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RBI MPC Meeting Live : रेपो रेट स्थिर, ग्रोथ रेट घटाई, विदेशी...

नई दिल्‍ली. रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्‍होत्रा की अगुवाई में तीन दिनों से चल रही मौद्रिक नीति सीमिति (MPC) की बैठक के नतीजा आ गया है. इस बार आरबीआई के सामने कई चुनौतियां थीं. इसलिए कयास लगाए जा रहे थे कि रुपये को थामने के लिए ब्‍याज दरें बढ़ाई जा सकती हैं, लेकिन ज्‍यादातर एक्‍सपर्ट का यही मानना है कि रिजर्व बैंक रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं करेगा. आरबीआई ने अपनी पॉलिसी में कोई बदलाव नहीं किया है. RBI Policy News: बाहरी झटकों से निपटने के लिए भारत बेहतर स्थिति में RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा और मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए पहले से अधिक मजबूत हुई है. केंद्रीय बैंक के मुताबिक सरकार द्वारा MSME और निर्यात क्षेत्र को दिया गया समर्थन, घरेलू गैस और कच्चे तेल के उत्पादन को बढ़ाने की कोशिशें तथा आयातित उत्पादों के घरेलू विकल्पों को बढ़ावा देने जैसे कदमों ने अर्थव्यवस्था की मजबूती बढ़ाई है.RBI ने कहा कि महत्वपूर्ण आयातों के स्रोतों में विविधता लाने की रणनीति भी भारत को बाहरी झटकों से बचाने में मदद कर रही है. इन उपायों की वजह से वैश्विक संकट या आपूर्ति संबंधी बाधाओं का असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर पहले की तुलना में कम पड़ने की उम्मीद है. RBI का संतुलित रुख अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा मॉड्यूलस अल्टरनेटिव्स के सीईओ एवं सीआईओ संदीप अग्रवाल ने कहा कि RBI ने ब्याज दरों को स्थिर रखकर विकास, महंगाई और वित्तीय स्थिरता के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है. यह फैसला दिखाता है कि केंद्रीय बैंक भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती पर भरोसा रखता है, लेकिन वैश्विक जोखिमों को लेकर भी सतर्क है.उनके मुताबिक RBI द्वारा घोषित उपायों से बाजार में पर्याप्त लिक्विडिटी बनी रहेगी और कारोबारों को वित्तपोषण मिलता रहेगा. उन्होंने कहा कि नीतिगत स्थिरता प्राइवेट क्रेडिट सेक्टर के लिए भी अच्छी खबर है, क्योंकि यह ऐसे समय में मजबूत कंपनियों की फंडिंग जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभा रहा है, जब पारंपरिक कर्जदाता अधिक सतर्क रुख अपना रहे हैं. RBI Monetary Policy Meeting: फूड इन्फ्लेशन पर RBI का क्या टेक? RBI Monetary Policy Meeting: आरबीाई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि खाद्य कीमतों का भविष्य अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है. इसकी सबसे बड़ी वजह सामान्य से कमजोर दक्षिण-पश्चिम मानसून का अनुमान और एल नीनो की आशंका है. यदि मौसम की स्थिति उम्मीद के मुताबिक नहीं रही, तो कृषि उत्पादन और खाद्य आपूर्ति पर असर पड़ सकता है, जिससे खाने-पीने की वस्तुओं की कीमतों में दबाव बढ़ सकता है.मल्होत्रा ने कहा कि महंगाई बढ़ने के जोखिम पहले की तुलना में अधिक मजबूत हुए हैं. हालांकि, मौद्रिक नीति समिति (MPC) का मानना है कि किसी बड़े कदम से पहले स्थिति को और स्पष्ट होने देना बेहतर होगा. इसी कारण समिति ने फिलहाल इंतजार करने और आने वाले आर्थिक आंकड़ों पर नजर रखने का फैसला किया है. रेपो रेट में विराम, लेकिन रियल एस्टेट की रफ्तार बरकरार: मोहित मित्तल MORES के सीईओ मोहित मित्तल ने कहा कि RBI का रेपो रेट को 5.25% पर बनाए रखने का फैसला बाजार की उम्मीदों के अनुरूप था, हालांकि कई निवेशक एक और दर कटौती की उम्मीद कर रहे थे. उनके मुताबिक 2025 की शुरुआत से अब तक ब्याज दरों में कुल 125 बेसिस पॉइंट की कमी का असर अब धीरे-धीरे आम घर खरीदारों तक पहुंच रहा है. इससे EMI का बोझ कम हुआ है, होम लोन सस्ते हुए हैं और बाजार में सकारात्मक माहौल बना है. मोहित मित्तल ने कहा कि बढ़ते कच्चे तेल के दाम और रुपये पर दबाव को देखते हुए RBI का रुख पूरी तरह उचित है. उन्होंने कहा कि रेपो रेट में फिलहाल कोई बदलाव न होना रियल एस्टेट सेक्टर के लिए नकारात्मक संकेत नहीं है. पिछले एक साल में हुई दर कटौतियों ने उन खरीदारों को भी बाजार में वापस लाया है, जो लंबे समय से इंतजार कर रहे थे. उनके अनुसार किफायती आवास, मिडिल क्लास हाउसिंग और प्रीमियम सेगमेंट तीनों में मांग मजबूत बनी हुई है. उन्होंने उम्मीद जताई कि यदि FY27 में ब्याज दरों में एक और कटौती होती है, तो रियल एस्टेट बाजार की रफ्तार और तेज हो सकती है. मोहित मित्तल का मानना है कि सेक्टर की बुनियादी स्थिति मजबूत है और किसी एक नीतिगत फैसले से इसकी दीर्घकालिक विकास कहानी नहीं बदलने वाली. स्थिर रेपो रेट से हाउसिंग डिमांड को मिलेगा समर्थन: आशीष भूटानी भूटानी इंफ्रा के सीईओ आशीष भूटानी ने कहा कि RBI द्वारा रेपो रेट को 5.25% पर बनाए रखना और न्यूट्रल रुख जारी रखना मौजूदा वैश्विक अनिश्चितताओं और बदलते महंगाई परिदृश्य के बीच एक संतुलित फैसला है. उनके मुताबिक रियल एस्टेट सेक्टर के लिए केवल ब्याज दरों में कटौती ही नहीं, बल्कि दरों में स्थिरता भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है.आशीष भूटानी ने कहा कि स्थिर ब्याज दरें घर खरीदारों का भरोसा बढ़ाती हैं और उन्हें लंबी अवधि की वित्तीय योजना बनाने में मदद करती हैं. साथ ही, पूर्वानुमान योग्य उधारी माहौल के कारण डेवलपर्स भी अपनी परियोजनाओं की बेहतर योजना बनाकर उन्हें समय पर पूरा कर सकते हैं.उन्होंने उम्मीद जताई कि ब्याज दरों में यह स्थिरता आवासीय रियल एस्टेट की मांग को बनाए रखने में मदद करेगी, खासकर मिड-इनकम और प्रीमियम हाउसिंग सेगमेंट में. उनके अनुसार यह फैसला रियल एस्टेट सेक्टर की विकास रफ्तार को आगे भी मजबूती प्रदान कर सकता है. RBI ने बढ़ते जोखिमों के बीच संतुलित रुख अपनाया कोटक महिंद्रा एएमसी में हेड फिक्स्ड इनकम अभिषेक बिसेन (Abhishek Bisen) ने कहा कि जून 2026 की RBI मौद्रिक नीति बैठक ऐसे समय में हुई, जब वैश्विक संघर्ष, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, रुपये में कमजोरी और मानसून से जुड़े जोखिम बाजार की चिंता बढ़ा रहे हैं. हालांकि खुदरा महंगाई (CPI) 3.48% के अपेक्षाकृत आरामदायक स्तर पर बनी हुई है, लेकिन थोक महंगाई (WPI) और ईंधन की बढ़ती कीमतें भविष्य में दबाव बढ़ने के संकेत दे रही हैं.उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था अभी भी मजबूत बनी हुई है, लेकिन उस पर कुछ चुनौतियों का असर दिखने लगा है और FY27 के लिए विकास की संभावनाएं पहले की तुलना में थोड़ी कमजोर हुई हैं. इसी वजह से बॉन्ड यील्ड और जोखिम प्रीमियम में भी बढ़ोतरी देखी

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Annamalai News Live: अन्नामलाई आज खेलेंगे नया दांव! नई पार्टी का ऐलान...

होमताजा खबरदेश LIVE:अन्नामलाई आज खेलेंगे नया दांव! नई पार्टी का ऐलान या फिर कुछ और Last Updated:June 05, 2026, 10:43 IST Annamalai Announcement Live: तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई आज दोपहर 12 बजे बड़ा ऐलान करने वाले हैं. इस्तीफे की अटकलों और नई राजनीतिक पार्टी या आंदोलन की चर्चाओं के बीच तमिलनाडु की राजनीति में ह…और पढ़ें तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई आज बड़ा ऐलान कर सकते हैं. (फाइल फोटो PTI) Annamalai News Live: तमिलनाडु की राजनीति में शुक्रवार का दिन बड़ा सियासी ट्विस्ट लेकर आ सकता है. बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व IPS अधिकारी के. अन्नामलाई आज दोपहर 12 बजे बड़ा ऐलान करने वाले हैं. उनके एक सोशल मीडिया पोस्ट ने चेन्नई से लेकर दिल्ली तक राजनीतिक हलचल तेज कर दी है. सवाल है कि अन्नामलाई अलग रास्ता चुनते हैं तो तमिलनाडु की राजनीति किस दिशा में जाएगी. पिछले कुछ समय से पार्टी के भीतर उनकी नाराजगी की खबरें लगातार सामने आ रही थीं. AIADMK के साथ सीट शेयरिंग को लेकर भी वह सहज नहीं बताए जा रहे थे. ऐसे में अब उनके अगले कदम को सिर्फ व्यक्तिगत फैसला नहीं बल्कि दक्षिण भारत की राजनीति में नए समीकरणों की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है. बीजेपी लगातार इन खबरों को अफवाह बता रही है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि अन्नामलाई अब ‘नई राजनीतिक लाइन’ तैयार करने के मूड में हैं. अन्नामलाई ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, ‘मैं कल दोपहर करीब 12 बजे आप सभी से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए खुलकर बातचीत करने का इंतजार कर रहा हूं.’ इस एक लाइन ने अटकलों का बाजार गर्म कर दिया. मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि उन्होंने पार्टी नेतृत्व को अपना इस्तीफा सौंप दिया है. हाल ही में दिल्ली दौरे के दौरान उन्होंने अमित शाह से मुलाकात भी की थी. सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी नेतृत्व ने उन्हें मनाने की कोशिश की, लेकिन तमिलनाडु इकाई में खुद को साइडलाइन किए जाने को लेकर वह नाराज बताए जा रहे हैं. अब सबकी नजर इस बात पर है कि दोपहर 12 बजे अन्नामलाई सिर्फ सफाई देंगे या फिर तमिलनाडु की राजनीति में नया अध्याय शुरू करेंगे. युवा राजनीति के नाम पर नई रणनीति? सूत्रों के मुताबिक अन्नामलाई तमिलनाडु के युवाओं को केंद्र में रखकर एक नया राजनीतिक आंदोलन शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं. कहा जा रहा है कि वह राज्य में पारंपरिक द्रविड़ राजनीति के खिलाफ नया नैरेटिव खड़ा करना चाहते हैं. यही वजह है कि उनके अगले कदम को बेहद अहम माना जा रहा है. अन्नामलाई पिछले कुछ सालों में बीजेपी के सबसे चर्चित दक्षिण भारतीय चेहरों में शामिल रहे हैं. उन्होंने DMK सरकार के खिलाफ लगातार आक्रामक राजनीति की और सोशल मीडिया पर भी मजबूत पकड़ बनाई. लेकिन हाल के दिनों में पार्टी के भीतर उनकी भूमिका सीमित होने की चर्चा ने सियासी अटकलों को और बढ़ा दिया. बीजेपी ने हालांकि साफ किया है कि अन्नामलाई पार्टी नहीं छोड़ रहे हैं. पार्टी नेताओं का कहना है कि इस्तीफे की खबरें गलत हैं. इसके बावजूद राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर अन्नामलाई अलग रास्ता चुनते हैं तो इसका असर बीजेपी और AIADMK दोनों पर पड़ सकता है. दिल्ली में क्या हुई थी बातचीत? हाल ही में अन्नामलाई दिल्ली पहुंचे थे जहां उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की. सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में उन्होंने तमिलनाडु बीजेपी की अंदरूनी स्थिति और अपनी चिंताओं को खुलकर रखा. पार्टी नेतृत्व ने उन्हें संगठन में बने रहने के लिए कहा, लेकिन इसके बाद भी अटकलें खत्म नहीं हुईं. तमिलनाडु की राजनीति में अन्नामलाई को युवा और आक्रामक चेहरा माना जाता है. यही वजह है कि उनका अगला कदम सिर्फ बीजेपी ही नहीं बल्कि पूरे राज्य के राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है. दोपहर 12 बजे पर टिकी राजनीति की नजर अब पूरे देश की नजर अन्नामलाई के दोपहर 12 बजे वाले ऐलान पर है. क्या वह नई पार्टी बनाएंगे? क्या बीजेपी में ही नई भूमिका स्वीकार करेंगे? या फिर सिर्फ राजनीतिक संदेश देकर अटकलों पर विराम लगाएंगे? इन सवालों का जवाब कुछ ही घंटों में सामने आ जाएगा. लेकिन इतना तय है कि तमिलनाडु की राजनीति में आज का दिन बेहद अहम माना जा रहा है. Annamalai Announcement Live: अन्नामलाई का इस्तीफा BJP ने स्वीकार किया Annamalai News Live: पूर्व तमिलनाडु बीजेपी अध्यक्ष के अन्नामलाई का इस्तीफा पार्टी नेतृत्व ने स्वीकार कर लिया है. अन्नामलाई ने कुछ दिन पहले भारतीय जनता पार्टी से इस्तीफा दिया था, जिसके बाद से उनके भविष्य को लेकर लगातार अटकलें चल रही थीं. पूर्व IPS अधिकारी रहे अन्नामलाई तमिलनाडु बीजेपी का बड़ा चेहरा माने जाते थे और उनके अगले राजनीतिक कदम पर अब सबकी नजर है. Annamalai News Live: अमित शाह ने BJP में बने रहने को कहा? Annamalai Announcement Live: रिपोर्ट्स के मुताबिक हाल ही में नई दिल्ली दौरे के दौरान अन्नामलाई ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी. सूत्रों का दावा है कि इस दौरान पार्टी नेतृत्व ने उनसे बीजेपी में बने रहने की अपील की. माना जा रहा है कि अन्नामलाई ने अपनी नाराजगी और राजनीतिक स्थिति को लेकर शीर्ष नेतृत्व से खुलकर बात की थी. Annamalai Announcement Live: तमिल युवाओं के लिए नया राजनीतिक आंदोलन? Annamalai News Live: सूत्रों के अनुसार अन्नामलाई तमिलनाडु के युवाओं पर फोकस करते हुए एक नए राजनीतिक आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं. माना जा रहा है कि उनका नया कदम राज्य की राजनीति में अलग पहचान बनाने की कोशिश हो सकता है. शुक्रवार को होने वाले उनके संभावित ऐलान पर पूरे दक्षिण भारत की राजनीति की नजर टिकी हुई है. Annamalai News Live: क्या नई पार्टी बनाएंगे अन्नामलाई? Annamalai News Live: पूर्व IPS अधिकारी के अन्नामलाई को लेकर अटकलें तेज हैं कि वह शुक्रवार को बड़ा ऐलान कर सकते हैं. कई रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि वह पार्टी से इस्तीफा दे सकते हैं. बताया जा रहा है कि पार्टी के भीतर खुद को साइडलाइन किए जाने और AIADMK के साथ सीट शेयरिंग को लेकर वह नाराज हैं. हालांकि अब तक अन्नामलाई की ओर से कोई आधिकारिक बयान

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बलिया में पूर्वजों की धरोहर, हिरण की खाल से भोजपत्र तक पर...

Last Updated:June 05, 2026, 09:41 IST Ancestral Heritage in Ballia: बलिया के द्वाबा क्षेत्र के गोंहिया छपरा गांव निवासी आत्मानंद तिवारी ने बताया कि उनके घर में प्राचीन पांडुलिपियां सुरक्षित हैं. ये सभी हस्तलिखित है और उनके पितामह पं. राधामाधव शास्त्री तथा बाबा पं. दीनदयाल तिवारी द्वारा लिखित संस्कृत के विविध ग्रंथ भी यहां संरक्षित है. आत्मानंद तिवारी के अनुसार इन पांडुलिपियों को व्यवस्थित रूप से रखा गया है और शोधकार्य के लिए विद्वान और शोधार्थी लगातार यहां आते रहते है. बलिया: पूर्वजों की धरोहर और पहचान को जीवित रखने के लिए लोग कई तरह के प्रयास करते हैं. इसी कड़ी में बलिया जनपद की कुछ दुर्लभ तस्वीरें और दस्तावेज सामने आए हैं, जहां बाबा-दादा के समय की पांडुलिपियां आज भी पूरी तरह सुरक्षित है. इन पांडुलिपियों को न सिर्फ शोधकर्ता, बल्कि इतिहासकार भी देखने आते है. ये वही हस्तलिखित पांडुलिपियां है. जिन्हें पूर्वजों ने अपने हाथों से लिखा था और जिन्हें उनकी आने वाली पीढ़ियां अपनी अमूल्य धरोहर मानकर सहेज रही है. यह मामला उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद की बैरिया तहसील के गोंहिया छपरा गांव का है. यहां के एक घर में कई विद्वान हुए, जिनकी हस्तलिखित धरोहर आज भी संरक्षित है. इस घर में आज भी अनेक भाषाओं में लिखे गए विविध ग्रंथ सुरक्षित रखे हैं, जो उस दौर की अलग-अलग विषयों पर आधारित रचनाएं है. आइए विस्तार से समझते है… प्रख्यात इतिहासकार और राष्ट्रीय पांडुलिपि संघ, गवर्नमेंट ऑफ इंडिया के जिला समन्वयक (बलिया) डॉ. शिवकुमार सिंह कौशिकेय का कहना है कि जितनी भी पांडुलिपियां, धरोहरें और अभिलेख है वे हमारे देश की अमानत है. इन्हें संरक्षित और सुरक्षित रखना हर नागरिक का दायित्व है. हमारा इतिहास बचाना हमारा कर्तव्य है. डॉ. कौशिकेय के अनुसार जब दुश्मन देश पर आक्रमण करे और स्वतंत्रता तथा इतिहास, दोनों ही संकट में हों तो देश की चिंता से पहले इतिहास को बचाना चाहिए. उन्होंने बताया कि हमारे पास जो ज्ञान का विशाल भंडार पांडुलिपियों और अभिलेखों के रूप में मौजूद है. उन्हें संरक्षित करने का काम भारत सरकार द्वारा ‘ज्ञान भारतम्’ योजना के तहत चलाया जा रहा है. इस योजना के पहले चरण में 15 जून तक देशभर में जहां-जहां भी पांडुलिपियां है. उनकी पहचान और चिन्हांकन का कार्य जारी है. इसी योजना के अंतर्गत बलिया जिले के बैरिया क्षेत्र के अंतर्गत गोंहिया छपरा गांव सहित अन्य स्थानों पर जाकर ऐसी पांडुलिपियों को चिन्हित और संरक्षित किया जा रहा है. गोंहिया छपरा गांव में हस्तलिखित पांडुलिपियां मिली हैं, जो कागज और हिरण की खाल पर लिखी गई हैं. बलिया के अन्य कई स्थानों पर भी भोजपत्र, ताड़पत्र और पीपल पत्र पर लिखी पांडुलिपियां पाई गई है. फिलहाल इन पांडुलिपियों को सरकार की वेबसाइट पर अपलोड करने का काम चल रहा है. अनुमान लगाया जा रहा है कि धरोहरों को संभालकर रखने के मामले में बलिया देश में प्रथम स्थान पर आ सकता है. बलिया के द्वाबा क्षेत्र के गोंहिया छपरा गांव निवासी आत्मानंद तिवारी ने बताया कि उनके घर में प्राचीन पांडुलिपियां सुरक्षित हैं. ये सभी हस्तलिखित है और उनके पितामह पं. राधामाधव शास्त्री तथा बाबा पं. दीनदयाल तिवारी द्वारा लिखित संस्कृत के विविध ग्रंथ भी यहां संरक्षित है. आत्मानंद तिवारी के अनुसार इन पांडुलिपियों को व्यवस्थित रूप से रखा गया है और शोधकार्य के लिए विद्वान और शोधार्थी लगातार यहां आते रहते है. About the Author Manish Rai काशी के बगल चंदौली से ताल्लुक रखते है. बिजेनस, सेहत, स्पोर्टस, राजनीति, लाइफस्टाइल और ट्रैवल से जुड़ी खबरें पढ़ना पसंद है. मीडिया में करियर की शुरुआत ईटीवी भारत हैदराबाद से हुई. अभी लोकल18 यूपी के कॉर्डिनेटर की…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ballia,Uttar Pradesh Source link

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लाखों खर्च, फिर भी प्यासे लोग.. चंदौली के हिनौली गांव में पानी...

चंदौली: केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना का उद्देश्य हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है, लेकिन जिले के मुगलसराय विधानसभा क्षेत्र के हिनौली गांव में यह योजना धरातल पर पूरी तरह विफल नजर आ रही है. गांव में लाखों रुपये की लागत से बनाई गई पानी की टंकी आज भी केवल शोपीस बनकर खड़ी है. ग्रामीणों का आरोप है कि टंकी बने लगभग डेढ़ से दो वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन आज तक किसी भी घर में पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है. भीषण गर्मी के बीच ग्रामीणों को पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है. भीषण गर्मी में हो रही पानी की गंभीर समस्या लोकल18 के संवाददाता ने जब हिनौली गांव पहुंचकर जमीनी हकीकत की पड़ताल की, तो ग्रामीणों ने जल जीवन मिशन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए. गांव के निवासी संतोष कुमार पंकज ने बताया कि ग्राम सभा हिनौली में केंद्र सरकार के फंड से जल जीवन मिशन के तहत पानी की टंकी का निर्माण कराया गया था. उन्होंने कहा कि टंकी का निर्माण हुए लगभग डेढ़ वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन आज तक इसमें पानी भरकर गांव में सप्लाई नहीं की गई. संतोष कुमार पंकज ने आरोप लगाया कि गांव में पाइपलाइन तो बिछा दी गई, लेकिन अधिकांश घरों में कनेक्शन तक नहीं दिया गया. उन्होंने स्वयं को इसका उदाहरण बताते हुए कहा कि उनके घर में भी आज तक कनेक्शन नहीं हुआ है. उन्होंने कहा कि टंकी बनने के बाद से न तो उसमें पानी भरा गया और न ही किसी घर तक पानी पहुंचाया गया, ऐसे में ग्रामीण इस भीषण गर्मी में पानी की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं. लोगों को पीने के लिए खरीदना पड़ रहा पानी  उन्होंने निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि इस पूरी व्यवस्था के लिए संबंधित ठेकेदार, जूनियर इंजीनियर (जेई) और अन्य जिम्मेदार अधिकारी उत्तरदायी हैं. उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा खर्च किए गए धन का सही उपयोग नहीं हुआ और योजना का लाभ ग्रामीणों तक नहीं पहुंच पाया. उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार और जिलाधिकारी से मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. उन्होंने कहा कि गांव में पानी की समस्या इतनी गंभीर है कि जिन लोगों के घरों में हैंडपंप हैं, वे किसी तरह अपना काम चला रहे हैं, जिनके पास आर्थिक संसाधन हैं, उन्होंने निजी समर्सिबल पंप लगवा लिए हैं. वहीं, गरीब परिवारों को दूसरों के घरों से पानी लाकर अपनी जरूरतें पूरी करनी पड़ रही हैं. कई लोगों को पीने के लिए पानी खरीदना पड़ रहा है. जमीन के अंदर दबे हुए हैं पानी के सभी पाइप  गांव के एक अन्य निवासी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि टंकी बनने के बाद एक-दो बार तकनीकी जांच हुई थी, लेकिन उसके बाद कभी पानी की सप्लाई शुरू नहीं हुई. उन्होंने बताया कि टंकी संचालन के लिए आवश्यक बिजली लाइन या सोलर सिस्टम की भी समुचित व्यवस्था नहीं दिखाई देती. उन्होंने कहा लगभग 500 मीटर दूर सोलर प्लेट लगाने की बात कही गई थी, लेकिन वहां भी व्यवस्था पूरी नहीं की गई. मनोज कुमार सिंह ने बताया कि घरों तक पाइपलाइन तो पहुंचा दी गई है, लेकिन न तो टोटी लगाई गई है और न ही पानी की कोई व्यवस्था शुरू हुई है. जमीन के अंदर पाइप दबे हुए हैं, लेकिन उनमें आज तक पानी नहीं आया. उन्होंने कहा कि ग्रामीण केवल इंतजार कर रहे हैं कि आखिर यह योजना कब शुरू होगी और कब उन्हें इसका लाभ मिलेगा. इस समस्या को गंभीरता से नहीं लिया ग्राम प्रधान  वहीं, ग्रामीण कन्हैया लाल ने बताया कि उनके मोहल्ले तक भी पानी नहीं पहुंचा है. उन्होंने कहा कि लगभग दो वर्ष का समय बीत गया, लेकिन हालात जस के तस बने हुए हैं. गर्मी के मौसम में पानी की समस्या और भी गंभीर हो जाती है. उन्होंने बताया कि कई परिवार बाजार से पानी खरीदकर पीने को मजबूर हैं. कन्हैया लाल ने ग्राम प्रधान की भूमिका पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि ग्राम प्रधान ने अब तक इस समस्या को गंभीरता से नहीं लिया. ग्रामीणों के अनुसार आज तक किसी ने यह जानने की कोशिश नहीं की कि आखिर टंकी चालू क्यों नहीं हो रही है और गांव को पानी कब मिलेगा? सफेद हाथी साबित हो रही है यह पानी की टंकी  ग्रामीणों का कहना है कि सरकार ने हर घर जल पहुंचाने के उद्देश्य से इस योजना की शुरुआत की थी, लेकिन हिनौली गांव में यह योजना केवल कागजों तक सीमित नजर आ रही है. गांव में बनी विशाल पानी की टंकी लोगों को रोज दिखाई देती है, लेकिन उससे मिलने वाला पानी आज तक किसी को नसीब नहीं हुआ. स्थानीय लोगों का आरोप है कि लाखों रुपये खर्च कर बनाई गई यह टंकी अब सफेद हाथी साबित हो रही है. ग्रामीणों के अनुसार यदि समय रहते इस परियोजना को चालू नहीं किया गया, तो सरकार की महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य अधूरा रह जाएगा और लोगों का विश्वास भी कमजोर होगा. ग्रामीणों की शिकायत पर प्रशासन कब लेता है संज्ञान  ग्राउंड जीरो पर की गई पड़ताल में यह साफ दिखाई दिया कि गांव में पानी की समस्या वास्तविक और गंभीर है. कहीं पाइपलाइन होने के बावजूद पानी नहीं पहुंच रहा है, तो कहीं कनेक्शन ही नहीं दिए गए हैं, ऐसे में ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन तत्काल मामले की जांच कराए, परियोजना की खामियों को दूर करे और दोषी अधिकारियों एवं ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करे. अब देखना यह होगा कि ग्रामीणों की शिकायतों पर प्रशासन कब तक संज्ञान लेता है और जल जीवन मिशन के तहत बनी यह टंकी आखिर कब गांव के लोगों की प्यास बुझाने का काम शुरू कर पाती है. Source link

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छोटा सा कार्ट, बड़ा स्वाद! ऋषिकेश में छाया ‘बॉस द शेफ’ का...

Last Updated:June 05, 2026, 07:37 IST लोकल 18 के साथ बातचीत के दौरान शेफ पवन सिंह पंवार ने बताया कि उन्होंने अपने कार्ट का नाम “बॉस द शेफ” इसलिए रखा क्योंकि वह खुद ही शेफ हैं और पूरी कुकिंग अपने हाथों से करते हैं. उनके अनुसार इस नाम का सीधा अर्थ है कि जो बॉस है, वही शेफ है और वही ग्राहकों के लिए स्वादिष्ट भोजन तैयार करेगा.  ऋषिकेश: ऋषिकेश में स्ट्रीट फूड का क्रेज लगातार बढ़ रहा है और लोग नए स्वादों की तलाश में अलग-अलग फूड पॉइंट्स पर पहुंच रहे हैं. इसी बीच हरिद्वार रोड पर स्थित “बॉस द शेफ” नाम का एक फूड कार्ट अपनी अनोखी डिशेज और किफायती कीमतों की वजह से लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है. इस कार्ट को संचालित करने वाले शेफ पवन सिंह पंवार अपने खास अंदाज और यूनिक मेन्यू के जरिए ग्राहकों को आकर्षित कर रहे हैं. खास तौर पर यहां मिलने वाला नूल परौठा और ग्रेवी वाली चाप लोगों को एक अलग स्वाद का अनुभव दे रहे हैं. “बॉस द शेफ”लोकल 18 के साथ बातचीत के दौरान शेफ पवन सिंह पंवार ने बताया कि उन्होंने अपने कार्ट का नाम “बॉस द शेफ” इसलिए रखा क्योंकि वह खुद ही शेफ हैं और पूरी कुकिंग अपने हाथों से करते हैं. उनके अनुसार इस नाम का सीधा अर्थ है कि जो बॉस है, वही शेफ है और वही ग्राहकों के लिए स्वादिष्ट भोजन तैयार करेगा. यह नाम उन्हें सहज और अलग लगा, इसलिए उन्होंने इसे अपने फूड कार्ट की पहचान बनाया.यह कार्ट हरिद्वार रोड पर छाबड़ा ब्रदर्स के आगे और छोटी सब्जी मंडी के सामने स्थित है. इसके आसपास कई लोग रोजाना आते-जाते हैं, जिससे यह जगह खाने के शौकीनों के लिए एक सुविधाजनक ठिकाना बन गई है. राजस्थानी भोजनालय के नजदीक स्थित यह कार्ट धीरे-धीरे स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों के बीच भी लोकप्रिय हो रहा है. “बॉस द शेफ” की सबसे बड़ी खासियत “बॉस द शेफ” की सबसे बड़ी खासियत यहां मिलने वाली ग्रेवी वाली चाप और नूल परौठा है. शेफ पवन का कहना है कि ग्रेवी वाली चाप बहुत कम जगहों पर मिलती है और इसका स्वाद लोगों को काफी पसंद आ रहा है. वहीं नूल परौठा इस कार्ट की सबसे विशेष डिश है. उनका दावा है कि पूरे उत्तराखंड में, यहां तक कि तपोवन जैसे लोकप्रिय क्षेत्रों में भी इस तरह का नूल परौठा आसानी से देखने को नहीं मिलता.नूल परौठा अपनी बनावट और बनाने की प्रक्रिया के कारण बेहद खास माना जाता है. कैसा होता है “नूल” पराठा पवन ने बताया कि “नूल” का अर्थ रस्सी होता है और इस परौठे को रस्सी जैसी संरचना देकर तैयार किया जाता है. इसे बनाने में दूध, दही, शुगर और नमक का उपयोग किया जाता है. इस पूरी प्रक्रिया में काफी मेहनत और समय लगता है, लेकिन इसके बावजूद वह इसे मात्र ₹10 में ग्राहकों को उपलब्ध करा रहे हैं. उन्होंने बताया कि बड़े रेस्टोरेंट्स में इसी प्रकार का परौठा ₹25 से ₹30 तक में बेचा जाता है. About the Author Vivek Kumar विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Rishikesh,Dehradun,Uttarakhand Source link

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Petrol Price : तेल कंपनियों ने बदल दिए पेट्रोल-डीजल के भाव, क्रूड...

Last Updated:June 05, 2026, 06:36 IST Petrol-Diesel Price : ग्‍लोबल मार्केट में कच्‍चे तेल की कीमतों में फिर उछाल आना शुरू हो गया है और इसका असर देश में जारी पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमतों पर भी दिख रहा है. सरकारी तेल कंपनियों की ओर से जारी पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमतें आज नीचे आई हैं. देश के ज्‍यादातर शहरों में आज तेल के दाम घट गए हैं. ग्‍लोबल मार्केट में कच्‍चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट दिख रही है. नई दिल्‍ली. सरकारी तेल कंपनियों की ओर से शुक्रवार सुबह जारी पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में बदलाव दिख रहा है. इस दौरान ग्‍लोबल मार्केट में कच्‍चे तेल की कीमतों में भी उछाल दिख रहा है. ब्रेंट क्रूड का भाव इस हफ्ते की शुरुआत में 91 डॉलर के आसपास था, जो अब 95 डॉलर से भी ज्‍यादा पहुंच चुका है. इसका असर आज सुबह जारी पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों पर भी दिख रहा है. आज कई शहरों में तेल के बढ़े हैं तो कुछ में कीमतें नीचे आई हैं. हालांकि, देश के चारों महानगरों में खुदरा तेल कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है. सरकारी तेल कंपनियों के अनुसार, गाजियाबाद में पेट्रोल 15 पैसे सस्‍ता होकर 101.73 रुपये लीटर हो गया है तो डीजल 14 पैसे गिरकर होकर 95.22 रुपये लीटर पहुंच गया है. हरियाणा की राजधानी गुरुग्राम में पेट्रोल 13 पैसे सस्‍ता होकर 102.84 रुपये लीटर बिक रहा है तो डीजल 13 पैसे गिरावट के साथ 95.51 रुपये लीटर के भाव पहुंच गया है. बिहार की राजधानी पटना में पेट्रोल 87 पैसे सस्‍ता होकर 113.37 रुपये लीटर हो गया तो डीजल 84 पैसे गिरावट के साथ 99.36 रुपये लीटर बिक रहा है. कच्‍चे तेल की बात करें तो बीते 24 घंटे में इसकी कीमतों में उछाल दिख रहा है. ग्‍लोबल मार्केट में ब्रेंट क्रूड का भाव बढ़त के साथ 95 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया है. डब्‍ल्‍यूटीआई का रेट भी चढ़ा है और ग्‍लोबल मार्केट में अब 92.71 डॉलर प्रति बैरल के भाव चल रहा है. चारों महानगरों में पेट्रोल-डीजल के दाम– दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर– मुंबई में पेट्रोल 111.18 रुपये और डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर– चेन्नई में पेट्रोल 108.01 रुपये और डीजल 99.78 रुपये प्रति लीटर– कोलकाता में पेट्रोल 113.47 रुपये और डीजल 99.82 रुपये प्रति लीटर इन शहरों में बदल गए रेट– गाजियाबाद में पेट्रोल 101.73 रुपये और डीजल 95.22 रुपये प्रति लीटर हो गया है.– गुरुग्राम में पेट्रोल 102.84 रुपये और डीजल 95.51 रुपये प्रति लीटर हो गया है.– पटना में पेट्रोल 113.37 रुपये और डीजल 99.36 रुपये प्रति लीटर हो गया है. हर सुबह 6 बजे जारी होते हैं नए रेटहर दिन सुबह 6 बजे पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव होता है. सुबह 6 बजे से ही नए रेट लागू हो जाते हैं. पेट्रोल व डीजल के दाम में एक्साइज ड्यूटी, डीलर कमीशन, वैट और अन्य चीजें जोड़ने के बाद इसका दाम मूल भाव से लगभग दोगुना हो जाता है. यही कारण है कि पेट्रोल-डीजल के दाम इतने अधिक दिखाई देते हैं. About the Author Pramod Kumar Tiwari प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Source link

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D-कंपनी ने तोड़ी चुप्पी, छोटा शकील ने ललित मोदी को धमकी देने...

होमताजा खबरदेश D-कंपनी ने तोड़ी चुप्पी, छोटा शकील ने ललित मोदी को धमकी पर दी सफाई Last Updated:June 04, 2026, 23:46 IST डी-कंपनी के प्रमुख सदस्य छोटा शकील ने ललित मोदी को धमकी देने, हत्या की साजिश रचने और अपहरण की कोशिश के आरोपों को खारिज कर दिया है. CNN-News18 से बातचीत में उसने कहा कि डी-कंपनी का IPL से कोई संबंध नहीं है. हालांकि उसने माना कि ललित मोदी के साथ पैसों का विवाद था और बकाया रकम की वसूली की जा रही थी. ख़बरें फटाफट दाऊद इब्राह‍िम गैंग की ओर से लल‍ित मोदी पर आई सफाई. अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद इब्राहिम के करीबी सहयोगी छोटा शकील ने पहली बार खुलकर पूर्व आईपीएल कमिश्नर और कारोबारी ललित मोदी से जुड़े आरोपों पर प्रतिक्रिया दी है. CNN-News18 से बातचीत में छोटा शकील ने दावा किया कि डी-कंपनी के खिलाफ लगाए जा रहे सभी आरोप पूरी तरह झूठे और बेबुनियाद हैं. छोटा शकील ने साफ कहा कि डी-कंपनी ने कभी भी ललित मोदी की हत्या की कोशिश नहीं की और न ही उन्हें किसी तरह की जान से मारने की धमकी दी. उसने यह भी कहा कि डी-कंपनी का इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) से कोई संबंध नहीं है और दोनों को जोड़ना गलत है. हालांकि, छोटा शकील ने यह स्वीकार किया कि ललित मोदी के साथ एक वित्तीय विवाद जरूर था. उसके मुताबिक कुछ रकम बकाया थी और डी-कंपनी सिर्फ उसी पैसे की वसूली की कोशिश कर रही थी. लेकिन उसने यह दावा किया कि इसे जबरन वसूली या रंगदारी का मामला बताना गलत है. हमने नहीं रची साज‍िश छोटा शकील ने उन आरोपों को भी खारिज कर दिया जिनमें कहा गया था कि डी-कंपनी ने ललित मोदी या उनके परिवार के किसी सदस्य के अपहरण की साजिश रची थी. उसने कहा कि न तो ऐसा कोई प्रयास किया गया और न ही डी-कंपनी परिवार के लोगों को निशाना बनाती है. लेनदेन पर सफाई की कोश‍िश यह बयान ऐसे समय आया है जब भारतीय सुरक्षा एजेंसियां डी-कंपनी की गतिविधियों और उसके वित्तीय नेटवर्क पर लगातार नजर बनाए हुए हैं. माना जा रहा है कि छोटा शकील का यह सार्वजनिक बयान ललित मोदी से जुड़े पुराने विवादों और कथित वित्तीय लेन-देन को लेकर अपनी सफाई देने की कोशिश है. हालांकि भारतीय जांच एजेंसियां लंबे समय से डी-कंपनी पर जबरन वसूली, अवैध वित्तीय लेन-देन और संगठित अपराध से जुड़े गंभीर आरोप लगाती रही हैं. ऐसे में छोटा शकील के दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi Source link

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Tomorrow Weather | 5th June Mausam Alert | IMD Rain Alert |...

होमफोटोदेश 70 KM की रफ्तार से हवाएं, 7 दिनों तक बारिश का तांडव, मानसून पर IMD की वॉर्निंग Last Updated:June 04, 2026, 23:54 IST Tomorrow Weather Warning: भारत में मौसम ने अचानक भयंकर करवट ले ली है. इधर मानसून की केरल तट पर आगमन, तो दिल्ली-एनसीआर से लेकर पंजाब हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के इलाकों में तेज रफ्तार की आंधी के साथ कुछ देर की मूसलाधार बारिश से मौसम अचानक रौद्र हो गया. ऐसा लग रहा है कि मानसून केरल से फ्लाइट में सीधे दिल्ली पहुंच गया है. मौसम विभाग (आईएमडी) ने चेतावनी जारी करते हुए बताया कि अगले सात दिनों तक कई राज्यों में भारी बारिश हो सकती है. वहीं, यूपी-बिहार में भीषण लू का अलर्ट भी जारी किया गया है. मौसम विभाग ने बताया कि 5 जून को देश के अधिकांश राज्यों में आंधी तूफान के साथ बारिश और वज्रपात हो सकता है. दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, यूपी बिहार से लेकर मध्य प्रदेश, तेलंगाना और महाराष्ट्र में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से भयानक आंधी चलने का हाई अलर्ट है. कल का मौसम: भारत के कई हिस्सों में अब मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदल चुका है. मौसम विभाग (आईएमडी) ने आगामी मौसम के लिए सख्त चेतावनी जारी की है. दक्षिण-पश्चिम मानसून ने आज यानी गुरुवार 4 जून को केरल के तटों पर अपनी आधिकारिक दस्तक दे दी है. लेकिन इस मानसून की एंट्री के साथ-साथ एक बहुत बड़ी मौसमी आफत भी देश की तरफ बढ़ रही है. मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले दो से तीन दिनों तक देश के उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्वी भारत और दक्षिणी भारत के कई इलाकों में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की भयानक रफ्तार से हवाएं चलेंगी. गरज-चमक के साथ भीषण तूफान आने की पूरी आशंका है. मौसम विभाग (आईएमडी) की रिपोर्ट के अनुसार अगले 7 दिनों के दौरान केरल और कर्नाटक के अलग-अलग स्थानों पर 7 से 20 सेंटीमीटर तक भारी से बहुत भारी वर्षा होने की प्रबल संभावना है. इसके साथ ही, तमिलनाडु में भी कई जगहों पर मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. तेलंगाना में तो स्थिति और भी विकट हो सकती है, जहां 4 से 8 जून के बीच 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने और तेज बिजली कड़कने के साथ आंधी आने का अनुमान लगाया गया है. तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा के क्षेत्रों में भी इसी तरह का खतरनाक और तूफानी मौसम बना रहेगा. दक्षिण के साथ-साथ पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भी आसमान से भारी आफत बरसने वाली है. मौसम विज्ञानियों की चेतावनी है कि अगले 5 से 6 दिनों तक पूर्वोत्तर के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर लगातार जारी रहेगा. विशेष रूप से असम और मेघालय में 6 से 7 जून के बीच 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ मध्यम से भारी बारिश होगी. नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी 5 से 10 जून के बीच भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. अरुणाचल प्रदेश में 6 से 9 जून के दौरान कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा हो सकती है. Add News18 as Preferred Source on Google अगर बात मध्य भारत की करें तो यहां मौसम का सबसे ज्यादा रौद्र रूप दिखने वाला है. मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में भयंकर थंडरस्क्वॉल (Thundersquall) यानी अचानक आने वाले भयानक तूफान की चेतावनी जारी की है. पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में गुरुवार 5 जून को 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं अचानक 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं. विदर्भ और छत्तीसगढ़ में 6 जून तक ऐसा ही तूफानी मंजर देखने को मिलेगा. इसके अलावा, पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 4 जून को अलग-अलग स्थानों पर ओलावृष्टि होने की भी पूरी संभावना है. उत्तर-पश्चिम भारत यानी कि दिल्ली और पंजाब हरियाणा वाले इलाके में भी मौसम बदलने वाला है. पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 4 से 5 जून को 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलेंगी और तेज गरज के साथ छिटपुट से लेकर मध्यम स्तर की बारिश होने की आशंका जताई गई है. पहाड़ों पर बर्फ और ओले गिरेंगे तो मैदानों में धूल भरी आंधी चलेगी. जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद के इलाकों में 4 से 6 जून के दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की तूफानी हवाओं के साथ बारिश और बिजली चमकने का अलर्ट है. हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 4 से 5 जून के बीच 40-50 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चलेंगी और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी होगी. दिल्ली और आस-पास के इलाकों (एनसीआर) के लिए मौसम विभाग ने विशेष बुलेटिन जारी किया है. पहाड़ों पर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है. उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन के आपस में मिलने से इस पूरे क्षेत्र में धूल भरी आंधी और गरज के साथ तूफान की गतिविधियां शुरू हो गई हैं. दिल्ली और एनसीआर में 6 जून तक दोपहर और शाम को तेज धूल भरी आंधी चलेगी. प्री-मानसून बौछारें भी पड़ेंगी. ऐसी मौसमी गतिविधि 7 जून तक बना रह सकता है. बुधवार (5 जून) को फिर से दिन के तापमान में करीब 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आएगी. ये वाला भी वीकेंड शानदार रहने वाला है. अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज झोंकेदार हवाओं के साथ बिजली कड़कने और छिटपुट बारिश होने की संभावना है. 5 से 8 जून के बीच हवा की गति 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे रहेगी. पश्चिम बंगाल (गांगेय और उप-हिमालयी क्षेत्रों) तथा सिक्किम में 4 से 8 जून तक तेज हवाओं के साथ बारिश होगी. इसी तरह, झारखंड में 5 से 7 जून, बिहार में 5 और 7-10 जून, और ओडिशा में 6 से 10 जून के बीच 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं लोगों को परेशान करेंगी. पश्चिमी भारत के तटीय और भीतरी इलाकों में भी मानसून के आगे बढ़ने का असर दिखने की संभावना है. मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, कोंकण, गोवा और मराठवाड़ा क्षेत्रों में 4 से

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असम कैबिनेट में ‘इन’ और ‘आउट’ का खेल, हिमंता ने बदल दिया...

होमताजा खबरदेश असम कैबिनेट में ‘इन’ और ‘आउट’ का खेल, हिमंता ने बदल दिया पूरा समीकरण Last Updated:June 04, 2026, 23:55 IST असम कैबिनेट में पीयूष हजारिका और अशोक सिंघल शपथ लेंगे. बिमल बोरा और जयंत मल्ला भी इस ईवेंट में शामिल हैं. सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने अपनी पुरानी टीम पर भरोसा जताया है. असम की सियासत में इस एक्शन से बवाल मच गया है. सीएम हिमंत ने विकास के कामों की निरंतरता बनाए रखने की कोशिश की है. 12 नए मंत्री असम कैबिनेट में शपथ लेंगे, जिससे मंत्रियों की संख्या 17 हो जाएगी. (फाइल फोटो) गुवाहाटी. असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने अपने नई सरकार के गठन की प्रक्रिया को पूरा करते हुए 12 विधायकों के नामों का ऐलान कर दिया है. ये सभी विधायक 5 जून को कैबिनेट मंत्री पद की शपथ लेंगे. मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए बताया कि अश्विनी राय सरकार, अशोक सिंघल, बिमल बोरा, बिस्वजीत दैमारी, जयंत मल्ला बरुआ, कौशिक राय, केशब महंत, कृष्णेंदु पॉल, नीलिमा देवी, पीयूष हजारिका, रणोज पेगू और सुसांता बोरगोहैन शुक्रवार को दोपहर 12:45 बजे आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में मंत्री पद की शपथ लेंगे. इस शपथ ग्रहण के बाद मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और पहले शामिल किए जा चुके चार मंत्रियों (अजंता नेओग, रमेश्वर तेली, अतुल बोरा और चरण बोरो) को मिलाकर मंत्रिपरिषद की कुल संख्या 17 हो जाएगी. नई कैबिनेट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि भाजपा नेतृत्व ने अपनी अनुभवी टीम पर भरोसा बनाए रखा है. पिछली सरकार में अहम जिम्मेदारियां संभाल चुके अशोक सिंघल, पीयूष हजारिका, जयंत मल्ला बरुआ, रणोज पेगू, बिमल बोरा और असम गण परिषद (एजीपी) के केशब महंत को एक बार फिर कैबिनेट में जगह मिली है. इससे साफ है कि सरकार अनुभवी नेताओं के जरिए विकास कार्यों की निरंतरता बनाए रखना चाहती है. वहीं बराक घाटी क्षेत्र से आने वाले भाजपा विधायक कौशिक राय और कृष्णेंदु पॉल ने भी अपनी कैबिनेट सीट बरकरार रखी है. दोनों को पिछली सरकार के विस्तार के दौरान मंत्री बनाया गया था. इसके साथ ही चार नए चेहरे पहली बार मंत्रिपरिषद में शामिल होने जा रहे हैं. इनमें अश्विनी राय सरकार, बिस्वजीत दैमारी, नीलिमा देवी और सुसांता बोरगोहैन का नाम शामिल है. पूर्व विधानसभा अध्यक्ष बिस्वजीत दैमारी को भी कैबिनेट में जगह दी गई है. माना जा रहा है कि इन नए चेहरों को शामिल कर सरकार ने क्षेत्रीय, सामाजिक और राजनीतिक प्रतिनिधित्व को और मजबूत करने की कोशिश की है. हालांकि नई कैबिनेट में कुछ पुराने मंत्रियों को जगह नहीं मिली है. चंद्र मोहन पटोवारी, जोगेन मोहन और उरखाओ ग्वरा ब्रह्मा इस बार मंत्रिमंडल का हिस्सा नहीं होंगे. वहीं पिछली सरकार में मंत्री रहे रंजीत कुमार दास को इस बार विधानसभा अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है. About the Author Rakesh Ranjan Kumar राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Guwahati,Kamrup Metropolitan,Assam Source link

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‘गहरा दुख पहुंचा’, डॉ. सुभाष कश्यप के निधन पर PM मोदी भावुक,...

होमताजा खबरदेश ‘गहरा दुख पहुंचा’, संविधान विशेषज्ञ डॉ. सुभाष कश्यप के निधन पर PM मोदी भावुक Last Updated:June 05, 2026, 01:27 IST सुभाष कश्यप कश्यप 1984 से 1990 तक सातवीं, आठवीं और नौवीं लोकसभा के महासचिव रहे. वह एक प्रख्यात राजनीतिक वैज्ञानिक, भारतीय संविधान, संवैधानिक कानून, संसदीय मामलों के विशेषज्ञ थे. उनका जन्म 10 मई 1929 को हुआ था. पत्रकारिता से अपने पेशेवर जीवन की शुरुआत करने वाले कश्यप कुछ समय के लिए वकील और शिक्षक भी रहे. वह 1953 में लोकसभा सचिवालय के साथ जुड़े और 37 वर्षों तक सेवा दी. ख़बरें फटाफट लोकसभा के पूर्व महासचिव सुभाष कश्यप का 97 वर्ष की उम्र में निधन हो गया. (फाइल फोटो) नई दिल्ली. भारत के प्रख्यात संविधान विशेषज्ञ, पूर्व लोकसभा महासचिव और संसदीय मामलों के जानकार डॉ. सुभाष सी. कश्यप का गुरुवार को दिल्ली स्थित उनके आवास पर लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया. वह 97 वर्ष के थे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि डॉ. सुभाष सी. कश्यप के निधन से उन्हें गहरा दुख पहुंचा है. उन्होंने कहा कि डॉ. कश्यप भारत के अग्रणी संवैधानिक विद्वानों में से एक थे, जिनके संसदीय और संवैधानिक विमर्श में योगदान ने समाज को समृद्ध बनाया. प्रधानमंत्री ने उनकी लेखनी और लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत बनाने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का भी जिक्र किया. उन्होंने शोक संतप्त परिवार और मित्रों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए ‘ॐ शांति’ कहा. सुभाष कश्यप ने संसद की प्रणाली को बेहतर बनायाराष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भी उनके निधन पर गहरा दुख जताया. राष्ट्रपति ने कहा कि लोकसभा के पूर्व महासचिव एवं सुप्रसिद्ध संविधान विशेषज्ञ डॉ. सुभाष सी. कश्यप के निधन का समाचार बहुत दुखद है. उन्होंने हमारे संविधान के अध्ययन को तथा हमारी संसदीय प्रणाली के विकास को अपनी विद्वत्ता और अंतर्दृष्टि से समृद्ध किया है. मैं उनके परिवारजनों और प्रशंसकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती हूं. वहीं, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्ण ने भी शोक संदेश जारी करते हुए कहा कि डॉ. सुभाष सी. कश्यप एक प्रतिष्ठित संवैधानिक विशेषज्ञ और विद्वान थे. उन्होंने अपनी पुस्तकों, शोध और सार्वजनिक सेवा के माध्यम से भारतीय संविधान और संसदीय लोकतंत्र की समझ को मजबूत करने में अमूल्य योगदान दिया. उनकी स्पष्ट सोच, बौद्धिक क्षमता और लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति समर्पण ने कई पीढ़ियों को प्रेरित किया. बिरला ने सुभाष कश्यप को संविधान का ‘विश्वकोश’ कहालोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी सुभाष कश्यप के निधन पर दुख जताया और कहा कि वह भारतीय संविधान और संसदीय व्यवस्था के जीवंत विश्वकोश थे. बिरला ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “प्रख्यात संविधान विशेषज्ञ, पद्म भूषण से सम्मानित डॉ. सुभाष सी. कश्यप जी का निधन अत्यंत दुःखद है. डॉ. कश्यप भारतीय संविधान और संसदीय व्यवस्था के जीवंत विश्वकोश थे. लोकसभा के महासचिव के रूप में उनकी दीर्घ और विशिष्ट सेवाएं, संवैधानिक विषयों पर उनका गहन अध्ययन तथा उनकी सौ से अधिक पुस्तकों ने देश की कई पीढ़ियों को मार्गदर्शन प्रदान किया.” डॉ. सुभाष सी. कश्यप 1983 से 1990 तक लोकसभा के महासचिव रहे. उन्होंने जवाहरलाल नेहरू की पहली लोकसभा से लेकर नौवीं लोकसभा तक करीब 37 वर्षों तक संसद की सेवा की. वह 100 से अधिक पुस्तकों के लेखक थे और भारतीय संविधान तथा संसदीय प्रक्रियाओं के सबसे विश्वसनीय विशेषज्ञों में गिने जाते थे. साल 1929 में उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के चांदपुर में स्वतंत्रता सेनानी परिवार में जन्मे डॉ. कश्यप ने इलाहाबाद, नई दिल्ली, वॉशिंगटन डीसी, लंदन और जिनेवा में उच्च शिक्षा और पेशेवर प्रशिक्षण प्राप्त किया. अपने करियर की शुरुआत उन्होंने पत्रकार और इलाहाबाद विश्वविद्यालय में सहायक प्राध्यापक के रूप में की थी. बाद में इलाहाबाद हाईकोर्ट में वकालत का प्रशिक्षण लेने के बाद उन्होंने संसद की सेवा में प्रवेश किया. About the Author Rakesh Ranjan Kumar राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Source link

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