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NEET का ‘खलनायक’ पकड़ा गया! कैसे लीक हुआ नीट का पेपर पूरा...

होमवीडियोदेश NEET का ‘खलनायक’ पकड़ा गया! कैसे लीक हुआ नीट का पेपर पूरा गणित समझिए X NEET का ‘खलनायक’ पकड़ा गया! कैसे लीक हुआ नीट का पेपर पूरा गणित समझिए   NEET Paper Leak Controversy: नीट पेपर लीक मामले में एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है, जिसमें एक संगठित गैंग के जरिए पूरे नेटवर्क के माध्यम से पेपर लीक कराने का आरोप है. जांच एजेंसियों के मुताबिक इस पूरे रैकेट में अलग-अलग लोग अलग-अलग स्तर पर जुड़े थे, जिनमें रिटायर्ड लेक्चरर पी.वी. कुलकर्णी, मनीषा वाघमारे, धनंजय लोखंडे, मेडिकल स्टूडेंट शुभम खैरनार और यश यादव जैसे नाम सामने आ रहे हैं. दावा है कि इस नेटवर्क ने पहले चुनिंदा छात्रों को जोड़ा, फिर उन्हें गुप्त जगह पर ‘स्पेशल क्लास’ के नाम पर असली सवाल पहले ही पढ़ाए गए. बाद में यही सवाल कथित तौर पर असली नीट पेपर से काफी हद तक मेल खा गए, जिससे पूरे सिस्टम पर सवाल उठने लगे. इस मामले के बाद सबसे बड़ा सवाल NTA की कार्यप्रणाली पर उठ रहा है कि आखिर इतनी बड़ी परीक्षा तक बाहरी नेटवर्क की पहुंच कैसे बनी. CBI ने इस केस में कई गिरफ्तारियां की हैं और आगे की जांच जारी है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

झारखंड

डॉक्टर बनने का सपना होगा और आसान! झारखंड के इन 2 मेडिकल...

Last Updated:May 16, 2026, 13:07 IST केंद्र सरकार ने धनबाद के SNMMCH और जमशेदपुर के MGM मेडिकल कॉलेज में सीटों के विस्तार के लिए ₹889.50 करोड़ की मंजूरी दी है. इससे दोनों कॉलेजों में एमबीबीएस की सीटें बढ़कर 250-250 हो जाएंगी और पीजी की कुल 335 नई सीटें जुड़ेंगी. इस ऐतिहासिक फैसले से झारखंड में डॉक्टरों की कमी दूर होगी. ख़बरें फटाफट AI से तैयार प्रतीकात्म फोटो रांची: झारखंड की चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है. केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्य के दो प्रमुख मेडिकल कॉलेजों शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज (SNMMCH), धनबाद और एमजीएम (MGM), जमशेदपुर में एमबीबीएस (MBBS) और पीजी (PG) की सीटें बढ़ाने के लिए 889.50 करोड़ रुपये की भारी-भरकम योजना को मंजूरी दे दी है. इस स्वीकृत राशि में से 526.50 करोड़ रुपये केंद्र सरकार देगी, जबकि शेष राशि का वहन झारखंड सरकार करेगी. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस संबंध में राज्य सरकार को पत्र और एमओयू (MoU) का प्रारूप भेज दिया है, जिस पर स्वास्थ्य विभाग जल्द ही हस्ताक्षर करेगा. कॉलेजों में इस तरह बढ़ेंगी सीटें और बदलेगा बजट: 1. SNMMCH, धनबाद: MBBS सीटें: वर्तमान में यहां 100 सीटें हैं, जिन्हें बढ़ाकर अब 250 किया जाएगा. इस विस्तार पर 225 करोड़ रुपये खर्च होंगे. PG सीटें: यहां पीजी की मौजूदा 19 सीटों में 186 नई सीटों की बढ़ोतरी होगी. इसके लिए 279 करोड़ रुपये की योजना स्वीकृत की गई है, जिसमें केंद्र का हिस्सा 167.40 करोड़ रुपये होगा. 2. MGM, जमशेदपुर: MBBS सीटें: यहां की सीटों को 150 से बढ़ाकर 250 किया जाएगा, जिस पर 150 करोड़ रुपये की लागत आएगी. PG सीटें: पीजी की वर्तमान 49 सीटों में 149 नई सीटें जोड़ी जाएंगी. इसके लिए 235.5 करोड़ रुपये का बजट पास हुआ है, जिसमें से केंद्र सरकार 134.10 करोड़ रुपये देगी. स्वास्थ्य व्यवस्था और छात्रों को मिलेगा बड़ा लाभराज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि इससे झारखंड में डॉक्टरों की कमी दूर होगी. सीटों में इस बढ़ोतरी का सबसे बड़ा फायदा ग्रामीण और पिछड़े इलाकों को मिलेगा, जहां अब आसानी से चिकित्सक उपलब्ध हो सकेंगे. स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने इसे राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया. उन्होंने कहा कि इससे झारखंड के छात्रों को मेडिकल की पढ़ाई के लिए अधिक अवसर मिलेंगे. इस प्रस्ताव को अब आगे की प्रक्रिया के लिए कैबिनेट की मंजूरी हेतु भेजा जाएगा. उन्होंने यह भी संकेत दिए कि भविष्य में राज्य के अन्य मेडिकल कॉलेजों में भी सीटें बढ़ाई जाएंगी और सुपर स्पेशियलिटी सीटों पर भी ध्यान दिया जाएगा. About the Author Prashun Singh मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Jharkhand Source link

झारखंड

देवघर में 20.760 किलो गांजा जब्त, 6 गिरफ्तार:मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री की...

देवघर पुलिस ने नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है। जिले के जसीडीह और कुण्डा थाना क्षेत्रों में विशेष छापेमारी कर छह मादक पदार्थ तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। इस कार्रवाई में लगभग 20.760 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया। गिरफ्तार तस्करों के पास से नकदी, मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है। पुलिस अधीक्षक देवघर को गुप्त सूचना मिली थी कि जसीडीह रेलवे स्टेशन के पीछे चटर्जी बगान और कुण्डा थाना क्षेत्र के नैयाडीह मैदान के आसपास मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री हो रही है। कई पैकेट में रखा गांजा बरामद इस सूचना के आधार पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया। टीम ने जंगल और सुनसान इलाकों में कार्रवाई करते हुए कई पैकेट में रखा गांजा बरामद किया और मौके से छह आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान विकास कुमार मंडल, राजेश यादव, रामदेव महथा, दिनेश शाह, परशुराम मंडल और योगेंद्र मंडल के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान उनके पास से 28,500 रुपए नकद, कई मोबाइल फोन, पहचान पत्र और एक यामाहा एफजेडएस बाइक भी मिली। पुलिस जांच में कुछ आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा। इस कार्रवाई को मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। Source link

झारखंड

लातेहार के बारियातु में फल व्यवसायी की हत्या का खुलासा:लूट के लिए...

लातेहार जिले के बारियातु थाना क्षेत्र में 10 मई 2026 को मिले अज्ञात शव की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। शव की पहचान ओडिशा के पुरी जिले के 50 वर्षीय फल व्यवसायी शेख शदाकत अली के रूप में हुई है। इस मामले में लूट के इरादे से हत्या करने के आरोप में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार, नावावीह गांव स्थित एनएच-22 से करीब 200 मीटर दूर पुलिया के नीचे से शव बरामद किया गया था। मृतक की पहचान सोशल मीडिया और तकनीकी अनुसंधान के माध्यम से की गई। गिरफ्तार आरोपियों में लोहरदगा जिले के कुडू थाना क्षेत्र निवासी इकबाल अंसारी (30) और अवध कुमार साहु उर्फ माधु शामिल हैं। गमछे से गला घोंटकर हत्या कर थी दी बालूमाथ एसडीपीओ विनोद रवानी ने बताया कि शेख शदाकत अली अपनी महिंद्रा पिकअप वाहन से फल का व्यापार करते थे। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने लूट के इरादे से पहले मृतक को शराब और गांजा पिलाया। इसके बाद गमछे से गला घोंटकर उनकी हत्या कर दी। पहचान छिपाने के उद्देश्य से आरोपियों ने मृतक के दोनों हाथ पीछे बांध दिए और उनकी कलाई भी काट दी थी। हत्या के बाद शव को पुलिया के नीचे फेंक दिया गया था। पुलिस ने मृतक की पिकअप वाहन और दो मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। लातेहार पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बालूमाथ के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया था। इस टीम ने तकनीकी शाखा के सहयोग से कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया। छापेमारी दल में बारियातु और बालूमाथ थाना के कई पुलिस पदाधिकारी और जवान शामिल थे। Source link

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रामपुर के कोठी खास बाग में 300 एकड़ में फैला है नवाबी...

Last Updated:May 16, 2026, 12:41 IST Rampur news: कोठी खास बाग सिर्फ एक बाग नहीं रामपुर की नवाबी विरासत की ऐसी पहचान है जो आज भी गर्मी के सीजन में जिंदा हो उठती है. करीब 300 एकड़ में फैला यह ऐतिहासिक बाग नवाबों के दौर की कहानी कहता है यहां लगे कई पेड़ दशकों पुराने हैं और आज भी उनकी शाखों पर वही स्वाद झूलता है. जिसे कभी नवाबों के दस्तरखान तक पहुंचाया जाता था. यही वजह है कि कोठी खास बाग के आम सिर्फ रामपुर ही नहीं दूर-दूर के शहरों और विदेश तक पसंद किए जाते हैं. रामपुरः कोठी खास बाग सिर्फ एक बाग नहीं रामपुर की नवाबी विरासत की ऐसी पहचान है जो आज भी गर्मी के सीजन में जिंदा हो उठती है. करीब 300 एकड़ में फैला यह ऐतिहासिक बाग नवाबों के दौर की कहानी कहता है यहां लगे कई पेड़ दशकों पुराने हैं और आज भी उनकी शाखों पर वही स्वाद झूलता है. जिसे कभी नवाबों के दस्तरखान तक पहुंचाया जाता था. यही वजह है कि कोठी खास बाग के आम सिर्फ रामपुर ही नहीं दूर-दूर के शहरों और विदेश तक पसंद किए जाते हैं. कोठी खास बाग में पुरानी प्रजातियों के हैं आम रामपुर के नवाबों को बाग लगाने और अलग-अलग किस्मों के फलों का बेहद शौक था. उन्होंने आलीशान इमारतों के साथ ऐसे बाग बसाए जो सिर्फ शौक नहीं बल्कि शान की पहचान थे. कोठी खास बाग उन्हीं में सबसे खास माना जाता है इस बाग के भीतर आज भी कई पुरानी प्रजातियों के आम के पेड़ मौजूद हैं. लंगड़ा, दशहरी, चौसा, फजरी, कलमी, तोता परी, सुरमेदानी और दूधिया आमन जैसी किस्में यहां खूब मिलती हैं. हर किस्म का स्वाद अलग है और हर पेड़ के साथ एक पुरानी कहानी जुड़ी हुई है. इस बाग की सबसे दिलचस्प बात यह है कि यहां कुछ ऐसे पेड़ भी हैं. जिनके आम खास तौर पर अचार के लिए ही पहचाने जाते हैं. स्थानीय लोग बताते हैं कि इन पेड़ों का फल ज्यादा रसीला नहीं बल्कि सख्त और खट्टा होता है. जिससे अचार लंबे समय तक टिकता है. खास तौर पर गोला किस्म के पेड़ ऐसे हैं, जिनके आम अचार डालने के लिए सबसे ज्यादा तोड़े जाते हैं. हर सीजन में व्यापारी सीधे बाग पहुंचते हैं और इन्हीं पेड़ों से कच्चे आम खरीदकर ले जाते हैं. यही वजह है कि रामपुर के कई घरों में आज भी नवाबी बागों के आम का अचार पड़ता है. विदेश तक आम भेजा जाता है कोठी खास बाग के आम की पहचान सिर्फ स्वाद तक सीमित नहीं है यहां के आमों की मांग दिल्ली, मुंबई, बिहार, पश्चिम बंगाल और इटली  तक रहती है व्यापारी सीजन शुरू होते ही यहां पहुंच जाते हैं. बाग से बड़े ट्रकों में आम भरकर बाहर भेजे जाते हैं. ठेकेदार बताते हैं कि चौसा और फजरी सबसे आखिर तक चलते हैं इसलिए करीब ढाई महीने तक तुड़ाई होती रहती है. इस दौरान 40 से 50 मजदूर लगातार पेड़ों से आम तोड़ने, छंटाई और लोडिंग का काम करते हैं. रामपुर की पहचान अगर लंगड़ा आम से है तो उसकी असली खुशबू इन्हीं पुराने बागों में बसती है कोठी खास बाग आज भी नवाबी दौर की विरासत को संभाले हुए है. About the Author Rajneesh Kumar Yadav मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Rampur,Rampur,Uttar Pradesh Source link

झारखंड

बेसन नहीं… महुआ से बना है यह लड्डू, झारखंड की परंपरा का...

Last Updated:May 16, 2026, 09:13 IST लातेहार में महुआ के लड्डू पारंपरिक और पौष्टिक व्यंजन हैं. इसे सूखे महुआ और ड्राई फ्रूट्स से बनाया जाता है. घी और इलायची मिलाकर यह आधे घंटे में तैयार होता है. यह सेहत के लिए बेहद फायदेमंद और ऊर्जा का स्रोत है. झारखंड की यह परंपरा अब काफी लोकप्रिय हो रही है. ख़बरें फटाफट लातेहारः झारखंड की संस्कृति और परंपरा में महुआ का विशेष महत्व रहा है. गांवों में आज भी महुआ केवल एक पेड़ नहीं बल्कि जीवनशैली और परंपरा का हिस्सा माना जाता है. महुआ से कई तरह के पारंपरिक व्यंजन तैयार किए जाते हैं, जिनमें महुआ लड्डू खास पहचान रखता है. स्वाद और पौष्टिकता से भरपूर यह लड्डू वर्षों से झारखंड के घरों में बनाया जाता रहा है. अब महुआ उत्सव और पारंपरिक खानपान को बढ़ावा देने के साथ इसकी लोकप्रियता फिर बढ़ने लगी है. लातेहार जिले के छिपादोहर में पलामू टाइगर रिजर्व के प्रोजेक्ट हुनर से रोजगार के तहत आयोजित महुआ उत्सव के दौरान रांची से पहुंची फूड साइंटिस्ट अर्पणा ने बताया कि महुआ लड्डू झारखंड की पुरानी परंपरा का हिस्सा है. उन्होंने कहा कि यह व्यंजन दादा-दादी के जमाने से गांवों में बनाया जाता रहा है और आज भी इसकी खास पहचान बनी हुई है. महुआ से बना यह लड्डू स्वादिष्ट होने के साथ शरीर के लिए भी लाभदायक माना जाता है. ऐसे तैयार करें महुआ लड्डू  अर्पणा मिंज में लोकल18 को बताया कि महुआ लड्डू बनाना बेहद आसान है. इसे थोड़ा खास और पौष्टिक बनाने के लिए बादाम, पीनट और काजू जैसे ड्राई फ्रूट्स का इस्तेमाल किया जा सकता है. सबसे पहले इन सभी नट्स को हल्का भून लिया जाता है और फिर ओखली या मिक्सर की मदद से बारीक पीस लिया जाता है. इसके बाद सूखे महुआ को अलग से पीसकर उसका पाउडर तैयार किया जाता है. ध्यान रखना जरूरी है कि महुआ अच्छी तरह सूखा हुआ हो ताकि उसका स्वाद बेहतर आए. लड्डू बनाने के लिए कड़ाही में घी गर्म किया जाता है. फिर उसमें पीसे हुए नट्स डालकर हल्का भुना जाता है. खुशबू बढ़ाने के लिए इलायची भी मिलाई जाती है. इसके बाद महुआ का पाउडर डालकर धीमी आंच पर भुना जाता है. जब मिश्रण हल्का लाल और सुगंधित हो जाए तो उसे उतारकर हाथों से लड्डू का आकार दिया जाता है. लगभग आधे घंटे में यह स्वादिष्ट पारंपरिक व्यंजन तैयार हो जाता है. सेहत के लिए लाभदायकमहुआ लड्डू केवल स्वाद तक सीमित नहीं है बल्कि इसे ऊर्जा और पोषण का अच्छा स्रोत भी माना जाता है. ग्रामीण क्षेत्रों में इसे पारंपरिक पौष्टिक आहार के रूप में खाया जाता रहा है. आज आधुनिक खानपान के दौर में भी झारखंड की यह पारंपरिक मिठास लोगों को अपनी संस्कृति और जड़ों से जोड़ने का काम कर रही है. About the Author Prashun Singh मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Latehar,Jharkhand Source link

झारखंड

यौन शोषण के आरोपी को जेल

बोकारो | हरला थाना पुलिस ने शादी का झांसा देकर यौन शोषण मामले के आरोपी सेक्टर-8डी निवासी अनुराग को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामले में सेक्टर-8 क्षेत्र निवासी एक युवती ने शादी का झांसा देकर यौन शोषण करने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई है। दर्ज प्राथमिकी में युवती ने कहा है कि आरोपी से उसका पिछले दो वर्षों से प्रेम प्रसंग चल रहा था। 13 मई को आरोपी उसे तेलमच्चो ब्रिज के पास एक होटल में ले गया व शारीरिक संबंध बनाया। Source link

झारखंड

बगोदर बाजार में तीन दुकानें जलकर राख:संकट मोचन मंदिर के पास लगी...

गिरिडीह जिले के बगोदर चौक स्थित संकट मोचन मंदिर के पास देर रात अचानक आग लगने से तीन दुकानें जलकर राख हो गईं। घटना के बाद पूरे बाजार क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और देर रात तक गहमागहमी बनी रही। स्थानीय लोगों ने दुकानों से धुआं और आग की लपटें उठती देखीं, जिसके बाद देखते ही देखते आग ने आसपास की दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। आग की भयावहता को देखते हुए आसपास के लोग तत्काल मौके पर जुट गए और आग बुझाने की कोशिश में लग गए। आगजनी की तस्वीरें देखें… घंटों मशक्कत के बाद आग पर काबू आग की सूचना मिलते ही स्थानीय दुकानदार और ग्रामीण बाल्टी, पाइप और अन्य साधनों के जरिए आग बुझाने में जुट गए। काफी देर तक चले प्रयास के बाद आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक तीनों दुकानों का अधिकांश सामान जलकर राख हो चुका था। इस घटना में फल दुकान, सब्जी दुकान, किराना और जनरल स्टोर बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। दुकानदारों के अनुसार, फल-सब्जी, किराना सामान, फ्रिज, काउंटर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और नकदी सहित अन्य जरूरी सामग्री पूरी तरह नष्ट हो गई। पीड़ितों ने दो से तीन लाख रुपए से अधिक के नुकसान की आशंका जताई है। शॉर्ट सर्किट की आशंका स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो यह आसपास के अन्य दुकानों और मकानों तक फैल सकती थी। लोगों ने रातभर जागकर आग बुझाने में सहयोग किया, हालांकि कुछ लोगों ने दमकल वाहन के समय पर नहीं पहुंचने पर नाराजगी भी जताई। आग लगने के कारणों का अब तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। शॉर्ट सर्किट या किसी दुकान में जलता हुआ दीया छोड़ देने की आशंका जताई जा रही है। सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने प्रभावित दुकानदारों को हर संभव सहायता का भरोसा दिया है। Source link

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NEET UG 2026 Paper Leak: इस प्रोफेसर ने घर पर लगाई थी...

नई दिल्ली (NEET UG 2026 Paper Leak). देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी को रद्द कराने वाले पेपर लीक घोटाले में CBI को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. सीबीआई ने इस पूरे काले खेल के पीछे छिपे असली ‘किंगपिन’ यानी मास्टरमाइंड को महाराष्ट्र के पुणे शहर से दबोच लिया है. गिरफ्तार किया गया आरोपी पीवी कुलकर्णी कोई प्रोफेशनल अपराधी नहीं, बल्कि रिटायर्ड केमिस्ट्री टीचर है. जांच में सामने आया कि उसने 3 मई को हुई नीट यूजी परीक्षा से कुछ ही दिन पहले पुणे स्थित अपने घर पर बेहद गोपनीय तरीके से ‘स्पेशल कोचिंग क्लासेस’ चलाई थीं, जहां स्टूडेंट्स को सीधे असली प्रश्नपत्र रटवाया गया था. 22 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के भविष्य को दांव पर लगाने वाले इस महाघोटाले की परतें अब एक-एक कर खुलने लगी हैं. सीबीआई को जांच के दौरान उम्मीदवारों की जो कॉपियां और हाथ से लिखे नोट्स मिले हैं, वे नीट यूजी परीक्षा के केमिस्ट्री सेक्शन के प्रश्नपत्र से हूबहू (100%) मैच कर गए हैं. इस चौंकाने वाले खुलासे के बाद नीट परीक्षा पूरी तरह से रद्द हो चुकी है और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) 21 जून 2026 को इसका दोबारा आयोजन करने जा रही है. जानिए इस शातिर रिटायर्ड टीचर ने देश की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली परीक्षा के सिस्टम में कैसे सेंध लगाई थी. न प्रिंटआउट, न WhatsApp, सिर्फ हाथ से लिखे नोट्स सीबीआई के मुताबिक, नीट यूजी पेपर लीक करने का यह तरीका बेहद शातिर और अनोखा था. पीवी कुलकर्णी को पता था कि डिजिटल कॉपियां या प्रिंटआउट्स पकड़े जाने का खतरा सबसे ज्यादा होता है. इसलिए उसने अपनी सहयोगी मनीषा वाघमारे (जिसे 14 मई को गिरफ्तार किया गया) के साथ मिलकर चुनिंदा स्टूडेंट्स का एक ग्रुप तैयार किया. इसके बाद पीवी कुलकर्णी ने अपने घर पर सीक्रेट क्लास लगाई, जहां उसने अभ्यर्थियों को प्रश्न, उनके विकल्प और सही उत्तर बोल-बोल कर लिखवाए. खास स्टूडेंट्स ने इन सारे सवालों को अपनी कॉपियों में हाथ से नोट किया, जिससे बाहर किसी को भनक न लगे. कौन है मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी और क्या था उसका रसूख? पीवी कुलकर्णी मूल रूप से महाराष्ट्र के लातूर जिले का रहने वाला है, जिसे राज्य का बड़ा एजुकेशन हब माना जाता है. वह लातूर के ही एक बेहद प्रतिष्ठित कॉलेज में केमिस्ट्री का सीनियर प्रोफेसर रह चुका था और करीब चार साल पहले ही रिटायर हुआ था. सबसे गंभीर बात यह है कि सीबीआई के दावों के मुताबिक, कुलकर्णी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के जरिए नीट परीक्षा की गोपनीय प्रक्रियाओं से भी जुड़ा हुआ था. इसी वीआईपी एक्सेस का फायदा उठाकर उसने नीट यूजी परीक्षा से करीब एक हफ्ते पहले यानी अप्रैल के आखिरी दिनों में पेपर उड़ा लिया था. राजस्थान से महाराष्ट्र तक फैला धांधली का नेटवर्क नीट पेपर लीक का यह मामला सबसे पहले 7 मई को राजस्थान में उजागर हुआ था, जिसके बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की शिकायत पर 12 मई को सीबीआई ने इस केस की कमान अपने हाथों में ली. महज कुछ ही दिनों की जांच के बाद सीबीआई ने जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे और अहिल्यानगर जैसे शहरों में ताबड़तोड़ छापेमारी करके अब तक 7 मुख्य बिचौलियों और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. इनके पास से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, मोबाइल फोन और डिजिटल दस्तावेज जब्त किए गए हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच चल रही है. जांच के घेरे में लातूर का नामी कोचिंग संस्थान इस जांच की आंच अब लातूर के बड़े कोचिंग सेंटर्स तक भी पहुंच गई है. सीबीआई की 28 सदस्यीय भारी-भरकम टीम ने लातूर के मशहूर ‘रेनूकाई केमिस्ट्री क्लासेस’ (RCC) के डायरेक्टर शिवराज मोटेगांवकर के आवास पर धावा बोला और उनसे घंटों पूछताछ की. जांच एजेंसी इस बात का पता लगा रही है कि क्या इस नामी कोचिंग संस्थान और पीवी कुलकर्णी के सीक्रेट पेपर लीक नेटवर्क के बीच कोई सीधा वित्तीय लेन-देन या अंदरूनी कनेक्शन था. सीबीआई का दावा है कि जल्द ही पेपर लीक रैकेट से जुड़े कुछ और बड़े चेहरों का पर्दाफाश होगा. NEET पेपर लीक में दो और लेक्चरर का कनेक्शन नीट पेपर लीक मामले में गिरफ्तार मास्टरमाइंड और रिटायर्ड केमिस्ट्री लेक्चरर पीवी कुलकर्णी से पूछताछ के बाद CBI ने इस नेटवर्क के 2 और बड़े किरदारों की तलाश तेज कर दी है. सूत्रों के मुताबिक, पुणे और लातूर के प्रतिष्ठित संस्थानों से जुड़े 2 और लेक्चरर इस पेपर लीक को अंजाम देने में कुलकर्णी और मनीषा वाघमारे के मुख्य सहयोगी थे. ये भी पीवी कुलकर्णी की तरह NTA के साथ नीट परीक्षा की गोपनीय प्रक्रियाओं से जुड़े हुए थे. इन चारों ने मिलकर पुणे के एक संस्थान में छात्रों को बुलाकर लीक प्रश्नपत्र के सवाल और सही जवाब उनकी नोटबुक में हाथ से नोट करवाए थे. Source link

झारखंड

सृष्टि देशमुख जैसी बनना है IAS अधिकारी, सीबीएसई की आर्ट्स टॉपर भव्या...

रांची: झारखंड की राजधानी रांची की भव्या रंजन 99.8% लाकर आर्ट्स स्ट्रीम में 12वीं में नेशनल टॉपर बनी हैं. ऐसे में उन्होंने अपना स्टडी रूम दिखाते हुए बताया कि यह कैसा होता है, टॉपर का खासतौर पर नेशनल टॉपर का स्टडी रूम और उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें आगे चलकर क्या करना है. अपने रूटीन से लेकर अपने डाइट तक को उन्होंने लोकल 18 की टीम से साझा किया. IAS ऑफिसर बनने का है लक्ष्य भव्या रंजन बताती हैं कि वह बचपन से ही ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल से पढ़ाई की हैं. उनका कॉन्सेप्ट पूरी तरह क्लियर था कि मुझे आगे चलकर आईएएस ऑफिसर बनना है. ऐसे में सृष्टि देशमुख जो की यूपीएससी में फोर्थ रैंक फोल्डर हैं. वह उनसे काफी प्रभावित हैं. उन्होंने उनके कई इंटरव्यू देखे हैं और आगे चलकर उन्हें भी उन्हीं की तरह यूपीएससी क्रैक करना है. जिसके लिए वह अभी से ही तैयारी में जुट गई हैं. कम बुक में ही करें तैयारी भव्या बताती हैं कि उनके स्टडी रूम को आप देखेंगे तो एकदम साधारण है. बहुत अधिक किताब नहीं हैं, मुश्किल से 15 से 20 बुक देखने को मिलेंगी. क्योंकि उनका मानना है कि बहुत अधिक बुक पढ़ने से अच्छा है कि आप एक किताब को 25 से 30 बार पढ़ें. बहुत अधिक पढ़ने से बचना चाहिए. कॉन्सेप्ट की क्लेरिटी सबसे जरूरी है, रिवीजन उससे भी अधिक. एक ही चीज को 100 तरीके से पढ़ सकते हैं. इसीलिए उनकी स्टडी रूम में आपको बहुत अधिक बुक्स देखने को नहीं मिलेगी. हनुमान चालीसा और गीता का भी करती हैं अध्ययन भव्या आगे बताती हैं कि उनके स्टडी रूम में आपको हनुमान चालीसा, रामचरित्र मानस, कई सारे वेद और ग्रंथ देखने को मिलेंगे. वह यह सब भी पढ़ा करती हैं. उनके भाई ने भी उनके क्लास 12वीं का एग्जाम दिया है. उसका 92% आया है. ऐसे में हम दोनों मिलकर यह किताब भी पढ़ते हैं. इससे हमें पाॅजिटीविटी और धार्मिक दृष्टिकोण भी समझने में मदद मिलती थी और अपने लक्ष्य के प्रति कंसिस्टेंसी और समर्पण आसान हो जाता था. दोस्तों की बर्थडे पार्टी कभी नहीं छोड़ी भव्या बताती हैं कई बार ऐसा लोगों को लगता है कि जो नेशनल टॉपर होते हैं. वह दुनिया से पूरी तरह कट जाते हैं. कोई बर्थडे पार्टी में नहीं जाते या फिर कोई साधारण पार्टी में भी नहीं जाते. पर उन्होंने ऐसे बिल्कुल भी कुछ नहीं किया. जहां भी इनवाइट किया गया, दोस्तों के साथ वहां पर गई, दोस्तों के बर्थडे पार्टी में दोस्तों के साथ बाहर जाना यह सब किया, लेकिन, हर दिन 4 से 5 घंटे का जो समय उनकी पढ़ाई का होता था. उसमें कोई डिस्टरबेंस नहीं होता था. वह पूरा का पूरा फोकस के साथ उसे कंप्लीट करती थी. पढ़ाई में बैलेंस है सबसे ज्यादा जरूरी इसके अलावा भव्या ने बताया कि पढ़ाई में बैलेंस बहुत जरूरी है. अब बाहर आप बर्थडे पार्टी अटेंड करें अच्छी बात है, लेकिन वहां से आने के बाद आपको फिर अपनी पढ़ाई कंप्लीट करना है. पढ़ाई को नजर अंदाज करके पार्टी में नहीं जाना है, जितने भी सब्जेक्ट हैं, अगर हिस्ट्री है, ज्योग्राफी है, हर सब्जेक्ट को एक बराबर समय देना है तो सब्जेक्ट को भी बैलेंस करके चलना है. अगर तीन सब्जेक्ट हैं तो तीनों को दो घंटा हम दे रहे हैं. किसी को कम या अधिक इंपॉर्टेंस नहीं देना है. उन्होंने ऐसा ही किया है. इसके साथ ही अधिक रिवीजन व मॉक टेस्ट लास्ट में मील का पत्थर साबित हो गया. स्टडी रूम को रखा एकदम साफ अपना रूम दिखाते हुए भव्या कहती हैं कि स्टडी रूम एकदम साफ होना चाहिए. आपका पेन और पेंसिल कॉर्नर भी ऑर्गेनाइज होना चाहिए. इससे आपके दिमाग में क्लेरिटी आती है. बुक्स है तो बुक्स अपनी जगह पर, पेन है तो पेन अपनी जगह पर, हर चीज एकदम ऑर्गेनाइज्ड रखें. इससे आपका दिमाग भी एकदम क्लियर रहेगा और दिमाग क्लियर रहेगा तो पढ़ाई भी बहुत अच्छे से कर पाएंगे. Source link

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