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हैदराबाद स्काईलाइन बना टूरिस्ट डेस्टिनेशन, 360 डिग्री व्यू जीत रहा दिल, मन...

Last Updated:May 03, 2026, 22:59 IST Hyderabad Tourist Spot: सुषांग सिटी स्काईलाइन हैदराबाद में तेजी से पॉपुलर पिकनिक स्पॉट बन रहा है. यह जगह पहाड़ी पर स्थित है जहां से शहर का शानदार नजारा दिखता है. यहां से आईटी हब और गगनचुंबी इमारतों का सुंदर दृश्य मिलता है. सूर्यास्त के समय यह जगह और भी आकर्षक हो जाती है. युवाओं के लिए यह हैंगआउट और फोटोग्राफी का पसंदीदा स्थान है. आसान पहुंच और शांत माहौल इसे और खास बनाते हैं. ख़बरें फटाफट हैदराबाद. निजामों का शहर हैदराबाद सिर्फ अपनी बिरयानी और चारमीनार के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी आधुनिक गगनचुंबी इमारतों और शानदार स्काईलाइन के लिए भी दुनिया भर में मशहूर है. हाल के दिनों में शहर के बीचों-बीच स्थित सुषांग सिटी स्काईलाइन पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए एक पसंदीदा पिकनिक स्पॉट बनकर उभरा है. अगर आप भी शहर की भागदौड़ से दूर कुछ सुकून के पल बिताना चाहते हैं और ऊंचाई से हैदराबाद का दीदार करना चाहते हैं तो यह जगह आपके लिए बेस्ट है. स्काईलाइन का अर्थ होता है वह दृश्य जहां जमीन और आसमान एक साथ मिलते हुए प्रतीत होते हैं. सुषांग सिटी स्काईलाइन एक पहाड़ी पर स्थित है, जहां से हाइटेक सिटी और जुबली हिल्स का 360-डिग्री व्यू मिलता है. पहाड़ी की ऊपरी सतह से जब आप पश्चिमी छोर की ओर देखते हैं तो गाचीबोवली की विशाल इमारतें नजर आती हैं. सूर्यास्त के समय जब सूरज की सुनहरी किरणें इन कांच की इमारतों पर पड़ती हैं तो पूरा शहर किसी फिल्मी पर्दे की तरह चमकने लगता है. पार्टी और फोटोग्राफी के लिए है परफेक्ट जगह बिहार से हैदराबाद पढ़ाई करने आए छात्र सैफ खान जैसे कई युवा अब अपनी छुट्टियों का आनंद लेने यहीं पहुंचते हैं. उनके अनुसार, दोस्तों के साथ पार्टी करने, पिकनिक मनाने और फोटोग्राफी के लिए इससे बेहतर जगह शायद ही कोई हो. यहां से न केवल आधुनिक आईटी हब दिखता है, बल्कि शहर का प्राकृतिक विस्तार भी साफ नजर आता है. ठंडी हवाएं और ऊंचाई का रोमांच इसे एक परफेक्ट हैंगआउट स्पॉट बनाता है. कब और कैसे पहुंचें यदि आप इस नजारे का लुत्फ उठाना चाहते हैं तो यात्रा से जुड़ी ये जानकारियां आपके काम आएंगी. यह स्थान जुबली हिल्स से मात्र 1 किलोमीटर और शैखपेट फ्लाईओवर के नीचे से लगभग 500 मीटर की दूरी पर स्थित है. यहां पहुंचने के लिए आप बस, ऑटो या निजी वाहन का उपयोग आसानी से कर सकते हैं. सड़क मार्ग से कनेक्टिविटी काफी अच्छी है. पर्यटकों के लिए यह सुबह 6:00 बजे से रात 9:00 बजे तक खुला रहता है. अगर आप फोटोग्राफी के शौकीन हैं तो गोल्डन ऑवर, यानी सूर्यास्त से ठीक पहले का समय सबसे बेहतरीन है. रात के समय शहर की रोशनी इसे किसी लाइट शो जैसा बना देती है. About the Author deep ranjan दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से News18 हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Hyderabad,Telangana Source link

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Cyclonic Circulation Warning | Imd Cyclonic Circulation News | IMD Weather Forecast...

IMD Weather Alert: अब चिलचिलाती धूप और लू के थपेड़ों से झुलस रहे उत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत के राज्यों को राहत मिलने की संभावना है. आईएमडी के पूर्वानूमान के अनुसार, देश के अलग-अलग हिस्सों में 7 साइक्लोनिक सर्कुलेशन और पाकिस्तान से लगे सीमा के पास एक पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव है. वर्तमान मौसमी प्रणाली की वजह से देश के कई हिस्सों में भारी बारिश और आंधी तूफान का पूर्वानुमान जताया गया है. मौसम विभाग (आईएमडी) के ताजा बुलेटिन के अनुसार, कल यानी 4 मई को देश का मौसम पूरी तरह से बदलने वाला है. कहीं भारी बारिश होगी, तो कहीं आसमान से ओले गिरेंगे. कुछ राज्यों में तो 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं जान-माल के लिए खतरा बन सकती हैं. मौसम विभाग ने ‘ऑरेंज’ और ‘येलो’ अलर्ट जारी करने पर मजबूर कर दिया है. आइए जानते हैं राज्यवार मौसम का पूरा हाल. मौसम विभाग ने देश के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई है. पूर्वोत्तर भारत के राज्यों जैसे अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में कल बादल जमकर बरसेंगे. इसके अलावा नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी भारी बारिश का अलर्ट है. पूर्वी भारत की बात करें तो बिहार, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में मानसून जैसी बारिश के आसार हैं. दक्षिण भारत के केरल और माहे के साथ-साथ तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भी भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है. वहीं, उत्तर भारत के पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में भी मूसलाधार बारिश हो सकती है. कल के मौसम का अलर्ट दिल्ली में धूल भरी आंधी और बारिश का अलर्ट दिल्ली और नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम में कल धूल भरी आंधी के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. यहां 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे लोगों को लू से राहत मिलेगी. हालांकि, अचानक आने वाले तूफान से बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है. उत्तर प्रदेश में बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी यूपी में मौसम का मिजाज सबसे ज्यादा बिगड़ा हुआ दिखेगा. मेरठ, आगरा, वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर और लखनऊ समेत दर्जनों जिलों में तूफानी बारिश का अलर्ट है. कई जगहों पर बिजली गिरने और ओले पड़ने (Hailstorm) की संभावना जताई गई है. लखनऊ में अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है. बिहार और झारखंड में तबाही! बिहार के लिए आईएमडी ने गंभीर चेतावनी जारी की है. बिहार के कई जिलों के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया है. मौसम ने बताया कि न केवल भारी बारिश होगी, बल्कि 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ‘थंडरस्क्वाल’ (Thundersquall) यानी विनाशकारी हवाएं चल सकती हैं. झारखंड में भी इसी तरह का मौसम बना रहेगा, जहां ओलावृष्टि के साथ आकाशीय बिजली गिरने का खतरा है. पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी से झुलस रहे लोगों को राहत मिलने की संभावना है. 60 किमी की रफ्तार से चलेगा तूफान मध्य प्रदेश के रायसेन, विदिशा, भोपाल और ग्वालियर संभाग में मौसम विभाग ने ओलावृष्टि का अलर्ट दिया है. रायसेन और सांची के आसपास 60 किमी प्रति घंटे की तूफानी हवाएं चल सकती हैं. राज्य के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना है. मौसम विभाग ने बताया कि बारिश की वजह से तापमान में 7 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज हो सकती है. उत्तराखंड में ‘ऑरेंज अलर्ट’ उत्तराखंड के लिए मौसम विभाग ने बेहद सख्त निर्देश जारी किए हैं. देहरादून, टिहरी, हरिद्वार, नैनीताल और चंपावत जैसे जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है. यहां मूसलाधार बारिश के साथ आकाशीय बिजली और ओलावृष्टि की संभावना है. पर्यटकों और ट्रेकर्स को ऊंची पहाड़ियों पर न जाने की सलाह दी गई है. हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में भी बर्फबारी और बारिश का दौर जारी रहेगा. पंजाब और हरियाणा आईएमडी ने पंजाब और हरियाणा के लिए भी अलर्ट जारी किया है. यहां गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि और तेज हवाओं का अलर्ट है. चंडीगढ़ समेत दोनों राज्यों के अधिकांश हिस्सों में तापमान में गिरावट आएगी. साथ ही बारिश और तेज पहाड़ी हवाओं की वजह से तापमान में भारी गिरावट देखने को मिल सकता है. पूर्वोत्तर भारत और बंगाल में मौसम की स्थिति असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड और मणिपुर में अगले 48 घंटों के दौरान भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है. वहीं, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी बादलों का डेरा रहेगा और तूफानी हवाओं के साथ बारिश होगी. दक्षिण भारत में भारी बारिश और उमस तमिलनाडु और केरल में मानसून पूर्व की गतिविधियों के कारण भारी बारिश का अलर्ट है. नीलगिरी और कोयंबटूर जैसे इलाकों में मूसलाधार बारिश हो सकती है. हालांकि, तटीय आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में बारिश के साथ-साथ उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान करती रहेगी. 60 किमी की रफ्तार से चलेंगी तूफानी हवाएं मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कल कई राज्यों में ‘थंडरस्क्वाल’ की स्थिति बनेगी, जिसमें हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. इस श्रेणी में बिहार, छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश और पूर्वी राजस्थान को रखा गया है. इसके अलावा गांगेय पश्चिम बंगाल, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, पंजाब और विदर्भ में भी ये विनाशकारी हवाएं चल सकती हैं. ऐसी हवाओं में पेड़ उखड़ने और बिजली के खंभे गिरने का खतरा बना रहता है. राजस्थान में धूल भरी आंधी और बिजली का अलर्ट राजस्थान के लिए मौसम विभाग ने दोहरी चेतावनी जारी की है. पूर्वी राजस्थान में जहां तूफानी हवाएं चलेंगी, वहीं पश्चिमी राजस्थान में धूल भरी आंधी आने की पूरी संभावना है. मौसम विभाग ने 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं के साथ बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है. कल कैसा रहेगा मौसम अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, बिहार, केरल और माहे, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना है. बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और विदर्भ में अलग-अलग जगहों पर गरज के साथ बारिश और ओले गिरने की संभावना है. बिहार, छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र

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डोडा में भीड़ से सभी हैरान, जम्मू-कश्मीर की जनता अब बदलाव को...

होमताजा खबरदेश जम्मू-कश्मीर की जनता अब बदलाव को तैयार, मेहराज मलिक की रैली ने मचाया कोहराम Last Updated:May 03, 2026, 20:32 IST आम आदमी पार्टी ने जम्मू-कश्मीर में जनसमर्थन का बहुत स्पष्ट संकेत बताया है. पार्टी नेताओं का कहना है कि लोग मौजूदा पॉलिटिक्स से बहुत ज्यादा नाराज हैं. जनता अब अपने लिए नए विकल्प की तलाश कर रही है. ‘आप’ जेके में लोगों के लिए एक बड़ा ऑप्शन बनकर उभर रही है. इस भारी रैली को सिर्फ एक साधारण सभा बिलकुल नहीं माना जा सकता है. ख़बरें फटाफट ‘आप’ विधायक मेहराज मलिक के साथ पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल. (फाइल फोटो) श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर की राजनीति में हलचल तेज होती दिख रही है. आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक मेहराज मलिक ने साढ़े आठ महीने बाद डोडा में जनता को संबोधित किया, जहां भारी भीड़ उमड़ पड़ी. पार्टी ने इसे सिर्फ एक सभा नहीं, बल्कि “जनता की बाढ़ और बदलाव की शुरुआत” करार दिया. इस मौके पर दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंज केजरीवाल ने भी जोरदार प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि मेहराज मलिक की रिहाई के बाद हर जगह उनका भव्य स्वागत हो रहा है, जो यह संकेत देता है कि जनता बदलाव के लिए तैयार है. केजरीवाल ने आरोप लगाया कि ‘आप’ नेताओं की गिरफ्तारी का राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश करने वाली बीजेपी को इसका भारी नुकसान उठाना पड़ेगा. देखिए किस तरह से आम आदमी पार्टी के रिहा हुए विधायक महराज मलिक का हर जगह जबरदस्त स्वागत हो रहा है। आम आदमी पार्टी के नेताओं को गिरफ्तार करना बीजेपी को बहुत महंगा पड़ने वाला है। https://t.co/QxOhe0sc8a Source link

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हिंद महासागर में भारत की ताकत से थर्राया ड्रैगन, ‘मलक्का डिलेमा’ से...

होमताजा खबरदेश हिंद महासागर में भारत की ताकत से थर्राया ड्रैगन, ‘मलक्का डिलेमा’ से बौखला रहा Last Updated:May 03, 2026, 19:31 IST एक्सपर्ट्स का मानना है कि भारत की रणनीति से पूर्वी हिंद महासागर में ताकत बढ़ेगी. भारत की मिलिट्री लॉजिस्टिक्स भी इस प्रोजेक्ट से मजबूत होगी. चीन के बढ़ते प्रभाव का मुकाबला करने के लिए यह रणनीति है. इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत की मौजूदगी से दुश्मनों में दहशत मचेगी. चीन की समुद्री रणनीति को यह महाप्रोजेक्ट बहुत ज्यादा मुश्किल बना देगा. ख़बरें फटाफट अंडमान में कमर्शियल और मिलिट्री हब बनाने की तैयारी में भारत जुटा है. नई दिल्ली. भारत का महत्वाकांक्षी ‘ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट’ एक बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्लान है, जिसका मकसद देश के सबसे दक्षिणी द्वीप को एक रणनीतिक कमर्शियल और मिलिट्री हब में बदलना है. इसे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाने वाला कदम माना जा रहा है, खासकर चीन के लिए इसके बड़े असर हो सकते हैं. भू-राजनीति में कभी-कभी ऐसे मौके आते हैं, जब कोई एक प्रोजेक्ट पूरे इलाके की रणनीति बदल देता है. ‘द संडे गार्जियन’ में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, ‘ग्रेट निकोबार आइलैंड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट’ भी ऐसा ही एक मौका है. करीब दस बिलियन डॉलर का यह बड़ा प्रोजेक्ट भारत के इस द्वीप को एक बड़े व्यापारिक और सैन्य केंद्र में बदलने की योजना है. इससे इंडो-पैसिफिक में ताकत का संतुलन भी बदल सकता है. यह द्वीप मलक्का स्‍ट्रेट के पास स्थित है, जो दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री रास्तों में से एक है. इस वजह से भारत को यहां से समुद्री व्यापार पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर असर डालने का बड़ा फायदा मिल सकता है. चीन का काफी तेल और व्यापार इसी रास्ते से गुजरता है, इसलिए यह उसकी रणनीति में एक कमजोर कड़ी मानी जाती है, जिसे ‘मलक्का डिलेमा’ कहा जाता है. विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रेट निकोबार का विकास भारत को पूर्वी हिंद महासागर में समुद्री ताकत बढ़ाने में मदद करेगा, उसकी सैन्य लॉजिस्टिक्स मजबूत करेगा और सिंगापुर और कोलंबो जैसे विदेशी बंदरगाहों पर निर्भरता कम करेगा. यह प्रोजेक्ट इंडो-पैसिफिक में भारत की मौजूदगी बढ़ाने और चीन के बढ़ते प्रभाव का मुकाबला करने की बड़ी रणनीति का हिस्सा है. रणनीतिक फायदे के अलावा, यह प्रोजेक्ट आर्थिक रूप से भी काफी फायदेमंद हो सकता है. इससे यह द्वीप एक बड़ा लॉजिस्टिक्स और ट्रेड हब बन सकता है, जहां से वैश्विक शिपिंग ट्रैफिक आकर्षित होगा, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और क्षेत्र में कनेक्टिविटी बेहतर होगी. यह भारत के लंबे समय के समुद्री विजन को भी सपोर्ट करेगा. इस प्रोजेक्ट को जरूरी मंजूरियां मिल चुकी हैं, जिनमें नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की मंजूरी भी शामिल है. ट्रिब्यूनल ने इसकी रणनीतिक अहमियत को मानते हुए कुछ सख्त पर्यावरणीय शर्तों के साथ इसे मंजूरी दी है. रिपोर्ट में यह भी जिक्र है कि यह प्रोजेक्ट चीन की समुद्री रणनीति को मुश्किल बना सकता है. इससे इंडो-पैसिफिक के अहम समुद्री मार्गों पर भारत की पकड़ मजबूत होगी. भौगोलिक नजरिए से देखें तो अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, जो करीब 700 किलोमीटर तक फैला है, मलक्का स्‍ट्रेट के प्रवेश द्वार पर एक तरह से प्राकृतिक एयरक्राफ्ट कैरियर जैसा है, जो भारत को उसकी भौगोलिक स्थिति के कारण मिला है. इस श्रृंखला का सबसे दक्षिणी द्वीप ग्रेट निकोबार है, जो सिंगापुर, पोर्ट क्लांग और कोलंबो से लगभग बराबर दूरी पर स्थित है. यह द्वीप सिर्फ मलक्का स्‍ट्रेट के पास ही नहीं है, बल्कि उसके उत्तरी हिस्से पर एक तरह से नियंत्रण रखता है. About the Author Rakesh Ranjan Kumar राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Source link

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Kumar Vishwas Ram Katha | Kumar Vishwas AAP News | ‘आप भी...

दिल्ली में सियासत और सांस्कृतिक माहौल के बीच एक दिलचस्प संगम देखने को मिलने वाला है. मशहूर कवि और राम कथाकार कुमार विश्वास बुधवार 6 मई को दिल्ली विधानसभा में ‘अपने-अपने राम’ शीर्षक से एक विशेष संगीतमय राम कथा कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे. इस कार्यक्रम को लेकर राजधानी में माहौल बनना शुरू हो गया है. दिलचस्प बात यह है कि आम आदमी पार्टी (AAP) के दफ्तरों और नेताओं के घरों के बाहर भी इस कार्यक्रम के होर्डिंग्स लगाए गए हैं, जिनमें लिखा है- ‘आप भी आमंत्रित हैं.’ इससे राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है, क्योंकि कुमार विश्वास कभी AAP के प्रमुख चेहरों में से एक रहे हैं. उनके इन पोस्टर्स-होर्डिंग्स को आम आदमी पार्टी के ऊपर कटाक्ष के रूप में देखा जा रहा है. उधर दिल्ली विधानसभा के एक अधिकारी के मुताबिक, यह कार्यक्रम ‘संगीतमय राम कथा’ के रूप में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें भगवान राम के जीवन, उनके आदर्शों और मानवीय मूल्यों को आधुनिक अंदाज में प्रस्तुत किया जाएगा. दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए कहा कि भगवान राम केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं हैं, बल्कि भारतीय संस्कृति और दर्शन के सर्वोच्च आदर्शों का प्रतिनिधित्व करते हैं. उन्होंने कहा कि राम का जीवन हमें कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है. इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्रियों, दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, मंत्रिपरिषद के सदस्य, सांसदों और दिल्ली विधानसभा के सभी विधायकों समेत कई गणमान्य लोगों को आमंत्रित किया गया है. ‘अपने-अपने राम’ कार्यक्रम में त्याग, संघर्ष, कर्तव्यनिष्ठा और आदर्श नेतृत्व जैसे भगवान राम के जीवन के विभिन्न पहलुओं को संगीत, कविता और कथा के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा. आयोजकों का कहना है कि यह कार्यक्रम सिर्फ आध्यात्मिक अनुभव ही नहीं देगा, बल्कि समाज में सद्भाव और नैतिक मूल्यों को भी मजबूत करेगा. विजेंद्र गुप्ता ने यह भी कहा कि बदलते सामाजिक परिवेश में ऐसे कार्यक्रम बेहद जरूरी हैं, जो युवाओं को अपनी जड़ों और मूल्यों से जोड़ सकें. उनके मुताबिक, भगवान राम के जीवन का मूल संदेश ‘मर्यादा’ है, जो हर व्यक्ति को जिम्मेदारी और अनुशासन का पाठ सिखाता है. कुल मिलाकर, दिल्ली विधानसभा में होने जा रहा यह कार्यक्रम न सिर्फ सांस्कृतिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है, बल्कि इसके राजनीतिक और सामाजिक संदेशों को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है. (IANS इनपुट के साथ) Source link

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ips cv anand mother viral photo | कौन हैं आईपीएस सीवी आनंद,...

होमताजा खबरदेश कौन हैं IPS सीवी आनंद, जो डीजीपी बनने के बाद बीमार मां को चूम लिया माथा Last Updated:May 03, 2026, 17:25 IST Who is IPS CV Anand : तेलंगाना के नए पुलिस महानिदेशक (DGP) सीवी आनंद की एक भावुक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. डीजीपी का पदभार संभालते ही उन्होंने सबसे पहले अपनी बिस्तर पर लेटी बीमार मां का आशीर्वाद लिया. आज के दौर में जहां बच्चे मां-बाप को भूल जाते हैं या खुशी के मौके पर भुला देते हैं. उस दौर में आनंद का अपने मां का माथा चूमना भावुक कर दिया. पढ़ें एक आईपीएस की कहानी जो अंडर-19 भारतीय क्रिकेट टीम खेल चुका है, कैसे यूपीएससी पास कर आईपीएस बना और अब डीजीपी. कौन हैं आईपीएस सीवी आनंद, जिन्होंने मां का चूम लिया माथा? हैदराबाद. भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के 1991 बैच के वरिष्ठ अधिकारी सीवी आनंद ने तेलंगाना के नए पुलिस महानिदेशक (DGP) के रूप में पदभार ग्रहण कर लिया है. लेकिन उनकी इस नई पारी की शुरुआत जितनी भव्य थी, उतनी ही भावुक भी रही. पदभार संभालने के वक्त वैदिक मंत्रोच्चार के साथ डीजीपी की कुर्सी पर बैठे और फिर तुरंत बाद अपनी बीमार मां से मिलने पहुंच गए. अब आईपीएस सीवी आनंद की चर्चा देश के सोशल मीडिया पर हो रही है. मां के साथ सीवी आनंद की तस्वीर ने इंटरनेट पर लाखों लोगों का दिल जीत लिया है. बिस्तर पर लेटी अपनी मां का माथा चूमते और उनके पैर छूते हुए आनंद ने यह साबित कर दिया कि एक उच्च पद पर पहुंचने के बाद भी संस्कार और जड़ें सबसे ऊपर होती हैं. आइए जानते हैं कि कौन हैं सीवी आनंद और किन-किन कामों को लेकर चर्चा में रह चुके हैं. तेलंगाना के नए डीजीपी सीवी आनंद सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं. डीजीपी बनने के बाद उन्होंने ब्राह्मणों और परिवारवालों के मौजूदगी में कुर्सी पर बैठे. इसके बाद उन्होंने अपनी बीमार मां से मिलने पहुंचे, जो ऑफिस आ नहीं सकती. इस मुलाकात को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए उन्होंने बेहद भावुक बातें लिखीं. उन्होंने बताया कि उनकी मां पिछले साल नवंबर से जनवरी के बीच काफी बीमार थीं. आनंद ने लिखा, ‘मुझे महसूस हुआ कि अपनी मां की इसी प्रबल इच्छा ने उन्हें मौत के मुंह से बाहर निकाला कि वे अपने बेटे को इस राज्य के डीजीपी के रूप में देखें. जब मैंने उन्हें बताया कि मैं डीजीपी बन गया हू, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं था.’ आनंद ने बताया कि उनकी मां अभी भी बिस्तर पर हैं, लेकिन उनकी आंखों की चमक ने उनकी सारी थकान मिटा दी. Visited my mother and took her blessings. She was very ill in November-January period and is better now, though bedridden. I felt it was her strong desire to see her son as DGP of this state which pulled her through. She was overjoyed and so too was I 🙏🏻🙏🏻 pic.twitter.com/DboOUUBlzK Source link

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केरल में बनेगी महिला मुख्यमंत्री? चुनावी नतीजों से पहले ही LDF का...

कन्नूर. सीपीआई (एम) की वरिष्ठ नेता और पेरावूर विधानसभा क्षेत्र से एलडीएफ उम्मीदवार केके शैलजा ने इस बात पर भरोसा जताया है कि लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) केरल में लगातार तीसरी बार सत्ता में आएगा. उन्होंने पिछले एक दशक में हुए लगातार विकास कार्यों और सामाजिक कल्याण के बढ़े हुए उपायों का हवाला दिया. आईएएनएस के साथ एक खास इंटरव्यू में, केके शैलजा ने एलडीएफ की चुनावी संभावनाओं, एग्जिट पोल की विश्वसनीयता, कोविड-19 महामारी के दौरान अपने काम, केरल में भाजपा की मौजूदगी, और महिला मुख्यमंत्री बनने की अटकलों पर बात की. पेश है इंटरव्यू के प्रमुख अंश. आप केरल विधानसभा चुनावों में एलडीएफ की संभावनाओं को कैसे देखती हैं हमारी उम्मीदें बहुत ज्यादा हैं. एलडीएफ का मानना ​​है कि वह लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी कर सकता है, क्योंकि पिछले 10 सालों में केरल में काफी विकास हुआ है. इसमें इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास और बड़े पैमाने पर सामाजिक कल्याण की पहलें, दोनों शामिल हैं. केरल इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट फंड बोर्ड (केआईआईएफबी) के जरिए पूंजीगत खर्च के तौर पर 90,000 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च किए गए हैं. सामाजिक कल्याण पेंशन को 2016 में 1,200 रुपए से बढ़ाकर 2,600 रुपए कर दिया गया. इन योजनाओं से करीब 62 लाख परिवारों को फ़ायदा मिल रहा है. हमने ‘हरित केरल’ जैसे मिशन, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा के विकास की पहलें, और एलआईएफई (आजीविका समावेशन और वित्तीय सशक्तीकरण) मिशन भी लागू किए हैं, जिनके जरिए पांच लाख से ज्यादा घर बनाए गए हैं. हमें विश्वास है कि लोग इन बातों को समझेंगे और एक बार फिर हमारा साथ देंगे. एग्जिट पोल यूडीएफ की जीत का अनुमान लगा रहे हैं. आप इन भविष्यवाणियों को कैसे देखती हैं मैं एग्जिट पोल पर ज्यादा भरोसा नहीं करती. पिछले चुनावों में भी कई भविष्यवाणियां गलत साबित हुई थीं. मेरे पिछले विधानसभा क्षेत्र में, उन्होंने मेरी बहुत कम अंतर से हार का अनुमान लगाया था, लेकिन मैं 60,000 से ज्यादा वोटों से जीती थी. दूसरे विधानसभा क्षेत्रों में भी इसी तरह की गलतियां देखने को मिली थीं. इसलिए, हमें एग्जिट पोल पर निर्भर रहने के बजाय असली नतीजों का इंतज़ार करना चाहिए. महामारी के दौरान आपके काम की काफी तारीफ हुई थी. क्या आपको लगता है कि आपकी वह छवि इस चुनाव में आपके लिए मददगार साबित हो रही है स्वास्थ्य मंत्री के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान, हमने बहुत मेहनत की और अहम नतीजे हासिल किए. मिसाल के तौर पर, 2016 में शिशु मृत्यु दर हर 1,000 जीवित जन्मों पर 12 थी, जो 2020 तक घटकर 5 हो गई. जहां कुछ लोगों को इन उपलब्धियों के बारे में पता है, वहीं कुछ को शायद न पता हो. आखिर में, लोग कुल मिलाकर विकास को ही देखते हैं. पेरावूर में, और ज्यादा विकास की जोरदार मांग है, और कई लोगों ने मेरे लिए अपना समर्थन जाहिर किया है, इस उम्मीद में कि दूसरे निर्वाचन क्षेत्रों की तरह यहां भी तरक्की होगी. मुझे अच्छे नतीजों की उम्मीद है. केरल में एक उभरती हुई ताकत के तौर पर आप भाजपा को कैसे देखती हैं भाजपा लंबे समय से केरल में अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रही है. पहले, उनके पास एक एमएलए था, लेकिन उन्होंने वह सीट भी गंवा दी. इस बार, वे बड़े पैमाने पर चुनाव लड़ रहे हैं और कुछ खास निर्वाचन क्षेत्रों पर ध्यान दे रहे हैं. हालांकि वे कड़ी मेहनत कर रहे हैं, लेकिन वामपंथी दल भी मजबूत है. मुझे नहीं लगता कि भाजपा कोई सीट जीत पाएगी, लेकिन हमें नतीजों का इंतज़ार करना होगा. केरल में एक महिला मुख्यमंत्री को लेकर चर्चाएं हो रही हैं. इस पर आपकी क्या राय है नेतृत्व सिर्फ महिला या पुरुष के बारे में नहीं होता. सबसे ज्यादा मायने नीतियां रखती हैं. अगर कोई महिला मुख्यमंत्री बन भी जाती है, तो भी जब तक नीतियां सही नहीं होंगी, तब तक कोई बदलाव नहीं आएगा. फिलहाल, हमारी पार्टी मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के नेतृत्व में चुनाव लड़ रही है. वे हमारी पार्टी के एक अनुभवी नेता हैं और पिछले दस सालों से उन्होंने राज्य का प्रभावी ढंग से नेतृत्व किया है. अभी भी, हमारी पार्टी ने फैसला किया है कि चुनाव कॉमरेड पिनाराई के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा, और वे धर्मदम निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे हैं, और वे जीतेंगे. इसलिए, अभी इस चर्चा की कोई ज़रूरत नहीं है. क्या आप मुख्यमंत्री के पद की दावेदार हैं नहीं, मैंने कभी ऐसे किसी पद के बारे में नहीं सोचा. पार्टी ने मुझसे चुनाव लड़ने के लिए कहा है, और मैं वही कर रही हूं. अगर मैं जीतती हूं, तो मैं एक एमएलए के तौर पर काम करूंगी. नेतृत्व और मंत्री पदों से जुड़े फैसले पार्टी सही समय पर लेती है, और मैं उन फैसलों का पालन करूंगी. Source link

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डिजिटल युग में सौंफ-सोपारी से पिथौरागढ़ में दिया जाता है शादी का...

Last Updated:May 03, 2026, 15:26 IST जब किसी घर में शादी या कोई शुभ काम होता है, तो परिवार का कोई सदस्य खुद गांव के हर घर जाता है. वह अपने हाथों से सौफ और सुपारी देता है और उसी के साथ प्यार भरा निमंत्रण भी. ये तरीका भले ही साधारण लगे, लेकिन इसमें जो अपनापन होता है, वो किसी कार्ड या मैसेज में नहीं मिल सकता. इस परंपरा की खास बात यही है कि इसमें रिश्तों की गर्माहट साफ महसूस होती है. जब कोई खुद आपके घर आकर आपको बुलाता है, तो आपको लगता है कि आपकी अहमियत है पिथौरागढ़ः आज के समय में सब कुछ डिजिटल हो गया है. शादी हो या जनेऊ, लोग व्हाट्सऐप मैसेज या छपे हुए कार्ड से निमंत्रण भेज देते हैं, लेकिन पहाड़ो में खासकर उत्तराखंड में इसका तरीका थोड़ा अलग और खास है. पहाड़ी इलाकों में आज भी एक ऐसी खूबसूरत परंपरा जिंदा है, जो सीधे दिल से जुड़ती है. यहां आज भी लोगों को न्योता देने के लिए सौफ और सुपारी दी जाती है. सौफ और सुपारी से दिया जाता है निमंत्रण जब किसी घर में शादी या कोई शुभ काम होता है, तो परिवार का कोई सदस्य खुद गांव के हर घर जाता है. वह अपने हाथों से सौफ और सुपारी देता है और उसी के साथ प्यार भरा निमंत्रण भी. ये तरीका भले ही साधारण लगे, लेकिन इसमें जो अपनापन होता है, वो किसी कार्ड या मैसेज में नहीं मिल सकता. इस परंपरा की खास बात यही है कि इसमें रिश्तों की गर्माहट साफ महसूस होती है. जब कोई खुद आपके घर आकर आपको बुलाता है, तो आपको लगता है कि आपकी अहमियत है, आपको दिल से याद किया गया है. यही वजह है कि लोग इस परंपरा को आज भी निभा रहे हैं. आज की इस डिजिटल दुनिया में भी पहाड़ के लोगों ने अपनी परम्परा और रीति रिवाजों को कायम रखा हुआ है. पूरे परिवार को दिया जाता है निमंत्रण इसी बात पर गांव की पहाड़ी महिला हेमवंती देवी लोकल 18 से बात करते हुए कहती हैं कि, हमारे यहां तो यही रिवाज है. जब हमारे घर शादी होती है तो हम खुद सभी के घर सौफ सुपारी लेकर जाते है और उनके पूरे परिवार को आमंत्रित करते है. ये पुराने जमाने से चली आ रही रीति है क्योंकि उस जमाने में कार्ड और फोन जैसी चीजें नहीं होती है. जब तक हम लोग खुद जाकर न्योता नहीं देते, तब तक मन नहीं मानता. सौफ-सुपारी देना हमारे लिए सिर्फ बुलावा नहीं, बल्कि सम्मान दिखाने का तरीका है. आज भले ही दुनिया तेजी से बदल रही हो, लेकिन पहाड़ों में ये परंपरा लोगों को अपनी जड़ों से जोड़े हुए है. ये हमें याद दिलाती है कि असली खुशी और अपनापन छोटे-छोटे तरीकों में छुपा होता है. शायद यही वजह है कि इतनी पुरानी परंपरा आज भी उतनी ही खूबसूरती से निभाई जा रही है. About the Author Rajneesh Kumar Yadav मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Pithoragarh,Uttarakhand Source link

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न घुसपैठ, न गोलीबारी… ISI ने बदला भारत में जासूसी का तरीका,...

होमवीडियोदेश न घुसपैठ, न गोलीबारी… ISI ने बदला भारत में जासूसी का तरीका, देखें बॉर्डर, बुटीक और साजिश का जाल X न घुसपैठ, न गोलीबारी… ISI ने बदला भारत में जासूसी का तरीका, देखें बॉर्डर, बुटीक और साजिश का जाल   पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने भारत में जासूसी का तरीका पूरी तरह से बदल दिया है. अब ना घुसपैठ, ना बंदूक बल्कि डिजिटल निगरानी का जाल बिछाया जा रहा है. गाजियाबाद, दिल्ली और अब पंजाब चीनी CCTV कैमरों के जरिये सेना के ठिकानों की लाइव फुटेज पाकिस्तान भेजी जा रही थी. ऐसे में बड़ा सवाल है कि क्या भारत में अब कैमरों के जरिये जासूसी का नया खतरा खड़ा हो चुका है? देखिए News18 इंडिया के संवाददाता आनंद तिवारी की ये रिपोर्ट… न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

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कभी दिल्ली की गर्मी से बचने के लिए यहां आते थे ‘गवर्नर...

देहरादून में गर्मियों के मौसम में हजारों पर्यटक ठंडी आबोहवा का आनंद लेने पहुंचते हैं. ब्रिटिश काल से ही देहरादून गर्मियों की छुट्टियां बिताने और आराम करने का प्रमुख केंद्र रहा है. यहां केवल अंग्रेज ही नहीं, बल्कि उनके घोड़े भी गर्मियों में आराम के लिए लाए जाते थे. उस समय दिल्ली में भीषण गर्मी पड़ती थी, इसलिए देहरादून के राजपुर रोड पर ब्रिटिश गवर्नर-जनरल के अंगरक्षक दल के घोड़ों के लिए ग्रीष्मकालीन शिविर स्थापित किया गया था, जहां वे गर्मियों के दौरान रहते थे. साल 1838 में किया गया था तैयार साल 1838 में तैयार किया गया यह अस्तबल आज भी मौजूद है, जिसे अब राष्ट्रपति निकेतन के नाम से जाना जाता है. यहां देश के राष्ट्रपति जब भी देहरादून आते हैं, ठहरते हैं. यहां उनके चित्र और ऐतिहासिक वस्तुएं भी सुरक्षित रखी गई हैं. यदि आप गर्मियों में अपने परिवार के साथ बगीचों की सैर करना चाहते हैं या शहर की गर्मी से दूर ठंडी हवाओं में सुकून के पल बिताना चाहते हैं, तो राष्ट्रपति निकेतन एक बेहतर विकल्प है. राष्ट्रपति निकेतन के नाम से है मशहूर राष्ट्रपति निकेतन को राष्ट्रपति का विश्रामगृह भी कहा जाता है, क्योंकि यहां राष्ट्रपति ठहरते हैं. आजादी के बाद लगभग हर राष्ट्रपति यहां ठहर चुका है, हालांकि जानकारी के अनुसार डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम यहां नहीं ठहरे थे. देहरादून निवासी डॉ. संजीव शर्मा, जो पिछले 48 वर्षों से यहां रह रहे हैं, बताते हैं कि पहले उन्हें इस स्थान के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी. वे केवल इतना जानते थे कि यहां राष्ट्रपति ठहरते हैं. पहले यह स्थान आम लोगों के लिए खुला नहीं था, इसलिए लोग इसे देख नहीं पाते थे, लेकिन अब इसे आम जनता के लिए खोल दिया गया है. अब लोग अपने परिवार के साथ यहां घूमने आते हैं और स्कूलों के बच्चों को भी शैक्षिक भ्रमण के लिए लाया जाता है. डॉ. शर्मा के अनुसार, यह वास्तव में एक विश्व धरोहर जैसा स्थल है, जिसे बहुत अच्छे से संरक्षित किया गया है. राष्ट्रपति निकेतन परिसर में केवल बगीचे और पेड़-पौधे ही नहीं हैं, बल्कि एक संग्रहालय भी बनाया गया है. इस संग्रहालय में अब तक के सभी राष्ट्रपतियों की तस्वीरें और उनसे जुड़ी वस्तुएं प्रदर्शित की गई हैं. यहां पुराना फर्नीचर, रेडियो, टेलीफोन और एक बड़ा भाला भी रखा गया है, जिसका उपयोग राष्ट्रपति के अंगरक्षक किया करते थे. यहां बहुत कुछ है खास पर्यटकों को उत्तराखंड की संस्कृति से परिचित कराने के लिए यहां कई कलाकृतियां और हस्तशिल्प भी प्रदर्शित किए गए हैं, ताकि स्थानीय कारीगरों की कला को भी पहचान मिल सके. बताया जाता है कि 1920 के दशक में यहां घुड़साल बनाई गई थी, जिसे बाद में इकाई के कमांडेंट के निवास के रूप में स्थापित किया गया. भारत में राष्ट्रपति के तीन विश्राम स्थल हैं, जिनमें देहरादून के अलावा हैदराबाद और शिमला शामिल हैं. ब्रिटिश काल में, लगभग 1938 के आसपास, दिल्ली की गर्मी से बचाने के लिए ब्रिटिश गवर्नर-जनरल के अंगरक्षकों के घोड़ों को यहां के अस्तबल में रखा जाता था. यह ऐतिहासिक अस्तबल आज भी यहां मौजूद है. इस जगर को पिछले वर्ष ही आम जनता के लिए खोला गया है. यहां एट्री फीस प्रति व्यक्ति 50 रुपये का टिकट निर्धारित किया गया है. Source link

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