भारतन्यूज़ – टॉप हेडर
News Menu Bar

ताज़ा खबर

ताज़ा खबर

संकटमोचक अफसर को पद्मश्री! 75 जवानों की शहादत का लिया था बदला,...

होमवीडियोदेश Padma Sri: संकटमोचक अफसर को पद्मश्री! 75 जवानों की शहादत का लिया था बदला, वीरप्पन को भी किया था ढेर X Padma Sri: संकटमोचक अफसर को पद्मश्री! 75 जवानों की शहादत का लिया था बदला, वीरप्पन को भी किया था ढेर   Padma Sri Award 2026: भारत सरकार ने देश के सबसे जांबाज और ‘संकटमोचक’ पुलिस अधिकारियों में गिने जाने वाले पूर्व IPS अधिकारी श्री के. विजय कुमार को पद्मश्री 2026 से सम्मानित किया है. 1975 बैच के आईपीएस अधिकारी विजय कुमार का 5 दशकों का करियर चुनौतियों और अदम्य साहस से भरा रहा है. उन्हें सबसे ज्यादा शोहरत 2004 में मिली, जब उनके नेतृत्व में तमिलनाडु स्पेशल टास्क फोर्स ने कुख्यात चंदन तस्कर ‘वीरप्पन’ को मार गिराया था. इसके अलावा, 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान श्रीनगर में बीएसएप के आईजी के तौर पर आतंकवादियों से लोहा लेना हो, या 2010 में छत्तीसगढ़ के दांतेवाड़ा में 75 CRPF जवानों की शहादत के बाद नक्सलियों के गढ़ में घुसकर जवानों का हौसला बढ़ाना हो; उन्होंने हमेशा आगे बढ़कर नेतृत्व किया. अपनी इस शानदार सफलता का श्रेय उन्होंने अपने परिवार और साथ खड़े लोगों को देते हुए कहा कि जब आप अपना काम पसंद करते हैं, तो आप खुद-ब-खुद शिखर पर पहुंच जाते हैं. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

ताज़ा खबर

Sonia Gandhi vs PM Modi House Size Controversy | कांग्रेस नेता ने...

Sonia Gandhi House is Bigger than PM Modi Residence: दिल्ली के लुटियंस जोन में स्थित आलीशान सरकारी बंगलों को लेकर सियासत का गरमाया हुआ है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आधिकारिक आवास के विस्तार पर रविवार को कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने सवाल खड़े किए. हालांकि, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने जैसे ही उनके सवाल पर पलटवार किया, कांग्रेस खुद के सवालों में उलझ कर रह गई. भाजपा ने एक आरटीआई के हवाला दे कर डेटा वॉर छेड़ दिया है. इस डेटा से निशाने पर आ गया 10, जनपथ पर स्थित सोनिया गांधी का बंगला. भाजपा ने पलटवार करते हुए दावा किया है कि सोनिया गांधी का बंगला क्षेत्रफल के मामले में देश के प्रधानमंत्री के घर से काफी बड़ा है. बीजेपी ने आरटीआई (RTI) से मिली जानकारी का हवाला देते हुए दावा किया कि कांग्रेस की पूर्व अध्यक्षा सोनिया गांधी का बंगला देश के प्रधानमंत्री के रहने की जगह से बड़ा है. आखिर, क्या है पूरा माजरा? क्या सच में कांग्रेस नेत्री सोनिया गांधी के बंगले का क्षेत्रफल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास से ज्यादा है? अगर, ज्यादा है तो कितना? क्या है भाजपा के दावे का सच? पीएम मोदी का अवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर स्थित है. कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत से विवाद की शुरुआत इस पूरे विवाद को हवा दी कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत के एक बयान ने. राजपूत ने प्रधानमंत्री आवास के विशाल परिसर और कथित तौर पर जिमखाना क्लब के हिस्से को खाली कराने के मुद्दे पर सरकार को घेरा. सुरेंद्र राजपूत ने सवालिया लहजे में कहा, ‘प्रधानमंत्री को रहने के लिए आखिर कितनी जगह चाहिए? बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार को इस पर स्पष्टीकरण देना होगा.’ उन्होंने आगे कहा कि ‘प्रधानमंत्री का निवास पहले से ही इतने बड़े परिसर में स्थित है. अब, आप जिमखाना क्लब का हवाला देकर उसे भी खाली कराना चाहते हैं.’ राजपूत का सीधा इशारा लुटियंस दिल्ली में पीएम आवास परिसर के कथित विस्तार और उसके लिए आसपास की प्रतिष्ठित जगहों के इस्तेमाल की ओर था. सोनिया गांधी का आवास पीएम मोदी के आवास से आकार में बड़ा है. अमित मालवीय ने ‘नाप’ दिया बंगला कांग्रेस के इस हमले पर बीजेपी ने ज्यादा देर नहीं लगाई. मोर्चा संभाला बीजेपी के आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने. मालवीय ने सीधे तौर पर आंकड़ों की बाजीगरी के बजाय, सीधे तौर पर क्षेत्रफल का डेटा सामने रख दिया. भाजपा के निशाने आया सोनिया गांधी गांधी का 10, जनपथ का बांगला. अमित मालवीय ने सुरेंद्र राजपूत के बयान का जवाब देते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, ‘शायद सोनिया गांधी ने सुरेंद्र राजपूत को एक नोट भेजा है. सोनिया गांधी, जो 10 जनपथ में रहती हैं, वह 15,181 वर्ग मीटर में फैला हुआ है. यह 7 लोक कल्याण मार्ग (प्रधानमंत्री आवास) से बड़ा है, जो 14,101 वर्ग मीटर में है.’ प्रधानमंत्री आवास परिसर में पूजा करते पीएम मोदी. आपको पता है 10 जनपथ और 7 लोक कल्याण मार्ग की लंबाई-चौड़ाई? अब आते हैं उस सवाल पर, जिसे अब देश की जनता जानना चाहती है. क्या वाकई सोनिया गांधी का घर पीएम मोदी के घर से बड़ा है? सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत सामने आई जानकारी के आधार पर अमित मालवीय का दावा सही प्रतीत हो रहा है. समझते हैं पूरा गणित सोनिया गांधी का आवास (10, जनपथ): सरकारी आंकड़ों के अनुसार, लुटियंस दिल्ली स्थित यह बंगला लगभग 15,181 वर्ग मीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है. सोनिया गांधी दशकों से इसी पते पर रह रही हैं. वहीं, प्रधानमंत्री का आवास (7, लोक कल्याण मार्ग) देश के प्रधानमंत्री का आधिकारिक निवास है. इसे पहले 7 रेसकोर्स रोड कहा जाता था, क्षेत्रफल के मामले में 10 जनपथ से छोटा है. इसका क्षेत्रफल लगभग 14,101 वर्ग मीटर है. दोनों की क्षेत्रफल की तुलना की जाए जिसे ‘आधिकारिक निवास’ के रूप में चिन्हित किया गया है, तो सोनिया गांधी का 10, जनपथ बंगला पीएम मोदी के 7, लोक कल्याण मार्ग स्थित निवास से बड़ा है. ‘परिसर’ बनाम ‘आवास’ लेकिन, इस आंकड़ों की लड़ाई में एक महत्वपूर्ण तकनीकी पहलू भी है. जहां एक ओर प्रधानमंत्री का आधिकारिक आवास क्षेत्रफल में छोटा हो सकता है, वहीं प्रधानमंत्री निवास परिसर एक विशाल क्षेत्र है. टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, 7, लोक कल्याण मार्ग केवल एक बंगला नहीं है, बल्कि यह 12 एकड़ (लगभग 48,562 वर्ग मीटर) के विशाल परिसर में फैला हुआ है. लेकिन, आधिकारिक आवास को निवास परिसर मत जोड़ दीजिएगा. प्रधानमंत्री निवास परिसर में तमाम तरह के सरकारी दफ्तर हैं. प्रधानमंत्री निवास परिसर में क्या-क्या है? प्रधानमंत्री के रहने की जगह के अलावा, इस 12 एकड़ के परिसर में कई अन्य महत्वपूर्ण चीजें शामिल हैं: प्रधानमंत्री का कार्यालय (Office). सुरक्षा व्यवस्था के लिए विस्तृत बुनियादी ढांचा (SPG के लिए जगह). अतिथियों के लिए अलग बंगले. हेलीपैड और अन्य लॉजिस्टिक सुविधाएं. सवाल उठा कर कांग्रेस खुद फंस गई कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने इसी 12 एकड़ के ‘विशाल परिसर’ और सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत हो रहे नए निर्माणों की ओर इशारा किया था. वहीं, अमित मालवीय ने तुलना के लिए केवल उस विशिष्ट बंगले के क्षेत्रफल को चुना जहां पीएम रहते हैं. जब कांग्रेस पीएम के ‘विशाल परिसर’ पर सवाल उठाती है, तो वह जनता के पैसे और फिजूलखर्ची का मुद्दा बनाने की कोशिश करती है. इसके विपरीत, जब बीजेपी सोनिया गांधी के 10 जनपथ के 15,181 वर्ग मीटर का नाप बताती है, तो वह कांग्रेस पर हिपोक्रेसी का आरोप लगाती है. किस कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री आवास के क्षेत्रफल पर सवाल उठाए थे? कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने प्रधानमंत्री आवास के विशाल परिसर और कथित तौर पर जिमखाना क्लब को खाली कराने के मुद्दे पर सवाल उठाए थे. अमित मालवीय ने आवास के क्षेत्रफल के बारे में क्या दावा किया? अमित मालवीय ने दावा किया कि सोनिया गांधी का 10 जनपथ आवास 15,181 वर्ग मीटर में है, जो प्रधानमंत्री मोदी के 7 लोक कल्याण मार्ग स्थित आवास (14,101 वर्ग मीटर) से क्षेत्रफल में बड़ा है. आरटीआई (RTI) के आंकड़ों के अनुसार, किसका आधिकारिक आवास क्षेत्रफल में बड़ा है? आरटीआई से मिली जानकारी के अनुसार, सोनिया गांधी का 10, जनपथ आवास क्षेत्रफल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आधिकारिक आवास से बड़ा है. प्रधानमंत्री आवास

ताज़ा खबर

ट्रंप बोले-‘आई लव मोदी’, सर्जियो गोर ने अमेर‍िकी राष्‍ट्रपत‍ि को लगाया फोन,...

होमताजा खबरदेश ट्रंप बोले-‘आई लव मोदी’, सर्जियो गोर ने अमेर‍िकी राष्‍ट्रपत‍ि को लगाया फोन, तो आया जवाब Last Updated:May 24, 2026, 21:30 IST दिल्ली में आयोजित अमेरिका के 250वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान एक दिलचस्प वाकया देखने को मिला. कार्यक्रम में मौजूद अमेर‍िकी राजदूत सर्जियो गोर ने लाइव कॉल के जरिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप को समारोह से जोड़ा, जिसके बाद वहां मौजूद लोगों में उत्साह बढ़ गया. बातचीत के दौरान ट्रंप ने भारत और अमेरिका के रिश्तों पर बात की. इसी दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हुए कहा कि उनके पीएम मोदी के साथ अच्छे संबंध हैं और वह उन्हें पसंद करते हैं. ट्रंप के ‘आई लव मोदी’ वाले बयान के बाद समारोह में मौजूद लोगों ने तालियां भी बजाईं. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

ताज़ा खबर

सागर में सड़क विकास को मिली रफ्तार, 55 करोड़ से बनेंगी 12...

Last Updated:May 24, 2026, 20:27 IST सागर में 55 करोड़ की लागत से जो पक्की डामर की सड़क बनाई जानी है उनमें राहतगढ़ क्षेत्र में आने वाले भैंसा से पथरिया मार्ग है.जिसकी लंबाई 4.60 किलोमीटर है. इसे लागत 5.10 करोड़ रुपए की लागत से बनाया जाएगा. इस सड़क की वजह से फोर लाइन से करीब पांच गांव की कनेक्टिविटी हो जाएगी. यह 4 लाइन सागर शहर के लिए जोड़ती है. बुंदेलखंड की राजधानी कहां जाने वाला सागर सड़कों के मामले में विकास की एक नई इबादत लिख रहा है एक तरफ जहां नेशनल हाईवे और स्टेट हाईवे का काम तेज गति से चल रहा है और सागर को महानगरों से जोड़ा जा रहा है उसी तरह ग्रामीण क्षेत्रों को भी शहर और नगरों से जोड़ने की कवायत चल रही है इसके लिए कच्ची और दलदल वाली सड़कों को बनाया जा रहा है तो जो सड़क खराब हो गई है उनका नया सिरे से निर्माण कार्य किया जा रहा है. सागर में 55 करोड़ की लागत से 12 सड़कों का निर्माण कार्य किए जाने के लिए राशि स्वीकृत की गई है. जिनकी लम्बाई 41 km है और इनमें कुछ सड़कों का निर्माण कार्य भी शुरू हो चुका है यह सड़क निर्माण पूरा होने के बाद 60 से अधिक गांव नगर और शहर से जुड़ जाएंगे. जिसका फायदा ग्रामीण क्षेत्रों को लोगों को मिलेगा अस्पताल तक पहुंच आसान हो जाएगी. किसान सीधे मंडियों तक पहुंच सकेंगे स्कूली बच्चे भी आसानी से स्कूल और कॉलेज तक आएंगे. 55 करोड़ की लागत से बनेगा डामर की सड़कसागर में 55 करोड़ की लागत से जो पक्की डामर की सड़क बनाई जानी है उनमें राहतगढ़ क्षेत्र में आने वाले भैंसा से पथरिया मार्ग है.जिसकी लंबाई 4.60 किलोमीटर है. इसे लागत 5.10 करोड़ रुपए की लागत से बनाया जाएगा. इस सड़क की वजह से फोर लाइन से करीब पांच गांव की कनेक्टिविटी हो जाएगी. यह 4 लाइन सागर शहर के लिए जोड़ती है. राहतगढ़ से ही लगे झिला गाव से लेकर मुरली बसौदा मार्ग तक साढ़े 6 करोड़ की लागत से सड़क तैयार होगी. इसमें स्ट्रीट लाइट्स भी पूरी सड़क में लगाकर उजाला किया जाएगा.इसी तरह सीहोरा क्षेत्र में भी 3 किलोमीटर लंबी सड़क बनाई जानी है.इसकी लागत 3 करोड़ है.यह सड़क का निर्माण घाटसेमरा गांव से किल्लाई तक किया जाएगा जिसमें चार गांव मुख्य सड़क से जुड़ेंगे. 41km लंबी सड़क का निर्माणखुरई रोड पर आने वाले नरयावली क्षेत्र में भी कांचरी गांव से हवला मैन मार्ग तक 3 किलोमीटर लंबाई वाली सड़क को ढाई करोड़ की लागत से तैयार किया जा रहा हैं. इसी क्षेत्र में आने वाले हवला चौराहे से लुहारी तक लंबाई सवा 4 किलोमीटर वाली सड़क को 3 करोड़ 60 लाख की लागत से बनाया जाएगा.बिलहरा, बेरखेड़ी, निटर्री बल्कि सड़क भी पक्की बनाई जाएगी इसकी लागत करीब 8 करोड रुपए निश्चित की गई है यहां पर भी स्ट्रीट लाइट लगाई जाएंगे और यहां जो ब्लैक स्पॉट है बाय पूरी तरह से खत्म हो जाएगा. जिससे दुर्घटनाओं की संभावना न कर बराबर हो जाएगी.केसली क्षेत्र में भी ढाई किलोमीटर लंबी सड़क का 3 करोड़ की लागत से निर्माण किया जाना है यह सड़क केवलारी गांव से शुरू होकर सहजपुर बुजुर्ग तक जाएगी इस सड़क की वजह से तीन गांव मुख्य मार्ग से जोड़कर केसली तक पहुंच बनाएंगे. इसी गांव से एक और सड़क का निर्माण किया जाएगा जिसकी लंबाई भी ढाई किलोमीटर है. यह सहजपुर बुजुर्ग से सहजपुर खुर्द तक जाएगी इसकी लागत 3 करोड़ 10 लाख रुपया तय की गई है. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Sagar,Madhya Pradesh Source link

ताज़ा खबर

कॉकरोच जनता पार्टी पर नई आफत, सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला, फर्जी वकील...

Last Updated:May 24, 2026, 19:31 IST सुप्रीम कोर्ट में कथित “कॉकरोच जनता पार्टी” और फर्जी वकीलों से जुड़े मामले को लेकर एक नई याचिका दाखिल की गई है, जिससे राजनीतिक और कानूनी हलकों में हलचल तेज हो गई है. याचिका में दावा किया गया है कि कुछ सोशल मीडिया गतिविधियों और कथित फर्जी वकालत से जुड़े मामलों की गंभीर जांच की जरूरत है. याचिकाकर्ता ने अदालत से इस पूरे प्रकरण में सीबीआई जांच और एफआईआर दर्ज करने की मांग की है. कॉकरोज पार्टी का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा. नई दिल्ली.कॉकरोच जनता पार्टी पर नई आफत आ गई है. इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाख‍िल की गई है. साथ ही फर्जी वकीलों की भी जांच कराने की मांग की गई है. वकील राजा चौधरी की ओर से दायर की गई इस याचिका में मांग की गई है कि फर्जी वकीलों, नकली लॉ डिग्रियों और देश की न्याय व्यवस्था का सरेआम मजाक उड़ाने वाले डिजिटल कैंपेन की देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी यानी CBI से जांच कराई जाए. दावा किया गया है क‍ि कुछ लोग जाली मार्कशीट के दम पर काला कोट पहनकर सोशल मीडिया में अदालती कार्यवाही की क्‍ल‍िप काटकर द‍िखा रहे हैं और अदालत को नीचा द‍िखाने की कोश‍िश की जा रही है. कहानी शुरू होती है बीते 15 मई की एक बेहद गंभीर और ऐतिहासिक सुनवाई से. उस दिन अदालत कक्ष में माननीय जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ देश के कानूनी पेशे में दीमक की तरह घुस चुके फर्जी वकीलों और नकली लॉ डिग्रियों पर तल्ख टिप्पणी कर रही थी. इसी गरमा-गरम बहस और मौखिक चर्चा के दौरान कोर्ट रूम में अनौपचारिक रूप से ‘कॉकरोच’ शब्द का इस्तेमाल हो गया. बस फिर क्या था, सोशल मीडिया के कथित ‘कंटेंट किंग’ और डिजिटल क्रिएटर्स ने इस गंभीर अदालती टिप्पणी को हाथों-हाथ लपक लिया. इंटरनेट की दुनिया में देखते ही देखते “कॉकरोच जनता पार्टी” नाम से एक भयंकर ऑनलाइन अभियान, अनगिनत मीम्स और रील्स की ऐसी बाढ़ आई कि सुप्रीम कोर्ट की एक बेहद गंभीर और मर्यादित बहस को चुटकुलों और कॉमेडी शो में तब्दील कर दिया गया. ट‍िप्‍पण‍ियों का गलत इस्‍तेमाल वकील राजा चौधरी ने अपनी याचिका में इसी बात पर सबसे कड़ा ऐतराज जताते हुए कोर्ट से कहा है कि शीर्ष अदालत की मौखिक और अनौपचारिक टिप्पणियों को उनके मूल संदर्भ से पूरी तरह काटकर पेश किया गया. डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर इन वीडियो क्लिपिंग्स का न केवल राजनीतिक और व्यक्तिगत एजेंडे के लिए इस्तेमाल किया गया, बल्कि इनके जरिए यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर लाखों व्यूज बटोरकर मोटी कमाई और व्यावसायिक लाभ भी कमाया गया. याचिकाकर्ता का सीधा आरोप है कि न्याय के सर्वोच्च मंदिर की लाइव कार्यवाही और संवेदनशील बहसों को इस तरह मजेदार मीम्स, जोक्स और धंधे का हिस्सा बनाना न्याय व्यवस्था की गरिमा, साख और संप्रभुता पर सीधा आत्मघाती हमला है, जिसे किसी भी लोकतांत्रिक और सभ्य समाज में कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. गाइडलाइन बनाई जाए हालांकि, याचिकाकर्ता ने कोर्ट के सामने यह बिल्कुल साफ कर दिया है कि यह जनहित याचिका किसी भी नागरिक की अभिव्यक्ति की आजादी, सोशल मीडिया पर चलने वाले स्वस्थ व्यंग्य या फिर सरकार और न्यायपालिका की लोकतांत्रिक आलोचना के खिलाफ कतई नहीं है. यह याचिका मुख्य रूप से अदालती कार्यवाही के जानबूझकर किए जा रहे बेजा इस्तेमाल, डिजिटल ट्रोलिंग और न्याय के मंदिर को व्यापारिक लाभ के लिए नोट छापने की मशीन बनाने वाली प्रवृत्तियों को रोकने के लिए लाई गई है. याचिका में साफ मांग की गई है कि सुप्रीम कोर्ट की लाइव स्ट्रीमिंग या अदालती कार्यवाही के वीडियो का इस तरह का कमर्शियल और भ्रामक इस्तेमाल रोकने के लिए सख्त और स्पष्ट गाइडलाइन बनाई जानी चाहिए ताकि कोई भी अदालती गरिमा को अपनी कमाई का जरिया न बना सके. केंद्र सरकार को भी पक्षकार बनाने की मांग मामले की गंभीरता और इसके दूरगामी असर को देखते हुए इस याचिका में केंद्र सरकार, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY), बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को औपचारिक रूप से पक्षकार बनाया गया है. याचिका में शीर्ष अदालत से गुहार लगाई गई है कि वह सीधे सीबीआई (CBI) को इस पूरे मामले में एफआईआर (FIR) दर्ज कर एक विस्तृत और स्वतंत्र जांच करने का निर्देश दे. इसमें फर्जी लॉ डिग्रियों के सिंडिकेट से लेकर सोशल मीडिया पर न्यायपालिका को बदनाम करने वाले संगठित कॉकरोच जनता पार्टी कैंपेन के पीछे छिपे चेहरों, इस ट्रेंड को हवा देने वाले हैंडलर्स और उनकी पूरी फंडिंग की कड़ियों को भी गहराई से खंगालने की बात कही गई है ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi Source link

ताज़ा खबर

देखो देखो पीएम हाउस में कौन आया? बच्चों संग खुद बच्चे बन...

होमफोटोदेश बच्चों के सामने खुद बच्चे बन गए पीएम मोदी; सेवा तीर्थ से आई तस्वीर ने जीता दिल Last Updated:May 24, 2026, 18:32 IST PM Narendra Modi with Kids: प्रधानमंत्री कार्यालय के नए परिसर सेवा तीर्थ में उस वक्त बेहद खुशनुमा माहौल हो गया जब पीएम नरेंद्र मोदी से मिलने दो बेहद नन्हे और प्यारे बच्चे पहुंचे. प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर इस मुलाकात की एक दिल छू लेने वाली तस्वीर साझा करते हुए इन नन्हे मेहमानों को बड़े प्यार से अपना “दो युवा दोस्त” बताया है. ऑफिस की व्यस्तता के बीच बचपन का दीदार: पीएम मोदी के व्यस्ततम कामकाजी शेड्यूल के बीच जब ‘सेवा तीर्थ’ में इन दो नन्हे मेहमानों की एंट्री हुई, तो वहां का माहौल पूरी तरह बदल गया. देश के प्रधानमंत्री देश की फिक्र छोड़कर कुछ पल के लिए पूरी तरह से बाल-सुलभ आनंद में डूब गए. दो युवा दोस्त और पीएम मोदी का खास रिश्ता: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इन बच्चों के साथ बिताए खूबसूरत पलों की तस्वीरें खुद साझा कीं. उन्होंने बेहद आत्मीयता और सम्मान के साथ इन मासूम बच्चों को अपने “दो युवा दोस्त” (Two young friends) कहकर संबोधित किया. मेज पर नन्हा कदम और प्रधानमंत्री का मजबूत सहारा: वायरल हो रही तस्वीर में सबसे भावुक करने वाला पल वह है, जब एक छोटा बच्चा पीएम मोदी के ऑफिस की मुख्य मेज पर खड़ा दिखाई दे रहा है. प्रधानमंत्री ने बेहद सावधानी और दुलार से बच्चे को दोनों हाथों से थाम रखा है. Add News18 as Preferred Source on Google न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

ताज़ा खबर

Nandigram bypoll election। West Bengal politics। नंदीग्राम उपचुनाव: सुवेंदु के डर से...

होमताजा खबरदेश नंदीग्राम उपचुनाव: सुवेंदु के डर से ममता का खासमखास भी डरा, ठुकराया टिकट Last Updated:May 24, 2026, 17:33 IST Nandigram By-Election: पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम उपचुनाव से ठीक पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) को बहुत बड़ा झटका लगा है. कभी ममता बनर्जी के बेहद करीबी रहे आंदोलन के महानायक शेख सुफियान ने टीएमसी का चुनावी टिकट ठुकरा दिया है. उन्होंने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व की खुलकर तारीफ की और अपनी ही पार्टी पर कार्यकर्ताओं की अनदेखी करने तथा मोहरे की तरह इस्तेमाल करने के गंभीर आरोप लगाए हैं. ममता की मुसीबतें बढ़ती नजर आ रही हैं. पश्चिम बंगाल का सियासी समर एक ऐसे नाटकीय मोड़ पर आ खड़ा हुआ है जिसकी कल्पना खुद तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने भी नहीं की होगी. कभी ममता बनर्जी के सबसे अचूक और भरोसेमंद ब्रह्मास्त्र माने जाने वाले नंदीग्राम आंदोलन के महानायक शेख सुफियान ने ही अब दीदी का साथ छोड़ दिया है. मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के अभेद्य सियासी किले और उनके जबरदस्त खौफ का असर इस कदर देखने को मिल रहा है कि नंदीग्राम उपचुनाव से ठीक पहले तृणमूल कांग्रेस पूरी तरह से रणछोड़ नजर आ रही है. मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी द्वारा खाली की गई इस हाई-प्रोफाइल सीट पर टीएमसी के टिकट से चुनाव लड़ने के प्रस्ताव को शेख सुफियान ने न सिर्फ सिरे से ठुकरा दिया बल्कि अपनी ही पार्टी के खिलाफ एक ऐसा खौफनाक और तीखा जहर उगला है जिसने बंगाल की राजनीति में भूचाल ला दिया है. ममता बनर्जी की बेहद करीबी नेता डोला सेन जब खुद सुफियान के घर नंदीग्राम में उन्हें मनाने और पार्टी का टिकट सौंपने पहुंचीं तो सुफियान का गुस्सा फूट पड़ा. उन्होंने दोटूक शब्दों में चुनाव लड़ने से इनकार करते हुए आरोप लगाया कि संकट के समय पार्टी का कोई भी नेता जमीनी कार्यकर्ताओं की सुध नहीं लेता और उन्हें सिर्फ मोहरे की तरह इस्तेमाल किया जाता है. इतना ही नहीं सुफियान ने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की संगठनात्मक क्षमता और उनके नेतृत्व की जमकर तारीफ करते हुए उन्हें नंदीग्राम के विकास के लिए सबसे योग्य नेता बता दिया. इस अप्रत्याशित बगावत ने नंदीग्राम उपचुनाव से पहले ही टीएमसी के हौसले पस्त कर दिए हैं और यह साफ कर दिया है कि सुवेंदु अधिकारी के डर से अब ममता के सबसे खासमखास सिपहसालार भी चुनावी मैदान से अपने कदम पीछे खींच चुके हैं. नंदीग्राम उपचुनाव से जुड़ी 5 मुख्य बातें1. ममता बनर्जी को बड़ा राजनीतिक झटका: नंदीग्राम आंदोलन (2007) के समय ममता बनर्जी के सबसे खास रणनीतिकार और ‘हनुमान’ माने जाने वाले शेख सुफियान ने उपचुनाव में टीएमसी का टिकट थामने से साफ इनकार कर दिया है.2. चुनावी मैदान से पीछे हटे दिग्गज: पवित्र कर के बाद अब शेख सुफियान के भी कदम पीछे खींच लेने से नंदीग्राम जैसी हाई-प्रोफाइल सीट पर उम्मीदवार ढूंढने के लिए तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व को भारी मशक्कत करनी पड़ रही है.3. अपनी ही पार्टी पर गंभीर आरोप: टिकट ठुकराने के साथ ही सुफियान ने टीएमसी पर बड़ा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि संकट के समय पार्टी नेताओं की सुध नहीं लेती और उन्हें केवल अधिकारी परिवार के खिलाफ बयानबाजी करने के लिए मोहरे की तरह उकसाया जाता था.4. मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की खुलकर तारीफ: कभी सुवेंदु के धुर विरोधी रहे शेख सुफियान के सुर अब पूरी तरह बदल चुके हैं. उन्होंने सुवेंदु अधिकारी की संगठनात्मक क्षमता को सराहा और उन्हें नंदीग्राम के विकास के लिए सबसे योग्य और सफल मुख्यमंत्री बताया.5. फॉल्टा में बीजेपी की ऐतिहासिक बढ़त: दूसरी तरफ, फॉल्टा विधानसभा उपचुनाव के नतीजों में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की भविष्यवाणी सच साबित हुई है, जहां 19 राउंड की गिनती के बाद बीजेपी उम्मीदवार देबांगशु पांडा करीब 1 लाख (99,208) वोटों से एकतरफा बढ़त बनाए हुए हैं. सवाल-जवाब नंदीग्राम विधानसभा सीट पर उपचुनाव क्यों होने जा रहा है? मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने भवानीपुर और नंदीग्राम दोनों सीटों से चुनाव जीता था. उन्होंने भवानीपुर के विधायक पद को अपने पास बरकरार रखते हुए नंदीग्राम सीट से इस्तीफा दे दिया है, जिसके कारण यहाँ उपचुनाव हो रहा है. शेख सुफियान ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेतृत्व के प्रति क्या नाराजगी व्यक्त की? शेख सुफियान ने आरोप लगाया कि पार्टी में अब कोई उनकी खोज-खबर नहीं लेता. उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी द्वारा उन्हें केवल अधिकारी परिवार के खिलाफ मुंह खोलने और बयानबाजी करने के लिए उकसाया जाता था. शेख सुफियान का नंदीग्राम में क्या राजनीतिक इतिहास रहा है? नंदीग्राम में टीएमसी के सबसे पुराने और मुख्य चेहरों में से एक रहे हैं. उन्होंने 2006 के विधानसभा चुनाव में टीएमसी के टिकट पर चुनाव लड़ा था (हालांकि वह हार गए थे) और बाद में पंचायत चुनाव जीतकर जिला परिषद के कर्माध्यक्ष बने थे. About the Author Sandeep GuptaChief Sub Editor डिजिटल पत्रकारिता में खबरों की गहरी समझ रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. 16 वर्षों से सुदीर्घ पत्रकारीय सफर में इन्होंने अपनी कलम से जटिल विषयों को …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi Source link

ताज़ा खबर

Falta Election | West Bengal Election News | फाल्टा में बीजेपी ने...

होमताजा खबरदेश फाल्टा में ढह गया डायमंड हार्बर मॉडल! 100000 वोटों से जीत रहे BJP कैंडिडेट Last Updated:May 24, 2026, 16:27 IST Falta Repoll Result: पश्चिम बंगाल की फाल्टा विधानसभा सीट पर हुए पुनर्मतदान (Repoll) के नतीजे भारतीय जनता पार्टी (BJP) के लिए बड़ी खुशखबरी लेकर आए हैं. मतगणना के रुझानों में बीजेपी ने सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं. भाजपा उम्मीदवार देबांशु पांडा (Debangshu Panda) लगभग 1 लाख वोटों के विशाल अंतर से प्रचंड जीत की ओर बढ़ रहे हैं. उन्होंने सीपीआई(एम), टीएमसी और कांग्रेस के उम्मीदवारों को पूरी तरह से पछाड़ दिया है. इस एकतरफा जीत पर बीजेपी गदगद है. बीजेपी नेता प्रदीप भंडारी ने इसे ‘डायमंड हार्बर मॉडल’ का पतन और बंगाल में पीएम मोदी के विजन की ऐतिहासिक जीत बताया है. फाल्टा में बीजेपी प्रचंड जीत की ओर Falta BJP Massive Win: पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले की फाल्टा विधानसभा सीट (Falta Election Result Live) पर हुए पुनर्मतदान में भारतीय जनता पार्टी के कैंडिडेट तगड़ी जीत दर्ज करने जा रहे हैं. 19 राउंड तक की काउंटिंग तक भाजपा के देबांग्शु पांडा लगभग एक लाख वोटों से आगे चल रहे हैं. रविवार को कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हुई मतगणना में भाजपा रिकॉर्ड तोड़ जीत की ओर अग्रसर है. फाल्टा की जनता ने एकतरफा रूप से भगवा दल पर अपना भरोसा जताया है. चुनाव आयोग के ताजा रिपोर्ट में देबांशु पांडा ने 1,37,718 वोट हासिल कर लिए हैं. वह अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी से 99,433 (लगभग एक लाख) वोटों के मार्जिन से आगे चल रहे हैं. दूसरे नंबर पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी CPI(M) के शंभू नाथ कुर्मी हैं, जिन्हें अब तक 38,285 वोट मिले हैं. वहीं, राज्य की सत्ताधारी ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (TMC) के उम्मीदवार जहांगीर खान का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा है; वह महज 7,440 वोटों के साथ काफी पीछे चल रहे हैं. कांग्रेस के अब्दुर रज्जाक मोल्ला को भी मात्र 9,763 वोट ही हासिल हुए हैं. यह आंकड़े फाल्टा में ‘कमल’ की निर्विवाद आंधी की गवाही दे रहे हैं. Diamond Harbour Model COLLAPSES! ‘BHAIPOs’ Arrogance Defeated ! — Pradeep Bhandari(प्रदीप भंडारी)🇮🇳 (@pradip103) May 24, 2026 Source link

ताज़ा खबर

UPSC Recruitment 2026: वैज्ञानिक से मेडिकल ऑफिसर तक.. 644 पदों के लिए...

नई दिल्ली (UPSC Recruitment 2026 Notification). देश की सबसे प्रतिष्ठित संस्था संघ लोक सेवा आयोग के जरिए सरकारी नौकरी पाने और देश सेवा करने की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए बेहद शानदार मौका आया है. केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में अफसर और टेक्निकल पदों पर करियर बनाने के इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए यूपीएससी ने कुल 644 विभिन्न रिक्तियों पर भर्ती की घोषणा की है. इस रिक्रूटमेंट ड्राइव के जरिए प्रशासनिक, रक्षा, चिकित्सा और वैज्ञानिक क्षेत्रों में नियुक्तियां की जाएंगी. आयोग की तरफ से जारी जानकारी के मुताबिक, इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की प्रक्रिया 20 मई से शुरू की जा चुकी है. योग्य और इच्छुक उम्मीदवारों के पास 9 जून 2026 तक एप्लीकेशन फॉर्म जमा करने का समय है. इस भर्ती में अनुभवी और उच्च शिक्षा प्राप्त प्रोफेशनल्स के लिए पद हैं तो देश के रक्षा क्षेत्र से जुड़कर भविष्य संवारने वाले 12वीं पास युवाओं के लिए भी बेहतरीन अवसर हैं. यूपीएससी में सरकारी नौकरी के लिए upsc.gov.in पर नोटिफिकेशन चेक कर सकते हैं. UPSC भर्ती 2026: 644 पदों पर सीधे मिलेगी सरकारी नौकरी यूपीएससी ने इस बार केवल किसी एक विभाग नहीं, बल्कि कई अलग-अलग सेक्टर्स के लिए वैकेंसी का पिटारा खोला है. इस नोटिफिकेशन के तहत वैज्ञानिक, मैनेजर, वैज्ञानिक अधिकारी, लेक्चरर, एसोसिएट प्रोफेसर, सहायक कार्यकारी अभियंता, उप निदेशक, अनुसंधान अधिकारी और सहायक और उप नियंत्रक के पद भरे जाएंगे. इसके साथ ही जूनियर तकनीकी अधिकारी, संयुक्त सहायक निदेशक, पर्यटन अधिकारी, ड्रिलर, मानवविज्ञानी और चिकित्सा अधिकारियों की भी नियुक्तियां की जाएंगी. वहीं, कंबाइंड डिफेंस सर्विसेज (CDS), केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) परीक्षा, भारतीय सांख्यिकी सेवा और भारतीय आर्थिक सेवा परीक्षा के खाली पदों को भी इसी के जरिए भरा जा रहा है. रक्षा क्षेत्र में भी बंपर मौका: NDA और नौसेना अकादमी की सीटें इससे पहले भी यूपीएससी ने रक्षा विंग के तहत कुल 394 पदों पर आवेदन आमंत्रित किए थे, जिन्हें इस भर्ती प्रक्रिया के साथ जोड़कर देखा जा रहा है. इनमें पुरुषों के लिए 370 पद और महिला उम्मीदवारों के लिए 24 पद आरक्षित किए गए हैं. आयोग की तरफ से जारी इन रिक्तियों में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) के 370 और भारतीय नौसेना अकादमी (INA – 10+2 कैडेट प्रवेश योजना) के 24 पद शामिल हैं, जो युवाओं को सीधे सेना में अधिकारी बनने का गौरवशाली अवसर प्रदान करते हैं. समय का रखें खास ख्याल संघ लोक सेवा आयोग ने इन सभी पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 20 मई से एक्टिव कर दी थी. आयोग ने रजिस्ट्रेशन फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि 9 जून 2026 की शाम 6:00 बजे तय की है. अंतिम समय में वेबसाइट पर होने वाले भारी ट्रैफिक या सर्वर डाउन की समस्या से बचने के लिए उम्मीदवार तय समय से पहले ही अपना आवेदन पूरा कर लें. UPSC Eligibility Criteria: यूपीएससी में नौकरी के लिए शैक्षणिक योग्यता का पैमाना क्या है? यूपीएससी की इन भर्तियों में अलग-अलग पदों के हिसाब से योग्यता के नियम भी अलग तय किए गए हैं: NDA सेना विंग के लिए: आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के पास देश के किसी भी मान्यता प्राप्त राज्य शिक्षा बोर्ड या विश्वविद्यालय से 10+2 प्रणाली के तहत 12वीं कक्षा उत्तीर्ण या उसके समकक्ष की डिग्री होनी चाहिए. वायु सेना, नौसेना विंग और INA (कैडेट प्रवेश योजना) के लिए: इन तकनीकी और रक्षा पदों के लिए उम्मीदवार का फिजिक्स (भौतिकी), केमिस्ट्री (रसायन विज्ञान) और मैथमेटिक्स (गणित) यानी PCM विषयों के साथ 12वीं पास होना अनिवार्य है. इच्छुक और योग्य उम्मीदवार बिना किसी देरी के यूपीएससी के आधिकारिक पोर्टल upsc.gov.in पर जाकर नोटिफिकेशन को अच्छी तरह पढ़ सकते हैं और अपनी योग्यता के अनुसार ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं. Source link

ताज़ा खबर

कोलकाता ने रचा इतिहास, बना भारत का पहला शहर, जहां नदी के...

होमफोटोदेश कोलकाता ने रचा इतिहास, बना भारत का पहला शहर, जहां नदी के नीचे… Last Updated:May 24, 2026, 14:15 IST कोलकाता ने 1984 में भारत को उसकी पहली मेट्रो दी थी. चालीस साल बाद, उसने एक बार फिर नया कमाल कर दिखाया. इस बार, हुगली नदी के 30 मीटर नीचे. जानिए, भारत की पहली अंडरवॉटर मेट्रो कैसे बनी… कोलकाता ने एक बार फिर इतिहास रच दिया. जिस शहर ने 1984 में देश को पहली मेट्रो दी थी, उसी शहर ने मार्च 2024 में भारत की पहली अंडरवॉटर मेट्रो चलाकर नया अध्याय लिख दिया. हावड़ा मैदान-एस्प्लेनेड मेट्रो सेक्शन के शुरू होते ही हजारों लोग हुगली नदी के नीचे से गुजरने वाली इस अनोखी यात्रा का हिस्सा बने. पहले ही दिन 70 हजार से ज्यादा यात्रियों ने इस मेट्रो में सफर किया और 53 साल पुराना सपना आखिरकार पूरा हो गया. पीढ़ियों से हुगली नदी कोलकाता और हावड़ा को अलग करती रही है. दोनों शहरों के बीच आने-जाने के लिए लोगों को हावड़ा ब्रिज, फेरी या भारी ट्रैफिक का सामना करना पड़ता था. लेकिन अब तस्वीर बदल चुकी है. करीब 520 मीटर लंबी मेट्रो सुरंग नदी के तल से लगभग 30 मीटर नीचे बनाई गई है. इस अंडरवॉटर टनल से हावड़ा और कोलकाता के बीच का सफर एक मिनट से भी कम समय में पूरा हो जाता है. जो दूरी पहले फेरी से 20 मिनट और सड़क से लगभग एक घंटे में तय होती थी, अब वह कुछ सेकंड में पूरी हो रही है. बहती हुई नदी के नीचे सुरंग बनाना आसान नहीं था. इस परियोजना के तहत दो अलग-अलग टनल बनाई गईं, जिनमें एक अप और दूसरी डाउन लाइन के लिए है. सुरंग नदी के तल से करीब 13 मीटर नीचे और जमीन से लगभग 30 मीटर अंदर बनाई गई. Add News18 as Preferred Source on Google इस काम में बड़े पैमाने पर चट्टानों की खुदाई, भारी कंक्रीट निर्माण और वर्षों की इंजीनियरिंग मेहनत शामिल रही. आखिरकार जब सुरंग पूरी हुई, तो भारत उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो गया जहां अंडरवॉटर मेट्रो टनल मौजूद है. इस परियोजना की एक और खास बात है हावड़ा मेट्रो स्टेशन. यह स्टेशन जमीन से 33 मीटर नीचे बना है, जो इसे भारत का सबसे गहरा मेट्रो स्टेशन बनाता है. अगर इसकी गहराई को समझें तो यह लगभग 11 मंजिला इमारत के बराबर है, फर्क सिर्फ इतना है कि यह पूरी तरह जमीन के नीचे स्थित है. देश के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशनों में से एक हावड़ा स्टेशन के नीचे बना यह स्टेशन अपने आप में इंजीनियरिंग का चमत्कार माना जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 6 मार्च 2024 को इस लाइन का उद्घाटन किया था, जबकि 15 मार्च से आम लोगों के लिए सेवाएं शुरू हुईं. पहले ही दिन लोगों में अंडरवॉटर मेट्रो को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिला. करीब 70 हजार यात्रियों ने इस मेट्रो में सफर किया. सिर्फ हावड़ा मैदान स्टेशन से 23,444 यात्रियों ने यात्रा शुरू की, जबकि हावड़ा स्टेशन से 20,923 लोग मेट्रो में सवार हुए. यह अंडरवॉटर मेट्रो सिर्फ एक रिकॉर्ड नहीं, बल्कि कोलकाता और हावड़ा के लाखों लोगों के लिए लाइफलाइन बन चुकी है. पूरा ईस्ट-वेस्ट मेट्रो कॉरिडोर 16.6 किलोमीटर लंबा है, जो हावड़ा मैदान को साल्ट लेक सेक्टर-5 यानी कोलकाता के आईटी हब से जोड़ता है. इससे रोजाना सफर करने वाले कर्मचारियों, छात्रों और आम यात्रियों का समय बचेगा, ट्रैफिक कम होगा और यात्रा पहले से कहीं ज्यादा आसान हो जाएगी. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

Scroll to Top