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aaj ka Dhanu rashifal 05 june 2026 Sagittarius horoscope in hindi new...

Last Updated:June 05, 2026, 00:03 IST Aaj ka Dhanu Rashifal 05 june 2026: धनु राशि के जातकों के लिए आज का दिन मिलाजुला रहने वाला है. एक तरफ जहां कार्यक्षेत्र में आपको अपनी कड़ी मेहनत का शानदार परिणाम मिलेगा और आत्मविश्वास बढ़ेगा. वहीं दूसरी तरफ आर्थिक मामलों में एक छोटी सी लापरवाही बड़े नुकसान की वजह बन सकती है. पैसों के लेन-देन में सावधानी बरतें और भावनाओं में बहकर कोई भी बड़ा फैसला लेने से बचें. पढ़ें आज का पूरा राशिफल. जमुई.  आज 05 जून 2026 का दिन धनु राशि के जातकों के लिए कई नई जिम्मेदारी लेकर आएगा. आज आपके भीतर अपने कार्यों को लेकर गंभीरता और समर्पण की भावना बनी रहेगी. जिसका सकारात्मक प्रभाव कार्यक्षेत्र में देखने को मिलेगा. ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि आर्थिक मामलों में विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है. हालांकि आज के दिन किसी भी प्रकार के लेन-देन, निवेश या उधार संबंधी निर्णय जल्दबाजी में लेने से बचें. उन्होंने बताया कि ग्रहों की स्थिति आज ऐसी रहेगी कि छोटी सी लापरवाही भी आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती है. नौकरीपेशा लोगों के लिए दिन सामान्य से बेहतर रह सकता है, लेकिन कार्यस्थल पर दूसरों के मामलों में हस्तक्षेप करने से बचना होगा. ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि अपनी जिम्मेदारियों पर ध्यान केंद्रित रखना ही आपके लिए लाभदायक रहेगा. आज बनने वाला है कई बेहतरीन योगज्योतिषाचार्य बताते हैं कि आज श्रवण नक्षत्र के प्रभाव में चंद्रमा का गोचर मकर राशि में रहेगा. चंद्रमा से चतुर्थ भाव में मंगल और सप्तम भाव में गुरु की स्थिति केंद्र योग का निर्माण कर रही है, जो आपके आत्मविश्वास और निर्णय क्षमता को मजबूती प्रदान करेगी. इसके साथ ही चंद्रमा से छठे भाव में बुध और शुक्र की उपस्थिति चंद्राधियोग का निर्माण कर रही है, जिससे बुद्धिमत्ता, संवाद क्षमता और व्यावहारिक सोच में वृद्धि होगी. इन शुभ योगों के प्रभाव से आपका मनोबल ऊंचा रहेगा और आप कठिन परिस्थितियों में भी संतुलित निर्णय लेने में सफल रहेंगे. आपकी दूरदर्शिता और योजनाबद्ध कार्यशैली आपको आगे बढ़ाने का काम करेगी. भाई-बहनों से सहयोग मिलने के संकेत हैं और पारिवारिक वातावरण भी अपेक्षाकृत सुखद बना रहेगा. यदि किसी नए कार्य की योजना बना रहे हैं तो अनुभवी लोगों की सलाह लेना लाभकारी रहेगा. जीवनसाथी का आज मिलने वाला है सहयोग ज्योतिषाचार्य ने बताया कि आज आपको परिवार और जीवनसाथी का अच्छा सहयोग प्राप्त होगा. वैवाहिक जीवन में सामंजस्य बना रहेगा और आपसी समझ मजबूत होगी. घर में सुख-सुविधाओं से जुड़ी किसी वस्तु की खरीदारी का भी योग बन सकता है. किसी भी विषय में अत्यधिक उत्साह या भावनात्मक आवेश में निर्णय लेने से बचना चाहिए. उन्होंने बताया कि आज के दिन के लिए आपका शुभ अंक 6 रहने वाला है. About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

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aaj ka Vrishchik rashifal 05 June 2026 Scorpio horoscope in hindi new...

Last Updated:June 05, 2026, 00:08 IST Aaj ka Vrishchik Rashifal 05 June 2026: 5 जून 2026 का दिन वृश्चिक राशि के जातकों के लिए नई ऊर्जा और बड़ा बदलाव लेकर आया है. अगर आप पिछले कई दिनों से मानसिक तनाव और पुरानी चिंताओं से परेशान थे. तो आज उन सभी को पीछे छोड़कर जीवन में एक नया कदम आगे बढ़ाने का समय आ चुका है. ग्रहों की अनुकूल स्थिति आज आपके आत्मविश्वास को सातवें आसमान पर ले जाएगी। पढ़ें आज का पूरा राशिफल. सीतामढ़ी: 5 जून 2026 का दिन वृश्चिक राशि के जातकों के लिए एक नई ऊर्जा और सकारात्मक बदलाव लेकर आया है. आज का दिन आपके भीतर छिपी हुई असली शक्ति और क्षमताओं को पहचानने का है. पिछले कुछ समय से जिन पुरानी चिंताओं और मानसिक तनावों ने आपको घेर रखा था. आज उन्हें हमेशा के लिए पीछे छोड़कर जीवन में एक कदम आगे बढ़ने का बिल्कुल सही समय आ चुका है. ग्रहों की स्थिति आज आपके आत्मविश्वास को बढ़ावा दे रही है. कार्यक्षेत्र में विशेष रूप से रहें सतर्कज्योतिषाचार्य रूपेश चौबे के अनुसार, इस राशि के जातकों को आज अपने कार्यक्षेत्र में विशेष रूप से सतर्क और सक्रिय रहना चाहिए. आपके बॉस और उच्च अधिकारी आपकी कार्यप्रणाली और मेहनत पर पैनी नजर रख रहे हैं.  आपकी निरंतर लगन के चलते आज आपको दफ्तर में कोई बेहतरीन फीडबैक या प्रोत्साहन मिल सकता है. वहीं दूसरी ओर, व्यापारिक दृष्टिकोण से भी दिन बेहद शुभ है. आज बाजार में बना कोई नया संपर्क या मुलाकात भविष्य में आपके लिए बड़ा आर्थिक मुनाफा लेकर आ सकती है. धन प्रवाह रहेगा सामान्यआर्थिक और स्वास्थ्य के मोर्चे पर बात करें तो आज वित्तीय स्थिति मध्यम बनी रहेगी. धन का प्रवाह सामान्य रहेगा, इसलिए समझदारी इसी में है कि आप बेवजह के खर्चों पर पूरी तरह नियंत्रण रखें और बजट के अनुसार ही काम करें. स्वास्थ्य के लिहाज से आज आपको थोड़ी सावधानी बरतने की जरूरत है. विशेष रूप से कमर और पेट से जुड़ी समस्याओं के प्रति सचेत रहें. खान-पान में लापरवाही बिल्कुल न बरतें और आज के दिन जितना हो सके हल्का और सुपाच्य भोजन ही ग्रहण करें. पारिवारिक और प्रेम जीवन के मामले में आज का दिन बेहद खूबसूरत रहने वाला है. करें ये उपाय, रहेगा सुख-शांति का माहौलघर-परिवार में सुख-शांति का माहौल रहेगा और परिजनों का पूरा सहयोग आपको मिलेगा. जीवनसाथी या लव पार्टनर के साथ आपका रिश्ता और भी गहरा होगा. जिससे आपसी जुड़ाव और रोमांस बढ़ेगा. आज के दिन को और अधिक भाग्यशाली बनाने के लिए आपका शुभ अंक 6 और शुभ रंग गहरा लाल हैय इसके अलावा, आज की शाम को अधिक कल्याणकारी बनाने के लिए 11 बार ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप अवश्य करें. About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Sitamarhi,Bihar Source link

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Congress Rajya Sabha Candidates: पवन खेड़ा को मिला ‘तपस्या’ का फल, खरगे...

राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है. इस सूची में कुछ नाम ऐसे हैं जिनकी उम्मीद पहले से थी, कुछ ऐसे हैं जो संगठन में लंबे समय से काम कर रहे थे और कुछ ऐसे हैं जिनके चयन के पीछे साफ राजनीतिक संदेश छिपा है. सबसे ज्यादा चर्चा कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा की हो रही है, जिन्हें आखिरकार राज्यसभा का टिकट मिल गया. वही पवन खेड़ा, जिन्होंने पिछली बार टिकट नहीं मिलने पर कहा था कि शायद उनकी तपस्या में कोई कमी रह गई होगी. कांग्रेस ने कर्नाटक से पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पवन खेड़ा और मंसूर अली खान को उम्मीदवार बनाया है. वहीं मध्य प्रदेश से मीनाक्षी नटराजन, राजस्थान से नीरज डांगी, तमिलनाडु से प्रवीण चक्रवर्ती और झारखंड से प्रणव झा को मैदान में उतारा है. इन नामों से कांग्रेस ने संगठन, सामाजिक संतुलन और क्षेत्रीय राजनीति को साधने की कोशिश की है. पवन खेड़ा: लंबी प्रतीक्षा के बाद मिला राज्यसभा का टिकट इस सूची का सबसे चर्चित नाम पवन खेड़ा का है. पिछले कई वर्षों से कांग्रेस का पक्ष मीडिया और टीवी डिबेट्स में मजबूती से रखने वाले खेड़ा पार्टी के सबसे मुखर चेहरों में गिने जाते हैं. 2024 में जब राज्यसभा की सूची आई थी और उनका नाम उसमें नहीं था, तब उन्होंने एक भावुक टिप्पणी करते हुए कहा था कि शायद उनकी तपस्या में कोई कमी रह गई होगी. उस बयान की काफी चर्चा हुई थी. पार्टी के भीतर भी माना जाता था कि खेड़ा लंबे समय से राज्यसभा के दावेदार हैं. अब कांग्रेस ने उन्हें कर्नाटक से राज्यसभा भेजने का फैसला कर संकेत दिया है कि संगठन के लिए लगातार काम करने वालों को आखिरकार सम्मान मिलता है. राहुल गांधी और खड़गे नेतृत्व के करीबी माने जाने वाले खेड़ा अब संसद के भीतर कांग्रेस की आवाज बन सकते हैं. मल्लिकार्जुन खरगे: अध्यक्ष की संसद में वापसी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का राज्यसभा कार्यकाल समाप्त हो रहा था. पार्टी ने उन्हें एक बार फिर कर्नाटक से उम्मीदवार बनाकर साफ कर दिया है कि आने वाले वर्षों में भी वे कांग्रेस की राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में बने रहेंगे. 84 वर्ष की उम्र में भी खड़गे विपक्ष की राजनीति के सबसे महत्वपूर्ण चेहरों में हैं. संसद के भीतर सरकार को घेरने से लेकर INDIA गठबंधन को एकजुट रखने तक, उनकी भूमिका लगातार बढ़ी है. कांग्रेस नेतृत्व मानता है कि राज्यसभा में खड़गे की मौजूदगी पार्टी के लिए जरूरी है. यही वजह है कि उनकी उम्मीदवारी लगभग तय मानी जा रही थी. मंसूर अली खान: अल्पसंख्यक प्रतिनिधित्व का संदेश कर्नाटक से कांग्रेस ने मंसूर अली खान को भी टिकट दिया है. उनका चयन केवल एक नेता को राज्यसभा भेजने का फैसला नहीं माना जा रहा, बल्कि इसके पीछे सामाजिक और राजनीतिक संदेश भी है. कांग्रेस लंबे समय से खुद को अल्पसंख्यकों की आवाज बताती रही है. कर्नाटक में पार्टी की मजबूत सरकार होने के बावजूद उसे अपने पारंपरिक वोट बैंक को लगातार साथ बनाए रखने की जरूरत है. मंसूर अली खान को टिकट देकर कांग्रेस ने मुस्लिम समुदाय को प्रतिनिधित्व देने का संदेश दिया है. साथ ही यह फैसला उस समय आया है जब विपक्ष लगातार प्रतिनिधित्व और सामाजिक भागीदारी के मुद्दे उठा रहा है. मीनाक्षी नटराजन: राहुल गांधी की भरोसेमंद सहयोगी मध्य प्रदेश से मीनाक्षी नटराजन को टिकट मिलना भी खास माना जा रहा है. कांग्रेस की पूर्व सांसद और संगठन में लंबे समय से सक्रिय मीनाक्षी को राहुल गांधी के करीबी नेताओं में गिना जाता है. वे उन नेताओं में हैं जिन्होंने चुनावी हार-जीत से परे संगठन के लिए लगातार काम किया. भारत जोड़ो यात्रा और उसके बाद के कार्यक्रमों में भी उनकी सक्रिय भूमिका रही. मध्य प्रदेश में कांग्रेस लंबे समय से मजबूत नेतृत्व की तलाश कर रही है. ऐसे में मीनाक्षी नटराजन को राज्यसभा भेजना संगठन के प्रति समर्पण को सम्मान देने के रूप में देखा जा रहा है. नीरज डांगी: राजस्थान में संतुलन साधने की कोशिश राजस्थान से कांग्रेस ने मौजूदा सांसद नीरज डांगी पर फिर भरोसा जताया है. डांगी अशोक गहलोत खेमे के भरोसेमंद नेताओं में माने जाते हैं और पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने संसद में भी सक्रिय भूमिका निभाई है. राजस्थान कांग्रेस लंबे समय से गुटबाजी से जूझती रही है. ऐसे में किसी नए चेहरे को लाने के बजाय डांगी को दोबारा मौका देकर पार्टी ने स्थिरता का संदेश दिया है. यह फैसला यह भी दिखाता है कि कांग्रेस फिलहाल राजस्थान में किसी नए विवाद से बचना चाहती है. प्रवीण चक्रवर्ती: राहुल गांधी के ‘डेटा मैन’ को मौका तमिलनाडु से प्रवीण चक्रवर्ती का नाम सबसे अलग माना जा रहा है. वे पारंपरिक अर्थों में जननेता नहीं हैं, लेकिन कांग्रेस की रणनीतिक टीम में उनकी अहम भूमिका रही है. प्रवीण चक्रवर्ती को राहुल गांधी की आर्थिक और डेटा आधारित रणनीतियों का प्रमुख वास्तुकार माना जाता है. भारत जोड़ो यात्रा से लेकर चुनावी घोषणापत्र तैयार करने तक, कई महत्वपूर्ण योजनाओं में उनकी भूमिका रही है. कांग्रेस ने उन्हें राज्यसभा भेजकर यह संकेत दिया है कि पार्टी अब केवल जनाधार वाले नेताओं को ही नहीं, बल्कि नीति और रणनीति बनाने वाले पेशेवर चेहरों को भी महत्व दे रही है. प्रणव झा: झारखंड में संगठन को मजबूत करने का प्रयास झारखंड से प्रणव झा को उम्मीदवार बनाया गया है. राज्य में कांग्रेस झारखंड मुक्ति मोर्चा के साथ गठबंधन में है और वहां अपनी संगठनात्मक स्थिति मजबूत करना चाहती है. प्रणव झा लंबे समय से संगठन में सक्रिय रहे हैं. उन्हें राज्यसभा भेजने का फैसला कांग्रेस के उस प्रयास का हिस्सा माना जा रहा है जिसमें पार्टी राज्यों में दूसरी पंक्ति के नेतृत्व को आगे बढ़ाना चाहती है. झारखंड में कांग्रेस का स्वतंत्र राजनीतिक आधार सीमित है, इसलिए संगठन के समर्पित नेताओं को आगे लाने की रणनीति महत्वपूर्ण मानी जा रही है. संगठन, वफादारी और सामाजिक संतुलन का मिश्रण कांग्रेस की इस सूची को देखें तो साफ दिखाई देता है कि पार्टी ने केवल चुनावी गणित नहीं देखा. पवन खेड़ा और मीनाक्षी नटराजन जैसे नेताओं को संगठन में लंबे योगदान का इनाम मिला है. खड़गे के जरिए अनुभव और नेतृत्व को बनाए रखा गया है. मंसूर अली खान के जरिए सामाजिक प्रतिनिधित्व का

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darbhanga farmer naveen kumar keeps marua millets farming alive know benefits

होमताजा खबरकृषि परंपरा बचाने की अनूठी जंग! किसान नवीन ने जिंदा रखी इस जादुई अनाज की खेती Last Updated:June 04, 2026, 22:05 IST Marua Millet Ffarming: आज के तेज रफ्तार जमाने में जहां पारंपरिक मोटे अनाज विलुप्त हो रहे हैं. वहीं दरभंगा के किसान नवीन कुमार ने मिथिलांचल की विरासत ‘मरुआ’ की खेती को आज भी जिंदा रखा है. कभी ‘गरीबों का गेहूं’ कहा जाने वाला मरुआ सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. डायबिटीज के मरीजों के लिए औषधि और जितिया पर्व का खास हिस्सा रहे मरुआ की पूरी कहानी यहाँ पढ़ें. दरभंगा: आज के तेज रफ्तार जमाने में शायद ही कोई मरूआ के बारे में जानता हो. ये वही मोटा अनाज है जिसे हमारी दादी-नानी गरीबों का गेहूं कहा करती थीं. मिथिलांचल की मिट्टी आज भी इस फसल को जिंदा रखे हुए है. जबकि बाकी जगहों से ये लगभग विलुप्त हो चुका है. कुछ किसान आज भी परंपरा बचाने के लिए इसे बो रहे हैं, व्यापार के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी को अपनी जड़ें दिखाने के लिए. दरभंगा के किसान नवीन कुमार ऐसे ही एक किसान हैं. वे कहते हैं कि मरूआ की खेती हम व्यापार के लिए नहीं करते. इसे इसलिए लगाते हैं ताकि बच्चे देखें कि हमारे पूर्वज क्या खाते थे. एक समय था जब घर-घर मरूआ की रोटी बनती थी. समय बदल गया और पुरानी चीजें पीछे छूट गईं. मरूआ क्यों है खास?नवीन कुमार बताते हैं कि मरूआ शरीर के लिए बहुत फायदेमंद है. इसमें कैल्शियम, आयरन और फाइबर भरपूर मात्रा में होते हैं. ये हड्डियों को मजबूत करता है और खून की कमी दूर करता है. सबसे बड़ी बात ये डायबिटीज के मरीजों के लिए औषधि की तरह काम करता है. इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, इसलिए शुगर धीरे-धीरे बढ़ती है. धान जैसी खेती?मरूआ की खेती बिल्कुल धान की तरह होती है. पहले इसकी नर्सरी तैयार की जाती है, यानी पिछड़ा बोया जाता है. 20-25 दिन बाद जब पौध तैयार हो जाती है तो धान की रोपाई की तरह ही इसे खेत में रोपा जाता है. समय-समय पर निराई-गुड़ाई, खाद और पानी की जरूरत पड़ती है. फसल तैयार होने पर इसे काटकर, सुखाकर और कूटकर अनाज निकाला जाता है. आज बाजार में मरूआ 70-80 रुपये किलो बिक रहा है. इसका उपयोग मिथिलांचल क्षेत्र में धार्मिक रूप में भी किया जाता है जितिया पर्व के दौरान. About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Darbhanga,Bihar Source link

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Cockroach Janata Party tejashwi yadav controversy : कॉकरोच जनता पार्टी के पीछे...

होमताजा खबरदेश कॉकरोच जनता पार्टी के पीछे क्‍या तेजस्‍वी यादव का हाथ, बग्‍गा ने द‍िए सबूत Last Updated:June 04, 2026, 21:05 IST बीजेपी के फायरब्रांड नेता तेज‍िंदर सिंह बग्‍गा ने आरजेडी नेता मनोज झा का लेटर पैड शेयर करते हुए आरोप लगाया क‍ि कॉकरोच जनता पार्टी के पीछे आरजेडी का हाथ है. ख़बरें फटाफट कॉकरोच जनता पार्टी और आरजेडी के साथ र‍िश्ता हुआ उजागर. कॉकरोच जनता पार्टी के पीछे कौन है, यह सवाल तमाम लोगों के मन में है. लेकिन अब जो सबूत सामने आए हैं उसने पूरी कहानी बयां कर दी है. बीजेपी नेता तेज‍िंदर बग्‍गा ने इसके सबूत पेश कर द‍िए हैं. आरोप लगाया है क‍ि कॉकरोज जनता पार्टी को कांस्‍टीट्यूशन क्‍लब में जगह द‍िलाने में तेजस्‍वी यादव के नेता मनोज झा ने मदद की थी. उन्‍होंने बकायदा इसके ल‍िए लेटर भी जारी क‍िया है. तेज‍िंदर बग्‍गा ने आरजेडी नेता मनोज झा का लेटरपैड शेयर करते हुए ल‍िखा, कॉकरोज जनता पार्टी का अभियान शुरू होने से पहले ही बेनकाब हो गया. CJP की कल की प्रेस कॉन्फ्रेंस भारत की सबसे ईमानदार पार्टी RJD के लालू प्रसाद यादव द्वारा प्रायोजित थी. CJP Movement exposed before launch. CJP’s Yesterday Press conference was sponsored by India’s Biggest Honest Party RJD Lalu Prasad Yadav 😂😂😂 pic.twitter.com/lbqQaWrLec Source link

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मैंने पैंट में ही… फोन पर दाऊद इब्राहिम का नाम सुनते ही...

नई दिल्ली. आईपीएल के संस्थापक और पूर्व क्रिकेट प्रशासक ललित मोदी ने एक इंटरव्यू में अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम से जुड़े एक पुराने फोन कॉल का जिक्र करते हुए बड़ा खुलासा किया. समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में ललित मोदी ने बताया कि जब उन्हें दाऊद इब्राहिम की ओर से फोन आया था, तब वह बेहद घबरा गए थे और डर के कारण उनकी हालत खराब हो गई थी. ललित मोदी ने कहा कि उस समय दाऊद इब्राहिम का नाम सुनते ही बड़े-बड़े लोग कांप जाते थे. उन्होंने स्वीकार किया कि जब उन्हें यह जानकारी मिली कि दूसरी तरफ दाऊद इब्राहिम लाइन पर है, तो वह इतने भयभीत हो गए कि उनके मुंह से शब्द तक नहीं निकल रहे थे. उन्होंने इंटरव्यू में कहा, “मैं इतना डर गया था कि मैंने पैंट में ही… कर दिया.” हालांकि, ललित मोदी ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका किसी भी तरह का आपराधिक या अंडरवर्ल्ड से संबंध नहीं रहा. उन्होंने इस घटना को अपने जीवन के सबसे डरावने अनुभवों में से एक बताया. इंटरव्यू के दौरान उन्होंने उस समय के माहौल और अंडरवर्ल्ड के खौफ का भी जिक्र किया. ललित मोदी का यह बयान सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी चर्चा तेज हो गई है. क्रिकेट, कारोबार और अंडरवर्ल्ड से जुड़े पुराने दौर की कई घटनाएं एक बार फिर सुर्खियों में आ गई हैं. ANI से बात करते हुए, ललित मोदी – जो मई 2010 में भारत छोड़ने के बाद से मुख्य रूप से लंदन में रह रहे हैं – ने कई विषयों पर बात की, जिसमें भगोड़े गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम से जुड़ी धमकियां भी शामिल थीं. मोदी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि उनके कार्यकाल के दौरान फिक्सिंग से जुड़ा कोई विवाद सामने नहीं आया. उन्होंने कहा, “IPL कमिश्नर और चेयरमैन के तौर पर मेरे तीन साल के कार्यकाल में आपने एक भी ऐसी घटना के बारे में नहीं सुना होगा, और न ही मेरे समय में मैच-फिक्सिंग से जुड़ी कोई जांच हुई.” उन्होंने आरोप लगाया कि दाऊद के नेटवर्क ने उन्हें इसलिए निशाना बनाया क्योंकि उन्होंने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के शुरुआती सालों में मैच-फिक्सिंग की इजाज़त देने से मना कर दिया था. मोदी ने दावा किया कि मैच में हेरफेर की कोशिशों को नज़रअंदाज़ करने के लिए उन्हें “करोड़ों डॉलर” के ऑफ़र मिले थे, जिन्हें ठुकराने के बाद दाऊद के कथित इशारे पर उन पर तीन बार जानलेवा हमले हुए, जिनसे वे बाल-बाल बच गए. ललित मोदी ने कहा, “उसने मुझ पर तीन बार हमला करवाया. यह बात खुद दाऊद ने कही थी. तीनों बार वह चूक गया.” उन्होंने आरोप लगाया कि जब मैच को प्रभावित करने के लिए उनसे संपर्क किया गया, तो उनके द्वारा ‘आंखें फेर लेने’ (नज़रअंदाज़ करने) से मना करने पर आपराधिक गिरोह नाराज़ हो गए थे. ललित मोदी के अनुसार, उनके नेतृत्व में IPL के पहले तीन सीज़न ज़्यादातर फिक्सिंग से मुक्त रहे थे; इसी रुख़ के कारण उनका टकराव सट्टेबाज़ी और अंडरवर्ल्ड के ताक़तवर लोगों से हो गया था. ललित मोदी ने आगे आरोप लगाया कि यह टकराव 2009 के सीज़न के दौरान और बढ़ गया, जब उन्होंने भारत के आम चुनावों के कार्यक्रम के कारण सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए IPL को सफलतापूर्वक दक्षिण अफ्रीका में ट्रांसफर कर दिया था. उन्होंने दावा किया कि सट्टेबाज़ी के गिरोहों ने इस धारणा पर भारी दांव लगाए थे कि टूर्नामेंट भारत में ही होगा. जब यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हो गया, तो जिन लोगों को पैसे का नुकसान होने वाला था, वे कथित तौर पर उनके खिलाफ़ हो गए. IPL के पूर्व प्रमुख ने कहा कि क़ानून प्रवर्तन एजेंसियों को इन धमकियों के बारे में जानकारी थी. उनके अनुसार, मुंबई पुलिस ने इस मामले से जुड़ी बातचीत को रिकॉर्ड किया था और बाद में उन्हें Z-श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की थी. मोदी ने यह भी आरोप लगाया कि उनके मुंबई स्थित आवास के बाहर गोलीबारी हुई थी, और अधिकारियों ने दक्षिण अफ्रीका तथा मोंटेनेग्रो में उन्हें निशाना बनाने की अलग-अलग साज़िशों का भी पर्दाफ़ाश किया था. Source link

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जेब में हाथ डालने से कोई ‘पुष्पा’ नहीं बन जाता, अभिषेक बनर्जी...

Last Updated:June 04, 2026, 19:05 IST अग्निमित्रा पॉल ने अभिषेक बनर्जी पर निशाना साधा है. बीजेपी नेता ने कहा, ‘अभिषेक गाड़ी के बोनट पर चढ़ गए थे. उन्हें लगा कि वह एकदम पुष्पा बन गए हैं. उन्होंने जेब में हाथ डालकर डीजे बजाने की बात कही. लेकिन पब्लिक ने उनका डीजे बजा दिया. चोरी करने वालों पर मोदी सरकार का हंटर जरूर चलेगा.’ अग्निमित्रा पॉल ने ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी पर हमला बोला. (फाइल फोटो) आसनसोल. पश्चिम बंगाल सरकार की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी पर निशाना साधा है. अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि चाहे अभिषेक बनर्जी हों, ममता बनर्जी हों या पार्थ चटर्जी, अगर आप सरकार में रहते हुए कुछ भी गलत करने की कोशिश करेंगे तो आपको सजा मिलेगी लेकिन अभिषेक बनर्जी गाड़ी के बोनट पर चढ़ गए और उन्हें लगा कि वे ‘पुष्पा’ बन गए हैं. उन्होंने अपनी जेब में हाथ डाला और कहा कि हम 4 मई के बाद डीजे बजाएंगे. अब बंगाल के लोग डीजे बजा देंगे, उन्हें पता नहीं था. उन्होंने कहा कि अगर अभिषेक बनर्जी की ओर से चोरी की गई है तो कार्रवाई की जाएगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में कुछ भी गलत करने की कोशिश करेंगे तो आपको सजा जरूर मिलेगी. उन्होंने कहा कि आज मैं आपके साथ एक नई योजना साझा करने जा रही हूं. यह पूरे बंगाल के लिए है. हम चाहते हैं कि इस तरह की और भी कंपनियां यहां आएं. यह किसी एक व्यक्ति के लिए संभव नहीं है. अगर इस तरह की और कंपनियां यहां आती हैं, तो हमारे लिए अपने शहर को साफ रखना और भी आसान हो जाएगा. उन्होंने घोषणा की कि हम 1 या 2 सितंबर से पूरे पश्चिम बंगाल में जुर्माना लगाना शुरू कर देंगे. अगर कोई कूड़ा फैलाता है या सार्वजनिक जगहों को गंदा करता है, तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा. इन नियमों को सीखने और अपनाने के लिए आपके पास तीन महीने का समय है. केंद्रीय मंत्री का निर्देश है कि भीड़भाड़ वाले इलाकों में दिन में दो बार झाड़ू लगाई जानी चाहिए. वहीं, भाजपा सांसद जगदीश शेट्टार ने कहा कि जिसने भी गलतियां की हैं, उसे सजा जरूर मिलेगी. भ्रष्टाचार की वजह से सरकार गिर गई और लोग टीएमसी, उसके नेताओं और ममता बनर्जी से नाराज हैं. यह बात भारतीय जनता पार्टी की चुनावी जीत में भी दिखाई दी है. टीएमसी कोई एकजुट पार्टी नहीं है और वह ममता बनर्जी के परिवार पर निर्भर है. जगदीश शेट्टार ने कहा कि पार्टी बंटने वाली है और कुछ विधायक तो पहले ही इसके खिलाफ आवाज उठाने लगे हैं. मुझे लगता है कि आने वाले दिनों में टीएमसी पूरी तरह से खत्म हो जाएगी. About the Author Rakesh Ranjan Kumar राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Asansol,Barddhaman,West Bengal Source link

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हिमालय से हिंद महासागर तक साझेदारी मजबूत करने की तैयारी, दिल्ली आ...

होमताजा खबरदेश जयशंकर-खनाल आमने-सामने, भारत और नेपाल समीकरण में क्या होगा नया? Last Updated:June 04, 2026, 18:04 IST नेपाल के विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह उच्चस्तरीय दौरा दोनों देशों के पुराने और बहुआयामी रिश्तों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा. विदेश मंत्री खनाल 7 जून को काठमांडू लौटेंगे. ख़बरें फटाफट नेपाल के विदेश मंत्री की भारय यात्रा एस जयशंकर के निमंत्रण पर हो रही है. (फाइल फोटो) नई दिल्ली. नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल 5 से 7 जून 2026 तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे. यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब भारत और नेपाल अपने पारंपरिक रिश्तों को नई मजबूती देने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं कालापानी, लिपुलेख और लिम्पियाधुरा जैसे सीमा विवाद अब भी दोनों देशों के बीच संवेदनशील मुद्दे बने हुए हैं. खनाल का यह दौरा भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के निमंत्रण पर हो रहा है और इसे द्विपक्षीय संबंधों के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. नई दिल्ली में होने वाली वार्ता के दौरान दोनों देशों के विदेश मंत्री व्यापार, निवेश, ऊर्जा सहयोग, सीमा पार कनेक्टिविटी, जल संसाधन और लोगों के बीच संबंधों को मजबूत बनाने जैसे विषयों पर चर्चा करेंगे. हालांकि, राजनीतिक और रणनीतिक हलकों की नजर इस बात पर भी रहेगी कि क्या सीमा विवाद से जुड़े मुद्दों पर कोई सकारात्मक संकेत सामने आता है. भारत और नेपाल के संबंध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक आधार पर बेहद मजबूत रहे हैं. दोनों देशों के बीच खुली सीमा, व्यापक व्यापारिक गतिविधियां और करोड़ों लोगों के पारिवारिक व सामाजिक रिश्ते इस साझेदारी को विशेष बनाते हैं. इसके बावजूद वर्ष 2020 में कालापानी, लिपुलेख और लिम्पियाधुरा को लेकर विवाद गहरा गया था, जब नेपाल ने नया राजनीतिक नक्शा जारी कर इन क्षेत्रों को अपना हिस्सा बताया था. भारत ने उस दावे को स्वीकार नहीं किया और दोनों देशों के बीच कूटनीतिक स्तर पर मतभेद सामने आए. विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के वर्षों में दोनों देशों ने विवादों को बातचीत के जरिए सुलझाने और सहयोग के क्षेत्रों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया है. यही वजह है कि ऊर्जा, जलविद्युत, रेलवे और सड़क संपर्क जैसी परियोजनाओं में उल्लेखनीय प्रगति देखने को मिली है. नेपाल से भारत को बिजली निर्यात भी दोनों देशों के संबंधों का नया आधार बनकर उभरा है. नेपाल के विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह उच्चस्तरीय दौरा दोनों देशों के बहुआयामी संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा. ऐसे समय में जब दक्षिण एशिया की भू-राजनीति तेजी से बदल रही है, भारत और नेपाल के बीच संवाद और सहयोग को क्षेत्रीय स्थिरता के लिए भी अहम माना जा रहा है. विदेश मंत्री शिशिर खनाल 7 जून को अपनी यात्रा समाप्त कर काठमांडू लौटेंगे. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Source link

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सिर्फ कुछ बीघा जमीन और लाखों की कमाई! जानिए कैसे पपीते की...

होमताजा खबरकृषि कम जमीन में मुनाफे का फॉर्मूला!पपीते की खेती से लाखों कमा रहे किसान अशोक शर्मा Last Updated:June 04, 2026, 17:02 IST Agriculture News: कृषि क्षेत्र में नवाचार और आधुनिक तकनीकों को अपनाकर किसान आज नई सफलता की कहानियां लिख रहे हैं. ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी किसान अशोक शर्मा की है, जिन्होंने कम जमीन में पपीते की खेती कर लाखों रुपये का मुनाफा कमाया है. पारंपरिक फसलों की तुलना में पपीते की खेती ने उन्हें बेहतर उत्पादन और अधिक आय दी. उचित देखभाल, वैज्ञानिक तरीके और बाजार की मांग को ध्यान में रखते हुए उन्होंने खेती को लाभकारी व्यवसाय में बदल दिया. पपीते की फसल कम समय में तैयार हो जाती है और इसकी बाजार में सालभर मांग बनी रहती है, जिससे किसानों को नियमित आय का अवसर मिलता है. अशोक शर्मा की सफलता आसपास के किसानों के लिए भी प्रेरणा बन रही है. ख़बरें फटाफट Agriculture News: राजस्थान के सीकर जिले के सिंगरावट गांव के किसान अशोक कुमार शर्मा ने साबित कर दिया है कि खेती में सही फसल चयन और आधुनिक तकनीकों का उपयोग करके आय को कई गुना बढ़ाया जा सकता है. परंपरागत फसलों पर निर्भर रहने के बजाय उन्होंने पपीते की व्यावसायिक खेती को अपनाया और आज यह खेती उनके लिए लाखों रुपये की कमाई का जरिया बन चुकी है. उनकी सफलता अब उन किसानों के लिए भी प्रेरणा बन रही जिसने पास कम जमीन है और वे अधिक वे अधिक मुनाफा कमाना चाहते हैं. अशोक कुमार ने साल 2023 में अपनी तीन बीघा भूमि में करीब 700 पपीते के पौधे लगाए थे. वर्तमान में सभी पौधे उत्पादन दे रहे हैं और खेत से ही व्यापारी फल खरीदकर ले जाते हैं. उनकी उपज जयपुर और चोमू की मंडियों तक पहुंच रही है. पपीते की खेती से उन्हें सालाना लाखों रुपये से अधिक की आय हो रही है. इसके साथ ही वे मधुमक्खी पालन भी कर रहे हैं, जिससे अतिरिक्त आय प्राप्त होती है. अशोक कुमार पपीते और मधुमक्खी पालन करके सालाना करीब 10 लाख रुपए से अधिक की कमाई कर रहे हैं. 8 से 10 महीने में उत्पादन हो जाता है शुरू अशोक कुमार ने बताया कि किसानों के लिए पपीते की खेती फायदे का सौदा है. यह कम समय में उत्पादन देना शुरू कर देती है. उन्होंने बताया कि पौध रोपण के 8 से 10 महीने बाद फल मिलना शुरू हो जाता है. यदि सिंचाई, पोषण और पौधों की देखभाल सही तरीके से की जाए तो एक बार लगाया गया बाग लंबे समय तक नियमित उत्पादन देता रहता है. यही कारण है कि कई किसान अब गेहूं, सरसों और बाजरा जैसी पारंपरिक फसलों के साथ बागवानी फसलों की ओर भी रुख कर रहे हैं. ऐसे करें खेती की शुरुआत उन्होंने बताया कि पपीते की खेती शुरू करने से पहले किसानों को अच्छी जल निकासी वाली भूमि का चयन करना चाहिए. इसके अलावा पौधों को लगाते समय बीच में उचित दूरी रखे. इसके अलावा ड्रिप सिंचाई प्रणाली को अपनाने से खर्च कम होता है. वहीं, जैविक खाद का उपयोग करना उत्पादन बढ़ाने में मदद करता है. साथ ही खेत में मधुमक्खी पालन को शामिल करने से परागण बेहतर होता है, जिससे फल की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों में सुधार देखा जाता है. यही मॉडल अशोक कुमार के खेत में भी सफल साबित हुआ है. संयुक्त मॉडल किसानों के लिए लाभ का सौदा उन्नत अशोक कुमार का मानना है कि यदि किसान बाजार की मांग को समझते हुए फसल का चयन करें और नई तकनीकों को अपनाएं, तो कम जमीन से भी अच्छी आय अर्जित की जा सकती है. पपीते की खेती और मधुमक्खी पालन का यह संयुक्त मॉडल आज क्षेत्र के किसानों के लिए आय बढ़ाने का एक सफल उदाहरण बनकर सामने आया है. About the Author Jagriti Dubey Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Sikar,Rajasthan Source link

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टेक्नोलॉजी की नई राजधानी बनेगा हैदराबाद? गूगल का बड़ा इंटरनेशनल कैंपस तैयार,...

होमफोटोदेश टेक्नोलॉजी की नई राजधानी बनेगा हैदराबाद? गूगल का बड़ा इंटरनेशनल कैंपस तैयार Last Updated:June 04, 2026, 16:01 IST Google Hyderabad Campus: हैदराबाद एक बार फिर भारत के प्रमुख टेक्नोलॉजी हब के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है. शहर में गूगल का सबसे बड़ा इंटरनेशनल कैंपस तेजी से आकार ले रहा है, जिसमें लगभग 1500 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है. इस महत्वाकांक्षी परियोजना से करीब 18,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार अवसरों के सृजित होने की उम्मीद है. अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस यह कैंपस गूगल के वैश्विक संचालन, अनुसंधान, नवाचार और तकनीकी विकास का महत्वपूर्ण केंद्र बनने जा रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि इस निवेश से न केवल हैदराबाद के आईटी और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूती मिलेगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बड़ा लाभ होगा. गूगल की यह परियोजना भारत में बढ़ते डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और वैश्विक कंपनियों के भरोसे का प्रतीक मानी जा रही है. भारत का प्रमुख आईटी हब, हैदराबाद, इन दिनों वैश्विक टेक जगत में एक ऐतिहासिक बदलाव का गवाह बन रहा है. इंटरनेट दिग्गज Google यहाँ अमेरिका के बाहर अपना सबसे बड़ा और दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा कैंपस तैयार कर रहा है. करीब 1,500 करोड़ रुपए के भारी-भरकम निवेश से बन रहा यह मेगा प्रोजेक्ट अब अपने अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण दौर में पहुंच चुका है जो शहर की तकनीकी साख को पूरी दुनिया में एक नया आयाम देने के लिए तैयार है. गचीबाउली के फाइनेंशियल डिस्ट्रिक्ट में करीब 7.3 एकड़ जमीन पर बन रही यह विशालकाय इमारत कई मायनों में बेहद खास है. कैलिफोर्निया (अमेरिका) स्थित गूगल मुख्यालय के बाहर यह कंपनी का पहला ऐसा कैंपस है जिसका मालिकाना हक पूरी तरह से खुद गूगल के पास होगा. लगभग 30 लाख स्क्वायर फीट के इस विशालकाय और आधुनिक परिसर में एक साथ 18,000 से अधिक आईटी प्रोफेशनल्स के काम करने की अद्भुत क्षमता होगी. गूगल ने इस बहुप्रतीक्षित प्रोजेक्ट के लिए साल 2019 में जमीन का अधिग्रहण किया था. हालांकि, कोविड-19 महामारी के कारण शुरुआती दौर में काम की रफ्तार थोड़ी धीमी रही, लेकिन उसके बाद तेलंगाना सरकार के सहयोग और रियल एस्टेट तेजी के चलते निर्माण कार्य ने रफ्तार पकड़ ली. मौजूदा कंस्ट्रक्शन अपडेट्स और इंजीनियरिंग रिपोर्ट्स के अनुसार यह ड्रीम प्रोजेक्ट साल 2027 तक पूरी तरह बनकर तैयार और चालू होने की राह पर है. Add News18 as Preferred Source on Google इस कैंपस की सबसे बड़ी यूएसपी इसका बेहद आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल डिज़ाइन है. प्रसिद्ध ब्रिटिश आर्किटेक्चरल फर्म AHMM द्वारा डिज़ाइन की गई यह मुख्य इमारत एक अनोखी, सीढ़ीदार और दीर्घवृत्ताकार आकार की होगी. इसके आर्किटेक्चर में ओपन स्पेस, प्राकृतिक रोशनी और हवा के बेहतर सर्कुलेशन का विशेष ध्यान रखा गया है, जो बिजली की खपत को कम करके कर्मचारियों को एक बेहद सस्टेनेबल और तनावमुक्त वर्किंग एनवायरनमेंट देगा. गूगल के इस नए कैंपस के शुरू होने से न केवल हैदराबाद बल्कि पूरे देश के युवाओं के लिए अवसरों के नए द्वार खुलेंगे. यह प्रोजेक्ट अनुभवी प्रोफेशनल्स के साथ-साथ कॉलेज से निकलने वाले फ्रेशर्स के लिए भी बड़े पैमाने पर डायरेक्ट और इनडायरेक्ट जॉब्स लेकर आएगा. इसके अलावा, इस कैंपस के संचालन से स्थानीय स्तर पर सपोर्ट स्टाफ, सिक्योरिटी, हॉस्पिटैलिटी और ट्रांसपोर्टेशन जैसे क्षेत्रों में भी हज़ारों लोगों को रोज़गार मिलेगा. माइक्रोसॉफ्ट और अमेज़न के विशाल परिसरों की मौजूदगी के बाद अब गूगल के इस महा-कैंपस के लाइव होते ही हैदराबाद का वेस्टर्न कॉरिडोर दुनिया के सबसे शक्तिशाली टेक क्लस्टर्स में मजबूती से शुमार हो जाएगा. यह नया परिसर न केवल ग्लोबल स्तर पर भारत की तकनीकी और अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर क्षमता का नया प्रतीक बनेगा बल्कि आने वाले समय में कई और बड़ी टेक कंपनियों को भारत की ओर आकर्षित करने में भी मैग्नेट की तरह काम करेगा. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

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