भारतन्यूज़ – टॉप हेडर
News Menu Bar

Author name: scsmdos@gmail.com

झारखंड

पुलिस गाड़ी से उतारकर युवक को मारा चाकू, सीसीटीवी में रिकॉर्ड हुई...

Last Updated:June 28, 2026, 23:23 IST सीसीटीवी का खौफनाक वीडियो देख आप भी हैरान हो जाएंगे. वीडियो में देख सकते हैं कि पुलिस ने युवक को गाड़ी में बैठाया था. पुलिस की मौजूदगी में दूसरे पक्ष के लोगों ने युवक को पुलिस की गाड़ी से उतारकर उस पर चाकू से हमला कर दिया. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. जमशेदपुर: झारखंड के जमशेदपुर के बिष्टुपुर थाना क्षेत्र के बार में देर रात शराब का सेवन करते दो पक्षों के बीच विवाद हो गया. विवाद इतना बढ़ गया कि चाकू बाजी हो गई. इसमें कुल चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. इन घायलों में से एक की हालत नाजुक बनी हुई है. इस घटना का खौफनाक सीसीटीवी वीडियो सामने आने के बाद पुलिस पर गंभीर सवाल खड़ा हो गया. वीडियो में एकदम साफ देखा जा रहा है कि पुलिस की गाड़ी से उतारकर एक युवक को दूसरे पक्ष के लोगों ने चाकू मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया. इससे बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि पुलिस की आंखों के सामने उनकी गाड़ी से उतारकर ऐसी घटना को अंजाम दे दिया गया और पुलिस वहीं मौजूद है. मूकदर्शक बनी रही पुलिस के सामने ही दोनों पक्ष के युवक एक दूसरे पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर रहे थे. इतना ही नहीं पुलिस की गाड़ी से उतारकर युवक के ऊपर चाकू से हमला किया गया. पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है और अन्य की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है. सीसीटीवी का खौफनाक वीडियो देख आप भी हैरान हो जाएंगे. वीडियो में देख सकते हैं कि पुलिस ने युवक को गाड़ी में बैठाया था. पुलिस की मौजूदगी में दूसरे पक्ष के लोगों ने युवक को पुलिस की गाड़ी से उतारकर उस पर चाकू से हमला कर दिया. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. इस तरह की घटनाएं सीधे तौर पर पुलिस की लापरवाही को दिखाती हैं. ऐसी घटनाओं से आम जनता में और समाज में भय का माहौल बनता है. इससे लोगों का पुलिस और सुरक्षा व्यवस्था के प्रति भरोसा कमजोर होता है. इसलिए कानून के शासन के लिए जरूरी है कि ऐसी घटनाओं पर तुरंत कड़ा एक्शन लिया जाए जिससे आम जनता में पुलिस और कानून के प्रति भरोसा मजबूत हो. About the Author Rajneesh Singh जी न्यूज, इंडिया डॉट कॉम, लोकमत, इंडिया अहेड, न्यूज बाइट्स के बाद अब न्यूज 18 के हाइपर लोकल सेगमेंट लोकल 18 के लिए काम कर रहा हूं. विभिन्न संस्थानों में सामान्य खबरों के अलावा टेक, ऑटो, हेल्थ और लाइफ स्टाइल बीट…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Jamshedpur,Purbi Singhbhum,Jharkhand Source link

झारखंड

मंच ने सांस्कृतिक संरक्षण और सामाजिक न्याय का उठाया मुद्दा

सिटी रिपोर्टर | बोकारो भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती वर्ष के अवसर पर दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किला मैदान में आयोजित ‘जनजाति समागम 2026’ में देशभर से आए जनजातीय समाज ने अपनी सांस्कृतिक पहचान, परंपरागत आस्था, संवैधानिक अधिकारों और सामाजिक न्याय की रक्षा का संकल्प लिया। जनजाति सुरक्षा मंच के अनुसार, इस राष्ट्रीय समागम में 500 से अधिक जनजातीय समुदायों के लाखों महिला-पुरुष पारंपरिक वेशभूषा, लोकगीत, लोकनृत्य और सांस्कृतिक झांकियों के साथ शामिल हुए। सेक्टर-2 स्थित कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि जनजातीय समाज प्रकृति संरक्षण, जल-जंगल-जमीन की रक्षा और भारत की सांस्कृतिक विरासत का प्रमुख संवाहक रहा है। उनका कहना था कि वर्तमान पर्यावरणीय चुनौतियों के बीच जनजातीय जीवन-दर्शन टिकाऊ विकास का प्रभावी मॉडल प्रस्तुत करता है। मंच ने समागम के समापन पर जनजातीय संस्कृति, परंपरा, संवैधानिक अधिकारों और सामाजिक न्याय की रक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने का राष्ट्रीय आह्वान किया। मौके पर अध्यक्ष शंकर प्रसाद मुर्मू, प्रांत टोली सदस्य सन्नी टोप्पो, सह संयोजक लखन लाल हेम्ब्रम आदि थे। Source link

झारखंड

पहली बार बिहार से झारखंड व यूपी को 4 लाख क्यूबिक फीट...

बिहार की जरूरत पूरी होने के बाद दूसरे राज्यों में बिक्री की अनुमति निर्माण कार्यों के लिए अपेक्षित बालू न मिल पाने अथवा महंगी कीमत पर खरीदने को मजबूर झारखंड के लोगों के लिए राहत की खबर है। बारिश में भी बिहार से दूसरे राज्यों में 4 लाख क्यूबिक फीट बालू की बिक्री होगी। लाइसेंसधारी कारोबारी यूपी व झारखंड के सीमावर्ती जिलों में बालू भेज सकेंगे। पहले 15 जून से 15 अक्टूबर तक बालू निर्यात पर रोक रहती थी। इस बार बिहार में पर्याप्त स्टॉक होने के कारण यह फैसला लिया गया है। लाइसेंसधारी विक्रेताओं ने रोक हटाने की मांग की थी। खान एवं भूतत्व विभाग ने समीक्षा के बाद दूसरे राज्यों में बिक्री की अनुमति दी। हर 15-20 दिन पर होगी समीक्षा दूसरे राज्यों में बालू बिक्री की समीक्षा हर 15 से 20 दिन में होगी। बिहार में मांग और उपलब्धता का आकलन किया जाएगा। पर्याप्त भंडारण रहने पर ही निर्यात जारी रहेगा। 15 अक्टूबर 2026 के बाद इस व्यवस्था को जारी रखने या बंद करने पर अलग से निर्णय लिया जाएगा। बारिश के दौरान दूसरे राज्यों में भी बालू की बिक्री की जाएगी। हालांकि, राज्य की जरूरतों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। बालू की उपलब्धता, आपूर्ति और मांग पर लगातार निगरानी होगी। – डॉ. प्रमोद कुमार, मंत्री, खान एवं भूतत्व विभाग बिहार, 35 लाख क्यूबिक फीट बालू का स्टॉक बारिश के मौसम को देखते हुए बिहार में पहले से बालू का भंडारण किया गया था। विभिन्न घाटों पर 35 लाख क्यूबिक फीट बालू स्टॉक किया गया। विभाग ने भवन, सड़क और निजी निर्माण के लिए 28 लाख क्यूबिक फीट खपत का अनुमान लगाया है। बचा हुआ बालू दूसरे राज्यों में बेचा जाएगा। Source link

ताज़ा खबर

अब पूरा का पूरा 1 रुपया गरीब तक पहुंचता है, राजीव गांधी...

होमताजा खबरदेश ‘इतिहासकार भी मानेंगे बदलाव’, अमित शाह ने 2014 को बताया टर्निंग प्वॉइंट Last Updated:June 28, 2026, 23:07 IST अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने तकनीक का कड़ा इस्तेमाल करते हुए प्रत्यक्ष लाभ अंतरण यानी डीबीटी और जेएएम (जन धन, जेएएम ढांचा, और मोबाइल) के त्रिपक्षीय तकनीकी नेटवर्क के माध्यम से पुरानी भ्रष्ट प्रणाली को समूल नष्ट कर दिया है. उन्होंने कहा कि आज देश में यह विधिक व्यवस्था लागू है कि जब दिल्ली से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक रुपया भेजते हैं, तो पूरे के पूरे 100 पैसे सीधे गरीब के बैंक खाते में बिना किसी कटौती के डिजिटल रूप से पहुंच जाते हैं. अमित शाह ने कहा कि भविष्य के इतिहासकार भारत की यात्रा को दो हिस्सों में बांटेंगे. गांधीनगर. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि भविष्य के इतिहासकार देश की यात्रा को दो चरणों में बांटेंगे-2014 से पहले और 2014 के बाद. उन्होंने दावा किया कि नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा जारी किया गया हर रुपया पूरी तरह से लक्षित लाभार्थियों तक पहुंचता है. शाह ने महात्मा गांधी के ‘राम राज्य’ की अवधारणा का उल्लेख करते हुए कहा कि सुशासन केवल योजनाओं की घोषणा या बजट आवंटन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि हर पात्र नागरिक को वास्तव में उसके लिए निर्धारित लाभ प्राप्त हों. वह गांधीनगर में पीएम-फैमिली केयर ट्रैकर (पीएम-एफसीटी) की प्रायोगिक परियोजना (पायलट प्रोजेक्ट) की शुरुआत करने के बाद लोगों को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि यह एकीकृत डिजिटल मंच यह सुनिश्चित करेगा कि गर्भवती महिलाओं, माताओं और बच्चों को निरंतर निगरानी और समय पर हस्तक्षेप के माध्यम से सभी पात्र सरकारी लाभ मिलें. सभा को संबोधित करते हुए, गुजरात की राजधानी से लोकसभा सदस्य ने 2014-जिस वर्ष मोदी ने प्रधानमंत्री का पद संभाला था -को स्वतंत्र भारत के इतिहास में एक ‘ऐतिहासिक मोड़’ बताया. शाह ने कहा कि भविष्य के इतिहासकार देश की यात्रा को दो चरणों में बांटेंगे-“2014 से पहले और 2014 के बाद.” उन्होंने कहा कि 2014 के बाद मोदी के नेतृत्व वाली सरकारों ने राष्ट्रीय सुरक्षा, बुनियादी ढांचा, शिक्षा, संस्कृति, अर्थव्यवस्था और आत्मनिर्भरता जैसे क्षेत्रों में दीर्घकालिक नीति-निर्माण की शुरुआत की, साथ ही गरीबों के जीवन स्तर को सुधारने को प्राथमिकता दी. पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के एक बयान का हवाला देते हुए, जिसमें उन्होंने कहा था कि केंद्र से भेजे गए प्रत्येक रुपये में से केवल ’15 पैसे’ ही गरीबों तक पहुंचते हैं, शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) और जेएएम (जन धन-आधार-मोबाइल) ढांचे के माध्यम से इस प्रणाली को बदल दिया है. उन्होंने कहा, “आज, जब नरेन्द्र मोदी एक रुपया भेजते हैं, तो पूरा का पूरा रुपया सीधे गरीबों के बैंक खाते में पहुंचता है.” भाजपा के वरिष्ठ नेता ने इस बात पर जोर दिया कि 2014 के बाद से मोदी सरकार की कल्याणकारी नीतियों के केंद्र में 70 करोड़ गरीब लोग रहे हैं. उन्होंने कहा कि आजादी के 70 वर्षों तक इन 70 करोड़ लोगों को विकास में उनका उचित हिस्सा नहीं मिला, लेकिन मोदी सरकार ने इस स्थिति को बदल दिया है. शाह ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में केंद्र में भाजपा-नीत सरकार ने 70 करोड़ गरीब लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए घर, बिजली, शौचालय, पाइप से पेयजल, एलपीजी कनेक्शन, मुफ्त खाद्यान्न, पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा और सस्ती दवाइयां उपलब्ध कराईं. About the Author Rakesh Ranjan Kumar राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Gandhinagar,Gujarat Source link

झारखंड

30 जून से 1 जुलाई तक रांची, खूंटी, रामगढ़ में भारी बारिश...

रांची सहित पूरे राज्य में मानसून की सुस्त चाल किसानों को परेशान करने लगी है। 27 जून तक राज्य में 160 एमएम बारिश के मुकाबले महज 61 एमएम बारिश हुई है। यानी 62% कम बारिश हुई है। रांची की स्थिति भी खराब है। मानसून के झारखंड में प्रवेश के 16 दिन बाद भी रांची में सामान्य से 25% कम बारिश हुई है। अब तक 168 एमएम सामान्य बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन महज 125.7 एमएम ही हुई है। इधर, मौसम विभाग ने अगले 4 दिनों तक मानसून के सक्रिय रहने की संभावना जताई है। लेकिन 30 जून और 1 जुलाई को राज्य के अधिकतर क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना है। इस दौरान राज्य के उत्तर-पूर्वी भाग अंतर्गत देवघर, दुमका, गोड्‌डा, जामताड़ा, पाकुड़, साहेबगंज, दक्षिण भाग में पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, मध्य भाग के तहत रांची, बोकारो, खूंटी, रामगढ़, धनबाद में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग रांची के अनुसार, 28 जून से 3 जुलाई तक आसमान में बादल छाए रहेंगे। अनेक स्थानों पर गर्जन-वज्रपात के साथ हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश होने की संभावना है। अगले 2 दिनों में अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री की गिरावट आ सकती है। अगले चार दिन महत्वपूर्ण, अच्छी बारिश के आसार अगले 3-4 दिनों के दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून के उत्तरी अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ से होते हुए झारखंड में पूरी तरह सक्रिय होने की संभावना है। इस दौरान अच्छी बारिश हो सकती है। जुलाई के पहले सप्ताह में भी बारिश होने की संभावना है। किसानों को निचले क्षेत्रों में बिचड़ा लगाने की जरूरत है। ऊपरी क्षेत्र में वैकल्पिक फसल लगाना चाहिए।- अभिषेक आनंद, मौसम वैज्ञानिक Source link

झारखंड

शिक्षक नियुक्ति मामले में सरकार ने फैक्ट फाइंडिंग आयोग को सौंपा डेटा

झारखंड हाईकोर्ट के निर्देश पर स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2016 से जुड़े नियुक्ति विवाद की जांच करने के लिए बनी वन मैन फैक्ट फाइंडिंग कमीशन ने शनिवार को मामले की ऑनलाइन सुनवाई की। आयोग के अध्यक्ष रिटायर्ड जस्टिस गौतम कुमार चौधरी के समक्ष राज्य सरकार ने नियुक्त अभ्यर्थियों से संबंधित सभी डेटा उपलब्ध कराया। आयोग ने इस डेटा की प्रति याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता को उपलब्ध कराने का निर्देश देते हुए उस पर 1 अगस्त तक आपत्तियां दाखिल करने को कहा। आयोग 1 अगस्त को इस मामले की सुनवाई करेगा। पिछली सुनवाई में आयोग ने सरकार को निर्देश दिया था कि नियुक्ति संबंधी विवरण संयुक्त रूप से नहीं, बल्कि विषयवार और श्रेणीवार अलग-अलग प्रस्तुत किया जाए। साथ ही 18 सितंबर 2019 से 2 अगस्त 2022 तक हुई नियुक्तियों का ब्योरा, कुल 17,786 स्वीकृत पदों में अब तक हुई नियुक्तियों और शेष रिक्त पदों की जानकारी भी मांगी थी। आयोग ने नियुक्त अभ्यर्थियों के कार्यालय आदेश, विषयवार व श्रेणीवार अंक तथा जिलावार मेरिट सूची भी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। इसके आलोक में सरकार की ओर से डेटा उपलब्ध कराया गया। Source link

ताज़ा खबर

भारत की सभ्यता ही दुनिया की नई उम्मीद? विश्व कल्याण का रोडमैप...

होमताजा खबरदेश विश्व कल्याण का रोडमैप भारत के पास, RSS चीफ मोहन भागवत ने बताई दिशा Last Updated:June 28, 2026, 22:31 IST मोहन भागवत ने कहा कि वर्तमान में जितनी भी पाश्चात्य और वैश्विक विचारधाराएं समाज में चल रही हैं, वे मानव जीवन और समाज के केवल आंशिक यानी अधूरे पक्षों को ही सामने रखती हैं. इसके विपरीत, भारत की पावन दृष्टि जीवन को हमेशा पूरी समग्रता के साथ देखती है. मोहन भागवत ने कहा कि भारत की समग्र दृष्टि ही दुनिया की चुनौतियों का समाधान है. बेंगलुरु. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि भारत की समग्र और एकात्म दृष्टि आज विश्व जिन समस्याओं के समाधान की तलाश कर रहा है, उसका उत्तर प्रस्तुत करती है. उन्होंने कहा कि दुनिया को पूर्णता प्रदान करना भारत का दायित्व है और इसी दिशा में भारतीय शिक्षण मंडल (बीएसएम) का कार्य एक व्यापक सभ्यतागत मिशन का हिस्सा है. डॉ. मोहन भागवत बेंगलुरु स्थित आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर में 26 से 28 जून तक आयोजित भारतीय शिक्षण मंडल के तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन ‘ऑपरेशनलाइजिंग एनईपी-2020 : इंटीग्रेटिंग इंडियन नॉलेज सिस्टम्स’ के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक विचारधाराएं जीवन और समाज के केवल आंशिक पक्षों को सामने रखती हैं, जबकि भारतीय दृष्टि जीवन को समग्र रूप से देखती है. उन्होंने कहा, “विश्व कल्याण के लिए भारत की इस पूर्ण दृष्टि को दुनिया तक पहुंचाना आवश्यक है. हमारा कार्य वास्तव में विश्व को पूर्णता देना है.” डॉ. भागवत ने कहा कि भारतीय दृष्टिकोण अन्य विचारों को गलत नहीं मानता, बल्कि यह स्वीकार करता है कि प्रत्येक समाज ने अपने अनुभवों के आधार पर अपनी-अपनी जीवन दृष्टि विकसित की है. भारतीय परंपरा ‘अनेकता’ के सिद्धांत पर आधारित है, जो सभी दृष्टिकोणों का सम्मान करते हुए शास्त्रार्थ और संवाद के माध्यम से सत्य के सार को ग्रहण करने की बात करती है. उन्होंने कहा कि सत्य इतना व्यापक है कि कोई एक दृष्टिकोण उसे पूरी तरह समाहित नहीं कर सकता. भारतीय दृष्टि इसी कारण अधिक समग्र और पूर्ण मानी जाती है. सरसंघचालक ने कहा कि भारतीय शिक्षण मंडल का उद्देश्य केवल रोजगारपरक शिक्षा तक सीमित नहीं है. यह मनुष्य के समग्र विकास की अवधारणा पर आधारित है, जिसमें शिक्षा को केवल आर्थिक दृष्टि से नहीं, बल्कि मानवीय, सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों के साथ जोड़ा जाता है. उन्होंने कहा कि भारतीय शिक्षण मंडल भारतीय जीवन मूल्यों पर आधारित ऐसी शिक्षा व्यवस्था विकसित करने का प्रयास कर रहा है, जो व्यक्ति और समाज दोनों के सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त करे. डॉ. भागवत ने कहा कि भारतीय शिक्षण मंडल स्वयं को सभी राजनीतिक दलों और उनकी राजनीतिक आवश्यकताओं से अलग रखकर कार्य करता है. उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन के नेताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने भी ऐसे रचनात्मक कार्यों को राजनीतिक संगठनों से अलग रखा था, क्योंकि इस प्रकार का कार्य राजनीतिक दलों के साथ रहते हुए प्रभावी ढंग से नहीं किया जा सकता. उन्होंने कहा कि भारतीय शिक्षण मंडल की यही स्वतंत्र कार्यशैली, भारतीय मूल्यों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता और विश्व कल्याण की व्यापक दृष्टि उसे अन्य संस्थाओं से अलग पहचान देती है. इस अवसर पर डॉ. मोहन भागवत ने भारतीय शिक्षण मंडल की नई वेबसाइट का भी शुभारंभ किया. उन्होंने कहा कि इससे भारतीय शिक्षा की अवधारणा और संगठन की गतिविधियां देश-विदेश के शिक्षकों, शोधकर्ताओं और आम नागरिकों तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेंगी. समापन समारोह में भारतीय शिक्षण मंडल के अखिल भारतीय अध्यक्ष डॉ. सच्चिदानंद जोशी, अखिल भारतीय महासचिव डॉ. भरतशरण सिंह सहित देशभर से आए लगभग 380 शिक्षाविद्, शिक्षकों, शोधकर्ताओं और प्रतिनिधियों ने भाग लिया. तीन दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने किया था. सम्मेलन में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन तथा भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के विभिन्न पहलुओं पर व्यापक मंथन किया गया. About the Author Rakesh Ranjan Kumar राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Bangalore,Bangalore,Karnataka Source link

झारखंड

नेतरहाट में पिछले साल पहुंचे एक लाख से अधिक पर्यटक, सरकार बनाएगी...

झारखंड के प्रमुख पर्यटन स्थल नेतरहाट में कोरोना काल के बाद पर्यटकों की संख्या में पांच गुना तक वृद्धि हुई है। पिछले साल ही यहां एक लाख से अधिक पर्यटक पहुंचे। इससे वहां आवासीय सुविधाओं की कमी होने लगी है। सर्दी के मौसम में, खासकर दिसंबर-जनवरी में यहां होटल में जगह मिलना मुश्किल हो जाता है। इसे देखते हुए सरकार ने यहां प्रभात विहार परिसर में प्री-फैब कॉटेज रिसॉर्ट बनाने का फैसला लिया है। इस पर करीब 14.95 करोड़ रुपए की लागत आएगी। इसके लिए डीपीआर तैयार है। पर्यटन निदेशालय ने इसे पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद और युवा कार्य विभाग को भेजा है। पर्यटन निदेशालय की ओर से भेजे गए प्रस्ताव में कहा गया है कि नेतरहाट में झारखंड पर्यटन विकास निगम द्वारा संचालित प्रभात विहार में 24 और पर्यटन विहार में 32 कमरे उपलब्ध हैं। लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। इसी कारण प्रभात विहार परिसर में प्री-फैब कॉटेज रिसॉर्ट विकसित करने की योजना बनाई गई है। यहां अभी पर्यटक आते हैं, लेकिन रहने की अच्छी व्यवस्था न होने के कारण वे जल्दी ही लौट जाते हैं। वे ज्यादा दिन नहीं ठहरते। इसी को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। इसका उद्देश्य नेतरहाट की आवासीय क्षमता बढ़ाना, पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। रिसॉर्ट बनने से यहां पर्यटकों के ठहराव की अवधि बढ़ेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेगी। निदेशालय ने कहा ​है कि विभाग के पास इस प्रकार के निर्माण कार्यों के तकनीकी परीक्षण की विशेषज्ञता उपलब्ध नहीं है। इसलिए डीपीआर के तकनीकी पहलुओं की जांच के लिए किसी सक्षम एजेंसी, जैसे झारखंड राज्य भवन निर्माण निगम या अन्य विशेषज्ञ संस्थानों की सेवाएं ली जा सकती है। जानिए…क्या है प्री-फैब तकनीक और इसके फायदे यह रिसॉर्ट पारंपरिक ईंट-सीमेंट की बजाय प्री-फैब तकनीक से बनेगा। इसमें दीवारें और ढांचे पहले से फैक्ट्री में तैयार होते हैं और मौके पर लाकर सिर्फ असेंबल किए जाते हैं। यह तकनीक पर्यावरण के अनुकूल है और पहाड़ों व वादियों को नुकसान पहुंचाए बिना बहुत कम समय में इसे तैयार किया जा सकता है। चूंकि इसका निर्माण पहले से उपलब्ध परिसर में किया जाना है। इसलिए जमीन के अधिग्रहण की भी जरूरत नहीं होगी। Source link

झारखंड

डायमंड सिटी में हिंसक झड़प के दो आरोपी को भेजा गया चास...

पिंड्राजोरा थाना क्षेत्र के डायमंड सिटी में आवास पर कब्जे के विवाद को लेकर हुई हिंसक झड़प के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी चंद्रदीप कुमार और उसके पुत्र निशांत कुमार को गिरफ्तार कर शनिवार को जेल भेज दिया। बता दें कि बीते 23 जून को डायमंड सिटी में एक आवास पर स्वामित्व और कब्जे को लेकर दोनों पक्षों के लोग हथियारों के साथ भिड़ गए, जिससे पूरे इलाके में घंटों तनाव का माहौल बना रहा। घटना में आवास में रह रहे पंधारी यादव, उनके परिवार की महिलाओं, पुरुषों और बच्चों को गंभीर चोटें आई थीं। वहीं, आरोपी पक्ष का निशांत कुमार उर्फ गोलू भी घायल हुआ था। सूचना पर पिंड्राजोरा पुलिस पहुंची और दोनों पक्षों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। इसके बाद दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई। पुलिस ने पंधारी यादव की शिकायत पर दर्ज मामले में कार्रवाई करते हुए चंद्रदीप कुमार और निशांत कुमार को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। बताया जाता है कि जिस आवास में पंधारी यादव अपने परिवार के साथ रह रहे हैं, उस पर चंद्रदीप कुमार अपना दावा कर कब्जा करना चाहता है। इसी विवाद को लेकर दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ है और मामला न्यायालय में भी विचाराधीन है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है तथा अन्य आरोपितों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। Source link

ताज़ा खबर

विकास भी चाहिए और जलवायु न्याय भी, ‘ग्लोबल साउथ’ की आवाज बने...

होमताजा खबरदेश ‘ग्लोबल साउथ’ की आवाज बने PM मोदी, सेशेल्स से विकसित देशों को दिखाया आईना Last Updated:June 28, 2026, 21:09 IST पीएम मोदी ने याद दिलाया कि 2015 में प्रधानमंत्री बनने के बाद हिंद महासागर क्षेत्र में उनकी पहली विदेश यात्रा सेशेल्स की ही थी. उन्होंने कहा कि उस समय भी उनका विश्वास था कि हिंद महासागर क्षेत्र के लिए भारत की रणनीति में सेशेल्स का विशेष स्थान है और एक दशक बाद यह विश्वास और भी मजबूत हुआ है. पीएम मोदी ने दोनों देशों के रक्षा सहयोग का भी उल्लेख किया. ख़बरें फटाफट पीएम मोदी ने कहा कि भारत और सेशेल्स पुराने मित्र हैं. विक्टोरिया (सेशेल्स). प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को सेशेल्स की संसद को संबोधित करते हुए न्यायसंगत जलवायु कार्रवाई की आवश्यकता को रेखांकित किया और कहा कि ‘ग्लोबल साउथ’, विशेष रूप से द्वीप राष्ट्र, जलवायु परिवर्तन का खामियाजा भुगत रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि जलवायु कार्रवाई को ‘निष्पक्षता, जिम्मेदारी और समता’पर आधारित होना चाहिए. उन्होंने समुद्री अर्थव्यवस्था और डिजिटल नवाचार के क्षेत्रों में भारत और सेशेल्स के बीच मजबूत सहयोग का भी आह्वान किया. पीएम मोदी ने अपने संबोधन में इस बात पर प्रकाश डाला कि कैसे जलवायु परिवर्तन के प्रभाव पहले से ही समुद्र तट, समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र, मौसम के पैटर्न और समुदायों पर दिखाई दे रहे हैं. उन्होंने यह भी दोहराया कि जिन देशों ने जलवायु परिवर्तन में सबसे कम योगदान दिया है, उनपर इसके परिणामों का सबसे बड़ा बोझ नहीं पड़ना चाहिए. ‘ग्लोबल साउथ’ शब्द का इस्तेमाल आमतौर पर आर्थिक रूप से कम विकसित देशों को संदर्भित करने के लिए किया जाता है. पीएम मोदी ने कहा कि भारत सेशेल्स के साथ मिलकर काम करना जारी रखेगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि विकासशील छोटे द्वीपीय देशों की चिंताओं पर उचित ध्यान दिया जाए. उन्होंने कहा कि भारत और सेशेल्स एक ऐसी दुनिया का दृष्टिकोण साझा करते हैं, जहां विकास अधिक समावेशी हो. उन्होंने ‘ग्लोबल साउथ’ के हितों को आगे बढ़ाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया. पीएम मोदी ने कहा, “यही वह भावना है जो ‘ग्लोबल साउथ’ को एकजुट करती है, और यही दृष्टिकोण है जो भारत और सेशेल्स मिलकर आगे बढ़ाते रहेंगे.” प्रधानमंत्री ने कहा, “हिंद महासागर में भारत के लिए सेशेल्स एक विशेष स्थान रखता है. हिंद महासागर भारत और सेशेल्स को अलग नहीं करता, बल्कि यह हमें जोड़ता है.” उन्होंने कहा कि नई दिल्ली इस द्वीप राष्ट्र को द्वीपों के एक समूह से कहीं अधिक समझता है. पीएम मोदी ने इसे लगभग 14 लाख वर्ग किलोमीटर तक फैले समुद्री क्षेत्र के साथ “एक छोटा द्वीप देश नहीं, बल्कि एक बड़ा समुद्री देश” बताया. पीएम मोदी ने मत्स्य पालन, समुद्री विज्ञान, तटीय प्रबंधन, नवीकरणीय ऊर्जा और पर्यटन में द्विपक्षीय सहयोग का विस्तार करने का भी प्रस्ताव रखा. उन्होंने कहा, “साथ मिलकर, हम मत्स्य पालन, समुद्री विज्ञान, तटीय प्रबंधन, नवीकरणीय ऊर्जा और पर्यटन में साझेदारी बना सकते हैं.” सहयोग के एक और अहम क्षेत्र के तौर पर डिजिटल नवाचार का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत के डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना ने यह दिखाया है कि प्रौद्योगिकी किस तरह मौके बढ़ा सकती है, शासन को बेहतर कर सकती है, वित्तीय समावेशन को बढ़ावा दे सकती है तथा करोड़ों लोगों तक सेवाएं पहुंचा सकती है. उन्होंने यह भी कहा कि जब सेशेल्स अपने डिजिटल बदलाव की दिशा में आगे बढ़ेगा, तो भारत को अपने अनुभव और विशेषज्ञता साझा करके खुशी होगी. प्रधानमंत्री ने दोनों देशों के रिश्तों के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया और कहा कि भारत सेशेल्स का भरोसेमंद साथी बना रहेगा, उसकी उम्मीदों का समर्थन करेगा और एक दोस्त के तौर पर उसके साथ खड़ा रहेगा. About the Author Rakesh Ranjan Kumar राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,New Delhi,Delhi Source link

Scroll to Top