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Author name: scsmdos@gmail.com

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207 साल पुराने कोरंटाडीह डाक बंगले की अनसुनी दास्तान

Last Updated:May 02, 2026, 19:49 IST Korantadih Dak Bunglow Ballia: वक्त के थपेड़ों और गंगा की लहरों के बीच आज भी एक ऐसी इमारत सीना ताने खड़ी है, जो कभी फिरंगियों की सत्ता का सबसे मजबूत केंद्र हुआ करती थी. हम बात कर रहे हैं बलिया के ऐतिहासिक ‘कोरंटाडीह डाक बंगले’ की. करीब 207 साल पुराना यह बंगला सिर्फ ईंट-पत्थरों का ढांचा नहीं, बल्कि अंग्रेजों की ऐयाशी, लगान वसूली के जुल्म और बलिया के सिद्ध संतों के आध्यात्मिक चमत्कार का मूक गवाह है. आइए, इतिहास की परतों को उधेड़ते हैं और जानते हैं कि कैसे इस बंगले में कैद हुए एक संत ने पूरी ब्रिटिश सरकार की चूलें हिला दी थीं. Korantadih Dak Bunglow Ballia: बलिया के गंगा तट पर स्थित कोरंटाडीह का यह डाक बंगला सन 1819 ईस्वी में बनकर तैयार हुआ था. आज इसे बने हुए लगभग 207 साल पूरे होने जा रहे हैं. अपनी निर्माण शैली और भव्यता के कारण यह ब्रिटिश सरकार का एक बेजोड़ नमूना माना जाता है. इतिहासकार बताते हैं कि यह बंगला अंग्रेजों के लिए एक ‘ऐशगाह’ की तरह था, जहां वे न केवल आराम करते थे बल्कि पूरे इलाके पर नियंत्रण भी रखते थे. इस इमारत के महत्व को देखते हुए कई लेखकों ने अपनी किताबों में इसका जिक्र किया है. यहीं से तैयार हुआ था ‘भूमि बंदोबस्त’ का ढांचाप्रख्यात इतिहासकार डॉ. शिवकुमार सिंह कौशिकेय ने कहा कि इस बंगले का ऐतिहासिक महत्व सिर्फ इसकी उम्र से नहीं, बल्कि यहां लिए गए फैसलों से है. यह वह दौर था जब वर्तमान उत्तर प्रदेश को ‘संयुक्त प्रांत’ के नाम से जाना जाता था. कोरंटाडीह का यह डाक बंगला एक अभेद्य किले की तरह काम करता था, जहां से पूरे इलाके की लगान वसूली की जाती थी. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उत्तर प्रदेश में ‘भूमि बंदोबस्त’ का जो ढांचा तैयार हुआ, उसकी नींव इसी बंगले में रखी गई थी. उस समय यह क्षेत्र गाजीपुर जिले के अंतर्गत आता था और यह उस जिले का सबसे शानदार डाक बंगला माना जाता था. जब सिद्ध संतों के चमत्कार से कांप उठे अंग्रेजइस डाक बंगले के साथ कुछ ऐसी रोचक और अलौकिक कहानियां जुड़ी हैं, जो आज भी लोगों की जुबान पर हैं. बताया जाता है कि उस समय इस क्षेत्र में जंगली नाथ बाबा नाम के एक महान सिद्ध संत रहते थे (जिनका आश्रम आज भी गड़वार में है). जब अंग्रेजों ने किसानों पर लगान का बोझ डाला, तो बाबा किसानों के पक्ष में खड़े हो गए और लगान न देने का नारा बुलंद किया. क्रोधित होकर अंग्रेजों ने उन्हें इसी डाक बंगले के एक छोटे से जेल में बंद कर दिया. लेकिन तभी कुछ ऐसा हुआ जिसने फिरंगियों के होश उड़ा दिए. बाबा एक ही समय में जेल के अंदर और बाहर कई जगहों पर दिखाई देने लगे. अंग्रेजों ने इसे ईश्वरीय चमत्कार माना और डर के मारे उन्हें तुरंत रिहा कर दिया. ऐसी ही एक घटना बलिया के प्रसिद्ध नाथ बाबा के साथ भी हुई थी, जिनके दिव्य स्वरूप को देखकर अंग्रेज अफसर इतने भयभीत हुए कि उन्हें महज एक घंटे में ही आजाद करना पड़ा. अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही ऐतिहासिक विरासतआज यह ऐतिहासिक धरोहर अपनी अंतिम सांसें गिन रही है. गंगा की भीषण कटान के कारण बंगले का एक बड़ा हिस्सा नदी में विलीन हो चुका है. अब इसका बहुत थोड़ा-सा हिस्सा ही शेष बचा है, जो सरकार और प्रशासन की बेरुखी के बावजूद अपनी गौरवगाथा सुनाने के लिए खड़ा है. अगर समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो बलिया के इतिहास का यह सुनहरा पन्ना हमेशा के लिए गंगा की लहरों में खो जाएगा. About the Author Rahul Goel राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ballia,Uttar Pradesh Source link

झारखंड

dhanbad bccl coal washery accident three workers die crushed under debris

Last Updated:May 02, 2026, 19:11 IST Dhanbad Coal Washery Accident: धनबाद के मुनीडीह स्थित BCCL कोल वाशरी में शनिवार को एक बड़ा हादसा हो गया. जहां सैलरी लोडिंग के दौरान मलबे की चपेट में आने से तीन मजदूरों की दबकर दर्दनाक मौत हो गई. मलबे के अचानक ढहने से मजदूरों को संभलने का मौका तक नहीं मिला. आनन-फानन में चलाए गए रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद तीनों शवों को बाहर निकाल लिया गया है. इस घटना के बाद इलाके में मातम पसर गया है और सुरक्षा मानकों को लेकर प्रबंधन पर सवाल उठ रहे हैं. धनबाद: कोयलांचल धनबाद के मुनीडीह स्थित भारत कोकिंग कोल लिमिटेड की कोल वाशरी में शनिवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया. यहां वाशरी में सैलरी (कोयले का कीचड़नुमा मलबा) लोडिंग के दौरान अचानक मलबे का बड़ा हिस्सा गिर गया. जिसकी चपेट में आने से तीन मजदूरों की दबकर मौत हो गई. कैसे हुआ हादसा?जानकारी के अनुसार मुनीडीह कोल वाशरी में रोजाना की तरह सैलरी लोडिंग का काम चल रहा था. इसी दौरान डंप की गई सैलरी का एक भारी हिस्सा अचानक ढह गया. वहां काम कर रहे तीन मजदूर इस मलबे के नीचे पूरी तरह दब गए. घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई. अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया. रेस्क्यू ऑपरेशन और शवों की बरामदगीहादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रबंधन और अन्य कर्मचारी मौके पर पहुंचे. आनन-फानन में बचाव कार्य शुरू किया गया. काफी मशक्कत के बाद मलबे को हटाया जा सका. जिसके नीचे से तीनों मजदूरों के शव बरामद किए गए. शवों को बाहर निकाले जाने के बाद वहां मौजूद साथी मजदूरों और परिजनों में मातम छा गया है. प्रबंधन पर सुरक्षा में चूक के आरोपइस घटना के बाद मजदूरों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है. स्थानीय लोगों और श्रमिक संगठनों का आरोप है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण यह हादसा हुआ है. फिलहाल पुलिस और बीसीसीएल के अधिकारी मौके पर पहुंचकर मामले की जांच में जुट गए हैं. मृतकों की शिनाख्त की जा रही है और घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है. About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Dhanbad,Dhanbad,Jharkhand Source link

व्यापार

दिल्ली हाट में गुमला के रागी लड्डुओं की धूम, सैकड़ों महिलाएं भी...

होमफोटोमनी दिल्ली हाट में गुमला के लड्डुओं की धूम, सैकड़ों महिलाएं भी हुईं आत्मनिर्भर Last Updated:July 29, 2024, 22:10 IST इसमें सैकड़ों ग्रामीण महिलाओं को रोजगार भी मिला है. इसे बढ़ावा देने के लिए किसानों के बीच निःशुल्क रागी के बीज का वितरण किया जाता रहा है, ताकि रागी का अधिक से अधिक उत्पादन किया जा सके. रागी के दिन लौट आए हैं. गुमला में 2022 में निवर्तमान डीसी सुशांत गौरव की पहल से रागी मिशन का शुभारंभ किया गया था. धीरे-धीरे हजारों किसान इस योजना से जुड़ कर रागी के क्षेत्र में काम कर रहे हैं. इसे बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिले में रागी प्रोसेसिंग यूनिट का अधिष्ठापन किया गया है. इसमें सैकड़ों ग्रामीण महिलाओं को रोजगार भी मिला है. इसे बढ़ावा देने के लिए किसानों के बीच निःशुल्क रागी के बीज का वितरण किया जाता रहा है, ताकि रागी का अधिक से अधिक उत्पादन किया जा सके. वहीं गुमला के रागी प्रोसेसिंग यूनिट में रागी से आटा, लड्डू, भुजिया, ठेकुआ, बिस्कुट, नमकीन आदि का निर्माण किया जा रहा है. वहीं, 31 जुलाई तक देश की राजधानी नई दिल्ली में राष्ट्रीय अल्पसंख्यक विकास वित्त निगम के द्वारा हाट लगाई गई है. दिल्ली हाट में गुमला जिला में निर्मित रागी उत्पादों की बिक्री के लिए भी स्टॉल लगाया गया है. दिल्ली हाट में पूरे देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए विभिन्न उत्पादों के स्टॉल हैं, जिसमें गुमला के रागी से निर्मित उत्पादों की धूम है. Add News18 as Preferred Source on Google वर्तमान उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी की पहल पर गुमला के रागी उत्पादों को पैन इंडिया स्तर पर प्रचारित करने और देश में रागी की लोकप्रियता बढ़ाने के लिए दिल्ली हाट में रागी उत्पादों का स्टॉल लगाया गया है. एमवीएम बाघिमा पालकोट फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड गुमला की अध्यक्ष भगवती देवी ने Local 18 को बताया कि हम सभी लगभग डेढ़ साल से एमवीएम कंपनी में जुड़कर रागी मिशन में काम कर रहे हैं. रागी प्रोसेसिंग यूनिट जिला के जशपुर रोड रामनगर/ करौंदी बाजार समिति परिसर में है, जहां हम महिलाएं रागी से विभिन्न प्रकार का उत्पाद बनाते हैं. इससे लगभग 120 महिलाएं जुड़ी हैं. आगे बताया कि हम लोग रागी से विभिन्न प्रकार के उत्पाद बना रहे हैं, जिसमें मुख्य रूप से लड्डू, निमकी, ठेकुआ, कुकीज, मिक्सचर, चिप्स आदि शामिल है. हमारे डीसी कर्ण सत्यार्थी की पहल से रागी से निर्मित उत्पादों का दिल्ली हाट में स्टॉल लगाया गया है. वहां भी हमारे द्वारा रागी से निर्मित प्रोडक्ट को काफी लोग पसंद कर रहे हैं. रागी से निर्मित उत्पादों का रोजाना लगभग 5 से 6 हजार की बिक्री हो रही है. विशेष रूप से रागी के लड्डू को लोग खूब पसंद कर रहे हैं. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

झारखंड

कोयला खदान में मलबा ढहने से चार मजदूरों की मौत:धनबाद के मुनीडीह...

धनबाद जिले के मुनीडीह स्थित बीसीसीएल की कोल वाशरी में शनिवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। वहां काम कर रहे दिहाड़ी मजदूरों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और चार मजदूर मलबे के नीचे दब गए। हादसे में चारों की मौत हो गई। उनके शव को बाहर निकाल लिया गया। इस हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। वाशरी में स्लरी लोडिंग का काम चल रहा था, तभी अचानक मलबे का एक बड़ा हिस्सा भरभराकर गिर पड़ा। हादसे के तुरंत बाद मौके पर अफरातफरी मच गई। आसपास मौजूद मजदूरों और स्थानीय लोगों ने बिना समय गंवाए राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया और प्रशासन को इसकी सूचना दी। पहले देखिए घटना से संबंधित कुछ तस्वीरें मलबा हटाने का काम शुरू किया गया सूचना मिलते ही प्रशासन और बचाव दल मौके पर पहुंचा और मलबा हटाने का काम शुरू किया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस हादसे में चार मजदूर दब गए। जब तक उन्हें मलबे से बाहर निकाला गया, उनकी मौत हो चुकी थी। इधर, इस दर्दनाक घटना के बाद मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, इस हादसे ने एक बार फिर खनन क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों ने बीसीसीएल प्रबंधक पर लापरवाही का आरोप लगाया है। फिलहाल प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। Source link

झारखंड

पलामू में बोलेरो-बाइक की टक्कर, एक की मौत:फोरलेन पर हुआ हादसा, घायल...

पलामू जिले के पड़वा थाना क्षेत्र में शनिवार दोपहर एक सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई। मेदिनीनगर-पड़वा मुख्य पथ पर गाड़ीगांव में फोरलेन सड़क पर बोलेरो और बाइक की आमने-सामने टक्कर हो गई। इस हादसे में बाइक पर पीछे बैठे व्यक्ति की जान चली गई, जबकि बाइक चालक घायल हो गया। मृतक की पहचान करूअशना गांव निवासी 40 वर्षीय विजय ठाकुर के रूप में हुई है। घायल मुनेश ठाकुर भी इसी गांव का रहने वाला है। मुनेश ठाकुर का इलाज मेदनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चल रहा है, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। सिर में आईं गंभीर चोटें परिजनों के अनुसार, दोनों युवक एक ही बाइक पर सवार होकर कहीं जा रहे थे। गाड़ीगांव फोरलेन के पास एक तेज रफ्तार और अनियंत्रित बोलेरो ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों सड़क पर गिर गए, जिससे उन्हें सिर में गंभीर चोटें आईं। घटना की सूचना मिलते ही पड़वा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को मेदनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने विजय ठाकुर को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने दोनों वाहनों को जब्त कर लिया है और मामले की जांच जारी है। घटना की जानकारी मिलते ही मृतक के परिजन अस्पताल पहुंच गए। Source link

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Bengal Chunav Results 2026 LIVE | West Bengal Election Repolling Start |...

Bengal Chunav Results 2026 LIVE: पश्चिम बंगाल में चुनावी रंजिश और हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है. दक्षिण 24 परगना जिले की दो विधानसभा सीटों मगराहाट पश्चिम के 11 और डायमंड हार्बर के 4 बूथों पर कथित चुनावी धांधली के बाद चुनाव आयोग के आदेश के बाद दोबारा वोट डाले जा रहे हैं. इसके दौरान टीएमसी और बीजेपी समर्थकों के बीच हिंसक झड़पों की खबर आई. सुबह शांतिपूर्ण तरीके से शुरू हुई वोटिंग जल्द ही अराजकता में बदल गई. इसी बीच, जिले के फाल्टा इलाके में स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब स्थानीय निवासियों, विशेषकर महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन करते हुए टीएमसी कार्यकर्ताओं पर डराने-धमकाने का आरोप लगाया. एक महिला ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा, ‘तृणमूल के इसराफिल चौकीदार ने हमें धमकी दी है कि अगर वे लोग जीते, तो हमारे घर जला देंगे और खून-खराबा करेंगे.’ एक अन्य महिला, जिसने खुद टीएमसी को वोट देने का दावा किया, उसने भी पार्टी नेता द्वारा हमले की शिकायत करते हुए आरोपी की गिरफ्तारी और महिलाओं के लिए सुरक्षा की मांग की है. चुनाव आयोग के पुनर्मतदान के फैसले का भाजपा ने स्वागत किया है, लेकिन साथ ही अधिक बूथों पर पुनर्मतदान की मांग भी उठाई है. विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि यह कदम स्वागत योग्य है, लेकिन डायमंड हार्बर और फाल्टा क्षेत्र के कई अन्य बूथों पर भी दोबारा मतदान होना चाहिए था. वहीं, भाजपा नेता दिलीप घोष ने भी मतदान प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि कुछ स्थानों पर गड़बड़ी की कोशिशें हुई थीं, जिसके चलते पुनर्मतदान की नौबत आई. दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने इन घटनाओं के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया है. राज्य मंत्री शशि पांजा ने आरोप लगाया कि भाजपा ने जानबूझकर मतदान के दिन माहौल बिगाड़ने की कोशिश की ताकि बड़े पैमाने पर पुनर्मतदान हो और राज्य की छवि खराब की जा सके. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने उकसावे के बावजूद संयम बरता. इसी बीच, TMC ने स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता जताई है. शशि पांजा ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि कई स्ट्रॉन्ग रूम में CCTV कैमरों में रुक-रुक कर खराबी आ रही है. उन्होंने कहा कि यह स्थिति EVM और VVPAT मशीनों की सुरक्षा पर सवाल खड़े करती है और इससे चुनाव प्रक्रिया में जनता का भरोसा कमजोर हो सकता है. पांजा ने सभी प्रभावित स्थानों की विस्तृत रिपोर्ट, पूरी निगरानी फुटेज और रियल-टाइम मॉनिटरिंग बहाल करने की मांग की है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं की गई तो पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेगी. हालांकि, मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सभी स्ट्रॉन्ग रूम पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी तरह का विवाद नहीं है. Bengal Chunav Results 2026 LIVE: दोबारा वोटिंग में जमकर पड़े मत, मगराहाट पश्चिम और डायमंड हार्बर कितने प्रतिशत पड़े वोट? Bengal Chunav Results 2026 LIVE: पश्चिम बंगाल में हिंसक घटनाओं के बाद आज दो विधानसभा क्षेत्रों के 15 बूथों पर कड़ी सुरक्षा के बीच शांतिपूर्ण ढंग से दोबारा वोटिंग हुई. चुनाव आयोग के अनुसार, मतदाताओं में भारी उत्साह दिखा. शाम 5 बजे तक मगराहाट पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में लगभग 86.11 प्रतिशत लोगों ने वोट डाला. वहीं, डायमंड हार्बर विधानसभा सीट पर 87.60% बंपर वोटिंग दर्ज की गई है. Bengal Chunav Results 2026 LIVE: क्या चुनाव आयोग भाजपा का कोई अग्रिम संगठन बन गया है?- कांग्रेस Bengal Chunav Results 2026 LIVE: कांग्रेस नेता राशिद अल्वी शनिवार को पश्चिम-बंगाल विधानसभा चुनाव में धांधली का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, ‘अनियमितताएं सिर्फ 2-4 जगहों पर नहीं पूरे बंगाल में हुई हैं. बंगाल और असम में जिस तरह का चुनाव हुआ है वह लोकतंत्र पर कलंक है. बंगाल में ढाई लाख सेंट्रल फोर्स आपने लगाई है. आपने वह तमाम अधिकारी जो भाजपा के लिए सॉफ्ट कॉर्नर रखते हैं, उन्हें तैनात किया है. मतगणना में भी चुनाव आयोग उन्हीं लोगों को तैनात कर रहा है जो भाजपा के लिए सॉफ्ट कॉर्नर रखते हैं. क्या चुनाव आयोग भाजपा का कोई अग्रिम संगठन बन गया है? भाजपा किसी भी तरह से वहां सरकार बनाना चाहती है और अगर बंगाल में भाजपा आई तो मेरा मानना है कि देश का लोकतंत्र खत्म हो गया है.’ फाल्टा में हो रहे विरोध प्रदर्शन पर उन्होंने कहा, ‘अगर टीएमसी के लोग इस तरह का काम कर रहे हैं तो चुनाव आयोग, पैरामिलिट्री फोर्स क्या कर रहे हैं? बंगाल में तो सारा प्रशासन चुनाव आयोग के मुताबिक काम कर रहा है तो वहां अगर इस तरह की कोई घटना हो रही है तो जिम्मेदारी चुनाव आयोग की है.’ Bengal Chunav Results 2026 LIVE: सेंट्रल फोर्स के जरिए भाजपा हमारी मताओं-बहनों को प्रताड़ित कर रही है- अभिषेक बनर्जी Bengal Chunav Results 2026 LIVE: टीएमसी की मीटिंग में ममता बनर्जी के भतीजे और पार्टी के महासचिव अभिषेक बनर्जी- बीजेपी सेंट्रल फोर्स के जरिए हमारी मताओं-बहनों को धमकाने की कोशिश कर रही है. हर गांव, हर गली में उन्होंने महिलाओं पर हमला किया गया, यहां तक की बच्चे को भी नहीं बख्शा गया. मीडिया का एक खास हिस्सा भी उनकी मदद कर रहा है. Bengal Chunav Results 2026 LIVE: हताश नहीं होना है! हम 200+ सीट जीत रहे हैं- टीएमसी की मीटिंग में ममता Bengal Chunav Results 2026 LIVE: चुनावी नतीजे आने से पहले पश्चिम बंगाल में राजनीतिक पारा बढ़ा हुआ है. ममता ने मीटिंग में कहा- ‘आपने कई लड़ाइयां लड़ी हैं। याद रखना, हम जीत रहे हैं. हम 200 से ज्यादा सीटें हासिल करेंगे. काउंटिंग सेंटर से बाहर मत जाना, भले ही रात के 2 बजे हों. जब तक मैं कुछ और न कहूं, तब तक वहीं रहना. जिन सीटों पर कम अंतर से वोटिंग हुई है, वहां दोबारा गिनती की मांग करो. अगर आपको लगता है कि नतीजे 200-300 वोटों के अंतर से उनके पक्ष में आ रहे हैं, तो दोबारा गिनती पर जोर दो.’ Bengal Chunav Results 2026 LIVE: फाल्टा में लोगों के विरोध और टीएमसी नेताओं के धमकी पर उम्मीदवार कुणाल घोष ने क्या कहा? Bengal Chunav Results 2026 LIVE: दक्षिण 24 परगना में चुनावी माहौल में लोगों स्थानीय लोगों को अलग डर सताने

झारखंड

ICSE Result 2026: 99.2% के साथ 10वीं में जिला टॉप करने वाले...

Last Updated:May 01, 2026, 12:09 IST Bokaro ICSE Topper: बोकारो के सेंट जेवियर स्कूल के आरुष सिंह ने आईसीएसई यानी दसवीं में 99.2 अंक लाकर जिले में टॉप किया है. आरुष ने अपनी स्ट्रेटजी शेयर करते हुए कहा कि खुद को मशीन न समझें और ब्रेक लेते हुए ही पढ़ाई करें. उन्होंने रटने को गलत बताया और प्रैक्टिस को महत्वपूर्ण बताया. ख़बरें फटाफट बोकारो. बोकारो जिले के सेक्टर-1 स्थित सेंट जेवियर स्कूल के मेधावी छात्र आरुष सिंह ने इंडियन सर्टिफिकेट ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (ICSE) कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा में 99.2% अंक प्राप्त कर जिला टॉपर बनने का गौरव हासिल किया है. लोकल 18 से खास बातचीत में आरुष सिंह ने बताया कि वे अपने परिणाम से बेहद खुश हैं. उन्होंने कहा कि उन्हें जिला टॉपर बनने की उम्मीद तो नहीं थी, लेकिन उन्हें पूरा भरोसा था कि ईमानदारी से की गई मेहनत का फल उन्हें जरूर मिलेगा. आरुष ने रूटीन का जिक्र करते हुए बताया कि रोजाना लगभग 6 घंटे पढ़ाई करते थे, जबकि परीक्षा के अंतिम महीनों में उन्होंने अपनी पढ़ाई का समय बढ़ाकर 12 घंटे से भी अधिक कर दिया था. ऐसे मिली सफलताअपनी सफलता का मंत्र साझा करते हुए आरुष ने कहा कि किसी भी परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए प्रीवियस ईयर क्वेश्चन पेपर्स का अभ्यास बेहद जरूरी होता है, क्योंकि इससे परीक्षा के पैटर्न को समझने में मदद मिलती है और बेहतर अंक हासिल किए जा सकते हैं. परीक्षा के दौरान आई चुनौतियों पर बात करते हुए आरुष ने बताया कि पढ़ाई के दौरान डिस्ट्रैक्शन होना सामान्य बात है, लेकिन टाइम मैनेजमेंट से इसे ठीक किया जा सकता है. दुखद यह है कि परीक्षा से करीब दो हफ्ते पहले उनके नाना जी का निधन हो गया था, जो उनके लिए बेहद कठिन समय था, क्योंकि वे बचपन से नाना-नानी के साथ जुड़े रहे हैं. इसके बावजूद उन्होंने खुद को संभाला और पढ़ाई पर ध्यान बनाए रखा. खुद को रोबोट न समझेंप्रोडक्टिव रहने के लिए आरुष ने कहा कि खुद को रोबोट नहीं समझना चाहिए, बल्कि पढ़ाई के बीच-बीच में आराम करना जरूरी है और खासकर नाइट स्टडी के दौरान उन्होंने 80-20 रूल अपनाया, जिससे उन्हें फोकस बनाए रखने और बेहतर परिणाम पाने में मदद मिली. यानी जो भी पढ़ो भले वह 30 परसेंट सिलेबस हो पर उससे 80 परसेंट रिटर्न मिलना ही चाहिए. बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों को आरुष ने सलाह दी है कि केवल रटने से सफलता नहीं मिलती, बल्कि कॉन्सेप्ट क्लियर होना बहुत जरूरी है, क्योंकि समझकर पढ़ी गई चीजें लंबे समय तक याद रहती हैं और परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने में मदद मिलती है. परिवार में कौन-क्या करता हैपारिवारिक पृष्ठभूमि का लेकर आरुष ने कहा कि उनके पिता मुकेश सिंह एक इंजीनियर हैं, जबकि उनकी मां पूनम कुमारी शिक्षिका हैं. उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, नाना-नानी और स्कूल के शिक्षकों को दिया है, जिनके मार्गदर्शन और आशीर्वाद से उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है. विषयवार अंकों की बात करें तो बोकारो के आरुष ने गणित में 100, विज्ञान में 98, इंग्लिश में 97, हिंदी में 100, सोशल साइंस में 100 और इकोनॉमिक एप्लिकेशन में 99 अंक प्राप्त किए हैं. About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Bokaro,Jharkhand Source link

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एफपीओ की मदद से आत्मनिर्भर बन रहीं महिलाएं, घर बैठे हो रही...

होमफोटोमनी एफपीओ की मदद से आत्मनिर्भर बन रहीं महिलाएं, घर बैठे हो रही 5-6 हजार की कमाई Last Updated:July 30, 2024, 21:01 IST वसंत एफपीओ से जुड़ी सुमन ने बताया कि इस समूह ने आर्थिक रुप से कमजोर और सामाजिक बंधनों में बंधी महिलाओं को आगे बढ़ने का मौका दिया है. इस एफपीओ में लगभग 700 महिलाएं जुड़ी हुई हैं. झांसी की महारानी लक्ष्मीबाई ने पूरी दुनिया को महिला सशक्तिकरण का संदेश दिया था. आज भी झांसी की महिलाएं आत्मनिर्भता और सशक्तिकरण की मिसाल पेश कर रही हैं. ऐसा ही एक उदाहरण है वसंत एफपीओ. इस एफपीओ की मदद से ना सिर्फ महिलाओं को रोजगार मिला है, बल्कि वह स्वावलंबी भी बनी हैं. झांसी के बबीना ब्लॉक में शुरु हुए इस एफपीओ में मसाला तैयार करने और उसे बेचने का काम किया जाता है. वसंत एफपीओ से जुड़ी सुमन ने बताया कि इस समूह ने आर्थिक रुप से कमजोर और सामाजिक बंधनों में बंधी महिलाओं को आगे बढ़ने का मौका दिया है. इस एफपीओ में लगभग 700 महिलाएं जुड़ी हुई हैं. यह महिलाएं अलग अलग किसानों से साबुत मसाला खरीदती हैं. Add News18 as Preferred Source on Google खरीदने के बाद एफपीओ के सेंटर पर मसाले को पीसा जाता है. यहीं उसकी पैकेजिंग भी की जाती है. 30 गांव तक इन मसालों की सप्लाई की जाती है. कई गांव में महिलाओं ने खुद दुकान शुरु कर दी है. सुमन बताती हैं कि एफपीओ का सामान ललितपुर महोबा और चित्रकूट जैसे जिलों में भी जाता है. हर महिला 5 से 6 हजार रुपए तक कमा रही है. सुमन बताती हैं कि हम इस एफपीओ को और अधिक विकसित करके 1 हजार से अधिक महिलाओं को जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं. इस एफपीओ से कई दिव्यांग और विधवा महिलाओं को भी सशक्त बनाने का काम किया है. जो महिलाएं पहले अपने घर से बाहर नहीं निकलती थीं, आज उनके पूरे गांव में सम्मान होता है और लोग उन्हें एक आदर्श के तौर पर देखते हैं. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

झारखंड

कोडरमा में स्कूल से गायब छात्र का शव मिला:मिड डे मील के...

कोडरमा थाना क्षेत्र के पाण्डेयडीह स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय में शनिवार को एक 10 वर्षीय छात्र की विद्यालय के पीछे खेत में बने गड्ढे में डूबने से मौत हो गई। मृतक छात्र की पहचान पाण्डेयडीह निवासी विकास साव के पुत्र विनय कुमार उर्फ सागर कुमार के रूप में हुई है, जो कक्षा 4 का छात्र था। मिली जानकारी के अनुसार, सागर रोज की तरह शनिवार सुबह गांव स्थित उत्क्रमित विद्यालय पढ़ने गया था। दोपहर के भोजन (मिड डे मील) के बाद वह अचानक स्कूल से गायब हो गया। इसके बाद उसके मित्रों और विद्यालय के शिक्षकों ने उसकी काफी खोजबीन की। परिजन और ग्रामीण बच्चे की खोज में जुट गए काफी देर तक जब विनय का कुछ पता नहीं चला, तो विद्यालय की ओर से उसके परिजनों को इसकी सूचना दी गई। इसके बाद परिजन और ग्रामीण बच्चे की खोज में जुट गए। आसपास के तालाबों, कुओं और अन्य जगहों पर विनय की तलाश की गई। इसी दौरान, विद्यालय के पीछे खेती के लिए खोदे गए एक गड्ढे में पानी के बीच सागर का शव उपलाता मिला। ग्रामीणों और परिजनों ने तुरंत बच्चे को बाहर निकाला और घटना की सूचना पुलिस को दी। घटना के बाद परिजनों ने विद्यालय प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनों का आरोप है कि विद्यालय के शिक्षकों की लापरवाही के कारण बच्चे की जान गई है। बच्चे के पिता ने कहा कि यदि शिक्षक बच्चों पर ध्यान देते, तो यह घटना नहीं होती। Source link

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विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 30 जुलाई से शुरू होगा:श्रद्धालुओं की सुविधा और...

देवघर में विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 30 जुलाई से शुरू होगा। इस वार्षिक मेले के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। हर साल लाखों श्रद्धालु देश-विदेश से बाबा बैद्यनाथ मंदिर पहुंचकर भगवान भोलेनाथ पर जलार्पण करते हैं। प्रशासन श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने में जुटा है। इसी क्रम में, देवघर समाहरणालय में उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक की उपस्थिति में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसमें जिले के सभी प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी शामिल हुए। बैठक में श्रावणी मेले के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। उपायुक्त ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि मेले से पहले सभी मूलभूत व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएं। उन्होंने पेयजल, शौचालय, विद्युत व्यवस्था, स्वास्थ्य सुविधा, सफाई व्यवस्था और श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए अस्थायी पंडाल जैसी सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को समय पर पूरा करने पर जोर दिया, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उपायुक्त ने यह भी जानकारी दी कि जल्द ही पूरे कांवरिया पथ का निरीक्षण किया जाएगा। इस दौरान मार्ग में उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया जाएगा और आवश्यकतानुसार सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि श्रावणी मेले के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है। मेले में आईपीएस और डीएसपी स्तर के अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। इसके अतिरिक्त, बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहेगा ताकि श्रद्धालु कतारबद्ध होकर मंदिर में प्रवेश कर सुरक्षित रूप से जलार्पण कर सकें। श्रावणी मेले को लेकर प्रशासनिक तैयारियां अब पूरी गति पकड़ चुकी हैं। Source link

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