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West Bengal Bullet Train : बंगाल में दौड़ेगी बुलेट ट्रेन, लखनऊ-पटना होते...

होमताजा खबरदेश बंगाल में दौड़ेगी बुलेट ट्रेन, लखनऊ-पटना होते हुए पहुंचेगी चिकन नेक Last Updated:June 06, 2026, 13:55 IST West Bengal Bullet Train: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पश्चिम बंगाल के लिए कई बड़ी रेलवे परियोजनाओं का ऐलान किया है. इस दौरान उन्होंने कहा कि राज्य को जल्द ही बुलेट ट्रेन की सौगात मिलेगी. उन्होंने बताया कि यह प्रस्तावित हाईस्पीड रेल कॉरिडोर दिल्ली से सिलीगुड़ी तक जाएगा और इसके रास्ते में लखनऊ, वाराणसी और पटना जैसे प्रमुख शहर शामिल होंगे. इस बुलेट ट्रेन के शुरू होने के बाद दिल्ली से सिलीगुड़ी की यात्रा महज छह घंटे में पूरी की जा सकेगी. केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के लिए कई बड़ी रेलवे परियोजनाओं का ऐलान किया है. पश्चिम बंगाल को जल्द ही बुलेट ट्रेन की सौगात मिलने वाली है. केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के लिए कई बड़ी रेलवे परियोजनाओं का ऐलान किया है. उन्होंने बताया कि प्रस्तावित हाईस्पीड रेल कॉरिडोर दिल्ली से सिलीगुड़ी तक जाएगा और इसके रास्ते में लखनऊ, वाराणसी और पटना जैसे प्रमुख शहर शामिल होंगे. इस बुलेट ट्रेन के शुरू होने के बाद दिल्ली से सिलीगुड़ी की यात्रा महज छह घंटे में पूरी की जा सकेगी. यह पहला मौका था, जब अश्विनी वैष्णव के साथ पूरा रेलवे बोर्ड कोलकाता दौरे पर पहुंचा और सभी पेंडिंग प्रोजेक्ट को तेजी से आगे बढ़ाने चर्चा की. इस मौके पर रेल मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल में रेलवे ढांचे को मजबूत करने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश किया जा रहा है. उन्होंने दावा किया कि यूपीए सरकार के समय राज्य के रेलवे विकास के लिए जहां करीब 4,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे, वहीं मौजूदा सरकार ने यह राशि बढ़ाकर 14,205 करोड़ रुपये कर दी है. अब तेजी से बढ़ेगा रेल प्रोजेक्ट का काम वैष्णव ने कहा कि लंबे समय तक कई रेलवे परियोजनाएं प्रशासनिक मंजूरी और भूमि संबंधी अड़चनों के कारण अटकी रहीं. कुछ मामलों में विवाद अदालतों तक पहुंच गए थे. उन्होंने कहा कि अब इन बाधाओं को दूर कर परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा. Never ever such has happened anywhere but today, WHOLE Railway Board has come down to Bengal to address all pending issues. Bengal so far has been a hostile State with no coordination at Central level, but 2026 changed everything. Union Min. @AshwiniVaishnaw at Nabanna now. pic.twitter.com/kBMa76ut5K Source link

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पर्यावरण दिवस पर गाजीपुर में पौधारोपण की हकीकत, दम तोड़ रहे पौधे...

Last Updated:June 06, 2026, 12:45 IST विश्व पर्यावरण दिवस पर हर साल करोड़ों पौधे लगाने के दावे किए जाते हैं और सरकारी रिकॉर्ड में हरित अभियान की सफलता की लंबी कहानियां भी दर्ज होती हैं, लेकिन गाजीपुर में जमीनी हकीकत इन दावों से काफी अलग दिखाई दे रही है. पौधारोपण पर लाखों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद कई पौधे पर्याप्त देखभाल के अभाव में दम तोड़ रहे हैं, जबकि उनकी सुरक्षा के लिए लगाए गए ट्री गार्ड भी टूट-फूटकर बेकार हो चुके हैं. गाजीपुरः विश्व पर्यावरण दिवस पर हर साल करोड़ों पौधे लगाने के दावे किए जाते हैं और सरकारी रिकॉर्ड में हरित अभियान की सफलता की लंबी कहानियां भी दर्ज होती हैं, लेकिन गाजीपुर में जमीनी हकीकत इन दावों से काफी अलग दिखाई दे रही है. पौधारोपण पर लाखों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद कई पौधे पर्याप्त देखभाल के अभाव में दम तोड़ रहे हैं, जबकि उनकी सुरक्षा के लिए लगाए गए ट्री गार्ड भी टूट-फूटकर बेकार हो चुके हैं. इस स्थिति की पड़ताल करने के लिए लोकल 18 की टीम आरटीआई चौराहा से मेडिकल कॉलेज रोड तक पहुंची, जहां सड़क किनारे लगाए गए पौधों की हालत कई सवाल खड़े करती नजर आई. निरीक्षण के दौरान दर्जनों ऐसे पौधे मिले जिनके ट्री गार्ड टूट चुके थे. कई स्थानों पर ट्री गार्ड तो मौजूद थे लेकिन उनकी जाली गायब थी। कुछ पौधे झुके हुए मिले तो कई की शाखाएं टूट चुकी थीं. ट्री गार्ड टूटे-फूटे मिले सड़क किनारे लगे पौधों के आसपास गंदगी और कचरे का ढेर भी दिखाई दिया. हालात ऐसे हैं कि पेड़ों से ज्यादा उनके ट्री गार्ड संरक्षण की मांग करते नजर आ रहे हैं. करीब 20 से 25 ऐसे पौधे मिले जिनके ट्री गार्ड पूरी तरह क्षतिग्रस्त थे या उनकी सुरक्षा व्यवस्था नदारद थी. स्थानीय लोगों का कहना है कि पौधारोपण के समय विभागीय अधिकारी और कर्मचारी सक्रिय दिखाई देते हैं, लेकिन बाद में पौधों की देखभाल और निगरानी लगभग बंद हो जाती है. गर्मी के मौसम में पानी देने और पौधों को बचाने की जिम्मेदारी अक्सर स्थानीय नागरिकों पर आ जाती है. महराजगंज निवासी हरिवंश यादव ने लोकल 18 से बताया कि हर साल बड़ी संख्या में पौधे लगाए जाते हैं, लेकिन उनकी देखभाल नहीं होती. उन्होंने कहा कि कई जगह ट्री गार्ड तक नहीं लगाए गए हैं. स्थानीय लोग खुद पौधों को पानी देकर उन्हें बचाने की कोशिश करते हैं. यदि लोग ध्यान न दें तो कई पौधे सूख सकते हैं. पौधे बड़े होकर दें छाया तभी सफलता उन्होंने यह भी कहा कि केवल पौधों की संख्या बढ़ाने से पर्यावरण संरक्षण का उद्देश्य पूरा नहीं होगा. असली सफलता तब मानी जाएगी जब लगाए गए पौधे सुरक्षित रहकर बड़े पेड़ों का रूप लें और लोगों को छाया, स्वच्छ हवा तथा पर्यावरणीय लाभ प्रदान करें. विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सबसे बड़ा सवाल यही है कि पौधारोपण के बाद उनकी देखभाल और संरक्षण की जिम्मेदारी कौन तय करेगा. जब तक पौधों के रखरखाव की जवाबदेही सुनिश्चित नहीं होगी, तब तक करोड़ों पौधे लगाने के दावे केवल कागजों तक सीमित रह जाएंगे. About the Author Rajneesh Kumar Yadav मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ghazipur,Uttar Pradesh Source link

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Hyderabad News | हैदराबाद पाटनचेरु में काकतीय दौर का प्राचीन पत्थर मंडप...

Last Updated:June 06, 2026, 11:27 IST Hyderabad News : हैदराबाद के पाटनचेरु में काकतीय दौर का माने जाने वाला प्राचीन पत्थर मंडप आधुनिक इमारतों के बीच खड़ा, इतिहास प्रेमी संरक्षण और पुरातत्व जांच की मांग कर रहे हैं. शहरी चकाचौंध और संकरी गलियों के बीच छिपे इस मंडप पर आमतौर पर राहगीरों की नजर नहीं पड़ती. हालांकि इसकी नक्काशीदार बनावट, मजबूत खंभे और विशाल काले पत्थर इसके गौरवशाली अतीत की गवाही देते हैं. हैदराबाद. तेजी से कंक्रीट के जंगल में बदलते शहरी इलाकों के बीच अक्सर हमारा इतिहास कहीं न कहीं दबकर रह जाता है. ऐसा ही एक मामला हैदराबाद के बाहरी क्षेत्र पाटनचेरु से सामने आया है, जहां आधुनिक बहुमंजिला इमारतों और व्यावसायिक निर्माणों के बीच एक प्राचीन पत्थर का मंडप आज भी अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहा है. इस ऐतिहासिक संरचना को देखने के बाद स्थानीय लोगों और इतिहास प्रेमियों की दिलचस्पी भी बढ़ी है, वहीं इसके संरक्षण को लेकर चिंता भी जताई जा रही है. शहर की भागदौड़ और आधुनिक विकास के बीच खड़ा यह मंडप बीते समय की वास्तुकला और शिल्पकला की झलक पेश करता है. आसपास तेजी से बदलते परिवेश के बावजूद इसकी मजबूत संरचना अब भी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रही है. इतिहास से जुड़े लोगों का मानना है कि ऐसी धरोहरें केवल पत्थरों का ढांचा नहीं होतीं, बल्कि किसी क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान और विरासत की कहानी भी अपने भीतर समेटे रहती हैं. प्राचीन वास्तुकला की झलक दिखाता है मंडपशहरी चकाचौंध और संकरी गलियों के बीच छिपे इस मंडप पर आमतौर पर राहगीरों की नजर नहीं पड़ती. हालांकि इसकी नक्काशीदार बनावट, मजबूत खंभे और विशाल काले पत्थर इसके गौरवशाली अतीत की गवाही देते हैं. इसकी वास्तुकला को देखकर कई इतिहास प्रेमी और जानकार मानते हैं कि यह संरचना काकतीय राजवंश के दौर की हो सकती है, जो अपनी उत्कृष्ट पत्थर कला और स्थापत्य शैली के लिए प्रसिद्ध रहा है. स्थानीय स्तर पर यह भी माना जाता है कि यह किसी बड़े प्राचीन मंदिर परिसर का हिस्सा रहा होगा. समय के साथ मुख्य मंदिर नष्ट हो गया, लेकिन यह मंडप आज भी सुरक्षित खड़ा है. कुछ लोग इसे श्री राम वसंत मंडपम के नाम से भी जोड़कर देखते हैं. संरक्षण की मांग हुई तेजइस ऐतिहासिक संरचना की स्थिति ने एक बार फिर विकास और विरासत संरक्षण के बीच संतुलन को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. इतिहास प्रेमियों का कहना है कि यदि समय रहते इस धरोहर की ओर ध्यान नहीं दिया गया, तो बढ़ते शहरी विस्तार और अतिक्रमण के कारण इसका अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है. उनका मानना है कि पुरातत्व विभाग को इसकी ऐतिहासिक प्रामाणिकता की जांच करानी चाहिए और इसके वास्तविक इतिहास को सामने लाना चाहिए. साथ ही इसे संरक्षित धरोहर घोषित कर इसके संरक्षण और जीर्णोद्धार की दिशा में आवश्यक कदम उठाने चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इस ऐतिहासिक विरासत को देख और समझ सकें. About the Author Anand Pandey आनंद पाण्डेय वर्तमान में News18 हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए उन्होंने राजनीति, अपराध और लाइफ…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Jaipur,Jaipur,Rajasthan Source link

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CJP protest Live: कॉकरोच जनता पार्टी को प्रदर्शन के लिए मिली मंजूरी,...

CJP protest Live: दिल्ली का जंतर-मंतर आज एक अलग तरह के प्रदर्शन का गवाह बनने जा रहा है. सोशल मीडिया पर तेजी से लोकप्रिय हुई कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ बड़ा आंदोलन छेड़ दिया है. पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके सुबह दिल्ली पहुंच गए और आते ही समर्थकों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील की. उन्होंने कहा कि प्रदर्शन संविधान की मर्यादा में रहकर होगा. दीपके ने लोगों से किताब और तिरंगा लेकर आने की अपील की है. साथ ही पुलिसकर्मियों को फूल देने की भी बात कही गई है. प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा NEET, CUET, CBSE और SSC GD जैसी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियां और पेपर लीक हैं. CJP लगातार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है. अभिजीत दीपके ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, ‘मैं दिल्ली पहुंच चुका हूं. जंतर-मंतर पर आप सभी से मिलने का इंतजार है. अपने साथ एक किताब और तिरंगा जरूर लेकर आएं. पुलिसकर्मियों को सम्मान और करुणा के प्रतीक के रूप में फूल दें. हमें इस आंदोलन को प्यार और शांति के साथ आगे बढ़ाना है.’ पार्टी का दावा है कि लाखों छात्र परीक्षा विवादों और सिस्टम की खामियों से परेशान हैं. इसी मुद्दे को लेकर आज राजधानी में बड़ा जमावड़ा देखने को मिल सकता है. कॉकरोच जनता पार्टी का यह प्रदर्शन उसका पहला बड़ा ऑन-ग्राउंड आंदोलन माना जा रहा है. पार्टी का कहना है कि देश के करोड़ों छात्रों का भविष्य लगातार प्रभावित हो रहा है और सरकार जवाबदेही से बच रही है. CJP समर्थक ‘पीसफुल प्रोटेस्ट’ और ‘धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो’ जैसे नारे लगा रहे हैं. दिल्ली पुलिस ने भी सुरक्षा बढ़ा दी है और जंतर-मंतर के आसपास अतिरिक्त जवान तैनात किए गए हैं. पार्टी ने समर्थकों को साफ निर्देश दिए हैं कि किसी भी तरह की हिंसा से दूर रहें और अगर कोई उपद्रव करने की कोशिश करे तो उसका वीडियो बनाकर पुलिस को दें. CJP protest Live: जंतर-मंतर की बजाय दिल्ली में घूमते रहे अभिजीत दीपके कॉकरोच जनता पार्टी जंतर-मंतर प्रदर्शन लाइव: दिल्ली पुलिस सूत्रों के मुताबिक CJP संस्थापक अभिजीत दिपके एयरपोर्ट से नई दिल्ली जिले में पहुंच चुके हैं, लेकिन जंतर-मंतर जाने के बजाय वह अपनी गाड़ी से रकाबगंज गुरुद्वारा और कनॉट प्लेस इलाके में घूमते रहे. पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन की अनुमति केवल जंतर-मंतर पर दी गई है, ऐसे में उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है. Cockroach Janta Party Protest Live: दिल्ली पुलिस ने CJP को ‘वन टाइम एक्सेप्शन’ में दी अनुमति कॉकरोच जनता पार्टी प्रदर्शन लाइव: दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दीपके की कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति दे दी है. पुलिस के मुताबिक प्रदर्शन सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक किया जा सकेगा. दिल्ली पुलिस ने साफ कहा है कि यह अनुमति ‘वन टाइम एक्सेप्शन’ यानी एक बार के विशेष अपवाद के तौर पर दी गई है. CJP protest Live: CJP के प्रदर्शन में शामिल होंगे सोनम वांगचुक कॉकरोच जनता पार्टी जंतर-मंतर प्रदर्शन लाइव: लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन में शामिल होंगे. 59 वर्षीय वांगचुक ने पहले ही X पर पोस्ट कर इसका ऐलान किया था. उन्होंने लिखा था, ‘अगर हम नहीं, तो कौन? अगर अभी नहीं, तो कब?’ वांगचुक ने कहा था कि अगर 5 जून तक हालात नहीं बदले तो वह 6 जून को दिल्ली में CJP के प्रदर्शन में शामिल होंगे. उन्होंने यह भी कहा कि इतनी बड़ी स्थिति बिगड़ने पर किसी भी स्वाभिमानी मंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए, क्योंकि इसका असर लाखों युवाओं और देश के भविष्य पर पड़ता है. Cockroach Janta Party Protest Live: एयरपोर्ट पर अभिजीत और GMR टीम के बीच बहस कॉकरोच जनता पार्टी प्रदर्शन लाइव: सूत्रों के मुताबिक दिल्ली एयरपोर्ट पर CJP संस्थापक अभिजीत दिपके की GMR टीम के साथ काफी देर तक बहस हुई. बताया जा रहा है कि अभिजीत एयरपोर्ट पर VIP ट्रीटमेंट की मांग कर रहे थे और उन्होंने अपनी गाड़ी अंदर लाने की डिमांड भी की. सूत्रों के अनुसार जब तक गाड़ी अंदर नहीं पहुंची, तब तक वह बाहर निकलने को तैयार नहीं हुए. हालांकि उन्हें VIP EXIT की अनुमति नहीं मिली. CJP protest Live:दिल्ली एयरपोर्ट पर ऐसे दिखे CJP संस्थापक अभिजीत दिपके कॉकरोच जनता पार्टी जंतर-मंतर प्रदर्शन लाइव: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके शनिवार को प्रस्तावित जंतर-मंतर प्रदर्शन से पहले दिल्ली पहुंचे. एयरपोर्ट से सामने आई पहली तस्वीरों में वह डॉ. भीमराव आंबेडकर की आत्मकथा की कॉपी हाथ में लिए नजर आए. दिल्ली पहुंचने के बाद अभिजीत ने समर्थकों से अनुशासन बनाए रखने और प्रदर्शन को पूरी तरह शांतिपूर्ण रखने की अपील की. Cockroach Janta Party Protest Live: मेट्रो सेवा सामान्य रहेगी कॉकरोच जनता पार्टी प्रदर्शन लाइव: सुरक्षा अलर्ट के बीच दिल्ली मेट्रो सेवा सामान्य रूप से चलती रहेगी. स्पेशल ब्रांच की टीमें हर जिले में एक्टिव हैं और पूरे प्रदर्शन पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था को रोका जा सके. CJP protest Live: Ola-Uber बुकिंग और सोशल मीडिया पर भी नजर कॉकरोच जनता पार्टी जंतर-मंतर प्रदर्शन लाइव: सूत्रों के मुताबिक दिल्ली पुलिस Ola, Uber और दूसरी प्राइवेट टैक्सी कंपनियों के संपर्क में है. जंतर-मंतर रूट पर अचानक बढ़ रही राइड बुकिंग पर नजर रखी जा रही है. वहीं सोशल मीडिया मॉनिटरिंग भी तेज कर दी गई है ताकि प्रदर्शन की आड़ में कोई माहौल खराब करने की कोशिश न कर सके. Cockroach Janta Party Protest Live: CJP प्रदर्शन से पहले दिल्ली हाई अलर्ट पर, धर्मेंद्र प्रधान के घर की सुरक्षा बढ़ी कॉकरोच जनता पार्टी प्रदर्शन लाइव: दिल्ली में आज कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन के ऐलान से पहले राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के घर के बाहर पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स तैनात की गई है. इलाके में सुरक्षा का वॉकथ्रू किया गया और घर के बाहर निगरानी बढ़ा दी गई है. प्रदर्शन के मद्देनजर 40 कंपनियां पैरामिलिट्री फोर्स की तैनात की गई हैं. दिल्ली के कई जिलों के ज्वाइंट CP, DCP, एडिशनल DCP और ACP स्तर के अधिकारी ड्यूटी पर मौजूद हैं. CJP protest Live: जंतर-मंतर पर 1000 से

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TCS ऑफिस के बाद अब दरगाह में धर्मांतरण का खेल, हिन्‍दू महिला...

Last Updated:June 06, 2026, 09:08 IST Religious Convesion in Dargah: TCS नासिक में जबरन धर्मांतरण का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि महाराष्‍ट्र के ही एक और इलाके से इसी तरह का मामला सामने आया है. इस मामले में पहले जीरो एफआईआर दर्ज की गई थी. छह आरोपियों में से 3 को गिरफ्तार किया गया है. नागपुर की एक दरगाह में धर्मांतरण का खेल चलने का आरोप लगा है. पुलिस ने इस मामले में 6 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है. तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. Nagpur Dargah Religious Convesion: TCS नासिक में जबरन धर्मांतरण का मामला अभी सुलझा भी नहीं है कि महाराष्‍ट्र में धर्म परिवर्तन कराने की एक और घटना सामने आई है. प्रदेश के नागपुर में स्थित एक दरगाह में धर्मांतरण का खेल चलने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है. आरोप है कि एक हिन्‍दू महिला को धर्म बदलने के लिए मजबूर किया जा रहा था. वह वहां से किसी तरह भागने में सफल हुईं और कोलकाता में इस बाबत जीरो एफआईआर दर्ज कराई. बाद में कोलकाता पुलिस ने इस मामले को नागपुर पुलिस के पास ट्रांसफर कर दिया. बताया जा रहा है कि एफआईआर में 6 को आरोपी बनाया गया है, जिनमें से 3 को गिरफ्तार कर लिया गया है. महाराष्ट्र के नागपुर जिले में कथित तौर पर जबरन धर्मांतरण कराने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश हुआ है. कोलकाता की एक हिंदू महिला की शिकायत के आधार पर पुलिस ने कामठी तहसील स्थित मरियम अम्मा दरगाह से जुड़े छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. मामले में अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है. घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन कर जांच शुरू कर दी है. जानकारी के अनुसार, कोलकाता निवासी महिला ने आरोप लगाया है कि नागपुर जिले के पुरानी कामठी क्षेत्र स्थित मरियम अम्मा दरगाह में उनका जबरन धर्मांतरण कराने का प्रयास किया गया. महिला का कहना है कि विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की गई, छेड़छाड़ की गई और जान से मारने की धमकी भी दी गई. पीड़िता की शिकायत पर जीरो एफआईआर पीड़िता की शिकायत पर सबसे पहले पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित दमदम पुलिस थाने में जीरो एफआईआर दर्ज की गई थी. चूंकि घटना नागपुर जिले के कन्हान पुलिस थाना क्षेत्र की थी, इसलिए मामला वहां ट्रांसफर कर दिया गया. इसके बाद कन्हान पुलिस ने औपचारिक रूप से केस दर्ज कर जांच शुरू की. नागपुर पुलिस के अनुसार, शिकायत मिलते ही एक विशेष टीम कोलकाता भेजी गई थी. वहां पीड़ित महिला के बयान दर्ज किए गए और उसके बाद कार्रवाई करते हुए 29 मई को तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ताजी तनवीरुद्दीन कलीमुद्दीन (52), ताजीन मुस्ताफिजुद्दीन तनवीरुद्दीन (24) और तेजस आनंद खोब्रागड़े (24) के रूप में हुई है. पीड़िता 3-4 साल से आ रही थी दरगाह पुलिस जांच में सामने आया है कि शिकायतकर्ता महिला पिछले तीन-चार वर्षों से हर साल मरियम अम्मा दरगाह के उर्स कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कोलकाता से कन्हान आती रही थी. इसी वर्ष अप्रैल में उर्स कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर उसके ऊपर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया. महिला ने आरोप लगाया है कि 18 और 19 अप्रैल के बीच उसे बंधक बनाकर रखा गया और धर्मांतरण के लिए मजबूर करने की कोशिश की गई. किसी तरह वहां से निकलने के बाद वह कोलकाता पहुंची, जहां उसका इलाज कराया गया और बाद में उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. क्‍या बोले नागपुर SP? नागपुर के पुलिस अधीक्षक हर्ष पोद्दार ने बताया कि जीरो एफआईआर प्राप्त होते ही कन्हान पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था. मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच टीम कोलकाता भेजी गई और पीड़िता के बयान के आधार पर कार्रवाई की गई. उन्होंने बताया कि महिला ने मारपीट और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाए जाने के आरोप लगाए हैं. इसी आधार पर हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. मामले में 6 आरोपी पुलिस के मुताबिक, इस मामले में कुल छह आरोपी हैं, जिनमें दो महिलाएं और एक बुजुर्ग व्यक्ति भी शामिल हैं. जांच के दौरान कुछ इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए हैं, जिनकी तकनीकी पड़ताल की जा रही है. एसपी हर्ष पोद्दार ने कहा कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है. यदि जांच के दौरान यह सामने आता है कि अन्य लोगों पर भी इसी प्रकार धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया था, तो उन मामलों की भी जांच की जाएगी. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी के साथ ऐसी घटना हुई हो तो वह तत्काल पुलिस से संपर्क करे. फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है. About the Author Manish Kumar बिहार, उत्‍तर प्रदेश और दिल्‍ली से प्रारंभिक के साथ उच्‍च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्‍ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्‍लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Mumbai,Maharashtra Source link

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JEE Advanced 2026 Eligibility Criteria Relaxation: सीबीएसई विवाद के बीच IIT रुड़की...

Last Updated:June 06, 2026, 08:12 IST JEE Advanced 2026 Eligibility Criteria Relaxation: आईआईटी रुड़की ने जेईई एडवांस्ड 2026 पास करने वाले स्टूडेंट्स को बड़ी राहत दी है. 12वीं में 75% से कम अंक होने पर भी छात्र जोसा (JoSAA) काउंसलिंग में भाग ले सकेंगे. हालांकि, सीट पक्की करने के लिए ईमेल के जरिए 15 जुलाई 2026 तक संशोधित मार्कशीट जमा करना अनिवार्य होगा. JEE Advanced 2026: जेईई एडवांस में सफल उम्मीदवारों को राहत दी गई है नई दिल्ली (JEE Advanced 2026 Eligibility Criteria). जेईई एडवांस्ड 2026 पास कर चुके उन स्टूडेंट्स के लिए राहत भरी खबर है, जो 12वीं बोर्ड परीक्षा में कम अंकों के कारण IIT में एडमिशन की रेस से बाहर होने से डर रहे थे. आईआईटी रुड़की ने ऐसे सभी छात्रों को जोसा (JoSAA) काउंसलिंग प्रक्रिया में शामिल होने और अपनी पसंद के कॉलेज और कोर्स चुनने की अनुमति दे दी है. यह फैसला विशेष रूप से उन उम्मीदवारों के लिए राहत भरा है, जिन्होंने CBSE के मूल्यांकन पर आपत्ति जताई थी और जो इस समय पुनर्मूल्यांकन के नतीजों का इंतजार कर रहे हैं. मौजूदा नियमों के तहत, आईआईटी में एडमिशन के लिए सामान्य, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के छात्रों के 12वीं में कम से कम 75% और एससी, एसटी और दिव्यांग वर्ग के लिए 65% अंक होना अनिवार्य है. लेकिन इस बार मूल्यांकन विवाद के कारण पैदा हुए असमंजस को देखते हुए आईआईटी रुड़की ने छात्रों को एक मौका और दिया है. अब कम अंक वाले स्टूडेंट्स भी काउंसलिंग में बैठ सकेंगे और रैंक के आधार पर सीट हासिल कर सकेंगे. हालांकि, यह एडमिशन पूरी तरह अस्थायी होगा और अंतिम मुहर तभी लगेगी, जब छात्र 15 जुलाई 2026 तक अपनी संशोधित मार्कशीट जमा कर देंगे. दूर हुआ बोर्ड रिजल्ट का असमंजस जेईई एडवांस्ड परीक्षा में सफलता का परचम लहराने के बाद भी कई स्टूडेंट्स इस बात को लेकर बेहद तनाव में थे कि 12वीं बोर्ड में उनके नंबर निर्धारित पात्रता से कम रह गए हैं. हाल ही में सीबीएसई के मूल्यांकन को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हुआ था, जिसके बाद भारी संख्या में छात्रों ने री-इवैल्युएशन के लिए आवेदन किया है. पुनर्मूल्यांकन की इस प्रक्रिया में लगने वाले समय को देखते हुए आईआईटी रुड़की ने संवेदनशीलता दिखाई है और छात्रों का भविष्य सुरक्षित करने के लिए नियमों में अस्थायी ढील दी है. काउंसलिंग में किसे और कैसे छूट मिलेगी? इस विशेष व्यवस्था के तहत जिन सामान्य, ओबीसी-एनसीएल और ईडब्ल्यूएस (EWS) श्रेणी के छात्रों के फिलहाल 75 प्रतिशत से कम अंक हैं या फिर एससी, एसटी और पीडब्ल्यूडी (PwD) वर्ग के जिन छात्रों के 65 प्रतिशत से कम अंक हैं, वे भी जोसा काउंसलिंग प्रक्रिया का हिस्सा बन सकेंगे. छात्रों को अपनी जेईई एडवांस्ड 2026 रैंक के आधार पर सामान्य रूप से चॉइस फिलिंग करने का मौका मिलेगा और उन्हें सीटें भी आवंटित की जाएंगी. 15 जुलाई तक का मिला समय, ऐसे भेजनी होगी मार्कशीट आईआईटी रुड़की ने साफ किया है कि यह एडमिशन पूरी तरह से ‘अस्थायी’ यानी प्रोविजनल माना जाएगा. छात्रों को अपने पुनर्मूल्यांकन के बाद आने वाली नई और संशोधित मार्कशीट को हर हाल में 15 जुलाई 2026 तक आधिकारिक ईमेल आईडी orgjee@iitr.ac.in पर भेजनी होगी. अगर संशोधित परिणाम में छात्र अपनी श्रेणी के अनुसार न्यूनतम 75% या 65% का क्राइटेरिया पार कर लेते हैं तो काउंसलिंग के चौथे राउंड के अंत में उनकी आवंटित सीट को पक्का (कंफर्म) कर दिया जाएगा. छात्रों के पास है पात्रता साबित करने का आखिरी मौका अधिकारियों के अनुसार, अगर कोई छात्र 15 जुलाई की समयसीमा तक अपने संशोधित पात्रता दस्तावेज या स्कोर कार्ड जमा करने में असफल रहता है तो उसका सीट आवंटन खुद-ब-खुद रद्द माना जाएगा. आईआईटी रुड़की का यह कदम उन होनहार छात्रों के लिए बेहतरीन अवसर है, जो बोर्ड की तकनीकी गलतियों के कारण देश के सबसे प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थानों में पढ़ने का अपना सपना खोने की कगार पर थे. अब गेंद छात्रों के पाले में है कि वे तय तारीख तक अपने सही दस्तावेज पेश कर दें. About the Author Deepali PorwalSenior Sub Editor Deepali Porwal is a seasoned bilingual journalist with 11 years of experience in the media industry. She currently works with News18 Hindi, focusing on the Education and Career desk. She is known for her versat…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

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14000 फीट की ऊंचाई पर चीन दे रहा टेंशन, LAC पर भारत...

Ghatak vs China GJ11 Drone: अमेरिका के मशहूर कारोबारी और TESLA के चीफ एलन मस्‍क ने 5th जेनरेशन फाइटर जेट F-35 की कड़ी आलोचना करते हुए कहा था कि लड़ाकू विमान का समय अब लद चुका है. एलन मस्क ने लगातार और सार्वजनिक रूप से F-35 लड़ाकू विमान की आलोचना की है. उनका कहना है कि पायलट द्वारा उड़ाए जाने वाले फाइटर जेट्स का युग अब समाप्त हो चुका है. वे ऑटोनॉमस या दूर से नियंत्रित किए जाने वाले ड्रोन के प्रबल समर्थक हैं. मस्क ने लगभग 2 ट्रिलियन डॉलर की लागत वाले F-35 प्रोग्राम को एक बड़ी वित्तीय विफलता करार दिया था. उनकी बात यदि पूरी तरह से नहीं तो काफी हद तक सच साबित हो रही है. रूस-यूक्रेन और ईरान जंग ने ड्रोन की अहमियत बता दी है. इसका असर अन्‍य देशों पर भी पड़ रह है. चीन ने 14000 फीट की ऊंचाई पर तिब्‍बत में स्‍टील्‍थ ड्रोन की फ्लीट तैयार की है. LAC (चाइना बॉर्डर) के समीप चीन के इस कदम ने भारत की टेंशन बढ़ा दी है. अब नई दिल्‍ली भी इसका जवाब देने की तैयारी कर रहा है. घातक स्‍टील्‍थ ड्रोन का डेवलपमेंट इसी दिशा में उठाया गया कदम है. इसे तिब्‍बत और एलएसी से लगते इलाकों में ड्रोन वॉरफेयर की शुरुआत के तौर पर भी देखा जा रहा है. भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर सैन्य प्रतिस्पर्धा अब केवल सैनिकों, टैंकों और लड़ाकू विमानों तक सीमित नहीं रह गई है. भविष्य के युद्ध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है और इस बदलाव के केंद्र में हैं स्टील्थ अनमैन्‍ड कॉम्‍बैट एरियल व्‍हीकल (UCAV). तिब्बती पठार अब दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण उच्च ऊंचाई (High Altitude) वाले सैन्य परीक्षण क्षेत्र (Armed Trial Zone) में बदलता जा रहा है, जहां AI, ऑटोनोमस वेपन सिस्‍टम्‍स और स्टील्थ टेक्‍नोलॉजी वॉर की नई परिभाषा लिख रही है. चीन ने इस दिशा में महत्वपूर्ण बढ़त लेते हुए अपने GJ-11 शार्प स्वॉर्ड स्‍टील्‍थ ड्रोन को 14000 फीट की ऊंचाई पर स्थित तिब्बत के रणनीतिक एयरबेसों पर तैनात करना शुरू कर दिया है. वहीं भारत भी स्वदेशी ‘घातक’ स्‍टील्‍थ यूसीएवी कार्यक्रम को तेजी से आगे बढ़ा रहा है. रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में हिमालयी क्षेत्र में इन दोनों अत्याधुनिक ड्रोन प्रणालियों के बीच तकनीकी प्रतिस्पर्धा नई ऊंचाइयों पर पहुंच सकती है. आकार और क्षमता में अंतर पहली नजर में भारत का घातक और चीन का GJ-11 काफी समान दिखाई देते हैं. दोनों में टेललेस फ्लाइंग-विंग डिजाइन अपनाया गया है, जिससे रडार पर उनकी पहचान बेहद कठिन हो जाती है. हालांकि, दोनों की रणनीतिक भूमिका और तकनीकी क्षमताओं में महत्वपूर्ण अंतर मौजूद हैं. चीन का GJ-11 लगभग 20 टन कैटेगरी का माना जाता है, जबकि भारतीय घातक ड्रोन का वजन करीब 13 टन रहने की संभावना है. बड़े आकार के कारण GJ-11 में दो इंटर्नल वेपन बे यानी आंतरिक हथियार कक्ष होने का अनुमान है, जिनमें लगभग 2,000 किलोग्राम तक के हथियार, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर इक्विपमेंट और स्टैंड-ऑफ मिसाइलें ले जाई जा सकती हैं. दूसरी ओर, घातक में लगभग 1,500 किलोग्राम तक का हथियार भार वहन करने की क्षमता होने की उम्मीद है. इसके निर्माण में हल्के कार्बन कम्पोजिट मैटेरियल का व्यापक उपयोग किया जा रहा है, जिससे इसकी संचालन क्षमता और ईंधन दक्षता बेहतर हो सकती है. तिब्बती पठार की चुनौती तिब्बत और लद्दाख जैसे क्षेत्रों में हवाई अभियानों के सामने सबसे बड़ी चुनौती ऊंचाई है. 14,000 फीट से अधिक की ऊंचाई पर हवा का घनत्व कम होने से विमान के इंजन की शक्ति और लिफ्ट दोनों प्रभावित होते हैं. ऐसे वातावरण में केवल शक्तिशाली इंजन ही पर्याप्त नहीं होते, बल्कि ईंधन दक्षता और थर्मल सिग्नेचर भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. चीन ने GJ-11 में अधिक गति और शक्ति को प्राथमिकता दी है. माना जाता है कि इसमें WS सीरीज पर आधारित उच्च क्षमता वाला टर्बोफैन इंजन लगाया गया है, जो इसे लगभग 1,000 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से उड़ान भरने में सक्षम बनाता है. यह क्षमता दुश्मन के क्षेत्र में तेजी से प्रवेश, लक्ष्य पर शीघ्र हमला और अन्य विमानों के साथ समन्वित अभियानों में मदद करती है. लेकिन अधिक शक्ति वाले इंजन का एक नकारात्मक पक्ष भी है. ऐसे इंजन अधिक गर्मी पैदा करते हैं, जिससे आधुनिक इन्फ्रारेड ट्रैकिंग सिस्‍टम्‍स और हीट-सीकिंग मिसाइलों के लिए उन्हें पहचानना आसान हो सकता है. स्टील्थ डिजाइन रडार से बचा सकता है, लेकिन थर्मल सिग्‍नेचर को पूरी तरह समाप्त नहीं कर सकता. भारत भी घातक स्‍टील्‍थ ड्रोन का बेड़ा तैयार करने में जुटा है, ताकि चीन को मुकम्‍मल तरीके से जवाब दिया जा सके. (फाइल फोटो) घातक की अलग रणनीति भारत का घातक ड्रोन एक अलग सिद्धांत पर आधारित दिखाई देता है. इसमें स्वदेशी कावेरी इंजन के संशोधित ‘ड्राई’ संस्करण के उपयोग की संभावना जताई जा रही है, जो लगभग 49 किलोन्यूटन थ्रस्ट प्रदान करेगा. यह व्यवस्था अधिकतम गति के बजाय लंबी अवधि तक उड़ान, कम ईंधन खपत और कम थर्मल सिग्‍नेचर पर केंद्रित है. रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, हिमालयी क्षेत्र में लगातार निगरानी, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध और गुप्त घुसपैठ जैसी भूमिकाओं के लिए यह रणनीति अधिक प्रभावी साबित हो सकती है. कम थर्मल सिग्नेचर होने से चीनी निगरानी प्रणालियों और मिसाइलों से बचने की संभावना भी बढ़ जाती है. भविष्य की वॉर प्‍लानिंग आधुनिक युद्ध में किसी भी स्टील्थ ड्रोन की वास्तविक ताकत केवल उसके आकार या हथियार क्षमता में नहीं, बल्कि उसकी ऑटोनोमस ऑपरेशनल सिस्‍टम में होती है. दुनिया भर की सेनाएं अब मैन्ड-अनमैन्ड टीमिंग (MUM-T) की अवधारणा पर काम कर रही हैं, जिसमें लड़ाकू विमान और ड्रोन मिलकर अभियान संचालित करते हैं. चीन कथित रूप से GJ-11 को अपने अत्याधुनिक J-20 स्‍टील्थ लड़ाकू विमान के साथ जोड़ रहा है. इस व्यवस्था में J-20 एक हवाई कमांड सेंटर की तरह कार्य करेगा और एक साथ कई ड्रोन को नियंत्रित करेगा. ये ड्रोन इलेक्ट्रॉनिक युद्ध, रडार जामिंग, डेकॉय तैयार करने और सटीक हमले जैसे मिशन अंजाम दे सकते हैं. इससे चीन को हिमालयी क्षेत्र में व्यापक और वितरित स्टेल्थ अभियान चलाने की क्षमता मिल सकती है, जबकि पायलटों को सीधे खतरे वाले क्षेत्रों से दूर रखा जा सकेगा. GJ-11 और घातक ड्रोन में सबसे बड़ा तकनीकी अंतर क्या है?चीन का GJ-11 शार्प स्वॉर्ड बड़ा स्टील्थ

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India Pakistan News | India UNSC News | ‘सुरक्षा परिषद झूठे एजेंडे...

होमताजा खबरदेश ‘सुरक्षा परिषद झूठे एजेंडे का मंच नहीं’, UN में भारत का पाकिस्तान को कड़ा जवाब Last Updated:June 06, 2026, 06:03 IST India at UNSC: जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर भारत ने अपना पुराना और स्पष्ट रुख भी दोहराया. पी. हरीश ने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा था, है और हमेशा रहेगा. इस मुद्दे पर पाकिस्तान की ओर से किए जाने वाले दावे और बयान पूरी तरह निराधार हैं और वे जमीनी सच्चाई को नहीं बदल सकते. संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश संयुक्त राष्ट्र में भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान को कड़ा जवाब दिया है. भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने सुरक्षा परिषद में पाकिस्तान के बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस्लामाबाद लगातार संयुक्त राष्ट्र के मंच का दुरुपयोग कर रहा है और भ्रामक जानकारी फैलाने की कोशिश कर रहा है. पी. हरीश ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की सदस्यता कोई विशेषाधिकार नहीं, बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी है. ऐसे में सदस्य देशों से अपेक्षा की जाती है कि वे परिषद के मंच का इस्तेमाल रचनात्मक और जिम्मेदार तरीके से करें, न कि झूठे और पक्षपातपूर्ण एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए. उन्होंने पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा कि सुरक्षा परिषद ऐसा मंच नहीं है जहां राजनीतिक मकसद से गलत और भ्रामक नैरेटिव पेश किए जाएं. पाकिस्तान को एक जिम्मेदार सदस्य की तरह व्यवहार करना चाहिए और अंतरराष्ट्रीय मंचों का दुरुपयोग बंद करना चाहिए. About the Author Saad Omar साद बिन उमर को पत्रकारिता के क्षेत्र में 15 साल से अधिक का अनुभव है, जिनमें से 12 साल उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता को दिए है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने आज तक, एनडीटीवी, पीटीआई और नया इंडिया जैसे प्र…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Source link

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जैसे चील के डर से छिपते हैं चूहे… वैसे ही चीनी सबमरीन...

होमताजा खबरदेश चील जैसे झपटता है नेवी का ASW-SWC, चीन से मिली पाक की सबमरीन को यूं मसल देगा Last Updated:June 06, 2026, 05:06 IST ASW-SWC Warships: भारतीय नौसेना का स्वदेशी एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट (ASW-SWC) तटीय और कम गहरे पानी में दुश्मन की पनडुब्बियों को नष्ट करने वाला घातक युद्धपोत है. इसकी मारक रेंज 1,800 नॉटिकल मील है. यह एडवांस्ड लाइटवेट टॉरपीडो, एंटी-सबमरीन रॉकेट लॉन्चर्स और अत्याधुनिक सोनार सिस्टम से लैस है. कम गहराई में पानी के नीचे छिपी साइलेंट सबमरीन को खोजने और उन्हें पानी के भीतर ही नेस्तनाबूद करने में यह माहिर है. भारत अपनी क्षमता को लगातार बढ़ा रहा है. नई दिल्‍ली. चीन से भीख में मिली ‘हांगोर क्लास’ सबमरीन के दम पर हिंद महासागर में दादागीरी का ख्वाब देख रहे पाकिस्तान को इतिहास का सबसे बड़ा शॉक लगने वाला है. बीजिंग की गोद में बैठकर इस्लामाबाद जिन पनडुब्बियों को अपनी गुप्त ताकत मान रहा है, भारतीय नौसेना के नए और स्वदेशी ‘एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट’ (ASW-SWC) ने पानी के नीचे उनका डेथ वारंट लिख दिया है. समंदर के उथले पानी में अदृश्य होकर वार करने का दावा करने वाली ये चीनी सबमरीन जैसे ही भारतीय सीमा के पास फटकेंगी, इंडियन नेवी का यह खूंखार ‘सबमरीन हंटर’ अपनी तीसरी आंख यानी एडवांस्ड सोनार से इनकी सांसों तक को नाप लेगा. चीन की इस जंग लगी तकनीक को पानी की गहराई में ही जिंदा दफन करने के लिए भारत के ट्रिपल-ट्यूब टॉरपीडो और रॉकेट लॉन्चर्स उंगलियों के इशारे पर मौत बरसाने को तैयार खड़े हैं. भारतीय नौसेना में अब तक ऐसे 6 स्वदेशी ASW-SWC युद्धपोत शामिल हो चुके हैं जिनमें INS अरनाला और INS अंजादीप मुख्य हैं. सरकार ने कुल 16 ऐसे ‘सबमरीन हंटर्स’ बनाने की मंजूरी दी है. समुद्र में भारत की बढ़ती ताकत और हिंद महासागर में दुश्मनों की नापाक हरकतों पर नकेल कसने के लिए भारतीय नौसेना के बेड़े में ‘एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट’ (ASW-SWC) को शामिल किया जा रहा है. कोचीन शिपयार्ड (CSL) और जीआरएसई (GRSE) द्वारा स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित यह युद्धपोत उथले पानी यानी तटीय इलाकों में छिपी दुश्मन की खतरनाक पनडुब्बियों को ढूंढकर उन्हें नेस्तनाबूद करने में माहिर है. वर्तमान समय में जब चीन और पाकिस्तान की सबमरीन का खतरा तटीय क्षेत्रों में बढ़ रहा है. ऐसे में भारत का यह घातक हथियार नौसेना के लिए गेमचेंजर साबित होगा. करीब 900 से 1100 टन क्षमता वाले इस आधुनिक पोत को अत्याधुनिक रडार, एडवांस सोनार और खतरनाक हथियारों के पेलोड से लैस किया गया है जो समुद्र की गहराई में साइलेंट किलर की तरह काम करने वाली सबमरीन को आसानी से अपना शिकार बना सकता है. ASW-SWC वॉरशिप की 5 मुख्य बातें • उथले पानी का बेताज बादशाह: यह मुख्य रूप से भारत के तटीय इलाकों (Base Port से 200 नॉटिकल मील के भीतर) और कम गहरे पानी में एंटी-सबमरीन ऑपरेशंस को अंजाम देने के लिए विशेष रूप से बनाया गया है.• स्वदेशी मारक क्षमता: इस युद्धपोत में 80% से अधिक स्वदेशी उपकरण लगे हैं जो आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया की ताकत को दुनिया के सामने प्रदर्शित करते हैं.• वाटर-जेट प्रोपल्शन तकनीक: यह जहाज पारंपरिक प्रोपेलर के बजाय तीन शक्तिशाली डीजल इंजन और वाटर-जेट प्रोपल्शन से चलता है जिससे यह कम गहरे पानी में भी 25 नॉट्स की तेज स्‍पीड से दौड़ सकता है.• अंडर-वॉटर ‘आंखें’: दुश्मन की पनडुब्बी को पकड़ने के लिए इसमें डीआरडीओ का ‘अभय’ हल-माउंटेड सोनार और एडवांस लो-फ्रीक्वेंसी वेरिएबल डेप्थ सोनार (LFVDS) फिट किया गया है.• मल्टी-रोल ऑपरेशंस: सबमरीन को नष्ट करने के अलावा यह जहाज लो-इंटेंसिटी मैरीटाइम ऑपरेशंस (LIMO), सर्च एंड रेस्क्यू और समुद्र में बारूदी सुरंगें (Mine-Laying) बिछाने में सक्षम है. पेलोड, रेंज और क्षमता: कितना है दमदार?इस उथले पानी के शिकारी को बेहद आक्रामक हथियारों से लैस किया गया है. अगर इसके मारक पेलोड की बात करें तो दुश्मन की सबमरीन पर हमला करने के लिए इसमें एलएंडटी (L&T) द्वारा निर्मित दो ट्रिपल-ट्यूब लाइटवेट टॉरपीडो लॉन्चर्स दिए गए हैं, जो पानी के अंदर टॉरपीडो दागकर पनडुब्बियों को तबाह कर देते हैं. इसके अलावा पनडुब्बी रोधी मल्टीफंक्शनल रॉकेट लॉन्चर्स भी इसमें शामिल हैं. जहाज की खुद की सुरक्षा और सतह पर हमलों के लिए इस पर एक 30mm क्लोज-इन वेपन सिस्टम (CIWS) नेवल सरफेस गन और दो 12.7mm की स्टेबलाइज्ड रिमोट कंट्रोल्ड गन्स (SRCG) लगाई गई हैं. हवा से आने वाले खतरों से निपटने के लिए इसमें शार्ट रेंज एयर डिफेंस मिसाइल (VSHORAD) लॉन्चर भी फिट है. इसकी क्षमता 1,800 नॉटिकल मील (लगभग 3,300 किलोमीटर) है यानी यह एक बार में बिना रुके लंबी दूरी तक गश्त लगा सकता है. अंडर-वॉटर सबमरीन के खिलाफ क्या है इसकी खासियत? समुद्र के तटीय और कम गहरे इलाकों में बड़ी पनडुब्बियों या बड़े डेस्ट्रॉयर्स को ऑपरेट करने में काफी दिक्कतें आती हैं. दुश्मन देश इसी का फायदा उठाकर उथले पानी में अपनी छोटी या डीजल-इलेक्ट्रिक सबमरीन छुपा देते हैं. ASW-SWC की सबसे बड़ी खासियत इसका कम ड्राफ्ट (Draught – 2.7 मीटर) होना है, जिसकी वजह से यह बहुत कम गहरे पानी में भी आसानी से नेविगेट कर लेता है.इसके वेरिएबल डेप्थ सोनार पानी की अलग-अलग परतों (Thermal Layers) को चीरकर छिपी हुई सबमरीन की सटीक लोकेशन का पता लगा लेते हैं. जैसे ही दुश्मन की पनडुब्बी ट्रैक होती है, यह एंटी-सबमरीन रॉकेट्स और एडवांस्ड लाइटवेट टॉरपीडो की झड़ी लगा देता है. इसके अलावा, इसमें लगा एंटी-टॉरपीडो डिफेंस सिस्टम दुश्मन द्वारा दागे गए टॉरपीडो को हवा/पानी में ही चकमा देकर डिफ्यूज (Decoy) करने की क्षमता रखता है. सवाल-जवाबASW-SWC का मुख्य काम क्या है और इसे किसने बनाया है?इसका मुख्य काम तटीय और उथले पानी में दुश्मन की पनडुब्बियों (Submarines) को खोजना और नष्ट करना है. इसे भारतीय नौसेना के लिए कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (CSL) और गार्डन रीच शिपबिल्डर्स (GRSE) ने बनाया है.इस युद्धपोत की रेंज और अधिकतम गति कितनी है?इसकी अधिकतम गति 25 नॉट्स (लगभग 46 किमी/घंटा) है और 14 नॉट्स की रफ्तार पर इसकी कुल रेंज 1,800 नॉटिकल मील (3,300 किलोमीटर) से अधिक है.पनडुब्बियों को नष्ट करने के लिए इसमें कौन से मुख्य हथियार लगे हैं?पनडुब्बियों के खिलाफ इसमें दो ट्रिपल-ट्यूब लाइटवेट टॉरपीडो लॉन्चर्स, मल्टीफंक्शनल एंटी-सबमरीन रॉकेट लॉन्चर्स और समुद्र के तल पर बिछाने के लिए एंटी-सबमरीन माइंस (Mine-laying rails) दी गई

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मीन वालों की आज चमकेगा किस्मत, रिश्तों में घुलेगी मिठास, व्यापार में...

Last Updated:June 06, 2026, 03:31 IST Aaj Ka Meen Rashifal, Pisces Horoscope Today, आज का मीन राशिफल: आज मीन राशि वालों के लिए दिन सफलता और शुभ अवसरों से भरपूर रहने वाला है. भाग्य का पूरा साथ मिलेगा, जिससे आत्मविश्वास में वृद्धि होगी. कार्यस्थल पर आपके विचारों की सराहना होगी और आपकी मेहनत आपको नई पहचान व सम्मान दिला सकती है. उज्जैन के ज्योतिषाचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार, मीन राशि के जातकों के लिए आज का दिन शुभ अवसरों और उपलब्धियों से भरा रह सकता है. किसी महत्वपूर्ण कार्य की जिम्मेदारी सफलतापूर्वक निभाने से आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी और परिवार के साथ-साथ मित्रों का विश्वास भी मजबूत होगा. नौकरी और व्यवसाय में सकारात्मक परिणाम मिलने के संकेत हैं. वहीं आर्थिक मामलों में लिए गए फैसले लाभदायक साबित हो सकते हैं. वैवाहिक जीवन में समझदारी और सहयोग रिश्तों को मधुर बनाए रखेगा. कुल मिलाकर आज का दिन प्रगति, आत्मविश्वास, प्रेम और खुशियों से भरपूर रहने वाला है. आइए जानते हैं करियर, स्वास्थ्य और लव लाइफ का पूरा हाल. मीन राशि वालों का करियर राशिफल आज मीन राशि के जातकों के लिए करियर के क्षेत्र में सकारात्मक परिणाम मिलने के संकेत हैं. कार्यस्थल पर आपकी मेहनत रंग ला सकती है और वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग प्राप्त होगा. पदोन्नति, नई जिम्मेदारियां या आय में वृद्धि के अवसर बन सकते हैं. जो लोग रोजगार की तलाश में हैं, उन्हें भी अच्छी खबर मिल सकती है. धैर्य और लगन आपको सफलता की ओर ले जाएंगे. आज मीन राशि वालों की सेहत का हालस्वास्थ्य के मामले में आज का दिन सकारात्मक परिणाम देने वाला रहेगा. पुरानी परेशानियों से जूझ रहे लोगों को राहत मिलने के संकेत हैं और सेहत में धीरे-धीरे सुधार महसूस होगा. बच्चों की सेहत को लेकर थोड़ी चिंता रह सकती है, इसलिए सतर्कता जरूरी है. खान-पान में लापरवाही न करें और पौष्टिक भोजन को प्राथमिकता दें. संतुलित दिनचर्या और पर्याप्त आराम आपको फिट और ऊर्जावान बनाए रखेगा. आज मीन राशि का व्यापार राशिफल आज मीन राशि के कारोबारियों के लिए दिन लाभदायक साबित हो सकता है. लंबे समय से तैयार की गई योजनाएं गति पकड़ेंगी और साझेदारों का अच्छा सहयोग मिलेगा. व्यापार में विस्तार के नए अवसर सामने आ सकते हैं. आपकी सूझबूझ और मेहनत आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाएगी. किसी महत्वपूर्ण डील या समझौते के पूरे होने की संभावना है, जो आने वाले समय में उन्नति और सफलता के नए द्वार खोल सकता है. मीन राशि वालों की आर्थिक राशिफल आज मीन राशि के लिए आर्थिक मामलों में दिन संतुलित और सकारात्मक रहने के संकेत हैं. धन संबंधी कुछ कार्यों में शुरुआती रुकावट महसूस हो सकती है, लेकिन समय के साथ परिस्थितियां आपके पक्ष में आती नजर आएंगी. मित्रों और परिवार का सहयोग लाभदायक रहेगा. निवेश, बचत या वित्तीय योजनाओं से जुड़े निर्णय सोच-समझकर लेने पर भविष्य में अच्छा लाभ मिलने की संभावना है. मीन राशि वालों की लव लाइफआज मीन राशि वालों के लिए प्रेम जीवन खुशियों से भरा रहेगा. रिश्तों में मिठास बढ़ेगी और पार्टनर के साथ भावनात्मक जुड़ाव और गहरा होगा. साथ में समय बिताने और कहीं घूमने के अवसर मिलेंगे, जिससे आपसी समझ मजबूत होगी. सिंगल लोगों को भी प्रेम के नए संकेत मिल सकते हैं. वहीं दांपत्य जीवन में प्यार, तालमेल और सहयोग बढ़ेगा, जिससे संबंध और अधिक मजबूत बनेंगे. आज जरूर करें यह उपायआज आपके लिए लकी नंबर 7 रहेगा. यह अंक आपको सफलता और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करेगा. जो जातक धर्म-कर्म में रुचि रखते हैं, वे आज शनि मंदिर जाकर भगवान को तेल से अभिषेक कराएं. साथ ही गरीबों को काले लाल रंग की वस्तुओं का दान करें. यह उपाय मानसिक शांति देगा और आत्मविश्वास बढ़ाएगा. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ujjain,Madhya Pradesh Source link

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