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JEE Advanced 2026 Result: जेईई एडवांस्ड 2026 के रिजल्ट को लेकर सोशल मीडिया पर तरह तरह के सवाल उठाए जा रहे हैं जिसके बाद अब IIT रुड़की ने इस पूरे विवाद पर जवाब दिया है. आइए जानते हैं कि पूरा मामला क्या है और आईआईटी ने क्या कहा है?
JEE Main Exam, JEE Advanced 2026: जेईई एडवांस्ड पर आईआईटी ने दी सफाई.
JEE Advanced 2026 का रिजल्ट जारी होने के बाद सोशल मीडिया पर एक नई बहस शुरू हो गई है. कई छात्रों ने दावा किया कि उनके Paper-1 और Paper-2 के अंकों में बेहद बड़ा अंतर देखने को मिला है. कुछ मामलों में यह अंतर 100 से ज्यादा अंकों का था. इसे लेकर छात्रों ने मूल्यांकन प्रक्रिया पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हालांकि अब IIT रुड़की ने इस पूरे विवाद पर जवाब देते हुए स्पष्ट किया है कि ऐसा अंतर किसी गड़बड़ी, नकल या मूल्यांकन त्रुटि का संकेत नहीं है बल्कि इसे सांख्यिकीय सिद्धांतों की मदद से समझा जा सकता है.
सोशल मीडिया पर वायरल हुए स्कोर
रिजल्ट आने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कई छात्रों और अभिभावकों ने अपने अनुभव साझा किए. इसी दौरान अनन्या चोपड़ा नाम की एक यूजर ने एक छात्र का उदाहरण पोस्ट किया, जिसमें छात्र को Paper-1 में -3 अंक और Paper-2 में 104 अंक मिले थे.पोस्ट में कहा गया कि दोनों पेपर एक ही दिन आयोजित हुए सिलेबस भी एक जैसा था, फिर भी अंकों में इतना बड़ा अंतर कैसे हो सकता है. इसके बाद कई अन्य छात्रों ने भी अपने स्कोर साझा किए जिनमें 100 से अधिक अंकों का अंतर दिखाई दिया.
60 हजार छात्रों की परीक्षा में ऐसे मामले असामान्य नहीं
लाइव हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए IIT कानपुर के निदेशक और प्रोफेसर मनोज अग्रवाल ने कहा कि पहली नजर में ऐसे स्कोर चौंकाने वाले जरूर लग सकते हैं, लेकिन बड़े स्तर की परीक्षाओं में यह पूरी तरह संभव है.उन्होंने बताया कि जब किसी परीक्षा में करीब 60 हजार छात्र शामिल होते हैं तो कुछ मामलों में बेहद असामान्य परिणाम सामने आ सकते हैं. यह सांख्यिकीय रूप से संभव है और इसे किसी गड़बड़ी का प्रमाण नहीं माना जा सकता.
IIT रुड़की ने ईमेल के जरिए दी सफाई
छात्र निकुंज गुप्ता ने IIT रुड़की की ओर से प्राप्त ईमेल जवाब को सार्वजनिक किया. संस्थान ने कहा कि लगभग 60 हजार अभ्यर्थियों वाली परीक्षा में दोनों पेपरों के अंकों में बड़ा अंतर पूरी तरह अपेक्षित है.IIT रुड़की ने अपने जवाब में कहा कि इस तरह के अंतर को सांख्यिकी के प्रसिद्ध सिद्धांत Chebyshev’s Inequality (चेबिशेव असमानता)की मदद से समझा जा सकता है. संस्थान के अनुसार यह केवल गणितीय संभावना का मामला है और इसे किसी भी तरह की अनियमितता से जोड़ना सही नहीं होगा.
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न्यूज़18 हिंदी (Network 18) डिजिटल में असिस्टेंट एडिटर के तौर पर कार्यरत. न्यूज 18 में एजुकेशन, करियर, सक्सेस स्टोरी की खबरों पर. करीब 15 साल से अधिक मीडिया में सक्रिय. हिन्दुस्तान, दैनिक भास्कर के प्रिंट व …और पढ़ें