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जामताड़ा में साइबर ठगों पर कार्रवाई:गेमिंग ऐप और KYC के नाम पर...

जामताड़ा साइबर थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गेमिंग ऐप और KYC अपडेट के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले दो साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक शंभू कुमार सिंह को मिली गुप्त सूचना के आधार पर की गई। साइबर थाना के पुलिस निरीक्षक फारूक के नेतृत्व में गठित टीम ने फतेहपुर थाना क्षेत्र के बनगड़ी गांव और कर्माटांड़ थाना क्षेत्र के डुमरिया स्थित पलाश झुंड में छापेमारी की। इस दौरान दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार अपराधियों की पहचान गुलाम मोहम्मद (30 वर्ष) और मोहम्मद मकबूल अंसारी (31 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस इस कार्रवाई को साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता मान रही है। मोबाइल और सिम कार्ड बरामद गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से 7 मोबाइल फोन और 9 सिम कार्ड बरामद किए हैं। हेडक्वार्टर डीएसपी संजय कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी सुनियोजित तरीके से लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे। वे गेमिंग ऐप के ग्राहकों को कॉल कर रिचार्ज और कूपन के नाम पर झांसा देते थे। इसके अलावा, आरोपी लोगों को विभिन्न बैंकों के ऐप डाउनलोड करवाकर उनके खातों तक पहुंच बना लेते थे और फिर पैसे निकाल लेते थे। इतना ही नहीं, वे खुद को जियो कस्टमर केयर का कर्मचारी बताकर KYC अपडेट कराने और आकर्षक रिचार्ज ऑफर का लालच देकर भी लोगों से ठगी करते थे। पुलिस का कहना है कि आरोपी लंबे समय से इस तरह की गतिविधियों में संलिप्त थे। न्यायिक हिरासत में भेजे गए आरोपी दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। इस संबंध में साइबर थाना कांड संख्या 25/26 दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अब साइबर ठगी के मामलों में पहले से जेल जा चुके हैं। अपराधियों को निगरानी समिति के दायरे में लाया जाएगा और उन पर कड़ी नजर रखी जाएगी। पुलिस का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी, ताकि साइबर अपराध पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सके और आम लोगों को ठगी से बचाया जा सके। Source link

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Ranchi Popular Street Food: पिज्जा-मोमो, चाट-चाइनीज इस बाजार में है हर किसी...

होमफोटोलाइफ़फूड पिज्जा-मोमो, चाट-चाइनीज इस बाजार में है हर किसी के स्वाद का इंतजाम, दाम कम Last Updated:May 13, 2026, 07:30 IST Ranchi Popular Street Food: रांची में हैं और यहां का फेमस स्ट्रीट फूड ट्राई करना चाहते हैं तो मोराहाबादी ग्राउंड के पास आ जाइये. यहां आपको खाने की इतनी वैरायटी मिलेंगी कि आप कंफ्यूज हो जाएंगे, क्या खाएं, क्या छोड़ें. मीठे से लेकर तीखे तक यहां हर किसी के स्वाद का इंतजाम है. शाम के समय लोग ग्राउंड में बच्चे डांस करते हैं, लोग इवनिंग वॉक करते हैं और वेंडर्स स्टॉल भी लगाते हैं. गपशप के बीच ₹40 की भेलपुरी लेकर आप अपने लेजर टाइम को यादगार बना लेते हैं. इतनी ठंडी हवा, खूबसूरत सड़क यहां पर खासतौर पर युवाओं का जमावड़ा लगा रहता है. क्योंकि, एक तो युवाओं को पॉकेट मनी कम मिलती है और इसी कम पॉकेट मनी में वे यहां चार से पांच चीजें आराम से खा सकते हैं. अगर आप रांची के पॉपुलर फूड्स खाना चाहते हैं, खासतौर पर स्ट्रीट फूड वह भी एकदम बजट के रेट में तो आ जाइए रांची के मोरहाबादी ग्राउंड के पास. यहां पर शाम के 5:00 के बाद आपको एक से बढ़कर एक स्टॉल देखने को मिलेंगे. केक से लेकर स्प्राउट्स, सलाद, गोलगप्पे, पिज़्ज़ा, बर्गर, झालमुरी, सब कुछ एक ही जगह. चूंकी ये एरिया भी बहुत ही सुंदर है इसलिए लोग यहां पर घूमने और खाने के लिए आते हैं. यहां पर गोलगप्पे से लेकर मात्र ₹90 का हैवी लोडेड पिज़्ज़ा देखने को मिलेगा, तो वही ₹40 में एकदम स्पेशल वाला डोसा खाने को मिलेगा. डोसा बनाते हुए सुनील बताते हैं मात्र 3 घंटे के अंदर मैं 150 डोसा की बिक्री कर देता हूं. हर दिन एक निर्धारित समय पर आता हूं और सब कुछ आउट ऑफ स्टाफ हो जाता है, ₹40 का है तो बच्चे भी आसानी से अफोर्ड कर लेते हैं. Add News18 as Preferred Source on Google यहां पर केक का स्टॉल लगाने वाले पवन बताते हैं मैं अपने घर में केक बनाता हूं, चीज केक से लेकर 25 तरह के फ्लेवर हमारे पास उपलब्ध हैं और ये सब यहां पर स्टाल लगाकर बेचने का काम करता हूं. सब कुछ 2 घंटे में आउट ऑफ स्टॉक हो जाता है. लोग इतना पसंद करते हैं कि एक दिन न रहू तो फोन करके पूछते हैं कि आप कहां हो. यहां की खास बात यह है कि आप एक ही जगह बहुत सारी चीज टेस्ट कर पाएंगे. चाऊमीन से लेकर चाट तक, यहां का सब फेमस है. चाऊमीन आराम से ₹30 प्लेट आपको मिल जाएगी. साथ में चिल्ली पनीर ऐड करेंगे तो ₹20 और होंगे. ऐसे में अगर आप ₹500 में ही पार्टी करना चाहते हैं अपने दोस्तों के साथ तो यहां जरूर आइये. इतने में 4 से 5 आइटम का आराम से लुफ्त उठा सकते हैं. यहां की खास बात यह है कि महिलाएं और लड़कियां अपने घर से कुछ यूनिक आइटम बनाकर लाती हैं और एक छोटा सा टेबल लगा देती हैं और बेचने का काम करती हैं. ऐसे में आपको हर दिन कोई ना कोई यूनिक प्रोडक्ट देखने को मिलता है. जैसे कि कभी आपको ₹30 वनीला कस्टर्ड देखने को मिलेगा तो कभी मैंगो वाला. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

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जमशेदपुर में ट्रिपल मर्डर; थानेदार के बयान पर केस दर्ज:पत्नी की हत्या,...

जमशेदपुर एग्रिको ट्रिपल मर्डर केस एक ऐसा अनसुलझा सवाल बन गया है जिसका जवाब फिलहाल किसी के पास नहीं। हालांकि पुलिस के सामने तीन ऐसे अनसुलझे सवाल हैं, जिनके जवाब तलाशना जरूरी है। एक व्यक्ति, जिसने पूरी जवानी परिवार की खुशहाली के लिए खपा दी, जो बच्चों के बेहतर भविष्य के सपने बुनता था। पत्नी की हर छोटी-बड़ी जरूरत का ख्याल रखता था, आखिर ऐसा क्या हुआ कि उसने अचानक अपने हंसते-खेलते संसार को उजाड़ दिया। पुलिस की शुरुआती जांच में रवींद्र ही कातिल हैं, लेकिन उनके परिजन और पड़ोसी इसे स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं। सबसे बड़ा सवाल पत्नी की हत्या को लेकर है। यदि किचन में हमला हुआ तो क्या कोई शोर नहीं हुआ? बगल के कमरे में सो रहे बच्चों की नींद क्यों नहीं खुली ? 30 साल की नौकरी में किसी का दिल नहीं दुखाया हत्या के आरोपी रवींद्र सिंह के साथ काम करने वाले लोगों ने कहा कि 30 साल की नौकरी में रवींद्र ने कभी किसी का दिल नहीं दुखाया। ऐसे में यह सवाल बार-बार उठ रहा है कि क्या एक शांत स्वभाव का व्यक्ति रातों-रात इतना हिंसक हो सकता है? आरोपी की दूसरी बेटी और दामाद आज भी यही कह रहे हैं कि पापा (रवींद्र) ऐसा कभी नहीं कर सकते। वारदात के बाद रवींद्र की खुदकुशी की कोशिश की कहानी पर भी संशय के बादल हैं। लोगों का कहना है- यदि कोई तीन हत्याएं करने के बाद जान देने का मन बना चुका था, तो खुद को मामूली चोट पहुंचाने के बजाय ठोस कदम क्यों नहीं उठाया ? थानेदार के बयान पर हत्या का केस दर्ज इस ट्रिपल मर्डर केस में नया मोड़ तब आ गया। जब हत्या के आरोपी रवींद्र सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने से उनके बड़े बेटे और बेटी ने हाथ खींच लिए। इसके बाद पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए प्राथमिकी दर्ज की। सिदगोड़ा थाना प्रभारी मो. फैज अहमद के बयान पर रवींद्र प्रसाद सिंह के खिलाफ पत्नी-बेटे की हत्या और सुप्रिया के गर्भ में पल रहे शिशु की हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई है। प्राथमिकी दर्ज करते हुए आरोपी को कोर्ट में पेश किया। वहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस की रडार पर रिटायरमेंट का पैसा और मोबाइल सिदगोड़ा थाना प्रभारी के अनुसार, आरोपी बार-बार अवसाद की बात कह रहा है, लेकिन इसका कोई चिकित्सीय प्रमाण नहीं मिला। शक है- आरोपी कुछ छिपा रहा है। जांच का केंद्र अब रवींद्र के रिटायरमेंट के बाद मिली राशि है, जिसे उसने पोस्ट ऑफिस की योजनाओं में निवेश किया था। पुलिस आरोपी के बैंक खातों और मोबाइल कॉल डिटेल्स खंगाल रही है। अब पढ़ें, आरोपी का पूरा बयान सोमवार सुबह करीब पांच बजे क्वार्टर के पिछले हिस्से में रखी दोनों स्कूटी को एसबेस्टस वाले कमरे के अंदर किया। थोड़ी देर बाद अचानक दिमाग फिर गया। हत्या की योजना बनाई। सुबह छह बजे पत्नी सरिता सिंह रसोई में चाय बना रही थी। सबसे पहले सरिता के सिर पर पीछे से कुल्हाड़ी से वार किया। वह जमीन पर गिर गई। इसके बाद उसपर दो-तीन वार किए। फिर बेटे रविकेश के कमरे में गया। वहां सोते हुए रविकेश के सिर पर कुल्हाड़ी से वार किया। बेटे पर हमला करते वक्त कुल्हाड़ी की बेंत बीच से टूट गई। फिर हथौड़े से बेटी सुप्रिया पर दो-तीन बार किया। पत्नी के शव को देखकर पछतावा हुआ तो आत्महत्या का प्रयास किया। Source link

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टाटानगर रेल यार्ड एरिया में घूमता दिखा तेंदुआ:वन विभाग की टीम पहुंची,...

टाटानगर रेलवे यार्ड के पास देर शाम तेंदुआ देखे जाने की सूचना से रेलवे महकमे में हड़कंप मच गया। जिस इलाके में तेंदुआ दिखा, वहां रेलवे यार्ड, वाशिंग लाइन और टाटानगर एरिया मैनेजर का कार्यालय स्थित है। इस क्षेत्र में लगातार रेल गतिविधियां संचालित होती रहती हैं। ऐसे में कर्मचारियों के बीच भय का माहौल बन गया है। बताया जा रहा है कि तेंदुआ जैसे जानवर का वीडियो भी सामने आया है, जिसके आधार पर उसके तेंदुआ होने की आशंका जताई जा रही है। घटना के बाद पूरे इलाके में सतर्कता बढ़ा दी गई है। कर्मचारियों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। सुरक्षा के लिए सख्त निर्देश, अकेले आवाजाही पर रोक स्थिति को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि वे अकेले आवाजाही न करें और दो-दो की संख्या में ही ड्यूटी करें। प्रभावित क्षेत्र में कार्यरत कई कर्मचारियों की ड्यूटी यार्ड एरिया से हटा दी गई है। टाटानगर के एरिया मैनेजर समीर सौरभ ने बताया कि सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह कदम उठाया गया है। वहीं, आरपीएफ प्रभारी राकेश मोहन ने कहा कि जिस स्थान पर तेंदुआ देखा गया, वहां आरपीएफ जवान अकेले ड्यूटी करते थे, इसलिए उनकी ड्यूटी भी फिलहाल हटा दी गई है। जवानों को आने-जाने के लिए वाहन का उपयोग करने का निर्देश दिया गया है। कई कर्मचारी ड्यूटी के दौरान लाठी लेकर तैनात नजर आए, जिससे स्थिति की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले तेंदुए की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम देर रात मौके पर पहुंची और इलाके में तलाश अभियान शुरू किया। डीएफओ सबा आलम ने बताया कि निगरानी के लिए चार कैमरे लगाए जाएंगे, ताकि जानवर की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। उल्लेखनीय है कि इससे पहले मार्च 2024 में भी जमशेदपुर में तेंदुआ देखे जाने से दहशत फैल गई थी। 29 मार्च को कदमा बायोडायवर्सिटी पार्क और 17 मार्च को आदित्यपुर इंडस्ट्रियल एरिया में तेंदुआ नजर आया था। उस समय वन विभाग ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर स्थिति को नियंत्रित किया था। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने शहर में वन्यजीवों की बढ़ती आवाजाही और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। Source link

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एसी में रहता है, कूलिंग बेड पर सोता है, खाने में अमूल...

Last Updated:May 13, 2026, 07:52 IST Palamu Siberian Husky: साइबेरियन हस्की, डॉग की ऐसी ब्रीड है जो ठंडी जगहों पर रहती है. इसे पालना आसान नहीं है पर यह बेड़ा उठाया है पलामू के लक्ष्य श्रेष्ठ ने. इस गर्म मौसम में यह डॉग खास कूलिंग बेड पर सोता है, एसी में रहता है और खाने में दही, बटर, मिल्कशेक, लस्सी जैसी चीजें लेता है. ख़बरें फटाफट पलामू. साइबेरिया जैसे ठंडे प्रदेशों में पाए जाने वाले साइबेरियन हस्की को पलामू जैसे गर्म इलाके में पालना आसान काम नहीं है. लेकिन पलामू जिले के एक डॉग लवर ने इस चुनौती को जिम्मेदारी के साथ स्वीकार किया है. जिसकी विशेष देखभाल, संतुलित खानपान और ठंडे माहौल की व्यवस्था कर हस्की को स्वस्थ रखा जा रहा है. उसका विशेष तौर पर खानपान का ध्यान दिया जा रहा है. ठंडे मौसम का कुत्ता, गर्म इलाके में खास इंतजामसाइबेरियन हस्की मूल रूप से बर्फीले क्षेत्रों में रहने वाली नस्ल है. इसकी मोटी फर और ऊर्जा से भरपूर शरीर ठंडे मौसम के लिए अनुकूल माना जाता है. ऐसे में पलामू जैसे गर्म क्षेत्र में इसे पालने के लिए हर मौसम पर नजर रखनी पड़ती है. मालिक ने घर में एसी की सुविधा दी है, ताकि गर्मी के दिनों में इसे राहत मिल सके. वहीं, गर्मी के दिनों में यह थोड़ा सुस्त पड़ जाता है. इसके लिए बर्फ का बॉल खिलाया जाता है. ऑनलाइन मंगाया गया कूलिंग बेडलक्ष्य श्रेष्ठ ने लोकल18 को बताया कि हस्की के आराम के लिए खास कूलिंग बेड ऑनलाइन मंगाया गया है. गर्मी बढ़ने पर यह बेड शरीर का तापमान नियंत्रित रखने में मदद करता है. वहीं, एसी में इसकी विशेष देखभाल की जाती है. खाने में इसे बर्फ पसंद है. दिन के समय इसे धूप में बाहर नहीं निकाला जाता और बालकनी में भी सीमित समय तक रखा जाता है. खानपान में डेयरी प्रोडक्ट पहली पसंदउन्होंने कहा कि इसका नाम जोरो रखा गया है. इसकी सबसे खास बात इसका खानपान है. इसे डेयरी प्रोडक्ट बेहद पसंद हैं. दही, दूध, पनीर, चीज, घी, बटर, लस्सी और मिल्क शेक यह बड़े चाव से खाता है. मालिक बताते हैं कि गर्मी के मौसम में इसे ठंडक देने वाले खाद्य पदार्थ ज्यादा दिए जाते हैं, ताकि शरीर में गर्मी न बढ़े. यह अमूल का बटर ही खाता है. दूसरी कंपनी का बटर इसे पसंद नहीं है. नेचुरल डाइट पर जोरउन्होंने कहा कि जोरो को पैकेट फूड से दूर रखा गया है. पैकेट फूड से कई तरह की बीमारियों का खतरा रहता है, इसलिए हस्की को प्राकृतिक आहार दिया जाता है. इसके भोजन में मटन एंड राइस, चिकन एंड राइस जैसी चीजें शामिल रहती हैं. इससे उसका स्वास्थ्य बेहतर रहता है और ऊर्जा भी बनी रहती है. हर महीने 7 हजार रुपये तक खर्चआगे कहा कि इस साइबेरियन हस्की की सही देखभाल में अच्छा खर्च आता है. इसके खानपान और सुविधा पर हर महीने करीब 7 हजार रुपये खर्च किए जाते हैं. इसमें सभी तरह के भोजन, खानपान और देखभाल शामिल है. गर्मी के दिनों में यह थोड़ा सुस्त भी पड़ जाता है. दिखने में भेड़िए जैसा अंदाजसाइबेरियन हस्की की बनावट और रंगत कई बार भेड़िए जैसी लगती है. इसकी हाउलिंग आवाज और एक्टिव स्वभाव लोगों को आकर्षित करता है. कई लोग पहली नजर में इसे वुल्फ समझ बैठते हैं. ठंडे प्रदेशों की नस्ल को गर्म इलाके में पालना तभी सही है, जब उसकी जरूरतों का पूरा ध्यान रखा जाए. सही वातावरण, पोषण और देखभाल मिलने पर हस्की गर्म क्षेत्र में भी स्वस्थ रह सकता है. About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Palamu,Jharkhand Source link

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Pakur Son Kills Father With Hussua; Accused Arrested

पाकुड़ के नगर थाना क्षेत्र के किताझोर गांव में शराबी बेटे ने अपने ही 60 वर्षीय पिता की हसुआ से हत्या कर दी। वारदात मंगलवार देर रात की बताई जा रही है। मृतक की पहचान दिवाकर सरदार के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी बेटे अनूप सरदार को घटनास्थल से ही गिरफ्त . पुलिस के अनुसार, अनूप ने बहाने से अपने पिता को घर बुलाया था। इसी दौरान किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ। गुस्से में आकर अनूप ने घर में रखे हसुआ से ताबड़तोड़ वार कर पिता की हत्या कर दी। मृतक की पोती वर्षा सरदार ने बताया कि उनके पिता अनूप शराब के आदी थे। अक्सर मारपीट करते थे। सुबह खुला राज, बेटी को लेकर पहुंचा था आरोपी घटना का खुलासा बुधवार सुबह हुआ। हत्या करने के बाद आरोपी रातभर घर पर ही रहा। सुबह किराए के मकान में रहने वाली पत्नी और बच्चों के पास गया। वहां से वह अपनी एक बेटी को उस घर में लेकर पहुंचा, जहां हत्या की गई थी। घर में बेटी ने संदिग्ध स्थिति देख पड़ोसियों को जानकारी दी। उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू की। आरोपी को हिरासत में ले लिया। मृतक की पोती वर्षा सरदार ने बताया कि उनके पिता अनूप शराब के आदी थे। अक्सर मारपीट करते थे। उन्होंने बताया कि घटना वाले दिन भी अनूप ने उनके दादा को घर बुलाया। पड़ोसियों के अनुसार, अनूप सरदार लंबे समय से शराब पीने का आदी था। आए दिन परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट करता था। फिर उनकी हत्या कर दी। सुबह जब उन्हें इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने पड़ोसियों को बताया, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पत्नी के साथ करता था मारपीट, बच्चों साथ अलग रहती थी पड़ोसियों के अनुसार, अनूप सरदार लंबे समय से शराब पीने का आदी था। आए दिन परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट करता था। उसकी शादी 15-20 साल पहले पश्चिम बंगाल के रामपुरहाट में हुई थी। उसकी पांच बेटियां हैं। शराब की लत और हिंसक व्यवहार के कारण उसकी पत्नी और बेटियां उससे अलग किराए के मकान में रहने लगी थीं। नगर थाना के एएसआई अश्लोक पांडेय ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। पड़ोसियों ने यह भी बताया कि कुछ साल पहले उसने अपनी पत्नी को जलाने की कोशिश की थी। वहीं, मृतक दिवाकर सरदार एक मिठाई दुकान में काम करते थे और वहीं रहते थे। नगर थाना के एएसआई अश्लोक पांडेय ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। Source link

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टाटानगर रेल यार्ड एरिया में घूमता दिखा तेंदुआ:वन विभाग की टीम पहुंची,...

टाटानगर रेलवे यार्ड के पास देर शाम तेंदुआ देखे जाने की सूचना से रेलवे महकमे में हड़कंप मच गया। जिस इलाके में तेंदुआ दिखा, वहां रेलवे यार्ड, वाशिंग लाइन और टाटानगर एरिया मैनेजर का कार्यालय स्थित है। इस क्षेत्र में लगातार रेल गतिविधियां संचालित होती रहती हैं। ऐसे में कर्मचारियों के बीच भय का माहौल बन गया है। बताया जा रहा है कि तेंदुआ जैसे जानवर का वीडियो भी सामने आया है, जिसके आधार पर उसके तेंदुआ होने की आशंका जताई जा रही है। घटना के बाद पूरे इलाके में सतर्कता बढ़ा दी गई है। कर्मचारियों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। सुरक्षा के लिए सख्त निर्देश, अकेले आवाजाही पर रोक स्थिति को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि वे अकेले आवाजाही न करें और दो-दो की संख्या में ही ड्यूटी करें। प्रभावित क्षेत्र में कार्यरत कई कर्मचारियों की ड्यूटी यार्ड एरिया से हटा दी गई है। टाटानगर के एरिया मैनेजर समीर सौरभ ने बताया कि सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह कदम उठाया गया है। वहीं, आरपीएफ प्रभारी राकेश मोहन ने कहा कि जिस स्थान पर तेंदुआ देखा गया, वहां आरपीएफ जवान अकेले ड्यूटी करते थे, इसलिए उनकी ड्यूटी भी फिलहाल हटा दी गई है। जवानों को आने-जाने के लिए वाहन का उपयोग करने का निर्देश दिया गया है। कई कर्मचारी ड्यूटी के दौरान लाठी लेकर तैनात नजर आए, जिससे स्थिति की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले तेंदुए की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम देर रात मौके पर पहुंची और इलाके में तलाश अभियान शुरू किया। डीएफओ सबा आलम ने बताया कि निगरानी के लिए चार कैमरे लगाए जाएंगे, ताकि जानवर की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। उल्लेखनीय है कि इससे पहले मार्च 2024 में भी जमशेदपुर में तेंदुआ देखे जाने से दहशत फैल गई थी। 29 मार्च को कदमा बायोडायवर्सिटी पार्क और 17 मार्च को आदित्यपुर इंडस्ट्रियल एरिया में तेंदुआ नजर आया था। उस समय वन विभाग ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर स्थिति को नियंत्रित किया था। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने शहर में वन्यजीवों की बढ़ती आवाजाही और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। Source link

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गर्मी की छुट्टियों में बच्चों का इस तरह छुड़ाएं मोबाइल फोन और...

Last Updated:May 13, 2026, 10:05 IST Summer Vacation Activities For Kids: वैसे तो गर्मी की छुट्टियां बच्चों के लिए सबसे बेस्ट होती हैं. ऐसे में जमशेदपुर के डॉ महेश हेमराम ने सलाह दी है कि गर्मी की छुट्टियों में बच्चों का स्क्रीन टाइम घटाकर आउटडोर गेम, समर कैंप, ट्रिप, गांव भ्रमण और पौष्टिक खानपान पर जोर देना चाहिए. इससे बच्चे शारीरिक रूप से भी मजबूत रहेंगे. ख़बरें फटाफट जमशेदपुर: गर्मी की छुट्टियां शुरू होते ही बच्चों के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई देने लगती है. करीब 40 से 45 दिनों की इस छुट्टी को अगर सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो यह बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकती है. आज के समय में सबसे बड़ी चिंता यह है कि ज्यादातर बच्चे छुट्टियों में पूरा दिन मोबाइल फोन, गेम और शॉर्ट वीडियो देखने में बिताने लगे हैं. ऐसे में साइकेट्रिक डॉ. महेश हेमराम ने बच्चों के बेहतर विकास के लिए कई जरूरी बातें बताई हैं. डॉ. हेमराम के अनुसार आज के समय में बच्चों के लिए फिजिकल एक्टिविटी बेहद जरूरी हो गई है. लगातार मोबाइल फोन चलाने से बच्चों की सोचने-समझने की क्षमता प्रभावित हो रही है. कई बच्चे खाना खाते समय भी फोन देखते रहते हैं, जिससे उनका ध्यान और मानसिक विकास दोनों प्रभावित होता है. उन्होंने कहा कि बच्चों को सिर्फ समझाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि माता-पिता को भी खुद उदाहरण बनना होगा. अगर बच्चा 2 घंटे मोबाइल चला रहा है तो कहीं ना कहीं बड़े भी उससे ज्यादा समय फोन में बिता रहे होते हैं. इसलिए इस गर्मी की छुट्टी में पूरे परिवार को थोड़ा डिसिप्लिन में रहकर स्क्रीन टाइम कम करना चाहिए. इस गेम से बच्चे शारीरिक रूप से रहेंगे मजबूत उन्होंने बताया कि बच्चों को ज्यादा से ज्यादा बाहर खेलने के लिए प्रेरित करना चाहिए. क्रिकेट, फुटबॉल, बैडमिंटन, साइकिलिंग, दौड़ और अन्य आउटडोर गेम बच्चों को शारीरिक रूप से मजबूत बनाते हैं. धूप, मिट्टी और बारिश से जुड़ाव बच्चों की इम्युनिटी और आत्मविश्वास दोनों बढ़ाता है. आज शहरों में कई समर कैंप भी शुरू हो चुके हैं, जहां बच्चे डांस, पेंटिंग, म्यूजिक, स्पोर्ट्स और नई स्किल्स सीख सकते हैं. ऐसे कैंप बच्चों की रचनात्मक सोच को बढ़ाने में मदद करते हैं. लॉन्ग ड्राइव पर घुमाएं बच्चों को इसके अलावा माता-पिता बच्चों को छोटी-छोटी ट्रिप और लॉन्ग ड्राइव पर भी लेकर जा सकते हैं. सफर के दौरान बच्चों को सड़क किनारे लगे पोस्टर, बोर्ड और होर्डिंग पढ़ने के लिए कहें. इससे उनकी भाषा, शब्द ज्ञान और ऑब्जर्वेशन पावर बेहतर होती है. अगर गांव नजदीक हो तो बच्चों को गांव जरूर लेकर जाएं. गांव का माहौल, खेत-खलिहान, पेड़-पौधे और पारंपरिक जीवन बच्चों को अपनी जड़ों से जोड़ता है और उन्हें वास्तविक जीवन को समझने का मौका देता है. जंक फूड और कोल्ड ड्रिंक से रखें दूर खान-पान पर भी खास ध्यान देने की जरूरत है. इस मौसम में बच्चों को हरी सब्जियां, मौसमी फल, दही, छाछ और घर का पौष्टिक खाना देना चाहिए. जंक फूड और कोल्ड ड्रिंक से दूरी बनाना जरूरी है. सही दिनचर्या, खेलकूद, पढ़ाई और परिवार के साथ समय बिताने से यह गर्मी की छुट्टी बच्चों के लिए यादगार और बेहद प्रोडक्टिव बन सकती है. About the Author Brijendra Pratap Singh बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Jamshedpur,Purbi Singhbhum,Jharkhand Source link

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रांची के कई इलाकों में रात 12 बजे तक ब्लैकआउट:आधे घंटे की...

राजधानी रांची में मंगलवार को आंधी-बारिश ने तबाही मचाई। 30 मिनट में 9 मिमी बारिश हुई। इस दौरान करीब 50 किमी की रफ्तार से चली हवा से दर्जनों पेड़ गिर गए। कई घरों की छतें उड़ गईं। जगह-जगह पेड़ गिरने से यातायात ठप हो गया। तार और ट्रांसफॉर्मर पर पेड़ गिरने से बिजली गुल हो गई। शहर के कई इलाकों में रात 12 बजे तक ब्लैकआउट की स्थिति रही। इसके बाद धीरे-धीरे बिजली व्यवस्था बहाल हुई। मौसम विभाग के मुताबि​क अगले दो दिन रांची, खूंटी में आंधी के साथ बारिश होगी। आगे क्या…अगले छह दिन ऐसा रहेगा मौसम भास्कर एक्सपर्ट अभिषेक आनंद, मौसम वैज्ञानिक मध्य भारत से बंगाल तक टर्फ लाइन, इसलिए हो रही बारिश राज्य में अगले छह दिन आंधी-बारिश से लोगों को राहत नहीं मिलेगी। क्योंकि, मध्य भारत से लेकर झारखंड और पश्चिम बंगाल तक बनी टर्फ लाइन और ऊपरी हवा में साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है। बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी की वजह से बारिश हो रही है । प्री मानसून गतिविधियों के सक्रिय होने से भी बारिश होती है। इस सप्ताह तक बारिश से राहत नहीं मिलेगी। 20 के बाद एक बार फिर गर्मी बढ़ेगी। Source link

झारखंड

एक साल से पीएम आवास के लिए भटक रहा दिव्यांग, जनता दरबार...

प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ पाने के लिए एक दिव्यांग(बोलने -सुनने में असमर्थ) पिछले एक साल से प्रखंड कार्यालय के चक्कर काट रहा है, लेकिन अब तक किसी अधिकारी की संवेदनशीलता उस तक नहीं पहुंच सकी है। मामला रातू प्रखंड के जाड़ी गांव का है। यहां रहने वाला अनवारुल अंसारी, पिता अलीहसन अंसारी, बेहद जर्जर और टूटे-फूटे घर में रहने को मजबूर है। उसकी अपनी जमीन तो है, लेकिन रहने लायक पक्का घर नहीं होने के कारण उसे काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। अनवारुल अंसारी प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर बनवाने की मांग को लेकर लगातार अधिकारियों से गुहार लगा रहा है। मंगलवार को वह एक बार फिर जनता दरबार पहुंचा और सीओ से मदद की अपील की, लेकिन आरोप है कि उसकी बात सुनने के बजाय उसे बाहर जाने को कह दिया गया। रातू| उपायुक्त के निर्देश पर प्रत्येक मंगलवार को आयोजित होने वाला रातू प्रखंड का जनता दरबार अब लोगों की समझ से परे होता जा रहा है। हालात ऐसे हैं कि आम लोग भी धीरे-धीरे जनता दरबार से दूरी बनाने लगे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि जनता की समस्याओं के समाधान के बजाय उन्हें केवल समझाने-बुझाने का प्रयास किया जाता है। लोगों का कहना है कि रातू का जनता दरबार बंद कमरे में आयोजित किया जाता है। एक समय में कुछ ही लोगों को अंदर जाने की अनुमति दी जाती है, जबकि बाकी लोग बाहर दरवाजे पर घंटों इंतजार करते रहते हैं। इस व्यवस्था को लेकर अब लोगों में संदेह और नाराजगी दोनों बढ़ने लगी है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पत्रकारों को भी जनता दरबार के दौरान अंदर खड़े रहने या कवरेज करने की अनुमति नहीं दी जाती। इससे पारदर्शिता पर भी सवाल उठने लगे हैं। इधर, सीओ रवि कुमार के पास एक-दो नहीं बल्कि चार विभागों की जिम्मेदारी है। वर्तमान में वे सीओ, बीडीओ, सीडीपीओ और तसर विभाग का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे हैं। ऐसे में लोगों का कहना है कि प्रशासनिक कार्यों का दबाव बढ़ने से आम जनता की समस्याओं का समय पर समाधान नहीं हो पा रहा है। वहीं, लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि अधिकारियों से फोन पर संपर्क करना भी बेहद मुश्किल हो गया है। अनवारुल ने अधिकारियों को वह आवेदन भी दिखाया, जिस पर गांव के मुखिया के हस्ताक्षर 25 जुलाई 2025 को किए गए हैं। आवेदन के अनुसार उसका नाम प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रतीक्षा सूची में शामिल है और सूची में उसका क्रमांक 204 है। इसके बावजूद अब तक उसे योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। इधर, मामले को लेकर जब सीओ रवि कुमार से पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि जब जरूरतमंद और दिव्यांग लोगों को भी योजनाओं का लाभ पाने के लिए अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ें, तो सरकार की मंशा पर सवाल उठना स्वाभाविक है। Source link

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