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भारत का अनोखा शिव मंदिर! देर से पहुंचे तो गायब हो जाती...

Last Updated:June 06, 2026, 22:57 IST गुजरात के भरूच जिले के पास स्थित स्तंभेश्वर महादेव मंदिर भारत के सबसे अनोखे धार्मिक स्थलों में गिना जाता है. इस मंदिर तक पहुंचने वाली सड़क दिन में दो बार समुद्र के पानी में गायब हो जाती है. ज्वार आने पर मंदिर और आसपास का पूरा क्षेत्र पानी में डूब जाता है, जबकि भाटा के समय फिर से दिखाई देने लगता है. एक ऐसा शिव मंदिर, जिसे दिन में दो बार निगल लेता है समुद्र. Surprising News: भारत में एक अनोखा मंदिर है, जहां पहुंचने के लिए समय सबसे ज्यादा मायने रखता है. अगर आप गलत समय पर पहुंचे, तो मंदिर जाने वाली सड़क ही गायब हो जाती है. जी हां, यह हैरान करने वाला नजारा गुजरात के भरूच जिले के किनारे स्थित स्तंभेश्वर महादेव मंदिर का है. यह मंदिर अरब सागर के इतने करीब बना है कि ज्वार आने पर इसकी सड़क और आस-पास का पूरा इलाका पानी में डूब जाता है. जैसे ही पानी उतरता है, सबकुछ एक बार फिर से उभरकर सामने आ जाता है. हर दिन कुछ घंटों के लिए मंदिर सहित आसपास का पूरा इलाका पानी के अंदर लगभग पूरी तरह समा जाता है और फिर वापस आया आ जाता है. यही वजह है कि स्तंभेश्वर महादेव मंदिर भारत के सबसे अनोखे धार्मिक स्थलों में गिना जाता है. गुजरात टूरिज्म के अनुसार, यह मंदिर कवि कम्बोई गांव के पास समुद्र के अंदर लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर बना है. यहां ज्वार-भाटा इतना तेज आता है कि पूरा रास्ता और मंदिर के आस-पास का क्षेत्र पानी में डूब जाता है. समय में हुई चूक, तो हो गई बड़ी गड़बड़जब समुद्र का पानी उतरता है तो भक्त और पर्यटक इस रास्ते से चलकर मंदिर तक पहुंचते हैं. लेकिन जैसे-जैसे पानी चढ़ता है, यही रास्ता, मंदिर का चबूतरा और फिर पूरा ढांचा धीरे-धीरे समुद्र में डूबने लगता है. जब पूरी तरह ज्वार आ जाता है, तब सिर्फ पानी ही पानी दिखता है. उस वक्‍त का नजारा देखकर कोई कह ही नहीं सकता है कि यहां कोई मंदिर भी होगा. स्थानीय लोग पीढ़ियों से यह चमत्कार देखते आ रहे हैं. भगवान शिव और दैत्‍य तारकासुर से जुड़ा है यह मंदिरमान्यता है कि यह स्थान भगवान शिव और दैत्य तारकासुर की कथा से जुड़ा है. हालांकि समुद्र के नमक और पानी से यहां बार-बार टूट-फूट होती है, तब भी सदियों से इसकी मरम्मत और पुनर्निर्माण होता रहा है. इतना ही नहीं, खंभात की खाड़ी में पानी का स्तर बहुत तेजी से बढ़ता है. यहां की फनल के आकार की ज्योग्राफी पानी को इतना बढ़ा देती है कि कुछ ही घंटों में नजारा पूरा बदल जाता है. एक तस्वीर में लोग शांति से मंदिर जाते दिखते हैं, दूसरी में वही जगह पूरी तरह समुद्र होता है. टूरिस्‍ट अट्रैक्‍शन बना गुजरात का यह अनोखा मंदिरअब यह मंदिर एक बड़ा टूरिस्ट अट्रैक्शन बन गया है. सोशल मीडिया पर इसके गायब होने के वीडियोज खूब वायरल होते हैं. गुजरात सरकार भी इसकी अनोखी प्राकृतिक घटना और धार्मिक आस्था के संगम को बढ़ावा दे रही है. लेकिन सबसे खास बात यह है कि यहां कोई बड़े-बड़े गेट या शहरी अजीबो-गरीब ढांचे नहीं हैं. बस लोग किनारे चुपचाप बैठते हैं, समुद्र को बढ़ते और घटते देखते हैं. यहां पूरी तरह प्रकृति ही मालिक है. दिन में दो बार यह अनोखी सड़क गायब हो जाती है, और फिर कुछ घंटों के लिए लौट आती है. About the Author Anoop Kumar MishraAssistant Editor Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at News18 Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international security affairs…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Bharuch,Gujarat Source link

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विदेश में बैठे कुछ लोग सोचते हैं कि… कॉकरोच जनता पार्टी पर...

होमताजा खबरदेश युवा किसी के हाथ की कठपुतली नहीं, कॉकरोच जनता पार्टी पर बरसे नितिन नवीन Last Updated:June 06, 2026, 21:52 IST कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके का ज़िक्र करते हुए नितिन नवीन ने कहा, “विदेश में बैठे कुछ लोग सोचते हैं कि वे भारत के युवाओं को दिशा दे सकते हैं.” रांची में बुद्धिजीवियों के साथ बातचीत के दौरान नवीन ने कहा, “आज के युवा राष्ट्र-निर्माण और अपने भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में काम करना चाहते हैं. लेकिन कुछ ताकतें देश के युवाओं को व्यवस्था-विरोधी बनाने की कोशिश कर रही हैं.” ख़बरें फटाफट नितिन नवीन ने कहा कि कुछ ताकतें देश के युवाओं को व्यवस्था-विरोधी बनाने की कोशिश कर रही हैं. नई दिल्ली. झारखंड दौरे पर पहुंचे भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने शनिवार को उन ताकतों पर तीखा हमला बोला, जो उनके मुताबिक देश के युवाओं को “नकारात्मक राजनीति” की ओर धकेलने की कोशिश कर रही हैं. रांची में बुद्धिजीवियों के साथ संवाद कार्यक्रम के दौरान उन्होंने बिना किसी का नाम लिए कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) पर हमला बोला और कहा कि विदेश में बैठे कुछ लोग यह समझते हैं कि वे भारत के युवाओं को दिशा दे सकते हैं, लेकिन देश का युवा किसी के हाथ की कठपुतली बनने वाला नहीं है. उन्होंने कहा कि आज का भारतीय युवा राष्ट्र निर्माण, इनोवेशन और अपने बेहतर भविष्य पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, जबकि कुछ ताकतें उसे व्यवस्था विरोधी राजनीति की ओर मोड़ने का प्रयास कर रही हैं. नितिन नवीन ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत का युवा नकारात्मकता नहीं, बल्कि सकारात्मक और रचनात्मक राजनीति का रास्ता चुनेगा. बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि विरोध करना लोकतंत्र का अधिकार है, लेकिन यह लोकतांत्रिक मर्यादाओं के भीतर होना चाहिए. उन्होंने दावा किया कि युवाओं की मेहनत और इनोवेशन के कारण देश में लगभग दो लाख स्टार्टअप खड़े हुए हैं और भारत तेजी से वैश्विक आईटी हब बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. उन्होंने पड़ोसी देशों में चले व्यवस्था-विरोधी अभियानों का उल्लेख करते हुए कहा कि इस तरह की राजनीति भारत के युवाओं के हित में नहीं है. उनका कहना था कि भारतीय युवा अनुशासन और समर्पण के साथ देश को विकसित राष्ट्र बनाने में योगदान देना चाहता है. नितिन नवीन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ विजन का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश में व्यापक बदलाव हुए हैं. उन्होंने दावा किया कि 25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी से बाहर आए हैं, 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन मिल रहा है, 54 करोड़ जनधन खाते खोले गए हैं और करोड़ों परिवार विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जुड़े हैं. उन्होंने यह भी कहा कि भारत जल्द ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में वैश्विक केंद्र बनने जा रहा है. साथ ही महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की पार्टी की प्रतिबद्धता भी दोहराई. रांची पहुंचने पर नितिन नवीन का भव्य स्वागत किया गया. उन्होंने बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की और पार्टी के सांसदों, विधायकों तथा कोर कमेटी के सदस्यों के साथ संगठनात्मक बैठकें भी कीं. उनका यह दौरा झारखंड में होने वाले राज्यसभा चुनावों से पहले राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है. About the Author Rakesh Ranjan Kumar राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Jharkhand Source link

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बस जाने वाली ही थी जान, अचानक देवदूत बनकर पहुंचे RPF जवान,...

होमवीडियोदेश बस जाने वाली ही थी जान, अचानक देवदूत बनकर पहुंचे RPF जवान, 2 पैसेंजर्स को मिली नई जिंदगी X बस जाने वाली ही थी जान, अचानक देवदूत बनकर पहुंचे RPF जवान, 2 पैसेंजर्स को मिली नई जिंदगी   गुजरात के वलसाड जिले के वापी रेलवे स्टेशन पर दो अलग-अलग घटनाओं में आरपीएफ जवानों और यात्रियों की सतर्कता ने दो लोगों को मौत के मुंह से बाहर निकाल लिया. पहली घटना में एक युवक चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश के दौरान फिसल गया और ट्रेन व प्लेटफॉर्म के बीच जा गिरा. स्थिति बेहद गंभीर थी, लेकिन ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ जवान ने बिना समय गंवाए उसे खींचकर सुरक्षित बाहर निकाल लिया. वहीं दूसरी घटना में एक महिला चलती ट्रेन से उतरते समय संतुलन खो बैठी. महिला गिरने ही वाली थी कि आसपास मौजूद यात्रियों ने तुरंत उसे पकड़ लिया और सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया. दोनों घटनाएं स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गईं. इन घटनाओं ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सतर्कता और त्वरित कार्रवाई कई बार किसी की जिंदगी बचा सकती है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

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dudhiya maldah mango queen of mithilanchal darbhanga farmer manoj jha cultivation tips

Last Updated:June 06, 2026, 20:04 IST मिथिलांचल के दरभंगा में बड़े पैमाने पर ‘दूधिया मालदह’ आम की बागवानी कर रहे किसान मनोज कुमार झा ने इसके कई दिलचस्प राज खोले हैं. मालदह की ‘क्वीन’ कहा जाने वाला यह आम अपने कागज जैसे पतले छिलके, रेशे रहित पीले गूदे और दूध जैसे गाढ़े-मीठे रस के लिए मशहूर है. इसे छीलते ही रस टपकने लगता है, जिसके चलते दिल्ली-मुंबई से लेकर विदेशों तक इसकी भारी मांग है. मनोज झा ने बताया कि बरसात में 3 साल पुराना पौधा लगाने से 2-3 साल में ही बेहतरीन फल मिलने लगते हैं. पढ़िए इसकी खासियत. दरभंगा: मिथिलांचल को यूं ही आम की राजधानी नहीं कहा जाता. यहां की मिट्टी, हवा और धूप आम को ऐसा स्वाद देती है कि दूर-दूर तक इसकी चर्चा होती है. मिथिला के आमों में भी अगर किसी को राजा का ताज पहनाया जाए तो वो है मालदह. मार्केट में इसके दाम हर साल बने रहते हैं. पतले छिलके और गूदे की भरमार के लिए ये आम पूरे देश में जाना जाता है. लेकिन मालदह की भी एक क्वीन है. जिसके आकार, स्वाद के सामने अन्य आम का स्वाद फेल है. कौन है मालदह की क्वीन?क्या आप जानते हैं कि मालदह की भी एक ‘क्वीन’ है? जी हां, उसे कहते हैं ‘दूधिया मालदह’. स्वाद और क्वालिटी में ये मालदह की सबसे बेस्ट किस्म मानी जाती है. कई जगह इसे लंगड़ा मालदह भी कहा जाता है. दरभंगा के किसान मनोज कुमार झा ने दूधिया मालदह की बागवानी बड़े पैमाने पर लगा रखी है. वे बताते हैं कि ये आम दिखने में सीधा-सादा है, पर स्वाद में बादशाह है. दूधिया मालदह की खासियतइस आम की सबसे बड़ी पहचान इसका कागज जैसा पतला छिलका है. छीलते समय ही रस टपकने लगता है. गूदा पीला, रेशे रहित और इतना मीठा कि एक बार खा लें तो बाकी आम फीके लगेंगे. इसी वजह से इसे दूधिया नाम मिला क्योंकि इसका रस दूध की तरह गाढ़ा और मीठा होता है. आम का राजा मालदह गर्मी की शान है. इसका पौधा बरसात के मौसम में रोपा जाता है. मनोज झा कहते हैं, “हम हमेशा 3 साल पुराना तैयार पौधा लगाने की सलाह देते हैं. तीन साल का पेड़ जल्दी फल देता है और फल की क्वालिटी भी शानदार होती है. नए पौधे में 4-5 साल लग जाते हैं, पर पुराना पेड़ 2-3 साल में ही बाग को महका देता है. मिथिला की पहचानमालदह सिर्फ फल नहीं, मिथिला की पहचान है. इसका पतला छिलका और भरपूर गूदा इसे एक्सपोर्ट क्वालिटी भी बनाता है. दिल्ली, मुंबई से लेकर विदेश तक मिथिला का मालदह डिमांड में रहता है. दूधिया मालदह की बागवानी करके मनोज जैसे किसान न सिर्फ अच्छी कमाई कर रहे हैं, बल्कि मिथिला के आम के राजा की विरासत को भी बचा रहे हैं. जब अगली बार बाजार से आम खरीदें, तो दूधिया मालदह जरूर मांगिएगा पतले छिलके में लिपटी मिठास का असली मजा तभी आएगा. About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Darbhanga,Bihar Source link

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हार के बाद भी अभिषेक को मिला स्टैंडिंग ओवेशन, बागी MLA रिताब्रता...

Last Updated:June 06, 2026, 18:40 IST टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर रिताब्रता बनर्जी हमलवार नजर आए. उन्होंने आरोप लगाया कि TMC विधायकों से 6 मई की बैठक में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए एक पत्र पर हस्ताक्षर करने को कहा गया था, और दावा किया कि उपस्थिति रिकॉर्ड में उन कई सांसदों के नाम भी शामिल किए गए थे जो वहां मौजूद नहीं थे. ख़बरें फटाफट रिताब्रता बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी पर निशाना साधा. (फाइल फोटो) कोलकाता. तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) से निकाले गए विधायक रिताब्रता बनर्जी ने कहा कि हालिया चुनाव में पार्टी की हार के बाद, एक मीटिंग में अभिषेक बनर्जी को ‘स्टैंडिंग ओवेशन’ (खड़े होकर सम्मान देने) का प्रस्ताव पास किया गया था. शनिवार को TMC से निकाले गए MLA रिताब्रता बनर्जी ने पार्टी के अंदर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया और संकेत दिया कि आने वाले दिनों में और नेता बागी गुट में शामिल हो सकते है. साथ ही, उन्होंने हालिया असंतोष की लहर के लिए TMC सांसद अभिषेक बनर्जी को जिम्मेदार ठहराया. CNN-News18 के साथ एक खास इंटरव्यू में उन्होंने कहा, “अभी हमारे साथ 61 MLA हैं, इसलिए 18 जून को विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले (बागी नेताओं की) संख्या में निश्चित रूप से बढ़ोतरी होगी.” उनके ये बयान तब आए जब पार्टी के 80 में से लगभग 60 MLA ने पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता के तौर पर रिताब्रता का समर्थन किया. यह ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी के लिए सबसे बड़ी अंदरूनी चुनौतियों में से एक है. अभिषेक बनर्जी के लिए स्टैंडिंग ओवेशनरिताब्रता ने ममता बनर्जी की आलोचना करने से परहेज किया, लेकिन TMC के अंदरूनी विद्रोह के मुख्य कारण के तौर पर अभिषेक को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा कि हालिया चुनाव में पार्टी की हार के बाद, 6 मई को ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास पर हुई एक मीटिंग में अभिषेक को ‘स्टैंडिंग ओवेशन’ देने का प्रस्ताव पास किया गया था. उन्होंने कहा, “यह भी कहा गया कि TMC चुनाव नहीं हारी. सभी से अभिषेक बनर्जी को ‘स्टैंडिंग ओवेशन’ देने के लिए कहा गया. हो सकता है कि हमने पूछा हो कि आप (अभिषेक) कहां थे, लेकिन मुझमें उसका विरोध करने की हिम्मत या क्षमता नहीं थी, इसलिए मैं भी खड़ा हुआ, लेकिन वह पूरी तरह से ‘स्टैंडिंग ओवेशन’ नहीं था.” उन्होंने अभिषेक बनर्जी पर यह आरोप भी लगाया कि उन्होंने पार्टी के विधायकों की मंज़ूरी के बिना पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता को मान्यता दिलाने के लिए पत्र भेजा और विधानसभा अध्यक्ष को जाली दस्तावेज़ सौंपे. About the Author Rakesh Ranjan Kumar राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Kolkata,West Bengal Source link

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Ashwini Vaishnaw | cm suvendu adhikari-kolkata metro | bullet train infrastructure bengal...

होमताजा खबरwest bengalKolkata बंगाल में दौड़ेगी बुलेट और मेट्रो ट्रेनें! सुवेंदु -वैष्णव की जोड़ी का कमाल Last Updated:June 06, 2026, 18:03 IST Ashwini Vaishnaw Suvendu Adhikari Meeting : पश्चिम बंगाल के राजनीतिक इतिहास में पहली बार रेलवे बोर्ड के आला अधिकारी लंबित मुद्दों को सुलझाने सीधे नवान्न पहुंचे हैं. केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्य सचिवालय नवान्न में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से मुलाकात की. साल 2026 के बड़े राजनीतिक उलटफेर के बाद बंगाल में ₹1 लाख करोड़ से अधिक की रुकी हुई रेल परियोजनाओं को रफ्तार मिलने जा रही है. बंगाल को रेलवे ने दी बड़ी सौगात. कोलकाता. पश्चिम बंगाल के प्रशासनिक और राजनीतिक इतिहास में शनिवार को अहम दिन साबित हुआ. अब तक केंद्र सरकार के साथ असहयोग और राजनीतिक टकराव के लिए चर्चित रहे राज्य सचिवालय ‘नवान्न’ में एक अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिला. भारतीय रेल के इतिहास में शायद यह पहली बार हुआ है जब पूरा का पूरा रेलवे बोर्ड सभी लंबित रेल परियोजनाओं और जमीन अधिग्रहण से जुड़े विवादों को मौके पर ही निपटाने के लिए सीधे बंगाल की धरती पर उतर आया है. केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नवान्न सभाघर में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की, जो यह साफ संकेत देती है कि साल 2026 के सत्ता परिवर्तन ने राज्य और केंद्र के रिश्तों को पूरी तरह बदल कर रख दिया है. बैठक के बाद आयोजित एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की जमकर तारीफ की और कहा कि बंगाल को वर्षों के कुशासन और विकास विरोधी राजनीति से मुक्ति मिल चुकी है. उन्होंने घोषणा की कि वर्तमान में पश्चिम बंगाल में 1 लाख करोड़ रुपये से भी अधिक की लागत वाली विभिन्न रेलवे और बुनियादी ढांचा परियोजनाएं चल रही हैं, जो ममता बनर्जी सरकार के असहयोग और अदालती अड़ंगों के कारण कछुआ गति से चल रही थीं. अब उन सभी रुकावटों को दूर कर दिया गया है. केंद्रीय रेल मंत्री ने सीएम सुवेंदु के साथ मुलाकात कर कोलकाता मेट्रो को लेकर एक बेहद बड़ा और महत्वाकांक्षी एलान किया. कोलकाता मेट्रो का कायाकल्प केंद्रीय रेल मंत्री ने कोलकाता मेट्रो को लेकर एक बेहद बड़ा और महत्वाकांक्षी एलान किया. उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार कोलकाता मेट्रो नेटवर्क को पूरी तरह आधुनिक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, क्योंकि यह देश का इकलौता ऐसा मेट्रो सिस्टम है जिसे सीधे भारतीय रेलवे संचालित करती है. आगामी पांच वर्षों के भीतर कोलकाता मेट्रो के बेड़े में 60 अत्याधुनिक और नेक्स्ट-जेनरेशन (Next-Generation) ट्रेनें शामिल की जाएंगी. रेल मंत्री ने बंगाल को क्या-क्या दिया? अश्विनी वैष्णव ने आंकड़ों के जरिए पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बंगाल में 42 साल के शासन में महज 28 किलोमीटर मेट्रो लाइन का निर्माण हुआ था, जबकि साल 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आने के बाद पिछले कुछ वर्षों में ही 45 किलोमीटर से अधिक का नया मेट्रो नेटवर्क जोड़ दिया गया है. उन्होंने चिंगरीघाटा प्रोजेक्ट का उदाहरण देते हुए कहा कि कैसे पिछली सरकार विकास कार्यों को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक चली गई थी. मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने रेल मंत्री के साथ इस समन्वय को बंगाल के आम नागरिकों के लिए एक बड़ा वरदान बताया. (Photo made with AI) अब ‘वार-वार’ नहीं, विकास की बारी मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने रेल मंत्री के साथ इस समन्वय को बंगाल के आम नागरिकों के लिए एक बड़ा वरदान बताया. उन्होंने साफ कहा कि पहले की टीएमसी सरकार के समय केंद्र और राज्य के बीच हमेशा “युद्ध जैसी स्थिति” बनी रहती थी, जिसके कारण बंगाल का विकास पूरी तरह ठप हो गया था. सुवेंदु ने कहा- “जैसे हमारी सरकार ने कैबिनेट की पहली ही बैठक में देश की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सीमा सुरक्षा बल को तारबंदी के लिए जमीन सौंपने का ऐतिहासिक फैसला किया, ठीक उसी तरह हम रेलवे के सभी पेंडिंग प्रोजेक्ट्स के लिए भी तुरंत भूमि उपलब्ध कराएंगे. मैंने सभी जिलाधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे एक निश्चित समय-सीमा (Land Handover Calendar) तैयार करें ताकि रेलवे को प्रोजेक्ट्स पूरे करने में कोई देरी न हो. अब बंगाल का हर जिला रेल मानचित्र से जुड़ेगा.” Never ever such has happened anywhere but today, WHOLE Railway Board has come down to Bengal to address all pending issues. Bengal so far has been a hostile State with no coordination at Central level, but 2026 changed everything. Union Min. @AshwiniVaishnaw at Nabanna now. pic.twitter.com/kBMa76ut5K Source link

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Kal Ka Mausam Live Updates। Monsoon Status Today। दिल्‍ली-UP-मध्‍य प्रदेश… 11 राज्‍यों...

होमताजा खबरदेश दिल्‍ली-UP-मध्‍य प्रदेश… 11 राज्‍यों में कल चिलचिलाती लू के लिए रहें तैयार Last Updated:June 06, 2026, 16:47 IST Kal ka Mausam Live Updates: दक्षिण-पश्चिम मानसून 2026 ने रफ्तार पकड़ ली है. इसने गोवा, कर्नाटक, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश के अधिकांश हिस्सों को कवर कर लिया है. आईएमडी के अनुसार, केरल, कर्नाटक और पूर्वोत्तर भारत में अगले सात दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश (7-20 सेमी) का अलर्ट है. इसके उलट दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में कल का मौसम गर्म रहेगा और 8 जून से तापमान बढ़ने के साथ दोबारा हीटवेव का प्रकोप शुरू हो सकता है. उत्‍तर भारत में गर्मी लगातार बढ़ने वाली है. (File Photo) नई दिल्‍ली. एक तरफ देश के दक्षिणी हिस्से में मानसून झमाझम बरस रहा है तो दूसरी तरफ उत्तर और मध्य भारत के एक बहुत बड़े हिस्से के लिए साक्षात अग्निकाल की शुरुआत होने जा रही है. अगर आप सोच रहे हैं कि जून की इस झुलसाती गर्मी से जल्द राहत मिलेगी तो संभल जाइए क्योंकि मौसम विभाग की ताजा चेतावनी रोंगटे खड़े कर देने वाली है. दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और पंजाब समेत देश के 11 राज्यों पर सूरज देवता का महा-प्रकोप टूटने वाला है. आईएमडी (IMD) की मानें तो आने वाले कुछ दिन इन राज्यों के लिए किसी भट्टी जैसे उबलने वाले साबित होंगे. कल का मौसम तो ऐसा डराने वाला हो सकता है. दोपहर के वक्त घरों से बाहर कदम रखना खुद को आग के हवाले करने जैसा होगा. चिलचिलाती धूप और थपेड़े मारती कातिल लू आम जनजीवन की ऐसी बैंड बजाने वाली है, जिसकी कल्पना मात्र से बदन झुलसने लगता है. आसमान से बरसती इस आग के बीच आइए जानते हैं कि आपके राज्य में कल मौसम कैसा रहने वाला है. दक्षिण-पश्चिम मानसून 2026 अपनी रफ्तार पकड़ चुका है और देश के एक बड़े हिस्से को अपने आगोश में ले लिया है. कहीं काले बादलों का डेरा है तो कहीं गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश ने दस्तक दे दी है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ताजा चेतावनी के मुताबिक आने वाले कुछ दिन देश के कई राज्यों के लिए बेहद संवेदनशील होने वाले हैं. आज के मौसम की स्थिति तो आप देख ही चुके हैं. अब आपके जेहन में यही सवाल है कि कल का मौसम कैसा करवट लेगा? क्या आसमान से राहत की बूंदें बरसेंगी या फिर भारी बारिश आफत बनकर टूटेगी? आइए जानते हैं कि दिल्‍ली-एनसीआर सहित यूपी, बिहार, मध्‍य प्रदेश और राजस्‍थान में मौसम कैसा रहने वाला है और देश में मानसून की क्या स्थिति है? कल के मौसम से जुड़ी 5 मुख्य बातें • तेजी से आगे बढ़ता मानसून: दक्षिण-पश्चिम मानसून ने गोवा, कर्नाटक, तमिलनाडु के अधिकांश भागों और महाराष्ट्र-आंध्र प्रदेश के कुछ और हिस्सों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा दी है.• भारी बारिश का अलर्ट: अगले 7 दिनों के दौरान केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर भारत में 7 से 20 सेमी तक भारी से बहुत भारी वर्षा होने की प्रबल संभावना है.• उत्तर भारत में बढ़ेगा पारा: उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में 11 जून तक अधिकतम तापमान में 4-6°C की बढ़ोतरी होने की आशंका जताई गई है.• अंडमान में थंडरस्कॉल: अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं (थंडरस्कॉल) की चेतावनी जारी की गई है.• हीटवेव की वापसी: पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान के कुछ इलाकों में 8 जून से एक बार फिर हीटवेव का प्रकोप देखने को मिल सकता है. मानसून की वर्तमान स्थिति • मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) फिलहाल देवगढ़, कोप्पल, अनंतपुरमु, चेन्नई और आइजोल से होकर गुजर रही है.• अगले 2-3 दिनों में मानसून के महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश के बचे हुए हिस्सों और तेलंगाना में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं.• इसके बाद के 4-5 दिनों में मानसून छत्तीसगढ़, ओडिशा और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ हिस्सों में दस्तक दे देगा. About the Author Sandeep GuptaChief Sub Editor डिजिटल पत्रकारिता में खबरों की गहरी समझ रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. 16 वर्षों से सुदीर्घ पत्रकारीय सफर में इन्होंने अपनी कलम से जटिल विषयों को …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi Source link

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Bharatpur News | बिना AC-कूलर भी ठंडा रहता है यह घर, मिट्टी-गोबर...

Last Updated:June 06, 2026, 16:00 IST Bharatpur Man Desi Jugaad AC Cooler : भरतपुर में एक किसान द्वारा तैयार किया गया देसी और प्राकृतिक घर इन दिनों लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है. घास-फूस, मिट्टी, बांस, लकड़ी और गाय के गोबर से बने इस घर की सबसे बड़ी खासियत इसकी प्राकृतिक ठंडक है. भीषण गर्मी के मौसम में भी घर के अंदर का वातावरण सामान्य और आरामदायक बना रहता है, जबकि इसके लिए किसी AC या कूलर की जरूरत नहीं पड़ती. घर के मालिक कमल ने इसे पारंपरिक राजस्थानी निर्माण शैली को जीवित रखने के उद्देश्य से अपने खेतों के बीच बनाया है. नियमित गोबर लिपाई और प्राकृतिक सामग्री के उपयोग से यह घर पर्यावरण के अनुकूल भी है. आसपास के लोग और पर्यटक इस घर को देखने पहुंच रहे हैं और इसकी ठंडक का अनुभव कर रहे हैं. आधुनिक कंक्रीट के घरों के बीच यह अनोखा प्रयोग लोगों को प्रकृति के करीब रहने, कम लागत में बेहतर आवास बनाने और पारंपरिक ज्ञान की उपयोगिता को समझने का संदेश दे रहा है. भरतपुर. भरतपुर के कमल ने पारंपरिक और प्राकृतिक तकनीकों का उपयोग करते हुए ऐसा घर तैयार किया है, जो इन दिनों खासकर गर्मियों में चर्चा का विषय बना हुआ है. आधुनिक कंक्रीट के घरों के बीच यह देसी शैली का घर लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है. इस घर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे पूरी तरह प्राकृतिक संसाधनों से तैयार किया गया है, जिससे अंदर का तापमान स्वाभाविक रूप से ठंडा बना रहता है. आज जब लोग गर्मी से राहत पाने के लिए एयर कंडीशनर और कूलर पर निर्भर होते जा रहे हैं, वहीं कमल का यह घर बिना किसी आधुनिक उपकरण के ठंडक का अहसास कराता है. प्राकृतिक सामग्री से तैयार यह घर न केवल पर्यावरण के अनुकूल है, बल्कि पारंपरिक निर्माण शैली की उपयोगिता को भी सामने लाता है. यही वजह है कि यह घर आसपास के लोगों के साथ-साथ पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है. देसी तकनीक से तैयार हुआ अनोखा घरइस अनोखे घर की दीवारें घास-फूस और मिट्टी से बनाई गई हैं, जबकि पूरे घर को नियमित रूप से गाय के गोबर से लीपा जाता है. ग्रामीण परंपरा में गोबर से लिपाई को केवल स्वच्छता का प्रतीक ही नहीं माना जाता, बल्कि यह तापमान संतुलित रखने में भी काफी प्रभावी मानी जाती है. यही कारण है कि भीषण गर्मी के बावजूद घर के अंदर ठंडक और सुकून का माहौल बना रहता है. घर का निर्माण बांस और लकड़ी की मदद से किया गया है, जिससे यह पूरी तरह इको-फ्रेंडली बन गया है. इस तरह की निर्माण शैली न केवल पर्यावरण के अनुकूल है, बल्कि कम लागत में भी तैयार हो जाती है. यही वजह है कि यह घर आधुनिक निर्माण तकनीकों के मुकाबले अधिक प्राकृतिक और स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित माना जा रहा है. पारंपरिक संस्कृति को जीवित रखने की पहलकमल ने यह घर अपने खेतों के बीच तैयार किया है, जहां शहर की भागदौड़ और प्रदूषण से दूर शुद्ध वातावरण मिलता है. उनका कहना है कि उन्होंने पारंपरिक राजस्थानी संस्कृति और देसी तकनीक को जीवित रखने के उद्देश्य से यह घर बनाया है. उनका मानना है कि पुराने समय की निर्माण शैली आज भी उतनी ही कारगर है, जितनी पहले हुआ करती थी. यही कारण है कि उनका यह प्रयोग धीरे-धीरे लोगों के बीच चर्चा का विषय बन रहा है. आसपास के लोग इस घर को देखने पहुंच रहे हैं और इसकी बनावट के साथ-साथ प्राकृतिक ठंडक को भी महसूस कर रहे हैं. यह घर केवल गर्मियों में राहत देने का माध्यम नहीं है, बल्कि लोगों को प्रकृति के करीब रहने और पारंपरिक जीवनशैली को अपनाने का संदेश भी दे रहा है. About the Author Anand Pandey आनंद पाण्डेय वर्तमान में News18 हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए उन्होंने राजनीति, अपराध और लाइफ…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Bharatpur,Bharatpur,Rajasthan Source link

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पाकिस्तानी आतंकवादी के संपर्क में थे कर्नाटक के युवक, गिरफ्तारी से साजिश...

होमताजा खबरदेश पाकिस्तानी आतंकवादी के संपर्क में थे कर्नाटक के युवक, साजिश का खुलासा Last Updated:June 06, 2026, 14:59 IST कर्नाटक के तुमकुरु में अल्लाबाकाश और जमीर खान गिरफ्तार किया है. पाक आतंकवादी राणा उमर से सोशल मीडिया पर संपर्क थे. यूएपीए के तहत केस दर्ज किया गया है. इस तरह कट्टरपंथी नेटवर्क की साजिश उजागर हुआ है. संगठित नेटवर्क बनाने की तैयारी में था. तुमकुरु. कर्नाटक के तुमकुरु पुलिस ने श्रीरामनगर निवासी अल्लाबाकाश और दावणगेरे के राजमिस्त्री जमीर खान को गिरफ्तार किया है. दोनों पर सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तान स्थित एक व्यक्ति के साथ कथित तौर पर संपर्क बनाए रखने के आरोप है. जांच में पता चला है कि इन युवकों ने देश के खिलाफ अन्य लोगों को संगठित करने और विघटनकारी गतिविधियां करने का प्रयास किया था. पुलिस ने बताया कि ये लोग भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता के लिए हानिकारक गतिविधियों में शामिल थे. गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत गिरफ्तारियां की गईं. केंद्रीय खुफिया एजेंसियों से मिली पुष्ट सूचनाओं के आधार पर तुमकुरु शहर पुलिस ने इस गिरोह का भंडाफोड़ किया. सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान स्थित मोस्ट वांटेड आतंकवादी राणा उमर आरोपियों का हैंडलर था. आरोपियों के माध्यम से पाकिस्तानी हैंडलर क्षेत्र में सफलतापूर्वक एक संगठित नेटवर्क बना रहा था. पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई 4 जून को मिली सूचना के आधार पर शुरू की गई थी. क्याथासंद्रा पुलिस ने अल्लाबख्श के मोबाइल फोन की जांच की. पूछताछ के दौरान, पुलिस को पता चला कि वह कथित तौर पर इंस्टाग्राम के माध्यम से पाकिस्तान स्थित राणा भाई नामक व्यक्ति से हिंदी में बातचीत कर रहा था.जांच अधिकारी ने बताया कि बातचीत में कथित तौर पर युवाओं को संगठित करने के प्रयास और देश में शांति भंग करने के उद्देश्य से विघटनकारी गतिविधियों को अंजाम देने से संबंधित चर्चाएं शामिल थीं.राणा वर्तमान में भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसियों द्वारा सबसे वांछित अपराधियों की सूची में शामिल है. जांचकर्ताओं के अनुसार, पाकिस्तान स्थित इस आतंकवादी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से भारत के कई भोले-भाले युवाओं से संपर्क किया था और विध्वंसक गतिविधियों को अंजाम देने के लिए एक संगठन बनाने का प्रयास कर रहा था. जांच के आधार पर, तुमकुरु टाउन पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया. पुलिस ने बताया कि ज़मीर खान गिरफ्तारी से पहले फरार था. पुलिस सूत्रों ने बताया कि मात्र 20 दिनों में हुई बातचीत की प्रकृति को देखते हुए गिरफ्तारी से कई गंभीर सवाल उठते हैं. जांच में पता चला है कि आरोपियों को व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से प्रभावित किया जा रहा था, जहां आतंकवादी ने कथित तौर पर समुदाय में एकता को बढ़ावा देने के बहाने सदस्यों को कट्टरपंथी बनाने का प्रयास किया About the Author Sharad Pandeyविशेष संवाददाता करीब 20 साल का पत्रकारिता का अनुभव है. नेटवर्क 18 से जुड़ने से पहले कई अखबारों के नेशनल ब्‍यूरो में काम कर चुके हैं. रेलवे, एविएशन, रोड ट्रांसपोर्ट और एग्रीकल्चर जैसी महत्वपूर्ण बीट्स पर रिपोर्टिंग की. कैंब्रिज…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

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West Bengal Bullet Train : बंगाल में दौड़ेगी बुलेट ट्रेन, लखनऊ-पटना होते...

होमताजा खबरदेश बंगाल में दौड़ेगी बुलेट ट्रेन, लखनऊ-पटना होते हुए पहुंचेगी चिकन नेक Last Updated:June 06, 2026, 13:55 IST West Bengal Bullet Train: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पश्चिम बंगाल के लिए कई बड़ी रेलवे परियोजनाओं का ऐलान किया है. इस दौरान उन्होंने कहा कि राज्य को जल्द ही बुलेट ट्रेन की सौगात मिलेगी. उन्होंने बताया कि यह प्रस्तावित हाईस्पीड रेल कॉरिडोर दिल्ली से सिलीगुड़ी तक जाएगा और इसके रास्ते में लखनऊ, वाराणसी और पटना जैसे प्रमुख शहर शामिल होंगे. इस बुलेट ट्रेन के शुरू होने के बाद दिल्ली से सिलीगुड़ी की यात्रा महज छह घंटे में पूरी की जा सकेगी. केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के लिए कई बड़ी रेलवे परियोजनाओं का ऐलान किया है. पश्चिम बंगाल को जल्द ही बुलेट ट्रेन की सौगात मिलने वाली है. केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के लिए कई बड़ी रेलवे परियोजनाओं का ऐलान किया है. उन्होंने बताया कि प्रस्तावित हाईस्पीड रेल कॉरिडोर दिल्ली से सिलीगुड़ी तक जाएगा और इसके रास्ते में लखनऊ, वाराणसी और पटना जैसे प्रमुख शहर शामिल होंगे. इस बुलेट ट्रेन के शुरू होने के बाद दिल्ली से सिलीगुड़ी की यात्रा महज छह घंटे में पूरी की जा सकेगी. यह पहला मौका था, जब अश्विनी वैष्णव के साथ पूरा रेलवे बोर्ड कोलकाता दौरे पर पहुंचा और सभी पेंडिंग प्रोजेक्ट को तेजी से आगे बढ़ाने चर्चा की. इस मौके पर रेल मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल में रेलवे ढांचे को मजबूत करने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश किया जा रहा है. उन्होंने दावा किया कि यूपीए सरकार के समय राज्य के रेलवे विकास के लिए जहां करीब 4,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे, वहीं मौजूदा सरकार ने यह राशि बढ़ाकर 14,205 करोड़ रुपये कर दी है. अब तेजी से बढ़ेगा रेल प्रोजेक्ट का काम वैष्णव ने कहा कि लंबे समय तक कई रेलवे परियोजनाएं प्रशासनिक मंजूरी और भूमि संबंधी अड़चनों के कारण अटकी रहीं. कुछ मामलों में विवाद अदालतों तक पहुंच गए थे. उन्होंने कहा कि अब इन बाधाओं को दूर कर परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा. Never ever such has happened anywhere but today, WHOLE Railway Board has come down to Bengal to address all pending issues. Bengal so far has been a hostile State with no coordination at Central level, but 2026 changed everything. Union Min. @AshwiniVaishnaw at Nabanna now. pic.twitter.com/kBMa76ut5K Source link

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