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झारखंड

ट्रेजरी घोटाला : अफसरों को भी पैसे देने का दावा, वेरिफिकेशन करेगी...

बोकारो एसपी आफिस से पुलिसकर्मियों के नाम पर करीब 11 करोड़ रुपए की अवैध वेतन निकासी मामले की जांच अब बड़े अफसरों की दहलीज तक पहुंच सकती है। इस घोटाले के मास्टरमाइंड और बोकारो एसपी कार्यालय के लेखा शाखा के अकाउंट सेक्शन में प्रतिनियुक्त रहे सिपाही कौशल कुमार पांडेय से सीआईडी की विशेष जांच टीम ने तीन दिनों तक रिमांड पर लेकर कड़ी पूछताछ की। शुक्रवार को रिमांड अवधि समाप्त होने पर एसआईटी ने उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे दोबारा न्यायिक हिरासत में होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा भेज दिया गया है। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती। सीआईडी की एसआईटी कौशल पांडेय को एक बार फिर रिमांड पर लेने की तैयारी में है, जिसके लिए अर्जी दाखिल कर दी गई है। अनुमति मिलते ही एसआईटी उसे दोबारा हिरासत में लेगी, ताकि पहले फेज की पूछताछ में मिले तथ्यों का भौतिक सत्यापन किया जा सके। आगे क्या… कौशल के 3 साथियों से भी पूछताछ संभव घोटाला बोकारो एसपी कार्यालय के लेखा शाखा से शुरू हुआ, जहां कौशल पांडेय ही पूरे नेटवर्क को ऑपरेट कर रहा था। सबसे पहले बोकारो जिला पुलिस ने ही कौशल को दबोच कर जेल भेजा था। उसके तीन सहयोगी सतीश कुमार सिंह जो लेखा शाखा में प्रतिनियुक्त गृह रक्षक था, अशोक कुमार भंडारी एएसआई और सिपाही काजल मंडल इनसे भी एसआईटी जल्द पूछताछ कर सकती है। कौशल का दावा… ऊपर तक गई रकम, पर साक्ष्य नहीं सूत्रों के अनुसार, अबतक की पूछताछ में मास्टरमाइंड कौशल पांडेय ने बेहद चौकाने वाले दावे तो किए हैं, लेकिन उसका साक्ष्य नहीं दे पाया है। उसने कुबूल किया है कि 11 करोड़ रुपए की इस अवैध निकासी का हिस्सा सिर्फ उस तक सीमित नहीं था, बल्कि इस राशि को उसके अन्य सहयोगियों और ऊपर के कुछ अधिकारियों तक भी पहुंचाया गया था। हालांकि, पहले फेज की रिमांड के दौरान वह इन दावों से जुड़े पुख्ता सबूत या कंक्रीट एविडेंस नहीं दे पाया है। यही वजह है कि एसआईटी अब दोबारा रिमांड लेकर गहराई से जांच करेगी। इस बार कई अन्य संदिग्धों को भी कौशल के सामने बिठा कर पूछताछ के लिए तलब किया जा सकता है। काम करते-करते सीख गया फर्जीवाड़ा अकाउंट सेक्शन में काम करते हुए उसने मैन्युअल से डिजिटल सिस्टम की खामियों को बारीकी से समझा और उसका फायदा उठाया। पुलिस कर्मियों के नाम पर फर्जी वेतन जनरेट करने लगा। वह दो तरह के डेटा शीट तैयार करता, अधिकारियों कुछ और दिखा बिल पास करवा लेता। Source link

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IMD Weather | IMD Weather News | Tomorrow Weather | 3-4 दिन...

IMD Weather Alert: मोटा-मोटा कहें तो गर्मी से पूरे देश का पसीना निकल रहा है. भीषण गर्मी ने दिन क्या रात में भी लोगों को चैन से रहने नहीं दी रही हैं. सूखे उत्तर-पश्चिमी हवाएं लोगों के त्वचा को जला रहे हैं. हालांकि, कुछ हद तक ये सही भी है. जिस हिसाब से सुपर एल नीनो की भविष्यवाणी की जा रही है, उसके हिसाब से ये सही है कि धरती जितनी तपेगी उतनी अधिक बारिश की संभावना है. हालांकि, समेत देश के कई राज्यों के लिए गुड न्यूज है. बिहार, झारखंड, पूर्वोत्तर, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में बारिश की चेतावनी है. हालांकि, दिल्ली में आज भी राहत मिलने की संभावना नहीं है, मगर धीरे-धीरे पारा गिरने वाला है.मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार, एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने वाला है, जिसके चलते अगले शुक्रवार तक दिल्ली का तापमान 10 से 12 डिग्री सेल्सियस तक गोता लगा सकता है. सबसे बड़ी खुशखबरी मानसून को लेकर है. बंगाल की खाड़ी में बना साउथ-वेस्ट (दक्षिण-पश्चिम) मानसून अब तेजी अरब सागर तक पहुंच रहा है. यानी कि 26 मई तक मानसून के आगमन की ऑफिशियल घोषणा से हो सकता है. आईएमडी के अनुसार, अगले 3 से 4 दिनों के भीतर स्थितियां इसके और आगे बढ़ने के लिए पूरी तरह से अनुकूल हैं. इसी के साथ दक्षिण-पश्चिम मानसून की आधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी. रविवार के लिए मौसम विभाग का अलर्ट साइक्लोनिक सर्कुलेशन इफेक्ट पहाड़ी इलाकों से लेकर दिल्ली, बिहार, पूर्वोत्तर भारत और दक्षिण भारत में मौसम में बदलाव के पीछे ‘साइक्लोनिक सर्कुलेशन’ (चक्रवाती हवाओं का घेरा) का सबसे बड़ा हाथ है. आईएमडी के नक्शे और रिपोर्ट के मुताबिक, इस समय देश के ऊपर एक या दो नहीं, बल्कि पांच प्रमुख साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय हैं. बिहार से लेकर बंगाल की खाड़ी और मध्य प्रदेश में चक्रवाती हवाएं एक्टिव हैं. पंजाब से लेकर राजस्थान व बिहार से लेकर ओडिशा तक बनी ट्रफ रेखाओं के कारण देश भर के मौसम में यह बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है. दिल्ली का मौसम राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में गर्मी का सितम जारी रहेगा. मौसम विभाग ने 29 मई तक लू चलने का अनुमान जताते हुए रविवार और उसके बाद के पांच दिनों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है. शनिवार को दिल्ली के सफदरजंग बेस स्टेशन पर अधिकतम तापमान 41.1 डिग्री और न्यूनतम 28.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो मौसमी औसत से 1.7 डिग्री अधिक है. हालांकि, शुक्रवार रात और शनिवार सुबह के बीच रिज (0.2 मिमी) और पूसा (2 मिमी) स्टेशनों पर हल्की बूंदाबांदी जरूर दर्ज की गई, लेकिन शहर के अन्य हिस्सों में बारिश नहीं होने और तापमान के लगातार बढ़ने से आने वाले दिनों में दिल्लीवासियों की परेशानी और बढ़ने वाली है. मानसून का लेटेस्ट अपडेट. पंजाब-हरियाणा और पश्चिमी यूपी का हाल पंजाब, हरियाणा और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 24 मई को गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है. यहां 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं, जिससे गर्मी से राहत मिलेगी. वहीं, पश्चिमी उत्तर प्रदेश हीट वेव को देखते हुए मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है. जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों में 25 मई तक मध्यम से तेज बारिश का अलर्ट है. इसके अलावा, 28 मई से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जिससे 29 मई को भारी ओलावृष्टि हो सकती है. पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश हो रही है. असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश में 23 से 25 मई के बीच बहुत भारी बारिश और 40-50 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चलने का कड़ा अनुमान है. पूर्वी भारत में भी मौसम का मिजाज बदल रहा है. पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, झारखंड और बिहार के कई हिस्सों में आंधी-तूफान के साथ बारिश का अलर्ट है. हालांकि, शुरुआत में कुछ इलाकों में छिटपुट बारिश के साथ उमस का सामना करना पड़ सकता है. मौसम विभाग मध्य और पश्चिम भारत एक तरफ देश के कई हिस्सों में बारिश हो रही है, वहीं दूसरी तरफ राजस्थान और मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी का कहर अब भी जारी है. आईएमडी के अनुसार, पश्चिमी मध्य प्रदेश और राजस्थान के कई इलाकों में अभी भी हीटवेव की स्थिति बनी रहेगी. इसके अलावा, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी लोगों को लू के थपेड़ों का सामना करना पड़ेगा. मौसम विभाग ने इन राज्यों के लोगों को दोपहर के समय घरों में रहने और ज्यादा से ज्यादा पानी पीने की सख्त सलाह दी है. दक्षिण भारत में मानसून का असर दक्षिण भारत में मानसून की आहट के साथ ही भारी बारिश का दौर शुरू हो गया है. केरल, माहे और लक्षद्वीप में 23 से 26 मई तक गरज-चमक के साथ व्यापक और भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. यहां मौसम सुहावना बना रहेगा. इसके साथ ही, तमिलनाडु, पुडुचेरी, तटीय आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के कई हिस्सों में तेज आंधी-तूफान की आशंका है. उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 50-70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी और कुछ स्थानों पर भारी ओलावृष्टि भी हो सकती है. दिल्ली में तापमान गिरने का क्या कारण है और कितनी राहत मिलेगी? दिल्ली में शनिवार को हुई बूंदाबांदी और 28 मई से सक्रिय हो रहे एक नए पश्चिमी विक्षोभ के कारण तापमान में भारी गिरावट आएगी. अगले शुक्रवार तक दिल्ली का पारा 10 से 12 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है, जिससे गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी. दक्षिण-पश्चिम मानसून के आने की क्या स्थिति है? दक्षिण-पश्चिम मानसून बंगाल की खाड़ी से मन्नार की खाड़ी और श्रीलंका के रास्ते तेजी से आगे बढ़ रहा है. अगले 3 से 4 दिनों में इसके अरब सागर में पूरी तरह प्रवेश करने की अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं, जिससे मानसून की आधिकारिक घोषणा हो जाएगी. ‘साइक्लोनिक सर्कुलेशन’ देश के किन हिस्सों में सक्रिय है? आईएमडी के अनुसार, वर्तमान में जम्मू, दक्षिणी बिहार, मध्य असम, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के ऊपर कुल पांच प्रमुख साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय हैं. इन्हीं के कारण देश के विभिन्न हिस्सों में आंधी-तूफान और बारिश का माहौल बना हुआ है. क्या अभी

झारखंड

जनगणना-2027 के मकान सूचीकरण कार्य में तेजी लाने का दिया गया निर्देश

भास्कर न्यूज | गढ़वा जनगणना-2027 के अंतर्गत चल रहे मकान सूचीकरण और मकानों की गणना कार्य में तेजी लाने को लेकर शुक्रवार को अपर समाहर्त्ता सह जिला जनगणना पदाधिकारी राज महेश्वरम ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिले के सभी चार्ज पदाधिकारियों के कार्यों की चार्जवार समीक्षा की और लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिया। बैठक में गढ़वा जिले के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी सह चार्ज पदाधिकारी, नगर परिषद गढ़वा, नगर पंचायत मझिआंव व नगर पंचायत बंशीधर नगर के कार्यपालक पदाधिकारी शामिल हुए। समीक्षा के दौरान सीएमएमएस पोर्टल पर संचालित कार्य की स्थिति का विस्तृत आकलन किया गया। समीक्षा में यह सामने आया कि कुछ चार्ज क्षेत्रों में मकान सूचीकरण कार्य की प्रगति शून्य अथवा बेहद धीमी है। इस पर अपर समाहर्त्ता राज महेश्वरम ने नाराजगी जताते हुए जिला सांख्यिकी पदाधिकारी सह अपर चार्ज पदाधिकारी शिशिर तिग्गा को संबंधित चार्ज पदाधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे फील्ड स्तर पर निगरानी बढ़ाएं और लंबित कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जनगणना-2027 देश की विकास योजनाओं और प्रशासनिक नीति निर्धारण का आधार है, इसलिए इसमें शत-प्रतिशत सटीकता और समयबद्धता जरूरी है। बैठक में पोर्टल आधारित मॉनिटरिंग को और प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया। Source link

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आय से अधिक संपत्ति मामले में फंसे प्रधान लिपिक, 5 माह से...

भास्कर न्यूज |गिरिडीह आय से अधिक संपत्ति मामले में घिरे गिरिडीह जिले के प्रधान लिपिक प्रदीप गोस्वामी गिरफ्तारी के डर से पिछले पांच माह से फरार बताए जा रहे हैं। वर्तमान में वे पीरटांड़ प्रखंड में पदस्थापित हैं। एसीबी द्वारा गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद उन्होंने गिरफ्तारी से बचने की काफी कोशिश की, लेकिन दबाव बढ़ने पर 20 दिसंबर 2025 से अचानक गायब हो गए। जानकारी के अनुसार, 29 दिसंबर 2025 को पीरटांड़ बीडीओ कार्यालय को प्रदीप गोस्वामी की ओर से स्पीड पोस्ट के माध्यम से एक पत्र प्राप्त हुआ, जिसमें उन्होंने अनिश्चितकालीन अवकाश पर जाने की सूचना दी थी। हालांकि पत्र में छुट्टी लेने के कारणों का कोई उल्लेख नहीं किया गया था। इसके बाद पांच माह बीत जाने के बावजूद उन्होंने न तो कार्यालय में योगदान दिया और न ही विभाग को अपनी स्थिति से अवगत कराया। प्रधान लिपिक के लगातार गायब रहने की जानकारी पीरटांड़ बीडीओ मनोज मरांडी ने उपायुक्त को दे दी। इसके बाद उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी की ओर से अखबार में इश्तेहार प्रकाशित कर प्रदीप गोस्वामी को तत्काल ड्यूटी जॉइन करने का निर्देश दिया गया है। इश्तेहार में बिना कारण बताए ड्यूटी से अनुपस्थित रहने का उल्लेख करते हुए चेतावनी दी गई है कि एक सप्ताह के भीतर योगदान नहीं देने पर विभागीय कार्रवाई शुरू की जाएगी। स्पीड पोस्ट से मिली सूचना पीरटांड़ बीडीओ मनोज मरांडी ने बताया कि प्रदीप गोस्वामी ने छुट्टी के संबंध में कोई व्यक्तिगत सूचना नहीं दी थी। केवल स्पीड पोस्ट के माध्यम से आवेदन प्राप्त हुआ था, जिसमें छुट्टी का कारण नहीं लिखा गया था। उनका मोबाइल लगातार स्विच ऑफ है और गिरिडीह स्थित आवास पर भी वे मौजूद नहीं हैं। ऐसे में पूरे मामले की जानकारी उपायुक्त को भेज दी गई है। बताया जाता है कि प्रदीप गोस्वामी पिछले दो दशक से समाहरणालय के विभिन्न विभागों में कार्यरत रहे हैं। इस दौरान उन्होंने परिवहन विभाग, स्थापना शाखा, आपूर्ति विभाग समेत कई महत्वपूर्ण विभागों में सेवाएं दी हैं। Source link

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Abhishek Manu Singhvi | Rahul Gandhi | कांग्रेस की बैठक में अभिषेक...

होमताजा खबरदेश कांग्रेस की सीक्रेट बैठक में अभिषेक मनु सिंघवी को देख क्यों चौंके राहुल गांधी? Last Updated:May 23, 2026, 23:07 IST Rahul Gandhi कांग्रेस अल्पसंख्यक सलाहकार समिति की बैठक में राहुल गांधी ने कहा कि देश के आर्थिक हालात के चलते एक साल में पीएम मोदी की विदाई तय है. बैठक में राहुल ने नेताओं को मुस्लिम शब्द का इस्तेमाल करने से न डरने की सलाह दी. इस बैठक में सभी धर्मों के नेताओं को बुलाया गया था. कांग्रेस अल्पसंख्यक सलाहकार समिति की बैठक में राहुल गांधी. (AICC via PTI Photo) नई दिल्ली: कांग्रेस की अल्पसंख्यक समिति की बैठक में शनिवार को एक दिलचस्प वाकया देखने को मिला. इमरान प्रतापगढ़ी ने जैन समुदाय के प्रतिनिधि के रूप में वरिष्ठ वकील और सांसद अभिषेक मनु सिंघवी का परिचय कराया. इस पर वहां मौजूद राहुल गांधी चौंक गए. वह अपनी हंसी नहीं रोक पाए. दरअसल इस खास बैठक में सिर्फ मुस्लिम नेता ही शामिल नहीं थे, बल्कि सिख, ईसाई और बौद्ध समाज के प्रतिनिधियों को भी विशेष तौर पर आमंत्रित किया गया था. दो घंटे से ज्यादा समय तक चली इस मीटिंग का मुख्य मकसद बीजेपी की सांप्रदायिक राजनीति को घेरने के लिए एक नया आर्थिक मास्टरप्लान तैयार करना था. इस दौरान राहुल गांधी ने देश के मौजूदा हालात को देखते हुए केंद्र सरकार की विदाई को लेकर एक बहुत ही सनसनीखेज भविष्यवाणी भी कर दी. सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी ने कहा कि एक साल के भीतर पीएम मोदी की विदाई तय है. उन्होंने इसके पीछे का सबसे बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के आर्थिक हालात और बढ़ते असंतोष को बताया. राहुल गांधी ने नेताओं से कहा कि आज तक उन्होंने जो भी भविष्यवाणी की है, वह हमेशा सच साबित हुई है. उनका मानना है कि देश की मौजूदा परिस्थितियां इस बदलाव का कारण बनेंगी और इस बार भी उनकी यह भविष्यवाणी बिल्कुल सच साबित होने वाली है. राहुल गांधी ने मुस्लिम शब्द के इस्तेमाल पर नेताओं को क्या नसीहत दी? इस सीक्रेट बैठक के दौरान कुछ कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी से एक खास अपील की. उन्होंने कहा कि राजनीति में ‘मुस्लिम’ शब्द के बजाय ‘अल्पसंख्यक’ शब्द का इस्तेमाल किया जाना चाहिए. राहुल गांधी इस बात से पूरी तरह असहमत नजर आए. उन्होंने नेताओं को नसीहत देते हुए कहा कि आखिर किसी बात से डरना क्यों है. राहुल ने साफ किया कि जिस भी वर्ग के साथ देश में अन्याय होगा, कांग्रेस उसके साथ खुलकर खड़ी रहेगी. उन्होंने कहा कि चाहे वह हिंदू हो, दलित हो, सवर्ण हो, मुस्लिम हो, सिख हो, ईसाई हो या फिर बौद्ध और जैन हो, पार्टी हर पीड़ित के साथ मजबूती से अपनी आवाज बुलंद करेगी. कांग्रेस अल्पसंख्यक सलाहकार समिति की बैठक में राहुल गांधी. (AICC via PTI Photo) बीजेपी की राजनीति से निपटने के लिए कांग्रेस क्या नया प्लान बना रही है? बैठक में मौजूद नेताओं ने बीजेपी की हिंदू-मुस्लिम राजनीति का मुकाबला करने के लिए एक खास रणनीति पर चर्चा की. नेताओं का मानना था कि बीजेपी से निपटने के लिए अब देश में आर्थिक मुद्दों पर आधारित राजनीति करनी होगी. कांग्रेस ने पहले भी इसी रणनीति के तहत बीजेपी और संघ का मुकाबला किया है. राहुल गांधी ने नेताओं की इस आर्थिक मुद्दों वाली रणनीति पर अपनी पूरी सहमति जताई. इसी बीच कुछ नेताओं ने राहुल गांधी से शिकायती लहजे में कहा कि आप तो अल्पसंख्यकों के मुद्दों को मजबूती से उठाते हैं, लेकिन बाकी बड़े नेता इससे परहेज करते हैं. नेताओं ने मांग की कि बाकी बड़े नेताओं को भी राहुल गांधी को फॉलो करने के निर्देश दिए जाएं. कांग्रेस अल्पसंख्यक सलाहकार समिति की बैठक में राहुल गांधी. (AICC via PTI Photo) बैठक में ऐसा क्या हुआ कि अचानक चौंक पड़े राहुल गांधी? इस बेहद महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन कांग्रेस के अल्पसंख्यक विभाग के चेयरमैन इमरान प्रतापगढ़ी ने किया था. इस बैठक की खास बात यह थी कि इसमें सिर्फ मुस्लिम नेता नहीं बल्कि सिख समुदाय से गुरदीप सप्पल, ईसाई समुदाय से हिबी एडेन, बौद्ध समुदाय से राजेंद्र पाल गौतम के साथ जैन समुदाय के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया था. इसी दौरान बैठक में एक बहुत ही दिलचस्प वाकया देखने को मिला. जब बैठक में जैन धर्म के प्रतिनिधि के रूप में वरिष्ठ वकील और सांसद अभिषेक मनु सिंघवी का परिचय कराया गया, तो राहुल गांधी खुद हैरान रह गए और हंसने लगे. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Source link

झारखंड

झारखंड में बड़े पैमाने पर आईएएस अधिकारियों का तबादला, गुमला को मिला...

Last Updated:May 23, 2026, 22:14 IST झारखंड सरकार ने राज्य प्रशासनिक सेवा में बड़ा फेरबदल करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा आईएएस (IAS) अधिकारियों का बड़े पैमाने पर तबादला और पदस्थापन किया है. इसी कड़ी में गुमला जिले को नए उप विकास आयुक्त (DDC) मिले हैं. गुमला: झारखंड सरकार ने राज्य प्रशासनिक सेवा में बड़ा फेरबदल करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा आईएएस (IAS) अधिकारियों का बड़े पैमाने पर तबादला और पदस्थापन किया है. इसी कड़ी में गुमला जिले को नए उप विकास आयुक्त (DDC) मिले हैं. आपको बता दें कि राज्य सरकार ने कम से कम 3 दर्जन आईएएस अधिकारियों का तबादला किया है. इसी के साथ तीन जिलों के उपायुक्त भी बदले गए हैं. कार्मिक, प्रशासनिक सुधार और राजभाषा विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है. आपको बता दें कि इनमें से कई ऐसे अधिकारी हैं जिनका तबादला 2 महीने से भी कम समय में हुआ है. कई आईएएस ऐसे हैं जिनका तबादला महज 35 दिन में हो गया है. आईएएस सौरभ भुवानिया और अनन्य मित्तल का महज 35 दिनों में तबादला हुआ है. सौरभ भुवानिया को महज 35 दिन में खूंटी जिला उपायुक्त से बदलकर किया गया देवघर का उपायुक्त बना दिया गया. इसी तरह अनन्य मित्तल को महज 35 दिन में वापस जेएसएलपीएस के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी के पद पर लाया गया. 35 दिन पहले ही अनन्य मित्तल को जेएसएलपीएस से हटाकर गढ़वा का उपायुक्त बनाया गया था. यानी इससे पहले 17 अप्रैल को जारी अधिसूचना में भी इन अधिकारियों का तबादला हुआ था. आईएएस शशि प्रकाश सिंह का भी 35 दिन पहले तबादला हुआ था. शशि प्रकाश सिंह देवघर के उपायुक्त बनाए गए थे लेकिन, महज 35 दिन में ही उनका तबादला हो गया है. इसके अलावा जिन अधिकारियों का तबादला हुआ है उनमें मो. सादात अनवर-उप विकास आयुक्त सह मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी जिला परिषद पलामू, योगेंद्र प्रसाद-संयुक्त सचिव (स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण), मेनका-संयुक्त सचिव (अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण) सुनील दत्त खाखा -संयुक्त सचिव (अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण), अनुज कुमार प्रसाद-संयुक्त सचिव (स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण), मनोज कुमार-संयुक्त सचिव-कृषि पशुपालन एवं सहकारिता विभाग, मुमताज अली अहमद – सचिव- अल्पसंख्यक आयोग हैं. जिन अन्य अधिकारियों का तबादला हुआ है उनके नाम कुछ इस तरह हैं. मधुमिता कुमारी- संयुक्त सचिव वित्त विभागअरविंद कुमार लाल-उप विकास आयुक्त, सह मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जिला परिषद पाकुड़राज महेश्वरम-उप विकास आयुक्त, सह मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जिला परिषद लोहरदगाहरिवंश पंडित- संयुक्त सचिव, श्रम नियोजन प्रशिक्षण एवं कौशल विकास About the Author Rajneesh Singh जी न्यूज, इंडिया डॉट कॉम, लोकमत, इंडिया अहेड, न्यूज बाइट्स के बाद अब न्यूज 18 के हाइपर लोकल सेगमेंट लोकल 18 के लिए काम कर रहा हूं. विभिन्न संस्थानों में सामान्य खबरों के अलावा टेक, ऑटो, हेल्थ और लाइफ स्टाइल बीट…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Gumla,Jharkhand Source link

झारखंड

सरसों तेल 10 रुपए, बासमती चावल 20 रुपए किलो महंगा, डिटरजेंट व...

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का असर अब आम लोगों की रसोई तक पहुंचने लगा है। पेट्रोल- डीजल महंगा होने से ट्रांसपोर्टेशन लागत तेजी से बढ़ी है, जिसका सीधा असर खाद्य तेल, दाल, चावल और दैनिक उपयोग की वस्तुओं पर पड़ रहा है। पिछले 25 दिनों में सरसों तेल 10 रुपए प्रति लीटर तक महंगा हो चुका है, जबकि बीते पांच दिनों में ही इसके दाम में 5 रुपए की वृद्धि दर्ज की गई। रिफाइंड तेल, अरहर दाल, कतरनी और बासमती चावल की कीमतों में भी तेजी आई है। वहीं डिटरजेंट और साबुन जैसे एफएमसीजी उत्पादों के दाम भी 4 से 5 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। व्यापारियों का कहना है कि डीजल, पैकेजिंग मटेरियल और शिपिंग कॉस्ट में लगातार वृद्धि से बाजार पर दबाव बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में हालात नहीं सुधरे तो रोजमर्रा के कई अन्य उत्पाद भी महंगे हो सकते हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं का घरेलू बजट और प्रभावित होने की आशंका है। खाद्य सामग्री की कीमतें सामग्री कीमत अब कीमत पहले सरसों तेल (प्रति ली) 175-200 165-190 रिफाइन तेल (750 एमएल) 155-160 152-157 अरहर दाल 120-130 115-125 कतरनी चावल (प्रति किलो) 60-65 55-60 बासमती चावल (प्रति किलो) 120-130 100-110 ईजी वॉश (500 ग्राम) 71 68 ईजी वॉश (प्रति किलो ) 144 134 टाइड सर्फ (प्रति किलो) 125 120 निरमा संदल साबुन 100 ग्राम 80 73 व्हील एक्टिव (एक किलो) 80 76 क्या कहते हैं व्यापारी टीवी- फ्रिज भी 5% महंगे हुए : वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और रुपए में लगातार गिरावट का असर अब घरेलू बाजार पर भी पड़ने लगा है। कच्चे माल और आयात लागत बढ़ने से सैमसंग ने भी उत्पादों के दाम बढ़ा दिए हैं। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स के मैनेजर रणधीर कुमार ने कहा कि सैमसंग ने अपने उत्पादों की कीमतों में 20 मई से 5 प्रतिशत तक की वृद्धि कर दी है। ढुलाई खर्च बढ़ा : अर्जुन खाद्य तेल के प्रमुख व्यापारी अर्जुन जालान ने बताया कि ट्रांसपोर्टेशन लागत काफी बढ़ गई है। दिल्ली से 25 टन माल ढुलाई का किराया करीब 5000 रुपए बढ़ गया है। विदेशों से आने वाले सोया तेल की शिपिंग लागत भी महंगी हुई है। आने वाले दिनों में कीमतें और बढ़ेंगी। Source link

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पुलिस ने खोए हुए 10 मोबाइल मालिकों को लौटाया, खुशी

गढ़वा| मेराल थाना पुलिस ने आधुनिक तकनीक और सीईआईआर पोर्टल की मदद से गुम हुए 10 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक धारकों को सौंप दिया। मोबाइल वापस मिलने पर लोगों ने पुलिस के प्रति आभार जताया। इस संबंध में थाना प्रभारी विष्णुकांत ने बताया कि मेराल थाना क्षेत्र से विभिन्न समय में गुम हुए मोबाइल फोन की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने सीईआईआर पोर्टल के माध्यम से तकनीकी जांच शुरू की। जांच के दौरान सभी मोबाइलों को ट्रैक कर बरामद कर लिया गया। इसके बाद पुलिस निरीक्षक गढ़वा अंचल संतोष कुमार की उपस्थिति में लोगों को उनके मोबाइल हस्तगत कराए। मोबाइल प्राप्त करने वालों में देवगाना निवासी राहुल चौधरी, तेनार के शिवकुमार बैठा एवं कृष्ण कहार, छपरवार के सुनील राम, बंका के पंचम कुमार गुप्ता, विकताम के धर्मेंद्र कुमार कुशवाहा, रेजो के अवध किशोर चौबे, मेराल पश्चिमी के विकास कुमार एवं सुभाष कुमार तथा रमना थाना क्षेत्र के जोगीराल कला निवासी नीरज साह शामिल हैं। थाना प्रभारी ने कहा कि मोबाइल गुम होने की स्थिति में तुरंत स्थानीय थाना में लोग सूचना दें। वहीं सीईआईआर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि शीघ्र कार्रवाई कर मोबाइल बरामद किया जा सके। Source link

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80 साल पुरानी इस होटल का डोसा आज भी लोगों की पहली...

Last Updated:May 23, 2026, 22:00 IST छत्तीसगढ़ के बालोद शहर में पुराने बस स्टैंड के पास, चण्डी मंदिर के पीछे स्थित एक छोटी सी होटल पिछले करीब 80 वर्षों से अपने स्वाद और गुणवत्ता के दम पर लोगों के बीच खास पहचान बनाए हुए है. मोहन होटल नाम से प्रसिद्ध यह जगह अब सिर्फ एक होटल नहीं बल्कि बालोद की पुरानी खानपान संस्कृति का हिस्सा बन चुकी है. यहां 60 और 70 रुपये में बड़ा और स्वादिष्ट डोसा ग्राहकों को परोसा जाता है. छत्तीसगढ़ के बालोद शहर में पुराने बस स्टैंड के पास, चण्डी मंदिर के पीछे स्थित एक छोटी सी होटल पिछले करीब 80 वर्षों से अपने स्वाद और गुणवत्ता के दम पर लोगों के बीच खास पहचान बनाए हुए है. मोहन होटल नाम से प्रसिद्ध यह जगह अब सिर्फ एक होटल नहीं बल्कि बालोद की पुरानी खानपान संस्कृति का हिस्सा बन चुकी है. यहां मिलने वाला डोसा पूरे जिले में खास तौर पर फेमस है. सुबह से लेकर शाम तक यहां लोगों की भीड़ लगी रहती है और कई ग्राहक वर्षों से लगातार यहां नाश्ता करने पहुंचते हैं. होटल के संचालक मोहन लाल ने कहा कि इस होटल की शुरुआत करीब 80 साल पहले हुई थी. शुरुआती दौर में यहां सिर्फ सादा खाना बनाया जाता था. समय के साथ ग्राहकों की पसंद और मांग को देखते हुए अलग-अलग तरह के नाश्ते और मिठाइयों को शामिल किया गया. आज यहां डोसा, इडली, समोसा, आलुगुण्डा और गुलाब जामुन जैसे कई पारंपरिक स्वाद देसी अंदाज में तैयार किए जाते हैं.मोहन लाल ने बताया कि होटल की सबसे बड़ी पहचान यहां का डोसा है. उनका कहना है कि बालोद जिले में डोसा का ऐसा स्वाद, साइज और कीमत का कॉम्बिनेशन शायद ही कहीं और देखने को मिले. बालोद में डोसा के लिए दूर-दूर से पहुंच रहे लोग60 और 70 रुपये में बड़ा और स्वादिष्ट डोसा ग्राहकों को परोसा जाता है. खास बात यह है कि डोसा बनाने की पारंपरिक शैली को वर्षों से बरकरार रखा गया है. जिससे उसका स्वाद आज भी वैसा ही बना हुआ है.स्थानीय डिलेश्वर देवांगन का कहना है कि मोहन होटल सिर्फ स्वाद के लिए नहीं, बल्कि अपनी पुरानी पहचान और भरोसे के लिए भी मशहूर है. कई लोग बचपन से नाश्ता करते आ रहे हैं. अब अपने परिवार के साथ भी यहां पहुंचते हैं. होटल की पुरानी शैली, देसी स्वाद और ताजे नाश्ते की वजह से यह जगह बालोद के लोकप्रिय फूड पॉइंट्स में गिनी जाती है.होटल संचालक के मुताबिक, 80 वर्षों का अनुभव उनके हर व्यंजन की गुणवत्ता में साफ दिखाई देता है. यही वजह है कि आज भी बाहर से आने वाले लोग के डोसा का स्वाद लेने जरूर पहुंचते हैं. पुराने जमाने की सादगी और देसी स्वाद को संजोए मोहन होटल बालोद की खानपान परंपरा को आज भी जीवित रखे हुए है. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Raipur,Raipur,Chhattisgarh Source link

झारखंड

देखिए कैसे तैयार होता है ब्रांडेड अंडरवियर, पलामू की महिलाएं बन रही...

Last Updated:May 23, 2026, 21:19 IST निखत परवीन बताती हैं कि एक अंडरवियर को पूरी तरह तैयार करने में करीब 13 लोगों की टीम मिलकर काम करती है. कुल 11 मशीनों की मदद से यह उत्पादन किया जा रहा है. महिलाओं को रोजगार देने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से लिजर एंड लाइफ स्टाइल कंपनी के साथ एमओयू कर इस यूनिट की शुरुआत की गई थी. ख़बरें फटाफट पलामू: सरकार जहां महिलाओं को आत्मनिर्भर और आजीविका से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, वहीं पलामू में इसकी एक शानदार तस्वीर देखने को मिल रही है. जिला प्रशासन की पहल पर शुरू किए गए कोयल अपेरल पार्क में अब महिलाएं ब्रांडेड पुरुष अंडरगार्मेंट्स तैयार कर रही हैं. यहां देश की चर्चित डिक्सी कंपनी के अंडरगार्मेंट्स बनाए जा रहे हैं, जिससे दर्जनों महिलाओं को रोजगार और आत्मनिर्भरता की नई राह मिली है. दरअसल, कोयल अपेरल पार्क में फिलहाल 55 महिलाएं काम कर रही हैं. यहां तैयार होने वाले अंडरगार्मेंट्स की मांग बाजार में लगातार बढ़ रही है. सुपरवाइजर निखत परवीन बताती हैं कि डिक्सी कंपनी के लिए रायपुर से कपड़े मंगाए जाते हैं और फिर पलामू में उन्हें आधुनिक मशीनों के जरिए तैयार किया जाता है. रोजाना करीब 2000 पीस अंडरगार्मेंट्स का उत्पादन किया जा रहा है. इस काम से जुड़ी महिलाओं को हर महीने लगभग 6 हजार रुपए तक की आमदनी हो रही है. उन्होंने बताया कि अंडरवियर तैयार करने की प्रक्रिया काफी दिलचस्प और तकनीकी है. इसकी शुरुआत कपड़ों की कटिंग से होती है. कटिंग के बाद अलग-अलग हिस्सों को मशीनों पर तैयार किया जाता है. सबसे पहले मोहरी बनाई जाती है, फिर पॉकेट तैयार किया जाता है। इसके बाद ओवरलॉक की प्रक्रिया होती है, जिससे कपड़ों की सिलाई मजबूत हो सके. फिर बाई शेप और एसएफ जैसी प्रक्रियाओं से गुजरते हुए कपड़े को अंतिम आकार दिया जाता है. मशीनों की मदद से सभी हिस्सों को जोड़ा जाता है और फिर उसमें इलास्टिक लगाया जाता है. डबल इलास्टिक लगाने के बाद अंडरवियर को आगे भेजा जाता है, जहां आयरन कर उसकी फिनिशिंग की जाती है और फिर पैकिंग कर बाजार के लिए तैयार किया जाता है. निखत परवीन बताती हैं कि एक अंडरवियर को पूरी तरह तैयार करने में करीब 13 लोगों की टीम मिलकर काम करती है. कुल 11 मशीनों की मदद से यह उत्पादन किया जा रहा है. महिलाओं को रोजगार देने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से लिजर एंड लाइफ स्टाइल कंपनी के साथ एमओयू कर इस यूनिट की शुरुआत की गई थी. अब यह पहल ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार और सम्मान का नया जरिया बन गई है. आगे कहा कि इस तरह के अपेरल पार्क ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं. इससे महिलाओं को गांव में ही रोजगार मिल रहा है और वे आत्मनिर्भर बनकर परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं. पलामू का कोयल अपेरल पार्क आज महिला सशक्तिकरण की एक नई मिसाल बन चुका है. About the Author Rajneesh Singh जी न्यूज, इंडिया डॉट कॉम, लोकमत, इंडिया अहेड, न्यूज बाइट्स के बाद अब न्यूज 18 के हाइपर लोकल सेगमेंट लोकल 18 के लिए काम कर रहा हूं. विभिन्न संस्थानों में सामान्य खबरों के अलावा टेक, ऑटो, हेल्थ और लाइफ स्टाइल बीट…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Palamu,Jharkhand Source link

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