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इंफोसिस, विप्रो, TCS में जॉब दिलाते हैं ये कॉलेज, सरकारी कॉलेज में...

Last Updated:May 05, 2026, 12:43 IST Jamshedpur Top Private Colleges For B.Tech: बीटेक करने के लिए जमशेदपुर के ये कॉलेज अच्छे माने जाते हैं. अगर सरकारी कॉलेज में एडमिशन नहीं होता है तो आप इनके लिए फॉर्म भर सकते हैं. यहां से पढ़ाई के बाद प्लेसमेंट अच्छा मिलता है और फीस भी बहुत ज्यादा नहीं है. जमशेदपुर जैसे औद्योगिक शहर में इंजीनियरिंग की पढ़ाई का सपना देखने वाले छात्रों के लिए राहत की खबर है. अगर सरकारी कॉलेज में एडमिशन नहीं मिल पाता, तो भी निराश होने की जरूरत नहीं है. शहर में कई ऐसे प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेज हैं, जहां कम फीस में अच्छी पढ़ाई और बेहतर प्लेसमेंट के मौके मिलते हैं. सही जानकारी और सही चुनाव के साथ छात्र यहां से भी शानदार करियर बना सकते हैं. Netaji Subhas University जमशेदपुर के प्रमुख प्राइवेट संस्थानों में गिना जाता है. यहां B.Tech के लिए Computer Science, Mechanical, Civil, Electrical जैसे कोर्स उपलब्ध हैं. यूनिवर्सिटी का फोकस स्किल डेवलपमेंट और इंडस्ट्री ओरिएंटेड पढ़ाई पर है. फीस लगभग 80 हजार से 1.5 लाख रुपये सालाना के बीच होती है. प्लेसमेंट में TCS, Wipro, Infosys जैसी कंपनियां आती हैं, जहां छात्रों को औसतन 3 से 6 लाख रुपये सालाना पैकेज मिलता है. R.V.S. College of Engineering and Technology भी एक जाना-माना संस्थान है, जो किफायती फीस और अच्छी शिक्षा के लिए जाना जाता है. यहां Mechanical, Civil, Electrical और Computer Science जैसे कोर्स उपलब्ध हैं. फीस अपेक्षाकृत कम, करीब 70 हजार से 1.2 लाख रुपये सालाना होती है. प्लेसमेंट में Infosys, Wipro, TCS जैसी कंपनियां आती हैं और औसतन 3 से 5 लाख रुपये तक का पैकेज ऑफर करती हैं. Add News18 as Preferred Source on Google Arka Jain University भी छात्रों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. यहां आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्री-लिंक्ड कोर्सेज की सुविधा मिलती है. B.Tech में Computer Science, Data Science, AI, Mechanical और Civil जैसे कोर्स पढ़ाए जाते हैं. फीस लगभग 1 से 1.6 लाख रुपये सालाना रहती है. इस यूनिवर्सिटी में Tech Mahindra, Capgemini, HCL जैसी कंपनियां प्लेसमेंट के लिए आती हैं, जहां छात्रों को 3 से 5 लाख का पैकेज आसानी से मिल जाता है. इन सभी कॉलेजों की खास बात यह है कि ये छात्रों को सिर्फ थ्योरी नहीं, बल्कि प्रैक्टिकल ट्रेनिंग और इंडस्ट्री एक्सपोजर भी देते हैं. नियमित ट्रेनिंग, इंटर्नशिप और प्लेसमेंट ड्राइव्स के जरिए छात्रों को जॉब के लिए तैयार किया जाता है. अगर छात्र मेहनत और सही गाइडेंस के साथ आगे बढ़ें, तो प्राइवेट कॉलेज से पढ़कर भी वे लाखों का पैकेज हासिल कर सकते हैं और अपने करियर को नई ऊंचाई दे सकते हैं. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

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चाईबासा में महिला ने गलती से कीटनाशक पीकर गंवाई जान:महिला को दिखता...

पश्चिमी सिंहभूम जिले के गोइलकेरा थाना क्षेत्र के चिटरी गांव में एक 57 वर्षीय महिला की कीटनाशक पीने से मौत हो गई। मृतका की पहचान सुन्दारी डाड़का, पति सुखराम डाड़का के रूप में हुई है। उन्होंने गलती से कीटनाशक को सामान्य दवा समझकर पी लिया था, जिसके बाद इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। जानकारी के अनुसार, सुन्दारी डाड़का ने चींटी मारने वाली दवा को गलती से अपनी सामान्य दवा समझकर पी लिया। घटना के समय घर के अन्य सदस्य एक शादी समारोह में शामिल होने गए हुए थे। जब परिजन वापस लौटे, तो महिला की हालत गंभीर पाई गई। चाईबासा में इलाज के दौरान देर रात हुई मौत गंभीर हालत में परिजनों ने उन्हें तत्काल गोइलकेरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें सदर अस्पताल, चाईबासा रेफर कर दिया। चाईबासा में इलाज के दौरान देर रात उनकी मौत हो गई। चिकित्सकों के मुताबिक, जहरीले पदार्थ का असर तेजी से फैलने के कारण उन्हें बचाया नहीं जा सका। परिजनों ने बताया कि सुन्दारी डाड़का की तबीयत पहले से ही ठीक नहीं रहती थी और उनकी आंखों की रोशनी भी काफी कमजोर हो गई थी। आशंका है कि इसी वजह से वह दवा की पहचान नहीं कर पाईं और गलती से कीटनाशक का सेवन कर लिया। मृतका अपने पीछे छह बच्चों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गई हैं। इस घटना के बाद परिवार में गहरा शोक है और पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। Source link

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कोडरमा में जंगल से महिला का शव बरामद:दो महीने से थी लापता,...

कोडरमा के सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत इंदरवा पंचायत के मलकोको गांव में सुबह एक महिला का शव मिला। गांव के लोग जब रोज की तरह टहलने के लिए जंगल की ओर जा रहे थे, तभी उनकी नजर शव पर पड़ी। मृतका की पहचान नवलशाही थाना क्षेत्र के धुमाडीह निवासी 40 वर्षीय शकुंतला देवी के रूप में हुई। उसके पति का नाम सुनील ठाकुर है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। इसी दौरान महिला के मोबाइल पर कॉल किया। पुलिस ने कॉल रिसीव कर संबंधित व्यक्ति से पूछताछ की। जिसके बाद महिला की पहचान हो सकी। इसके बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया। पति से विवाद के बाद छोड़ चुकी थी घर स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, शकुंतला देवी करीब दो महीने पहले अपने घर से लापता हो गई थीं। बताया जाता है कि उनका अपने पति से विवाद हुआ था, जिसके बाद उन्होंने महिला थाने में शिकायत भी दर्ज कराई थी। इसी दौरान उन्होंने एक युवक से प्रेम संबंध की बात भी स्वीकार की थी और उसके साथ रहने लगी थीं। जानकारी के मुताबिक, महिला के प्रेमी के परिजनों ने उसे अपनाने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद युवक ने आत्महत्या कर ली थी। इस घटना के बाद शकुंतला देवी इधर-उधर भटक रही थीं। थाना प्रभारी विकास पासवान के अनुसार, शव पर किसी तरह के चोट के निशान नहीं मिले हैं, लेकिन हर पहलू से जांच की जा रही है। मृतका के परिवार में दो विवाहित बेटियां और एक बेटा है। वह अपने पिता के साथ रहता है। Source link

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बोकारो के भरत महतो ने मल्चिंग-ड्रिप से की झींगा खेती, 15 हजार...

होमफोटोकृषि बोकारो के भरत महतो ने मल्चिंग-ड्रिप से की झींगा खेती, हो रही बंपर कमाई Last Updated:May 05, 2026, 13:02 IST Torai Farming: बोकारो जिले के चंद्रपुरा प्रखंड के तेलों गांव के किसान भरत महतो आधुनिक खेती से मिसाल पेश कर रहे हैं. महज 80 डिसमिल जमीन में मल्चिंग विधि से झींगा खेती कर वह लाखों रुपये की कमाई कर रहे हैं. लोकल 18 से खास बातचीत में किसान भरत महतो ने बताया कि खेती उनके परिवार का पारंपरिक पेशा है और कई पीढ़ियों से वे इसी काम से जुड़े हैं. बदलते समय के साथ उन्होंने खेती में नई तकनीक अपनाई और मल्चिंग विधि और ड्रिप के माध्यम से झींगा की खेती शुरू की है और अब सफलतापूर्वक झींगा की फसल से बढ़िया आमदनी कर रहे हैं. मल्चिंग तकनीक के फायदे बताते हुए किसान भरत ने बताया कि इस विधि में सिंचाई कम करनी पड़ती है. पौधों को ड्रिप सिस्टम के माध्यम से सीधे पानी और पोषण मिलता है, और गर्मियों के दौरान सब्जी में नमी बनी रहती है और बरसात में अधिक बारिश होने पर भी फसल को नुकसान नहीं पहुंचता है. जिस कारण फसल की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों बेहतर होते हैं. भरत महतो ने आगे बताया कि उन्होंने मार्च महीने में झींगा बोयी थी, जो करीब 40 से 45 दिनों में तैयार हो जाती है. फिलहाल बाजार में झींगा सब्जी 20 से 40 रुपये प्रति किलो के थोक भाव से बिक रहा है और 80 डिसमिल जमीन में वे करीब 80 से 100 क्विंटल तक उत्पादन प्राप्त कर लेते हैं. Add News18 as Preferred Source on Google उन्होंने बताया कि इस खेती में करीब 15,000 रुपये की लागत आई है, और तैयार फसल को वे बोकारो के गोमो मंडी में बेचते हैं. अच्छी पैदावार और सही बाजार मिलने से वे दो महीने के भीतर करीब 1 से 1.5 लाख रुपये तक की बचत कर लेते हैं. आखिर में उन्होंने किसानों को सलाह दी है कि झींगा की फसल में ‘लीफ रिमाइंडर’ (पत्ती से जुड़ी बीमारी) का खतरा रहता है, जिससे समय पर कीटनाशक का छिड़काव कर नियंत्रण पाया जा सकता है और झींगा की खेती से किसान कम समय में मोटी आमदनी कमा सकते हैं. Source link

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हटिया-पूर्णिया कोर्ट एक्सप्रेस बदले मार्ग से चलेगी:गया स्टेशन पर ब्लॉक के कारण...

पूर्णिया कोर्ट-हटिया एक्सप्रेस (18625) और हटिया-पूर्णिया कोर्ट एक्सप्रेस (18626) अपने नियमित रूट के बजाय बख्तियारपुर लिंक, करनौती, राजगीर, तिलैया, पैमार और बंधुआ होकर चलेंगी। पंडित दीनदयाल उपाध्याय मंडल में गया स्टेशन पर विकास कार्य के लिए ब्लॉक लिए जाने के कारण यह बदलाव किया गया है। दक्षिण-पूर्व रेलवे के खड़गपुर मंडल में रुप्सा यार्ड पर नॉन इंटरलॉकिंग कार्य के कारण नीलांचल एक्सप्रेस (12876) आनंद विहार टर्मिनल से अपने निर्धारित समय की तुलना में 90 मिनट देरी से रवाना होगी। भुवनेश्वर-नई दिल्ली राजधानी (22823) दो यात्राओं में भुवनेश्वर से 60 मिनट विलंब से चलेगी, जबकि नई दिल्ली-भुवनेश्वर राजधानी (22824) नई दिल्ली से 120 मिनट देर से प्रस्थान करेगी। Source link

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गोड्‌डा में रांची का परिवार हुआ हादसे का शिकार:स्कॉर्पियो डिवाइडर से टकराकर...

गोड्डा के अमडीहा ओवरब्रिज पर तेज रफ्तार स्कॉर्पियो डिवाइडर से टकरा कर पलट गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वाहन का एक टायर फट गया। गाड़ी के परखच्चे उड़ गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे के बाद वाहन करीब 35 फीट दूर जाकर दूसरे डिवाइडर से टकराते हुए पलट गया। इस हादसे में एक युवती की मौत हो गई। वहीं चार अन्य लोग घायल हो गए। जानकारी के मुताबिक इस हादसे का शिकार होने वाला परिवार रांची से गुवाहाटी के लिए निकला हुआ था। दो सदर अस्पताल और दो एम्स में इलाजरत इस सड़क हादसे में रांची के खेलगांव निवासी देव तिवारी की बेटी सारा तिवारी की मौत हो गई है। वहीं उनकी पत्नी रूपा चौधरी और दूसरी बेटी चेरी तिवारी को गंभीर हालत में गोड्डा सदर अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा 42 वर्षीय देव तिवारी और 26 वर्षीय ब्यूटी सिंह को बेहतर इलाज के लिए देवघर एम्स रेफर किया गया है। ब्यूटी सिंह के पति सोनू सिंह को मामूली चोटें आई हैं। सभी लोग एक ही परिवार से जुड़े हुए बताए जा रहे हैं। सभी गुवाहाटी जा रहे थे। हादसे के बाद की तस्वीरें देखें… ड्राइवर को झपकी आने की आशंका प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वाहन काफी स्पीड था। चालक अचानक नियंत्रण खो बैठा। स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि संभवतः चालक को झपकी आ गई थी, जिसके कारण यह हादसा हुआ। लोगों ने बताया कि एनएच 133 पर अमडीहा ओवरब्रिज के पास पहले भी कई हादसे हो चुके हैं, जिससे इस रास्ते की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों की मदद से बची घायलों की जान हादसे के बाद मौके पर सैकड़ों लोग जुट गए। राहत कार्य में लग गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत पथरगामा थाना को सूचना दी। थाना प्रभारी शिवदयाल सिंह के निर्देश पर एएसआई गौतम साह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। गाड़ी का शीशा तोड़कर घायलों को बाहर निकाला। सभी को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पथरगामा पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर घायलों को रेफर किया गया। पुलिस ने मृतका के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए गोड्डा भेजा है। परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। Source link

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छोटी सी झपकी और 20 फीट हवा में उछल गई स्कॉर्पियो, पूरे...

Last Updated:May 05, 2026, 11:56 IST गोड्डा में दिल दहला देने वाली सड़क दुर्घटना हो गई.  बताया जा रहा है कि स्कॉर्पियो में कुल 6 लोग सवार थे, जिनमें दो पुरुष, दो महिलाएं और दो किशोरियां शामिल थीं. सभी लोग रांची से असम के सिलचर में एक शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे. इसी दौरान चालक को झपकी आ गई. गाड़ी तेज रफ्तार में थी, जिससे नियंत्रण बिगड़ गया. गाड़ी पहले राइट साइड डिवाइडर से टकराई, फिर करीब 20 फुट हवा में उछलते हुए लेफ्ट साइड पुल की दीवार से जा भिड़ी. गोड्डा में फोरलेन पर भीषण सड़क हादसा (AI इमेज) गोड्डा: झारखंड के गोड्डा जिले में एक बार फिर दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है. गोड्डा फोरलेन पर पथरगामा थाना क्षेत्र के अमडीहा के पास आज सुबह करीब 6 से 7 बजे के बीच एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई. इस हादसे में एक 17 वर्षीय किशोरी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए. एक झपकी बनी हादसे का कारणजानकारी के अनुसार, स्कॉर्पियो एन गाड़ी में कुल छह लोग सवार थे, जिनमें दो पुरुष, दो महिलाएं और दो किशोरियां शामिल थीं. सभी लोग रांची से असम के सिलचर में एक शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे. इसी दौरान गाड़ी चला रहे देव तिवारी को झपकी आ गई, जिससे वाहन अनियंत्रित हो गया. हादसे का मंजर भयावहप्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, तेज रफ्तार गाड़ी पहले सड़क के दाहिने तरफ बने डिवाइडर से टकराई और फिर करीब 20 फीट तक हवा में उछलते हुए बाईं ओर पुल की दीवार से जा भिड़ी. टक्कर इतनी जोरदार थी कि गाड़ी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई. हादसे का मंजर इतना भयावह था कि मौके पर मौजूद लोग सहम गए. स्थानीय लोगों ने की मददघटना के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और सभी घायलों को गोड्डा सदर अस्पताल पहुंचाया गया. वहां डॉक्टरों ने 17 वर्षीय सारा तिवारी को मृत घोषित कर दिया. वहीं ब्यूटी सिंह के सिर में गंभीर चोट आई है, जबकि चालक देव तिवारी के दोनों पैर बुरी तरह जख्मी हो गए हैं. अन्य यात्रियों को भी चोटें आई हैं, जिनमें एक करीब 12 साल की बच्ची शामिल है. बेहतर इलाज के लिए रिम्स रेफरघायलों में से दो की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए रिम्स रेफर किया गया है. फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और हादसे के कारणों की विस्तृत पड़ताल की जा रही है. यह दुर्घटना एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के खतरनाक परिणामों की याद दिलाती है. About the Author Amita kishor न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Godda,Jharkhand Source link

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Koderma Hostel Guard Room Bullets Found

कोडरमा जिले के तिलैया थाना क्षेत्र अंतर्गत असनाबाद स्थित सेक्रेड हार्ट स्कूल के हॉस्टल में कक्षा 10वीं के छात्र उदित राज की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। रविवार शाम छात्र का शव हॉस्टल के कमरे में गमछे से फंदे पर लटका म . प्रारंभिक तौर पर इसे आत्महत्या बताया गया, लेकिन घटना के बाद से ही परिजन इसे हत्या करार देते हुए स्कूल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने देर रात स्कूल पहुंचकर जांच शुरू की। छात्र का शव हॉस्टल के कमरे में मिला था। गार्ड के कमरे से मिले जिंदा कारतूस पुलिस जांच के दौरान एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। स्कूल के गार्ड विकास कुमार के कमरे की तलाशी लेने पर .315 बोर के 12 जिंदा कारतूस बरामद किए गए। बताया गया कि जब पुलिस स्कूल पहुंची, उस समय गार्ड अपने कमरे में मौजूद नहीं था। संदेह के आधार पर पुलिस ने कमरे की तलाशी ली, जहां एक प्लास्टिक के मग में रखे कारतूस मिले। बरामदगी के बाद गार्ड को बुलाकर पूछताछ की गई, लेकिन वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। जिसके बाद उसे हिरासत में लेकर थाने लाया गया। परिजनों का हत्या का आरोप उधर, छात्र के परिजनों का आरोप है कि उदित राज की हत्या कर इसे आत्महत्या का रूप दिया गया है। घटना के बाद परिजन कई बार स्कूल पहुंचे और प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। सोमवार को आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने रांची-पटना मुख्य मार्ग को घंटों जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। परिजनों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए। विद्यालय के निदेशक प्रमोद कुमार ने बताया कि घटना के बाद परिजन लगातार स्कूल आ रहे थे, जिससे गार्ड डरकर अपने कमरे से निकलकर हॉस्टल में चला गया था। गार्ड है स्कूल संचालक का रिश्तेदार विद्यालय के निदेशक प्रमोद कुमार ने बताया कि घटना के बाद परिजन लगातार स्कूल आ रहे थे, जिससे गार्ड डरकर अपने कमरे से निकलकर हॉस्टल में चला गया था। उन्होंने यह भी कहा कि गार्ड के कमरे में कारतूस कैसे पहुंचे, यह जांच का विषय है। खास बात यह है कि गार्ड विकास कुमार विद्यालय संचालक का रिश्तेदार बताया जा रहा है, जिससे मामले की संवेदनशीलता और बढ़ गई है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं पर गंभीरता से जांच कर रही है। ——————————————— इसे भी पढ़ें… तबीयत खराब बताकर बुलाया, पहुंचने पर मिला शव:कोडरमा के स्कूल हॉस्टल में छात्र की मौत, कमरे में गमछे के सहारे कर ली खुदकुशी कोडरमा जिले के तिलैया थाना क्षेत्र अंतर्गत असनाबाद स्थित सेक्रेड हार्ट स्कूल के हॉस्टल में एक 10वीं कक्षा के छात्र की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। मृतक की पहचान कोडरमा थाना क्षेत्र के दूधिमाटी निवासी विजय यादव के 17 वर्षीय पुत्र उदित यादव के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि उदित ने हॉस्टल के कमरे में गमछे के सहारे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही विद्यालय परिसर में सनसनी फैल गई। आनन-फानन में विद्यालय प्रबंधन द्वारा छात्र को निजी वाहन से सदर अस्पताल कोडरमा ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पूरी खबर यहां पढ़ें… Source link

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पलामू स्कूल में सर्वाइकल कैंसर जागरुकता शिविर

बोकारो थर्मल | नावाडीह प्रखंड अंतर्गत 10+2 उच्च विद्यालय, पलामू में सोमवार को डीवीसी सीएसआर और बोकारो थर्मल अस्पताल के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय सर्वाइकल कैंसर जागरुकता शिविर आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि डीवीसी अस्पताल के डॉ. एस. साहा ने किया। शिविर में सर्वाइकल कैंसर के कारण, लक्षण, बचाव और समय पर जांच के महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई। डॉ. साहा ने युवतियों को इस बीमारी से बचाव के उपायों की जानकारी देते हुए नियमित स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी। शिविर के दौरान कुल 96 युवतियों की स्वास्थ्य जांच की गई। जांच के बाद आवश्यकतानुसार दवाइयों का भी वितरण किया गया। वक्ताओं ने कहा कि डीवीसी सीएसआर की यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों की युवतियों के लिए काफी लाभकारी साबित हो रही है। ऐसे आयोजनों से न केवल समय पर उपचार संभव हो पाता है, बल्कि लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ती है। मौके पर हेल्थ इंस्पेक्टर कृष्णा कुमार, मो. कलीम अंसारी, गौतम मंडल, जीवाधन महतो, शिक्षिका सरिता कुमारी, माला कुमारी सहित शिक्षक-शिक्षिकाएं आदि थे। Source link

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पलामू की फिल्म कान्स फेस्टिवल में पहुंची, झारखंड की ये कहानी अब...

Last Updated:May 05, 2026, 09:15 IST Ped Chalta Hai Film: पलामू में शूट हुई फिल्म ‘पेड़ चलता है’ का चयन कान्स फिल्म फेस्टिवल के वर्ल्ड प्रीमियर के लिए किया गया है. जल जंगल जमीन और पर्यावरण संरक्षण पर आधारित इसमें थ्रिलर कहानी है. इस फिल्म के माध्यम से दुनिया झारखंड की प्राकृतिक सुंदरता देखेगी. ख़बरें फटाफट पलामू: झारखंड के पलामू जिले के लिए गर्व का क्षण है कि यहां बनी फिल्म ‘पेड़ चलता है’ का चयन दुनिया के प्रतिष्ठित कान्स फिल्म फेस्टिवल के वर्ल्ड प्रीमियर कैटेगरी में हुआ है. यह फिल्म अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर पलामू की प्राकृतिक सुंदरता और यहां की कहानियों को दुनिया के सामने पेश करेगी. इस फिल्म की शूटिंग पलामू और आस पास के क्षेत्रों में हुई है. आइये जानते हैं इस फिल्म के बारे में. कोलकाता के चर्चित निर्देशक देवादित्य बंदोपाध्याय के निर्देशन में बनी इस फिल्म की पूरी शूटिंग पलामू के विभिन्न लोकेशनों पर हुई है. इसमें पलामू टाइगर रिजर्व के घने जंगल, पलामू किला, शाहपुर किला और मेदिनीनगर के कई स्थानों को बेहद खूबसूरती से फिल्माया गया है. इसके साथ इस फिल्म में पलामू के कई कलाकार दिखेंगे. जो कि जल्द ही पर्दे पर भी आयेगा. जल, जंगल, जमीन से जुड़ी है कहानी बता दें कि इस फिल्म की कहानी जल, जंगल और जमीन से जुड़े मुद्दों पर आधारित है, जिसे थ्रिलर और सस्पेंस के अंदाज में प्रस्तुत किया गया है. फिल्म को आउटलाइन एक्सप्रेशन के बैनर तले मासूम आर्ट ग्रुप के सहयोग से तैयार किया गया है. इसके क्रिएटिव प्रोड्यूसर अमित बहल हैं. जबकि मूल कहानी बंगला में लेखक पुलक दास ने लिखी है. इसका हिंदी रूपांतरण और संवाद पलामू के रंगकर्मी सैकत चटर्जी ने किया है. जो कि लगभग 100 मिनट की फिल्म है. वहीं, फिल्म में मुंबई और कोलकाता के कई चर्चित कलाकारों के साथ-साथ पलामू के स्थानीय कलाकारों ने भी दमदार अभिनय किया है. वीरेंद्र सक्सेना, प्रमोद पाठक, कुमार सौरभ, सतेंद्र सोनी, मैनाक बनर्जी और सुब्रत बनर्जी जैसे कलाकार इसमें नजर आएंगे. वहीं, पलामू के करीब 50 कलाकारों ने इस फिल्म में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है, जिसे फिल्म समीक्षकों ने भी सराहा है. फिल्म के डीओपी विक्रम आनंद सावरेवाल और संगीत निर्देशक आनंद भास्कर हैं. जबकि फाइट डायरेक्टर के रूप में पलामू के सुमित वर्मन ने काम किया है. फिल्म की शूटिंग लगभग 20 दिनों तक बेतला और गारू क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में की गई. 100 मिनट की है यह फिल्म इस फिल्म से जुड़े सैकत चटर्जी ने इसे पलामू और पूरे झारखंड के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया. उन्होंने कहा कि यह सपना जैसा है. क्योंकि कान्स जैसे मंच पर फिल्म का प्रीमियर होना किसी भी कलाकार के लिए बड़ी उपलब्धि होती है. उन्होंने बताया कि यह फिल्म पहले एक छोटे प्रोजेक्ट के रूप में शुरू हुई थी, लेकिन धीरे-धीरे यह 100 मिनट की फीचर फिल्म बन गई. फिल्म की कहानी में पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया है. इसमें एक सस्पेंस से भरी कहानी के जरिए दिखाया गया है कि किस तरह इंसान और प्रकृति का संबंध महत्वपूर्ण है. साथ ही आगे कहा कि यह फिल्म करीब 10 मिनट में बनाने की तैयारी थी, लेकिन इसे बढ़ाकर 100 मिनट की बनाई गई. फिल्म के प्रदर्शन की तिथि और समय जल्द घोषित किए जाएंगे. कान्स में प्रीमियर के बाद इसे अन्य अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों में भी भेजे जाने की योजना है. About the Author Brijendra Pratap Singh बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Palamu,Jharkhand Source link

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