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delhi fire| दिल्ली में आईटीओ के पास मि‍न‍िस्‍ट्री की बिल्डिंग में आग,...

होमताजा खबरDelhi दिल्ली में आईटीओ के पास बिल्डिंग में आग, दमकल की 8 गाड़ियों ने पाया काबू Last Updated:June 01, 2026, 11:21 IST द‍िल्‍ली के आईटीओ स्‍थ‍ित‍ एक सरकारी ब‍िल्‍ड‍िंग में आग लगने से सुबह-सुबह हड़कंप मच गया. दरअसल आग म‍िन‍िस्‍ट्री ऑफ एजुकेशन के स्‍कूल ऑफ प्‍लानिंग एंड आर्किटेक्‍ट के ऑफ‍िस में लगी थी. यह एडम‍िन का ऑफ‍िस है. फि‍लहाल मौके पर पहुंची दमकल की गाड़‍ियों ने आग पर काबू पा ल‍िया है. द‍िल्‍ली के आईटीओ पर म‍िन‍िस्‍ट्री ऑफ एजुकेशन ब‍िल्‍ड‍िंग में लगी आग Delhi Fire: दिल्ली में आईटीओ के पास आग की भयावट घटना सामने आई है. यह आग मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन की बिल्डिंग में लगी है. यहां दूसरे फ्लोर पर स्‍कूल ऑफ प्‍लान‍िंंग एंड आर्किटेक्‍ट का ऑफ‍िस है. जहां सुबह 9 बजकर 37 मिनट पर आग पकड़ने की खबर सामने आई. फायर व‍िभाग को सुबह जानकारी मिली कि पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट की इमारत के नजदीक बिल्डिंग में आग लगी है. इस ब‍िल्‍ड‍िंंग से अचानक आग की लपटें उठते देख आसपास हड़कंप मच गया. जिसके बाद तुरंत फायर विभाग को कॉल किया गया. द‍िल्‍ली फायर व‍िभाग की ओर से तुरंत आग पर काबू पाने के ल‍िए दमकल की 8 गाड़‍ियां भेजी गईं. चश्‍मदीदों ने बताया क‍ि आग ब‍िल्‍ड‍िंंग की दूसरी मंज‍िल पर लगी थी जैसे ही ब‍िल्‍ड‍िंंग से लपटें उठने लगीं, अचानक पूरे इलाके में हंगामा मच गया. इस आग से क‍ितना नुकसान हुआ है, इस‍की जानकारी अभी सामने नहीं आई है. हालांक‍ि अभी तक क‍िसी के हताहत होने या घायल होने की खबर सामने नहीं आई है. आज सोमवार होने के कारण ब‍िल्‍ड‍िंंग की बाकी मंज‍िलों में सुबह से ही तमाम सरकारी कर्मचारी भी मौजूद थे और कामकाज भी चल रहा था, ऐसे में यह हादसा कैसे हुआ इसकी जानकारी भी आनी है.  फि‍लहाल आग पर काबू पा ल‍िया गया है. फायर डि‍पार्टमेंट आग के कारणों का पता लगा रहा है. About the Author प्रिया गौतमSenior Correspondent Priya Gautam is an accomplished journalist currently working with Hindi.News18.com with over 14 years of extensive field reporting experience. Previously worked with Hindustan times group (Hindustan Hindi) and …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi Source link

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कोटा का कमाल! तैयार हुई Rolls-Royce, शादी की एंट्री से लेकर फिल्म...

Last Updated:June 01, 2026, 10:09 IST Vintage Rolls Royce Kota: कोटा में तैयार की गई एक शानदार Vintage Rolls-Royce इन दिनों लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. अपनी शाही बनावट, क्लासिक डिजाइन और राजसी लुक के कारण यह कार शादी समारोहों, प्री-वेडिंग शूट और फिल्म शूटिंग के लिए तेजी से लोकप्रिय हो रही है. खास बात यह है कि इस विंटेज कार की मांग लगातार बढ़ रही है और लोग इसे पहले से बुक करवा रहे हैं. कार का डिजाइन ऐतिहासिक Rolls-Royce वाहनों से प्रेरित है, जो इसे बेहद खास और आकर्षक बनाता है. दूल्हा-दुल्हन की रॉयल एंट्री के लिए यह कार पहली पसंद बनती जा रही है, वहीं फिल्म निर्माता और कंटेंट क्रिएटर्स भी इसे अपने प्रोजेक्ट्स में शामिल करने के लिए उत्सुक हैं. ख़बरें फटाफट कोटा. आमतौर पर Rolls-Royce जैसी लग्जरी और विंटेज कारों की झलक बड़े महानगरों या फिल्मों में ही देखने को मिलती है, लेकिन अब शिक्षा नगरी कोटा में भी ऐसी शाही सवारी लोगों के आकर्षण का केंद्र बन गई है. शहर के दो युवा भाइयों ने एक पुरानी जिप्सी को मॉडिफाई कर उसे विंटेज Rolls-Royce जैसा शानदार रूप दिया है. अपनी भव्य डिजाइन और रॉयल लुक के कारण यह कार इन दिनों शहरभर में चर्चा का विषय बनी हुई है. खास बात यह है कि कोटा पहुंचते ही इस कार की बुकिंग शुरू हो गई और इसे फिल्म शूटिंग के लिए भी बुक कर लिया गया. इस अनोखी पहल के पीछे इवेंट मैनेजमेंट कंपनी से जुड़े भाई जतिन बुधराजा और सहज बुधराजा हैं. दोनों का मानना है कि कोटा में भी अब बड़े शहरों की तरह भव्य और यादगार आयोजनों का चलन तेजी से बढ़ रहा है. लोग अपने खास पलों को अलग अंदाज में यादगार बनाना चाहते हैं, लेकिन ऐसे आयोजनों के लिए लग्जरी और विंटेज वाहनों की उपलब्धता नहीं होने से उन्हें दूसरे शहरों पर निर्भर रहना पड़ता था. इसी जरूरत को देखते हुए दोनों भाइयों ने यह अनूठा प्रयोग किया. कार को ट्रक के जरिए कोटा लायाजतिन और सहज के पिता राजेश बुधराजा ने बताया कि इस कार को तैयार कराने का विचार काफी समय से उनके मन में था. इसके लिए एक पुरानी जिप्सी को चुना गया और उसे पूरी तरह से नया रूप देने की योजना बनाई गई. वाहन को हरियाणा में विशेष रूप से डिजाइन और मॉडिफाई कराया गया. कई महीनों की मेहनत के बाद इसे विंटेज Rolls-Royce जैसा आकर्षक लुक दिया गया. तैयार होने के बाद इस कार को ट्रक के जरिए कोटा लाया गया. उन्होंने बताया कि यह वाहन नियमित सड़क उपयोग के लिए नहीं बनाया गया है, बल्कि इसे विशेष रूप से इवेंट्स और समारोहों के लिए डिजाइन किया गया है. शादी समारोह में दूल्हा-दुल्हन की ग्रैंड एंट्री, विदाई, प्री-वेडिंग और पोस्ट-वेडिंग शूट, एनिवर्सरी सेलिब्रेशन, बर्थडे पार्टी, रिटायरमेंट कार्यक्रम और कॉर्पोरेट इवेंट्स में इसका उपयोग किया जाएगा. इसके अलावा फिल्म और म्यूजिक वीडियो शूटिंग के लिए भी यह कार आकर्षण का केंद्र बन सकती है. तैयार करने में करीब 6 से 7 महीने का समय लगाइस कार को तैयार करने में करीब 6 से 7 महीने का समय लगा. डिजाइनिंग से लेकर बॉडी स्ट्रक्चर, पेंटिंग, इंटीरियर और फिनिशिंग तक हर छोटे-बड़े पहलू पर विशेष ध्यान दिया गया. परियोजना पर लगभग 20 से 25 लाख रुपये की लागत आई. कार का फ्रंट डिजाइन, बड़ी ग्रिल, विंटेज हेडलाइट्स और लंबा बॉडी स्ट्रक्चर इसे किसी शाही सवारी जैसा लुक देता है. पहली नजर में इसे देखकर लोगों को विश्वास ही नहीं होता कि यह एक मॉडिफाइड जिप्सी है. एक नई और अनोखी पहलकोटा में इस तरह की यह फिलहाल अपनी तरह की पहली और एकमात्र कार मानी जा रही है. यही वजह है कि जहां भी यह कार पहुंचती है, लोगों की भीड़ जमा हो जाती है. राह चलते लोग अपने मोबाइल फोन निकालकर इसकी तस्वीरें और वीडियो बनाने लगते हैं. कई लोग इसके साथ सेल्फी लेने के लिए भी उत्साहित दिखाई देते हैं. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इसके वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं और लोग इसे कोटा के लिए एक नई और अनोखी पहल बता रहे हैं. जतिन और सहज का कहना है कि कोटा में होने वाले समारोह भी बड़े शहरों की तरह भव्य और यादगार बनें. उनका मानना है कि किसी भी आयोजन में जब दूल्हा-दुल्हन या मेहमान ऐसी शाही कार में एंट्री करते हैं तो वह पल हमेशा के लिए यादगार बन जाता है. एक नया ट्रेंड भी स्थापित करती नजर आ रहीदिलचस्प बात यह है कि कार के कोटा पहुंचने के तुरंत बाद ही इसकी पहली बुकिंग एक फिल्म शूटिंग के लिए हो गई. इससे साफ है कि लोगों में इस अनोखी विंटेज कार को लेकर खासा उत्साह है. आने वाले दिनों में यह कार शादियों, प्री-वेडिंग शूट और अन्य आयोजनों में रॉयल अंदाज का नया प्रतीक बन सकती है. कोटा के इन दो भाइयों की यह पहल न केवल लोगों को आकर्षित कर रही है, बल्कि शहर के इवेंट उद्योग में एक नया ट्रेंड भी स्थापित करती नजर आ रही है. About the Author Jagriti Dubey Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

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पत्थरों में छिपे हैं पुराने रहस्य, हवाओं में गूंजती है वीरता की...

Last Updated:June 01, 2026, 09:20 IST Taragarh Fort Bundi: राजस्थान के बूंदी शहर की पहाड़ियों पर स्थित 13वीं शताब्दी का तारागढ़ किला राज्य की गौरवशाली विरासत और ऐतिहासिक पहचान का प्रतीक माना जाता है. अपनी भव्य स्थापत्य कला, विशाल प्राचीरों और रणनीतिक निर्माण के लिए प्रसिद्ध यह किला सदियों से इतिहास प्रेमियों और पर्यटकों को आकर्षित करता आ रहा है. माना जाता है कि इस किले का निर्माण चौहान शासकों द्वारा कराया गया था और यह कई महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाओं का साक्षी रहा है. किले की दीवारें राजपूती शौर्य, युद्ध कौशल और समृद्ध संस्कृति की अनगिनत कहानियां अपने भीतर समेटे हुए हैं. ऊंची पहाड़ी पर स्थित होने के कारण यहां से बूंदी शहर का मनमोहक दृश्य दिखाई देता है. राजस्थान की हाड़ौती धरती पर बसा बूंदी एक ऐसा शहर है, जहां इतिहास सिर्फ किताबों में नहीं मिलता, बल्कि हर गली, हर महल और हर पहाड़ी पर जीवंत दिखाई देता है. सदियों पुरानी विरासत को अपने आंचल में समेटे यह शहर आज भी अपनी वही शाही गरिमा और सांस्कृतिक समृद्धि बनाए हुए है, जिसने कभी दुनिया के महान साहित्यकार रुडयार्ड किपलिंग को भी मंत्रमुग्ध कर दिया था. यह एक पर्यटन स्थल है साथ ही इसका इतिहास, कला और रोमांस का ऐसा जीवंत कैनवास है, जहां हर पत्थर एक कहानी कहता है और हर दीवार बीते गौरवशाली युग की याद दिलाती है. जो भी यहां आता है, वह अपने साथ सिर्फ तस्वीरें नहीं, बल्कि सदियों पुरानी विरासत की अमिट यादें भी लेकर लौटता है. इस क्षेत्र की सबसे बड़ी सांस्कृतिक धरोहरों में से एक है विश्व प्रसिद्ध कोटा-बूंदी लघु चित्रकला शैली. अपनी जीवंत रंग योजना, बारीक चित्रांकन और प्रकृति के मनोहारी चित्रण के लिए यह कला शैली दुनियाभर में प्रसिद्ध है. इन चित्रों में राजदरबारों की भव्यता, शिकार के दृश्य, प्रेम कथाएं और प्रकृति की सुंदरता इतनी जीवंतता से उकेरी गई है कि देखने वाला मंत्रमुग्ध हो जाता है. Add News18 as Preferred Source on Google बूंदी केवल किलों और महलों का शहर नहीं है, बल्कि यह कला और संस्कृति का भी अनमोल खजाना है. पूरा हाड़ौती क्षेत्र प्राचीन मंदिरों, बावड़ियों, छतरियों और ऐतिहासिक जल संरचनाओं से समृद्ध है. यहां की स्थापत्य कला राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत को एक अलग पहचान देती है. एक सदी से अधिक समय पहले बूंदी की यात्रा के दौरान किपलिंग इसकी सुंदरता से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने यहां के महलों और किलों के बारे में लिखा था, “इन्हें केवल देवदूतों ने ही बनाया होगा, क्योंकि इतनी अद्भुत भव्यता इंसान के हाथों से संभव नहीं है.” आज भी बूंदी को देखकर उनकी यह बात पूरी तरह सच प्रतीत होती है. इस क्षेत्र की सबसे बड़ी सांस्कृतिक धरोहरों में से एक है विश्व प्रसिद्ध कोटा-बूंदी लघु चित्रकला शैली. अपनी जीवंत रंग योजना, बारीक चित्रांकन और प्रकृति के मनोहारी चित्रण के लिए यह कला शैली दुनियाभर में प्रसिद्ध है. इन चित्रों में राजदरबारों की भव्यता, शिकार के दृश्य, प्रेम कथाएं और प्रकृति की सुंदरता इतनी जीवंतता से उकेरी गई है कि देखने वाला मंत्रमुग्ध हो जाता है. आज जब आधुनिकता की दौड़ में कई शहर अपनी ऐतिहासिक पहचान खोते जा रहे हैं, तब बूंदी अपनी विरासत को संजोए हुए एक जीवंत संग्रहालय की तरह खड़ा है. यहां की संकरी गलियां, नीले रंग से सजे पुराने मकान, ऐतिहासिक स्मारक और शांत वातावरण हर आगंतुक को समय की यात्रा पर ले जाते हैं. बूंदी की खूबसूरती का दूसरा नाम है सुख महल. जैत सागर झील के किनारे स्थित यह शांत और मनमोहक महल अपनी नाजुक मेहराबों, ठंडे कक्षों और सुंदर उद्यानों के लिए जाना जाता है. झील के शांत जल में प्रतिबिंबित होता यह महल किसी चित्रकार की कल्पना जैसा प्रतीत होता है. माना जाता है कि रुडयार्ड किपलिंग ने अपने प्रवास के दौरान यहीं समय बिताया था और अपने प्रसिद्ध उपन्यास ‘किम’ के कुछ हिस्सों के लिए प्रेरणा भी यहीं से प्राप्त की थी. शहर के ऊपर लगभग 500 मीटर ऊंची पहाड़ी पर स्थित तारागढ़ किला बूंदी की पहचान है. 13वीं शताब्दी में निर्मित यह दुर्ग अपनी विशाल प्राचीरों, गुप्त मार्गों और अद्भुत जल संरचनाओं के लिए प्रसिद्ध है. दूर से देखने पर यह किला मानो पूरे शहर की निगरानी करता दिखाई देता है. इसकी मजबूत दीवारें वीरता, संघर्ष और राजपूती शौर्य की अनगिनत कहानियों की साक्षी हैं. तारागढ़ किले की सबसे बड़ी विशेषता इसकी प्राचीन वर्षा जल संचयन प्रणाली है. उस दौर में निर्मित जलाशय और जल प्रबंधन की तकनीक आज भी इंजीनियरिंग का उत्कृष्ट उदाहरण मानी जाती है. यह साबित करती है कि उस समय के शिल्पकार केवल कलाकार ही नहीं, बल्कि दूरदर्शी वैज्ञानिक भी थे. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। राजस्थान की ताजा खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें| Source link

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NEET UG Paper Leak Case Hearing LIVE:नीट परीक्षा पर ‘सुप्रीम’ फैसला आज,...

Last Updated:June 01, 2026, 08:20 IST NEET UG Paper Leak Case Hearing LIVE: नीट यूजी पेपर लीक मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई बेहद अहम है. RJD सांसद और IMA प्रवक्ता सहित कई दिग्गजों की याचिका पर कोर्ट क्या फैसला सुनाएगा? क्या अब पेन…और पढ़ें NEET UG Court Hearing 2026 LIVE: सुप्रीम कोर्ट में नीट यूजी को लेकर अहम सुनवाई होनी है नई दिल्ली (NEET UG Paper Leak Case Hearing LIVE). देश के लाखों मेडिकल स्टूडेंट्स और उनके अभिभावकों की नजरें सुप्रीम कोर्ट पर टिकी हैं. नीट यूजी परीक्षा में कथित धांधली, अनियमितताओं और पेपर लीक विवाद ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है. आज सुप्रीम कोर्ट में बेहद अहम सुनवाई होने वाली है, जो भविष्य की परीक्षा प्रणाली की दिशा तय कर सकती है. यह याचिका RJD सांसद सुधाकर सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता अनुभव गर्ग, IMA के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. ध्रुव चौहान और राजनीतिक नेता हरिशरण देवगन की तरफ से अधिवक्ता सत्यम सिंह राजपूत और उनकी टीम ने दाखिल की है. मेडिकल स्टूडेंट्स का भविष्य सुरक्षित करने के लिए परीक्षा प्रणाली पर सवाल उठाए गए हैं. NEET UG Paper Leak Case LIVE: सुप्रीम कोर्ट में किसने खोला मोर्चा? नीट यूजी पेपर लीक मामला लाइव: नीट यूजी परीक्षा प्रणाली में बड़े और आमूल-चूल सुधारों की मांग को लेकर देश के कई क्षेत्रों की जानी-मानी हस्तियों ने एक साथ आकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. इस संयुक्त याचिका को आरजेडी (RJD) सांसद सुधाकर सिंह, प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता अनुभव गर्ग, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. ध्रुव चौहान और राजनीतिक नेता हरिशरण देवगन की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में पेश किया गया है. NEET UG Paper Leak Case LIVE: नीट यूजी पेपर लीक मामला क्या है? नीट यूजी पेपर लीक मामला लाइव: इस बार का मुख्य विवाद नीट यूजी की मौजूदा परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं, सुरक्षा खामियों और पेपर लीक की लगातार बनी रहने वाली संभावनाओं से जुड़ा हुआ है. याचिकाकर्ताओं का मानना है कि पारंपरिक ढर्रे पर कराई जाने वाली इस राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में सेंध लगाना बेहद आसान है, जिससे हर साल लाखों होनहार और दिन-रात मेहनत करने वाले छात्रों का भविष्य और करियर दांव पर लग जाता है. NEET UG Paper Leak Case LIVE: याचिका की पृष्ठभूमि: क्या है यह पूरा मामला? नीट यूजी पेपर लीक मामला लाइव: देश की सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी की हालिया अधिसूचना जारी होने के बाद से ही परीक्षा प्रणाली को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है. इस अधिसूचना की कानूनी वैधता और इसमें सुरक्षा मानकों की कथित अनदेखी को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दायर की गई हैं, जिसने एक बार फिर देश भर के मेडिकल अभ्यर्थियों, अभिभावकों और कोचिंग संस्थानों का ध्यान सुप्रीम कोर्ट की तरफ खींच लिया है. Source link

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Weather News Today Live | Aaj Ka Mausam Live | बंगाल की...

Today Weather News Live: देशभर में मौसम का मिजाज इन दिनों अलग ही रंग दिखा रहा है. देश के कई राज्यों में आंधी और बारिश की वजह से मौसम सुहावना बना हुआ है. लोगों को चिलचिलाती गर्मी और लू के थपेड़ों से थोड़ी राहत मिली है. वहीं भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने बताया है कि पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवाती परिसंचरण और कई ट्रफ लाइनों के प्रभाव से उत्तर, पूर्व, मध्य और दक्षिण भारत के अनेक राज्यों में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश जारी रहने वाली है. मौसम विभाग के अनुसार 1 जून को देश के 20 से अधिक राज्यों में आंधी, बिजली चमकने और बारिश की संभावना है. ओडिशा, गुजरात, मध्य प्रदेश, केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली समेत कई राज्यों के लिए मौसम चेतावनी जारी की गई है. मौसम विभाग के अनुसार पूर्व-मध्य और उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) सक्रिय बना हुआ है, जो समुद्र तल से करीब 5.8 किलोमीटर तक फैला हुआ है. इसके प्रभाव से बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पूर्वी भारत में मौसम गतिविधियां तेज बनी हुई हैं. आईएमडी के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून भी लगातार आगे बढ़ रहा है और अगले 3 से 4 दिनों के दौरान केरल, तमिलनाडु, लक्षद्वीप और आसपास के इलाकों में मानसून और तेजी से सक्रिय हो सकता है. मानसून की रफ्तार बढ़ने के संकेत दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा फिलहाल अरब सागर, लक्षद्वीप, बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के कई हिस्सों तक पहुंच चुकी है. मौसम विभाग का कहना है कि समुद्री क्षेत्रों में अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं और अगले कुछ दिनों में मानसून और तेजी से आगे बढ़ सकता है. केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, लक्षद्वीप और पूर्वोत्तर भारत में मानसून पूर्व गतिविधियां पहले ही तेज हो चुकी हैं. कई इलाकों में लगातार बारिश दर्ज की जा रही है, जिससे तापमान में गिरावट और उमस से राहत मिलने लगी है. दक्षिण-पश्चिम मानसून भी लगातार आगे बढ़ रहा है. दक्षिण भारत में भारी बारिश का दौर दक्षिण भारत में मौसम सबसे अधिक सक्रिय रहने वाला है. केरल, माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कर्नाटक और लक्षद्वीप में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. केरल और माहे में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है. आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, रायलसीमा और तटीय कर्नाटक में भी तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है. कुछ स्थानों पर 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है. लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बन सकती है. पूर्वी भारत में ओडिशा पर सबसे ज्यादा नजर पूर्वी भारत में ओडिशा मौसम विभाग की विशेष निगरानी में है. राज्य में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली आंधी चल सकती है, जबकि कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की भी संभावना है. राज्य के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है. उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अगले कुछ दिनों के दौरान बारिश की गतिविधियां और बढ़ सकती हैं. मध्य भारत में भी आंधी के साथ ओले गिरने का अलर्ट मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में भी मौसम का असर देखने को मिलेगा. पश्चिमी मध्य प्रदेश में भारी बारिश की संभावना जताई गई है. साथ ही कई जिलों में तेज आंधी और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया गया है. ओडिशा, गुजरात, मध्य प्रदेश, केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली समेत कई राज्यों के लिए चेतावनी जारी की गई है. मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. मौसम विभाग ने किसानों और खुले क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. राजस्थान और गुजरात में आंधी का खतरा राजस्थान में मौसम बेहद उग्र हो सकता है. राज्य के कई हिस्सों में 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली आंधी चलने की संभावना है. धूल भरी आंधी भी लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है. गुजरात में भारी बारिश, तेज हवाओं और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया गया है. तटीय इलाकों में समुद्र भी उग्र बना रह सकता है, जिसके चलते मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है. दिल्ली में बादलों का रहेगा डेरा राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अगले 24 घंटों के दौरान तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा. मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. दिल्ली पर पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव बना हुआ है. इसी वजह से लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है. हालांकि अगले कुछ दिनों में तापमान में धीरे-धीरे 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने की संभावना भी जताई गई है. यूपी में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट उत्तर प्रदेश में 1 जून को मौसम पूरी तरह बदला हुआ नजर आ सकता है. प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी दोनों हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है. कुछ इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चल सकती है. मौसम विभाग ने किसानों और खुले स्थानों पर मौजूद लोगों को बिजली गिरने और तेज हवाओं से सावधान रहने की सलाह दी है. बारिश के चलते कुछ क्षेत्रों में तापमान में गिरावट भी दर्ज की जा सकती है. उत्तराखंड के पहाड़ों में बारिश और ओलावृष्टि की आशंका उत्तराखंड में मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए बारिश, गर्जन और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है. पर्वतीय इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है जबकि कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश भी हो सकती है. चारधाम यात्रा मार्गों पर जाने वाले श्रद्धालुओं को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है. भूस्खलन और सड़क अवरुद्ध होने जैसी घटनाओं की आशंका को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है. बिहार में गरज-चमक के साथ होगी बारिश बिहार के कई जिलों में भी आज

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एक्ट ईस्ट को नई रफ्तार! चीन के बढ़ते प्रभाव के बीच भारत-म्यांमार...

होमताजा खबरदेश चीन के बढ़ते प्रभाव के बीच भारत-म्यांमार की नजदीकी, PM मोदी से मिलेंगे मिन आंग Last Updated:June 01, 2026, 05:01 IST म्यांमार में संसदीय चुनाव के बाद राष्ट्रपति बनने के दो महीने से भी कम समय में आंग ह्लाइंग की भारत यात्रा हो रही है. म्यांमार भारत के रणनीतिक पड़ोसियों में से एक है और इसकी 1,640 किलोमीटर लंबी सीमा पूर्वोत्तर के कई राज्यों से लगती है, जिनमें उग्रवाद प्रभावित नगालैंड और मणिपुर भी शामिल हैं. ख़बरें फटाफट एनएसए अजित डोभाल ने रविवार को म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग से मुलाकात की. नई दिल्ली. भारत की आधिकारिक यात्रा पर आए म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग की सोमवार को पीएम नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक होगी. म्यांमार के राष्ट्रपति बनने के बाद ह्लाइंग की यह पहली भारत यात्रा है. उनके साथ कई कैबिनेट मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और कारोबारी नेताओं का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी भारत पहुंचे हैं. राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग सोमवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे. दोनों नेता भारत और म्यांमार के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंधों को और मजबूत बनाने के उपायों पर चर्चा करेंगे. भारत के लिए म्यांमार रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. म्यांमार भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’, ‘एक्ट ईस्ट’ और ‘महासागर’ नीतियों के केंद्र में स्थित है. ऐसे में राष्ट्रपति की यह यात्रा दोनों देशों के बीच राजनीतिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और रणनीतिक सहयोग को नई गति देने वाली मानी जा रही है. विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस दौरे से भारत और म्यांमार के बहुआयामी संबंधों को और गहराई मिलेगी तथा दोनों देशों के बीच साझेदारी के नए अवसर खुलेंगे. यात्रा के दौरान म्यांमार के राष्ट्रपति 30 मई को बोधगया भी पहुंचे, जहां उन्होंने बौद्ध धर्म से जुड़े महत्वपूर्ण स्थलों का दौरा किया. इसके अलावा दो जून को वह मुंबई जाएंगे, जहां उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत, कारोबारी बैठकों और विभिन्न परियोजनाओं का अवलोकन करेंगे. म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग की पहली भारत यात्राराष्ट्रपति बनने के बाद ह्लाइंग अपनी पहली विदेश यात्रा के तौर पर भारत आए हैं. वह अप्रैल 2026 में म्यांमार के राष्ट्रपति बने थे. 3 अप्रैल 2026 को संसद ने राष्ट्रपति चुना था और बाद में उन्होंने पद संभाला. राष्ट्रपति बनने से पहले वो म्यांमार के सबसे शक्तिशाली सैन्य नेता थे. फरवरी 2021 में सैन्य तख्तापलट के बाद उन्होंने सत्ता अपने हाथ में ले ली थी. जुलाई 2024 में उन्हें कार्यवाहक राष्ट्रपति की शक्तियां भी मिल गई थीं. औपचारिक रूप से राष्ट्रपति के रूप में उनका चुनाव अप्रैल 2026 में हुआ. पीएम मोदी से राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग की मुलाकात पहले भी हो चुकी है. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Source link

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चीन के 1500 स्टील्थ फाइटर्स को पूरी तरह मटियामेट करेगा भारत का...

नई दिल्‍ली. भारतीय रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने रविवार सुबह चंडीगढ़ के पास पंचकूला (हरियाणा) के रामगढ़ में स्थित अपनी बेहद संवेदनशील विंग ‘टर्मिनल बैलिस्टिक्स रिसर्च लेबोरेटरी’ (TBRL) में एक बेहद शक्तिशाली और विनाशकारी ‘हाई-कैलिबर बम’ का सफल परीक्षण किया है. वायुसेना के आला अधिकारियों की सीधी मौजूदगी में किए गए इस महापरीक्षण की गूंज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई. यह बम इतना घातक था कि परीक्षण से पहले ही प्रशासन ने आस-पास के गांवों में हाई अलर्ट जारी कर लोगों को घरों के भीतर रहने की सख्त हिदायत दी थी. अधिकारियों के मुताबिक, कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत किया गया यह ट्रायल पूरी तरह सटीक और सफल रहा, जो भविष्य में भारतीय वायुसेना (IAF) के लड़ाकू विमानों और मिसाइलों को अचूक और तबाही मचाने वाली मारक क्षमता प्रदान करेगा. यह धमाका DRDO की आर्मामेंट्स क्लस्टर के तहत आने वाली प्रतिष्ठित प्रयोगशाला TBRL में हुआ, जहां भारत के नए ‘हाई-कैलिबर’ बम की क्षमताओं को परखा गया. हालांकि TBRL में पहले भी कई विस्फोटक परीक्षण होते रहे हैं, लेकिन इस बार का धमाका बेहद खास और विशाल था, क्योंकि इसकी आवाज कई किलोमीटर दूर तक रिकॉर्ड की गई. एयरफोर्स के अफसरों की मौजूदगी के मायनेइस परीक्षण की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी भारतीय वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति रही. इससे साफ संकेत मिलते हैं कि यह हाई-कैलिबर बम सीधे तौर पर वायुसेना के लड़ाकू विमानों से गिराए जाने वाले युद्धक हथियारों या फिर IAF की अत्याधुनिक मिसाइलों के वॉरहेड का हिस्सा बनने जा रहा है. यह परीक्षण चीन और पाकिस्तान की सीमाओं पर जारी तनाव के बीच भारत की हवाई संप्रभुता को और मजबूत करेगा. 1.5 किलोमीटर ऊंचाई तक उड़े टुकड़ेबम की संहारक क्षमता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि परीक्षण से पहले TBRL ने चेतावनी जारी की थी कि ब्लास्ट के बाद बम के मलबे और टुकड़े हवा में 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक उड़ सकते हैं और धमाके की जगह से 2 किलोमीटर के दायरे में फैल सकते हैं. इसी वजह से पंचकूला प्रशासन ने भानू और बिल्ला जैसे नजदीकी गांवों में ‘कफ्र्यू’ जैसी स्थिति बनाते हुए लोगों को सुबह के समय घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी थी. सुरक्षा के लिहाज से पूरे इलाके को विशेष सर्विलांस (निगरानी) पर रखा गया था. क्या है TBRL और इसकी ताकत?टर्मिनल बैलिस्टिक्स रिसर्च लेबोरेटरी (TBRL) भारत के मिसाइल और परमाणु हथियारों के विकास कार्यक्रमों की रीढ़ मानी जाती है. यह लैब मुख्य रूप से उच्च विस्फोटकों, डेटोनेटर, शॉक वेव्स और हथियारों के अंतिम विनाशकारी प्रभाव का आकलन करने के लिए डेटा तैयार करती है. सिर्फ सेना ही नहीं बल्कि अंतरिक्ष एजेंसी इसरो (ISRO) के महात्वाकांक्षी गगनयान मिशन के लिए विशेष पैराशूट और उपकरणों का मूल्यांकन भी इसी लैब में किया जा रहा है. इसके अलावा, यह लैब अर्धसैनिक बलों और पुलिस के लिए नॉन-लेथल बुलेट्स (गैर-घातक गोलियां), लिक्विड आर्मर और हैंड ग्रेनेड भी विकसित करती है. परीक्षण के रणनीतिक प्रभाव 1. स्वदेशी मारक क्षमता में आत्मनिर्भरता: वायुसेना की मौजूदगी यह साबित करती है कि भारत अब विदेशी वेंडर पर निर्भर रहने के बजाय अपने लड़ाकू विमानों (जैसे राफेल, सुखोई और तेजस) के लिए भारी वजन वाले ‘हाई-कैलिबर’ बम खुद बना रहा है. यह ‘मेक इन इंडिया’ के तहत वायुसेना को आत्मनिर्भर बनाएगा. 2. वॉरहेड टेक्नोलॉजी में महारत: TBRL का परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों से पुराना नाता है. इस सफल टेस्ट से यह स्पष्ट है कि भारत ने उन्नत विस्फोटक और शॉक वेव तकनीक पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है, जिससे आने वाले समय में हमारी मिसाइलों की मारक क्षमता और अधिक विनाशकारी हो जाएगी. 3. दोहरे उपयोग वाली तकनीक: यह लैब केवल भारी बम ही नहीं बनाती, बल्कि पुलिस और पैरामिलिट्री के लिए बुलेटप्रूफ जैकेट (लिक्विड आर्मर) और नॉन-लेथल बुलेट्स भी तैयार करती है. यानी रक्षा क्षेत्र का यह अनुसंधान देश की बाहरी सुरक्षा के साथ-साथ आंतरिक कानून व्यवस्था को भी आधुनिक बना रहा है. सवाल-जवाबटर्मिनल बैलिस्टिक्स रिसर्च लेबोरेटरी (TBRL) का मुख्य काम क्या है?TBRL का मुख्य काम मिसाइलों के वॉरहेड और प्रोजेक्टाइल्स का मूल्यांकन करना, उच्च विस्फोटकों की टेस्टिंग करना और हथियारों से होने वाले अंतिम नुकसान (Terminal Effects) का डेटा तैयार करना है.इस बम परीक्षण के दौरान हवाई सुरक्षा के क्या मायने हैं?वायुसेना के अफसरों की मौजूदगी दर्शाती है कि यह बम भविष्य में फाइटर जेट्स से गिराए जाने वाले पारंपरिक बमों या फिर लॉन्ग-रेंज मिसाइलों के भीतर फिट होने वाले विस्फोटक का हिस्सा बनेगा.धमाके की जगह से कितनी दूरी को संवेदनशील घोषित किया गया था?सुरक्षा के दृष्टिकोण से परीक्षण स्थल के चारों ओर 2 किलोमीटर के पूरे रेडियस (दायरे) को अत्यंत संवेदनशील ज़ोन घोषित किया गया था.सैन्य हथियारों के अलावा TBRL नागरिक या अर्धसैनिक बलों के लिए क्या बनाती है?TBRL ने अर्धसैनिक बलों और पुलिस के लिए एडवांस्ड हैंड ग्रेनेड, लिक्विड आर्मर (बुलेटप्रूफ तकनीक), बाधाओं को उड़ाने वाले डिवाइस और भीड़ नियंत्रण के लिए गैर-घातक गोलियां विकसित की हैं. Source link

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मीन राशि वालों का आज चमकेगा भाग्य, करियर में मिलेगा नए अवसर,...

Last Updated:June 01, 2026, 03:31 IST Aaj ka Meen Rashifal, Pisces Horoscope Today: आज मीन राशि वालों के लिए दिन मधुरता से भरा रहेगा. जीवन में नए मौके सामने आएंगे, जो तरक्की के रास्ते खोल सकते हैं. आपका उत्साह बढ़ाएंगे. लेकिन किसी भी स्थिति में भावनाओं के बहाव में आकर जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचना बेहतर रहेगा. उज्जैन के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार, आज मीन राशि के जातकों के लिए संभावनाओं से भरा दिन रहेगा. आत्मविश्वास और ऊर्जा के बल पर आप कई महत्वपूर्ण कार्यों को सफलतापूर्वक पूरा कर सकते हैं. कार्यक्षेत्र में आपकी प्रतिभा और नेतृत्व क्षमता की सराहना होगी. नई योजनाओं पर काम शुरू करने के लिए समय अनुकूल है. परिवार और मित्रों का सहयोग मनोबल बढ़ाएगा. प्रेम संबंधों में मधुरता बनी रहेगी और आपसी समझ मजबूत होगी. सकारात्मक सोच और धैर्य आपके लिए सफलता के नए द्वार खोल सकते हैं. मीन राशि वालो का करियर राशिफलआज करियर के क्षेत्र में आपके लिए संभावनाओं से भरा दिन रहेगा. नई जिम्मेदारियां और अवसर आपके सामने आ सकते हैं, जो भविष्य में लाभदायक साबित होंगे. अपने कौशल और अनुभव पर भरोसा रखें, क्योंकि आपकी मेहनत सराही जा सकती है. सोच-समझकर लिया गया निर्णय सफलता के नए रास्ते खोलेगा. सकारात्मक दृष्टिकोण और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ेंगे तो अच्छे परिणाम प्राप्त होंगे. मीन राशि वालो का स्वास्थ राशिफलमीन राशि के जातकों के लिए आज स्वास्थ्य के मामले में संतुलित रहने का दिन है. नियमित दिनचर्या और सही खानपान अपनाने से ऊर्जा बनी रहेगी. पुरानी परेशानियों में धीरे-धीरे सुधार के संकेत मिल सकते हैं. बच्चों की सेहत पर ध्यान देना लाभकारी रहेगा. मानसिक शांति बनाए रखने के लिए सकारात्मक सोच अपनाएं. पर्याप्त आराम और पानी का सेवन आपको तरोताजा रखेगा. छोटी-छोटी सावधानियां दिनभर स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद करेंगी. मीन राशि वालो का व्यापार राशिफलमीन राशि के व्यापारियों के लिए आज का दिन प्रगति और संभावनाओं से भरा रहेगा. कार्यक्षेत्र में नई योजनाओं पर काम करने का अवसर मिलेगा, जो भविष्य में लाभदायक साबित हो सकता है. कारोबार में सकारात्मक बदलाव के संकेत हैं और महत्वपूर्ण संपर्क भी बन सकते हैं. आत्मविश्वास और समझदारी से लिए गए निर्णय सफलता दिलाएंगे. धैर्य और मेहनत का अच्छा फल मिलने की संभावना है. आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और आगे बढ़ने के नए रास्ते खुल सकते हैं. मीन राशि वालो का आर्थिक राशिफल मीन राशि के जातकों के लिए आज का दिन आर्थिक प्रगति और नए अवसरों से भरपूर रहेगा. आय के स्रोत मजबूत होने के संकेत हैं और रुका हुआ धन मिलने की संभावना बन सकती है. वित्तीय मामलों में लिया गया हर संतुलित निर्णय लाभदायक साबित होगा. निवेश से जुड़े प्रयास सकारात्मक परिणाम दे सकते हैं. आत्मविश्वास और कार्यकुशलता में वृद्धि होगी, जिससे भविष्य की योजनाओं को नई दिशा मिलेगी. बचत बढ़ाने के प्रयास सफल रहेंगे. मीन राशि वालो का लवलाइफ राशिफल आज मीन राशि के विवाहित और प्रेम संबंधों में जुड़े जातकों के लिए दिन रिश्तों को बेहतर समझने का अवसर लेकर आएगा. जीवनसाथी या साथी के साथ खुलकर बातचीत करने से मन की बातें साझा होंगी और आपसी विश्वास मजबूत होगा. साथ में किसी धार्मिक या आध्यात्मिक गतिविधि की योजना बन सकती है. पुरानी गलतफहमियां दूर होने से संबंधों में मधुरता बढ़ेगी और प्रेमपूर्ण माहौल बना रहेगा. साथी का सहयोग मन को प्रसन्नता और सुकून देगा. आज जरूर करें ये उपायआज आपके लिए लकी नंबर 2 रहेगा. यह अंक आपको सफलता और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करेगा. आज के दिन मीन राशि वाले जो धर्म-कर्म और दान-पुण्य में रुचि रखते हैं. उन्हें चाहिए कि आज के दिन शिव मंदिर जाकर भगवान को पंचामत से अभिषेक करे. इसके बाद गरीबों में अन्य की वस्तुओ का दान करें, जिससे आज का दिन बेहतर हो सके. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ujjain,Madhya Pradesh Source link

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DRDO TBRL Bomb Trial: फटा तो 1.5 KM ऊंचे और 2 किमी...

होमताजा खबरदेश फटते ही…1.5 KM ऊंचे, 2 किमी का दायरे में गिरे टुकड़े, हाई-कैलिबर बम है क्या? Last Updated:May 31, 2026, 23:38 IST DRDO की रामगढ़ स्थित TBRL लैब में वायुसेना की मौजूदगी में एक विनाशकारी हाई-कैलिबर बम का सफल परीक्षण किया गया. हाई विस्फोटक रसायनों से लैस यह भारी-भरकम बम बंकरों और सैन्य ठिकानों को तबाह करने के लिए डिज़ाइन किया गया है. यह टेस्ट इतना प्रचंड था कि इसके टुकड़े हवा में 1.5 किलोमीटर ऊंचे और 2 किमी के दायरे में बिखर गए, जिसके चलते नजदीकी गांवों में हाई अलर्ट जारी करना पड़ा था. ख़बरें फटाफट डीआरडीओ ने वायुसेना की मौजूदगी में टेस्‍ट किया. हरियाणा के पंचकूला में स्थित DRDO की टर्मिनल बैलिस्टिक्स रिसर्च लेबोरेटरी (TBRL) में रविवार सुबह हुए एक भीषण परीक्षण ने देश का ध्यान अपनी ओर खींचा है. यह परीक्षण भारतीय वायुसेना के शीर्ष अधिकारियों की मौजूदगी में किया गया, जिसने इसके रणनीतिक महत्व को साबित कर दिया. यह धमाका इतना जबरदस्त था कि इसकी गूंज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई और परीक्षण स्थल से बम के मलबे व टुकड़े हवा में 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक उछले, जबकि जमीनी स्तर पर इसका असर 2 किलोमीटर के दायरे में देखा गया. इस महापरीक्षण के बाद हर कोई यह जानने को उत्सुक है कि आखिर यह ‘हाई-कैलिबर बम’ होता क्या है, इसे किस तकनीक से बनाया जाता है और यह भविष्य के युद्धों में भारतीय वायुसेना (IAF) के फाइटर जेट्स और मिसाइलों को कितनी विनाशकारी संहारक क्षमता प्रदान करने जा रहा है. विनाश का दूसरा नाम है हाई-कैलिबर बमहथियारों और सैन्य विज्ञान की भाषा में कैलिबर शब्द का इस्तेमाल किसी गन की बैरल के आंतरिक व्यास (व्यास/डायमीटर) या फिर किसी बड़े बम और मिसाइल की मारक क्षमता और उसके वजन के अनुपात को दर्शाने के लिए किया जाता है. जब हम ‘हाई-कैलिबर’ बम की बात करते हैं तो इसका सीधा मतलब एक ऐसे भारी-भरकम और अत्यधिक विनाशकारी बम से होता है जिसमें पारंपरिक विस्फोटकों की तुलना में बहुत अधिक मात्रा में उन्नत और उच्च-तीव्रता वाले रसायन भरे होते हैं. ये बम आकार में बहुत बड़े होते हैं और इन्हें विशेष रूप से बंकरों, सैन्य अड्डों, रनवे और दुश्मन के बड़े बुनियादी ढांचे को मटियामेट करने के लिए डिज़ाइन किया जाता है. TBRL के परीक्षण में दिखी ताकतचंडीगढ़ के रामगढ़ स्थित DRDO की इस लैब में जब इस बम को डेटोनेट (विस्फोट) किया गया तो इसके शॉक वेव्स और टर्मिनल इफेक्ट्स का डेटा रिकॉर्ड किया गया. आम बमों के फटने पर उनके टुकड़े कुछ मीटर या ज्यादा से ज्यादा आधा किलोमीटर तक जाते हैं, लेकिन इस हाई-कैलिबर बम की क्षमता इतनी प्रचंड थी कि इसके टुकड़े आसमान में 1.5 किलोमीटर ऊपर तक चले गए और चारों तरफ 2 किलोमीटर के रेडियस में बिखर गए. यही वजह थी कि प्रशासन को पास के भानू और बिल्ला गांवों में सुरक्षा अलर्ट जारी करना पड़ा था. वायुसेना के लड़ाकू विमानों का बनेगा मुख्य हथियारइस परीक्षण के दौरान वायुसेना के बड़े अफसरों की मौजूदगी इस बात का पुख्ता सबूत है कि इस बम का इस्तेमाल फाइटर जेट्स (जैसे सुखोई-30 MKI, राफेल या तेजस) से गिराए जाने वाले ‘एयर-ड्रॉप म्यूनिशन्स’ या फिर लंबी दूरी की मिसाइलों के वॉरहेड (युद्धक सामग्री) के रूप में किया जाएगा. जब यह बम किसी फाइटर जेट से गिराया जाएगा, तो यह दुश्मन के हवाई क्षेत्र में घुसकर उनके रडार और कमांड सेंटरों को पल भर में राख के ढेर में बदल देगा. #WATCH | Haryana: The Terminal Ballistics Research Laboratory (TBRL) conducts a trial of a high-calibre bomb in Panchkula under the supervision of Air Force officials at the DRDO unit in Ramgarh. pic.twitter.com/FwlT1VnDHo Source link

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दिल्ली के आसमान में दिखा 2026 का दुर्लभ ‘ब्लू मून’, खूबसूरत नजारों...

होमवीडियोदेश दिल्ली के आसमान में दिखा 2026 का दुर्लभ ‘ब्लू मून’, खूबसूरत नजारों ने मोहा लोगों का मन X दिल्ली के आसमान में दिखा 2026 का दुर्लभ ‘ब्लू मून’, खूबसूरत नजारों ने मोहा लोगों का मन   Rare Blue Moon 2026: दिल्ली के आसमान में साल 2026 का बेहद दुर्लभ और अद्भुत ‘ब्लू मून’ (Blue Moon) देखा गया, जिसने पूरी दिल्ली की रात को अपनी चमकीली और शांत रोशनी से सराबोर कर दिया. कैमरे में कैद हुए इन शानदार दृश्यों में साफ देखा जा सकता है कि साफ आसमान के बीच चमकता हुआ यह पूरा चांद दिल्ली-एनसीआर के वातावरण को एक जादुई और खूबसूरत लुक दे रहा था. इस अद्भुत खगोलीय घटना का गवाह बनने और इसे अपने कैमरों में कैद करने के लिए लोग देर रात तक अपनी छतों पर डटे रहे, जिसके बाद सोशल मीडिया पर भी इस चमकीले चांद की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

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