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government bus fares increased muzaffarpur patna darbhanga ticket price new rate list

Last Updated:June 14, 2026, 20:54 IST Bihar Government Bus New Fares: बिहार के इन रूट के बस यात्रियों के लिए काम की खबर है. अब उनको इन रूटों पर बस यात्रा करने पर अतिरिक्त जेब ढ़िली करनी होगी. क्योंकि बिहार राज्य पथ परिवहन निगम ने मुजफ्फरपुर से पटना, दरभंगा, सीतामढ़ी समेत कई रूटों पर बस किराया बढ़ाया है. नई दरें लागू होने से यात्रियों की यात्रा महंगी हो गई. इससे मासिक बजट पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा. जानिए किस रूट पर कितना किराया बढ़ाया गया है. मुजफ्फरपुर: बस से सफर करने वाले यात्रियों के लिए जरूरी खबर है. बिहार राज्य पथ परिवहन निगम द्वारा बस किराये में बढ़ोतरी लागू कर दी गई है. नई दरें लागू होने के बाद मुजफ्फरपुर से पटना, दरभंगा, सीतामढ़ी, मोतिहारी, गोपालगंज, बेतिया समेत विभिन्न रूटों पर यात्रा महंगी हो गई है. करीब पांच साल बाद किराये में संशोधन किया गया है. जिससे रोजाना सफर करने वाले यात्रियों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा. जानिए साधारण, डीलक्स, और एसी की नई दरेंनई दरों के अनुसार मुजफ्फरपुर से पटना (83 किमी) जाने के लिए अब सरकारी साधारण बस में 133 रुपये किराया देना होगा. वहीं डीलक्स बस का किराया 148 रुपये और एसी डीलक्स बस का किराया 173 रुपये निर्धारित किया गया है. निजी नॉन-एसी बसों में पटना का किराया बढ़कर 150 रुपये हो गया है, जबकि एसी बसों में यात्रियों को 171 रुपये चुकाने होंगे. दरभंगा, सीतामढ़ी, शिवहर के लिए देना होगा इतनादरभंगा और सीतामढ़ी जाने वाले यात्रियों को भी अब पहले से अधिक किराया देना होगा. सरकारी सेमी डीलक्स बस से इन रूटों पर यात्रा करने के लिए 102 रुपये और डीलक्स बस में 113 रुपये किराया तय किया गया है. वहीं निजी बसों में दरभंगा का किराया 125 रुपये और सीतामढ़ी का 115 रुपये हो गया है. मोतिहारी रूट पर निजी बसों का किराया 175 रुपये कर दिया गया है. समस्तीपुर जाने के लिए अब 140 रुपये, बेगूसराय के लिए 230 रुपये, महुआ के लिए 115 रुपये तथा शिवहर और पुपरी के लिए 115 रुपये किराया देना होगा. वहीं बेतिया और गोपालगंज जाने वाले यात्रियों को अब 290 रुपये तक किराया चुकाना पड़ेगा. शिवहर रूट पर सरकारी सेमी डीलक्स बस का किराया 81 रुपये और डीलक्स बस का किराया 90 रुपये निर्धारित किया गया है. इसके अलावा छपरा जाने के लिए सेमी डीलक्स बस में 132 रुपये और डीलक्स बस में 147 रुपये किराया लगेगा. मासिक बजट पर पड़ेगा अतिरिक्त दबावपरिवहन निगम के अधिकारियों के अनुसार डीजल, स्पेयर पार्ट्स और रखरखाव लागत में लगातार वृद्धि के कारण किराये में संशोधन किया गया है. नई दरें निगम की बसों के साथ-साथ पीपीपी मोड में संचालित बसों पर भी लागू होंगी. किराया बढ़ने के बाद सबसे ज्यादा असर रोजाना ऑफिस, कॉलेज और कामकाज के लिए यात्रा करने वाले लोगों पर पड़ेगा. यात्रियों का कहना है कि पहले से बढ़ी महंगाई के बीच बस किराये में वृद्धि से मासिक बजट पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा. About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Muzaffarpur,Bihar Source link

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CBI केस से बचने के लिए दिल्ली गए थे? जो आरोप DMK...

होमताजा खबरदेश CBI केस से बचने के लिए दिल्ली गए थे? DMK चीफ स्टालिन का CM विजय पर पलटवार Last Updated:June 14, 2026, 20:01 IST पूर्व मुख्यमंत्री स्टालिन ने विजय की हालिया दिल्ली यात्रा पर तीखे सवाल पूछे. उन्होंने मुख्यमंत्री से स्पष्टीकरण देने की मांग की है. स्टालिन ने वर्तमान मुख्यमंत्री से मुख्य रूप से ये सवाल पूछे हैं. क्या आप करूर सीबीआई मामले की जांच से बचने के लिए दिल्ली गए थे. क्या आप केंद्र सरकार और भाजपा की खुली आलोचना करने से डर रहे हैं. क्या आपको लगता है कि भाजपा का विरोध करने से आपकी सरकार संकट में आ सकती है. ख़बरें फटाफट एम के स्टालिन ने सीएम विजय के दिल्ली दौरे पर सवाल उठाए हैं. (फाइल फोटो) चेन्नई. डीएमके अध्यक्ष और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने रविवार को मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय पर जुबानी हमला किया. उन्होंने मुख्यमंत्री की हालिया नई दिल्ली यात्रा पर सवाल उठाए और उन पर आरोप लगाया कि वे राजनीतिक विरोधियों के मामले में अपनाए गए अपने पुराने रवैये से अलग मापदंड अपना रहे हैं. स्टालिन ने उन बातों का जिक्र किया जो कथित तौर पर विजय ने तब कही थीं जब डीएमके सत्ता में थी और स्टालिन राष्ट्रीय राजधानी गए थे. डीएमके नेता के अनुसार, विजय ने तब उन पर आरोप लगाया था कि वे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मामलों में जांच से बचने के लिए दिल्ली गए थे और यह भी आरोप लगाया था कि डीएमके ने भाजपा के साथ कोई गुप्त समझौता किया है. स्टालिन ने कहा कि जब भी मैं मुख्यमंत्री के तौर पर दिल्ली जाता था, तो मौजूदा मुख्यमंत्री कई तरह के आरोप लगाते थे. उनका दावा था कि मैं ईडी के मामलों से बचने के लिए वहां गया था और उन्होंने यह भी कहा था कि राजनीतिक फायदे पाने के लिए मैं भाजपा के आगे झुक गया था. विजय की हालिया दिल्ली यात्रा का जिक्र करते हुए स्टालिन ने मुख्यमंत्री से कई सवाल पूछे. उन्होंने पूछा, “अब आपने क्या किया है? क्या आप करूर सीबीआई मामले से बचने के लिए दिल्ली गए थे? क्या आप भाजपा की आलोचना करने से डरते हैं क्योंकि आपको लगता है कि इससे आपकी सरकार के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं?” स्टालिन ने कहा कि इन सवालों का मकसद विजय की राजनीतिक बातों में दिख रहे विरोधाभास को उजागर करना था. उन्होंने तर्क दिया कि अभी जो आरोप लगाए जा रहे हैं, वे वैसे ही हैं जैसे पहले डीएमके नेतृत्व पर लगाए गए थे. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वह वैसी व्यक्तिगत आलोचना नहीं करेंगे, जैसी उनके अनुसार विजय ने पहले की थी. स्टालिन का कहना था कि राष्ट्रीय राजधानी में सरकारी कार्यक्रमों में शामिल होना मुख्यमंत्री की जिम्मेदारियों का हिस्सा है और इसे अपने आप ही राजनीतिक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए. स्टालिन ने कहा कि मैं मुख्यमंत्री के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करके अपना स्तर नहीं गिराऊंगा, सिर्फ इसलिए कि वह दिल्ली में एक सरकारी कार्यक्रम में शामिल हुए थे. यह टिप्पणी सत्ताधारी टीवीके के नेतृत्व वाली सरकार और विपक्षी डीएमके के बीच बढ़ते राजनीतिक टकराव के बीच आई है, जिसमें दोनों पक्ष भाजपा और केंद्र सरकार के साथ अपने-अपने संबंधों को लेकर एक-दूसरे पर लगातार आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं. About the Author Rakesh Ranjan Kumar राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Chennai,Tamil Nadu Source link

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TMC Rebel MP Meeting LIVE Updates: स्पीकर के कमरे तक पहुंची टीएमसी...

होमताजा खबरदेश स्पीकर के कमरे तक पहुंची टीएमसी की लड़ाई, दोनों गुटों ने पार्टी पर ठोका दावा Last Updated:June 14, 2026, 18:46 IST TMC Rebel MP Meeting LIVE Updates: दिल्ली का लुटियंस जोन इस समय पश्चिम बंगाल की राजनीति के सबसे बड़े ऐतिहासिक दलबदल का गवाह बन रहा है. केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के आवास पर टीएमसी के बागी सांसदों की खुफिया ब…और पढ़ें टीएमसी में अब आर या पार की लड़ाई शुरू. TMC Rebel MP Meeting LIVE Updates: दिल्ली के लुटियंस जोन में जब टीएमसी के 20 बागी सांसद केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के घर पर भाजपा रणनीतिकारों के साथ बैठक कर रहे हैं, ठीक उसी समय तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और ममता बनर्जी के उत्तराधिकारी अभिषेक बनर्जी ने इस बगावत को कुचलने के लिए अपना सबसे बड़ा कानूनी और संसदीय दांव चल दिया है. अभिषेक बनर्जी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक बेहद सख्त और आधिकारिक पत्र भेजा है. इस पत्र के सामने आते ही दिल्ली से लेकर कोलकाता तक चल रहे राजनीतिक ड्रामे में एक नया मोड़ आ गया है. हालांकि, बागी गुट के पास 20 सांसदों का समर्थन होने का दावा किया जा रहा है, जो टीएमसी के कुल 29 सांसदों का दो-तिहाई (2/3rd) से अधिक है. संविधान की दसवीं अनुसूची (दलबदल विरोधी कानून) के तहत यदि किसी दल के दो-तिहाई सांसद अलग होते हैं, तो उन पर दलबदल कानून लागू नहीं होता. लेकिन अभिषेक बनर्जी की इस चिट्ठी ने कानूनी लड़ाई की नींव रख दी है. ममता बनर्जी के वफादार खेमे का कहना है कि पार्टी के सिंबल और नाम पर चुनाव जीतकर आए सांसद इस तरह जनता के जनादेश को धोखा नहीं दे सकते. वहीं, दिल्ली में मौजूद बागी गुट का तर्क है कि पश्चिम बंगाल चुनाव में करारी हार के बाद पार्टी के भीतर लोकतांत्रिक बदलाव बेहद जरूरी हो गया था. आज रात बंग भवन की ‘डिनर डिप्लोमेसी’ के बाद होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह साफ हो जाएगा कि अभिषेक बनर्जी के इस कानूनी वार का बागी गुट क्या जवाब देता है. इधर बागी गुटों का एक्शन शुरू, अब बंग भवन में करेंगे डिनर पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की करारी हार के बाद पार्टी के भीतर हुआ विद्रोह अब पूरी तरह सतह पर आ चुका है. दिल्ली के लुटियंस जोन में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के आवास और फिर बंग भवन में होने जा रही ‘सीक्रेट डिनर डिप्लोमेसी’ के लिए बागी सांसदों का महाजुटान हो रहा है. लोकसभा अध्यक्ष (Speaker) ओम बिरला को सौंपी गई चिट्ठी और सार्वजनिक हुए दस्तावेजों के अनुसार, टीएमसी के कुल 29 लोकसभा सांसदों में से 19 सांसदों के हस्ताक्षर सामने आ चुके हैं, जो दलबदल विरोधी कानून (Anti-Defection Law) से बचने के लिए जरूरी दो-तिहाई (2/3rd) के आंकड़े को पूरा करते हैं. टीएमसी के वरिष्ठतम सांसद सुदीप बंदोपाध्याय के भी पाला बदलने की खबर है, जिससे यह संख्या 20 तक पहुंच रही है. अब पार्टी की सांसद काकोली घोष ने कहा है कि 2 और सांसदों का समर्थन आ गया है. देखें कौन-कौन बागी सांसद हैं, जो आज की मीटिंग में पहुंच रहे हैं. टीएमसी के बागी सांसदों की बैठक की तस्वीर, देखिए कौन किसके बगल में बैठी हैं. 1- डॉ. काकोली घोष दस्तिदार (बारासात): इस पूरे बागी गुट का मुख्य चेहरा और लोकसभा में खुद को ‘चीफ व्हिप’ के तौर पर पेश कर रही हैं. 2- शताब्दी रॉय (बीरभूम): चार बार की वरिष्ठ सांसद, जिन्हें बागी गुट का ‘डिप्टी लीडर’ बनाया गया है. 3- माला रॉय (कोलकाता दक्षिण): ममता बनर्जी की बेहद पुरानी और तीन बार की वफादार सांसद, जिनका बागी खेमे में जाना चौंकाने वाला है. 4- सायोनी घोष (जादवपुर): अभिनेत्री से सांसद बनीं और अभिषेक बनर्जी की करीबी मानी जाने वाली सायोनी का नाम इस लिस्ट में सबसे हैरान करने वाला है. 5- यूसुफ पठान (बहरामपुर): पूर्व भारतीय क्रिकेटर जिन्होंने अधीर रंजन चौधरी को हराया था, अब ममता का साथ छोड़ चुके हैं. 6- दीपक अधिकारी उर्फ देव (घाटाल): बांग्ला सिनेमा के सुपरस्टार और तीन बार के सांसद. 7- रचना बनर्जी (हुगली): प्रसिद्ध बांग्ला अभिनेत्री और पहली बार की सांसद. 8- जून मालिया (मेदिनीपुर): लोकप्रिय अभिनेत्री और पहली बार लोकसभा पहुंचीं सांसद. 9- प्रसुन बंद्योपाध्याय (हावड़ा): पूर्व अंतरराष्ट्रीय फुटबॉलर और वरिष्ठ सांसद. 10- जगदीश बर्मा बसुनिया (कूचबिहार): उत्तर बंगाल का बड़ा राजनैतिक चेहरा. 11- खलीलुर्रहमान (जंगीपुर): मुर्शिदाबाद जिले के कद्दावर नेता. 12- अबू ताहिर खान (मुर्शिदाबाद): दो बार के सांसद, जिन्होंने हाल ही में सुवेंदु अधिकारी की तारीफ भी की है. 13- बापी हलदर (मथुरापुर): पहली बार के सांसद. 14- डॉ. शर्मिला सरकार (बर्धमान पूर्व): पहली बार की सांसद. 15- असित कुमार मल (बोलपुर): वीरभूम इलाके के वरिष्ठ नेता. 16- अरूप चक्रवर्ती (बांकुड़ा): बांकुड़ा से सांसद. 17- मिताली बैग (आरामबाग): पहली बार की महिला सांसद. 18- कालीपद सोरेन (झाड़ग्राम): आदिवासी बहुल क्षेत्र के बड़े नेता. 19- पार्थ भौमिक (बैरकपुर): ममता बनर्जी सरकार में पूर्व मंत्री और नवनिर्वाचित सांसद. 20- सुदीप बंदोपाध्याय (कोलकाता उत्तर) भी शनिवार को दिल्ली पहुंचकर भाजपा के रणनीतिकारों से मिल चुके हैं, जिससे वे इस बागी गुट के 20वें सबसे बड़े स्तंभ बनकर उभरे हैं. दिल्ली में यह बैठक पहले बागी गुट का मुख्य चेहरा बनीं सांसद डॉ. काकोली घोष दस्तिदार के सरकारी आवास पर तय की गई थी, लेकिन सुरक्षा और भारी राजनीतिक सस्पेंस को देखते हुए ऐन वक्त पर इसके आयोजन की जगह बदली भी जा सकती है. इस बैठक में शामिल होने के लिए दिल्ली में मौजूद अधिकांश बागी सांसदों का जुटना शुरू हो गया है. एक-एक कर बागी गुट के सांसदों का दिल्ली पहुंचना शुरू हो गया है. पहले इस गुट की बैठक में पश्चिम बंगाल की सीएम सुवेंदु अधिकारी की भी शामिल होने की चर्चा थी, लेकिन अब कहा जा रहा है कि उन्होंने इस बैठक से अपने आप को दूर कर लिया है. TMC Rebel MP Meeting LIVE Updates: दिल्ली में भूपेंद्र यादव के यहां टीएमसी के बागी कर रहे मीटिंग, इधर ममता बनर्जी ने कर दिया बड़ा खेला TMC Rebel MP Meeting LIVE Updates:  भूपेंद्र यादव के घर से टीएमसी के 19 सांसद सीधे

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GDP से IMF तक का हवाला, निर्मला सीतारमण बोलीं- भारत को कमतर...

बेंगलुरु. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए रविवार को आरोप लगाया कि वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश में भारत एवं उसके लोगों की उपलब्धियों को ‘कमतर’ आंकते हैं. सीतारमण ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी कोविड-19 वैश्विक महामारी और पश्चिम एशिया में संघर्ष जैसे बड़े संकटों के दौरान भी भारत की उपलब्धियों को ‘नजरअंदाज’ करते हैं. उन्होंने कहा कि देश के सामने ऐसा कोई संकट नहीं है, जैसा राहुल गांधी पेश कर रहे हैं. उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के शासन के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में यहां आयोजित ‘विकसित भारत संकल्प समावेश’ में पार्टी पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा, ‘लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष जब भी बोलते हैं, तो हर चीज की केवल आलोचना करते हैं और भारत के लोगों की उपलब्धियों को कमतर आंकते हैं. उन्हें लगता है कि ऐसा करके वह प्रधानमंत्री मोदी या केंद्र सरकार को कमतर दिखा रहे हैं.’ सीतारमण ने कहा कि राहुल गांधी लगातार कहते रहते हैं कि अगले कुछ सप्ताह में सब कुछ ढह जाएगा. उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष बार-बार कहते हैं कि कोई बड़ा संकट आने वाला है, लेकिन भारत के सामने ऐसा कोई संकट नहीं है. उन्होंने कहा, ‘इसके विपरीत, तिमाही दर तिमाही और साल दर साल भारत सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना हुआ है.’ केंद्रीय मंत्री सीतारमण ने कहा कि भारत के सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था होने की बात सरकार नहीं कह रही, बल्कि सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आंकड़े और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) भी यही कहते हैं. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कांग्रेस नेता के बार-बार केवल आलोचना करने से आम नागरिकों के बीच देश की आर्थिक स्थिति को लेकर गलत धारणा बन सकती है. उन्होंने कहा, ‘इसके बावजूद नेता प्रतिपक्ष और उनकी पार्टी भारत को कमतर दिखाने में लगे हैं. वे लोगों को यह विश्वास दिलाने की कोशिश करते हैं कि भारत संकट में है. पश्चिम एशिया में संकट और होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधाओं के बावजूद भारत आगे बढ़ रहा है.’ सीतारमण ने ईंधन आपूर्ति और वैश्विक व्यापार पर भू-राजनीतिक तनाव के असर को समझाते हुए कहा कि चुनौतियां केवल कच्चे तेल और एलपीजी की कीमतों में उतार-चढ़ाव तक सीमित नहीं हैं. उन्होंने कहा, ‘इन चुनौतियों का असर केवल कच्चे तेल और एलपीजी की कीमतों पर ही नहीं, बल्कि वैश्विक जहाजरानी पर भी पड़ता है. जहाजरानी कंपनियां संघर्ष वाले क्षेत्रों से पोत भेजने में हिचकिचाती हैं. पोतों पर हमले का खतरा होने के कारण बीमा प्रीमियम बढ़ जाता है. पोत खाली हो या कच्चा तेल लेकर जा रहा हो, बीमा लागत काफी बढ़ जाती है और देश तक आपूर्ति पहुंचाने के लिए इन लागतों का भुगतान आखिरकार करना पड़ता है.’ उन्होंने कहा कि इन वैश्विक चुनौतियों के बावजूद प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने आपूर्ति में कोई बाधा नहीं आने दी. सीतारमण ने कहा, ‘दुर्भाग्य से, नेता प्रतिपक्ष को इनमें से कोई बात मायने रखती नहीं दिखती.’ उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से सरकार की उपलब्धियों का संदेश लोगों तक पहुंचाने का आह्वान करते हुए कहा कि ‘विकसित भारत संकल्प समावेश’ एक बड़े राष्ट्रीय आंदोलन का हिस्सा है. उन्होंने कहा, “भारत ने 1947 में अपनी आजादी के लिए संघर्ष किया. वह एक बड़ा आंदोलन था-स्वतंत्रता आंदोलन. आर्थिक स्वतंत्रता, आत्मसम्मान, आत्मनिर्भरता और सच्चे स्वराज को हासिल करने के लिए हमें विकसित भारत की दिशा में काम करना होगा इसलिए यह ‘संकल्प समावेश’ उस आंदोलन के प्रति प्रतिबद्धता है. हम सभी को इसमें भाग लेना होगा.” सीतारमण ने कहा कि मोदी के नेतृत्व में भाजपा की 12 वर्ष की यात्रा विकास और कल्याण की यात्रा रही है. उन्होंने बहुआयामी गरीबी में कमी, नल जल कनेक्शन के विस्तार, स्वच्छता कवरेज, मुफ्त एलपीजी कनेक्शन और खाद्य सुरक्षा कार्यक्रमों का उल्लेख किया. उन्होंने कहा, “25 करोड़ भारतीय बहुआयामी गरीबी से बाहर आए हैं. अत्यधिक गरीबी 2013-14 में 29.17 प्रतिशत से घटकर लगभग 11.28 प्रतिशत रह गई है. ग्रामीण स्वच्छता कार्यक्रमों के तहत 12 करोड़ घरेलू शौचालय बनाए गए हैं और लगभग सभी तक यह सुविधा पहुंचाई गई.” सीतारमण ने शासन व्यवस्था में बदलावों का उल्लेख करते हुए जन धन खातों, आधार और मोबाइल कनेक्टिविटी पर आधारित डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि भारत में अब 58 करोड़ जन धन खाते, 144 करोड़ आधार पहचान और 125 करोड़ मोबाइल कनेक्शन हैं और ‘यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस’ (यूपीआई) डिजिटल लेनदेन का वैश्विक मॉडल बन गया है. सीतारमण ने इन आरोपों को खारिज किया कि केंद्र ने कर्नाटक की अनदेखी की है. उन्होंने कर हस्तांतरण, अनुदान और अवसंरचना निवेश का हवाला दिया. कर्नाटक से राज्यसभा सदस्य सीतारमण ने कहा, “कर्नाटक सरकार अक्सर दावा करती है कि केंद्र राज्य को उसका उचित हिस्सा नहीं दे रहा है. आइए तथ्यों को देखें. 2014 से 2026 के बीच कर्नाटक को कर हस्तांतरण के रूप में लगभग चार लाख करोड़ रुपये मिले जो 2014 से पहले की तुलनात्मक अवधि में मिले 82,000 करोड़ रुपये से पांच गुना अधिक है.” उन्होंने कहा कि 2014 से 2026 के बीच कर्नाटक को सहायता अनुदान के रूप में लगभग 2.71 लाख करोड़ रुपये मिले और राज्य को केंद्र की 50 साल की ब्याज-मुक्त ऋण योजना के तहत 18,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि भी मिली है. सीतारमण ने 2047 के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि विकसित भारत के निर्माण की जिम्मेदारी केवल सरकार पर नहीं छोड़ी जा सकती. उन्होंने कहा, “2047 आने में हमारे पास केवल 21 वर्ष बचे हैं. ऐसा लग सकता है कि इसमें समय है लेकिन ऐसा नहीं है. भारत को अधिक नवोन्मेष की जरूरत है. कर्नाटक भारत की नवोन्मेष राजधानी है. इसने एयरोस्पेस विकास, रक्षा विनिर्माण और जैव प्रौद्योगिकी में नेतृत्व किया है इसलिए जिम्मेदारी केवल सरकार पर नहीं छोड़ी जा सकती.” उन्होंने कहा, “हम सभी को स्वयं को प्रतिबद्ध करना होगा, ताकि ‘सबका साथ, सबका विकास’ भारत को 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य तक पहुंचाने में मदद करे.” Source link

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गोंडा की आठवीं पास पूजा घर पर बनाती हैं दर्जनों प्रकार के...

Last Updated:June 14, 2026, 16:53 IST पूजा बताती है कि उन्होंने आठवीं तक की पढ़ाई की उसके बाद उनकी शादी हो गई और वह हाउसवाइफ थी. फिर उनको संजू मिश्रा मिली और संजू मिश्रा ने बताया कि आप अचार बना लेती हैं तो आप अचार का बिजनेस करिए फिर हमने अचार के बिजनेस की शुरुआत की. बताती हैं कि हमको अचार बनाने का आईडिया संजू मिश्रा जी से मिला है हम घर पर थोड़ा बहुत अचार बना लेते थे तो उनसे हमने बताया तो उन्होंने हमको सारी विधि बताई और हम इस समय अचार का बिजनेस कर रहे हैं. ख़बरें फटाफट गोंडा: कहा जाता है कि सफलता हासिल करने के लिए केवल बड़ी डिग्री नहीं, बल्कि मेहनत और लगन की जरूरत होती है. इस बात को गोंडा जिले के विकासखंड पंडरी कृपाल की एक महिला ने सच साबित कर दिखाया है. केवल आठवीं तक पढ़ाई करने वाली इस महिला ने अपने घर से अचार बनाने का छोटा सा काम शुरू किया था, जो आज उसकी अच्छी कमाई का जरिया बन गया है. अचार के कारोबार से वह हर महीने अच्छी आमदनी कर रही हैं और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बना रही हैं. लोकल 18 से बातचीत के दौरान महिला पूजा ने बताया कि पहले वह केवल घरेलू कामकाज करती थीं. परिवार की आय सीमित थी. जिससे घर का खर्च चलाना आसान नहीं था. ऐसे में उन्होंने कुछ नया करने का फैसला किया. उन्हें पारंपरिक तरीके से स्वादिष्ट अचार बनाना आता था, इसलिए उन्होंने इसी हुनर को रोजगार का रूप देने की ठानी. संजू मिश्रा से मिला आइडिया पूजा बताती है कि उन्होंने आठवीं तक की पढ़ाई की उसके बाद उनकी शादी हो गई और वह हाउसवाइफ थी. फिर उनको संजू मिश्रा मिली और संजू मिश्रा ने बताया कि आप अचार बना लेती हैं तो आप अचार का बिजनेस करिए फिर हमने अचार के बिजनेस की शुरुआत की. बताती हैं कि हमको अचार बनाने का आईडिया संजू मिश्रा जी से मिला है हम घर पर थोड़ा बहुत अचार बना लेते थे तो उनसे हमने बताया तो उन्होंने हमको सारी विधि बताई और हम इस समय अचार का बिजनेस कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि हम संजू मिश्रा के साथ जुड़कर अक्षरा अचार का ब्रांड भी चल रही हूं. इस काम के लिए घर में सबका पूरा सपोर्ट रहा सबसे ज्यादा हमारे पति ने सपोर्ट किया है. भविष्य में हम और कई तरह के अचार बनाना चाहती हूं जिसकी ट्रेनिंग में ले रही हूं. सबसे ज्यादा कौन से अचार की रहती है डिमांड पूजा बताती हैं कि हमारे यहां सबसे ज्यादा मिक्स अचार, कटहल का अचार, जिमीकंद का अचार, हरी मिर्च का अचार और लहसुन के अचार की डिमांड सबसे ज्यादा रहती है. शुरुआत में पूजा ने घर पर ही आम, नींबू, मिर्च और मिश्रित सब्जियों का अचार बनाना शुरू किया. पहले अचार को आसपास के लोगों और रिश्तेदारों को बेचती थीं. लोगों को उनके हाथ का बना अचार पसंद आने लगा, जिसके बाद मांग धीरे-धीरे बढ़ने लगी. बढ़ती मांग को देखते हुए उन्होंने अचार का उत्पादन भी बढ़ा दिया. उन्होंने बताया कि इस समय हमारे यहां लगभग 15 से 20 प्रकार के अचार बनाए जाते हैं. पूजा बताती हैं कि अचार बनाने में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाता है. सभी मसालों और सामग्री का चयन सावधानी से किया जाता है, ताकि स्वाद और गुणवत्ता बनी रहे. यही वजह है कि उनके अचार की मांग लगातार बढ़ रही है. आज उनके ग्राहक सिर्फ गांव और जिले तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि दूसरे क्षेत्रों से भी लोग अचार मंगवाते हैं. 6 महिलाएं मिलकर करती हैं काम पूजा बताती है कि हम कुल मिलाकर 5 से 6 महिला मिलकर काम कर रहे हैं. उनकी आय से परिवार की जरूरतें आसानी से पूरी हो रही हैं. इसके साथ ही वह अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं. उनका कहना है कि यदि महिलाओं में आत्मविश्वास और कुछ करने की इच्छा हो तो वे घर बैठे भी अपना व्यवसाय शुरू कर सकती हैं. पूजा बताते हैं कि अचार के बिजनेस से हमारे बच्चों की पढ़ाई और घर का पूरा खर्चा चल रहा है. About the Author Rajneesh Kumar Yadav मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Gonda,Uttar Pradesh Source link

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PM Modi France Visit LIVE | PM Modi President TGrump Meet |...

PM Modi France Visit LIVE: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने फ्रांस दौरे के दौरान रविवार को फ्रांस के नीस शहर में आयोजित ‘भारत इनोवेट्स 2026’ कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे. इस अवसर पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भी उनके साथ मौजूद रहेंगे. यह पहल भारत के उच्च शिक्षण संस्थानों और केंद्रीय वित्तपोषित तकनीकी संस्थानों से उभर रहे नवाचारों और प्रौद्योगिकी आधारित स्टार्टअप्स को वैश्विक मंच प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई है. ‘भारत इनोवेट्स 2026’ का लक्ष्य देश के सबसे संभावनाशील प्रौद्योगिकी उद्यमों की पहचान करना, उन्हें मार्गदर्शन देना और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों, उद्योग जगत के नेताओं, नीति-निर्माताओं, अनुसंधान संस्थानों तथा तकनीकी साझेदारों से जोड़ना है. कार्यक्रम के माध्यम से भारतीय स्टार्टअप्स को वैश्विक बाजारों और निवेश के अवसरों तक पहुंच उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा. उधर, व्‍हाइट हाउस ने पीएम मोदी और राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप के बीच संभावित मुलाकात की पुष्टि कर दी है. भारत इनोवेट्स प्रोग्राम पर फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा, ‘अब सवाल यह नहीं है कि भारत नवाचार करता है या नहीं, बल्कि यह है कि भारत के साथ कौन नवाचार करेगा.’ उनके इस बयान को भारत की बढ़ती तकनीकी क्षमता और ग्‍लोबल इनोवेशन में उसकी मजबूत भूमिका के रूप में देखा जा रहा है. कार्यक्रम में सरकार, उद्योग, शिक्षा जगत, निवेश और अनुसंधान क्षेत्र से जुड़े प्रमुख प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे. साथ ही भारत के विभिन्न उच्च शिक्षण संस्थानों के निदेशक और वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे, जो देश में अनुसंधान, उद्यमिता और डीप-टेक नवाचार को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. यह मंच अनुसंधान से बाजार तक की यात्रा को तेज करने और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत बनाने का अवसर प्रदान करेगा. भारत के शिक्षा मंत्रालय ने भी एक्स पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि ‘भारत इनोवेट्स 2026’ भारत के तेजी से विकसित हो रहे इनोवेशन और डीप-टेक इकोसिस्टम को वैश्विक समुदाय के सामने प्रस्तुत करेगा. मंत्रालय के अनुसार यह आयोजन अनुसंधान, नवाचार और प्रौद्योगिकी-आधारित विकास के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है. प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब फ्रांस में 17 से 20 जून तक विवाटेक (VivaTech) 2026 का आयोजन होने जा रहा है, जिसे यूरोप का सबसे बड़ा स्टार्टअप और प्रौद्योगिकी सम्मेलन माना जाता है. इस वर्ष के आयोजन में भारत का राष्ट्रीय मंडप सबसे बड़ा होगा, जो भारतीय और यूरोपीय इनोवेशन इकोसिस्‍टम के बीच बढ़ती साझेदारी का प्रतीक माना जा रहा है. प्रधानमंत्री मोदी ने अपने दौरे को भारत-फ्रांस तकनीकी सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का अवसर बताते हुए फ्रांस में बसे भारतीय समुदाय से भी मुलाकात करने की बात कही है. विशेषज्ञों का मानना है कि ‘भारत इनोवेट्स 2026’ भारत को वैश्विक नवाचार केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है. PM Modi France Visit Live:’इनोवेशन भारत के डीएनए में है, किसी तकनीक की महानता वैल्यूएशन से नहीं, ह्यूमन इम्पैक्ट से तय होती है’, फ्रांस में गरजे पीएम मोदी PM Modi France Visit Live: भारत इनोवेट्स 2026 के मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तकनीकी विकास के वैश्विक परिदृश्य में भारत के दृष्टिकोण को बेहद स्पष्टता के साथ साझा किया. पीएम मोदी ने जोर देते हुए कहा कि इनोवेशन आज भारत के डीएनए में पूरी तरह समा चुका है. उन्होंने वर्तमान वैश्विक आवश्यकताओं को रेखांकित करते हुए कहा कि आज पूरी दुनिया एक ऐसी तकनीक की ओर देख रही है जो पूरी तरह से ट्रस्टेड हो, ह्यूमन-सेंट्रिक हो और इंक्लूसिव हो. प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि यही सोच भारत के एआई विजन का भी मूल तंत्र है, जिसका उद्देश्य ‘एआई फॉर ऑल’ यानी सभी के लिए एआई सुनिश्चित करना है. दिल्ली में आयोजित हुए एआई इम्पैक्ट समिट की थीम भी इसी पर आधारित थी. भारत ने वैश्विक पटल पर यह साबित करके दिखाया है कि इनोवेशन (नवाचार) और इंक्लूजन (समावेशिता) एक-दूसरे के विरोधी बिल्कुल नहीं हैं, बल्कि वे एक-दूसरे के पूरक हैं. तकनीक की वास्तविक परिभाषा तय करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि किसी भी बड़े इनोवेशन की महानता केवल उसके बाजार वैल्यूएशन से नहीं आंकी जा सकती. उसकी असली महानता और सफलता इस बात में निहित होती है कि उसका ह्यूमन इम्पैक्ट (मानवीय प्रभाव) कितना गहरा है. यही ‘भारत इनोवेट्स’ की मूल भावना और दृष्टिकोण है, जो आज स्टार्टअप जगत के लिए सबसे बड़ी प्रेरणा बनकर उभरी है. PM Modi France Visit Live:’आज का नया भारत समाधान ढूंढता नहीं, दुनिया को समाधान देता है’, फ्रांस से पीएम मोदी की हुंकार ‘भारत इनोवेट्स 2026’ के मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए भारत की ताकत को दुनिया के सामने रखा. उन्होंने कहा, “यह मंच हमारे युवाओं के इनोवेशन को वर्ल्ड स्टेज पर लाने का एक बेहतरीन माध्यम है. यहाँ इतनी बड़ी संख्या में उद्यमियों का जुड़ना नए भारत की ऊर्जा को दर्शाता है. आज का भारत सिर्फ सॉल्‍यूशन का कंज्‍यूमर नहीं बल्कि सॉल्‍यूशन लाने वाला देश बन रहा है.” पीएम मोदी ने भारतीय स्टार्टअप्स की तारीफ करते हुए कहा कि हमारे युवा ग्रीन हाइड्रोजन से सस्टेनेबल फ्यूचर बना रहे हैं तो कुछ स्टार्टअप डिफेंस और सिक्योरिटी के क्षेत्र में काम कर रहे हैं. आज भारत पूरी दुनिया के लिए इनोवेट कर रहा है. PM Modi France Visit Live: ‘आजादी के बाद सबसे लंबे समय तक पीएम रहने का रिकॉर्ड अद्भुत, हमें आप पर गर्व है’, मैक्रों ने की पीएम मोदी की जमकर तारीफ PM Modi France Visit Live: फ्रांस के नीस में ‘भारत इनोवेट्स’ के उद्घाटन समारोह में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा, “प्रिय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, नीस में आपका स्वागत करना बेहद सम्मान की बात है. कुछ महीने पहले हमने मुंबई में ‘भारत-फ्रांस इनोवेशन ईयर’ की शुरुआत की थी. सवाल यह नहीं था कि भारत इनोवेशन कर रहा है या नहीं बल्कि यह था कि भारत के साथ साझेदारी में कौन इनोवेशन करेगा.” मैक्रों ने आगे कहा, “आजादी के बाद से भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले प्रधानमंत्री बनने पर मैं आपको बधाई देता हूं. यह लंबी यात्रा आपके दृढ़ संकल्प और आपके देश की ताकत को दर्शाती है, जो वास्तव में अद्भुत है. हमें आपके यहां होने पर बेहद गर्व है.” PM Modi France

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छपरा में रामकृष्ण मिशन आश्रम बना उम्मीद की किरण, जहां 150 प्लस...

Last Updated:June 14, 2026, 14:53 IST छपरा के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. राजीव रंजन ने अपने गांव और आसपास के गरीब परिवारों के बच्चों को शिक्षित बनाने के उद्देश्य से अपने परिवार के सहयोग से रामकृष्ण मिशन आश्रम को 1 बीघा जमीन दान की. इसी जमीन पर बने आश्रम में बच्चों को निशुल्क शिक्षा, कपड़ा और बुनियादी चिकित्सा सुविधा दी जा रही है. आने वाले समय में यहां स्थायी रूप से निशुल्क इलाज की व्यवस्था करने की योजना है. फिलहाल बच्चों के लिए नियमित रूप से मुफ्त शिक्षा की व्यवस्था चल रही है. छपरा शहर ही नहीं, अब दूर-दराज के गांवों में भी गरीब तबके के बच्चों को शिक्षित करने के लिए सरकारी योजनाओं के साथ कई समाजसेवी और संस्थाएं सक्रिय है. मांझी प्रखंड के सलेमपुर गांव के पास रामकृष्ण मिशन आश्रम द्वारा 150 से अधिक गरीब बच्चों को पूरी तरह निशुल्क शिक्षा दी जा रही है. यहां पढ़ने वाले बच्चों को पाठ्य सामग्री, यूनिफॉर्म और अन्य आवश्यक संसाधन भी मुफ्त उपलब्ध कराए जाते है. नामांकन भी पूरी तरह निशुल्क है. इस क्षेत्र में शिक्षा संस्थान दूर-दूर होने के कारण आसपास के अधिकांश गरीब परिवार अपने बच्चों को आर्थिक अभाव में पढ़ा नहीं पाते और उन्हें कम उम्र में ही काम पर भेज देते है. इसी स्थिति को देखते हुए छपरा के मशहूर चिकित्सक डॉ. राजीव रंजन ने रामकृष्ण मिशन आश्रम को 1 बीघा जमीन दान की, जिस पर लगभग 5 वर्षों से आश्रम संचालित हो रहा है और बच्चों को मुफ्त शिक्षा दी जा रही है. इसके साथ ही समय-समय पर यहां स्वास्थ्य जांच के लिए कैंप भी लगाया जाता है. जहां दूर-दूर से लोग इलाज कराने पहुंचते है. सैकड़ों गरीब बच्चों की बदल रही है जिंदगीछपरा के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. राजीव रंजन ने अपने गांव और आसपास के गरीब परिवारों के बच्चों को शिक्षित बनाने के उद्देश्य से अपने परिवार के सहयोग से रामकृष्ण मिशन आश्रम को 1 बीघा जमीन दान की. इसी जमीन पर बने आश्रम में बच्चों को निशुल्क शिक्षा, कपड़ा और बुनियादी चिकित्सा सुविधा दी जा रही है. आने वाले समय में यहां स्थायी रूप से निशुल्क इलाज की व्यवस्था करने की योजना है. फिलहाल बच्चों के लिए नियमित रूप से मुफ्त शिक्षा की व्यवस्था चल रही है. लोकल 18 से बातचीत में सोमेश्वर धर्मानंद महाराज ने बताया कि रामकृष्ण मिशन आश्रम द्वारा बच्चों को पूरी तरह निशुल्क शिक्षा दी जा रही है. उनका कहना है कि सबसे बड़ा दान शिक्षा का दान है. इसी सोच को प्राथमिकता देते हुए गरीब बच्चों को मुफ्त शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है. यहां नामांकन से लेकर पढ़ाई तक सब कुछ निशुल्क है. उन्होंने बताया कि मांझी के सलेमपुर गांव में छपरा के मशहूर छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. राजीव रंजन द्वारा दान की गई 1 बीघा जमीन पर यह आश्रम बनाया गया है, जहां बच्चों को शिक्षित करने का कार्य लगातार चल रहा है. पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों को निशुल्क पाठ्य सामग्री, ड्रेस और ट्यूशन की सुविधा भी दी जाती है. आने वाले दिनों में इसी परिसर से स्कूल के साथ-साथ निशुल्क अस्पताल भी संचालित करने की योजना है. फिलहाल महीने में 1 दिन डॉ. राजीव रंजन और डॉ. रवि शंकर द्वारा यहां निशुल्क स्वास्थ्य जांच और दवा वितरण किया जाता है. आगे चलकर लाइब्रेरी, अस्पताल और ट्यूशन स्कूल के माध्यम से सेवा विस्तार की तैयारी है. इस क्षेत्र के लोग छपरा शहर की दूरी के कारण न तो आसानी से अपने बच्चों का इलाज करा पाते हैं और न ही उन्हें अच्छी शिक्षा दिला पाते है. इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए रामकृष्ण मिशन आश्रम के माध्यम से स्थानीय स्तर पर शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Chapra,Saran,Bihar Source link

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Oman boat rescue | Indian sailors rescue | ओमान के समुद्र में...

होमताजा खबरदेश ओमान के समुद्र में डूबी नाव, 14 भारतीय सवार, बचाने के लिए झट से पहुंची US नेवी Last Updated:June 14, 2026, 13:53 IST ओमान रास अल हद्द के पास 14 भारतीयों वाली धौ डूबने लगी, अमेरिकी नौसेना ने अलर्ट कर पी 8 से लाइफ राफ्ट गिराई, एमवी जबल अली 9 बचाव में लगा, सभी के सुरक्षित होने की उम्मीद ओमान के रास अल हद्द तट के पास समुद्र में 14 भारतीयों को लेकर जा रही नांव डूब गई. ओमान के रास अल हद्द तट के पास समुद्र में 14 भारतीयों को लेकर जा रही एक पारंपरिक धौ (नौका) अचानक से डूब गई. इसके बाद वहां बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया. अमेरिकी नौसेना ने इस आपात स्थिति की जानकारी तटीय अधिकारियों और भारतीय नौसेना को दी, जिसके बाद सभी एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गईं. प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना 14 जून की सुबह ओमान के रास अल हद्द से करीब 80 समुद्री मील पूर्व में हुई. सूचना मिली कि एक पारंपरिक धौ समुद्र में संकट में है और उसके डूबने का खतरा पैदा हो गया है. इस नाव पर कुल 14 भारतीय सवार थे. हालात की गंभीरता को देखते हुए अमेरिकी नौसेना का पी-8 समुद्री निगरानी विमान मौके पर पहुंचा. विमान ने तत्काल एक लाइफ राफ्ट समुद्र में गिराई. अमेरिकी नौसेना ने अपनी निगरानी के दौरान देखा कि नाव पर मौजूद लोग सुरक्षित रूप से लाइफ राफ्ट में सवार हो गए. इसके बाद आसपास मौजूद जहाजों से भी मदद मांगी गई. अमेरिकी नौसेना के पी-8 विमान ने सेंट किट्स एंड नेविस ध्वज वाले व्यापारी जहाज एमवी जबल अली 9 (MV Jabal Ali 9) को राहत कार्य में शामिल होने का अनुरोध किया. यह जहाज उस समय सोहर से मुंबई की ओर जा रहा था. सूत्रों के मुताबिक, एमवी जबल अली 9 को अपना रास्ता बदलकर संकटग्रस्त धौ की ओर भेजा गया. जहाज फिलहाल घटनास्थल के आसपास मौजूद है और बचाव अभियान में सहयोग कर रहा है. इस घटना की जानकारी मिलते ही भारतीय नौसेना को भी अलर्ट कर दिया गया है. भारतीय अधिकारियों की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और नाव पर सवार सभी भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं. फिलहाल सभी 14 भारतीयों के सुरक्षित होने की उम्मीद जताई जा रही है, हालांकि अधिकारियों की ओर से अंतिम पुष्टि का इंतजार है. समुद्र में राहत एवं बचाव अभियान जारी है और जल्द ही सभी लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की कोशिश की जा रही है. About the Author Saad Omar साद बिन उमर को पत्रकारिता के क्षेत्र में 15 साल से अधिक का अनुभव है, जिनमें से 12 साल उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता को दिए है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने आज तक, एनडीटीवी, पीटीआई और नया इंडिया जैसे प्र…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Source link

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विकास के दावों की खुली पोल! 4 साल से बंद नाले के...

Last Updated:June 14, 2026, 12:52 IST Drainage Problem Sikar: सीकर जिले के एक गांव में पिछले चार वर्षों से जाम पड़ा नाला ग्रामीणों के लिए बड़ी समस्या बना हुआ है. हर वर्ष बरसात के दौरान नाले की सफाई नहीं होने से जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है, जिससे लोगों का आवागमन प्रभावित होता है और कई घरों तथा खेतों तक पानी पहुंचने का खतरा बना रहता है. ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार पंचायत और संबंधित अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है. पंचायत की ओर से नाले की सफाई और सुधार का आश्वासन दिया गया है, जिससे ग्रामीणों को राहत की उम्मीद बंधी है. मानसून नजदीक आने के साथ लोगों की चिंता बढ़ती जा रही है. यदि समय रहते नाले की सफाई नहीं हुई तो इस वर्ष भी जलभराव और अन्य परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. ख़बरें फटाफट Sikar News: सीकर जिले के भूदोली ग्राम पंचायत में रहने वाले लोगों के लिए बरसात राहत नहीं, बल्कि नई परेशानी लेकर आई है. गांव के थोई रोड स्थित प्लॉटों के बीच बना नाला पिछले चार वर्षों से सफाई का इंतजार कर रहा है. लगातार जमा हो रही गंदगी और कचरे ने अब नाले को लगभग बंद कर दिया है, जिससे बरसात का पानी सड़कों और आसपास के क्षेत्रों में फैलने लगा है. ग्रामीणों का कहना है कि समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई. ग्राउंड पर हालात देखने पर साफ नजर आता है कि नाले में प्लास्टिक, घरेलू कचरा और मिट्टी का बड़ा जमाव है. कई जगहों पर पानी ठहरा हुआ है, जिससे बदबू फैल रही है. बरसात के बाद यह स्थिति और गंभीर हो गई है. स्थानीय लोगों को घरों के बाहर निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. वहीं, ठहरे हुए पानी में मच्छरों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, जिससे डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा भी मंडरा रहा है. 4 साल से नहीं हुई नालों की सफाई स्थानीय निवासी अशोक कुमावत ने बताया कि पिछले चार वर्षों से नाले की सफाई नहीं हुई है. उन्होंने कई बार ग्राम विकास अधिकारी और सरपंच को इस समस्या से अवगत कराया. इतना ही नहीं, रात्रि चौपाल में भी ग्रामीणों ने यह मुद्दा उठाया था, लेकिन इसके बावजूद हालात जस के तस बने हुए हैं. उनका कहना है कि हर बार आश्वासन मिलता है, लेकिन जमीन पर कोई काम नजर नहीं आता. बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को परेशानी ग्रामीणों का आरोप है कि समय रहते नाले की सफाई कर दी जाती तो आज यह स्थिति नहीं बनती. अब बरसात के मौसम में गंदगी और जलभराव के कारण बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है. लोगों को डर है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो बीमारी फैलने का खतरा और बढ़ सकता है. हालांकि, ग्राम पंचायत की ओर से अब कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है. नाले की सफाई शुरू कराने का आश्वासनसरपंच दिनेश जांगिड़ ने बताया कि जल्द ही जेसीबी मशीन लगाकर नाले की सफाई शुरू करवाई जाएगी. उनका कहना है कि सफाई होने के बाद जलभराव और गंदगी की समस्या से ग्रामीणों को राहत मिलेगी. फिलहाल भूदोली के ग्रामीणों की नजरें पंचायत के इस आश्वासन पर टिकी हैं. अब देखना यह होगा कि वर्षों से लंबित यह समस्या कब तक समाधान की राह पकड़ती है और ग्रामीणों को गंदगी व बीमारी के खतरे से निजात मिल पाती है. About the Author Jagriti Dubey Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Sikar,Rajasthan Source link

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ममता बनर्जी के बाद अब उद्धव ठाकरे की बारी…’ऑपरेशन टाइगर’ के नाम...

Last Updated:June 14, 2026, 11:52 IST Maharashtra Politics: 8 जून 2026 को देश की राजधानी दिल्‍ली में इंडिया गठबंधन के घटक दलों की अहम बैठक हुई. पश्मि बंगाल विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी की करारी हार का साया इस मीटिंग में साफतौर पर दिखा. टीएमसी में टूट से जूझ रहीं ममता बनर्जी ने पहली बार खुले तौर पर कांग्रेस के लीडरशिप को स्‍वीकार किया. बंगाल में चल रहा राजनीतिक घमासान अभी थमा भी नहीं कि महाराष्‍ट्र में ‘ऑपरेशन टाइगर’ की गूंज सुनाई देने लगी है. अपने सांसदों को पार्टी में जोड़कर रखने के लिए उद्धव ठाकरे मातोश्री में आज अहम बैठक करने जा रहे हैं. महाराष्‍ट्र में ‘ऑपरेशन टाइगर’ की चर्चा ने जोर पकड़ रखी है. उद्धव ठाकरे ने किसी भी तरह की टूट से अपनी पार्टी को बचाने के लिए सभी 9 सांसदों की मातोश्री में बैठक बुलाई है. (फाइल फोटो/Reuters) Maharashtra Politics: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है. पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस के नेताओं को लेकर लगातार चल रही अटकलों के बीच अब शिवसेना (यूबीटी) भी संभावित टूट चर्चाओं के केंद्र में आ गई है. ‘ऑपरेशन टाइगर’ नाम से चर्चित राजनीतिक कवायद की अटकलों के बीच शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने अपने सभी 9 सांसदों को रविवार को मातोश्री में तलब किया है. इस बैठक को महज एक नियमित संगठनात्मक समीक्षा नहीं, बल्कि पार्टी के भीतर बढ़ती बेचैनी और संभावित राजनीतिक संकट से जोड़कर देखा जा रहा है. सूत्रों के अनुसार, शिवसेना (यूबीटी) के 7 सांसदों के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के संपर्क में होने की चर्चाओं ने पार्टी नेतृत्व की चिंता बढ़ा दी है. यही वजह है कि उद्धव ठाकरे ने सभी सांसदों को मातोश्री पहुंचने का निर्देश दिया है. जो सांसद किसी कारणवश मौजूद नहीं हो पाएंगे, उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक में शामिल किया जाएगा. दरअसल, महाराष्ट्र में 2022 में शिवसेना के विभाजन और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में हुए बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के बाद से उद्धव ठाकरे लगातार संगठन को एकजुट रखने की चुनौती का सामना कर रहे हैं. ऐसे में यदि सांसदों के स्तर पर भी किसी प्रकार की असंतुष्टि या संपर्क की खबरें सामने आती हैं तो उसका राजनीतिक महत्व काफी बढ़ जाता है. मातोश्री में बैठक डर का नतीजा? हालांकि, पार्टी नेतृत्व इन अटकलों को सार्वजनिक तौर पर खारिज कर रहा है. शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा कि सांसदों की बैठक पार्टी की नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है. उनके मुताबिक जिस तरह समय-समय पर विधायकों की बैठकें होती हैं, उसी तरह सांसदों के साथ भी संगठनात्मक चर्चा की जाती है. राउत ने दावा किया कि पिछले दो वर्षों से ऑपरेशन टाइगर की बातें की जा रही हैं, लेकिन ऐसा कोई अभियान अब तक अस्तित्व में नहीं आया. इसके बावजूद राजनीतिक गलियारों में सवाल उठ रहे हैं कि यदि सब कुछ सामान्य है तो फिर अचानक सभी सांसदों की बैठक बुलाने की आवश्यकता क्यों पड़ी. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बैठक केवल उपस्थिति दर्ज कराने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि सांसदों की निष्ठा और संगठनात्मक प्रतिबद्धता को परखने का अवसर भी हो सकती है. एकनाथ शिंदे की पार्टी ने किसी भी तरह का ऑपरेशन चलाने की बात से इनकार किया है. हालांकि, पार्टी नेता का कहना है कि उद्धव गुट के कई नेता उनके संपर्क में हैं. शिवसेना के कई सांसद शिंदे के संपर्क में! दूसरी ओर, शिंदे गुट भी इन चर्चाओं को पूरी तरह नकार नहीं रहा है. शिंदे गुट के वरिष्ठ नेता और कैबिनेट मंत्री संजय शिरसाट ने कहा है कि उनकी ओर से कोई ऑपरेशन टाइगर नहीं चलाया जा रहा, लेकिन शिवसेना (यूबीटी) के कई नेता और सांसद विकास कार्यों तथा अन्य मुद्दों को लेकर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के संपर्क में हैं. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में किसी नेता या सांसद के पार्टी में आने का सवाल उठता है तो अंतिम फैसला पार्टी प्रमुख एकनाथ शिंदे ही करेंगे. उद्धव ठाकरे के नेतृत्‍व की परीक्षा उधर, शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने भाजपा और महायुति सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ऑपरेशन टाइगर की बातें 2024 से सुनाई जा रही हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि पूर्ण बहुमत वाली सरकार को विपक्षी दलों को तोड़ने की जरूरत क्यों पड़ रही है. महाराष्ट्र की राजनीति में पिछले कुछ वर्षों के घटनाक्रम को देखते हुए किसी भी तरह की राजनीतिक अटकल को पूरी तरह नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. यही वजह है कि मातोश्री में होने वाली यह बैठक सिर्फ एक संगठनात्मक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व की पकड़ और सांसदों की एकजुटता की परीक्षा के रूप में भी देखी जा रही है. आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि ऑपरेशन टाइगर केवल राजनीतिक अफवाह है या फिर महाराष्ट्र की राजनीति में किसी नए समीकरण की प्रस्तावना. About the Author Manish Kumar बिहार, उत्‍तर प्रदेश और दिल्‍ली से प्रारंभिक के साथ उच्‍च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्‍ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्‍लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Mumbai,Maharashtra Source link

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