भारतन्यूज़ – टॉप हेडर
News Menu Bar

Author name: scsmdos@gmail.com

झारखंड

राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी:सीओ की गिरफ्तारी पर झासा भड़का, कहा-एसीबी की कार्रवाई...

बुढ़मू के अंचल अधिकारी (सीओ) सच्चिदानंद कुमार वर्मा की भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) द्वारा की गई गिरफ्तारी पर झारखंड प्रशासनिक सेवा संघ (झासा) ने कड़ा विरोध जताया है। रविवार को केंद्रीय कार्यकारिणी की आपात बैठक में संघ ने इस कार्रवाई को गैरकानूनी, असंवैधानिक और दमनकारी बताते हुए इसकी निंदा की। झासा का आरोप है कि एसीबी ने नियमों की अनदेखी करते हुए 9 जुलाई की अहले सुबह 3 बजे सीओ को उनके आवास से अपमानजनक तरीके से गिरफ्तार किया और इसकी सूचना परिजनों तक को नहीं दी। संघ का दावा है कि सीओ न तो रंगे हाथ पकड़े गए और न ही उनके पास से कोई वित्तीय बरामदगी हुई। झासा ने आशंका जताई कि अधिकारी भू-माफियाओं के षड्यंत्र का शिकार हुए हैं। संघ ने कहा कि इस कार्रवाई से पूरे प्रशासनिक संवर्ग का मनोबल प्रभावित हुआ है। उसने राज्य सरकार से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और नियमों का उल्लंघन करने वाले एसीबी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि जल्द न्याय नहीं मिला तो राज्यव्यापी चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा। Source link

ताज़ा खबर

17000 फीट पर बिना एक भी सैनिक खोए भारत ने रचा था...

नई दिल्ली. कारगिल युद्ध की बर्फीली चोटियों पर लड़ी गई कई लड़ाइयों ने भारतीय सैन्य इतिहास में अमिट छाप छोड़ी, लेकिन उनमें से एक लड़ाई ऐसी भी थी जिसने न केवल युद्ध की दिशा बदली बल्कि ऊंचे व दुर्गम हिमालयी क्षेत्र में युद्धकला का एक नया अध्याय भी लिखा. यह लड़ाई थी पॉइंट 5140, जिसे आज पूरा देश गन हिल के नाम से जानता है. ऑपरेशन विजय की 27वीं वर्षगांठ पर भारतीय सेना ने इसी ऐतिहासिक गन हिल तक विशेष अभियान आयोजित कर उन वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि दी, जिनके साहस और पराक्रम ने 1999 में कारगिल की ऊंचाइयों पर तिरंगा फहराया था. सेना के मुताबिक, करीब 17,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित पॉइंट 5140 पर उस समय दुश्मन का एक मजबूत ठिकाना था. यह चोटी द्रास क्षेत्र पर निगरानी रखने के लिए बेहद महत्वपूर्ण थी. यहां से दुश्मन भारतीय सेना की गतिविधियों पर नजर रख सकता था और आसपास की अन्य अवैध तरीके से घुसपैठ की गई चोटियों को भी सहायता पहुंचा सकता था. इसलिए इस चोटी को मुक्त कराना भारतीय सेना के लिए केवल सामरिक आवश्यकता नहीं, बल्कि युद्ध जीतने की अनिवार्य शर्त बन गया था. इस विजय की कहानी केवल पैदल सैनिकों की बहादुरी की नहीं है. यह कहानी भारतीय तोपखाने की उस अद्भुत क्षमता की भी है, जिसने दुश्मन की मजबूत रक्षा व्यवस्था को ध्वस्त कर दिया. जून 1999 में अंतिम हमले से पहले भारतीय सेना ने आसपास की चोटियों पर कब्जा कर अपनी स्थिति मजबूत की. 13 और 14 जून की रात 18 ग्रेनेडियर्स ने ‘हंप’ पर कब्जा किया, जबकि 13 जम्मू एवं कश्मीर राइफल्स ने ‘रॉकी नॉब’ को अपने नियंत्रण में लिया. इस दौरान बोफोर्स तोपों ने सीधे फायर कर दुश्मन के बंकरों को तबाह कर दिया. सटीक गोलाबारी इतनी प्रभावी रही कि दुश्मन की रक्षा व्यवस्था बिखरने लगी. इसके बाद 19 और 20 जून 1999 की रात शुरू हुआ निर्णायक अभियान. ‘शत्रुनाश’ नामक व्यापक तोपखाना योजना के तहत बोफोर्स तोपों और बहु-नाल रॉकेट प्रक्षेपक प्रणालियों ने दुश्मन के ठिकानों पर लगातार आग बरसाई. पूर्व और पश्चिम दोनों दिशाओं से की गई गोलाबारी ने दुश्मन की लड़ने की क्षमता को लगभग समाप्त कर दिया. तोपों की इस भीषण मार के बाद भारतीय पैदल सेना आगे बढ़ी. 20 जून की सुबह 5 बजे 13 जम्मू एवं कश्मीर राइफल्स ने पॉइंट 5140 पर कब्जा कर लिया. इसके साथ ही द्रास क्षेत्र में दुश्मन की एक महत्वपूर्ण अग्रिम पंक्ति ध्वस्त हो गई और कारगिल युद्ध में भारतीय सेना को निर्णायक बढ़त मिल गई. इस जीत को और भी असाधारण बनाती है एक ऐसी उपलब्धि, जिसकी मिसाल आज भी सैन्य इतिहास में दुर्लभ है. लगभग 17,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित एक अत्यधिक सुरक्षित दुश्मन ठिकाने पर कब्जा करने के बावजूद भारतीय सेना का एक भी सैनिक शहीद नहीं हुआ. उच्च हिमालयी युद्ध के इतिहास में यह पहली बार था जब इतनी कठिन परिस्थितियों में इतना बड़ा सैन्य लक्ष्य बिना किसी अपने नुकसान के हासिल किया गया. इसी असाधारण सफलता और कारगिल युद्ध में तोपखाना रेजिमेंट की निर्णायक भूमिका को सम्मान देने के लिए वर्ष 2023 में पॉइंट 5140 का नाम बदलकर गन हिल रखा गया. इस वर्ष आयोजित अभियान में उन तोपखाना इकाइयों के 25 सैनिक शामिल हुए, जिन्होंने 1999 के युद्ध में भूमिका निभाई थी. उनके साथ स्थानीय सैन्य इकाइयों के 101 सैनिक भी शामिल हुए. यह केवल एक सैन्य यात्रा नहीं थी, बल्कि अतीत और वर्तमान के सैनिकों के बीच गौरव, परंपरा और बलिदान की विरासत को जोड़ने वाला एक जीवंत सेतु था. आज गन हिल की चोटी पर खड़े होकर जब सैनिक तिरंगे को लहराते देखते हैं, तो उन्हें केवल एक पहाड़ी नहीं दिखाई देती. उन्हें दिखाई देता है वह साहस, वह संकल्प और वह बलिदान, जिसने कारगिल की बर्फीली चोटियों पर भारत की विजय का मार्ग प्रशस्त किया था. गन हिल आज भी उन वीरों की गाथा सुनाती है, जिन्होंने असंभव को संभव कर दिखाया. Source link

झारखंड

रांची, गुमला… झारखंड के 10 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट,...

रांची: झारखंड में आज मानसून पूरी तरह सक्रिय रहने की संभावना है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने झारखंड के कई जिलों में भारी बारिश, गरज-चमक, तेज हवाएं और वज्रपात की चेतावनी जारी की है. वहीं, मौसम विभाग के अनुसार आज दक्षिणी, मध्य और पूर्वी झारखंड में मौसम सबसे अधिक खराब रह सकता है, जबकि कुछ उत्तरी-पश्चिमी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिल सकती है. आज रांची, गुमला, बोकारो समेत 10 जिलों में बारिश हो सकती है. साथ ही 40-60KM की रफ्तार से हवाएं भी चल सकती हैं. झारखंड के इन जिलों में होगी भारी बारिश आज रांची, खूंटी, रामगढ़, बोकारो, पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर), पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा), सरायकेला-खरसावां, गुमला, सिमडेगा और लोहरदगा में भारी से मध्यम बारिश के साथ तेज हवा और गरज-चमक की संभावना अधिक है. कुछ जिलों में हवा की रफ्तार 40 से 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. झारखंड में बारिश का अलर्ट झारखंड में यहां है सबसे ज्यादा बिजली गिरने का खतरा रांची मौसम विभाग ने आज रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा, सरायकेला-खरसावां, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और बोकारो सहित कई जिलों में वज्रपात की आशंका जताई है. साथ ही खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है. झारखंड में आज यहां रहेगी सबसे ज्यादा गर्मी बारिश के बावजूद उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में तापमान अपेक्षाकृत अधिक रह सकता है. पलामू, गढ़वा, चतरा, लातेहार और कुछ जिलों में अधिकतम तापमान लगभग 32 से 34 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है. इन क्षेत्रों में उमस भी महसूस हो सकती है. इन जिलों में बारिश कम होने से यहां गर्मी ज्यादा महसूस होगी. जानें कहां रहेगा सबसे सुहावना मौसम झारखंड में लगातार बादल और बारिश के कारण रांची, नेतरहाट क्षेत्र, खूंटी, गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा और पश्चिमी सिंहभूम में अधिकतम तापमान लगभग 27 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है. इन जिलों में मौसम अपेक्षाकृत ठंडा और सुहावना बना रहेगा. झारखंड में आज यहां सक्रिय रहेगा मानसून आज मानसून का सबसे अधिक असर दक्षिणी और पूर्वी झारखंड में देखने को मिलेगा. इसके अलावा रांची प्रमंडल और कोल्हान क्षेत्र में लगातार बादल, रुक-रुक कर तेज बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बनी रह सकती हैं. इन इलाकों में स्थानीय स्तर पर जलभराव की स्थिति भी बन सकती है. आज यहां रहेगा सबसे ज्यादा खराब मौसम आज सबसे अधिक खराब मौसम रांची, जमशेदपुर, बोकारो, सरायकेला-खरसावां, पश्चिमी सिंहभूम, खूंटी और गुमला में रहने की संभावना है. इन जिलों में तेज बारिश, आंधी, बिजली चमकने और कुछ स्थानों पर भारी वर्षा के कारण जनजीवन प्रभावित हो सकता है. लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है. जानें झारखंड में कल कहां हुई थी बारिश वहीं, सोमवार को रांची, जमशेदपुर, बोकारो, रामगढ़, खूंटी, गुमला और आसपास के कई इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की गई. मौसम विभाग ने इन जिलों में भारी वर्षा और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया था, जिसका असर कई जिलों में देखने को मिला. वहीं, कुछ जगहों पर भारी बारिश से तापमान में गिरावट आई और उमस घट गई है. Source link

झारखंड

बिहार-झारखंड के बीच इंटर-स्टेट ट्रैफिक कोआर्डिनेशन मीटिंग:देवघर में भीड़ बढ़ने पर बिहार...

राजकीय श्रावणी मेला 2026 को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए झारखंड और बिहार पुलिस प्रशासन ने संयुक्त रूप से सुरक्षा व ट्रैफिक प्लान तैयार किया है। बिहार के बांका जिला अंतर्गत चांदन थाना में हुई हाई-लेवल इंटर-स्टेट ट्रैफिक कोआर्डिनेशन मीटिंग में यह निर्णय लिया गया है कि अगर देवघर में भीड़ का दबाव बढ़ता है और झारखंड में बनाए गए 5 प्रमुख होल्डिंग पॉइंट्स वाहनों से पूरी तरह भर जाते हैं, तो बिहार से आने वाले श्रद्धालुओं और उनके वाहनों को बिहार की सीमा व विभिन्न जिलों में ही रोक (होल्ड कर) दिया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी इस अंतर-राज्यीय समन्वय बैठक में दोनों राज्यों के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बेलहर (बिहार), अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर देवघर (झारखंड), अंचल निरीक्षक बांका (बिहार), थाना प्रभारी, चांदन (बिहार), थाना प्रभारी, जसीडीह (झारखंड), थाना प्रभारी, रिखिया (झारखंड), थाना प्रभारी, कटोरिया (बिहार), थाना प्रभारी, बेलहर (बिहार) को दी गई है। बिहार में रूट-वाइज वाहनों को रोकने व डाइवर्ट करने की प्लानिंग झारखंड के ये हैं प्रमुख होल्डिंग पॉइंट्स दुम्मा बॉर्डर (झारखंड-बिहार प्रवेश द्वार): बिहार से झारखंड सीमा में प्रवेश करने वाले वाहनों की पहली चेकिंग और होल्डिंग यहीं होगी। बीएड कॉलेज ग्राउंड (देवघर): देवघर शहर के भीतर प्रवेश करने वाले बड़े व छोटे वाहनों के लिए सबसे मुख्य होल्डिंग पॉइंट। कुमैठा स्टेडियम / टेंट सिटी एरिया: बाबा मंदिर की तरफ बढ़ने वाली भीड़ और वाहनों को नियंत्रित करने के लिए बैकअप होल्डिंग जोन। सरासनी (दुमका-देवघर मार्ग): बासुकीनाथ और दुमका की ओर से आने व जाने वाले वाहनों के लिए होल्डिंग व डायवर्जन पॉइंट। बैठक में तय रणनीति के अनुसार, जैसे ही झारखंड के उपरोक्त 5 होल्डिंग पॉइंट्स फुल होंगे, बिहार पुलिस अपने इन प्रमुख रूट्स पर वाहनों को होल्ड करेगी। बिहार के भागलपुर और सुल्तानगंज से बांका होते हुए आने वाले वाहनों को बांका के चांदन, इनारावरण और कटोरिया के पास बने होल्डिंग एरिया में रोक दिया जाएगा। जमुई और सिकंदरा के रास्ते आने वाले वाहनों को जमुई जिला सीमा के भीतर ही सुरक्षित स्थानों पर होल्ड किया जाएगा। दुम्मा बॉर्डर, चांदन, कटोरिया और बेलहर थानों के बीच 24 घंटे का वायरलेस और व्हाट्सएप समन्वय रहेगा। जैसे ही देवघर से नो एंट्री का सिग्नल मिलेगा, बिहार पुलिस गाड़ियों के फ्लो को धीमा कर देगी। बिहार से आने वाली डबल और ट्रिपल डेकर वाहनों पर पूरी तरह रहेगी रोक बिहार के विभिन्न जिलों से खुलने वाली डबल/ट्रिपल डेकर वाहन जिसमें क्षमता से अधिक यात्रा करने वाले श्रद्धालु बैठाए जाते है उन्हें उनके गृह जिलों या भागलपुर-मुंगेर की सीमा में ही रोक दिया जाएगा। 34 सूचना सह सहायता केंद्र व 10 मातृत्व विश्राम गृह भी तैयार हो रहे मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए 34 केंद्रों को आधुनिक और हाईटेक रूप दिया जा रहा है। वही महिला श्रद्धालुओं और बच्चों की विशेष सुविधा के लिए 10 मातृत्व विश्राम गृह बनाए जा रहे हैं। Source link

शिक्षा

Qatar Former Emir Death National Mourning India

Hindi News Career Qatar Former Emir Death National Mourning India | July 14 Current Affairs 32 मिनट पहले कॉपी लिंक आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं- नेशनल (NATIONAL) 1. भारत ने कतर के पूर्व ‘अमीर’ के निधन पर राष्ट्रीय शोक का ऐलान किया 13 जुलाई को भारतीय विदेश मंत्रालय ने कतर के पूर्व अमीर यानी सर्वोच्च राष्ट्राध्यक्ष के निधन पर एक दिन के राष्ट्रीय शोक का ऐलान किया। कतर में ‘अमीर’ देश के सर्वोच्च राष्ट्राध्यक्ष और सम्राट का पद होता है। ये पद कतर में सबसे शक्तिशाली है। 12 जुलाई को कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी का 74 साल की उम्र में निधन हो गया। शेख हमद 1995 से 2013 तक कतर के अमीर रहे हैं। शेख हमद के कार्यकाल में कतर ने आर्थिक और कूटनीतिक स्तर पर तेजी से विकास किया। शेख हमद ने 2013 में सत्ता अपने बेटे शेख तमीम बिन हमद अल थानी को सौंप दी थी, जो वर्तमान में कतर के अमीर हैं। हमद ने कतर इंवेस्टमेंट अथॉरिटी (QIA) की स्थापना की, जो राष्ट्रीय निवेश कोष है और अब 500 अरब डॉलर से ज्यादा की संपत्ति का मैनेजमेंट करता है। हमद के कार्यकाल में कतर के विशाल प्राकृतिक गैस और तेल भंडारों का इस्तेमाल करते हुए देश में भारी निवेश हुआ। शेख हमद बिन खलीफा अल थानी ने 1971 में कतर आर्म्ड फोर्सेज जॉइन की थी। स्पोर्ट्स (SPORTS) 2. जैनिक सिनर ने विंबलडन 2026 सिंगल्स खिताब जीता 12 जुलाई को वर्ल्ड नंबर-1 टेनिस प्लेयर जैनिक सिनर ने विंबलडन 2026 का मेंस सिंगल्स का खिताब जीता। फाइनल मुकाबले में इटालियन प्लेयर सिनर ने जर्मनी के अलेक्जेंडर ज्वेरेव को हराया। सिनर लगातार दूसरी बार विंबलडन चैंपियन बने हैं। उन्होंने 2025 में भी ये खिताब जीता था। सिनर ने विंबलडन की इस जीत के साथ अपने करियर की 100वीं ग्रैंड स्लैम जीत पूरी की है। सिनर ओपन एरा में विंबलडन मेंस सिंगल्स खिताब जीतने वाले 10वें खिलाड़ी हैं। सिनर ने अपने प्रोफेशनल करियर की शुरुआत 2018 में की थी। विंबलडन 2026 विंबलडन टेनिस का सबसे बड़ा टूर्नामेंट है और ये विंबलडन का 139वां एडिशन था। लंदन के ऑल इंग्लैंड लॉन टेनिस एंड क्रोकेट क्लब में विंबलडन 2026 12 जुलाई 2026 तक चला। मई 2026 में सिनर ने इटली ओपन 2026 भी जीता था। 3. इंटरनेशनल फिजिक्स ओलंपियाड में भारत ने 5 गोल्ड जीते 12 जुलाई कोलंबिया में आयोजित 56वें इंटरनेशनल फिजिक्स ओलंपियाड (IPhO) 2026 में 5 भारतीय स्टूडेंट्स ने गोल्ड मेडल जीते हैं। इस ओलंपियाड में 87 देशों के 381 स्टूडेंट्स ने हिस्सा लिया था। भारत ने रूस, चीन, कजाकिस्तान, दक्षिण कोरिया और ताइवान के साथ संयुक्त रूप से पहली रैंकिंग हासिल की है। गोल्ड मेडल जीतने वालों में पुणे के कनिष्क, इंदौर के रिद्धेश अनंत, नई दिल्ली के ऋषित, मुंबई के श्रेष्ठ सुरैया और अहमदाबाद के स्वरित जोशी शामिल हैं। इस ओलंपियाड प्रोग्राम की तैयारी टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च के नेशनल सेंटर, ‘होमी भाभा सेंटर फॉर साइंस एजुकेशन’ करवाता है। निधन (DEATH) 4. हॉलीवुड एक्टर सैम नील का निधन 13 जुलाई को हॉलीवुड की मशहूर फिल्म ‘जुरासिक पार्क’ एक्टर सैम नील का निधन हो गया। वे 78 साल के थे। सैम नील को उनकी दमदार और एक्टिंग के लिए जाना जाता था, उन्हें सबसे ज्यादा लोकप्रियता ‘जुरासिक पार्क’ में डॉ. एलन ग्रांट के किरदार से मिली। सैम नील न्यूजीलैंड के सबसे मशहूर अभिनेताओं में से एक थे। उन्होंने 1970 के दशक में अभिनय की शुरुआत की थी। नील को 1970 के दशक के आखिर में ऑस्ट्रेलियाई सिनेमा को दुनिया भर में नई पहचान दिलाई। नील ने जुरासिक पार्क 3 (2001) और जुरासिक वर्ल्ड डोमिनियन (2022) में भी इसी किरदार को निभाया। मिसलीनियस (Miscellaneous) 5. पश्चिम बंगाल ने दो नए कानून लागू किया 13 जुलाई को पश्चिम बंगाल सरकार ने संगठित अपराध, दंगों और असामाजिक गतिविधियों पर सख्ती के लिए दो नए कानून लागू किए हैं। वेस्ट बंगाल के गवर्नर आरएन रवि ने 29 जून को इस कानून को मंजूरी दी थी। इनका उद्देश्य कानून-व्यवस्था को मजबूत करना तथा सार्वजनिक और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करना है। इसमें 2 नए कानून शामिल किए गए हैं। 1. वेस्ट बंगाल पब्लिक सेफ्टी एंड कंट्रोल ऑफ एंटी सोशल एक्टिविटीज एक्ट 2026 ये कानून संगठित अपराध और असामाजिक गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए बनाया गया है। इस कानून के तहत संदिग्ध व्यक्तियों को अधिकतम 12 महीने तक प्रेवेंटिव डेटेन्शन में रखने का प्रावधान है। इस कानून के तहत संगठित अपराध से जुड़ी संपत्तियों को सीज और कुर्क करने का अधिकार होगा। कई अपराधों को संज्ञेय (Cognizable) यानी उस श्रेणी में रखा गया है, जिसमें बगैर किसी वारंट के अपराधी को अरेस्ट किया जा सकता है। 2. वेस्ट बंगाल मेंटेनेंस ऑफ पब्लिक ऑर्डर (अमेंडमेंट) एक्ट 2026 इस कानून के तहत दंगे, आगजनी, हिंसा या तोड़फोड़ के दौरान सार्वजनिक एवं निजी संपत्ति को हुए नुकसान की भरपाई सुनिश्चित की जाएगी। दोषी व्यक्तियों से नुकसान की राशि वसूलने हेतु उनकी संपत्ति की नीलामी का प्रावधान होगा। सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों पर आर्थिक जवाबदेही तय की जाएगी। 6. लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का उद्घाटन हुआ 13 जुलाई को लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का उद्घाटन हुआ ये 63 किमी लंबा है। इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। इसके साथ ही लखनऊ में लगभग 4,850 करोड़ रुपए की लागत वाली अन्य राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का भी लोकार्पण किया गया। ये एक्सप्रेसवे लखनऊ के शहीद पथ से शुरू होकर उन्नाव होते हुए कानपुर तक जाता है। ये एक्सप्रेसवे मौजूदा NH-27 के समानांतर विकसित किया गया है, जिससे पुराने रास्ते पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा। इस एक्सप्रेसवे की कुल निर्माण लागत 4,700 करोड़ रुपए है। ये एक्सप्रेसवे यूपी का पहला बैरियर फ्री टोलिंग एक्सप्रेसवे है। इस एक्सप्रेसवे से लखनऊ और कानपुर के बीच की यात्रा महज 30 से 35 मिनट में पूरी हो सकेगी। आज का इतिहास 1636 में मुगल बादशाह शाहजहां ने औरंगजेब को दक्कन का वायसराय नियुक्त किया। 1789 में फ्रांसीसी क्रांति की शुरुआत हुई थी। 2015 में नासा का न्यू होराइजन प्लूटो के सबसे नजदीक से गुजरने वाला पहला अंतरिक्ष यान बना। ————– ये खबर

झारखंड

15वें वित्त आयोग की राशि फाइलों में अटकी:समाज कल्याण का बजट 22,970...

टेंडर मंजूरी और मैनपावर की कमी से योजनाओं की रफ्तार थमी महिला बाल विकास एवं समाज कल्याण विभाग में केंद्र प्रायोजित योजनाओं के करोड़ों रुपए होल्ड पर पड़े हैं। नतीजा, 31 मई तक ₹22,970 करोड़ के योजना बजट से एक रुपया भी खर्च नहीं हुआ। आमतौर पर योजनाएं पैसे की कमी से अटकती हैं, लेकिन यहां पैसा मिलने के बाद भी योजनाएं फाइलों से बाहर नहीं निकल सकीं। आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं को नवंबर से मानदेय नहीं मिला है, बच्चों का पोषाहार पिछले चार महीने से बंद है। 15वें वित्त आयोग से मिले पैसे भी आंगनबाड़ी केंद्रों के कायाकल्प के बजाय फाइलों में अटके हैं। हालात ऐसे हैं कि करोड़ों रुपए उपलब्ध होने के बावजूद कल्याणकारी योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर तक नहीं पहुंच पा रहा। सबसे ज्यादा असर महिलाओं, बच्चों और आंगनबाड़ी व्यवस्था पर पड़ा है। सक्षम आंगनबाड़ी : 16,675 केंद्रों के लिए 166.75 करोड़ रुपए मिले, काम अब तक शुरू नहीं हुआ राज्य के 16,675 आंगनबाड़ी केंद्रों को ‘सक्षम आंगनबाड़ी’ के रूप में विकसित करने के लिए 166.75 करोड़ रुपए मिले हैं। हर केंद्र पर 1-1 लाख रुपए खर्च होने हैं। एलईडी टीवी, वाटर प्यूरीफायर, खेल सामग्री समेत चार घटकों पर काम होना है, लेकिन राशि टेंडर प्रक्रिया में अटकी है। कब तक सुधरेगी स्थिति : लक्ष्य जुलाई के अंत तक टेंडर पूरी कर अगस्त से सामग्री की आपूर्ति शुरू करने का है। मिशन शक्ति -मिशन वात्सल्य : महिला और बाल सुरक्षा योजनाओं की रफ्तार थमी महिला सुरक्षा के लिए मिशन शक्ति (संबल और सामर्थ्य) व बच्चों की सुरक्षा के लिए मिशन वात्सल्य की राशि भी खर्च नहीं हो सकी है। इस कारण वन स्टॉप सेंटर, महिला हेल्पलाइन और बाल देखरेख संस्थाओं की स्थिति खराब हो गई है। केंद्रों के संचालन पर इसका असर पड़ा है। कब तक सुधरेगी स्थिति : विभाग के अनुसार मामला जनरल बॉडी की बैठक में रखा जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। पोषण 2.0 : 0-6 साल तक के बच्चों व गर्भवती का चार महीने से रुका पोषाहार 0 से 6 वर्ष के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए संचालित पोषण 2.0 योजना भी पिछले चार महीने से रुकी है। एजेंसी को कार्यावधि बढ़ाने की सहमति मिल चुकी है, लेकिन कैबिनेट की मंजूरी बाकी है। योजना में केंद्र और राज्य की हिस्सेदारी 60:40 है। कब तक सुधरेगी स्थिति : विभाग को उम्मीद है कि जुलाई के अंतिम हफ्ते तक कैबिनेट की मंजूरी मिल जाएगी और अगस्त से योजना फिर शुरू होगी। मानदेय का संकट : 38,432 सेविका-सहायिकाओं का नवंबर से मानदेय रूका राज्य की 38,432 आंगनबाड़ी सेविकाएं और इतनी ही सहायिकाएं पिछले नौ महीने से मानदेय का इंतजार कर रही हैं। सेविकाओं को 4,500 और सहायिकाओं को 2,250 रु. प्रतिमाह मिलता है। मानदेय नहीं मिलने से पहले उधार पर पोषाहार की व्यवस्था हुई, पर अब वह भी बंद हो गई है। कब तक सुधरेगी स्थिति : विभाग का कहना है कि केंद्र से राशि मिल चुकी है। जुलाई के अंत तक मानदेय भुगतान का लक्ष्य है। अगस्त से सारी योजनाएं पटरी पर आ जाएंगी: सचिव विभागीय सचिव उमाशंकर सिंह ने कहा कि एसएनए स्पर्श प्रणाली लागू होने के कारण भुगतान प्रक्रिया में तकनीकी कठिनाइयां आई हैं। अब सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को इससे जोड़ा जा रहा है। हर बिल टैग कर ट्रेजरी भेजा जाएगा। उनका दावा है कि सक्षम आंगनबाड़ी और पोषण कार्यक्रम समेत सभी योजनाएं अगस्त से फिर पटरी पर आ जाएंगी। Source link

ताज़ा खबर

तमिलनाडु में कांग्रेस की हार के असली गुनहगार कौन? 16-17 जुलाई को...

होमताजा खबरदेश गुटबाजी ने डुबोई लुटिया, 16-17 जुलाई को खरगे दरबार में खुलेगा पापों का चिट्ठा Last Updated:July 13, 2026, 23:35 IST तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के शर्मनाक और निराशाजनक प्रदर्शन की समीक्षा के लिए गठित हाई कमान के फैक्ट फाइंडिंग पैनल ने एक ऐसी विस्फोटक रिपोर्ट तैयार की है, जिसने राज्य इकाई के भीतर एक बड़ा भूचाल ला दिया है. पूर्व सांसद के. जयकुमार की अध्यक्षता वाली इस समिति ने अपनी राज्यव्यापी जांच पूरी कर ली है. तमिलनाडु में करारी हार के बाद कांग्रेस संगठन में बड़े बदलाव हो सकते हैं. (फाइल फोटो) चेन्नई. हाल ही में हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में पार्टी के निराशाजनक प्रदर्शन की समीक्षा के लिए गठित कांग्रेस हाई कमान के फैक्ट फाइंडिंग पैनल द्वारा व्यापक संगठनात्मक बदलावों की सिफारिश किए जाने की संभावना है. रिपोर्ट में कमजोर चुनाव प्रचार समन्वय, आंतरिक गुटबाजी और जिला स्तरीय नेताओं के एक वर्ग द्वारा कथित डीएमके समर्थक गतिविधियों के सबूत मिले हैं. पूर्व सांसद के. जयकुमार की अध्यक्षता वाली समिति ने राज्यव्यापी जांच पूरी कर ली है और 16 और 17 जुलाई को पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को अपनी रिपोर्ट सौंपने वाली है. राज्य कांग्रेस इकाई के सूत्रों के अनुसार, रिपोर्ट में कई स्तरों पर संगठनात्मक कमियों की पहचान की गई है और भविष्य के राजनीतिक मुकाबलों से पहले पार्टी को मजबूत करने के लिए सुधारात्मक उपायों की सिफारिश किए जाने की संभावना है. कांग्रेस ने डीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन के साथ मिलकर 28 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन उसे केवल पांच सीटें ही मिलीं. इससे पार्टी के भीतर व्यापक आलोचना हुई और हाई कमान ने चुनावी हार की विस्तृत समीक्षा का आदेश दिया. समिति को पार्टी कार्यकर्ताओं की शिकायतों की जांच करने, चुनाव प्रचार प्रबंधन का मूल्यांकन करने और खराब प्रदर्शन के कारणों की पहचान करने का कार्य सौंपा गया था. पार्टी सूत्रों के अनुसार, समिति के प्रमुख निष्कर्षों में से एक यह है कि कई जिला स्तरीय पदाधिकारी कथित तौर पर चुनाव प्रचार के दौरान निष्क्रिय रहे, जबकि कुछ पर डीएमके के साथ घनिष्ठ राजनीतिक समन्वय बनाए रखने का आरोप लगाया गया. रिपोर्ट में कथित तौर पर यह निष्कर्ष निकाला गया है कि इन कारकों ने कई निर्वाचन क्षेत्रों में पार्टी के चुनाव प्रचार को प्रतिकूल रूप से प्रभावित किया. पूर्व राज्य इकाई अध्यक्ष के. सेल्वपेरुंथगई द्वारा मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के विधानसभा भाषण की सार्वजनिक रूप से आलोचना करने के बाद इस मुद्दे ने और भी अधिक महत्व प्राप्त कर लिया, जिससे कांग्रेस-टीवीके गठबंधन में बेचैनी पैदा हो गई. तब से, पार्टी नेतृत्व कथित तौर पर डीएमके के राजनीतिक रूप से अधिक निकट माने जाने वाले नेताओं के टीवीके के साथ कांग्रेस के वर्तमान गठबंधन की तुलना में लगातार बढ़ते प्रभाव को लेकर चिंतित है. About the Author Rakesh Ranjan Kumar राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Chennai,Tamil Nadu Source link

झारखंड

पत्नी से अलग रहने के तनाव में जोराग नायक टोली के युवक...

गुमला|सदर थाना क्षेत्र के जोराग नायक टोली निवासी 25 वर्षीय आकाश साहू ने रविवार की सुबह अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है। जानकारी के अनुसार आकाश की पत्नी काफी समय से उसके साथ नहीं रह रही थी। परिजनों का कहना है कि इसी कारण वह मानसिक तनाव में रहता था। रविवार सुबह जब घर के लोग उठे तो आकाश का शव कमरे में रस्सी के सहारे लटका हुआ मिला। इसके बाद परिजनों ने तत्काल इसकी सूचना सदर थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा की कार्रवाई पूरी की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए गुमला सदर अस्पताल भेज दिया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। गुमला| सदर थाना क्षेत्र के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल आंजन धाम के समीप रविवार को एक टुकटुक (ऑटो) अनियंत्रित होकर पलट गया, जिससे उसमें सवार पांच लोग घायल हो गए। घायलों में टुकटुक चालक उदेश कुमार के अलावा उमा देवी, मुरारी कुमार शर्मा, अंकिता शर्मा और उषा शर्मा शामिल हैं। घटना की सूचना मिलते ही टोटो पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को सदर अस्पताल गुमला पहुंचाया। अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने चालक उदेश कुमार की गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए रांची स्थित रिम्स रेफर कर दिया। अन्य घायलों का इलाज सदर अस्पताल में जारी है। घायलों ने बताया कि वे सभी टुकटुक रिजर्व कर आंजन धाम पूजा-अर्चना करने गए थे। पूजा संपन्न करने के बाद सभी अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान आंजन धाम के समीप अचानक टुकटुक चालक का वाहन पर नियंत्रण बिगड़ गया और वाहन सड़क किनारे पलट गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास मौजूद लोगों ने घायलों को बाहर निकालकर पुलिस को सूचना दी। स्थानीय लोगों के अनुसार दुर्घटना के समय टुकटुक में कई लोग सवार थे। वाहन पलटने से चालक के सिर और शरीर में गंभीर चोटें आई हैं, जबकि अन्य यात्रियों को भी हाथ, पैर और शरीर के विभिन्न हिस्सों में चोट लगी है। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त टुकटुक को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। Source link

झारखंड

बाइक अनियंत्रित होकर सड़क पर िगरी, बिरकेरा के युवक की मौत

गुमला|रायडीह प्रखंड के बिरकेरा निवासी 40 वर्षीय सैहुन कुजूर की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। जानकारी के अनुसार सैहुन कुजूर अपने भगिना आशु लकड़ा के साथ बाइक से बिरकेरा गांव से मरदा जा रहे थे। इसी दौरान मांझाटोली के पास उनकी बाइक अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गई। हादसे में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने सैहुन कुजूर को मृत घोषित कर दिया। वहीं आशु लकड़ा का इलाज जारी है। बताया गया कि सैहुन कुजूर कौशल विकास केंद्र में बावर्ची (रसोइया) के रूप में कार्यरत थे। उनकी असामयिक मौत से परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है और गांव में शोक का माहौल है। Source link

ताज़ा खबर

Bhubaneswar student death। Odisha News। गर्लफ्रेंड के घर मिलने गया था, अचानक...

होमताजा खबरदेश GF के घर गया था, अचानक आई उसकी मां; बैंक मैनेजर के बेटे के इश्क का खौफनाक अंत Last Updated:July 13, 2026, 23:44 IST Odisha News Today: ओडिशा के भुवनेश्वर में एक दर्दनाक हादसा सामने आया. यहां नीलाद्री विहार इलाके में अपनी गर्लफ्रेंड से मिलने गए 11वीं के छात्र रफ़ान खुर्शीद की 10वीं मंजिल से गिरकर मौत हो गई. लड़की की मां के आने पर पकड़े जाने के डर से छात्र बाथरूम के ड्रेनेज पाइप के सहारे भागने की कोशिश कर रहा था, तभी पाइप टूट गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है. ख़बरें फटाफट ओडिशा पुलिस मामले की जांच कर रही हैण्‍ ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में एक निजी स्‍कूल में 11वीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्र की 10वीं मंजिल से गिरकर दर्दनाक मौत हो गई. घटना भुवनेश्वर के नीलाद्री विहार इलाके की है. शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह हादसा उस वक्त हुआ जब छात्र अपनी गर्लफ्रेंड से मिलने उसके घर गया था और वहां से छिपकर भागने की कोशिश कर रहा था. मृतक छात्र की पहचान रफ़ान खुर्शीद के रूप में हुई है जो भुवनेश्वर के ही लक्ष्मीसागर इलाके का रहने वाला था. इस अचानक हुई दर्दनाक घटना के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है और पुलिस मामले की गहन जांच में जुट गई है. गर्लफ्रेंड की मां के डर से भागने का प्रयासमिली जानकारी के मुताबिक रफ़ान खुर्शीद नीलाद्री विहार स्थित एक अपार्टमेंट में अपनी प्रेमिका से मिलने के लिए गया हुआ था. दोनों घर पर ही थे कि तभी अचानक लड़की की मां वहां आ गईं. रफ़ान को इस बात का डर सताने लगा कि उसकी प्रेमिका की मां ने उसे देख लिया है या उसकी मौजूदगी को भांप लिया है. पकड़े जाने और बदनामी के डर से उसने अपार्टमेंट के मुख्य दरवाजे से बाहर निकलने के बजाय एक बेहद खतरनाक रास्ता चुना. वह फ्लैट के बाथरूम की खिड़की से बाहर निकला और वहां लगे ड्रेनेज पाइप (पानी की निकासी वाले पाइप) को पकड़कर नीचे उतरने की कोशिश करने लगा. 10वीं मंजिल से टूटा ड्रेनेज पाइपबाथरूम का यह ड्रेनेज पाइप ऊंची इमारत की 10वीं मंजिल पर था. रफ़ान उस पाइप को पकड़कर काफी देर तक हवा में लटका रहा और नीचे उतरने का रास्ता तलाशने लगा. लेकिन प्लास्टिक या फाइबर का वह पाइप एक इंसान का वजन इतनी ऊंचाई पर ज्यादा देर तक नहीं संभाल सका. कुछ ही देर में वह ड्रेनेज पाइप बीच से टूट गया और रफ़ान सीधे 10वीं मंजिल से नीचे जमीन पर आ गिरा. इतनी ऊंचाई से गिरने के कारण उसे बेहद गंभीर चोटें आईं. मौके पर ही उसने दम तोड़ दिया. हादसे की जानकारी मिलते ही पूरे अपार्टमेंट परिसर में हड़कंप मच गया और तुरंत पुलिस को सूचित किया गया. पुलिस जांच और परिजनों से पूछताछ जारीहादसे की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. मृतक छात्र के पिता एक निजी बैंक में मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं और बेटे की इस तरह अचानक हुई मौत से उनका पूरा परिवार गहरे सदमे में है. पुलिस ने इस पूरे मामले में एक अस्वाभाविक मौत का मामला दर्ज कर आगे की तफ्तीश शुरू कर दी है. घटना के सही कारणों और कड़ियों को जोड़ने के लिए पुलिस लड़की और उसके परिवार के सदस्यों से पूछताछ कर रही है, ताकि यह साफ हो सके कि उस वक्त फ्लैट के भीतर वास्तव में क्या हुआ था. About the Author Sandeep GuptaChief Sub Editor पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का सुदीर्घ अनुभव रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर होम पेज पर जिम्‍मेदारी संभाल रहे हैं. जटिल और सामरिक विषयों को बेहद सरल भाषा में पाठकों त…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

Scroll to Top