसी में से जिले का पालकोट प्रखंड है. जो नागवंशी राजाओं का गढ़ हुआ करता था. यहां देखने व घूमने लायक एक से बढ़कर एक धार्मिक व ऐतिहासिक स्थल से भरा पड़ा है. यहां नागवंशी काल के समय का प्राचीन मां दशभुजी मंदिर, सुग्रीव गुफा, शीतलपुर, मलमल पुर, निर्झर, पंपापुर, गोब्बरसिल्ली, वॉच टावर आदि एक से बढ़कर ऐतिहासिक व रहस्यमई चीजें मौजूद हैं. उसी में से एक है 52 कोठी 53 दरवाजा. जानिए इसका इतिहास. पानी कहां से आता है यह आजतक रहस्यमयीयहां मौजूद सभी चीजों का अपना धार्मिक व ऐतिहासिक महत्व है. यहां ऊंचे पहाड़ों से होकर पानी गिरता है लेकिन पानी कहां से आता है यह आजतक रहस्य बना हुआ है. चाहे कितनी भी गर्मी क्यों न पड़े यहां का पानी कभी नहीं सूखता है व पानी भी बहुत मीठा व टेस्टी होता है. गोबर सिल्ली पत्थर के ऊपर बड़ा पत्थर ऐसा लगता है मानो किसी ने सजा के रखा है. मान्यता है कि इसके ऊपर से ठेला या पत्थर फेंककर मन्नत मांगने से वह जरूर पूर्ण होती है. इसी में से एक है नागवंशी काल का 52 कोठरी 53 दरवाजा का अद्भुत व अनोखा महल. जिसे देखने के लिए सैलानियों का आना जाना लगा रहता है. लेकिन देखरेख व रखरखाव के कारण यह अनोखा महल खंडहर बन गया है. आज अपने अस्तित्व का लड़ाई लड़ रहा है. यह नागवंशी राजाओं का खास महल स्थानीय विवेक कुमार मिश्रा ने लोकल 18 को बताया कि गुमला जिले के पालकोट प्रखंड प्राकृतिक संपदाओं से भरा पड़ा है. यहां देखने व घूमने लायक एक से बढ़कर एक धार्मिक व ऐतिहासिक स्थल है. इसी में से एक है हमारे प्रखंड के लालगढ़ में स्थित 52 कोठरी 53 दरवाजा का ऐतिहासिक महल. यह नागवंशी राजाओं का महल है. यहां नागवंशी राजा अपने शासन काल के समय यहां रहा करते थे. वहीं महल से कुछ दूरी में मां दशभुजी मंदिर आज भी है. वहीं यह उनके काल का बना हुआ अद्भुत व अनोखा महल था. लेकिन देखरेख  के अभाव में यह अब खंडहर में तब्दील होते जा रहा है. वहीं उन्होंने आगे कहा कि नागवंशी राजा यहां अपनी बैठक, सभा आयोजित करते थे. लेकिन यह ऐतिहासिक धरोहर अब खंडहर बन चुकी है ,इसकी संरक्षण की आवश्यकता है ताकि आने वाले समय में हमारी आने वाली पीढ़ी इसकी बनावट व संरचना को देख सकते हैं. इस तरह से पहुंचे यह ऐतिहासिक महल उन्होंने आगे बताया किया गुमला शहर से लगभग 28 किलोमीटर की दूरी में स्थित है. यहां जाने के लिए आपको गुमला से पालकोट रोड पकड़ के पहले गोबर सिल्ली पहुंचना होगा. उसके बाद पश्चिम की ओर एक रास्ता जाता है. उस रास्ता में लगभग 2 से 3 किलोमीटर जाने पर आप यह ऐतिहासिक स्थल पहुंच जाएंगे. About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Gumla,Jharkhand First Published : April 30, 2026, 17:52 IST Source link

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महुआडांड़ में स्कूली बच्चों से भरा टेंपो पलटा:हादसे में एक छात्र की...

लातेहार जिले के महुआडांड़ थाना क्षेत्र में गुरुवार को एक सड़क हादसा हुआ। बांसकरचा–लुरगुमी मुख्य पथ पर मौनाडीह गांव के पास स्कूली बच्चों से भरा एक टेंपो अनियंत्रित होकर पलट गया। इस हादसे में सातवीं कक्षा के एक छात्र की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 17 बच्चे घायल हो गए।इनमें से पांच छात्राओं की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें लातेहार रेफर किया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टेंपो में क्षमता से अधिक बच्चे सवार थे। तेज रफ्तार के कारण चालक दीपक टोप्पो वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और टेंपो सड़क किनारे पलट गया। घटना के बाद चालक मौके से फरार हो गया। मृतक छात्र की पहचान 12 वर्षीय अंकुर मिंज के रूप में हुई है, जो संत मिखाईल स्कूल का सातवीं कक्षा का छात्र था। गंभीर रूप से घायल अनुरूपा एक्का, अनुज कुमार, कॉतिक बाड़ा, साक्षी कुमारी और नेहा कुमारी को प्राथमिक उपचार के बाद लातेहार रेफर किया गया है। अन्य घायल बच्चों में आरसु मिंज, गोरीतिका केरकेट्टा, अनुज उरांव, रेशमा केरकेट्टा, सलमा बेक, अंशु मिंज, तुन एक्का, आस्था तिर्की, दिपासी केरकेट्टा, सोनू एक्का, अवेशव कुजूर और शुभम खलखो शामिल हैं। इन सभी का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महुआडांड़ में डॉ. अमित खलखो और उनकी टीम द्वारा किया जा रहा है। सभी बच्चे संत मिखाईल स्कूल महुआडांड़ के छात्र-छात्राएं हैं। फरार चालक की तलाश जारी इधर, घटना की सूचना मिलते ही डीएसपी शिवपूजन बहेलिया और थाना प्रभारी मनोज कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। दुर्घटनाग्रस्त वाहन को जब्त कर लिया गया है और फरार चालक की तलाश जारी है। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि स्कूली बच्चों के परिवहन के लिए सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और ओवरलोडिंग करने वाले वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। Source link

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रामगढ़ में 4 साइबर अपराधी गिरफ्तार:बैंक खाते से संदिग्ध लेनदेन का खुलासा,...

रामगढ़ में चार साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों में सोनू कुमार झा, रितेश अग्रवाल उर्फ मुन्ना, रवि कुमार वर्मा(34) और राहुल कुमार गुप्ता(37) शामिल है। ये अपराधी भारतीय स्टेट बैंक के एक खाते के माध्यम से संदिग्ध लेनदेन में शामिल थे। पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय), रामगढ़-सह-थाना प्रभारी, साइबर अपराध थाना, रामगढ़ ने इस सूचना पर संहा दर्ज कर 28 अप्रैल 2026 को जांच शुरू की। जांच के दौरान पता चला कि भारतीय स्टेट बैंक का खाता संख्या 444616958956 भारत सरकार की एमएसएमई योजना के तहत उद्यम पंजीकरण के लिए ‘श्री गणेश इंटरप्राइजेज’ के नाम से खोला गया था। इस खाते के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों में अवैध राशि हस्तांतरण से संबंधित कुल 274 शिकायतें दर्ज थीं। खाते के तीन प्रोपराइटर थे। राहुल गुप्ता , रवि कुमार वर्मा और अजय शर्मा। पूछताछ में राहुल गुप्ता और रवि कुमार वर्मा ने बताया कि उन्होंने रितेश अग्रवाल उर्फ मुन्ना और सोनू कुमार झा के कहने पर स्टेट बैंक में करंट अकाउंट खुलवाया था। इसके बदले उन्हें सोनू कुमार झा से 1,20,000 रुपए मिले थे। आगे की पूछताछ में राहुल गुप्ता और रवि कुमार वर्मा ने नए खाते खोलने के एवज में पैसे लेने, रितेश अग्रवाल उर्फ मुन्ना और सोनू कुमार झा द्वारा ओटीपी उपलब्ध कराने, मोबाइल बैंकिंग चालू करवाने और खाते को व्हाट्सएप ग्रुप व टेलीग्राम के माध्यम से साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराने में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। पकड़े गए व्यक्तियों के मोबाइल डेटा की जांच में विभिन्न मोबाइल सिम कार्ड, बैंक खाते, पासबुक, एटीएम कार्ड, स्कैनर (क्यूआर कोड), आधार कार्ड, पैन कार्ड और लेनदेन से संबंधित व्हाट्सएप संदेश पाए गए हैं। Source link

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दिखना है स्टाइलिश, रहना है कूल? साकची बाजार में मिल रहा खास...

Last Updated:April 30, 2026, 16:14 IST Jamshedpur Best Market For Ladies Kurtis: जमशेदपुर के साकची बाजार में महिलाओं खासकर लड़कियों के लिए कुर्ती का जबरदस्त कलेक्शन आया है. 100 रुपये से शुरुआत हो रही है और 200 रुपये तक बढ़िया आइटम मिल रहे हैं. ऑफिस गोइंग हों या कॉलेज गोइंग, सबके लिए बढ़िया एक से बढ़कर एक ऑप्शन है. ख़बरें फटाफट जमशेदपुर. झुलसाती गर्मी के इस मौसम में जहां तेज धूप लोगों को घरों में रहने पर मजबूर कर रही है, वहीं जमशेदपुर के साकची बाजार से एक ऐसी खबर सामने आई है जो खासकर महिलाओं के चेहरे पर मुस्कान ला रही है. इस भीषण गर्मी के बीच साकची बाजार पूरी तरह गुलजार हो चुका है और यहां महिलाओं के लिए सस्ती, आरामदायक और ट्रेंडी कपड़ों की भरमार देखने को मिल रही है. 100 रुपये में ट्रेंडी कुर्तीबाजार में इन दिनों कुर्तियों की खास डिमांड है, जिसकी शुरुआती कीमत मात्र ₹100 से शुरू हो रही है. इतनी कम कीमत में स्टाइलिश और अच्छी क्वालिटी की कुर्ती मिलना अपने आप में एक बड़ी बात है. इसके साथ ही अगर आप पूरा सेट लेना चाहती हैं, तो मात्र ₹250 में अपर और लोअर दोनों आसानी से उपलब्ध हैं. यही वजह है कि साकची बाजार इन दिनों महिलाओं के लिए शॉपिंग का हॉटस्पॉट बन गया है. पसंद किया जाता है यह फैब्रिकदुकानदारों के अनुसार, यहां मिलने वाले ज्यादातर कपड़े रेयॉन और कॉटन फैब्रिक के बने होते हैं, जो गर्मी के मौसम के लिए सबसे बेहतर माने जाते हैं. यह कपड़े न सिर्फ मुलायम होते हैं बल्कि पहनने में बेहद आरामदायक भी होते हैं, जिससे पूरे दिन की भागदौड़ में भी कोई परेशानी महसूस नहीं होती. डिजाइन और पैटर्न की बात करें तो इस बार बाजार में लाइट कलर का ट्रेंड देखने को मिल रहा है. हल्के रंगों में बने फ्लोरल प्रिंट और मंडला आर्ट वाले डिजाइन खास आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं. ये डिजाइन देखने में जितने खूबसूरत लगते हैं, पहनने पर उतने ही स्टाइलिश भी नजर आते हैं. हर किसी के लिए कुछ ना कुछखास बात यह है कि ये कपड़े हर वर्ग की महिलाओं को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं. चाहे आप कॉलेज जाने वाली छात्रा हों, ऑफिस जाने वाली महिला हों या स्कूल जाने वाली लड़की – यहां हर किसी के लिए कुछ न कुछ खास जरूर है. सस्ती कीमत, बेहतरीन क्वालिटी और लेटेस्ट डिजाइन का यह कॉम्बिनेशन महिलाओं को खूब पसंद आ रहा है. अगर आप भी इस गर्मी में खुद को स्टाइलिश और कंफर्टेबल रखना चाहती हैं, तो साकची बाजार आपके लिए एक परफेक्ट जगह साबित हो सकता है. तो देर किस बात की, इस शानदार मौके का फायदा उठाइए और अपनी पसंदीदा कुर्तियों की खरीदारी करिए, क्योंकि ऐसे ऑफर रोज-रोज नहीं मिलते. About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Jamshedpur,Purbi Singhbhum,Jharkhand First Published : April 30, 2026, 16:14 IST Source link

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झारखंड-बिहार सीमा पर 65 पेटी अवैध शराब जब्त:चतरा पुलिस ने पिकअप से...

चतरा पुलिस ने झारखंड-बिहार सीमा पर अवैध शराब तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। वशिष्ठ नगर जोरी थाना पुलिस ने एक विशेष गश्ती अभियान के दौरान 8 लाख रुपये मूल्य की 65 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब जब्त की। यह कार्रवाई 29 अप्रैल की रात को की गई। पुलिस अधीक्षक (SP) अनिमेश नैथानी के निर्देश पर जिले में अवैध मादक पदार्थों और शराब की तस्करी रोकने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में जोरी थाना पुलिस थाना गेट के पास सघन वाहन चेकिंग कर रही थी। चेकिंग के दौरान एक पिकअप वाहन तेजी से थाना गेट की ओर आया। पुलिस बल को तैनात देख चालक घबरा गया और उसने पिकअप को थाना गेट के ठीक सामने खड़ा कर दिया। वाहन में ऊपर से जूट के बोरे लदे थे अंधेरे का फायदा उठाकर चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने लावारिस खड़ी पिकअप की गहनता से तलाशी ली। वाहन में ऊपर से जूट के बोरे लदे थे, जिनके नीचे शातिराना तरीके से 65 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब करीने से छिपाई गई थी। पुलिस ने जब्त शराब के साथ माफियाओं के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। वरीय अधिकारियों के अनुसार, जब्त की गई शराब की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग आठ लाख रुपए आंकी गई है। पुलिस ने तत्काल प्रभाव से पिकअप और शराब की खेप को अपने कब्जे में ले लिया। इस मामले में फरार चालक और वाहन मालिक के विरुद्ध वशिष्टनगर थाना कांड संख्या- 62/2026 दर्ज किया गया है। जोरी थाना प्रभारी अमित कुमार सिंह ने बताया कि तस्कर अक्सर बिहार-झारखंड बॉर्डर का लाभ उठाकर इस रूट का इस्तेमाल करते हैं। चूंकि बिहार में शराबबंदी है। इसलिए पड़ोसी राज्यों से तस्करी की घटनाएं बढ़ जाती हैं। Source link

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चाईबासा में विवाहिता ने की आत्महत्या:दो बच्चों की मां ने फंदे से...

पश्चिमी सिंहभूम जिले के नोवामुंडी थाना क्षेत्र के डंगुवापोशी स्थित गौडदिघिया की मुखी बस्ती में एक 22 वर्षीय विवाहिता ने आत्महत्या कर ली। मृतका की पहचान सुशीला मुखी के रूप में हुई है, जिसने गमछे से फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। उसके पति हरि मुखी पेशे से सफाई कर्मी हैं। जानकारी के अनुसार, सुशीला मुखी की मानसिक स्थिति पिछले कुछ समय से ठीक नहीं थी। घटना के समय वह घर में अकेली थी। उसकी भतीजी मुस्कान ने सबसे पहले उसे कमरे में फंदे से लटका देखा। मुस्कान के शोर मचाने पर परिजन और पड़ोसी मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक सुशीला की मौत हो चुकी थी। मृतका अपने पीछे दो छोटे बच्चे छोड़ गई है, जिनकी उम्र लगभग तीन साल और सात महीने है। मां के निधन से परिवार में गहरा शोक है। इस घटना से पूरे गांव में स्तब्धता का माहौल है। सिंदूर खाकर जान देने का प्रयास किया था परिजनों ने बताया कि सुशीला अक्सर छोटी-छोटी बातों पर तनाव में आ जाती थी और कई बार आत्महत्या की धमकी भी दे चुकी थी। कुछ समय पहले उसने सिंदूर खाकर जान देने का प्रयास किया था, लेकिन परिवार ने उसे बचा लिया था। इसके बावजूद उसकी मानसिक स्थिति में सुधार नहीं हुआ था। घटना की सूचना मिलते ही नोवामुंडी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए चाईबासा सदर अस्पताल भेज दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आत्महत्या के कारणों का पता लगा रही है। Source link

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ICSE Board Results: 100% नंबर लाकर रच दिया इतिहास, जमशेदपुर की शांभवी...

Last Updated:April 30, 2026, 15:25 IST ICSE Board Results: झारखंड के जमशेदपुर की छात्रा शांभवी तिवारी ने 12वीं (ISC) बायो साइंस में 100 प्रतिशत अंक हासिल कर देशभर में टॉप किया है. सेक्रेड हार्ट कॉन्वेंट स्कूल की इस उपलब्धि से परिवार, स्कूल और पूरे शहर में खुशी का माहौल है. शांभवी की सफलता को जमशेदपुर ही नहीं, पूरे राज्य के लिए गर्व का क्षण माना जा रहा है. परिवार के सदस्यों ने उनकी इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए इसे बड़ी उपलब्धि बताया है. शांभवी तिवारी बनीं देश की टॉपर जमशेदपुर: झारखंड के जमशेदपुर शहर की बेटी शांभवी तिवारी ने 12वीं (ISC) बायो साइंस में 100 प्रतिशत अंक हासिल कर देशभर में टॉप किया है. सेक्रेड हार्ट कॉन्वेंट स्कूल की छात्रा शांभवी की इस उपलब्धि से परिवार, स्कूल और पूरे शहर में खुशी का माहौल है. उनकी सफलता को जमशेदपुर के लिए गर्व का क्षण माना जा रहा है. पूरे परिवार में शांभवी की इस सफलता पर खुशी मनाई जा रही है. परिवार के लोगों को कहना है कि शांभवी की यह सफलता सिर्फ परिवार ही नहीं पूरे राज्य के लिए गर्व की बात है. पास प्रतिशत पिछले वर्षों की तरह ऊंचाबता दें कि काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशंस (CISCE) ने ICSE (10वीं) और ISC (12वीं) परीक्षा 2026 के नतीजे घोषित कर दिए हैं. इस साल भी परीक्षा का रिजल्ट काफी अच्छा रहा है. पास प्रतिशत पिछले वर्षों की तरह ऊंचा बना हुआ है. वर्ष 2025 में पास प्रतिशत 99.09%, 2024 में 99.47% और 2023 में 96.26% रहा था. इससे साफ है कि हर साल बड़ी संख्या में छात्र परीक्षा में सफल हो रहे हैं. 4 लाख से ज्यादा छात्रों ने हिस्सा लियाइस बार ICSE और ISC परीक्षाओं में 4 लाख से ज्यादा छात्रों ने हिस्सा लिया. छात्र अपना रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट results.cisce.org के जरिए देख सकते हैं. इसके अलावा DigiLocker, SMS और UMANG ऐप के माध्यम से भी मार्कशीट डाउनलोड करने की सुविधा दी गई है. रिजल्ट देखने के लिए छात्रों को अपना यूनिक आईडी (UID) और इंडेक्स नंबर दर्ज करना होगा. शांभवी तिवारी सभी छात्रों के लिए प्रेरणापरीक्षा में पास होने के लिए भी न्यूनतम अंक तय किए गए हैं. ICSE (10वीं) में छात्रों को कम से कम 33 प्रतिशत अंक लाने जरूरी हैं, जबकि ISC (12वीं) में पास होने के लिए 35 प्रतिशत अंक आवश्यक हैं. 12वीं का स्तर अधिक कठिन होने के कारण पासिंग मार्क्स भी थोड़ा ज्यादा रखा गया है. शांभवी तिवारी की इस सफलता ने न केवल उनके परिवार और स्कूल का नाम रोशन किया है, बल्कि अन्य छात्रों के लिए भी एक प्रेरणा पेश की है. About the Author Amita kishor न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Jamshedpur,Purbi Singhbhum,Jharkhand First Published : April 30, 2026, 15:25 IST Source link

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हाथियों ने 400 आम के पेड़ को किया बर्बाद:कोडरमा में किसानों को...

कोडरमा जिले के मरकच्चो प्रखंड स्थित पपलो पंचायत में हाथियों के झुंड ने बीती रात जमकर उत्पात मचाया। इस दौरान हाथियों ने 4 एकड़ भूमि में लगे करीब 400 फलदार आम के पेड़ों को नष्ट कर दिया, जिससे किसानों को लगभग 20 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। पपलो निवासी श्याम बिहारी यादव उर्फ लालू यादव ने बताया कि हाथियों का झुंड रात में पपलो पंचायत से सटे किसानों की आम की बागवानी में घुस गया। उन्होंने बताया कि हाथियों ने बलजीत यादव के डेढ़ एकड़ में लगे लगभग 150 आम के पेड़, बिरंची यादव के 2 एकड़ में लगे 200 आम के पेड़ और उनके अपने आधे एकड़ में लगे 40 से 45 आम के पेड़ पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिए। इस उत्पात में बलजीत यादव को करीब 6 लाख रुपए, बिरंचि यादव को लगभग 8 लाख रुपए और श्याम बिहारी यादव को करीब 3 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। खंडराडीह निवासी गोपाल यादव ने भी बताया कि हाथियों के झुंड ने उनके खेतों में लगे सोलर पंप के सेट को भी नष्ट कर दिया। इससे उन्हें लगभग ढाई लाख रुपए का नुकसान हुआ है। लोग भय के साए में जीने को मजबूर कोडरमा जिले में बीते दो वर्षों से हाथियों का उत्पात थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाथियों द्वारा फसल, झोपड़ी और बागवानी को लगातार नुकसान पहुंचाया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोग भय के साए में जीने को मजबूर हैं। बताते चलें कि उक्त आम के बागवान में 2020 में मनरेगा योजना के तहत पौधे लगाए गए थे। इसमें बड़े पैमानें पर आम के फल लदे हुए थे। वहीं, सोलर पम्प सेट को कुशुम योजना अंतर्गत खेतों में फसलों के पटवन के लिए लगाया गया था। सोलर सिस्टम के हाथीयों द्वारा क्षतिग्रस्त किए जाने के बाद किसानो को अब खेतों में लगे फसलो के पटवन की चिंता सताने लगी है। इधर, उपरोक्त सभी किसानों ने वन विभाग से इनके बागवानी में हुए नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजे की मांग की है। Source link

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चाईबासा में स्कॉर्पियो की टक्कर से छात्रा की मौत:ट्यूशन से घर लौटते...

पश्चिमी सिंहभूम जिले के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के पंड्रासाली ओपी अंतर्गत भोया के पास कैप्टन चौक पर एक सड़क हादसे में 15 वर्षीय छात्रा श्रेया हेंब्रम की मौत हो गई। वह कक्षा 10 की छात्रा थी। तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने उसकी साइकिल को टक्कर मार दी। जानकारी के अनुसार, श्रेया हेंब्रम पंड्रासाली से ट्यूशन पढ़कर अपनी छह सहेलियों के साथ साइकिल से जोंकोंससन गांव लौट रही थी। रास्ते में एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने उसे जोरदार टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। टक्कर के बाद स्कॉर्पियो चालक और स्थानीय लोगों ने घायल छात्रा को तुरंत चाईबासा सदर अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। छात्रा की मौत की पुष्टि होते ही चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलने पर परिजन सदर अस्पताल पहुंचे। इस घटना से पूरे इलाके में दुख का माहौल है। पुलिस ने मामला दर्ज कर फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है। Source link

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देवघर के एक ही टूर में पहाड़, नदी, भोलेनाथ का दर्शन, यहां...

Last Updated:April 30, 2026, 11:04 IST  देवघर की रोड ट्रिप में एक ही सफर में मिलेंगे बाबाधाम ज्योतिर्लिंग की आस्था, त्रिकुट पहाड़ का एडवेंचर और पुनाशी डैम का सुकून.अगर आप भी वीकेंड को बनाना चाहते हैं यादगार, तो देवघर का हम आपको एक शानदार रूट बताने जा रहे हैं. इसी रास्ते में तपोवन पहाड़ भी आता है, जो अपने रहस्यमयी गुफाओं और मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है. यहां कुल 11 रहस्यमयी गुफाएं और 9 मंदिर हैं, जो इसे और भी खास बनाते हैं. पहाड़ पर चढ़ने के लिए करीब 300 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं. यहां स्थित तपोनाथ मंदिर और पत्थरों के बीच बना बजरंगबली मंदिर लोगों को खास आकर्षित करता है. अगर आपको मंदिर और पहाड़ एकसाथ घूमना पसंद है तो यहां रोड ट्रिप कर जरूर पहुंचें. यह शहर से 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. अगर आप शाम के समय शांत और सुकून भरा माहौल पसंद करते हैं तो पुनासी डैम का रोड ट्रिप आपके लिए एकदम परफेक्ट है. यह डैम शहर से लगभग 20 किलोमीटर दूर पुनासी गांव के पास स्थित है. खासकर गर्मी के दिनों में यहां का नजारा बेहद खूबसूरत हो जाता है. डैम के किनारे बैठकर ठंडी हवा का आनंद लेना और डूबते सूरज को देखना मन को एक अलग ही शांति देता है. आसपास का प्राकृतिक दृश्य और शांत वातावरण इसे एक बेहतरीन रिलैक्सिंग स्पॉट बनाता है, जहां लोग अपने परिवार और दोस्तों के साथ सुकून भरे पल बिताने आते हैं. सबसे पहले बात करते हैं बाबा बैद्यनाथधाम ज्योतिर्लिंग की, जो देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है. यह मंदिर जसीडीह रेलवे स्टेशन से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. यहां देशभर से श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन के लिए आते हैं. मान्यता है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई हर मनोकामना पूरी होती है. रोड ट्रिप के जरिए यहां पहुंचना बेहद आसान है और रास्ते का सफर भी उतना ही सुखद होता है. इसी रास्ते में तपोवन पहाड़ भी आता है, जो अपने रहस्यमयी गुफाओं और मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है. यहां कुल 11 रहस्यमयी गुफाएं और 9 मंदिर हैं, जो इसे और भी खास बनाते हैं. पहाड़ पर चढ़ने के लिए करीब 300 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं. यहां स्थित तपोनाथ मंदिर और पत्थरों के बीच बना बजरंगबली मंदिर लोगों को खास आकर्षित करता है. अगर आपको मंदिर और पहाड़ एकसाथ घूमना पसंद है तो यहां रोड ट्रिप कर जरूर पहुंचें. यह शहर से 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. Add News18 as Preferred Source on Google इसके बाद आप जा सकते हैं बासुकीनाथ धाम, जो दुमका जिले में स्थित है और देवघर से लगभग 55 किलोमीटर दूर है. कहा जाता है कि बाबा बैद्यनाथ के दर्शन के बाद यहां पूजा करना जरूरी होता है तभी आपकी यात्रा पूर्ण मानी जाती है. रास्ते में हरियाली और ग्रामीण परिवेश आपका मन मोह लेगा, जिससे सफर भी यादगार बन जाता है. जो भी भक्त देवघर पूजा करते हैं वो बासुकीनाथ धाम पूजा करने जरूर आते हैं. अगर आप भी रोड ट्रिप के शौकीन हैं, तो देवघर आपके लिए किसी जन्नत से कम नहीं है. देवों की नगरी के नाम से मशहूर यह शहर आस्था, प्रकृति और एडवेंचर का शानदार संगम है. यहां सिर्फ धार्मिक महत्व ही नहीं, बल्कि खूबसूरत पहाड़, हरियाली और शांत वातावरण भी आपका दिल जीत लेते हैं. खास बात यह है कि यहां हर जगह सड़क मार्ग से आसानी से पहुंचा जा सकता है, जिससे रोड ट्रिप का मज़ा दोगुना हो जाता है. वहीं अगर आप हरियाली और जंगल के बीच घूमने का शौक रखते हैं, तो देवघर बायोडायवर्सिटी पार्क आपके लिए शानदार विकल्प है. यह पार्क देवघर-जमुई हाईवे पर शहर से करीब 18 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. घने जंगलों के बीच बना यह पार्क प्रकृति प्रेमियों को खूब आकर्षित करता है. यहां की साफ-सुथरी पगडंडियां, पेड़-पौधों की विविधता और शांत वातावरण आपको शहर की भीड़-भाड़ से दूर एक नया अनुभव देता है. रोड ट्रिप करके यहां पहुंचना आसान है और एक दिन की सैर के लिए यह जगह बिल्कुल उपयुक्त मानी जाती है. दुमका पहुंचने के बाद दुमका का मसानजोर डैम घूमना ना भूलें जो हरी भरी वादियों के बीच में डैम के ठीक किनारे इकोकॉटेज ठहरने के लिए बनाया गया है. साथ ही यहां नौकाविहार का लुफ्त उठा सकते हैं. इसके साथ ही सेल्फी ब्रिज दुमका घूमना बिल्कुल न भूलें खासकर शाम के समय यह जगह बेहद खूबसूरत लगती है. चारों तरफ पहाड़, जंगल और ठंडी हवा आपको एक अलग ही सुकून का एहसास कराती है. यहां लोग दूर-दूर से घूमने और यादगार तस्वीरें लेने आते हैं. वापसी के दौरान त्रिकुट पहाड़ जरूर जाएं, जो देवघर से लगभग 17 किलोमीटर दूर है. यहां कभी झारखंड का पहला रोपवे हुआ करता था, लेकिन अप्रैल 2022 मे हादसा होने के बाद फिलहाल अभी तक बंद है. आज भी लोग पैदल ट्रैकिंग कर पहाड़ की चोटी तक पहुंचते हैं. ऊपर भगवान शिव का मंदिर और चारों ओर फैली वादियां इस जगह को खास बनाती हैं. यहां का एडवेंचर और प्राकृतिक सुंदरता हर किसी को आकर्षित करती है. यहां बिहार, बंगाल, उत्तर प्रदेश और दिल्ली आदि जगहों से सैलानी घूमने आते हैं. First Published : April 30, 2026, 11:04 IST Source link

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