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झारखंड में 9 मई तक बदला रहेगा मौसम:रांची, बोकारो सहित 12 जिले...

रांची सहित झारखंड के अधिकांश हिस्सों में मौसम का मिजाज फिलहाल बदला हुआ रहेगा। मौसम विभाग ने 9 मई तक राज्यभर में आंधी, बारिश और वज्रपात की संभावना जताई है। 4 मई को आंशिक बादल छाए रहने के साथ हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश होने के संकेत हैं। विभाग ने देवघर, दुमका, गिरिडीह, गोड्डा, पाकुड़ के साथ रांची, बोकारो, गुमला, खूंटी, रामगढ़, लोहरदगा और कोडरमा में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की चेतावनी दी है। इन क्षेत्रों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर मौसम में आए इस बदलाव के पीछे साइक्लोनिक सर्कुलेशन को मुख्य कारण माना जा रहा है। मई की शुरुआत से ही इसका असर राज्य के सभी जिलों में देखने को मिल रहा है, जिससे मौसम सुहावना बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार अगले चार दिनों में अधिकतम तापमान में करीब 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है। साथ ही 4 और 5 मई को राज्य के 17 जिलों में बादल छाए रहने और तेज आंधी चलने की संभावना जताई गई है। इस दौरान मेघ गर्जन और वज्रपात के साथ बारिश भी हो सकती है। 4 और 5 मई के लिए विशेष अलर्ट जारी 4 मई को रांची, रामगढ़, बोकारो, धनबाद, गिरिडीह, जामताड़ा, दुमका, देवघर, गोड्डा, साहिबगंज और पाकुड़ में तेज हवा के साथ हल्की बारिश और गरज के आसार हैं। वहीं 5 मई को रांची समेत खूंटी, हजारीबाग, पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला, बोकारो, धनबाद, गिरिडीह, कोडरमा, देवघर, जामताड़ा, दुमका, पाकुड़, गोड्डा और साहिबगंज में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने की चेतावनी जारी की गई है। इन दोनों दिनों के लिए विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी कर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। कई जिलों में तापमान सामान्य से कम पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के अधिकांश हिस्सों में गरज के साथ बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक 33.6 मिमी वर्षा चाकुलिया में रिकॉर्ड की गई। रांची में भी शाम करीब 4:20 बजे मूसलाधार बारिश हुई, जिससे मौसम सुहावना हो गया। अन्य जिलों में भी हल्की बारिश दर्ज की गई, जिसमें सिमडेगा में 6 मिमी, बोकारो में 4 मिमी और जमशेदपुर में 2 मिमी वर्षा हुई। तापमान की बात करें तो हजारीबाग में 33 डिग्री, रांची में 33.6 डिग्री, मेदिनीनगर में 38.5 डिग्री और बोकारो में 31.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से कम है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की है। Source link

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10,000 candidates appeared for the exam in the capital, and were admitted...

Hindi News Local Jharkhand Ranchi 10,000 Candidates Appeared For The Exam In The Capital, And Were Admitted To The Examination Centres After Strict Checking. रांची1 घंटे पहले कॉपी लिंक राजधानी रांची के 21 परीक्षा केंद्रों पर रविवार को नीट-यूजी परीक्षा शांतिपूर्ण संपन्न हुई। परीक्षा केंद्रों से बाहर निकल रहे अधिकांश छात्रों ने बताया कि पिछली बार की तुलना में इस बार प्रश्न सुलझे हुए थे। इससे पहले सुबह 10 बजे से पहले ही छात्र-छात्राएं और उनके अभिभावक परीक्षा केंद्रों पर पहुंचने लगे थे। इस बार रांची में करीब 10 हजार परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए। परीक्षा को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। केंद्र में प्रवेश से पहले छात्रों की सघन जांच की गई। जूते तक उतरवाकर जांच की गई। केवल एडमिट कार्ड, पहचान पत्र और पारदर्शी पानी की बोतल ही अंदर ले जाने की अनुमति दी गई। परीक्षा के बाद प्रश्न पत्र को लेकर छात्रों की मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आई। अधिकांश छात्रों ने फिजिक्स को कठिन, केमिस्ट्री को औसत और बायोलॉजी को अपेक्षाकृत आसान बताया। छात्रों के अनुसार, फिजिक्स में कॉन्सेप्ट आधारित और समय लेने वाले प्रश्न अधिक थे, जबकि केमिस्ट्री में स्टेटमेंट बेस्ड और लॉजिकल प्रश्नों की संख्या ज्यादा रही। वहीं बायोलॉजी में अधिकतर प्रश्न एनसीईआरटी आधारित थे, जिससे यह सेक्शन अपेक्षाकृत आसान लगा। कुल मिलाकर पेपर को मध्यम से कठिन स्तर का माना जा रहा है। लंबे प्रश्नों ने छात्रों के सामने समय प्रबंधन की चुनौती भी दी। पंकज सिंह, डायरेक्टर, बायोम इंस्टीट्यूट केंद्रों के बाहर परीक्षा खत्म होने तक अभिभावकों की भीड़ रही। कई अभिभावकों ने कहा कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा को लेकर बच्चों में काफी दबाव रहता है, लेकिन बेहतर व्यवस्था वे काफी संतुष्ट हैं। परीक्षा केंद्रों पर पुख्ता व्यवस्था की गई थी। ^पेपर ओवरऑल मॉडरेट था, लेकिन फिजिक्स काफी कठिन लगा। बायोलॉजी में समय प्रबंधन चुनौतीपूर्ण रहा। – आलिया परवीन ^फिजिक्स आसान लगा, लेकिन प्रश्न लंबे थे। केमिस्ट्री में स्टेटमेंट आधारित प्रश्नों के कारण समय अधिक लगा। – सृष्टि ^बायोलॉजी अपेक्षाकृत काफी आसान था। लेकिन, लेकिन फिजिक्स में कुछ प्रश्न छूट गए। – रुकसार परवीन स्टेटमेंट और मैचिंग प्रश्नों ने छात्र-छात्राओं को उलझाया इस बार प्रश्नपत्र में स्टेटमेंट बेस्ड और ‘मैच द फॉलोइंग’ प्रकार के सवालों की संख्या अधिक रही। बायोलॉजी में मल्टी-स्टेटमेंट प्रश्न और फिजिक्स में ग्राफिकल सवालों ने छात्रों को उलझाया। वहीं डीएनए, फिंगर प्रिंटिंग और श्वसन प्रक्रिया के क्रम से जुड़े सवालों ने सटीक समझ की परीक्षा ली। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ Source link

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Aaj Ka Mausam Live | Today Weather Live: 80KM की रफ्तार वाला...

Today Weather Live: पश्चिम बंगाल सहित आज 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणाम आने वाले हैं. लोगों को इंतजार है कि क्या बंगाल में सत्ता परिवर्तन होगी या ममता दीदी का जादू बरकरार रहेगा. इस बीच देश में मौसम एक बार फिर करवट ले चुका है और इस बार इसका मिजाज कुछ ज्यादा ही आक्रामक नजर आ रहा है. मौसम को लेकर मौसम विभाग (IMD) ने अलर्ट जारी कर दिया है. 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं, ओलावृष्टि और तेज बारिश ये सब मिलकर एक ऐसे हालात बना रहे हैं, जो आम लोगों से लेकर किसानों तक के लिए चुनौती बन सकते हैं. खास बात यह है कि यह बदलाव अचानक नहीं है, बल्कि कई मौसमीय सिस्टम के एक साथ सक्रिय होने का नतीजा है. चुनावी हलचल के बीच मौसम का यह रुख एक अलग ही कहानी कह रहा है. जहां एक ओर लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर तेज आंधी और बिजली गिरने का खतरा भी मंडरा रहा है. ऐसे में सवाल यही है कि क्या यह राहत ज्यादा दिनों तक टिकेगी या फिर यह मौसम नई परेशानियों का संकेत है? दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार समेत 19 राज्यों में जारी अलर्ट ने साफ कर दिया है कि आने वाले 24 से 48 घंटे बेहद अहम रहने वाले हैं. मौसम विभाग ने न केवल तेज हवाओं की चेतावनी दी है, बल्कि ओलावृष्टि और वज्रपात को लेकर भी सतर्क रहने को कहा है. पहाड़ी इलाकों से लेकर मैदानी राज्यों तक, हर जगह मौसम का अलग-अलग रूप देखने को मिल सकता है. पूर्वी भारत में भारी बारिश का अंदेशा है, जबकि उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में आंधी और धूल भरी हवाएं चल सकती हैं. ऐसे में यह जानना जरूरी हो जाता है कि आपके राज्य और शहर में मौसम का क्या हाल रहने वाला है, ताकि आप पहले से तैयारी कर सकें और किसी भी जोखिम से बच सकें. उत्तराखंड में मौसम ने खतरनाक रूप ले लिया है. देश में सक्रिय मौसम प्रणालियों ने एक जटिल स्थिति पैदा कर दी है. मध्य और ऊपरी क्षोभमंडल में बनी द्रोणिका और हरियाणा के आसपास बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन ने हवा के दबाव और दिशा में बदलाव ला दिया है. इसका सीधा असर यह है कि नमी और गर्मी का संतुलन बिगड़ रहा है, जिससे तेज आंधी और बारिश की स्थितियां बन रही हैं. दक्षिण से आने वाली नमी और पश्चिमी विक्षोभ का मेल इस सिस्टम को और मजबूत बना रहा है. इसके अलावा दक्षिण भारत से लेकर पूर्वी भारत तक फैली द्रोणिका और अलग-अलग जगहों पर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन मौसम को अस्थिर बनाए हुए हैं. यही कारण है कि देश के कई हिस्सों में एक साथ अलग-अलग तरह का मौसम देखने को मिल रहा ह कहीं तेज बारिश, कहीं ओले, तो कहीं धूल भरी आंधी. दिल्ली-NCR में मौसम का बड़ा बदलाव: रेड अलर्ट, तेज आंधी और ओलावृष्टि का खतरा दिल्ली-NCR में मौसम ने अचानक तीखा मोड़ ले लिया है और हालात काफी संवेदनशील बन गए हैं. यहां रेड अलर्ट जारी किया गया है, जो बेहद गंभीर मौसम स्थितियों का संकेत देता है. 70 से 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है, जो पेड़ों को उखाड़ सकती हैं और कमजोर ढांचों को नुकसान पहुंचा सकती हैं. इसके साथ ही गरज-चमक, बिजली गिरने और ओलावृष्टि का भी खतरा बना हुआ है. दिनभर आसमान में बादल छाए रहने की उम्मीद है और अलग-अलग समय पर हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिल सकती है. दोपहर और शाम के समय मौसम और ज्यादा सक्रिय हो सकता है, जिससे ट्रैफिक और जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है. तापमान में गिरावट जरूर राहत देगी, लेकिन तेज हवाओं और खराब विजिबिलिटी के कारण लोगों को सावधानी बरतनी होगी. खासतौर पर खुले इलाकों, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी गई है. उत्तर प्रदेश में मौसम का असर: आंधी-बारिश के साथ बिजली गिरने का खतरा उत्तर प्रदेश के मौसम में भी तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है. राज्य के पश्चिमी और पूर्वी दोनों हिस्सों में आंधी और बारिश का असर दिखाई देगा. कई जिलों में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है, जो अचानक तेज झोंकों में और बढ़ सकती हैं. इसके साथ ही गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं भी बढ़ सकती हैं, जिससे लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है. लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज जैसे प्रमुख शहरों में तापमान में गिरावट आएगी, जिससे गर्मी से राहत मिलेगी. हालांकि, यह राहत पूरी तरह सुरक्षित नहीं होगी क्योंकि खराब मौसम के कारण जनजीवन प्रभावित हो सकता है. किसानों के लिए यह समय चुनौतीपूर्ण हो सकता है, क्योंकि तेज हवाएं और बारिश फसलों को नुकसान पहुंचा सकती हैं. ऐसे में खेतों में काम करने से पहले मौसम अपडेट जरूर देखना जरूरी होगा. बिहार में मौसम का प्रकोप: मूसलाधार बारिश और वज्रपात की चेतावनी बिहार में मौसम ने और भी ज्यादा आक्रामक रूप ले लिया है. यहां कई जिलों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी जारी की गई है. पटना, दरभंगा, भागलपुर और पूर्णिया जैसे इलाकों में भारी बारिश के साथ वज्रपात की घटनाएं देखने को मिल सकती हैं. मौसम विभाग ने खासतौर पर बिजली गिरने के खतरे को लेकर सतर्क किया है, जो जानलेवा साबित हो सकता है. तापमान में गिरावट जरूर दर्ज की जाएगी, लेकिन इसके साथ ही जलभराव और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं. ग्रामीण इलाकों में कच्चे घरों और खेतों में काम करने वाले लोगों के लिए जोखिम और ज्यादा बढ़ जाता है. लोगों को सलाह दी गई है कि खराब मौसम के दौरान घरों में ही रहें और खुले स्थानों से दूरी बनाए रखें. झारखंड में मौसम का असर: तेज हवाओं के साथ मध्यम से भारी बारिश झारखंड में मौसम का मिजाज भी काफी बदला हुआ नजर आ रहा है. यहां कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश का अनुमान है, जिसके साथ 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. रांची, बोकारो और धनबाद जैसे इलाकों में मौसम अचानक खराब हो सकता है. गरज-चमक और बिजली

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Despite handling 7,000 passengers daily, Argora station is in a dilapidated condition,...

Hindi News Local Jharkhand Ranchi Despite Handling 7,000 Passengers Daily, Argora Station Is In A Dilapidated Condition, Lacking Even Basic Amenities Like Water, Toilets And Sheds. रांची26 मिनट पहले कॉपी लिंक रांची रेलवे स्टेशन और हटिया रेलवे स्टेशन को विश्वस्तरीय बनाने के लिए तेजी से काम चल रहा है। यहां आधुनिक सुविधाएं और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किए जा रहे हैं। लेकिन शहर के बीच कडरू के पास स्थित अरगोड़ा रेलवे स्टेशन की स्थिति अब भी बदहाल बनी हुई है। रांची से लोहरदगा के बीच रोजाना चार जोड़ी ट्रेनें चलती हैं, जो अरगोड़ा स्टेशन पर भी रुकती हैं। हर दिन करीब 7 हजार यात्री इस स्टेशन से सफर करते हैं। इसके बावजूद यहां बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी है। स्टेशन पर पीने के पानी की सही व्यवस्था नहीं है। एकमात्र चापानल खराब पड़ा है और प्लेटफॉर्म पर लगे नल सूखे व टूटे हुए हैं। ऐसे में यात्रियों को स्टेशन से बाहर जाकर पानी खरीदना पड़ता है। शौचालय की सुविधा भी नहीं है। एक टॉयलेट बन रहा है, लेकिन वह अधूरा पड़ा है। इस कारण लोगों को, खासकर महिलाओं को काफी परेशानी होती है। स्टेशन पर शेड का ढांचा तो बना है, लेकिन ऊपर छत नहीं लगाई गई है। जल्द ही 5 करोड़ रुपए से होगा स्टेशन का विकास : डीआरएम रांची रेल मंडल के डीआरएम करुणानिधि सिंह ने बताया कि वर्क सैंक्शन के लिए भेजा गया है। करीब 5 करोड़ रुपए से इस स्टेशन का विकास होगा। यहां लोगों को सभी सुविधाएं मिलेंगी। स्टेशन में सिटिंग एरिया, पार्किंग, शेड समेत सभी स्ट्रक्चर बनेंगे। लोगों को सभी बुनियादी सुविधाएं मिलने लगेंगी। अरगोड़ा स्टेशन पर एक नजर स्टेशन पहुंचने की सड़क बदहाल है। सड़क में गड्ढे ही गड्ढे हैं। स्टेशन में सुरक्षा के लिए सिर्फ एक ही आरपीएफ जवान की तैनाती रहती है। पार्किंग में प्रति दिन करीब 100 दुपहिए लगते हैं, इसका शेड भी फटा हुआ है। स्टेशन में यात्रियों के लिए बना यात्री पड़ाव भी जर्जर अवस्था में हैं। झोपड़ी में पार्किंग बयां कर रही बदहाली। नल टूट चुके हैं, पानी भी नहीं मिलता। यात्री शेड का स्ट्रक्चर तैयार पर एस्बेस्टस शीट नहीं लगी। क्या कहा यात्रियों ने… नागजुआ के अब्बास अंसारी ने कहा कि यहां पानी भी नहीं है, रास्ता खराब है। इस स्टेशन से पास में ही हमारा कारोबार है। इसलिए हम यहां उतरते हैं। मंगरी देवी ने कहा कि स्टेशन में टॉयलेट का होना जरूरी है। नहीं रहने से काफी दिक्कत होती है। इस स्टेशन में ही उतरते हैं क्योंकि यहां से टाउन पास है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ Source link

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रोजाना 7000 यात्रियों की आवाजाही के बावजूद अरगोड़ा स्टेशन बदहाल, पानी, शौचालय...

रांची रेलवे स्टेशन और हटिया रेलवे स्टेशन को विश्वस्तरीय बनाने के लिए तेजी से काम चल रहा है। यहां आधुनिक सुविधाएं और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किए जा रहे हैं। लेकिन शहर के बीच कडरू के पास स्थित अरगोड़ा रेलवे स्टेशन की स्थिति अब भी बदहाल बनी हुई है। रांची से लोहरदगा के बीच रोजाना चार जोड़ी ट्रेनें चलती हैं, जो अरगोड़ा स्टेशन पर भी रुकती हैं। हर दिन करीब 7 हजार यात्री इस स्टेशन से सफर करते हैं। इसके बावजूद यहां बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी है। स्टेशन पर पीने के पानी की सही व्यवस्था नहीं है। एकमात्र चापानल खराब पड़ा है और प्लेटफॉर्म पर लगे नल सूखे व टूटे हुए हैं। ऐसे में यात्रियों को स्टेशन से बाहर जाकर पानी खरीदना पड़ता है। शौचालय की सुविधा भी नहीं है। एक टॉयलेट बन रहा है, लेकिन वह अधूरा पड़ा है। इस कारण लोगों को, खासकर महिलाओं को काफी परेशानी होती है। स्टेशन पर शेड का ढांचा तो बना है, लेकिन ऊपर छत नहीं लगाई गई है। जल्द ही 5 करोड़ रुपए से होगा स्टेशन का विकास : डीआरएम रांची रेल मंडल के डीआरएम करुणानिधि सिंह ने बताया कि वर्क सैंक्शन के लिए भेजा गया है। करीब 5 करोड़ रुपए से इस स्टेशन का विकास होगा। यहां लोगों को सभी सुविधाएं मिलेंगी। स्टेशन में सिटिंग एरिया, पार्किंग, शेड समेत सभी स्ट्रक्चर बनेंगे। लोगों को सभी बुनियादी सुविधाएं मिलने लगेंगी। अरगोड़ा स्टेशन पर एक नजर स्टेशन पहुंचने की सड़क बदहाल है। सड़क में गड्ढे ही गड्ढे हैं। स्टेशन में सुरक्षा के लिए सिर्फ एक ही आरपीएफ जवान की तैनाती रहती है। पार्किंग में प्रति दिन करीब 100 दुपहिए लगते हैं, इसका शेड भी फटा हुआ है। स्टेशन में यात्रियों के लिए बना यात्री पड़ाव भी जर्जर अवस्था में हैं। झोपड़ी में पार्किंग बयां कर रही बदहाली। नल टूट चुके हैं, पानी भी नहीं मिलता। यात्री शेड का स्ट्रक्चर तैयार पर एस्बेस्टस शीट नहीं लगी। क्या कहा यात्रियों ने… नागजुआ के अब्बास अंसारी ने कहा कि यहां पानी भी नहीं है, रास्ता खराब है। इस स्टेशन से पास में ही हमारा कारोबार है। इसलिए हम यहां उतरते हैं। मंगरी देवी ने कहा कि स्टेशन में टॉयलेट का होना जरूरी है। नहीं रहने से काफी दिक्कत होती है। इस स्टेशन में ही उतरते हैं क्योंकि यहां से टाउन पास है। Source link

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forest department awareness saved during sendra festival wildlife from hunted at dalma...

Last Updated:April 27, 2026, 21:42 IST Sendra festival Dalma: जमशेदपुर के दलमा में सेंदरा पर्व के दौरान इस बार पारंपरिक हथियारों से शिकार नहीं हुआ. जो परंपरा और संरक्षण की अनूठी मिसाल पेश की. दलमा के जंगलों में हजारों आदिवासियों ने पारंपरिक हथियारों के साथ सेंदरा पर्व तो मनाया, लेकिन इस बार शिकार की जगह जानवरों की रक्षा का संकल्प लिया. वन विभाग की गांधीगिरी और ग्रामीणों की जागरूकता ने सदियों पुरानी परंपरा को एक सकारात्मक मोड़ दिया है. जानें कैसे इस बार दलमा में खून नहीं बहा, बल्कि फूल-मालाओं से सेंदरा वीरों का स्वागत हुआ और महिलाओं ने क्यों किया श्रृंगार का त्याग? जमशेदपुर: कोल्हान समेत ओडिशा और पश्चिम बंगाल के हजारों आदिवासियों के लिए आज का दिन बेहद खास था. मौका था वार्षिक सेंदरा पर्व का. 190 किलोमीटर में फैले दलमा वन्यजीव अभयारण्य के जंगलों में आज सुबह से ही गहमागहमी थी. हाथ में तीर-धनुष, भाले और पारंपरिक हथियार लिए हजारों आदिवासी युवा और बुजुर्ग दलमा राजा की पूजा कर पहाड़ों पर चढ़ने लगे. लेकिन इस बार नजारा कुछ बदला हुआ था. जंगलों से शिकार की खबरें नहीं, बल्कि पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण का संदेश आ रहा था. परंपरा और संवेदना का संगमसेंदरा पर्व को पारंपरिक रूप से शिकार का उत्सव माना जाता है. लेकिन इस वर्ष वन विभाग और आदिवासी समाज के बीच हुई बैठकों का व्यापक असर देखने को मिला. सेंदरा वीरों में सोनू टुडू और महेंद्र महतो ने बताया कि उनका उद्देश्य जानवरों की हत्या करना नहीं है. अपनी संस्कृति को जीवित रखना है. उन्होंने कहा कि हम जल, जंगल, जमीन और जानवरों की रक्षा करने वाले लोग हैं. हम हथियार केवल अपनी सुरक्षा और परंपरा के निर्वहन के लिए ले जाते हैं. सरकार और वन विभाग की अपील का सम्मान करते हुए हमने इस बार जानवरों को नुकसान नहीं पहुंचाया. महिलाओं का अनूठा त्याग और श्रृंगार का त्यागइस पर्व का एक बेहद आध्यात्मिक और भावनात्मक पहलू भी है. सबीता सोरेन ने बताया कि जब तक उनके परिवार के पुरुष जंगलों से सेंदरा मनाकर लौट नहीं आते, तब तक घर की महिलाएं श्रृंगार नहीं करतीं. यहां तक कि वे अपनी मांग का सिंदूर भी हटा देती हैं. यह त्याग उनके परिवार की सुरक्षा और परंपरा के प्रति अटूट विश्वास को दर्शाता है. महिलाओं के अनुसार सेंदरा का असली उद्देश्य प्रकृति के साथ सामंजस्य बिठाना है. वन विभाग की गांधीगिरी और फूल-माला से स्वागतवन विभाग ने इस बार दमन के बजाय जागरूकता का रास्ता चुना. दलमा के रेंजर दिनेश चंद्र ने एक अनोखी पहल करते हुए जंगलों से लौट रहे सेंदरा वीरों का फूल-माला पहनाकर स्वागत किया. विभाग की इस गांधीगिरी ने आदिवासियों का दिल जीत लिया. डीएफओ सबा आलम और आरसीएफ स्मिता पंकज ने बताया कि विभाग ने 15 चेक पोस्ट बनाए थे. 500 जवानों की तैनाती की थी. सीसीटीवी कैमरों से भी निगरानी रखी जा रही थी. वन विभाग ने ग्रामीणों को समझाया था कि अगर जंगल में जानवर नहीं रहेंगे, तो सैलानी नहीं आएंगे. जिससे उनका रोजगार छिन जाएगा. इस आर्थिक और पर्यावरणीय तर्क का गहरा असर दिखा. मानवता और बेजुबानों की जीतसेंदरा पर्व के समापन पर वन विभाग के अधिकारियों ने आदिवासी समाज का आभार व्यक्त किया. यह इस बात का प्रमाण है कि संवाद और विश्वास के जरिए सदियों पुरानी उन परंपराओं को बदला जा सकता है जो पर्यावरण के लिए घातक हों. आदिवासी समाज ने अपनी संस्कृति को बचाए रखते हुए बेजुबान जानवरों की रक्षा कर पूरे देश के सामने एक मिसाल कायम की है. यदि इसी तरह हर समाज प्रकृति की रक्षा के लिए आगे आए, तो जल, जंगल और जमीन सुरक्षित रहेंगे. About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Jamshedpur,Purbi Singhbhum,Jharkhand First Published : April 27, 2026, 21:42 IST Source link

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मई के पहले सप्ताह में 35 डिग्री तक रहेगा पारा, इसके बाद...

मई का मौसम मई की शुरुआत में बोकारो समेत आसपास के क्षेत्रों में लोगों को भीषण गर्मी से फिलहाल राहत मिलने के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार मई के पहले सप्ताह में अधिकतम तापमान लगभग 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहेगा। हालांकि इसके बाद तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होने की संभावना है। राज्य के गोड्डा, साहेबगंज, पाकुर, दुमका, देवघर, गिरीडीह, धनबाद व बोकारो में कहीं-कहीं पर ओलावृष्टि के साथ गर्जन, वज्रपात व आंधी (अधिकतम 50-60 किमी प्रतिघंटे) चलने की संभावना है। दूसरे सप्ताह 40 डिग्री तक चढ़ेगा तापमान मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक जिले में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान कई स्थानों पर तेज हवा चलने और वज्रपात होने की भी आशंका व्यक्त की गई है। मौसम में बदलाव के कारण दिन के तापमान में अधिक वृद्धि नहीं होगी, जिससे लोगों को उमस और तेज धूप से कुछ राहत मिलेगी। विशेषज्ञों के अनुसार बंगाल की खाड़ी से नमी आने और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम में यह बदलाव देखा जा रहा है। हालांकि मई के दूसरे सप्ताह से गर्मी का असर तेज होने लगेगा और तापमान 40 डिग्री के करीब पहुंच सकता है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है। विशेष रूप से वज्रपात के समय खुले मैदान, पेड़ के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े नहीं होने की अपील की गई है। किसानों को भी मौसम को देखते हुए खेतों में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। बारिश से लतर वाली सब्जियों को नुकसान होने की संभावना रहती है। Source link

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कर्मचारियों व ठेका श्रमिकों के हितों की रक्षा करेगा संघ : प्रेम

बोकारो | भारतीय इस्पात कर्मचारी संघ ने बोकारो स्टील प्लांट के फोर्ज शॉप विभाग में मजदूर दिवस मनाया। संयुक्त महामंत्री सुरेंद्र महतो ने संचालन व कार्यकारी अध्यक्ष एनके सिंह ने मजदूरों का हौसला बढ़ाया। महामंत्री प्रेम कुमार ने कहा कि आज मजदूर साथी हक की लड़ाई लड़ना भूल गए हैं। सोशल मीडिया से निकलकर सड़क पर उतरना होगा और लड़ाई लड़ना होगा। सेल – बीएसएल प्रबंधन तानाशाह हो गया है, जो मन कर रहा है वह नियम बना दे रही है। इसका कारण मजदूरों में बिखराव है। लेकिन हमें एकजुट होकर लड़ना होगा। Source link

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कन्या राशि वालों के लिए चुनौती भरा है आज का दिन, संभलकर...

Last Updated:May 04, 2026, 04:05 IST Aaj ka Kanya Rashifal 4 may 2026: आर्थिक मामलों में भी आज सावधानी जरूरी है. आपका कोई पैसा कहीं अटक सकता है या समय पर वापस नहीं मिल सकता. इसलिए आज किसी को उधार देने से बचें और लेन-देन में पूरी सतर्कता बरतें. दूसरी ओर, घर में किसी मांगलिक कार्य का आयोजन भी हो सकता है, जिससे माहौल थोड़ा सकारात्मक बनेगा और मन को कुछ राहत मिलेगी. ख़बरें फटाफट परमजीत/देवघर: राशिफल को ग्रह-नक्षत्र और चंद्रमा की स्थिति के आधार पर आंका जाता है. आज ऋषिकेश पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की तिथि चल रही है. इसके साथ ही अनुराधा नक्षत्र और परिघ योग का संयोग बन रहा है. चंद्रमा वृश्चिक राशि में गोचर कर रहा है, जिसका प्रभाव कन्या राशि वालों के जीवन पर साफ देखने को मिलेगा. आज का दिन कन्या राशि के जातकों के लिए मिला-जुला रहने वाला है, यानी कुछ मामलों में लाभ मिलेगा तो कुछ जगहों पर सावधानी बरतनी बेहद जरूरी होगी. विस्तृत राशिफल जानते हैं देवघर के ज्योतिषाचार्य पंडित नंद किशोर मुदगल जी से? सुबह से ही आलस्य भरा महसूस होगादिन की शुरुआत थोड़ी अड़चनों के साथ हो सकती है. सुबह के समय मन में भारीपन और आलस्य महसूस होगा, जिससे आप अपने कामों को समय पर पूरा करने में थोड़ी परेशानी महसूस कर सकते हैं. आज आप जो भी कार्य करेंगे, उसमें मन पूरी तरह नहीं लगेगा और उत्साह की कमी साफ नजर आएगी. इसका असर आपके जरूरी कामों पर पड़ सकता है और कोई महत्वपूर्ण कार्य बीच में ही रुक सकता है. इस कारण आपको हल्की मानसिक परेशानी और तनाव का सामना करना पड़ सकता है. आज जीवनसाथी के साथ हो सकती है अनबनआज का दिन मानसिक रूप से थोड़ा दबाव भरा रह सकता है, इसलिए जरूरी है कि आप खुद को शांत रखें. किसी भी बात को लेकर ज्यादा सोच-विचार करने से बचें. खासकर किसी से वाद-विवाद करने से दूर रहें, क्योंकि छोटी सी बहस भी बड़ा रूप ले सकती है और मामला कोर्ट-कचहरी तक पहुंच सकता है. आज अपने शब्दों पर विशेष नियंत्रण रखें, क्योंकि आपके कटु वचन आपके रिश्तों में खटास ला सकते हैं. जीवनसाथी के साथ भी किसी बात को लेकर अनबन हो सकती है, इसलिए संयम और समझदारी से काम लें. किसी को भी धन उधार देने से पहले सोच विचार अवश्य कर लेंआर्थिक मामलों में भी आज सावधानी जरूरी है. आपका कोई पैसा कहीं अटक सकता है या समय पर वापस नहीं मिल सकता. इसलिए आज किसी को उधार देने से बचें और लेन-देन में पूरी सतर्कता बरतें. दूसरी ओर, घर में किसी मांगलिक कार्य का आयोजन भी हो सकता है, जिससे माहौल थोड़ा सकारात्मक बनेगा और मन को कुछ राहत मिलेगी. मानसिक तनावस्वास्थ्य के लिहाज से आज का दिन थोड़ा कमजोर रह सकता है. सर्दी, खांसी या जुकाम जैसी समस्याएं परेशान कर सकती हैं, इसलिए बदलते मौसम में विशेष सावधानी रखें. ठंडी चीजों से दूरी बनाएं और अपनी दिनचर्या को संतुलित रखें. पर्याप्त आराम और हल्का भोजन आपके लिए फायदेमंद रहेगा. आज मानसिक तनाव महसूस कर सकते हैं. उपायआज के दिन को बेहतर बनाने के लिए सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और भगवान शिव का जलाभिषेक करें. “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें, इससे मानसिक शांति मिलेगी और तनाव कम होगा. सफेद रंग का वस्त्र या रूमाल अपने पास रखना आपके लिए शुभ रहेगा. जरूरतमंद लोगों को मूंग या हरी सब्जी का दान करें. इससे ग्रह दोष शांत होंगे. किसी भी कार्य को शुरू करने से पहले गणेश जी का स्मरण करें, ताकि कार्यों में आ रही बाधाएं दूर हो सके. सबसे महत्वपूर्ण बात, आज धैर्य और संयम बनाए रखें. यही आपके दिन को बेहतर बना सकता है. About the Author Rajneesh Singh जी न्यूज, इंडिया डॉट कॉम, लोकमत, इंडिया अहेड, न्यूज बाइट्स के बाद अब न्यूज 18 के हाइपर लोकल सेगमेंट लोकल 18 के लिए काम कर रहा हूं. विभिन्न संस्थानों में सामान्य खबरों के अलावा टेक, ऑटो, हेल्थ और लाइफ स्टाइल बीट…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Deoghar,Jharkhand Source link

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शैक्षणिक समस्याओं को लेकर ऑर्गेनाइजेशन ने किया प्रदर्शन

सिटी रिपोर्टर | बोकारो ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन बोकारो की ओर से शनिवार को विभिन्न शैक्षणिक समस्याओं को लेकर पटेल चौक से उपायुक्त कार्यालय तक रैली निकालकर प्रदर्शन किया गया। इस दौरान संगठन के प्रतिनिधियों ने मांगों के समर्थन में उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने चंदनकियारी और चंद्रपुरा प्रखंड में सरकारी डिग्री कॉलेज की स्थापना, जरूरतमंद छात्रों को नियमित छात्रवृत्ति, शिक्षकों व शिक्षकेतर कर्मचारियों की अविलंब बहाली, छात्राओं व महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने, 10वीं-12वीं पास सभी विद्यार्थियों का नामांकन, बस-ट्रेन किराये में रियायत तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को वापस लेने की मांग उठाई। प्रदेश सचिव सोहन महतो ने कहा कि चंदनकियारी और चंद्रपुरा में एक भी सरकारी डिग्री कॉलेज नहीं होने के कारण छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा से वंचित हैं। राज्य और जिले में शिक्षा व्यवस्था बदहाल है और प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। शिक्षा बजट में कटौती और संसाधनों की कमी के कारण सरकारी शिक्षा व्यवस्था कमजोर हो रही है। कार्यक्रम को प्रदेश सचिव मंडली सदस्य जूलियस फुचिक, शुभम कुमार झा, जिला प्रभारी प्रदीप कुमार यादव और संगीता महतो ने भी संबोधित किया। इस दौरान संगीत मंडली द्वारा क्रांतिकारी गीतों की प्रस्तुति दी गई। संचालन समीर महतो ने की। प्रदर्शन में खुशबू, आरती, प्रहलाद, राहुल, मंदिरा, अर्पिता सहित सैकड़ों छात्र-छात्राएं शामिल हुए। Source link

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