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Operation Sindoor Anniversary | New Terror Camp in Pakistan: नहीं सुधरेगा पाक!...

होमफोटोदेश नहीं सुधरेगा पाक! बॉर्डर के पास फिर खड़े किए आतंकी कैंप, देख लीजिए डर्टी प्लान Last Updated:May 07, 2026, 08:52 IST Operation Sindoor Anniversary: ऑपरेशन सिंदूर में तबाह हुए आतंकी ठिकानों को पाकिस्तान फिर से खड़ा करने में जुट गया है. बहावलपुर, मुजफ्फराबाद और पीओके के कोटली इलाके में नए कैंप, बंकर और लॉन्च पैड बनाए जाने की जानकारी सामने आई है. सैटेलाइट तस्वीरों और खुफिया रिपोर्टों के मुताबिक, ISI और पाक सेना इन गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं. भारत की सुरक्षा एजेंसियां पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं. पहलगाम हमले के बाद भारत ने जब ऑपरेशन सिंदूर चलाकर पाकिस्तान और पीओके में मौजूद आतंकी ठिकानों को तबाह किया था, तब माना जा रहा था कि इस कार्रवाई से आतंक के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है. लेकिन एक साल बाद सामने आई नई सैटेलाइट तस्वीरें अलग कहानी बयां कर रही हैं. पाकिस्तान एक बार फिर उन्हीं तबाह हो चुके आतंकी ढांचों को खड़ा करने में जुट गया है. बहावलपुर से लेकर पीओके के कोटली तक निर्माण गतिविधियां तेज हो चुकी हैं. खुफिया सूत्रों का दावा है कि यह सिर्फ पुनर्निर्माण नहीं, बल्कि भारत के खिलाफ एक नए ‘डर्टी प्लान’ की तैयारी है. तस्वीरों में कई जगह नए बंकर, अस्थायी लॉन्च पैड और हाई-टेक ट्रेनिंग कैंप दिखाई दे रहे हैं. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस बार आतंकियों के ठिकाने पहले से ज्यादा छिपे हुए और आधुनिक बनाए जा रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक जैश-ए-मोहम्मद अपने सबसे बड़े ठिकाने जामिया सुब्हान अल्लाह कॉम्प्लेक्स को फिर से तैयार कर रहा है. यही वह कैंप था, जिसे ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना ने भारी नुकसान पहुंचाया था. सैटेलाइट इमेज में अब वहां दोबारा निर्माण सामग्री, नई इमारतों की नींव और सुरक्षा घेरा दिखाई दे रहा है. माना जा रहा है कि पाकिस्तान की सेना और ISI इस पूरे ऑपरेशन की निगरानी कर रही हैं. आतंकी ढांचे को सिर्फ आर्थिक मदद ही नहीं दी जा रही, बल्कि आसपास सुरक्षा तंत्र भी मजबूत किया गया है. यही वजह है कि भारत की सुरक्षा एजेंसियां अब इन गतिविधियों को बेहद गंभीरता से देख रही हैं. इस बार पाकिस्तान की रणनीति भी बदली हुई नजर आ रही है. पहले बड़े-बड़े कैंप बनाए जाते थे जिन्हें सैटेलाइट या ड्रोन से पहचानना आसान था. लेकिन अब छोटे और मिनी टेरर कैंप तैयार किए जा रहे हैं. ये कैंप घने जंगलों, पहाड़ी इलाकों और दुर्गम क्षेत्रों में बनाए जा रहे हैं. सूत्रों का कहना है कि इनमें हाई-टेक कम्युनिकेशन सिस्टम और अंडरग्राउंड बंकर जैसी सुविधाएं भी जोड़ी जा रही हैं. इसका मकसद साफ है भारतीय निगरानी से बचना और जरूरत पड़ने पर आतंकियों को तेजी से लॉन्च करना. सुरक्षा एजेंसियों को डर है कि आने वाले समय में ये छोटे कैंप बड़े खतरे में बदल सकते हैं. Add News18 as Preferred Source on Google बहावलपुर के अलावा मुजफ्फराबाद और मुरिदके में भी हलचल तेज हो गई है. मुरिदके को लश्कर-ए-तैयबा का बड़ा गढ़ माना जाता है. यहां फिर से ट्रेनिंग गतिविधियां शुरू होने की खबरें हैं. खुफिया रिपोर्टों के अनुसार कई पुराने आतंकियों को दोबारा सक्रिय किया जा रहा है और नए लड़ाकों को ट्रेनिंग देने का काम चल रहा है. दूसरी तरफ अफगानिस्तान सीमा से लगे खैबर पख्तूनवा इलाके में भी कुछ ट्रेनिंग कैंप शिफ्ट किए गए हैं. माना जा रहा है कि पाकिस्तान भारत की एयर स्ट्राइक से बचने के लिए आतंकी ढांचे को ज्यादा फैलाकर चला रहा है, ताकि एक जगह हमला होने पर पूरा नेटवर्क खत्म न हो. POK का कोटली इलाका भी एक बार फिर चर्चा में है. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान यहां भारतीय कार्रवाई में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ था. अब इसी इलाके में नए बंकर और लॉन्च पैड बनाए जाने की जानकारी सामने आई है. LOC के करीब स्थित यह इलाका लंबे समय से घुसपैठ का रास्ता माना जाता रहा है. स्थानीय सूत्रों का दावा है कि रात के समय निर्माण गतिविधियां तेज हो जाती हैं और इलाके में सेना की आवाजाही भी बढ़ गई है. तस्वीरों में कई जगह नई खुदाई और अस्थायी ढांचे दिखाई दे रहे हैं. यह संकेत है कि पाकिस्तान फिर से सीमा पार आतंकवाद को सक्रिय करने की तैयारी कर रहा है. भारतीय एजेंसियां इस पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए हैं. सूत्रों के मुताबिक, सैटेलाइट इमेज, ड्रोन निगरानी और इलेक्ट्रॉनिक इंटेलिजेंस के जरिए हर गतिविधि ट्रैक की जा रही है. सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंच पर खुद को आतंक के खिलाफ दिखाता है लेकिन जमीन पर तस्वीर बिल्कुल उलट है. यही वजह है कि भारत अब किसी भी गतिविधि को हल्के में नहीं लेना चाहता. पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर ने जिस तरह आतंकी नेटवर्क को झटका दिया था, उसके बाद पाकिस्तान अब ज्यादा चालाकी से अपने कार्ड खेल रहा है. सीमा पर बढ़ती हलचल और आतंकी ढांचों के पुनर्निर्माण की खबरों ने एक बार फिर सुरक्षा चिंताएं बढ़ा दी हैं. सवाल सिर्फ नए कैंपों का नहीं है, बल्कि उस सोच का है जो हर कार्रवाई के बाद फिर सिर उठाने लगती है. पाकिस्तान की यह नई रणनीति बताती है कि वह सीधे टकराव से बचते हुए प्रॉक्सी वॉर को जिंदा रखना चाहता है. ऐसे में आने वाले महीनों में एलओसी और पीओके की गतिविधियां भारत के लिए बेहद अहम रहने वाली हैं. सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में हैं और माना जा रहा है कि भारत भी हर हरकत का जवाब देने की तैयारी में जुटा हुआ है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

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Operation Sindoor Anniversary Live: ऑपरेशन सिंदूर के 1 साल पूरे, सेना ने...

होमताजा खबरदेश LIVE: ऑपरेशन सिंदूर के 1 साल पूरे, सेना ने दिखाई सर्जिकल स्ट्राइक की झलक Last Updated:May 07, 2026, 07:52 IST Operation Sindoor Anniversary Live: ऑपरेशन सिंदूर के एक साल पूरे होने पर भारतीय सेना ने एक खास वीडियो जारी किया है. इसमें पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों पर की गई सर्जिकल स्ट्राइक की झलक दिखाई गई है. यह ऑप…और पढ़ें ऑपरेशन सिंदूर के 1 साल पूरे. Operation Sindoor Anniversary Live: कई सैन्य अभियान सिर्फ ऑपरेशन नहीं होते वे देश की सामूहिक याद और संकल्प का हिस्सा बन जाते हैं. ऑपरेशन सिंदूर भी ऐसा ही एक नाम है जिसने पिछले साल भारत की आतंकवाद के खिलाफ नीति को नई धार दी थी. अब इस ऑपरेशन के एक साल पूरे होने पर भारतीय सेना ने एक खास वीडियो जारी किया है. इस वीडियो ने एक बार फिर उस रात की याद ताजा कर दी जब भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पीओके में मौजूद आतंकी ठिकानों पर सटीक हमला किया था. यह वीडियो सिर्फ सैन्य कार्रवाई की झलक नहीं दिखाता, बल्कि उस संदेश को भी दोहराता है कि भारत अब आतंकवाद के खिलाफ ‘नो टॉलरेंस’ की नीति पर आगे बढ़ रहा है. वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बयान भी शामिल किया गया है, इसमें उन्होंने कहा था कि भारत आतंकियों और उनके समर्थकों को पहचान कर सजा देगा. सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इसे भारत की सैन्य ताकत और रणनीतिक क्षमता का प्रतीक बता रहे हैं. ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत 7 मई 2025 की रात ठीक 1:05 बजे हुई थी. यह वही समय था, जब भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में मौजूद 9 आतंकी ठिकानों पर हमला बोला था. यह कार्रवाई 22 अप्रैल 2025 को हुए पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में की गई थी, जिसमें 26 भारतीय नागरिकों की मौत हुई थी. भारतीय सेना के मुताबिक सिर्फ 25 मिनट के भीतर आतंकियों के ठिकानों को निशाना बनाया गया और 100 से ज्यादा आतंकियों को मार गिराया गया. इस ऑपरेशन में लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन के कैंप्स को निशाना बनाया गया था. सेना ने वीडियो में याद दिलाया ‘राष्ट्रीय संकल्प’ भारतीय सेना द्वारा जारी वीडियो की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान से होती है, जिसमें उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख दिखाया था. वीडियो में पहलगाम आतंकी हमले की तस्वीरें भी दिखाई गई हैं और फिर उन 9 आतंकी ठिकानों का जिक्र किया गया है, जिन्हें ऑपरेशन सिंदूर के दौरान निशाना बनाया गया था. भारतीय वायुसेना ने भी सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए लिखा, ‘India forgives nothing.’ खास बात यह रही कि सेना ने वीडियो उसी समय जारी किया, जिस समय पिछले साल ऑपरेशन लॉन्च किया गया था. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जैश-ए-मोहम्मद सरगना मसूद अजहर के 10 रिश्तेदारों के मारे जाने की भी खबर सामने आई थी. इस ऑपरेशन के बाद पाकिस्तान ने जवाबी कोशिश की, लेकिन भारतीय सेना ने उसके एयरबेस और कई अहम ठिकानों को निशाना बनाकर जवाब दिया. दुनिया ने भी माना ऑपरेशन सिंदूर का दम डिफेंस एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ऑपरेशन सिंदूर भारत के सबसे सटीक और सफल सैन्य अभियानों में गिना जाता है. दुनिया भर के सैन्य विश्लेषकों ने इसकी प्लानिंग और एक्जीक्यूशन की तारीफ की थी. भारतीय सेना का कहना है कि आतंक और बातचीत साथ-साथ नहीं चल सकते और देश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा. Operation Sindoor Anniversary Live: ऑपरेशन सिंदूर की बरसी से पहले जम्मू में सुरक्षा कड़ी ऑपरेशन सिंदूर एनिवर्सरी लाइव: ऑपरेशन सिंदूर की बरसी से पहले जम्मू में सुरक्षा एजेंसियों ने सतर्कता बढ़ा दी है. अधिकारियों के मुताबिक कानून-व्यवस्था मजबूत रखने के लिए कई जगहों पर सर्च ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं. भारतीय सेना ने यह ऑपरेशन पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में शुरू किया था. पहलगाम हमले में 26 लोगों की जान गई थी. इस दौरान बड़े आतंकी संगठनों से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया था. अब सीमा से जुड़े इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किया जा रहा है. Operation Sindoor Anniversary Live: ऑपरेशन सिंदूर की बरसी पर राजनाथ सिंह का सलाम ऑपरेशन सिंदूर एनिवर्सरी लाइव: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर की वर्षगांठ पर भारतीय सशस्त्र बलों के शौर्य और बलिदान को नमन किया. उन्होंने कहा कि सेना के जवानों का साहस और समर्पण लगातार देश की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है. राजनाथ सिंह ने X पर अपने पोस्ट में कहा ऑपरेशन के दौरान सेना की कार्रवाई ने बेजोड़ सटीकता, तीनों सेनाओं के बीच शानदार तालमेल और गहरी समन्वय क्षमता का प्रदर्शन किया, जिसने आधुनिक सैन्य अभियानों के लिए एक नया मानक स्थापित किया. उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर राष्ट्रीय संकल्प और तैयारी का मजबूत प्रतीक बनकर उभरा है, जिसने दिखाया कि भारतीय सशस्त्र बल जरूरत पड़ने पर निर्णायक कार्रवाई के लिए हमेशा तैयार हैं. रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि यह अभियान भारत के आत्मनिर्भरता की दिशा में लगातार बढ़ते कदमों का प्रमाण है, जिसने देश की सैन्य क्षमता को मजबूत करने के साथ उसकी क्षमता भी बढ़ाया है. Operation Sindoor Anniversary Live: ऑपरेशन सिंदूर एनिवर्सरी पर CM योगी का संदेश ऑपरेशन सिंदूर एनिवर्सरी लाइव: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऑपरेशन सिंदूर के एक साल पूरे होने पर देशवासियों को बधाई देते हुए भारतीय सेना के जवानों का अभिनंदन किया. उन्होंने कहा कि 145 करोड़ भारतीयों की एकजुटता, अदम्य इच्छाशक्ति, सशस्त्र सेनाओं के असाधारण पराक्रम और भारत की स्पष्ट नीति की गौरवशाली अभिव्यक्ति ऑपरेशन सिंदूर है. CM योगी ने इसे नए भारत के आत्मविश्वास, साहस और निर्णायक नेतृत्व का प्रतीक बताते हुए कहा कि इस अभियान ने दुनिया को साफ संदेश दिया है कि भारत अपनी सुरक्षा, संप्रभुता और सम्मान से कोई समझौता नहीं करता. उन्होंने कहा कि वीर जवानों का शौर्य, त्याग और तप ही भारत की अजेय शक्ति है और राष्ट्र सदैव उनका ऋणी रहेगा. सीएम योगी ने ऑपरेशन सिंदूर को केवल इतिहास नहीं, बल्कि भविष्य के लिए प्रेरणा भी बताया. Operation Sindoor Anniversary Live: ऑपरेशन सिंदूर की बरसी पर सेना का संदेश Operation Sindoor Anniversary Live: भारतीय सेना ने जारी किए गए वीडियो में आतंकवाद के खिलाफ देश के ‘राष्ट्रीय संकल्प’ को

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Meet Chandranath Rath | Who is Chandranath Rath | Who is Suvendu...

Who is Chandranath Rath: राजनीति में अक्सर मंच पर दिखने वाले चेहरे ही चर्चा में रहते हैं लेकिन कई बार असली रणनीतिकार पर्दे के पीछे काम कर रहे होते हैं. पश्चिम बंगाल की राजनीति में चंद्रनाथ रथ ऐसा ही नाम थे. शांत स्वभाव, लो-प्रोफाइल अंदाज और बेहद अनुशासित कार्यशैली के कारण उन्हें सुवेंदु अधिकारी का सबसे भरोसेमंद साथी माना जाता था. एयरफोर्स की नौकरी छोड़कर राजनीति में आना अपने आप में बड़ा फैसला था, लेकिन रथ ने सिर्फ राजनीति में एंट्री नहीं की. उन्होंने खुद को एक ऐसे बैक-रूम ऑपरेटर के रूप में स्थापित किया. जिसने बंगाल की सबसे हाई-प्रोफाइल चुनावी लड़ाई में अहम भूमिका निभाई. भवानीपुर में ममता बनर्जी को हराने की पटकथा लिखने वालों में उनका नाम सबसे ऊपर गिना जा रहा है. यही वजह है कि उनकी हत्या ने सिर्फ भाजपा ही नहीं, बल्कि पूरे बंगाल की राजनीति को झकझोर दिया है. वह सुवेंदू अधिकारी के निज सहायक यानी पीएम के रूप में काम कर रहे थे. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार 6 मई की रात मध्यामग्राम में हुई गोलीबारी में चंद्रनाथ रथ की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. भाजपा इसे साजिश बता रही है, जबकि टीएमसी ने भी घटना की निंदा करते हुए जांच की मांग की है. लेकिन इस राजनीतिक बहस से अलग अगर चंद्रनाथ रथ की कहानी देखी जाए तो यह एक ऐसे व्यक्ति की कहानी है जिसने वर्दी से लेकर राजनीति तक हर जगह अनुशासन और वफादारी को प्राथमिकता दी. वह सार्वजनिक मंचों पर कम दिखते थे लेकिन सुवेंदु अधिकारी के लिए ट्रस्टेड ट्रबलशूटर माने जाते थे. भाजपा के अंदर भी उन्हें एक मजबूत रणनीतिकार और संकटमोचक के तौर पर देखा जाता था. चंडीपुर से शुरू हुआ सफर चंद्रनाथ रथ का जन्म पूर्व मेदिनीपुर जिले के चंडीपुर में हुआ था. उनका परिवार लंबे समय से स्थानीय राजनीति से जुड़ा रहा. उनकी मां हासी रथ पंचायत स्तर पर सक्रिय रही थीं. अधिकारी परिवार और रथ परिवार का रिश्ता भी करीब दो दशक पुराना बताया जाता है. रथ की शुरुआती पढ़ाई राहरा रामकृष्ण मिशन में हुई. युवावस्था में उनका झुकाव आध्यात्मिक जीवन की ओर भी रहा. रामकृष्ण मिशन के अनुशासन और विचारों का असर उनकी पूरी जिंदगी में दिखाई देता था. इसके बाद उन्होंने भारतीय वायुसेना जॉइन की. करीब 20 साल तक एयरफोर्स में सेवा देते हुए उन्होंने प्रशासनिक और ऑपरेशनल कामकाज में अनुभव हासिल किया. एयरफोर्स की ट्रेनिंग ने उन्हें कठिन परिस्थितियों में शांत रहना और बड़े स्तर पर टीम मैनेजमेंट करना सिखाया. चंद्रनाथ रथ सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक और सबसे करीबी सहयोगियों में से एक थे. एयरफोर्स छोड़ राजनीति में क्यों आए? वॉलंटरी रिटायरमेंट लेने के बाद रथ ने कुछ समय कॉर्पोरेट सेक्टर में काम किया. लेकिन जल्द ही उनका रुझान राजनीति की तरफ बढ़ गया. 2019 के आसपास उन्होंने सुवेंदु अधिकारी के साथ काम करना शुरू किया, जब अधिकारी ममता सरकार में मंत्री थे. 2020 में जब सुवेंदु अधिकारी ने टीएमसी छोड़कर भाजपा जॉइन की, तब चंद्रनाथ रथ भी उनके साथ आ गए. पार्टी बदलने के उस संवेदनशील दौर में भी उन्होंने वफादारी नहीं छोड़ी. भाजपा नेताओं के मुताबिक रथ सिर्फ पीए नहीं थे बल्कि रणनीति से लेकर संगठन तक कई अहम जिम्मेदारियां संभालते थे. भवानीपुर में ममता को हराने की रणनीति 2026 के विधानसभा चुनाव में भवानीपुर सीट सबसे चर्चित मुकाबला बन गई थी. यहां से खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मैदान में थीं. भाजपा ने सुवेंदु अधिकारी को उतारा और चुनाव को प्रतिष्ठा की लड़ाई बना दिया. सूत्रों के मुताबिक इस पूरे अभियान के बैक-एंड मैनेजमेंट की जिम्मेदारी चंद्रनाथ रथ के पास थी. वे चुनावी लॉजिस्टिक्स, कार्यकर्ताओं के समन्वय, बूथ मैनेजमेंट और संवेदनशील रणनीतिक फैसलों पर काम कर रहे थे. भाजपा नेताओं का कहना है कि रथ ने एयरफोर्स से मिले अनुशासन और प्रबंधन कौशल का इस्तेमाल चुनाव अभियान में किया. भवानीपुर जैसे हाई-प्रोफाइल चुनाव में ग्राउंड लेवल पर मजबूत नेटवर्क बनाना आसान नहीं था, लेकिन रथ ने इसे बेहद व्यवस्थित तरीके से संभाला. सुवेंदु के साए की तरह रहते थे रथ चंद्रनाथ रथ सार्वजनिक मंचों पर कम दिखाई देते थे. वह कैमरों से दूर रहकर काम करना पसंद करते थे. लेकिन भाजपा के अंदर उन्हें सुवेंदु अधिकारी का सबसे भरोसेमंद व्यक्ति माना जाता था. पार्टी के कई नेताओं का कहना है कि अगर भविष्य में सुवेंदु अधिकारी को बड़ी जिम्मेदारी मिलती, तो रथ भी संगठन या प्रशासन में अहम भूमिका निभा सकते थे. मध्यामग्राम में हुई सनसनीखेज हत्या 6 मई की रात मध्यामग्राम के दोहरिया इलाके में रथ अपनी ब्लैक स्कॉर्पियो से घर लौट रहे थे. तभी चार बाइकों पर आए हमलावरों ने उनकी गाड़ी रोक ली और ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी. रथ को सिर, छाती और पैर में गोलियां लगीं. अस्पताल ले जाने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और मामले की जांच जारी है. सुवेंदु अधिकारी ने इसे पूर्व नियोजित हत्या बताया है. वहीं भाजपा ने बंगाल में पोस्ट-पोल हिंसा का मुद्दा फिर से उठाया है. चंद्रनाथ रथ कौन थे और भाजपा में उनकी क्या भूमिका थी? चंद्रनाथ रथ सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक और सबसे करीबी सहयोगियों में से एक थे. वह सिर्फ पीए नहीं थे बल्कि चुनावी रणनीति, संगठनात्मक काम और संवेदनशील राजनीतिक जिम्मेदारियां भी संभालते थे. भाजपा के अंदर उन्हें एक भरोसेमंद बैक-रूम रणनीतिकार माना जाता था. भवानीपुर चुनाव में उनकी भूमिका क्यों अहम मानी जा रही है? भवानीपुर चुनाव 2026 बंगाल की सबसे हाई-प्रोफाइल लड़ाई थी, जहां ममता बनर्जी मैदान में थीं. चंद्रनाथ रथ ने चुनाव अभियान के लॉजिस्टिक्स, बूथ मैनेजमेंट और ग्राउंड कोऑर्डिनेशन की जिम्मेदारी संभाली थी. भाजपा नेताओं के मुताबिक, उनकी रणनीति ने सुवेंदु अधिकारी की जीत में बड़ी भूमिका निभाई. उनकी हत्या को लेकर राजनीति क्यों गरमा गई है? रथ की हत्या भाजपा की बड़ी चुनावी जीत के दो दिन बाद हुई. भाजपा इसे राजनीतिक साजिश बता रही है, जबकि विपक्ष भी जांच की मांग कर रहा है. इस घटना ने बंगाल में पोस्ट-पोल हिंसा और राजनीतिक टकराव की बहस को फिर तेज कर दिया है. 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Aaj Ka Mausam Live | Today Weather Live: 70KM की रफ्तार से...

Today Weather Live: मई के महीने में गर्मी अपने चरम पर होती है. हर तरफ आसमान से आग बरस रही होती है. लोगों को झुलसा देने वाली गर्मी, लू और तपती हवाओं का डर सताने लगता है. लेकिन इस बार मौसम ने अलग ही करवट ले ली है. कहीं 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल रही हैं, तो कहीं ओलों की मार किसानों की चिंता बढ़ा रही है. उत्तर प्रदेश और बिहार में ठनका यानी आकाशीय बिजली को लेकर अलर्ट जारी है. मौसम विभाग (IMD) के अनुसार आने वाले 24 से 48 घंटे कई राज्यों के लिए भारी पड़ सकते हैं. अच्छी बात यह है कि भीषण गर्मी और लू पर फिलहाल ब्रेक लगा हुआ है. लेकिन राहत के साथ खतरा भी जुड़ा है. तेज हवाएं, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की घटनाएं अचानक नुकसान पहुंचा सकती हैं. यही वजह है कि मौसम का यह बदला हुआ मिजाज लोगों को राहत भी दे रहा है और डर भी पैदा कर रहा है. मौसम विभाग ने साफ संकेत दिए हैं कि अगले कुछ दिन देशभर में मौसम काफी एक्टिव रहेगा. पश्चिमी विक्षोभ का असर कमजोर जरूर हो रहा है, लेकिन इसका प्रभाव अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है. उत्तर भारत के कई राज्यों में तेज आंधी, बारिश और बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है. वहीं पूर्वोत्तर भारत में 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है. पहाड़ी राज्यों में बारिश और बर्फबारी से मौसम सुहावना बना हुआ है जबकि दक्षिण भारत में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो चुकी हैं. तमिलनाडु, केरल और आंध्र प्रदेश में गरज-चमक के साथ बारिश का दौर जारी है. कुल मिलाकर देश का मौसम इस समय एक साथ कई रंग दिखा रहा है. IMD के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमी गतिविधियों के कारण तेज गरज-चमक वाले बादल बन रहे हैं. (फाइल फोटो PTI) पिछले कई दिनों से चल रही मौसमी गतिविधियों के कारण तापमान में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. जिन राज्यों में कुछ दिन पहले तक लू चल रही थी, वहां अब बादल और बारिश राहत लेकर आए हैं. हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि यह राहत स्थायी नहीं है और 9 मई के बाद कई इलाकों में पारा फिर चढ़ सकता है. IMD के मुताबिक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और साइक्लोनिक सर्कुलेशन की संयुक्त गतिविधियों ने मौसम को पूरी तरह बदल दिया है. उत्तर भारत में जहां धूलभरी आंधियां और बिजली गिरने का खतरा है, वहीं दक्षिण और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं का असर दिखाई देगा. किसानों को खास सतर्क रहने की सलाह दी गई है. दिल्ली-NCR में बादलों की आवाजाही और राहत भरी हवा दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में मौसम का मिजाज बदला हुआ बना रहेगा. गुरुवार को आंशिक बादल छाए रह सकते हैं. अधिकतम तापमान 37 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है. हालांकि तेज बारिश की संभावना फिलहाल कम है, लेकिन शाम के समय ठंडी हवाएं लोगों को राहत देंगी. मौसम विभाग ने बताया कि 6 और 7 मई को गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं. इससे गर्मी और लू से राहत बनी रहेगी. एयर क्वालिटी इंडेक्स में भी सुधार देखा गया है. यूपी में आंधी, ओले और ठनका का खतरा उत्तर प्रदेश में अगले चार दिनों तक मौसम काफी सक्रिय रहेगा. पश्चिमी यूपी से लेकर पूर्वांचल और बुंदेलखंड तक आंधी-पानी और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया गया है. प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, नोएडा, आगरा और कानपुर समेत कई जिलों में आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी है. मौसम विभाग ने लोगों को खुले मैदान और पेड़ों के नीचे खड़े न होने की सलाह दी है. तापमान में गिरावट के कारण गर्मी से राहत मिलेगी, लेकिन तेज हवाएं और बिजली गिरने का खतरा चिंता बढ़ा सकता है. बिहार में ठनका और भारी बारिश की चेतावनी बिहार में पिछले तीन दिनों से मौसम लगातार बदला हुआ है. कई जिलों में तेज हवाओं और बारिश के साथ ओलावृष्टि दर्ज की गई है. IMD ने 15 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. किशनगंज, सुपौल, अररिया और खगड़िया समेत कई इलाकों में अगले 48 घंटे तक रुक-रुक कर बारिश हो सकती है. ठनका गिरने की आशंका को देखते हुए ग्रामीण इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है. राजस्थान में बारिश के बाद फिर बढ़ेगी गर्मी राजस्थान में पिछले कुछ दिनों की बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत दी है. जयपुर, कोटा और उदयपुर संभाग में हल्की से मध्यम बारिश और ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है. मौसम विभाग का कहना है कि अगले तीन-चार दिनों में बारिश की गतिविधियां कम होंगी और तापमान में 3 से 5 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है. पश्चिमी राजस्थान में धीरे-धीरे गर्मी फिर असर दिखाने लगेगी. पंजाब-हरियाणा में तेज आंधी और बारिश का अलर्ट पंजाब के कई जिलों में गुरुवार को 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. अमृतसर, जालंधर, लुधियाना और पटियाला समेत कई हिस्सों में बारिश और ओले गिरने की संभावना है. मौसम विभाग ने किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी है. हरियाणा में भी कमोबेश ऐसा ही मौसम बना रहेगा. गुरुग्राम, फरीदाबाद, जींद और कैथल में तेज आंधी और गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है. इससे दिन के तापमान में कमी आएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी. पहाड़ों पर बारिश और ठंड का एहसास उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश से मौसम बेहद सुहावना बना हुआ है. देहरादून, नैनीताल, चमोली, पिथौरागढ़, बागेश्वर और उत्तरकाशी समेत कई जिलों में अगले 48 घंटे तक रुक-रुक कर बारिश जारी रहने की संभावना है. ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी भी हो रही है, जिससे ठंड का एहसास बढ़ गया है. केदारनाथ, बद्रीनाथ और हेमकुंड साहिब के आसपास ताजा बर्फबारी दर्ज की गई है. मौसम विभाग ने पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है, क्योंकि कई जगहों पर भूस्खलन और सड़क बंद होने का खतरा भी बना हुआ है. लगातार बदलते मौसम के कारण तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आई है. मैदानी इलाकों में भी सुबह-शाम ठंडी हवाएं

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INS Mahendragiri Features | Project 17A Warships | P- 17A ने समंदर...

INS Mahendragiri Induction Project 17A: तीन तरफ से समंदर घिरा में भारत अपनी रणनीति लगातार बदल रहा है. हिंद महासागर में दुश्मनों की चुनौती से निपटने के लिए भारत प्रोजेक्ट 17A लेकर आया. इस प्रोजक्ट में भारत स्वदेशी युद्धपोतों का निर्माण कर रहा है. इस प्रोजेक्ट के तहत बने 7 स्वदेशी युद्धपोत भारतीय नौसेना में शामिल हो चुके हैं. आईएनएस महेंद्रगिरी (INS Mahendragiri) भी इसी प्रोजेक्ट का हिस्सा है. नीलगिरी क्लास क्लास का स्टेल्थ गाइडेड-मिसाइल युद्धपोत आईएनएस महेंद्रगिरी भारत की उस बढ़ती ताकत का प्रतीक है, जो दुश्मन की हर चाल को पानी में दफन करने का दम रखती है. प्रोजेक्ट 17A के तहत तैयार किया गया यह घातक युद्धपोत ऐसे समय में आया है जब हिंद महासागर में विदेशी नौसेनाओं की दखलंदाजी बढ़ रही है। आईएनएस महेंद्रगिरी की एंट्री ने दुश्मनों के खेमे में खौफ पैदा कर दिया है, क्योंकि यह ‘साइलेंट हंटर’ समंदर की लहरों के बीच छिपकर शिकार करने में माहिर है. प्रोजेक्ट 17A: तैयार किए अदृश्य फौज प्रोजेक्ट 17A भारतीय नौसेना का वह महत्वाकांक्षी प्रोग्राम है, जिसने भारत को युद्धपोत निर्माण के मामले में दुनिया के चुनिंदा देशों की कतार में खड़ा कर दिया है. इस प्रोजेक्ट के तहत सात अत्याधुनिक ‘स्टेल्थ गाइडेड-मिसाइल फ्रिगेट्स’ का निर्माण किया जा रहा है, जिन्हें ‘नीलगिरी क्लास’ के नाम से जाना जाता है. इन युद्धपोतों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इन्हें भारत में ही नौसेना के ‘वॉरशिप डिजाइन ब्यूरो’ द्वारा डिजाइन किया गया है. यह ‘आत्मनिर्भर भारत’ की वह तस्वीर है जिसे देखकर दुनिया हैरान है। प्रोजेक्ट 17A के तहत बनने वाले सात योद्धाओं के नाम हैं: आईएनएस नीलगिरी (INS Nilgiri) आईएनएस हिमगिरी (INS Himgiri) आईएनएस उदयगिरी (INS Udaygiri) आईएनएस दूनागिरी (INS Dunagiri) आईएनएस तारागिरी (INS Taragiri) आईएनएस विंध्यगिरी (INS Vindhyagiri) आईएनएस महेंद्रगिरी (INS Mahendragiri) ब्रह्मोस और बराक-8 से लैस आईएनएस महेंद्रगिरी की सबसे खतरनाक बात इसका हथियार प्रणाली है। यह युद्धपोत दुनिया की सबसे घातक और तेज क्रूज मिसाइल ‘ब्रह्मोस’ (BrahMos) से लैस है. यह मिसाइल दुश्मन के जहाजों और जमीनी ठिकानों को पल भर में राख के ढेर में बदल सकती है. हवा से होने वाले हमलों से बचने के लिए इसमें ‘बराक-8’ मिसाइल डिफेंस सिस्टम लगा है, जो दुश्मन के ड्रोन, विमानों और मिसाइलों को बीच हवा में ही नेस्तनाबूद कर देता है. इसके अलावा, महेंद्रगिरी अत्याधुनिक सोनार सिस्टम, टॉरपीडो और एंटी-सबमरीन रॉकेट लॉन्चर से लैस है, जो समंदर की गहराई में छिपी दुश्मन की पनडुब्बियों को ढूंढ-ढूंढकर मारने की ताकत रखता है. आईएनएस महेंद्रगिरी दुश्मनों की रडार के लिए ‘अदृश्य’ प्रोजेक्ट 17A के युद्धपोतों को इस तरह डिजाइन किया गया है कि दुश्मन की रडार इन्हें आसानी से पकड़ न सके. विशेष हल (Hull) डिजाइन और खास सामग्री के इस्तेमाल की वजह से इनका ‘रडार सिग्नेचर’ बहुत कम हो जाता है. इसका मतलब है कि महेंद्रगिरी दुश्मन के इलाके में घुसकर हमला करेगा और दुश्मन को पता भी नहीं चलेगा कि वार कहां से हुआ. मॉडुलर कंस्ट्रक्शन भारत ने इस प्रोजेक्ट के जरिए अपनी जहाज निर्माण क्षमता को वैश्विक मानकों तक पहुंचा दिया है। पहले युद्धपोतों को एक के बाद एक हिस्से जोड़कर बनाया जाता था, लेकिन महेंद्रगिरी को ‘मॉडुलर कंस्ट्रक्शन’ तकनीक से बनाया गया है. इसमें जहाज के अलग-अलग हिस्सों को एक साथ बनाया जाता है और फिर उन्हें असेंबल किया जाता है. इससे निर्माण में लगने वाला समय कम हो गया है और जहाज की गुणवत्ता दुनिया में सर्वश्रेष्ठ हो गई है. 1. आईएनएस महेंद्रगिरी किस प्रोजेक्ट का हिस्सा है? इसे कहां बनाया गया है? आईएनएस महेंद्रगिरी प्रोजेक्ट 17A का हिस्सा है. इसे मुंबई स्थित मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड में बनाया गया है. 2. प्रोजेक्ट 17A के तहत कुल कितने युद्धपोत बनाए जा रहे हैं? प्रोजेक्ट 17A के तहत कुल सात स्टेल्थ गाइडेड-मिसाइल फ्रिगेट्स का निर्माण किया जा रहा है. इनके नाम नीलगिरी, हिमगिरी, उदयगिरी, दूनागिरी, तारागिरी, विंध्यगिरी और महेंद्रगिरी हैं. 3. आईएनएस महेंद्रगिरी में कौन सी घातक मिसाइलें तैनात की गई हैं? इसमें हमला करने के लिए दुनिया की सबसे तेज क्रूज मिसाइलों में से एक ‘ब्रह्मोस’ और हवाई हमलों से बचाव के लिए ‘बराक-8’ मिसाइल डिफेंस सिस्टम लगाया गया है. 4. मॉडुलर कंस्ट्रक्शन तकनीक क्या है और इसके क्या फायदे हैं? मॉडुलर कंस्ट्रक्शन तकनीक में जहाज के अलग-अलग हिस्सों को एक साथ बनाया जाता है. फिर उन्हें असेंबल किया जाता है. इससे निर्माण के समय में कमी आती है और जहाज की सटीकता व गुणवत्ता में सुधार होता है. 5. महेंद्रगिरी की ‘स्टेल्थ’ (Stealth) खासियत क्या है? स्टेल्थ तकनीक के कारण इस युद्धपोत का रडार सिग्नेचर बहुत कम हो जाता है. यह दुश्मन की रडार की पकड़ में आसानी से नहीं आता. इसे ट्रैक करना मुश्किल होता है. Source link

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aaj ka Vrishchik rashifal 07 may 2026 Scorpio horoscope in hindi scorpio...

Last Updated:May 07, 2026, 00:04 IST Aaj ka Vrishchik Rashifal 07 may 2026: सीतामढ़ी के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य दीपेश शास्त्री ने 7 मई 2026 को वृश्चिक राशि के लिए विशेष चेतावनी जारी की है. आज ग्रहों की स्थिति सावधानी ही सुरक्षा का संकेत दे रही है. जहां कार्यक्षेत्र में ‘डबल चेक’ फॉर्मूला और आर्थिक लेनदेन में अतिरिक्त सतर्कता बरतनी अनिवार्य है. छोटी सी चूक या अति-आत्मविश्वास से होने वाले बड़े नुकसान से बचने के लिए शास्त्री जी ने रिश्तों में स्पष्टता और मानसिक शांति के लिए एक विशेष ज्योतिषीय उपाय भी साझा किया है. सीतामढ़ी: वृश्चिक राशि के जातकों के लिए 7 मई 2026 का दिन सावधानी और सतर्कता का संकेत दे रहा है. ज्योतिषाचार्य दीपेश शास्त्री के अनुसार ग्रहों की वर्तमान स्थिति यह दर्शाती है कि आपकी एक छोटी सी लापरवाही या अति-आत्मविश्वास आपके बने-बनाए कार्यों में बाधा डाल सकता है. आज के दिन का मूल मंत्र सावधानी ही सुरक्षा है. इसलिए किसी भी कार्य को हल्के में न लें और अपनी मानसिक सजगता बनाए रखें. ‘डबल चेक’ फॉर्मूला अपनाएंआज पेशेवर जीवन में सतर्कता का स्तर बढ़ाना अनिवार्य है. ज्योतिषाचार्य के अनुसार कार्यस्थल पर आपकी एक छोटी सी मानवीय भूल भविष्य में बड़े नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है. आज का विशेष सुझाव है कि काम जितना आसान लगे, उसे उतनी ही गंभीरता से लें. किसी भी महत्वपूर्ण फाइल को जमा करने या बड़ा निर्णय लेने से पहले उसे दो बार चेक जरूर करें. सहकर्मियों के साथ संवाद में पारदर्शिता रखें, क्योंकि अधूरी या अस्पष्ट जानकारी आज पेशेवर रिश्तों में कड़वाहट पैदा कर सकती है. वित्तीय जल्दबाजी से बचेंधन और निवेश के मोर्चे पर आज वृश्चिक राशि वालों को वेट एंड वॉच की नीति अपनानी चाहिए. दीपेश शास्त्री जी ने चेतावनी दी है कि आज कोई भी ऑनलाइन या ऑफलाइन भुगतान जल्दबाजी में न करें. पैसे भेजने से पहले प्राप्तकर्ता का नाम, बैंक विवरण और राशि की दोबारा पुष्टि कर लें. निवेश के किसी भी नए और लुभावने प्रस्ताव को आज के लिए टाल देना ही समझदारी है. यदि कोई बड़ा वित्तीय निर्णय लेना बहुत जरूरी हो, तो किसी अनुभवी विशेषज्ञ या बुजुर्ग की सलाह के बिना कदम न बढ़ाएं. आज की गई एक छोटी सी लापरवाही आपके मासिक बजट को बिगाड़ सकती है. रिश्ते और विशेष ज्योतिषीय उपायपारिवारिक और निजी संबंधों में आज ग्रहों के प्रभाव के कारण गलतफहमियां बढ़ सकती हैं. आपकी बातों का गलत अर्थ निकाला जा सकता है. जिससे विवाद की स्थिति बन सकती है. ऐसे में शास्त्री जी की सलाह है कि आज घुमा-फिराकर बात करने के बजाय सीधी और स्पष्ट बात करें. मानसिक एकाग्रता बनाए रखने के लिए एक सरल उपाय बताया गया है. आज घर लौटते समय या अपने जूते बाहर उतारते समय एक सेकंड के लिए ठहरें और मन ही मन शांति शब्द का उच्चारण करें. यह छोटा सा अभ्यास आपके बिखरे हुए ध्यान को केंद्रित करेगा. आपको संभावित मानसिक तनाव व नुकसान से बचाने में मददगार साबित होगा. About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Sitamarhi,Bihar Source link

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Suvendu Adhikari PA Shot Death | Chandranath Rath Murder | सुवेंदु अधिकारी...

होमताजा खबरwest bengalKolkata लहूलुहान पड़े थे चंद्रनाथ, रो रहा था ड्राइवर… सुवेंदु के पीए को कैसे मारा गया? Last Updated:May 07, 2026, 02:41 IST Suvendu Adhikari PA Chandranath Rath Murder Case: पश्चिम बंगाल के मध्यमग्राम में सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या कर दी गई. 6 मई की रात घात लगाकर किए गए इस हमले में ऑस्ट्रियाई ग्लॉक पिस्टल का इस्तेमाल हुआ है. बीजेपी ने इसे सोची-समझी साजिश और सुवेंदु अधिकारी पर हमले की कोशिश करार दिया है. वहीं टीएमसी ने भी कोर्ट की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग की है. Chandranath Rath Murder Case Details: सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या: मध्यमग्राम हत्याकांड की पूरी जानकारी. (Photo : PTI) Suvendu Adhikari PA Murder: पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और कद्दावर बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक (पीए) चंद्रनाथ रथ की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई. वारदात उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम में बुधवार (06 मई 2026) रात करीब सवा 10 बजे हुई. पुलिस की शुरुआती जांच और चश्मदीदों के बयान बताते हैं कि हमलावरों ने बाकायदा इलाके की रेकी की थी और एक सोची-समझी प्लानिंग के तहत इस हत्याकांड को अंजाम दिया. घटना उस वक्त हुई जब चंद्रनाथ अपने घर से महज 200 मीटर की दूरी पर थे. हमलावरों के पास विदेशी हथियार थे और उन्होंने जिस गाड़ी का इस्तेमाल किया, उस पर लगी नंबर प्लेट भी जाली पाई गई है. इस वारदात के बाद से मध्यमग्राम और आसपास के इलाकों में भारी तनाव है. बीजेपी ने आरोप लगाया है कि यह हमला सुवेंदु अधिकारी को डराने या शायद उन पर हमला करने की एक बड़ी साजिश का हिस्सा था. वहीं, अस्पताल पहुंचे सुवेंदु अधिकारी ने राज्य पुलिस की जांच पर अविश्वास जताते हुए सीबीआई जांच की मांग की है. बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ. (File Photo : PTI) मध्यमग्राम में बुधवार रात 10 बजे के बाद क्या-क्या हुआ? चंद्रनाथ रथ मर्डर केस की टाइमलाइन 6 मई की रात करीब 10:10 बजे : चंद्रनाथ रथ की स्कॉर्पियो जेसोर रोड स्थित मध्यमग्राम के दोहरिया इलाके में दाखिल हुई. चंद्रनाथ अपने एक साथी बुद्धदेव बेरा के साथ घर की ओर बढ़ रहे थे. रात 10:15 बजे : उनका घर सिर्फ 200 मीटर दूर था. तभी अचानक एक अनजान कार ने उनकी स्कॉर्पियो का रास्ता रोक लिया. जैसे ही गाड़ी की रफ्तार धीमी हुई, बाइक पर सवार हमलावरों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी. रात 10:20 बजे : गोलियों की आवाज सुनकर स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे. वहां का नजारा बेहद डरावना था. स्कॉर्पियो के भीतर चंद्रनाथ और बुद्धदेव खून से लथपथ पड़े थे. रात करीब 10:40 बजे : उन्हें पास के डाइवर्सिटी नर्सिंग होम ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने चंद्रनाथ को मृत घोषित कर दिया. उनके सीने के बाईं तरफ दो गोलियां लगी थीं. वहीं उनके साथी बुद्धदेव को तीन गोलियां लगी हैं, जिनकी हालत गंभीर बनी हुई है रात 11:30 बजे : घटना की खबर जंगल की आग की तरह फैली और वहां भारी पुलिस बल के साथ बीजेपी के बड़े नेता पहुंचने लगे. Suvendu Adhikari’s PA Shot Dead: सुवेंदु अधिकारी के पर्सनल असिस्टेंट चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या. 06 मई 2026 की रात कब क्या हुआ? (Infographics made with AI) Suvendu Adhikari PA Chandra Murder: चश्मदीद ने अपनी आंखों से क्या-क्या देखा? News18 इंडिया से बात करते हुए चश्मदीद सुशांत सरकार ने उस खौफनाक मंजर की पूरी कहानी बताई. सुशांत ने कहा कि उन्होंने घर के अंदर गोलियों की आवाज सुनी और बाहर भागे. जब वह मौके पर पहुंचे तो देखा कि एक स्कॉर्पियो खड़ी थी और उसका ड्राइवर बुरी तरह रो रहा था. ड्राइवर बार-बार कह रहा था, ‘सर, यह क्या हो गया!’ ड्राइवर ने बताया कि कुछ लोग गोलियां बरसाकर फरार हो गए हैं. सुशांत के मुताबिक, गाड़ी की दूसरी सीट पर बैठे शख्स (चंद्रनाथ) के शरीर से काफी खून निकल रहा था. वह उस वक्त जिंदा थे लेकिन कुछ बोल पाने की हालत में नहीं थे. उनके मुंह से बस हल्की आवाजें निकल रही थीं और सीना खून से लथपथ था. सुशांत और अन्य लोगों ने तुरंत ड्राइवर से कहा कि वह इन्हें लेकर अस्पताल भागे और उन्होंने खुद पुलिस को फोन किया. वारदात के समय हमलावर इतनी तेजी से आए और गए कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला. Source link

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हमलावरों ने पीछा कर गाड़ी रुकवाई और कर दिया छलनी, कैसे हुआ...

होमवीडियोदेश VIDEO: हमलावरों ने पीछा कर गाड़ी रुकवाई और कर दिया छलनी, कैसे हुआ सुवेंदु के पीए चंद्रनाथ का मर्डर? X VIDEO: हमलावरों ने पीछा कर गाड़ी रुकवाई और कर दिया छलनी, कैसे हुआ सुवेंदु के पीए चंद्रनाथ का मर्डर?   Suvendu Adhikari’s PA Chandrakant Murder: पश्चिम बंगाल के मध्यमग्राम इलाके में भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रकांत रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई है. बताया जा रहा है कि हमलावर बाइक पर सवार होकर आए थे. उन्होंने पीड़ित पर नजदीक से कई राउंड फायरिंग की. गोली लगते ही चंद्रकांत जमीन पर गिर पड़े और उसकी मौके पर ही मौत हो गई. घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया. इसी बीच, बीजेपी नेता केया घोष ने दावा किया कि मृतक लंबे समय से सुवेंदु अधिकारी के साथ काम कर रहे थे. उन्होंने टीएमसी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह किसी प्रोफेशनल हमलावर का काम लगता है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

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Suvendu Adhikari PA Shot Dead | सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ...

होमताजा खबरwest bengalKolkata क्या टीएमसी की ‘गुंडा वाहिनी’ ने ली सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की जान? Last Updated:May 07, 2026, 00:05 IST Suvendu Adhikari PA Shot Dead: पश्चिम बंगाल में बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई है. हमलावरों ने उन पर करीब 12 राउंड फायरिंग की. पश्चिम बंगाल बीजेपी ने पहले ही टीएमसी के ऊपर हिंसा की साजिश रचने का आरोप लगाया था. सुवेंदु अधिकारी के पीए का मर्डर, क्या मध्यमग्राम में सोची-समझी साजिश के तहत चली गोली? कोलकाता: पश्चिम बंगाल में बुधवार रात बीजेपी के कद्दावर नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की बेरहमी से हत्या कर दी गई. जानकारी के मुताबिक हमलावरों ने चंद्रनाथ पर बहुत करीब से ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं. इस हमले में उनकी मौके पर ही मौत हो गई. यह घटना उस वक्त हुई जब चंद्रनाथ अपना ऑफिस का काम खत्म करके घर लौट रहे थे. इस हत्याकांड ने पूरे बंगाल में हड़कंप मचा दिया है. बीजेपी ने पहले ही हिंसक घटनाओं को लेकर तृणमूल कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए थे. पार्टी ने बयान में कहा कि टीएमसी की ‘गुंडा वाहिनी’ सूबे में अराजकता फैला रही है. बाइक सवार हमलावरों ने कैसे दिया वारदात को अंजाम? बताया जा रहा है कि चंद्रनाथ के सिर, सीने और पेट में कई गोलियां लगी हैं. हमलावरों ने करीब 12 राउंड गोलियां चलाईं ताकि बचने की कोई गुंजाइश न रहे. प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हमला इतनी तेजी से हुआ कि किसी को संभलने का मौका ही नहीं मिला. Source link

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पश्चिम बंगाल में सत्‍ता परिवर्तन के बीच सुवेंदु अधिकारी के पीए की...

होमताजा खबरदेश बंगाल में सत्‍ता परिवर्तन के बीच सुवेंदु अधिकारी के पीए की गोली मारकर हत्‍या Last Updated:May 06, 2026, 23:24 IST बंगाल में सत्‍ता परिवर्तन के बीच सुवेंदु अधिकारी के पीए की गोली मारकर हत्‍या पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन की लहर और चुनावी नतीजों के बाद हिंसा का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है. ताजा मामले में बीजेपी नेता और राज्य के नए राजनैतिक धुरी बने सुवेंदु अधिकारी के करीबी निजी सहायक (PA) चंद्र नाथ रथ की मध्यमग्राम में सरेराह गोली मारकर हत्या कर दी गई है. चश्मदीदों के मुताबिक वह कुछ लोगों के साथ मौजूद थे, तभी हमलावरों ने उन्हें निशाना बनाया. इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है और राज्य में कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. घटना के मुख्य प्‍वाइंट्· सरेराह वारदात: सुभेंदु चंद्र नाथ रथ को मध्यमग्राम में तब निशाना बनाया गया जब वे कुछ लोगों के साथ सार्वजनिक स्थान पर थे. · मौके पर ही मौत: हमलावरों ने बेहद करीब से गोलियां चलाईं, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई. · सुवेंदु अधिकारी के करीबी: मृतक लंबे समय से सुवेंदु अधिकारी के साथ जुड़े हुए थे और उनके खास भरोसेमंद माने जाते थे. · चुनाव बाद हिंसा: बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों (4 मई) के बाद से ही राज्य के विभिन्न हिस्सों से तोड़फोड़ और झड़पों की खबरें आ रही हैं. यह ख़बर बिल्कुल अभी आई है और इसे सबसे पहले आप News18Hindi पर पढ़ रहे हैं. जैसे-जैसे जानकारी मिल रही है, हम इसे अपडेट कर रहे हैं. ज्यादा बेहतर एक्सपीरिएंस के लिए आप इस खबर को रीफ्रेश करते रहें, ताकि सभी अपडेट आपको तुरंत मिल सकें. आप हमारे साथ बने रहिए और पाइए हर सही ख़बर, सबसे पहले सिर्फ Hindi.News18.com पर… News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

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