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सुपर अल नीनो: आधे भारत में सूखा और आधे में सैलाब, जानें...

होमताजा खबरदेश आधे भारत में सूखा और आधे में सैलाब, जानें आपके शहर में सुपर अल नीनो क्या करेगा Last Updated:May 15, 2026, 21:23 IST Super El Nino 2026: भारत में साल 2026 का मानसून सीजन बड़े खतरे की घंटी बजा रहा है. पैसिफिक महासागर में बन रहे सुपर अल नीनो के कारण इस बार उत्तर और मध्य भारत के कई शहरों में भीषण सूखे के आसार हैं. वहीं चेन्नई जैसे तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा है. मौसम विभाग (IMD) ने अगस्त और सितंबर में कम बारिश की चेतावनी दी है. सुपर अल नीनो 2026: भारत के कई शहरों में मचेगी भारी तबाही, IMD का अलर्ट. (Photo made with AI) नई दिल्ली: मौसम विभाग (IMD) ने साल 2026 के लिए अपना पहला लॉन्ग रेंज फोरकास्ट जारी कर दिया है. इस रिपोर्ट के मुताबिक जून से सितंबर के बीच होने वाली मानसून की बारिश इस बार सामान्य से काफी कम रहने वाली है. इसका सबसे बड़ा कारण प्रशांत महासागर में बन रहा ‘सुपर अल नीनो’ है जो इस वक्त तेजी से आकार ले रहा है. यह एक ऐसी समुद्री घटना है जो पूरी दुनिया के मौसम को अस्त-व्यस्त करने की ताकत रखती है. भारत के लिए अल नीनो हमेशा से बुरी खबर लेकर आता है. जब भी अल नीनो मजबूत होता है तो यह भारत की मानसूनी हवाओं को कमजोर कर देता है. इसकी वजह से देश के बड़े हिस्से में बारिश कम होती है और सूखे जैसे हालात बन जाते हैं. हालांकि इसका एक दूसरा पहलू भी है जो काफी डरावना है. एक तरफ जहां उत्तर और मध्य भारत में पानी की बूंद-बूंद के लिए तरसना पड़ता है, वहीं तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में यह भारी तबाही वाली बारिश लाता है. जलवायु वैज्ञानिक डॉक्टर माधवन नायर का कहना है कि यह अल नीनो 1997 और 2015 की तरह ही बेहद गंभीर हो सकता है. क्या कहता है मौसम विभाग का ताजा अनुमान? आईएमडी ने भविष्यवाणी की है कि इस साल मानसून की बारिश लॉन्ग पीरियड एवरेज (LPA) का केवल 92 परसेंट ही रहेगी. इसे ‘बिलो नॉर्मल’ यानी सामान्य से कम की कैटेगरी में रखा जाता है. साल 1971 से 2020 के डेटा के आधार पर भारत में औसत बारिश 870 मिलीमीटर होनी चाहिए. इस बार इसकी संभावना काफी कम है कि हम इस आंकड़े को छू पाएंगे. आंकड़ों की मानें तो इस बार सूखे की स्थिति बनने की संभावना 35 परसेंट है. यह सामान्य सालों के मुकाबले दोगुने से भी ज्यादा है. दुनिया भर के क्लाइमेट मॉडल इशारा कर रहे हैं कि जून या जुलाई तक अल नीनो पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा. राहत की बात सिर्फ इतनी है कि जून और जुलाई की शुरुआत में मानसून स्थिर रह सकता है. असली परेशानी अगस्त और सितंबर में शुरू होगी जब अल नीनो अपना असली रंग दिखाएगा. किन राज्यों और शहरों में बढ़ेगा सूखे का खतरा? सुपर अल नीनो का सबसे घातक असर उत्तर, पश्चिम और मध्य भारत पर पड़ने वाला है. पंजाब, हरियाणा और राजस्थान जैसे कृषि प्रधान राज्यों के लिए अगस्त का महीना बेहद चुनौतीपूर्ण होगा. यहां मानसूनी बारिश में भारी कमी देखी जा सकती है जिससे फसलों को बड़ा नुकसान होने की आशंका है. मध्य प्रदेश के कई बड़े शहर इस रडार पर हैं. इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा और सागर जैसे इलाकों में सामान्य से बहुत कम बारिश का अनुमान है. इसके अलावा चंबल और नर्मदापुरम के क्षेत्रों में भी पानी की किल्लत बढ़ सकती है. हालांकि लद्दाख, उत्तर-पूर्व भारत और तेलंगाना जैसे कुछ हिस्सों पर इसका असर शायद कम पड़े. लेकिन दिल्ली-एनसीआर के लिए गर्मी और सूखे का दोहरा अटैक मुसीबत बन सकता है. क्यों चेन्नई जैसे शहरों में बाढ़ का डर है? अल नीनो का मतलब सिर्फ सूखा नहीं होता है. यह भारत के तटीय इलाकों के लिए जलप्रलय का संकेत भी है. जब देश का बाकी हिस्सा सूखे से जूझ रहा होगा, तब चेन्नई और आंध्र प्रदेश के तटों पर भारी बारिश हो सकती है. इतिहास गवाह है कि 2015 के सुपर अल नीनो के दौरान चेन्नई पानी में डूब गया था. उस समय वहां जान-माल का भारी नुकसान हुआ था. इस बार भी वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि तटीय शहरों को बाढ़ से निपटने के लिए अभी से तैयारी कर लेनी चाहिए. मराठवाड़ा जैसे क्षेत्रों में पिछली बार 40 परसेंट तक बारिश की कमी दर्ज की गई थी. साल 2023 में भी अल नीनो की वजह से अकेले अगस्त महीने में 36 परसेंट कम बारिश हुई थी. महाराष्ट्र के नासिक, रायगढ़ और सतारा जैसे जिले इसके गवाह रहे हैं. इस साल भी अगर वही पैटर्न दोहराया गया तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था पूरी तरह चरमरा सकती है. क्या इस संकट में कोई उम्मीद बाकी है? इतनी डरावनी खबरों के बीच एक उम्मीद की किरण ‘इंडियन ओशन डिपोल’ (IOD) है. क्लाइमेट मॉडल के अनुसार मानसून के आखिरी महीनों में आईओडी पॉजिटिव हो सकता है. अगर ऐसा होता है तो यह अल नीनो के नेगेटिव असर को कुछ हद तक कम कर सकता है. इससे मानसूनी हवाओं को थोड़ी मजबूती मिल सकती है जिससे कुछ इलाकों में बारिश की वापसी संभव है. भारत के 60 परसेंट किसान आज भी पूरी तरह मानसून की बारिश पर निर्भर हैं. खरीफ की फसलों का भविष्य इन्हीं चार महीनों पर टिका होता है. आईएमडी मई के आखिरी हफ्ते में एक अपडेटेड फोरकास्ट जारी करेगा. उस रिपोर्ट से यह साफ हो जाएगा कि सुपर अल नीनो का प्रभाव कितना गहरा होने वाला है. About the Author दीपक वर्माDeputy News Editor दीपक वर्मा News18 हिंदी के डिजिटल न्यूजरूम में डिप्टी न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक से भी ज्यादा का अनुभव रखने वाले दीपक मुख्य रूप से विज्ञान, राजनीति और भारत के आंतरिक घ…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Source link

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भारत में ‘तेल का समंदर’ बनाएगा UAE, 30 मिलियन बैरल की ये...

होमताजा खबरदेश भारत में ‘तेल का समंदर’ बनाएगा UAE, 30 मिलियन बैरल की ये डील भर देगी पेट्रोल-CNG के भंडार Last Updated:May 15, 2026, 20:11 IST प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक ऐसा दांव खेला है जिसने भारत की ‘एनर्जी सिक्योरिटी’ को अगले कई दशकों के लिए अभेद्य बना दिया है. पीएम मोदी की हालिया यूएई (UAE) यात्रा के बाद एक ऐसी डील पर मुहर लगी है, जो न केवल भारत के लिए बल्कि पूरे दक्षिण एशिया के लिए गेम-चेंजर साबित होने वाली है. यूएई अब भारत के ‘स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व’ (SPR) में 30 मिलियन बैरल तक कच्चा तेल स्टोर करेगा. विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने इस ऐतिहासिक समझौते की पुष्टि करते हुए इसे भारत की ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में अब तक का सबसे बड़ा कदम बताया है. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

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कौन है NEET पेपर लीक का किंगपिन पी.वी. कुलकर्णी? कब, कहां और...

होमताजा खबरदेश कौन है NEET पेपर लीक का किंगपिन पी.वी. कुलकर्णी? छात्रों को कराई थी तैयारी Last Updated:May 15, 2026, 19:19 IST मेडिकल कॉलेजों में स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए तीन मई को नीट-यूजी 2026 आयोजित की गई थी, लेकिन प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के बाद परीक्षा 12 मई को रद्द कर दी गई. सरकार ने सीबीआई को पूरे मामले की जांच करने का निर्देश दिया. नीट की परीक्षा 12 मई को रद्द कर दी गई थी. (पीटीआई) नई दिल्ली. केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने नीट-यूजी प्रश्नपत्र लीक मामले में शुक्रवार को महाराष्ट्र के लातूर शहर के स्थानीय कॉलेज में रसायन विज्ञान पढ़ाने वाले रिटायर प्रोफेसर पी.वी. कुलकर्णी को गिरफ्तार कर लिया. अधिकारियों ने बताया कि कुलकर्णी चार साल पहले एक प्रतिष्ठित कॉलेज से सेवानिवृत्त हुए थे और नीट के लिए रसायन विज्ञान विषय के प्रश्नपत्र तैयार करने वाली समिति में शामिल थे. सीबीआई की एक टीम बीते 13 मई को ही जांच के सिलसिले में लातूर पहुंची है. अप्रैल 2026 के आखिरी सप्ताह के दौरान, उन्होंने एक अन्य आरोपी, मनीषा वाघमारे (जिन्हें CBI ने 14 मई को गिरफ्तार किया था) की मदद से छात्रों को जुटाया और पुणे स्थित अपने आवास पर इन छात्रों के लिए विशेष कोचिंग कक्षाएं आयोजित कीं. इन विशेष कोचिंग कक्षाओं के दौरान उन्होंने प्रश्न, उनके विकल्प और सही उत्तर बोलकर लिखवाए; छात्रों ने इन प्रश्नों को अपनी नोटबुक में हाथ से लिखा था, और ये प्रश्न 3 मई को आयोजित NEET-UG 2026 परीक्षा के वास्तविक प्रश्न पत्र से हूबहू मेल खाते हैं. गहन पूछताछ के बाद पी.वी. कुलकर्णी को पुणे में गिरफ्तार कर लिया गया है. वे मूल रूप से लातूर के रहने वाले हैं. पुलिस ने लातूर में कोचिंग संस्थान के कर्मी, छात्रों और काउंसलर समेत छह लोगों से पूछताछ की है. इसके अलावा, उन्होंने दो कोचिंग सेंटर में लगे सीसीटीवी कैमरे की तस्वीरें भी जब्त कर ली थी. लातूर में कुलकर्णी की गिरफ्तारी से पहले, सीबीआई ने महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों से तीन व्यक्तियों को नासिक से शुभम खैरनार (30), पुणे से ब्यूटीशियन मनीषा वाघमारे और अहिल्यानगर के राहुरी से धनंजय लोखंडे (26)को हिरासत में लिया था. मेडिकल कॉलेजों में स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए तीन मई को नीट-यूजी 2026 आयोजित की गई थी, लेकिन प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के बाद परीक्षा 12 मई को रद्द कर दी गई. सरकार ने सीबीआई को पूरे मामले की जांच करने का निर्देश दिया. पिछले 24 घंटों में, CBI ने देश भर में कई स्थानों पर तलाशी भी ली है और कई आपत्तिजनक दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट और मोबाइल फोन जब्त किए हैं. जब्त की गई वस्तुओं का विस्तृत फोरेंसिक और तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है. About the Author आनंद तिवारीसंवाददाता डेढ़ दशक से ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय, आनंद तिवारी ने इंदौर, मध्यप्रदेश के देवी अहिल्याबाई विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की. वहीं से फ्रीलांसर के तौर पर दैनिक भास्कर से जुड़ गए. दिल्ली की पत्र…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Pune,Maharashtra Source link

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100 साल पहले आए बाढ़ के स्तर पर मंदाकिनी का बनेगा फ्लड...

Last Updated:May 15, 2026, 18:12 IST चित्रकूट जिला प्रशासन अब मंदाकिनी नदी के बाढ़ क्षेत्र यानी फ्लड प्लेन जोन का निर्धारण और सीमांकन 100 साल पहले आई बाढ़ के रिकॉर्ड के आधार पर करने जा रहा है. शासन स्तर से इसके लिए संबंधित विभागों को निर्देश जारी किए गए हैं,इस पहल का उद्देश्य नदी किनारे बसे शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों को भविष्य में संभावित बाढ़ के खतरे से सुरक्षित करना है. चित्रकूटः धर्मनगरी चित्रकूट भगवान श्रीराम की तपोस्थली के रूप में देशभर में प्रसिद्ध है. मान्यता है कि प्रभु श्रीराम ने अपने वनवास काल के साढ़े ग्यारह वर्ष यहीं बिताए थे,इसी पवित्र भूमि से जुड़ी मां मंदाकिनी नदी आस्था का प्रमुख केंद्र मानी जाती है, जहां आज भी हजारों श्रद्धालु स्नान और पूजा-अर्चना करने पहुंचते हैं, लेकिन पिछले कई वर्षों से बरसात के मौसम में आने वाली बाढ़ ने नदी किनारे रहने वाले लोगों और व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. हर साल बाढ़ के कारण दुकानों, घरों को नुकसान उठाना पड़ता है अब इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए जिला प्रशासन ने बड़ी तैयारी शुरू कर दी है. 100 साल पहले आई बाढ़ के आधार पर होगा सीमांकन बता दे कि चित्रकूट जिला प्रशासन अब मंदाकिनी नदी के बाढ़ क्षेत्र यानी फ्लड प्लेन जोन का निर्धारण और सीमांकन 100 साल पहले आई बाढ़ के रिकॉर्ड के आधार पर करने जा रहा है. शासन स्तर से इसके लिए संबंधित विभागों को निर्देश जारी किए गए हैं,इस पहल का उद्देश्य नदी किनारे बसे शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों को भविष्य में संभावित बाढ़ के खतरे से सुरक्षित करना है.अधिकारियों का मानना है कि फ्लड प्लेन जोन तय होने से अवैध निर्माण पर रोक लगेगी और लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की योजना भी बेहतर तरीके से बनाई जा सकेगी. बाढ़ के दौरान 131.500 मीटर पहुंचता है जलस्तर जानकारी के लिए बता दे कि मां मंदाकिनी नदी का उद्गम सती अनुसूया आश्रम से हुआ है.करीब 106 किलोमीटर लंबी यह नदी आगे चलकर उत्तर प्रदेश के कनकोटा गांव के पास यमुना नदी में मिल जाती है, सामान्य दिनों में नदी का जलस्तर लगभग 123.500 मीटर लगभग रहता है, जबकि बरसात और बाढ़ के दौरान यह बढ़कर 131.500 मीटर तक पहुंच जाता है. जलस्तर बढ़ने के साथ ही नदी का स्वरूप भी बदल जाता है, जिससे घाटों और आसपास के इलाकों में कटान और नुकसान की स्थिति बन जाती है.हर वर्ष आने वाली बाढ़ से स्थानीय लोगों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है.कई बार नदी किनारे दुकानें पूरी तरह से पानी से भर जाती हैं. इसे देखते हुए सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग ने पिछले 100 वर्षों में आई बाढ़ के आंकड़ों का अध्ययन शुरू कर दिया है. एनजीटी के नियमों का होगा पालन इस संबंध में चित्रकूट डीएम पुलकित गर्ग ने लोकल 18 जानकारी में बताया कि एनजीटी के निर्देशों के क्रम में सिंचाई विभाग द्वारा मंदाकिनी नदी का सीमांकन किया जा रहा है. इसके तहत यह चिह्नित किया जाएगा कि नदी के आसपास कौन-कौन से क्षेत्र बाढ़ की चपेट में आते हैं और वहां कितना नुकसान होता है,उन्होंने बताया कि चार विभागों को संयुक्त रूप से रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं. रिपोर्ट आने के बाद मंदाकिनी नदी का फ्लड प्लेन जोन घोषित किया जाएगा.सिंचाई विभाग नदी के पुराने बहाव, जलस्तर और प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कर रहा है ताकि आगे वाले दिनों के लिए ठोस रणनीति तैयार की जा सके. About the Author Rajneesh Kumar Yadav मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Chitrakoot,Uttar Pradesh Source link

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JEE Advanced Board Result Criteria: 12वीं में 75% से कम मार्क्स? जेईई...

नई दिल्ली (JEE Advanced 2026). जेईई मेन में सफल टॉप 2.5 लाख अभ्यर्थी 17 मई 2026 को जेईई एडवांस्ड 2026 की परीक्षा देंगे. लेकिन आईआईटी में एडमिशन का रास्ता सिर्फ एडवांस्ड क्लियर करने से तय नहीं होता. इसके लिए 12वीं बोर्ड परीक्षा में कम से कम 75 प्रतिशत अंक हासिल करना भी अनिवार्य है. अब जबकि ज्यादातर राज्यों के बोर्ड रिजल्ट आ चुके हैं तो कई स्टूडेंट्स इस बात को लेकर टेंशन में हैं कि उनके नंबर 75% से कम रह गए हैं. क्या इसका मतलब यह है कि उनकी मेहनत बेकार चली गई? घबराइए मत, कहानी अभी खत्म नहीं हुई है. अक्सर स्टूडेंट्स और पेरेंट्स मान लेते हैं कि 12वीं बोर्ड परीक्षा में 75% मार्क्स नहीं तो आईआईटी नहीं. लेकिन हकीकत में नियम थोड़े अलग और फ्लेक्सिबल भी हैं. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और आईआईटी काउंसिल ने कुछ ऐसे ऑप्शन और छूट दी हैं, जिनका इस्तेमाल करके आप 12वीं बोर्ड रिजल्ट कम नंबर के बावजूद जेईई एडवांस्ड परीक्षा दे सकते हैं. अगर 12वीं बोर्ड रिजल्ट में आपके मार्क्स 75 फीसदी से कम हैं तो समझिए कि आगे क्या करना है. 75% का नियम: आखिर क्या है जेईई एडवांस्ड पात्रता का गणित? आईआईटी में एडमिशन के लिए सामान्य (General) और ओबीसी (OBC-NCL) कैटेगरी के स्टूडेंट्स के लिए 12वीं बोर्ड परीक्षा में कम से कम 75% कुल अंक होना जरूरी है. वहीं, एससी (SC), एसटी (ST) और दिव्यांग (PwD) स्टूडेंट्स के लिए यह अनिवार्यता 65% अंकों की है. इन अंकों की कैलकुलेशन में फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स और एक भाषा (Language) के साथ-साथ एक अन्य विषय को शामिल किया जाता है. अब अगर आपके 12वीं में सेट क्राइटेरिया से कम अंक हैं तो नीचे लिखे ऑप्शन आजमा सकते हैं: विकल्प 1: ‘टॉप 20 पर्सेंटाइल’ का जादुई रास्ता अगर आपके मार्क्स 75% से कम हैं तो भी आप जेईई एडवांस्ड दे सकते हैं, बशर्ते आप अपने संबंधित बोर्ड के ‘टॉप 20 पर्सेंटाइल’ में आते हों. हर साल हर बोर्ड (जैसे सीबीएसई, यूपी या बिहार बोर्ड) अपनी कट-ऑफ जारी करता है. अगर आप अपने बोर्ड के उन टॉप 20% स्टूडेंट्स की लिस्ट में हैं जिन्होंने सबसे ज्यादा अंक प्राप्त किए हैं तो आप आईआईटी के लिए एलिजिबल माने जाएंगे, भले ही आपके अंक 75% से कम क्यों न हों. कई बार कठिन पेपर होने पर टॉप 20 पर्सेंटाइल 70% या उससे भी नीचे चला जाता है. विकल्प 2: 12वीं का इम्प्रूवमेंट एग्जाम अगर आप टॉप 20 पर्सेंटाइल में भी नहीं हैं और मार्क्स भी 75% से कम हैं तो आपके पास ‘इम्प्रूवमेंट एग्जाम’ का विकल्प होता है. आप एक या एक से अधिक विषयों में दोबारा परीक्षा देकर अपना स्कोर सुधार सकते हैं. ध्यान दें: अगर आप इस साल इम्प्रूवमेंट दे रहे हैं तो सुनिश्चित करना होगा कि नए रिजल्ट के बाद आपका कुल स्कोर 75% की सीमा को पार कर जाए या आप उस साल के टॉप 20 पर्सेंटाइल में आ जाएं. अगर दोनों ऑप्शन फेल तो क्या करें? अगर आप किसी भी तरह से जेईई एडवांस्ड की बोर्ड पात्रता पूरी नहीं कर पा रहे हैं तो उन इंजीनियरिंग कॉलेज की तरफ रुख कर सकते हैं जो 12वीं के अंकों को ज्यादा महत्व नहीं देते या जहां पात्रता 60% ही है. कई एनआईटी (NIT), आईआईआईटी (IIIT) और प्राइवेट यूनिवर्सिटीज के अपने अलग नियम होते हैं. इसके अलावा, 1 साल का ‘ड्रॉप’ लेकर अगले साल बोर्ड परीक्षा दोबारा देकर भी स्कोर सुधार सकते हैं. 75% का नियम सिर्फ IIT, NIT और कुछ सरकारी कॉलेजों के लिए है. ध्यान रखें, जेईई की रैंक और मेहनत कभी बेकार नहीं जाती. कई इंजीनियरिंग कॉलेज जेईई मेन रैंक के आधार पर एडमिशन देते हैं. Source link

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Owaisi On Bhojshala Verdict। Bhojshala High Court verdict! भोजशाला पर हाईकोर्ट फैसला,...

मध्‍य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने धार की ऐतिहासिक भोजशाला को लेकर हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस के पक्ष में ऐतिहासिक निर्णय सुनाया है. इसे लेकर AIMIM के चीफ उद्दीन ओवैसी ने निराशा व्‍यक्‍त की और सुप्रीम कोर्ट जाने की बात की. वहीं, विधायक टाइगर राजा सिंह ने इसे सत्य की विजय और हिंदुओं की प्रचंड जीत बताया. राजा सिंह ने कहा कि भोजशाला के लिए हिंदुओं का 124 साल का लंबा संघर्ष आज सार्थक हुआ है. हाईकोर्ट ने स्पष्ट रूप से ‘हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस’ की दलीलों को स्वीकार करते हुए मुस्लिम पक्ष के दावों को खारिज कर दिया. हाईकोर्ट ने अपने निष्कर्ष में ऐतिहासिक साक्ष्यों, 1904 के गजेटियर और ASI सर्वेक्षण रिपोर्ट पर भरोसा जताते हुए कहा कि यह परिसर मूल रूप से राजा भोज द्वारा स्थापित ‘वाग्देवी सरस्वती मंदिर’ और संस्कृत शिक्षा का केंद्र रहा है. अदालत ने अयोध्या मामले की कानूनी मिसालों का उल्लेख करते हुए हिंदुओं को यहां पूजा-अर्चना का पूर्ण अधिकार प्रदान कर दिया है. · असदउद्दीन ओवैसी (AIMIM): उन्होंने इस फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई और इसकी तुलना बाबरी मस्जिद के फैसले से की. ओवैसी ने कहा कि इस आदेश में गंभीर समानताएं हैं और उन्हें उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट इस गलती को सुधारते हुए हाईकोर्ट के आदेश को पलट देगा. · टाइगर राजा सिंह (विधायक): उन्होंने इसे सत्य की विजय और हिंदुओं की प्रचंड जीत बताया. राजा सिंह ने कहा कि भोजशाला के लिए हिंदुओं का 124 साल का लंबा संघर्ष आज सार्थक हुआ है. उन्होंने इस फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए पूरे देश के हिंदुओं को बधाई दी. मुख्य प्वाइंट्स · हिंदू पक्ष की जीत: कोर्ट ने भोजशाला परिसर में हिंदुओं को पूजा-अर्चना का पूर्ण अधिकार दिया है. · साक्ष्यों पर भरोसा: अदालत ने 1904 के ऐतिहासिक रिकॉर्ड्स और ASI की वैज्ञानिक सर्वेक्षण रिपोर्ट को आधार माना. · ऐतिहासिक स्वरूप: फैसले में स्पष्ट किया गया कि यह स्थान मूल रूप से राजा भोज द्वारा स्थापित वाग्देवी सरस्वती मंदिर और संस्कृत शिक्षा का केंद्र था. · कानूनी मिसाल: कोर्ट ने अपने निर्णय में अयोध्या मामले के कानूनी सिद्धांतों और निरंतरता के तर्क को लागू किया. यह फैसला न केवल एक धार्मिक स्थल के स्वामित्व को तय करता है बल्कि भारतीय न्यायिक व्यवस्था में निरंतरता के सिद्धांत को भी मजबूत करता है. हाईकोर्ट ने माना कि मुस्लिम पक्ष यह साबित करने में विफल रहा कि वहां हिंदू परंपरा कभी पूरी तरह समाप्त हुई थी. एएसआई की रिपोर्ट ने इस दावे को वैज्ञानिक आधार दिया कि संरचना के नीचे एक प्राचीन मंदिर के अवशेष मौजूद हैं. राजनीतिक रूप से इस फैसले ने ‘बाबरी’ और ‘ज्ञानवापी’ जैसे विवादों की बहस को फिर से जिंदा कर दिया है. भोजशाला विवाद सवाल-जवाब असदउद्दीन ओवैसी ने इस फैसले की तुलना किससे की है? ओवैसी ने इस फैसले की तुलना बाबरी मस्जिद के फैसले से की है. उन्होंने ट्वीट किया कि इसमें ‘चौंकाने वाली समानताएं’ हैं और उम्मीद जताई कि सुप्रीम कोर्ट इसे पलटकर न्याय बहाल करेगा. टाइगर राजा सिंह ने इस निर्णय को किस रूप में देखा? फायरब्रांड नेता राजा सिंह ने इसे हिंदुओं की प्रचंड विजय बताया. उन्होंने कहा कि यह 124 साल के लंबे संघर्ष का परिणाम है और इससे करोड़ों हिंदुओं की आस्था को सम्मान मिला है. हाईकोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की दलीलों को क्यों खारिज किया? कोर्ट ने माना कि ऐतिहासिक साहित्य, एएसआई की अधिसूचनाएं और पुरातात्विक साक्ष्य यह प्रमाणित करते हैं कि यह स्थान मूल रूप से भोजशाला ही था. कोर्ट के अनुसार हिंदू पूजा की परंपरा यहां कभी खत्म नहीं हुई थी. Source link

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LPG Update : पीएम मोदी ने 2 घंटे में कर दिया खेल!...

Last Updated:May 15, 2026, 14:57 IST PM Modi UAE Visit : पीएम मोदी ने यूएई की छोटी सी यात्रा के दौरान ही बड़ा खेल कर दिया है. उन्‍होंने देश में पेट्रोल-डीजल महंगा होने के तत्‍काल बाद ही यूएई के साथ पेट्रोलियम उत्‍पादों के रणनीतिक भंडार बढ़ाने पर समझौता किया है. इसके अलावा एलपीजी संकट को दूर करने के लिए भी बड़े समझौते को अंजाम दिया गया है. भारत अपनी जरूरत का 60 फीसदी एलपीजी आयात करता है. नई दिल्‍ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यूनाइटेड अरब अमीरात यानी यूएई की यात्रा भले ही महज 2 घंटे की रही हो, लेकिन इतने कम समय में ही उन्‍होंने बड़ा खेल कर दिया. आज जब देश में एलपीजी का संकट बढ़ता जा रहा है तो पीएम मोदी ने यूएई के साथ एलपीजी सप्‍लाई पर बड़ा समझौता किया है. ईरान-अमेरिका युद्ध की वजह से होर्मुज जलडमरूमध्‍य के रास्‍ते एलपीजी की सप्‍लाई भयंकर रूप से बाधित हुई है. ऐसे में भारत को अपना स्रोत बढ़ाने की जरूरत थी, जो उसकी जरूरतों को पूरी कर सके. पीएम मोदी का यह दौरा देश को संकट से बाहर निकालने में मददगार साबित होगा. पीएम मोदी की यूएई की छोटी सी यात्रा भारत के लिए बहुत फायदा लेकर आई है. इस दौरे पर उन्‍होंने कई समझौते और निवेश पर हस्‍ताक्षर किए हैं. इसमें सबसे अहम है पेट्रोलियम उत्‍पादों के रणनीतिक रिजर्व और रसोई गैस की सप्‍लाई, जिसकी अभी देश को सबसे ज्‍यादा जरूरत है. पीएम मोदी ने यह समझौता पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 3 रुपये की बढ़ोतरी के ठीक बाद किया है. इसका मकसद देश में पेट्रोलियम उत्‍पादों का भंडार बढ़ाना और भविष्‍य में ऐसे किसी संकट की घड़ी से निपटना है. कितना अहम है यूएई से समझौताभारत अपनी कुल एलपीजी जरूरत का 60 फीसदी आयात करता है. इसमें सबसे ज्‍यादा आयात यूएई से ही होता है. अब इस आयात को और बढ़ाने की मंशा है, क्‍योंकि भारत को होर्मुज बंद होने की वजह से सप्‍लाई पर असर पड़ा है. यूएई से एलपीजी की सप्‍लाई बढ़ती है तो संकट की इस घड़ी में भारत को राहत मिलेगी. ईरान के हमलों में कतर और कुवैत सहित आसपास के तमाम देशों के एलपीजी उत्‍पादन पर भी असर पड़ा है, जिससे भारत को सप्‍लाई कम हो गई है. भारत कहां से खरीदता है ज्‍यादा एलपीजी यूएई : भारत अपने कुल आयात का करीब 35 से 40 फीसदी यूएई से मंगाता है. सऊदी अरब : कुल एलपीजी आयात का 20 से 25 फीसदी एलपीजी यहां से आता है. कतर : भारत के एलपीजी आयात का 8 से 10 फीसदी सप्‍लाई करता है. अमेरिका : कुल एलपीजी आयात का 6 से 8 फीसदी यहां से आता है. कुवैत : भारत 4 से 6 फीसदी एलपीजी कुवैत से मंगाता है. ओमान : 3 से 4 फीसदी एलपीजी की सप्‍लाई भारत को करता है. यूएई से कितना एलपीजी खरीदाजैसा कि आपको पता है कि भारत अपनी जरूरत का सबसे ज्‍यादा एलपीजी यूएई से खरीदता है .साल 2024 के आंकड़े देखें तो भारत ने यूएई से करीब 4.4 अरब किलोग्राम यानी 44 लाख टन एलपीजी खरीदा था. साल 2025 के आंकड़े देखें तो देश में कुल एलपीजी की खपत करीब 3.13 करोड़ टन रही है, जबकि घरेलू उत्‍पादन 1.28 करोड़ टन रहा. लिहाजा खपत को पूरा करने के लिए विदेश से 2 करोड़ टन एलपीजी का आयात करना पड़ा. यह आंकड़ा दिखाता है कि अपनी जरूरत का करीब 60 फीसदी एलपीजी भारत को आयात करना पड़ता है. पेट्रोलियम रिजर्व पर भी बड़ा समझौताभारत और यूएई के बीच पेट्रोलियम रिजर्व बनाने पर भी बड़ा समझौता हुआ है. अभी देश में करीब 5 अरब बैरल कच्‍चे तेल का रिजर्व है, जबकि रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व भी देश में तीन स्‍थानों पर बना हुआ है. अभी विशाखापत्‍तनम, मैंगलुरु और पादुर में रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व बनाया गया गया है. इन तीनों रिजर्व में अभी करीब 53 लाख टन तेल का भंडार है, जो देश की 9 से 10 दिन की जरूरत को पूरी कर सकता है. इसका मतलब है कि देश में अभी 5 अरब बैरल कच्‍चा तेल तो 3.8 करोड़ बैरल का तैयार तेल का भंडार है. पीएम मोदी ने अपने दौरे पर पेट्रोलियम और एलपीजी के अलावा वडिनार में शिप रिपेयर क्लस्टर स्थापित करने पर भी समझौता किया है. साथ ही भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर, RBL बैंक और सम्मान कैपिटल में 5 अरब डॉलर के निवेश का भी ऐलान किया गया है. About the Author Pramod Kumar Tiwari प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Source link

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PM Modi UAE Visit LIVE | India Energy Security | Iran War...

PM Modi UAE Visit LIVE: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 से 20 मई 2026 तक संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), नीदरलैंड्स, स्वीडन, नॉर्वे और इटली की पांच देशों की महत्वपूर्ण यात्रा पर रहेंगे. इस दौरे का मुख्य उद्देश्य व्यापार, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, हरित विकास और निवेश जैसे क्षेत्रों में भारत की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना है. यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत यूरोप और खाड़ी क्षेत्र के साथ अपने आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को तेजी से विस्तार दे रहा है. निर्यातकों के संगठन फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशंस (FIEO) ने इस दौरे को भारत के लिए बेहद अहम बताते हुए कहा है कि इससे भारतीय निर्यातकों को नए अवसर मिलेंगे और व्यापारिक रिश्तों को नई गति मिलेगी. FIEO के अध्यक्ष एससी रल्हन ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की उच्चस्तरीय बैठकों से इंजीनियरिंग, क्लीन एनर्जी, टेक्नोलॉजी, फार्मास्यूटिकल्स, टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग, लॉजिस्टिक्स और डिजिटल ट्रेड जैसे क्षेत्रों में भारतीय कंपनियों के लिए नए बाजार खुल सकते हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दौरे की शुरुआत में 15 मई को UAE पहुंचे. यहां पीएम मोदी यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात करेंगे. विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग, निवेश, व्यापार और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा होगी. FIEO ने कहा कि यूएई भारत का प्रमुख व्यापारिक और निवेश साझेदार है और मध्य पूर्व तथा अफ्रीका में भारतीय निर्यात के लिए एक अहम प्रवेश द्वार की भूमिका निभाता है. यूएई की अंतरराष्ट्रीय सहयोग राज्य मंत्री रीम अल हाशिमी ने प्रधानमंत्री मोदी को अमीरात के नेतृत्व और जनता के लिए अनमोल धरोहर बताते हुए कहा कि दोनों देशों के संबंध व्यापार और तकनीक के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचने वाले हैं. उन्होंने कहा कि जनवरी में यूएई राष्ट्रपति की भारत यात्रा और फरवरी में एआई शिखर सम्मेलन में क्राउन प्रिंस की भागीदारी के बाद यह दौरा द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूती देगा. UAE के बाद प्रधानमंत्री मोदी 15 से 17 मई तक नीदरलैंड्स जाएंगे. यहां उनकी मुलाकात प्रधानमंत्री रॉब जेटन के अलावा किंग विलेम-अलेक्जेंडर और क्वीन मैक्सिमा से होगी. वार्ता में सेमीकंडक्टर, ग्रीन हाइड्रोजन, इनोवेशन, रक्षा और जल प्रबंधन जैसे विषय प्रमुख रहेंगे. इसके बाद प्रधानमंत्री 17 से 18 मई तक स्वीडन का दौरा करेंगे और वहां प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे. दोनों नेता यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ यूरोपियन राउंड टेबल फॉर इंडस्ट्री को भी संबोधित करेंगे. चर्चा का केंद्र आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, उभरती प्रौद्योगिकियां, हरित परिवर्तन और मजबूत सप्लाई चेन होंगे. नॉर्वे में प्रधानमंत्री मोदी 19 मई को ओस्लो में आयोजित तीसरे इंडिया-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. इस सम्मेलन में डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड और स्वीडन के नेता भी शामिल होंगे. FIEO का मानना है कि भारत और नॉर्डिक देशों के बीच बढ़ता रणनीतिक सहयोग भारतीय स्टार्टअप्स, तकनीकी साझेदारी और हरित विकास को नई दिशा देगा. दौरे के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री 19 से 20 मई तक इटली जाएंगे, जहां वह प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और राष्ट्रपति सर्जियो मातारेला से मुलाकात करेंगे. भारत और इटली के बीच हाल के वर्षों में रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा और तकनीक के क्षेत्र में सहयोग तेजी से बढ़ा है. PM Modi UAE Visit Live: पीएम मोदी ने अपने अंदाज में अल नाहयान का जताया आभार पीएम मोदी यूएई विजिट लाइव: पीएम मोदी ने एक्‍स पर पोस्‍ट कर यूएई के राष्‍ट्रपति अल नाहयान का आभार जताया है. उन्‍होंने कहा, ‘मैं अपने भाई, संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति महामहिम शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान का अबू धाबी हवाई अड्डे पर मेरे स्वागत के लिए उनके सौहार्दपूर्ण और सम्मानपूर्ण आतिथ्य के लिए आभार व्यक्त करता हूं.’ أتوجه بالشكر إلى أخي صاحب السمو الشيخ محمد بن زايد آل نهيان، رئيس دولة الإمارات العربية المتحدة، على لفتته الكريمة باستقبالي في مطار أبوظبي. وإنني أتطلع إلى مباحثاتنا الرامية إلى تعزيز الروابط بين الهند والإمارات عبر قطاعات مهمة، مثل الطاقة والاستثمار وسلاسل التوريد وغيرها.… pic.twitter.com/usOIZxG7HA — Narendra Modi (@narendramodi) May 15, 2026 BRICS Meeting LIVE: अमेरिका-ईरान के बीच शांति लाने के लिए भारत ही बन सकता है बेहतरीन मध्‍यस्‍थ – रूस ब्रिक्‍स विदेश मंत्री बैठक लाइव: रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने भारत की कूटनीतिक क्षमता की सराहना करते हुए कहा है कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय तक मध्यस्थता की आवश्यकता पड़ती है, तो भारत इस भूमिका को प्रभावी ढंग से निभा सकता है. दिल्ली में मीडिया ब्रीफिंग के दौरान लावरोव ने कहा कि पाकिस्तान फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच संवाद स्थापित कराने में मदद कर रहा है, ताकि मौजूदा जरूरी समस्याओं का समाधान निकाला जा सके. लावरोव ने कहा कि भारत के पास विशाल कूटनीतिक अनुभव है और वह क्षेत्रीय तथा वैश्विक स्तर पर संतुलित भूमिका निभाने की क्षमता रखता है. रूस के विदेश मंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है, जब पश्चिम एशिया में तनाव और परमाणु समझौते समेत कई मुद्दों पर अमेरिका और ईरान के बीच मतभेद बने हुए हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि भारत के अमेरिका, ईरान और खाड़ी देशों के साथ संतुलित संबंध उसे संभावित मध्यस्थ के रूप में मजबूत स्थिति प्रदान करते हैं. रूस की ओर से भारत की भूमिका को लेकर दिया गया यह संकेत अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में नई संभावनाओं की ओर इशारा माना जा रहा है. PM Modi UAE Visit Live: तेल और LPG पर भारत-यूएई के बीच महा-करार पीएम मोदी यूएई विजिट लाइव: भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच रिश्तों को नई मजबूती देते हुए प्रधानमंत्री Narendra Modi की यूएई यात्रा के दौरान कई अहम समझौतों और निवेश घोषणाओं पर सहमति बनी. प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत यूएई के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है और आगे भी खड़ा रहेगा. पीएम मोदी ने दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए यूएई नेतृत्व का आभार जताया. इस छोटी लेकिन महत्वपूर्ण यात्रा के दौरान भारत और यूएई के बीच रणनीतिक रक्षा साझेदारी को लेकर समझौता हुआ. इसके साथ ही स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व पर भी दोनों देशों ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए, जिससे भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती मिलने की उम्मीद है. एलपीजी यानी रसोई गैस की आपूर्ति को लेकर भी महत्वपूर्ण सहमति बनी. दोनों देशों ने गुजरात के वडिनार में शिप रिपेयर क्लस्टर

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मानसून से पहले ही मैदान में उतरे किसान! खेतों में जुताई शुरू,...

Last Updated:May 15, 2026, 12:43 IST मानसून अभी दूर है, लेकिन अलवर और खैरतल तिजारा जिले के किसान खरीफ सीजन की तैयारी में अभी से जुट गए हैं. गांव-गांव में ट्रैक्टरों की गड़गड़ाहट सुनाई दे रही है और खेतों में जुताई-हंकाई जोरों पर है. कृषि उपकरणों की मांग अचानक बढ़ गई है और वर्कशॉपों में देर रात तक काम हो रहा है. किसानों का एक ही लक्ष्य है- पहली बारिश के साथ ही बुआई शुरू हो जाए. ख़बरें फटाफट अलवर : अलवर जिला सहित खैरतल तिजारा जिले में किसानों ने खरीफ सीजन की बुआई की तैयारी में लगे हुए हैं. किसान अपने खेतों को तैयार करने के लिए ट्रैक्टर से खेतों में जुताई करवा रहे हैं. जहां गांवों में सुबह से ही ट्रैक्टरों की गड़गड़ाहट सुनाई देने लगी है, वहीं, किसान खेतों में हंकाई और जुताई कर जमीन को तैयार करने में जुट गए हैं खैरथल तिजारा जिले के कोटकासिम, तिजारा, खैरथल और किशनगढ़ बास सहित विभिन्न गांव में किसान खरीफ सीजन की बुआई के लिए किसानों में समय से पहले तैयारी को लेकर विशेष उत्साह दिखाई दे रहा है, जिससे कृषि गतिविधियां गांव-गांव में तेज हो गई है. किसान खेतों को समतल करने, खरपतवार हटाने और मिट्टी को भुरभुरी बनाने का कार्य कर रहे हैं, ताकि पहली बारिश होते ही बुवाई का काम बिना देरी शुरू किया जा सके. कई किसान ट्रैक्टरों से गहरी जुताई करवा रहे हैं, जिससे मिट्टी की उर्वरता बढ़े और फसल उत्पादन बेहतर हो सके. खेतों में तैयारी तेज, औजारों की मांग बढ़ीफसलों की बुवाई से पहले किसान अपने खेत में उपयोग होने वाले कृषि उपकरण की खरीदारी और ट्रैक्टर को सही करने के काम में लगे हुए हैं. सीजन से पहले वर्कशॉपों में सुबह से देर रात तक कारीगर कृषि उपकरणों की मरम्मत और निर्माण में जुटे हुए हैं. किसान तवी, कल्टी, हल, नेरणी सहित अन्य उपकरणों को दुरुस्त करवाने और खरीदारी करने के लिए किसान की भीड़ लगी हुई है. कृषि उपकरण व्यापारी केदार, सैकुल खान ने बताया कि इन दिनों हंकाई और जुताई से जुड़े औजारों की मांग अचानक बढ़ गई है. मानसून से पहले किसान जुटे तैयारियों मेंकिसान पुराने उपकरणों की मरम्मत के साथ नए औजार भी तैयार करवा रहे हैं. वहीं इस समय खेत की जुताई के लिए काम आने वाले हल की ज्यादा ग्रामीण इलाकों में किसान परिवार सहित खेतों में जुटे हुए हैं. कृषि जानकारों के अनुसार समय पर हंकाई और जुताई करने से मिट्टी की संरचना बेहतर होती है, नमी बनी रहती है और खरपतवार नियंत्रण में मदद मिलती है, जिससे फसल उत्पादन में वृद्धि की संभावना बढ़ जाती है. मौसम में बदलाव और तेज हवाओं के बीच किसान जल्द से जल्द अपनी तैयारियां पूरी करने में लगे हैं. लगे हैं, ताकि मानसून की पहली बारिश के साथ ही खरीफ फसलों की बुवाई शुरू की जा सके. About the Author Rupesh Kumar Jaiswal A Delhi University graduate with a postgraduate Diploma in Journalism and Mass Communication, I work as a Content Editor with the Rajasthan team at News18 India Digital. I’m driven by the idea of turning raw in…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Alwar,Alwar,Rajasthan Source link

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Muslim League Controversial slogans: ‘केरल में मुस्लिम लीग तय करेगी कानून’, ‘संविधान...

होमताजा खबरदेश ‘केरल में मुस्लिम लीग तय करेगी कानून’, राहुल के ‘दोस्तों’ की ये कैसी नारेबाजी Last Updated:May 15, 2026, 11:54 IST Muslim League Controversial slogans: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी लगातार आरोप लगाते हैं कि केंद्र और राज्यों में बीजेपी की सरकारें बनने के बाद से देश का संविधान खतरे में है. वहीं दूसरी तरफ केरल में उनकी सहयोगी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) सत्ता संभालने से पहले ही संविधान विरोधी नारेबाजी शुरू कर दी है. इडुक्की जिले के एक जुलूस की सामने आए वीडियो में मुस्लिम लीग के कार्यकर्ता नारेबाजी करते दिखे कि अब केरल में उनका ही कानून चलेगा. केरल में कांग्रेस की सहयोगी मुस्लिम लीग की संविधान विरोधी नारेबाजी. तिरुवंतपुरम: केरल में कांग्रेस की अगुवाई वाली यूडीएफ सरकार का शपथ ग्रहण अभी हुआ भी नहीं है उससे पहले ही सहयोगी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) की हरकतें शुरू हो गई हैं. कांग्रेस की ओर से नई सरकार में वीडी सतीशन को मुख्यमंत्री घोषित किए जाने के बाद IUML ने इडुक्की जिले में जुलूस निकाला, जिसमें भड़काऊ नारे लगाए गए. IUML के नेता और कार्यकर्ता नारे लगाते देखे गए- ‘केरल की जिस धरती पर लीग का राज है, वहां कानून भी लीग ही तय करती है.’ इसके अलावा जुलूस में जातिगत संगठनों के नेताओं को निशाना बनाते हुए अपमानजनक कॉमेंट करते हुए दिखे. विवादित नारेबाजी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. सोशल मीडिया पर IUML की तरफ से इस तरह की गई नारेबाजी की चर्चा इसलिए भी हो रही हैं क्योंकि कांग्रेस नेता राहुल गांधी अक्सर अपने भाषणों में बीजेपी की सरकारों पर आरोप लगाते हैं कि देश में संविधान खतरे में है. अब कांग्रेस की सहयोगी ही केरल में अपना कानून चलाने की नारेबाजी कर रही है. IUML की संविधान के खिलाफ के साथ जातीय विद्वेश वाली नारेबाजी बताया जा रहा है कि जुलूस में पहले वीडी सतीशन की तारीफ नारेबाजी हुई, बाद में नारों में उग्रता दिखने लगी. IUML के नेता और कार्यकर्ता डायरेक्ट नायर सर्विस सोसाइटी (NSS) के प्रमुख सुकुमारन नायर और श्री नारायण धर्म परिपालन (SNDP) योगम के महासचिव वेल्लापल्ली नटेशन को निशाने पर लेते हुए दिखे. नारेबाजी के दौरान सुना गया- ‘यह वेल्लापल्ली कौन है? यह सुकुमारन कौन है? जरा ध्यान से देखो, यह लीग है, पनकड़ की लीग’. उन्होंने वेल्लापल्ली नटेशन के खिलाफ अपमानजनक भाषा का भी प्रयोग किया. कुछ नारों में यह भी कहा गया कि ‘आत्म-सम्मान और अस्तित्व को किसी के भी सामने गिरवी नहीं रखा जा सकता.’ वीडी सतीशन को पहले से सपोर्ट करती रही है मुस्लिम लीग केरल की 140 सदस्यों वाली विधानसभा में मुस्लिम लीग के 22 विधायक चुनाव जीतकर आए हैं. वह कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है. मुस्लिम लीग ने कांग्रेस आलाकमान की ओर से वीडी सतीशन, केसी वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला के बीच मुख्यमंत्री पद पर अंतिम फैसला लेने से पहले ही सार्वजनिक रूप से सतीशन का समर्थन कर दिया था. Source link

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