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Siddaramaiah resignation | Siddaramaiah | कर्नाटक में बगावती सुर! सिद्धारमैया के पद...


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Karnataka Congress Crisis: कर्नाटक की राजनीति में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के इस्तीफे के तुरंत बाद कांग्रेस के भीतर बगावती सुर तेज हो गए हैं. डीके शिवकुमार का सीएम बनना तय माना जा रहा था, लेकिन अब पार्टी कई धड़ों में बंटती नजर आ रही है. सिद्धारमैया के वफादार ‘अहिंदा’ नेताओं ने चेतावनी दी है कि नए सीएम के आते ही सरकार गिर सकती है. वहीं दूसरी ओर, जागतिक लिंगायत महासभा ने कलबुर्गी में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस हाईकमान से वरिष्ठ मंत्री एम.बी. पाटिल को अगला मुख्यमंत्री बनाने की खुली मांग कर दी है, जिससे डीके शिवकुमार की राह में बड़े कांटे बिछ गए हैं.

कर्नाटक में बगावती सुर! शिवकुमार नहीं, नए चेहरे की मांगZoom

कर्नाटक में बगावती सुर, एमबी. पाटिल को सीएम बनाने की मांग.

Karnataka CM Post Crisis: इस्तीफा देने के बाद बेंगलुरु से उड़े सिद्धारमैया दिल्ली पहुंचे भी नहीं थे कि कर्नाटक में बगावती सुर गूंजने लगे. सिद्धा के समर्थक और अहिंदा से जुड़े नेताओं ने ऐलान कर दिया कि किसी और को सीएम बनाया गया तो सरकार नहीं चलने देंगे. उधर लिंगायत सुमदाय से जुड़े नेताओं ने एमबी पाटिल का नाम आगे बढ़ा दिया है. कांग्रेस नेतृत्व इसी बात से डर रहा था. अब डीके शिवकुमार के लिए कांटे ही कांटे हैं.

सिद्धारमैया के इस्तीफा देते ही कर्नाटक में बगावती सुर उठने लगे हैं. जागतिक लिंगायत महासभा ने तुरंत कलबुर्गी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया. महासभा के जिला अध्यक्ष आर.जी. शेटगार और महासचिव अशोक घूली ने कांग्रेस आलाकमान से साफ शब्दों में मांग की कि कर्नाटक का अगला मुख्यमंत्री लिंगायत समुदाय से होना चाहिए. उन्होंने मांग की कि वरिष्ठ मंत्री एम.बी. पाटिल इस पद के लिए सबसे योग्य उम्मीदवार हैं. उनका तर्क था कि लिंगायत कर्नाटक के सबसे बड़े और प्रभावशाली समुदायों में से एक है, जिसने राज्य के सामाजिक, शैक्षिक और राजनीतिक विकास में अहम योगदान दिया है. साथ ही कांग्रेस को सत्ता में लाने में भी इस समुदाय का बहुत बड़ा हाथ रहा है.

जयपुर में अशोक गहलोत के साथ डीके शिवकुमार

कांग्रेस ने किया लिंगायतों के साथ अन्याय

महासभा के नेताओं ने कांग्रेस के इतिहास की याद दिलाते हुए कहा कि बी.डी. जत्ती, एस. निजलिंगप्पा और वीरेंद्र पाटिल जैसे प्रमुख लिंगायत नेताओं ने कांग्रेस और राज्य को बहुत कुछ दिया. पूर्व मुख्यमंत्री वीरेंद्र पाटिल का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि कार्यकाल पूरा होने से पहले ही उन्हें पद से हटा दिया गया था, जो लिंगायत समुदाय के साथ सरासर अन्याय था. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के समय कांग्रेस लिंगायत वोटरों का समर्थन तो मांगती है, लेकिन बाद में समुदाय को राज्य के शीर्ष पदों से दूर रखा जाता है.

एम.बी. पाटिल एक प्रगतिशील और अनुभवी नेता

महासभा ने एम.बी. पाटिल की पैरवी करते हुए कहा कि राज्य में मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम ने कांग्रेस नेतृत्व के लिए एक बड़ा अवसर पैदा किया है कि वे एक लिंगायत नेता को सीएम बनाएं. उन्होंने पाटिल को एक प्रगतिशील नेता और बेहद अनुभवी प्रशासक बताया. महासभा ने कहा कि पाटिल ने विभिन्न मंत्रालयों को सफलतापूर्वक संभाला है और पार्टी व राज्य के लिए प्रभावी ढंग से काम किया है, इसलिए सामाजिक न्याय और राजनीतिक प्रतिनिधित्व के हित में उन्हें सीएम की कुर्सी मिलनी चाहिए.

अहिंदा नेताओं की चेतावनी और फंसी कांग्रेस

एक तरफ लिंगायत महासभा एम.बी. पाटिल के लिए दबाव बना रही है, तो दूसरी तरफ सिद्धारमैया के समर्थक ‘अहिंदा’ नेता (अल्पसंख्यक, पिछड़े वर्ग और दलित) हाईकमान को खुलेआम धमका रहे हैं. उनका कहना है कि सिद्धारमैया को हटाकर किसी और को सीएम बनाया गया तो विधायकों का समर्थन टूट जाएगा और कांग्रेस सरकार गिर जाएगी. ऐसे में अब आलाकमान के लिए डीके शिवकुमार की ताजपोशी कराना एक टेढ़ी खीर साबित हो सकता है.

सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद जागतिक लिंगायत महासभा ने किसे मुख्यमंत्री बनाने की मांग की है?
जागतिक लिंगायत महासभा ने कलबुर्गी में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस आलाकमान से वरिष्ठ मंत्री एम.बी. पाटिल को कर्नाटक का अगला मुख्यमंत्री बनाने की मांग की है.

लिंगायत महासभा ने कांग्रेस पर किस पूर्व मुख्यमंत्री के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया है?
महासभा ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री और प्रमुख लिंगायत नेता वीरेंद्र पाटिल को उनका कार्यकाल पूरा होने से पहले ही पद से हटा दिया गया था, जो समुदाय के साथ अन्याय था.

सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद ‘अहिंदा’ नेताओं ने क्या चेतावनी दी है?
सिद्धारमैया के समर्थक ‘अहिंदा’ नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर सिद्धारमैया को हटाकर किसी अन्य नेता (जैसे डीके शिवकुमार) को मुख्यमंत्री बनाया गया तो कई विधायक समर्थन वापस ले सकते हैं और राज्य की कांग्रेस सरकार गिर सकती है.

लिंगायत महासभा ने एम.बी. पाटिल को सीएम बनाने का क्या आधार बताया है?
महासभा का कहना है कि लिंगायत समुदाय का राज्य के विकास और कांग्रेस की जीत में बड़ा योगदान है. एम.बी. पाटिल एक प्रगतिशील नेता और अनुभवी प्रशासक हैं, इसलिए सामाजिक न्याय के हित में उन्हें सीएम बनाया जाना चाहिए.

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Deep Raj DeepakSub-Editor

Deep Raj Deepak working with News18 Hindi (hindi.news18.com/) Central Desk since 2022. He has strong command over national and international political news, current affairs and science and research-based news. …और पढ़ें



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