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Gold & RBI : रिजर्व बैंक बेच सकता है 83 टन सोना!...

Last Updated:June 02, 2026, 13:51 IST RBI Gold Reserve : ब्‍लूमबर्ग ने अपनी हालिया रिपोर्ट में बताया है कि आरबीआई अपने गोल्‍ड रिजर्व में से 12 अरब डॉलर मूल्‍य का सोना बेच सकता है. इन पैसों का इस्‍तेमाल विदेशी मुद्रा जैसे डॉलर को खरीदने में किया जाएगा. अगर ऐसा होता है तो रिजर्व बैंक का गोल्‍ड रिजर्व करीब 83 टन कम हो जाएगा. रुपये की गिरावट को थामने के लिए आरबीआई सोना बेच सकता है. नई दिल्‍ली. ईरान और अमेरिका के बीच जारी युद्ध ने भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था पर इस कदर असर डाल दिया है कि रिजर्व बैंक को अपने खजाने से अरबों डॉलर का सोना बेचना पड़ सकता है. ब्‍लूमबर्ग के इकनॉमिस्‍ट का कहना है कि मिडल ईस्‍ट में चल रहे युद्ध की वजह से भारतीय करेंसी पर काफी दबाव पड़ रहा है. करेंसी में गिरावट की वजह से देश का आयात बिल भी लगातार बढ़ता जा रहा है. अब इस दोहरी मुसीबत से निपटने के लिए रिजर्व बैंक को अपने खजाने में से कई टन सोना बेचकर विदेशी मुद्रा खरीदनी पड़ सकती है. ब्‍लूमबर्ग के हवाले से मनीकंट्रोल ने बताया है कि आरबीआई को अपने गोल्‍ड रिजर्व में से करीब 12 अरब डॉलर (1.20 लाख करोड़ रुपये) मूल्‍य का सोना बेचना पड़ सकता है. ब्‍लूमबर्ग के भारतीय इकनॉमिस्‍ट अभिषेक गुप्‍ता का कहना है कि 22 मई से शुरू हुए सप्‍ताह से लेकर अगले 2 हफ्ते में आरबीआई 12 अरब डॉलर का सोना बेचकर उन पैसों से विदेशी मुद्रा की खरीद कर सकता है. उन्‍होंने अनुमान लगाया कि आरबीआई करीब 7.5 अरब डॉलर खर्च करके विदेशी मुद्रा की संपत्तियां खरीद सकता है. क्‍यों आई सोना बेचने की नौबतअभिषेक गुप्‍ता का कहना है कि सरकार की ओर से पिछले दिनों सोने और चांदी पर आयात शुल्‍क बढ़ाए जाने के बाद आरबीआई के रिजर्व में मौजूद बुलियन की कीमत बढ़ गई है. साथ ही डॉलर के मूल्‍य में भी बढ़ोतरी दिख रही है. यही वजह है कि रिजर्व बैंक को सोना बेचने की सलाह दी गई है. एक्‍सपर्ट का कहना है कि भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था अभी रुपये में गिरावट के साथ होर्मुज जलडमरूमध्‍य बंद होने की वजह महंगे तेल के आयात का बोझ भी झेल रही है. ऐसे में रिजर्व बैंक चालू खाते के घाटे के दबाव से निपटने के लिए विदेशी मुद्रा भंडार को बढ़ाने पर जोर दे रहा है. यही वजह है कि अपने खजाने में से सोने को बेचकर डॉलर खरीदने पर दांव लगाने की मंशा है. कर्ज भी हो सकता है महंगाब्‍लूमबर्ग ने पहले ही रिपोर्ट दी थी कि आरबीआई गवर्नर संजय मल्‍होत्रा रुपये को स्थिर करने के लिए सभी विकल्‍पों पर विचार कर रहे हैं. इसमें रेपो रेट बढ़ाने से लेकर विदेशी निवेशकों से डॉलर जुटाना तक शामिल है. आरबीआई के अभी तक उठाए गए कदमों की वजह से ही रुपये में थोड़ी मजबूती आई है. 20 मई को यह एशिया की सबसे कमजोर करेंसी बनकर ऑल टाइम डाउन हो गया था, लेकिन मंगलवार को यह 0.20 फीसदी की गिरावट के साथ 95.17 रुपये पर दिख रहा है. भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा क्रूड आयातक देश है, लेकिन मि‍डल ईस्‍ट में मचे कोहराम की वजह से भारत का खजाना तेल खरीदने पर तेजी से खाली हो रहा है. आरबीआई के पास कितना सोनारिजर्व बैंक के पास मार्च, 2026 तक करीब 880.52 मीट्रिक टन सोने का भंडार रहा, जिसमें से 77 फीसदी सोना देश में ही रखा हुआ है. 6 महीने पहले तक देश में आरबीआई के कुल गोल्‍ड भंडार का 66 फीसदी था, लेकिन इस दौरान रिजर्व बैंक ने 10 फीसदी रिजर्व और बढ़ा दिया है. देश का शेष 23 फीसदी सोना बैंक ऑफ इंग्‍लैंड और बैंक ऑफ इंटरनेशनल सेटलमेंट के पास रखा हुआ है. अगर रिजर्व बैंक इसमें से 12 अरब डॉलर कीमत का सोना बेचता है तो यह वजन में करीब 82.6 मीट्रिक टन के आसपास होगा. ग्‍लोबल मार्केट में सोने का भाव अभी 4,500 डॉलर प्रति औंस चल रहा है. इसी भाव से 12 अरब डॉलर में करीब 83 टन सोना आएगा. अगर यह बिक्री होती है तो आरबीआई के पास 797.50 मीट्रिक टन सोने का भंडार बचेगा. About the Author Pramod Kumar Tiwari प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Source link

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दुनिया का वो अकेला शहर, जहां ना कोई मांस खाता और ना...

क्या आपको मालूम है कि दुनिया में एक शहर ऐसा भी है, जहां ना तो कोई मांसाहार करता है और ना ही बनाता है तो बेचने का तो सवाल ही नहीं उठता. इस शहर में नॉनवेज पूरी तरह प्रतिबंधित है. यहां ना तो मांसाहारी भोजन खा सकते हैं, ना बेच सकते हैं ना रख सकते हैं. अंदाज लगाइए कि ये शहर कहां होगा. ये जगह गुजरात में है. नाम है पालिताना. ये जैन धार्मिक शहर है. राज्य सरकार ने भी इसे केवल शाकाहारी शहर घोषित किया है. इस शहर के बारे में जानने में हर किसी की दिलचस्पी रहती है. पालिताना 900 से अधिक जैन मंदिरों के कारण “जैन टैम्पल टाउन” के नाम से विख्यात है. लिहाजा ये शहर पूरी तरह अहिंसा का पालन करता है. इसे “जैन टैम्पल टाउन” भी कहते हैं. दूर दूर से लोग यहां आते हैं. खासकर जैन धर्म के लोग बहुतायत में यहां सालभर आते रहते हैं. पालिताना गुजरात के भावनगर जिले में स्थित एक कस्बा और तहसील है. अहमदाबाद इसके पड़ोस में ही है. मांस, मछली और अंडे पर पूर्ण प्रतिबंध जैन धर्म में अहिंसा (अणुव्रत) का सिद्धांत है, जिसके तहत किसी भी जीव की हिंसा नहीं की जा सकती. 2014 में जैन मुनियों के आग्रह पर गुजरात सरकार ने पालिताना को “मांस-मुक्त शहर” (Vegetarian City) घोषित किया. यहां मांस, मछली और अंडे की बिक्री व सेवन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया. यहां स्लॉटरहाउस (कसाईघर) और नॉन-वेज रेस्तरां नहीं हैं. पर्यटकों को भी शहर में मांसाहार लाने की अनुमति नहीं है. यहां कानूनी तौर पर नॉन-वेज पर पूर्ण प्रतिबंध है. श्वेतांबर जैन का प्रमुख तीर्थ स्थल पालिताना श्वेतांबर जैन समुदाय का प्रमुख तीर्थ स्थल है. यहां शत्रुंजय पहाड़ी पर करीब 900 मंदिर स्थित हैं, जिन्हें “सिद्धक्षेत्र” (मोक्ष प्राप्ति का स्थान) माना जाता है. जैन मान्यताओं के अनुसार, इस पहाड़ी पर कई तीर्थंकरों ने मोक्ष प्राप्त किया था. 2014 में जैन मुनियों ने एक धर्म अनशन (उपवास) किया. सरकार से मांसाहार पर प्रतिबंध लगाने की मांग की. इसके बाद सरकार ने वैसा ही कर दिया. तब से ही यहां कोई भी मांस, मछली या अंडे की बिक्री नहीं होती और न ही इसे खाया जाता है. शत्रुंजय के मंदिर अपनी नक्काशीदार वास्तुकला और संगमरमर के उत्कृष्ट काम के लिए प्रसिद्ध हैं, जो 11वीं से 20वीं शताब्दी तक बनाए गए. शत्रुंजय पहाड़ी पर मंदिरों तक पहुंचने के लिए लगभग 3,500 सीढ़ियाँ चढ़नी पड़ती हैं. यह जगह यह जैन धर्म के साथ-साथ क्षेत्रीय शासकों जैसे गोहिल राजपूतों से भी जुड़ी हुई है. यहां 3 से 5 फीसदी मुस्लिम रहते हैं पालिताना की कुल जनसंख्या करीब 65,000 है. साक्षरता दर 85% है. यहां 60 फीसदी जैन समुदाय के ही लोग रहते हैं. 35 फीसदी हिंदू और 5 फीसदी मुसलमान और अन्य. यहां रहने वाले मुस्लिम भी नॉनवेज नहीं खा सकते. धार्मिक पर्यटन ही इस शहर की अर्थव्यवस्था को चलाता है. लाखों श्रद्धालु और पर्यटक हर साल यहां आते हैं. मंदिर प्रशासन, होटल और धर्मशालाएं प्रमुख रोजगार देते हैं. सभी होटल और रेस्तरां शुद्ध शाकाहारी सभी होटल और रेस्तरां शुद्ध शाकाहारी हैं. दूध, फल और सब्जियों का प्रयोग अधिक होता है. हर 12 साल में यहां महामस्तकाभिषेक का विशाल समारोह होता है. नानवेज प्रतिबंधित होने से यहां पर कार्बन फुटप्रिंट कम. शाकाहारी आहार से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं कम हैं. हालांकि कुछ विदेशी पर्यटकों को यह नियम असुविधाजनक लगता है. मांस बेचने वाले छोटे व्यवसायियों खासकर मुस्लिमों को अन्य काम ढूंढने पड़े. कुछ मुस्लिमों ने स्वेच्छा से शाकाहार अपना लिया यहां के अधिकांश मुस्लिम परिवार स्थानीय जैन और हिंदू समुदाय के साथ मिलकर रहते हैं. चूंकि पालिताना में कानूनी रूप से मांस, मछली और अंडे की बिक्री व सेवन पूरी तरह प्रतिबंधित है, लिहाजा शहर में रहते हुए वो भी इसका सेवन नहीं कर सकते. सार्वजनिक तौर पर वो ऐसा करते दिखते भी नहीं. जैन समुदाय के अहिंसा के सिद्धांतों के कारण, मुस्लिम समुदाय भी सार्वजनिक रूप से मांसाहार से बचता है ताकि सामाजिक सौहार्द बना रहे. कुछ मुस्लिम परिवारों ने स्वेच्छा से शाकाहार अपना लिया है, खासकर वे जो जैनों के साथ व्यापारिक संबंध रखते हैं. हां, बकरीद जैसे त्योहारों पर इस्लाम में कुर्बानी (बकरीद) और अन्य अवसरों पर मांस खाने की परंपरा है, जो पालिताना में मुश्किल हो जाता है. ये भी कहा जाता है कि बहुत से मुस्लिमों ने शाकाहार को ही अपना लिया है. उनकी जीवनशैली भी यहां बदल रही है. प्याज और लहसुन तक नहीं बिकता पालिताना में प्याज और लहसुन की बिक्री और उपयोग पर भी प्रतिबंध है. स्थानीय बाजारों में आपको प्याज और लहसुन नहीं मिलेगा. रेस्तरां या घरों में भी इनका उपयोग नहीं किया जाता. यदि आप प्याज या लहसुन खरीदना चाहते हैं, तो आपको पड़ोसी शहरों जैसे भावनगर या अन्य क्षेत्रों में जाना पड़ सकता है, जहां ऐसे प्रतिबंध नहीं हैं. क्या भारत में कहीं और ऐसा बैन है उत्तराखंड जैसे ऋषिकेश और हरिद्वार में धार्मिक मान्यताओं के कारण मांस और शराब पर स्थानीय रोक है, लेकिन यह क़ानूनी बैन नहीं है. अयोध्या, वृंदावन, पुष्कर जैसे तीर्थस्थलों पर भी परंपरागत रूप से मांस नहीं परोसा जाता लेकिन सामाजिक संहिता के तौर पर है. Source link

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लाश के पास तेंदुए के पंजे बनाकर बोला, साहब जानवर ने मारा...

होमताजा खबरदेश लाश के पास तेंदुए के पंजे… लेकिन कातिल निकला गार्ड, सिर्फ 7 लाख के लिए मारा Last Updated:June 02, 2026, 11:47 IST यह मामला वाकई किसी थ्रिलर फिल्म की तरह है, जहां कातिल ने कानून की आंखों में धूल झोंकने के लिए एक तेंदुए को मोहरा बनाने की कोशिश की। ये तस्वीर सिर्फ क्राइम सीन को समझने के लिए यूज की गई है. कर्नाटक के मैसूरु से एक ऐसा हैरान करने वाला क्राइम केस सामने आया है, जिसने पुलिस के भी होश उड़ा दिए हैं. एक शातिर कातिल ने 63 वर्षीय बुजुर्ग महिला की बेरहमी से हत्या कर दी और इस खूनी गुनाह को छिपाने के लिए इलाके में ‘तेंदुए के हमले’ का खौफनाक नाटक रच डाला. कातिल ने बाकायदा खेत की मिट्टी पर लकड़ी की डंडी से तेंदुए के नकली पंजों के निशान तक बना दिए ताकि पुलिस और वन विभाग को गुमराह किया जा सके. लेकिन कातिल की एक छोटी सी लालच और पुलिस की पैनी नजरों ने महज 5 दिनों के भीतर इस ‘परफेक्ट मर्डर’ की धज्जियां उड़ा दीं. टहनी से बनाए तेंदुए के पंजेइस सनसनीखेज वारदात को मैसूरु जिले के कसुविनाहल्ली गांव के पास एक खेत में अंजाम दिया गया. गिरफ्तार आरोपी की पहचान 58 वर्षीय महादेवप्पा के रूप में हुई है, जो एक स्थानीय खेत में सुरक्षा गार्ड का काम करता था. जब पुलिस को खेत में 63 वर्षीय शिवारुद्रम्मा की लाश मिली, तो उनके शरीर पर चोट के निशान थे. आरोपी महादेवप्पा ने तुरंत कहानी गढ़ी कि महिला पर तेंदुए ने हमला किया है. अपनी कहानी को सच साबित करने के लिए शातिर दिमाग गार्ड ने एक पेड़ की टहनी उठाई और लाश के आसपास की गीली मिट्टी पर उसे इस तरह घसीटा जिससे वो किसी जंगली जानवर या तेंदुए के पंजों के निशान लगें. कहां घूमा शक का कांटा?कातिल ने स्क्रिप्ट तो अच्छी लिखी थी, लेकिन वह पुलिस के अनुभव के आगे फेल हो गई. नंजनगुड ग्रामीण पुलिस और वन विभाग की टीम जब मौके पर पहुंची, तो उन्हें दो बातों पर शक हुआ. गहने गायब थे: शिवारुद्रम्मा के शरीर से करीब 7.5 लाख रुपये की कीमत के सोने और चांदी के आभूषण गायब थे. इनका वजन करीब 53 ग्राम था. पुलिस ने सोचा कि तेंदुआ इंसान को मार सकता है, लेकिन उसके सोने के गहने उतारकर नहीं ले जा सकता. इलाके का ट्रैक रिकॉर्ड: उस खास इलाके में पिछले लंबे समय से किसी तेंदुए या जंगली जानवर के मूवमेंट की कोई खबर नहीं थी. अचानक तेंदुए का हमला होना गले नहीं उतर रहा था. पुलिस ने जब गांव वालों से पूछताछ की, तो पता चला कि वारदात वाले दिन शिवारुद्रम्मा को आखिरी बार गार्ड महादेवप्पा के साथ देखा गया था. बस फिर क्या था, पुलिस ने महादेवप्पा को हिरासत में लिया और कड़क पूछताछ शुरू कर दी. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें कहां घूमा शक का कांटा?कातिल ने स्क्रिप्ट तो अच्छी लिखी थी, लेकिन वह पुलिस के अनुभव के आगे फेल हो गई. नंजनगुड ग्रामीण पुलिस और वन विभाग की टीम जब मौके पर पहुंची, तो उन्हें दो बातों पर शक हुआ. गहने गायब थे: शिवारुद्रम्मा के शरीर से करीब 7.5 लाख रुपये की कीमत के सोने और चांदी के आभूषण गायब थे. इनका वजन करीब 53 ग्राम था. पुलिस ने सोचा कि तेंदुआ इंसान को मार सकता है, लेकिन उसके सोने के गहने उतारकर नहीं ले जा सकता. इलाके का ट्रैक रिकॉर्ड: उस खास इलाके में पिछले लंबे समय से किसी तेंदुए या जंगली जानवर के मूवमेंट की कोई खबर नहीं थी. अचानक तेंदुए का हमला होना गले नहीं उतर रहा था. पुलिस ने जब गांव वालों से पूछताछ की, तो पता चला कि वारदात वाले दिन शिवारुद्रम्मा को आखिरी बार गार्ड महादेवप्पा के साथ देखा गया था. बस फिर क्या था, पुलिस ने महादेवप्पा को हिरासत में लिया और कड़क पूछताछ शुरू कर दी. शिव मंदिर के बहाने जाल में फंसाया, खाई में दे दिया धक्कापुलिस के थर्ड डिग्री और कड़े इम्तहान के आगे महादेवप्पा टूट गया और उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया. उसने बताया कि 25 मई को शिवारुद्रम्मा स्थानीय शिव मंदिर में पूजा के लिए ‘बिल्वपत्र’ तोड़ने निकली थीं. रास्ते में महादेवप्पा ने उन्हें देख लिया. शिवारुद्रम्मा ने भारी सोने-चांदी के गहने पहन रखे थे, जिसे देखकर गार्ड की नीयत डोल गई. उसने महिला से झूठ बोला कि जिस खेत की वह रखवाली करता है, वहां भगवान शिव को चढ़ने वाले बेहद पवित्र और खास चन्दन के पत्ते मौजूद हैं. महिला उसकी बातों में आ गई. जैसे ही वह महादेवप्पा के साथ खेत के अंदर सुनसान इलाके में पहुंची, आरोपी ने उन्हें रेन-वॉटर हार्वेस्टिंग ट्रेंच में धक्का दे दिया. इसके बाद उसने महिला की बेरहमी से हत्या कर दी और गहने लूटकर दूसरी खाई में छुपा दिए. अब सलाखों के पीछेहत्या करने के बाद उसने पुलिस का ध्यान भटकाने के लिए तेंदुए के नकली पंजे बनाए थे, ताकि मामला वन विभाग के मुआवजे और वन्यजीव हमले में उलझकर बंद हो जाए. पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर 7.5 लाख रुपये के सारे आभूषण बरामद कर लिए हैं और ‘तेंदुए के हमले’ की स्क्रिप्ट लिखने वाले इस शातिर कातिल को सलाखों के पीछे भेज दिया है. खबरें पढ़ने का बेहतरीन अनुभव QR स्कैन करें, डाउनलोड करें News18 ऐप या वेबसाइट पर जारी रखने के लिए यहां क्लिक करें login Source link

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Mamata Banerjee TMC Protest Live: ‘शर्मिंदगी हो रही…’ टीएमसी के बागी विधायकों...

होमताजा खबरदेश LIVE: ‘अब शर्मिंदगी हो रही…’ टीएमसी के बागी विधायकों पर बोलीं ममता बनर्जी Last Updated:June 02, 2026, 10:51 IST Mamata Banerjee TMC Protest Live: पश्चिम बंगाल में सियासत का तापमान खूब बढ़ा हुआ है. एक तरफ तृणमूल कांग्रेस में बड़ी बगावत की खबर आ रही हैं, तो वहीं दूसरी तरफ पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी आज कोलकाता में धरने पर …और पढ़ें ममता बनर्जी आज कोलकाता में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं पर कथित हमलों के विरोध में धरने पर बैठने जा रही हैं. पश्चिम बंगाल के हालिया विधानसभा चुनाव में हार के बाद ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर मानों मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है. टीएमसी वहां दोहरी चुनौती से जूझती नजर आ रही है. एक तरफ पूर्व मुख्यमंत्री और पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी आज कोलकाता में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं पर कथित हमलों के विरोध में धरने पर बैठने जा रही हैं, तो दूसरी तरफ पार्टी के भीतर बढ़ता असंतोष और बगावत की चर्चाओं ने नेतृत्व की चिंता बढ़ा दी है. राजनीतिक गलियारों में चर्चा का सबसे बड़ा कारण TMC के दो विधायकों ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा का निष्कासन है. दोनों नेताओं ने पार्टी नेतृत्व पर गंभीर सवाल उठाए थे और दावा किया था कि नेता प्रतिपक्ष के चयन से जुड़े प्रस्ताव में उनका नाम और हस्ताक्षर ऐसे तरीके से इस्तेमाल किए गए, जिसके लिए उन्होंने कभी सहमति नहीं दी थी. उनका आरोप था कि उन्होंने केवल बैठक में उपस्थिति दर्ज कराई थी, लेकिन बाद में उनके हस्ताक्षरों को सहमति के रूप में पेश कर दिया गया. इन आरोपों को पार्टी नेतृत्व ने गंभीर अनुशासनहीनता माना और दोनों विधायकों को तत्काल प्रभाव से पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया. लेकिन निष्कासन के बाद मामला शांत होने के बजाय और गरमा गया. सूत्रों के मुताबिक, निष्कासित विधायक कोलकाता के विधायक हॉस्टल में कई अन्य विधायकों के संपर्क में हैं और लगातार बैठकें कर रहे हैं. यही वजह है कि टीएमसी में टूट की अटकलें तेज हो गई हैं. Mamata Banerjee TMC Protest Live: ‘सब टीएमसी छोड़ देंगे, सिर्फ बुआ-भतीजे बचेंगे…’ दिलीप घोष का ममता बनर्जी पर कटाक्ष वरिष्ठ बीजेपी नेता और सुवेंदु अधिकारी सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने टीएमसी में जारी इस उठापटक पर तंज कसते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस से लोग लगातार बाहर निकल रहे हैं और आने वाले समय में पार्टी में सिर्फ ‘बुआ और भतीजा’ ही बचेंगे. दिलीप घोष ने कहा, ‘सब लोग पार्टी छोड़कर भाग रहे हैं. टीएमसी के अंदर जो स्थिति है, उससे साफ है कि नेता और कार्यकर्ता अब भरोसा खो रहे हैं. अंत में सिर्फ बुआ और भतीजा ही बचेंगे, बाकी सभी पार्टी छोड़ देंगे.’ Mamata Banerjee TMC Protest Live: ‘संपर्क में 15 से 20 विधायक…’ टीएमसी से निष्कासित विधायकों का दावा तृणमूल कांग्रेस से निष्कासित विधायक ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा ने दावा किया है कि पार्टी के भीतर असंतोष कहीं ज्यादा गहरा है, जितना बाहर दिखाई दे रहा है. दोनों नेताओं का कहना है कि उनके संपर्क में 15 से 20 विधायक हैं. इस दावे से टीएमसी के भीतर एक अलग गुट बनने की संभावना और बढ़ गई है. Mamata Banerjee TMC Protest Live: ‘तृणमूल कांग्रेस ऐसी साजिशों से टूटने वाली नहीं’ ममता बनर्जी का बीजेपी पर प्रहार टीएमसी सुप्रीमो और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पार्टी में टूट की अटकलों के बीच बीजेपी पर बड़ा हमला बोला है. ममता ने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियों और पुलिस का डर दिखाकर तृणमूल कांग्रेस के विधायकों को तोड़ने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि टीएमसी विधायकों को पार्टी की बैठकों में शामिल न होने के लिए धमकाया जा रहा है. ममता बनर्जी ने दावा किया, ‘ED, CBI और पुलिस का इस्तेमाल कर हमारे नेताओं और विधायकों पर दबाव बनाया जा रहा है. कुछ लोगों को डराकर पार्टी से अलग करने की कोशिश हो रही है, लेकिन तृणमूल कांग्रेस ऐसी साजिशों से टूटने वाली नहीं है.’ Mamata Banerjee TMC Protest Live: दो बागी विधायकों की चिट्ठी से मचा सियासी तूफान टीएमसी में बगावत की बात तब और खुलकर सामने आ गई जब दोनों विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष शिकायत दर्ज कराई. उन्होंने आरोप लगाया गया कि नेता प्रतिपक्ष से जुड़े प्रस्ताव में कई ऐसे विधायकों के साइन दर्ज किए गए, जो उस बैठक में मौजूद ही नहीं थे. इन आरोपों को पार्टी नेतृत्व ने गंभीर अनुशासनहीनता माना और दोनों विधायकों को तत्काल प्रभाव से पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया. लेकिन निष्कासन के बाद मामला शांत होने के बजाय और गरमा गया. सूत्रों के मुताबिक, निष्कासित विधायक कोलकाता के विधायक हॉस्टल में कई अन्य विधायकों के संपर्क में हैं और लगातार बैठकें कर रहे हैं. यही वजह है कि पार्टी के भीतर एक समानांतर गुट बनने की अटकलें तेज हो गई हैं. Mamata Banerjee TMC Protest Live: क्या बंगाल में दोहराया जाएगा ‘महाराष्ट्र मॉडल’, टीएमसी पर कितना बड़ा खतरा? बंगाल की राजनीति में सबसे ज्यादा चर्चा इसी बात की है कि क्या TMC में भी महाराष्ट्र जैसी स्थिति बन सकती है. महाराष्ट्र में शिवसेना और एनसीपी में हुई टूट ने राज्य की राजनीति का पूरा समीकरण बदल दिया था. अब बंगाल में भी ममता बनर्जी की टीएमसी में इसी तरह की टूट की चर्चा तेज हो गई है. हालांकि फिलहाल किसी विधायक ने सार्वजनिक रूप से पार्टी छोड़ने की घोषणा नहीं की है, लेकिन सूत्रों का दावा है कि निष्कासित नेताओं के संपर्क में कई विधायक हैं. यही वजह है कि पार्टी नेतृत्व लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है. ममता बनर्जी ने भी हाल ही में पार्टी को तोड़ने की कोशिश किए जाने की आशंका जताई थी. पढ़ें विस्तार से खबर… Location : Kolkata,West Bengal Source link

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बहराइच के अशरफ ने शुरू किया डिटर्जेंट का बिजनेस, प्रति किलो कमा...

Last Updated:June 02, 2026, 09:48 IST Business Idea: बहराइच जिले के छोटे से गांव रसिया में मोदी चौराहे के पास रहने वाले अशरफ खान ने उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की मदद से 8,80,000 रुपए की मशीन खरीदी. लगभग 4,50,000 रुपए के रॉ मैटेरियल के साथ उन्होंने ‘तुलसी नंबर वन’ डिटर्जेंट और नहाने वाला साबुन बनाना शुरू किया. अब उनकी मशीन दिन-रात चलती है और अच्छी-खासी कमाई हो रही है. बहराइच: जिले की ग्राम पंचायत बिशुनापुर के रहने वाले अशरफ खान रोजगार को लेकर लंबे समय से परेशान थे. अपने निजी काम से मथुरा गए तो वहां कुछ लोगों ने उन्हें बिजनेस का आइडिया दिया. लौटकर उन्होंने स्वयं सहायता समूह और आजीविका मिशन के बारे में जानकारी जुटाई और उससे जुड़ गए. इसके बाद उन्हें लोन मिला, मशीन खरीदी और अपना खुद का डिटर्जेंट बनाने का काम शुरू कर दिया. बहराइच जिले के छोटे से गांव रसिया में मोदी चौराहे के पास रहने वाले अशरफ खान ने उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की मदद से 8,80,000 रुपए की मशीन खरीदी. लगभग 4,50,000 रुपए के रॉ मैटेरियल के साथ उन्होंने ‘तुलसी नंबर वन’ डिटर्जेंट और नहाने वाला साबुन बनाना शुरू किया. अब उनकी मशीन दिन-रात चलती है और अच्छी-खासी कमाई हो रही है. डिटर्जेंट तैयार करने के लिए सोडा, शैंपू सहित कई तरह की सामग्री मिलाई जाती है. तुलसी नंबर वन डिटर्जेंटअशरफ खान का कहना है कि धीरे-धीरे लोग अन्य कंपनियों के डिटर्जेंट छोड़कर उनका ‘तुलसी नंबर वन’ इस्तेमाल कर रहे है और उस पर भरोसा जता रहे है. यह ज्यादा झाग वाला डिटर्जेंट है, जिससे कपड़े अच्छी तरह साफ होते है, उनमें खुशबू आती है और कपड़ों की लाइफ भी बनी रहती है. कीमत की बात करें तो 1 किलो डिटर्जेंट की बिक्री 52 रुपए में होती है, जबकि प्रति किलो लागत लगभग 42 रुपए आती है. इस तरह हर किलो पर करीब 10 रुपए का मुनाफा हो जाता है, जिसमें से भाड़ा और बिजली का खर्च भी निकालना पड़ता है. साबुन की बात करें तो उसकी बिक्री 8 रुपए प्रति पीस होती है, जिस पर लगभग 50 पैसे का मुनाफा होता है. बहराइच में कई कंपनियों के डिटर्जेंट और साबुन बिकते है. लेकिन अब लोग धीरे-धीरे उन्हें छोड़कर तुलसी नंबर वन को तरजीह दे रहे है. खासतौर पर महिलाएं इस डिटर्जेंट को ज्यादा पसंद कर रही है, क्योंकि इससे कपड़े धोने में कम मेहनत लगती है. About the Author Manish Rai काशी के बगल चंदौली से ताल्लुक रखते है. बिजेनस, सेहत, स्पोर्टस, राजनीति, लाइफस्टाइल और ट्रैवल से जुड़ी खबरें पढ़ना पसंद है. मीडिया में करियर की शुरुआत ईटीवी भारत हैदराबाद से हुई. अभी लोकल18 यूपी के कॉर्डिनेटर की…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Bahraich,Uttar Pradesh Source link

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OMG! कोटा का कमाल जारी, शुभम कुमार AIR 1 और कबीर छिल्लर...

Last Updated:June 02, 2026, 08:46 IST JEE Advanced 2026 Result: जेईई एडवांस्ड 2026 के परिणामों ने एक बार फिर कोटा कोचिंग हब की प्रतिष्ठा को मजबूत कर दिया है, जहां से ऑल इंडिया रैंक 1 और 2 हासिल करने वाले छात्रों की सफलता की कहानियां सामने आई हैं. कोटा की प्रमुख कोचिंग संस्थाओं जैसे एलन और रेजोनेंस में पढ़ने वाले छात्रों ने अपनी मेहनत और मार्गदर्शन के दम पर यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है. इन टॉपर्स की सफलता ने लाखों इंजीनियरिंग अभ्यर्थियों को प्रेरित किया है और यह साबित किया है कि सही दिशा और निरंतर अभ्यास से बड़े से बड़ा लक्ष्य हासिल किया जा सकता है. कोचिंग संस्थानों ने भी छात्रों को बेहतरीन स्टडी मटेरियल, टेस्ट सीरीज और मेंटरशिप प्रदान की. ख़बरें फटाफट कोटा। जेईई एडवांस्ड 2026 के घोषित परिणामों में कोटा कॅरियर इंस्टीट्यूट ने एक बार फिर ऐतिहासिक सफलता हासिल करते हुए लगातार तीसरे वर्ष ऑल इंडिया रैंक-1 देने का कीर्तिमान बनाया है. कोटा कोचिंग सेंटर में पढ़ाई कर स्टूडेंट शुभम कुमार ने ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल की. वहीं कबीर छिल्लर ने ऑल इंडिया रैंक 2 अपने नाम की है कोटा ने अपने इतिहास में दूसरी बार ऑल इंडिया रैंक 1, 2 और 3 एक साथ देने की उपलब्धि हासिल की है। देखिए इन स्टूडेंट्स की सक्सेस स्टोरी कोटा से. शुभम कुमार ने जेईई-एडवांस्ड 2026 में 360 में से 330 अंक प्राप्त कर ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल की. शुभम ने जेईई मेन में 100 पर्सेंटाइल स्कोर किया था और ऑल इंडिया रैंक-6 प्राप्त की थी. मूलतः गया (बिहार) के साधारण परिवार से आने वाले शुभम की सफलता लाखों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बन गई है. पिछले दो वर्षों की कड़ी मेहनत, सही मार्गदर्शन, अनुशासन, नियमित अभ्यास और आत्मविश्वास के बल पर उन्होंने यह उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की. शुभम की इस सफलता के बाद परिवार, रिश्तेदारों और पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है. पिता शिवकुमार गया में हार्डवेयर की दुकान संचालित करते हैं, जबकि मां कंचन देवी गृहिणी हैं। शुभम की बड़ी बहन वर्तमान में IIT Patna में कंप्यूटर साइंस से बीटेक कर रही हैं. घर का शैक्षणिक माहौल और परिवार का निरंतर सहयोग शुभम की सफलता की मजबूत नींव बना. अनुशासन के साथ पढ़ाई करेंशुभम ने बताया कि उनकी सफलता का सबसे बड़ा कारण उनके शिक्षकों और परिवार का त्याग व विश्वास रहा. पिता ने हमेशा पढ़ाई के लिए प्रेरित किया, जबकि मां ने हर परिस्थिति में भावनात्मक और मानसिक संबल दिया. उन्होंने शिक्षकों की हर बात को गंभीरता से सुना और उनके बताए तरीकों का पालन किया. जब भी कोई विषय कठिन लगता था, वे बार-बार अपने संदेह दूर करते थे. शिक्षकों द्वारा कॉन्सेप्ट्स को मूलभूत स्तर से समझाए जाने से उनकी नींव मजबूत हुई. उनका मानना है कि यदि विद्यार्थी अपने शिक्षकों पर भरोसा रखते हुए अनुशासन के साथ पढ़ाई करें, तो बड़ी से बड़ी सफलता प्राप्त कर सकते हैं. अपना पूरा ध्यान लक्ष्य पर केंद्रित रखाशुभम रोजाना 6 से 8 घंटे सेल्फ स्टडी करते थे. कक्षा में पढ़ाए गए विषयों का उसी दिन पुनरावर्तन करना उनकी दिनचर्या का हिस्सा था. वे प्रतिदिन प्रश्नों का अभ्यास करते और कमजोर विषयों पर विशेष ध्यान देते थे. जेईई की तैयारी के दौरान कई बार दबाव की स्थिति बनी, लेकिन उन्होंने उसे कभी अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया. हर चुनौती को उन्होंने प्रेरणा में बदला और अपना पूरा ध्यान लक्ष्य पर केंद्रित रखा. अब उनका लक्ष्य IIT Bombay की कंप्यूटर साइंस शाखा से बीटेक करना है. कबीर छिल्लर ने जेईई-एडवांस्ड में ऑल इंडिया रैंक-2वहीं कोटा के क्लासरूम स्टूडेंट कबीर छिल्लर ने जेईई-एडवांस्ड में ऑल इंडिया रैंक-2 प्राप्त की है. परिवार मूलतः दिल्ली-एनसीआर गुरूग्राम से है. पिछले दो वर्षों से कोटा में रहकर स्टूडेंट कबीर की यह उपलब्धि लगातार मेहनत, सटीक रणनीति और सेल्फ एनालिसिस का परिणाम है. कबीर के पिता मोहित छिल्लर आईआईटीयन हैं और वर्तमान में दिल्ली एनसीआर में एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं, जबकि मां प्रियंका छिल्लर प्राइवेट स्कूल में टीचर हैं. कबीर ने जेईई-मेन में 300 में से 300 अंक प्राप्त कर आॅल इंडिया रैंक-1 प्राप्त की. इससे पहले 10वीं कक्षा 98 प्रतिशत अंकों से उत्तीर्ण कर चुके हैं. कबीर आईआईटी मुम्बई से कम्प्यूटर साइंस ब्रांच में बीटेक करने के बाद वल्र्ड की नंबर-1 मैसाच्युसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलाॅजी (एमआईटी) से उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहता है. हर टॉपिक को समझना और उसे एप्लाई करनाकबीर ने बताया कि मेरी सक्सेस का मुख्य कारण कोटा में फैकल्टीज का गाइडेंस मानता हूं, साथ ही मैंने अपने पढ़ाई करने के तरीके को भी अलग बनाया है, क्योंकि मैं सेल्फ स्टडीज में अटेंशन स्पान और क्वालिटी देखता हूं. हर टेस्ट के बाद खुद का एनालिसिस किया और जहां कमी थी, उसी पर सबसे ज्यादा फोकस किया. मैं एग्जाम से पहले स्टडी स्ट्रेटेजी को फाइन ट्यून करता हूं. नियमित मॉक टेस्ट देने के साथ-साथ हर पेपर का गहराई से एनालिसिस किया, जिससे मेरी एक्यूरेसी और टाइम मैनेजमेंट दोनों बेहतर होते चले गए. कॉन्सेप्ट क्लियर होना सबसे जरूरी है. रटने की बजाय हर टॉपिक को समझना और उसे एप्लाई करना ही मेरी सबसे बड़ी ताकत रही. पढ़ाई को छोटे-छोटे टारगेट्स में विभाजित किया, शॉर्ट नोट्स बनाए और नियमित रिवीजन को अपनी आदत बनाया. गलतियों को दोहराने से बचने के लिए मैं हर टेस्ट के बाद कमजोरियों पर फोकस करता था. मैं दोस्तों के साथ समय बिताता हूं, जिससे मानसिक रूप से रिफ्रेश रहने में मदद मिलती है. About the Author Jagriti Dubey Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

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सड़क छोड़िए! मारवाड़ जंक्शन में नाले के अंदर दौड़ा ट्रैक्टर, वायरल वीडियो...

Last Updated:June 02, 2026, 07:45 IST Marwar Junction Viral Video: राजस्थान के मारवाड़ जंक्शन से एक हैरान कर देने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें एक ट्रैक्टर को सड़क पर चलने के बजाय सीधे नाले के अंदर दौड़ते हुए देखा गया. यह अनोखा नजारा देखकर स्थानीय लोग दंग रह गए और कुछ लोगों ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया. बताया जा रहा है कि क्षेत्र में सड़क की स्थिति खराब होने या पानी भराव की वजह से चालक ने यह अनोखा रास्ता चुना. हालांकि, इस घटना ने स्थानीय प्रशासन की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. वीडियो में ट्रैक्टर का नाले के अंदर चलना लोगों के लिए आकर्षण और चर्चा का विषय बन गया है. कुछ लोग इसे जुगाड़ बता रहे हैं तो कुछ इसे लापरवाही करार दे रहे हैं. ख़बरें फटाफट पाली. अब तक आपने सड़कों और खेतों में ट्रैक्टर को दौड़ते देखा होगा, लेकिन क्या कभी किसी गहरे नाले के भीतर ट्रैक्टर को सफाई करते देखा है? जी हां, कुछ ऐसा ही अनोखा और हैरान कर देने वाला नजारा इन दिनों मारवाड़ जंक्शन में देखने को मिल रहा है. आगामी मानसून में शहर को जलभराव के संकट से बचाने के लिए नगरपालिका प्रशासन ने इस बार अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. पारंपरिक तरीकों को छोड़, इस बार सीधे नाले के भीतर ट्रैक्टर और जेसीबी उतारकर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ की जा रही है, ताकि मारवाड़ जंक्शन के लोगों को इस बार पानी भरने की समस्या से हमेशा के लिए निजात मिल सके. अभियान के पहले चरण में रेलवे प्लेटफार्म संख्या चार के पास स्थित सबसे महत्वपूर्ण और मुख्य नाले की सफाई का काम शुरू किया गया. यह नाला बेहद संवेदनशील माना जाता है, जो डीएफसी से होकर सीधे काजीपुरा की ओर जाता है. नाले की अत्यधिक गहराई और उसमें सालों से जमा भारी गंदगी व सिल्ट को देखते हुए प्रशासन ने एक अनूठा प्रयोग किया. सफाई को गति देने के लिए सीधे ट्रैक्टर को ही नाले के भीतर उतार दिया गया. इसके साथ ही, विशालकाय जेसीबी मशीन की मदद से नाले में उगी भारी कटीली घास और जमा मलबे को बाहर निकाला गया. नाले के अंदर ट्रैक्टर चलते देख वहां से गुजरने वाले राहगीर भी हैरान रह गए. रेलवे प्लेटफार्म के पास मुख्य नाले से शुरुआत मारवाड़ जंक्शन नगरपालिका प्रशासन ने मानसून के दस्तक देने से पहले ही पानी निकासी के पुख्ता इंतजाम करने के लिए एक विशेष और सघन सफाई अभियान का शंखनाद कर दिया है. इस अभियान के तहत मुख्यालय पर लंबे समय से गंदगी और मलबे से अटे पड़े मुख्य नालों की सफाई युद्ध स्तर पर की जा रही है. जिससे लोगो को मानसून के दौरान परेशानी का सामना नही करना पडे. जहरीले जीवों के खतरे के बीच काम जारीकेवल रेलवे क्षेत्र ही नहीं, बल्कि उपखण्ड अधिकारी कार्यालय के पास बने नाले की भी पूरी मुस्तैदी से सफाई की जा रही है ताकि बारिश के दिनों में प्रशासनिक क्षेत्र में पानी का भराव न हो. सफाई के दौरान जमी हुई सिल्ट और कचरा हटने से कई जहरीले जीव और सांप भी बाहर निकलते देखे गए, जिससे एक बारगी काम करने वाले मजदूरों में हड़कंप मच गया, लेकिन सुरक्षा मानकों का ध्यान रखते हुए काम को लगातार जारी रखा गया है. सभी मुख्य नालों का होगा कायाकल्पमारवाड़ जंक्शन नगरपालिका के अधिशाषी अधिकारी विक्रमसिंह राठौड़ ने मामले की गंभीरता को बताते हुए कहा कि आगामी मानसून को देखते हुए शहर के सभी छोटे-बड़े नालों की मुस्तैदी से सफाई करवाई जा रही है, जिससे इस बार जलभराव की स्थिति पैदा ही न हो. कब्रिस्तान के पास स्थित नाले की सफाई हमने ईद से पहले ही पूरी कर ली थी. अब हमारा ध्यान शहर के बाकी मुख्य नालों पर है. इस बार दरिया नही बनेगी सडके रेलवे प्लेटफार्म और एसडीएम ऑफिस के बाद अब जल्द ही बेरवा बस्ती के पास का नाला, सोजत बाईपास स्थित नाला और कोर्ट चौराहा से अंडर ब्रिज नहर की भी पूरी तरह मशीनों द्वारा सफाई करवा दी जाएगी. प्रशासन का यह सख्त और अनूठा रुख देखकर स्थानीय निवासियों ने भी राहत की सांस ली है और उम्मीद जताई है कि इस बार बारिश में मारवाड़ जंक्शन की सड़कें दरिया नहीं बनेंगी. About the Author Jagriti Dubey Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

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Aaj Ka Makar Rashifal: मकर राशि अलर्ट! पार्टनर के साथ बढ़ सकती...

Last Updated:June 02, 2026, 06:42 IST Aaj Ka Makar Rashifal 2 June 2026: आज मकर राशि वालों के लिए दिन थोड़ा सतर्क रहने वाला हो सकता है. ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति संकेत दे रही है कि अनावश्यक खर्चों में बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे बजट प्रभावित हो सकता है. आर्थिक मामलों में जल्दबाजी या बिना सोचे-समझे लिया गया निर्णय नुकसान दे सकता है. कार्यस्थल या व्यक्तिगत जीवन में छोटी-छोटी गलतफहमियां भी तनाव का कारण बन सकती हैं, इसलिए संवाद में स्पष्टता रखना जरूरी होगा. आज किसी भी बड़े निवेश या उधारी से बचना बेहतर रहेगा. परिवार या साथी के साथ बातचीत करते समय शब्दों का चयन सोच-समझकर करें, ताकि किसी प्रकार का विवाद न हो. स्वास्थ्य के मामले में हल्की थकान या मानसिक तनाव महसूस हो सकता है, इसलिए आराम और संतुलित दिनचर्या अपनाना फायदेमंद रहेगा. ख़बरें फटाफट Aaj Ka Makar Rashifal: पंडित रमेश भोजराज द्विवेदी के अनुसार आज 2 जून 2026, मंगलवार का दिन मकर राशि के जातकों के लिए थोड़ा सावधानी और संयम बरतने का संकेत दे रहा है. ज्येष्ठ कृष्ण द्वितीया तिथि के इस दिन चंद्रमा धनु राशि में गोचर कर रहे हैं. मकर राशि से चंद्रमा का यह गोचर द्वादश भाव में होने के कारण अनावश्यक खर्चों, मानसिक चिंता और भागदौड़ की स्थिति उत्पन्न कर सकता है. ऐसे में आज हर निर्णय सोच-समझकर लेना आपके लिए बेहद आवश्यक रहेगा. स्वास्थ्य के मामले में आज विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है. शरीर में थकान, कमजोरी या किसी पुराने रोग की परेशानी दोबारा उभर सकती है. यदि पहले से कोई उपचार चल रहा है, तो उसमें लापरवाही न करें.समय पर दवाइयों का सेवन करें और आवश्यकता महसूस होने पर चिकित्सकीय सलाह अवश्य लें. खानपान संतुलित रखें तथा पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें. मानसिक तनाव से बचने के लिए योग और ध्यान का सहारा लेना लाभकारी रहेगा. मकर राशि वालों को आर्थिक मामलों में उतार चढ़ावआर्थिक मामलों में आज उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी रह सकती है. अचानक खर्च बढ़ने से बजट प्रभावित हो सकता है. व्यापार से जुड़े लोगों को किसी भी बड़े निर्णय में जल्दबाजी से बचना चाहिए. गलत सलाह या गलत व्यक्तियों की संगति नुकसान का कारण बन सकती है. निवेश और लेन-देन के मामलों में विशेष सावधानी बरतें. नौकरीपेशा लोगों को भी अपने कार्यों में पूरी सतर्कता रखनी होगी और किसी भी महत्वपूर्ण दस्तावेज को बिना जांचे-परखे आगे नहीं बढ़ाना चाहिए. मकर राशि वालों का पार्टनर के साथ मनमुटाव हो सकता हैप्रेम संबंधों के लिहाज से आज का दिन थोड़ा संवेदनशील रह सकता है। प्रेमी-प्रेमिका के बीच किसी बात को लेकर गलतफहमी या मनमुटाव की स्थिति बन सकती है। ऐसे में संवाद बनाए रखें और छोटी बातों को बड़ा रूप न लेने दें। परिवार के सदस्यों के साथ भी धैर्य और समझदारी से व्यवहार करना बेहतर रहेगा. मकर राशि वाले करें आज ये अचूक उपायमंगलवार के दिन हनुमान जी की आराधना करना आपके लिए विशेष फलदायी रहेगा. हनुमान चालीसा का पाठ करें तथा हनुमान जी को गुड़ और रोटी का भोग अर्पित करें. इससे नकारात्मक प्रभाव कम होंगे और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा. About the Author Jagriti Dubey Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Jodhpur,Rajasthan Source link

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110 KM रेंज, 1.5 KM प्रति सेकंड की तूफानी स्पीड… चीन-US के...

होमताजा खबरदेश 110KM रेंज, 1.5 KM प्रति सेकंड स्पीड… चीन-US के होश उड़ा देगा भारतीय अस्त्र Last Updated:June 02, 2026, 05:01 IST Astra mk1 Missile Range: भारत की पहली स्वदेशी बियॉन्ड विजुअल रेंज (BVR) हवा से हवा में मार करने वाली अस्त्र मिसाइल आसमानी जंग में गेम-चेंजर है. रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित यह मिसाइल 110 किमी से अधिक दूर मौजूद दुश्मन के विमानों को बिना दिखे तबाह कर सकती है. ध्वनि से 4.5 गुना तेज चलने वाली यह मिसाइल सुखोई-30 और तेजस जैसे लड़ाकू विमानों को चीन के PL-15 और अमेरिका के AMRAAM के खिलाफ अचूक स्वदेशी ताकत देती है. भारत अब अस्‍त्र-2 पर तेजी से काम कर रहा है. आसमान की असीम ऊंचाइयों में जब आधुनिक युद्ध के सबसे खूंखार शिकारी अमेरिका का AMRAAM और चीन का PL-15 अपनी मारक क्षमता की हेकड़ी दिखाते हैं, तब बादलों की ओट से गरजती हुई एक ऐसी स्वदेशी आवाज गूंजती है जो बीजिंग से लेकर वाशिंगटन तक के सैन्य मुख्यालयों को हिलाकर रख देती है। यह आवाज है भारत के अपने ‘अस्त्र’ मिसाइल की. भारत की सैन्य आत्मनिर्भरता के इतिहास में अस्त्र मिसाइल का विकास एक बड़ा मोड़ है. यह भारत की पहली पूरी तरह से स्वदेशी बियॉन्ड विजुअल रेंज (BVR) हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल है जिसे रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित किया गया है. अस्त्र मिसाइल को लड़ाकू विमानों की क्षमता बढ़ाने और दुश्मन के विमानों को उनकी नजरों से ओझल होने (दिखाई देने वाली सीमा से बहुत दूर) के बावजूद अचूक निशाना बनाने के लिए डिजाइन किया गया है. इसके आने से भारतीय वायु सेना की फ्रांसीसी, रूसी और इजरायली मिसाइल सिस्‍टम पर निर्भरता काफी कम हो गई है. अस्त्र मिसाइल की 5 मुख्य बातें1. मारक क्षमता और रेंज: अस्त्र मार्क-1 की आधिकारिक मारक क्षमता 100 किलोमीटर से अधिक (लगभग 110 किमी) है. यह दुश्मन के विमान को उस वक्‍त तबाह कर सकती है जब वह हमारे पायलट को आंखों से दिखाई भी नहीं दे रहा हो. इसके अगले वेरिएंट्स (मार्क-2 और 3) पर काम चल रहा है, जिनकी रेंज 160 से 350 किमी तक होगी. 2. रफ्तार और पेलोड: यह मिसाइल ध्वनि की गति से करीब 4.5 गुना तेजी से (4.5 Mach) उड़ान भरती है. यह अपने साथ लगभग 15 किलोग्राम का हाई-एक्सप्लोसिव प्री-फ्रेगमेंटेड वॉरहेड (पेलोड) ले जाने में सक्षम है, जो दुश्मन के लड़ाकू विमान के परखच्चे उड़ाने के लिए काफी है. 3. लड़ाकू विमानों से एकीकरण: अस्त्र मिसाइल को भारतीय वायु सेना के अग्रिम पंक्ति के लड़ाकू विमानों जैसे सुखोई-30 एमकेआई (Su-30MKI) और स्वदेशी एलसीए तेजस (LCA Tejas) में सफलतापूर्वक शामिल किया जा चुका है. भविष्य में इसे मिग-29 और राफेल जैसे विमानों के साथ भी जोड़ने की योजना है. 4. हर मौसम में मार करने की क्षमता: यह मिसाइल ऑल-वेदर है. चाहे दिन हो या रात, भारी बारिश हो या घना कोहरा, यह हर परिस्थिति में अपने टारगेट को लॉक कर के तबाह कर सकती है. 5. स्वदेशी सीकर तकनीक: इस मिसाइल में आधुनिक टर्मिनल एक्टिव रडार सीकर लगा हुआ है. लॉन्च होने के बाद यह खुद ही दुश्मन के विमान को ट्रैक करती है और उसे पीछा करके मार गिराती है. अस्त्र मिसाइल का सामरिक विश्लेषणसामरिक दृष्टिकोण से अस्त्र मिसाइल भारत के लिए एक गेम-चेंजर है. आधुनिक हवाई युद्ध में जो पायलट दुश्मन को पहले देखता है और पहले मिसाइल दागता है, जीत उसी की होती है. अस्त्र भारत को वही फर्स्ट-शॉट कैपेबिलिटी (पहले हमला करने की क्षमता) प्रदान करती है.2019 में बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद हुए हवाई संघर्ष के दौरान पाकिस्तानी वायु सेना के पास अमेरिका निर्मित अमराम’ (AMRAAM) मिसाइल थी, जिसकी रेंज भारत की तत्कालीन मिसाइलों से अधिक थी. अस्त्र मिसाइल के बेड़े में शामिल होने से अब वह तकनीकी खाई पूरी तरह पट चुकी है. आर्थिक रूप से भी विदेशी BVR मिसाइलों की तुलना में अस्त्र की निर्माण लागत बेहद कम है, जिससे भारत के रक्षा बजट की भारी बचत हो रही है. तकनीकी विशेषताएं अस्त्र मार्क-1 (भारत) PL-15 (चीन) AIM-120D AMRAAM (अमेरिका) मूल देश भारत (DRDO) चीन (607 Institute) अमेरिका (Raytheon) मिसाइल श्रेणी बियॉन्ड विजुअल रेंज (BVR) बियॉन्ड विजुअल रेंज (BVR) बियॉन्ड विजुअल रेंज (BVR) अधिकतम रेंज 110 किमी से 160 किमी 145 किमी से 200+ किमी 160 किमी से 180 किमी अधिकतम रफ्तार 4.5 मैक (Mach 4.5) 4.5 से 5 मैक+ 4 मैक+ (Mach 4+) कुल वजन ~154 किलोग्राम ~210 किलोग्राम ~152-161 किलोग्राम वॉरहेड (पेलोड) 15 किलोग्राम (HE) 20-22 किलोग्राम 18-20 किलोग्राम इंजन/प्रोपल्शन सॉलिड प्रोपेलेंट रॉकेट ड्यूल-पल्स रॉकेट मोटर सॉलिड-फ्यूल रॉकेट मोटर सीकर तकनीक एक्टिव रडार होमिंग एडवांस AESA रडार सीकर GPS/INS + एक्टिव रडार मुख्य लड़ाकू विमान सुखोई-30 MKI, तेजस J-20 (स्टील्थ), J-16 F-22, F-35 (स्टील्थ), F-16 सवाल-जवाबअस्त्र मिसाइल को किस संगठन द्वारा विकसित किया गया है और इसकी मुख्य श्रेणी क्या है?अस्त्र मिसाइल को भारत के रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित किया गया है. यह ‘बियॉन्ड विजुअल रेंज हवा से हवा में मार करने वाली’ (BVR Air-to-Air) श्रेणी की मिसाइल है.अस्त्र मार्क-1 मिसाइल की अधिकतम रफ्तार और रेंज कितनी है?अस्त्र मार्क-1 मिसाइल की मारक क्षमता (रेंज) 100 किलोमीटर से अधिक है और इसकी रफ्तार ध्वनि की गति से साढ़े चार गुना तेज यानी 4.5 मैक है.क्या अस्त्र मिसाइल इलेक्ट्रॉनिक युद्ध की स्थिति में काम कर सकती है?हां, अस्त्र मिसाइल अत्याधुनिक ‘इलेक्ट्रॉनिक काउंटर-काउंटर मेजर्स’ (ECCM) तकनीक से लैस है. इसका मतलब है कि दुश्मन के विमान अगर इसके रडार को जाम (Jam) करने की कोशिश करेंगे, तब भी यह उनके झांसे में नहीं आएगी और सटीक निशाना लगाएगी. About the Author Sandeep GuptaChief Sub Editor डिजिटल पत्रकारिता में खबरों की गहरी समझ रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. 16 वर्षों से सुदीर्घ पत्रकारीय सफर में इन्होंने अपनी कलम से जटिल विषयों को …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi Source link

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aaj ka Vrishchik rashifal 02 June 2026 Scorpio horoscope in hindi big...

Last Updated:June 02, 2026, 00:02 IST Aaj ka Vrishchik Rashifal 02 June 2026: 2 जून 2026 को वृश्चिक राशि के जातकों के लिए ग्रहों का शुभ गोचर होने जा रहा है. आज आपके रुके हुए काम पूरे होंगे और करियर व धन लाभ के मजबूत योग बनेंगे. पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा. आज का शुभ अंक 9 और शुभ रंग लाल है. वृश्चिक राशि के जातक आज के दिन को और अधिक शुभ बनाने के लिए सुबह स्नान के बाद हनुमान चालीसा का पाठ जरूर करें. इससे आपके रास्ते में आने वाली सभी बाधाएं दूर होंगी और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा. सीतामढ़ी: 2 जून 2026 का दिन वृश्चिक राशि के जातकों के लिए ऊर्जा, सकारात्मकता और नई संभावनाओं से भरा रहने वाला है. ग्रहों की स्थिति आपके पक्ष में है. जिससे आपके आत्मविश्वास में भारी वृद्धि होगी. लंबे समय से रुके हुए काम आज गति पकड़ेंगे और आपको अपनी मेहनत का सही परिणाम मिलने लगेगा. मानसिक रूप से आप खुद को शांत और केंद्रित महसूस करेंगे. जिससे कठिन निर्णय लेना भी आपके लिए आसान हो जाए. आज का दिन नए संकल्पों को पूरा करने के लिए बिल्कुल उत्तम है. ​कैसा रहेगा कार्यक्षेत्र और करियर ज्योतिषाचार्य शिवनाथ शास्त्री के अनुसार ने बताया कि ​कार्यक्षेत्र और करियर के दृष्टिकोण से आज का दिन बेहद लाभकारी सिद्ध होगा. व्यापार से जुड़े लोगों को कोई बड़ी डील या नया प्रोजेक्ट मिल सकता है. जिससे भविष्य में अच्छे मुनाफे के रास्ते खुलेंगे. नौकरीपेशा जातकों को कार्यस्थल पर उच्च अधिकारियों की सराहना मिलेगी और आपके सुझावों को महत्व दिया जाएगा. वित्तीय मामलों में आज का दिन मजबूती लेकर आ रहा है. धन का आगमन होगा और पुराने निवेश से भी लाभ मिलने के योग हैं. बस आपको अपने सहकर्मियों के साथ तालमेल बिठाकर चलने की जरूरत है. घर परिवार में रहेगी सुख शांति​पारिवारिक और प्रेम जीवन की बात करें, तो आज घर-परिवार में सुख-शांति का माहौल बना रहेगा. जीवनसाथी के साथ आपके संबंध और अधिक मधुर और गहरे होंगे. वे हर मोड़ पर आपका सहयोग करेंगे. यदि कोई पुराना पारिवारिक विवाद चल रहा था, तो आज वह बड़ों की मध्यस्थता से सुलझ सकता है. प्रेम जीवन में जी रहे लोगों के लिए आज का दिन अपनी भावनाओं को व्यक्त करने और पार्टनर के साथ यादगार वक्त बिताने का है. शाम के समय परिवार के साथ किसी मांगलिक या सामाजिक उत्सव में शामिल होने का अवसर मिल सकता है. आज के दिन करें ये उपाय ​स्वास्थ्य के लिहाज से आज का दिन सामान्य रूप से अच्छा रहेगा, लेकिन आपको अपनी दैनिक दिनचर्या और खान-पान पर ध्यान देने की आवश्यकता है. काम की व्यस्तता के बीच खुद को बहुत अधिक थकाएं नहीं और पर्याप्त आराम लें. मानसिक शांति के लिए योग या ध्यान का सहारा लेना आपके लिए बहुत फायदेमंद साबित होगा. ज्योतिषाचार्य शिवनाथ शास्त्री के अनुसार, आज के दिन को और अधिक भाग्यशाली बनाने के लिए हनुमान चालीसा का पाठ करें. तांबे के लोटे से सूर्य देव को अर्घ्य दें. आज आपका भाग्यशाली रंग लाल और भाग्यशाली अंक 9 रहेगा. About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Sitamarhi,Bihar Source link

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