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Exclusive: अल्लाह के नाम पर मांगी पनाह, द‍िए 3000 रुपये, फिर बहाया...

होमताजा खबरदेश सिर्फ 3000 रुपये में 26 जिंदगियों का सौदा? पहलगाम अटैक पर व‍िस्‍फोटक खुलासे Last Updated:May 27, 2026, 23:22 IST पहलगाम अटैक पर एनआईए की चार्जशीट में व‍िस्‍फोटक खुलासे हुए हैं. पता चला है क‍ि कैसे पहलगाम में हमले से पहले आतंकी आए, रुके उन्‍हें लोकल सपोर्ट मिला. और आतंकी जानते हुए भी लोगों ने उन्‍हें सपोर्ट द‍िया. उसके बदले पैसे ल‍िए. पहलगाम अटैक के वक्‍त इस तस्‍वीर ने देश को रुला द‍िया था. (File Photo) अनन्‍या भटनागर‘अल्लाह के नाम पर’ सुरक्षित ठिकाना दिया. आतंकियों को खाना खिलाया. उनके हथियार छिपाए. अमरनाथ यात्रा और सुरक्षाबलों की लोकेशन बताई, और वो भी स‍िर्फ 3 हजार रुपये के ल‍िए. NIA की चार्जशीट ने पहलगाम आतंकी हमले की वो परतें खोल दी हैं, ज‍िनपर पर्दा पड़ा हुआ था. साफ दिखता है कि 26 लोगों का खून बहाने से पहले आतंक‍ियों ने क्‍या क्‍या क‍िया, और उन्‍हें लोकल सपोर्ट कैसे म‍िला. हमले से पहले आतंक‍ियों को पनाह देने वाले आरोपी बशीर ने बताया कि करीब शाम 4 बजे वह हिल पार्क के पास जंगल में अपने घोड़ों को देखने गया था. तभी उसने देखा कि तीन हथियारबंद लोग पेड़ों के पीछे से बाहर आए. उनके हथियार साफ दिखाई दे रहे थे. वे उर्दू बोल रहे थे, जिसमें पंजाबी लहजा था. उन्होंने धार्मिक बातें कीं और ‘अल्लाह के नाम पर’ रहने के लिए सुरक्षित जगह और खाने की मांग की. अपने भतीजे के ठ‍िकाने पर ले गया बशीर अहमद जोथातद ने कहा कि उसी वक्त उसे समझ आ गया था कि ये मुजाहिद यानी आतंकवादी हैं. इसके बावजूद वह उन्हें अपने भतीजे और आरोपी परवेज अहमद के मौसमी ठिकाने (ढोक) तक ले गया, जो हिल पार्क में स्थित था. बशीर पहले खुद ढोक के अंदर गया, हाथ से इशारा किया और फिर आतंकवादी परवेज के ढोक में दाखिल हुए. ढोक के अंदर परवेज अहमद , उसकी पत्नी ताहिरा और उसका छोटा बच्चा मौजूद थे. परवेज ने आतंकियों को पानी और चाय दी. हथियारबंद लोगों ने कहा कि उनके बैग और पाउच कंबलों में छिपा दिए जाएं. बशीर ने बताया क‍ि उन लोगों ने ब‍िल्‍कुल ऐसा ही क‍िया. इसके बाद आतंकियों के लिए खाना बनाया गया. उन्हें चावल और कच्चे टमाटरों की सब्जी खिलाई गई. आगे के सफर के लिए रोटियां बनाकर पैक की गईं. आतंकियों ने एक पतीला, दूसरे बर्तन, दो कंबल और एक पॉलीथिन जैसा तिरपाल मांगा तो बशीर ने परवेज की मदद से उन्‍हें द‍िया. चार्जशीट के मुताबिक आतंकियों ने अमरनाथ यात्रा, आसपास के सुरक्षा बलों के कैंप और इलाके की स्थिति पर बातचीत की. बशीर और परवेज दोनों ने, तीनों आतंकियों को जिहाद की बात करते सुना. वे बार-बार अली भाई का नाम भी ले रहे थे, जो लश्कर-ए-तैयबा और द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) का कथित हैंडलर है और इस मामले में आरोपी नंबर-1 बताया गया है. रात करीब 10 बजे जब आतंकी वहां से निकलने लगे तो उनमें से एक ने परवेज को 3,000 रुपये दिए. इसके कुछ देर बाद बशीर भी ढोक से चला गया. About the Author Gyanendra Mishra Mr. Gyanendra Kumar Mishra is associated with hindi.news18.com. working on home page. He has 20 yrs of rich experience in journalism. He Started his career with Amar Ujala then worked for ‘Hindustan Times Group…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Pahalgam,Anantnag,Jammu and Kashmir Source link

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₹10000000 का इनाम पाओ… बाबा बागेश्वर को खुला चैलेंज, पर्ची को बताया...

Baba Bageshawar : बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एक बार फिर विवादों के घेरे में हैं. आगामी 5 से 7 जून के बीच गुजरात के राजकोट स्थित रेसकोर्स मैदान में उनका ‘सनातन सेतु हनुमंत कथा’ और ‘दिव्य दरबार’ आयोजित होने जा रहा है. इस भव्य आयोजन की तैयारियां जोरों पर हैं, लेकिन इसके साथ ही राजकोट में श्रद्धा, विज्ञान और अंधविश्वास के बीच एक बड़ा वैचारिक युद्ध छिड़ गया है. विभिन्न संगठन और धार्मिक नेता बाबा बागेश्वर के चमत्कारों को लेकर आमने-सामने आ गए हैं. विवाद की शुरुआत राजकोट के जाने-माने वकील और सहकारी नेता परसोत्तम पिपलिया की एक सोशल मीडिया पोस्ट से हुई. उन्होंने कड़ा विरोध जताते हुए लिखा, ‘आनंदो भोले भक्तों, घर-आंगन में अंधविश्वास का कुंभ मेला लगने जा रहा है.’ पिपलिया ने मीडिया से कहा कि उन्हें बाबा के धार्मिक कथा करने से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन धर्म के नाम पर जो कथित चमत्कार और अंधविश्वास फैलाया जा रहा है, वह बेहद खतरनाक है. उन्होंने बाबाओं को चुनौती देते हुए कहा, ‘मुझ पर अपनी तंत्र-मंत्र विद्या आजमा कर दिखाएं, यह सब केवल धोखा है.’ उन्होंने कहा कि एआई और विज्ञान के इस युग में पर्ची से कैंसर ठीक करने के दावे नई पीढ़ी को गुमराह कर रहे हैं. विज्ञान जाथा का 1 करोड़ रुपये का सीधा चैलेंज इस पूरे विवाद में अब ‘विज्ञान जाथा’ के चेयरमैन जयंत पंड्या ने भी एंट्री ले ली है और बाबा बागेश्वर को सीधी चुनौती दे डाली है. पंड्या ने बाबा की ‘पर्ची प्रथा’ को पूरी तरह से फर्जी और बकवास करार दिया है. उन्होंने ऐलान किया है कि यदि बाबा या कोई भी व्यक्ति विज्ञान जाथा द्वारा पूछे गए 3 सवालों के सही जवाब दे देगा, तो उसे 50 लाख से 1 करोड़ रुपये तक का इनाम दिया जाएगा. पंड्या ने यहां तक कह दिया कि अगर बाबा सच्चे साबित हुए तो वे हमेशा के लिए विज्ञान जाथा को बंद कर देंगे. अंधविश्वास फैलाया तो करेंगे FIR दर्ज जयंत पंड्या ने एक और कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि पीएम मोदी ईधन बचाने की अपील करते हैं, जबकि इस कथा में लाखों लोग वाहनों से आएंगे जिससे भारी मात्रा में पेट्रोल-डीजल बर्बाद होगा. उन्होंने आयोजकों और धीरेंद्र शास्त्री को सख्त चेतावनी दी है कि यदि वे राजकोट आकर अंधविश्वास फैलाते हैं या कोई ‘पर्ची चमत्कार’ दिखाते हैं, तो विज्ञान जाथा तुरंत पुलिस स्टेशन जाकर उनके खिलाफ केस (प्राथमिकी) दर्ज कराएगा. साधु समाज ने भी खोला मोर्चा हैरानी की बात यह है कि बाबा बागेश्वर का विरोध सिर्फ वैज्ञानिक सोच वाले संगठन ही नहीं कर रहे हैं, बल्कि साधु समाज भी उनके खिलाफ है. सनातन धर्म समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष ज्योतिरनाथ बापू ने धीरेंद्र शास्त्री पर तीखा हमला बोला है. बापू ने कहा, ‘सनातन धर्म एक अद्भुत और वैज्ञानिक धर्म है, लेकिन विज्ञान की आड़ में खेल करने वाला एक ‘खिलाड़ी’ राजकोट आ रहा है, जो मंच पर पर्ची के नाम पर चमत्कार का नाटक कर लोगों को मूर्ख बनाता है.’ यह अंधविश्वास नहीं, आस्था है- आयोजक इन तमाम विरोधों के बीच सौराष्ट्र सनातन समिति के नेता मंगेश देसाई ने आयोजन का मजबूती से बचाव किया है. देसाई ने कहा कि इसमें अंधविश्वास जैसी कोई बात नहीं है. यह लाखों लोगों की भीड़ के बीच खुले मंच पर होने वाली हनुमान जी की भक्ति और आस्था का विषय है. उन्होंने कहा कि जो लोग बंद कमरों में धागे-ताबीज देकर पैसे ऐंठते हैं, उसे अंधविश्वास कहते हैं. धीरेंद्र शास्त्री तो केवल दुनिया भर में सनातन धर्म का प्रचार करने आ रहे हैं. राजकोट में बाबा बागेश्वर का कार्यक्रम कब और कहां आयोजित हो रहा है? बाबा बागेश्वर (धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री) का ‘सनातन सेतु हनुमंत कथा’ और दिव्य दरबार 5 से 7 जून के बीच राजकोट के रेसकोर्स मैदान में आयोजित होने जा रहा है. विज्ञान जाथा के चेयरमैन जयंत पंड्या ने बाबा बागेश्वर को क्या चैलेंज दिया है? विज्ञान जाथा के चेयरमैन जयंत पंड्या ने बाबा की पर्ची प्रथा को फर्जी बताते हुए कहा है कि अगर वे उनके 3 सवालों के सही जवाब दे दें, तो उन्हें 1 करोड़ रुपये का इनाम दिया जाएगा और विज्ञान जाथा बंद कर दिया जाएगा. वकील परसोत्तम पिपलिया ने बाबा बागेश्वर के दरबार को लेकर क्या कहा है? वकील परसोत्तम पिपलिया ने बाबा के कार्यक्रम को ‘अंधविश्वास का कुंभ मेला’ करार दिया है और कहा है कि आज के AI युग में पर्ची से कैंसर जैसी बीमारियां ठीक करने के दावे नई पीढ़ी को गुमराह कर रहे हैं. साधु समाज के ज्योतिरनाथ बापू ने धीरेंद्र शास्त्री का विरोध क्यों किया है? सनातन धर्म समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष ज्योतिरनाथ बापू ने धीरेंद्र शास्त्री को ‘खिलाड़ी’ बताते हुए कहा है कि वे मंच पर पर्ची के नाम पर चमत्कार का नाटक करके लोगों को मूर्ख बनाते हैं, जिससे समाज में अंधविश्वास फैलता है. Source link

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क्या आपने खाई है सब्जी वाली मिठाई? 4 दिन की मेहनत के...

X क्या आपने खाई है सब्जी वाली मिठाई? 4 दिन की मेहनत के बाद बनती   Bihar Famous Muravva Sweet: लिट्टी-चोखा और सत्तू के लिए मशहूर बिहार के पास एक और अनोखा स्वाद है ‘मुरव्वा’. पटना-जहानाबाद-गया फोरलेन पर स्थित मसौढ़ी में इन दिनों ‘भथुआ पाक’ (एक विशेष हरी सब्जी) से तैयार होने वाली इस पारंपरिक मिठाई की जबरदस्त डिमांड है. हाइवे से गुजरने वाले मुसाफिरों के लिए यह देसी मिठाई पहली पसंद बन चुकी है. दुकान के मालिक सन्नी कुमार ने Local 18 को बताया कि इसे बनाना बेहद चुनौतीपूर्ण है. करीब 3-4 दिन की लंबी और बेहद साफ-सुथरी प्रक्रिया में भथुआ को छीलने, गोदने (छिद्र करने), धोने और फिर चीनी की चाशनी में पकाने के बाद यह रसीला मुरव्वा तैयार होता है. सीजनल होने के कारण इसकी शुद्धता और मांग दोनों ज्यादा है. खास बात यह है कि बाजार में 150 रुपये किलो बिकने वाली यह अनूठी मिठाई यहां महज 100 रुपये प्रति किलो मिल जाती है. रोजाना 2 क्विंटल मुरव्वा तैयार करने में एक दर्जन कारीगर जुटे रहते हैं. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

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डबल मुनाफ देगी फसल! गर्मी में खेतों की करें इस तरह जुताई,...

होमताजा खबरकृषि डबल मुनाफ देगी फसल! गर्मी में खेतों की करें इस तरह जुताई, बंपर होगा उत्पादन Last Updated:May 27, 2026, 20:11 IST Agri Tips: छतरपुर नौगांव कृषि विज्ञान केंद्र में पदस्थ डॉक्टर कमलेश अहिरवार लोकल 18 से कहा कि जिले में इस समय ज्यादातर किसान भाइयों के खेत खाली पड़े हैं. 40 पार चल रहा है. ऐसे में किसान भाइयों को अपने खेत में जुताई जरूर कर लेनी चाहिए. यह जुताई खरीफ फसल के लिए फायदेमंद साबित होगी. किसान खेत की जुताई प्लाऊ से भी कर सकते हैं.कल्टीवेटर या हेरो से भी कर सकते हैं.‌ रवि सीजन की फसल कटने के बाद अगर आप खरीफ फसल में बेहतर पैदावार चाहते हैं, तो खेत की जुताई जरूर करें. कृषि एक्सपर्ट के मुताबिक गर्मियों में की गई जुताई से न सिर्फ मिट्टी की सेहत सुधरती है, बल्कि खरपतवारों और कीटों से भी राहत मिलती है. इससे पानी की बचत होती है. फसल का उत्पादन भी बेहतर होता है. छतरपुर नौगांव कृषि विज्ञान केंद्र में पदस्थ डॉक्टर कमलेश अहिरवार लोकल 18 से कहा कि जिले में इस समय ज्यादातर किसान भाइयों के खेत खाली पड़े हैं. तापमान 40 पार चल रहा है. ऐसे में किसान भाइयों को अपने खेत में जुताई जरूर कर लेनी चाहिए. यह जुताई खरीफ फसल के लिए फायदेमंद साबित होगी. किसान खेत की जुताई प्लाऊ से भी कर सकते हैं या कल्टीवेटर या हेरो से भी कर सकते हैं.‌ किसान भाई कोशिश करें कि खेत की जुताई गहरी कराएं तभी उन्हें फायदा होगा नहीं तो जुताई में पैसा ही बर्बाद होगा. खेत की जुताई किसी भी यंत्र से करें. लेकिन गहरी जुताई होनी चाहिए. गर्मी में जुताई के फायदे डॉ कमलेश बताते हैं कि गर्मी में खेत की जुताई करने से मिट्टी के कीट पतंग खत्म हो जाते हैं. क्योंकि जुताई करने से नीचे की मिट्टी ऊपर आ जाती है.‌मिट्टी में दबे कीट के बच्चे, लार्वे, अंडे, प्यूपा होते हैं, वह सभी नीचे से ऊपर आ जाते हैं. बिना दवाई के धूप में नष्ट हो जाते हैं. हमें अलग से दवाई डालने की जरूरत ही नहीं होती है.  इसके साथ ही बीमारी फैलाने वाले फंफूद, फंगस, वायरस, बैक्टीरिया वो भी सारे नष्ट हो जाएंगे. खरपतवार खत्म हो जाते डॉ कमलेश बताते हैं कि खेत में जो चारे का दाना डला हुआ है वह भी नष्ट हो जाएगा. खेत में उगने वाले सभी तरह के खरपतवार नष्ट हो जाते हैं.डॉ कमलेश बताते हैं कि खेत की जुताई न करने से मानसून की बारिश में खेत का पानी नदी नाले में बह जाता है.‌ खेत का पानी बहने के साथ ही खेत के पोषक तत्व भी बह जाते हैं. वहीं जुताई के बाद खेत का सारा पानी जुताई के बाद खेत में ही रहता है. ऐसे में कुआं, ट्यूबवेल जैसे जलस्त्रोतों का जलस्तर भी बढ़ता है. 15 जून के पहले कर लें जुताईडॉ कमलेश बताते हैं कि अगर गर्मियों में खेत की जुताई नहीं कर पाते हैं तो फिर मानसून की पहली बारिश में खेत का पानी बह जाता है. इस पानी के साथ में खेत के पोषक तत्व भी बह जाते हैं. इसलिए अभी भी के आखरी सप्ताह से लेकर 15 जून के पहले खेत की जुताई कर लेनी चाहिए.‌ प्लाऊ से करें जुताई एक्सपर्ट के मुताबिक गर्मी में खेत की जुताई प्लाऊ से कराना चाहिए. यह गहरी जुताई करने में सक्षम होता है. खेत की मिट्टी को आधे से एक फीट पलट देता है. इसलिए पहली बारिश से पहले खेत की गहरी जुताई कर लेनी चाहिए. छतरपुर जिले में कस्टम हायरिंग सेंटर भी खोले गए हैं जहां से किसान भाई ये यंत्र किराए से ले सकते हैं. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Chhatarpur,Chhatarpur,Madhya Pradesh Source link

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वाल्मीकि से MUDA घोटालों तक… सिद्धारमैया सरकार पर अंतिम वार! अब कर्नाटक...

होमताजा खबरदेश सिद्धारमैया सरकार पर अंतिम वार! अब कर्नाटक में कोई नहीं रोक सकता चुनाव Last Updated:May 27, 2026, 19:15 IST कांग्रेस अगले महीने होने जा रहे राज्यसभा चुनावों के बाद कर्नाटक में संभावित सत्ता परिवर्तन पर अपना फैसला ले सकती है. सूत्रों के अनुसार शिवकुमार खेमा सिद्धारमैया पर शीर्ष पद छोड़ने का दबाव बना रहा है. उन्हें केंद्र में भूमिका देने का प्रस्ताव दिया गया है, जिसे उन्होंने अभी तक स्वीकार नहीं किया है. उन्हें राज्यसभा की सीट का भी प्रस्ताव दिया गया है. ख़बरें फटाफट बीजेपी ने सिद्धारमैया सरकार पर निशाना साधा. (फाइल फोटो) शिवमोग्गा. कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष और विधायक बी.वाई. विजयेंद्र ने बुधवार को कहा कि मुख्यमंत्री बदलने को लेकर कांग्रेस आलाकमान की कथित पहल सिद्धारमैया सरकार की प्रशासनिक विफलता को स्वीकार करने जैसा है. उन्होंने दावा किया कि राज्य में समय से पहले विधानसभा चुनाव अब तय हो चुके हैं. विजयेंद्र ने कहा, “राज्य में समय से पहले चुनाव को अब कोई नहीं रोक सकता.” मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि मंगलवार (26 मई) को दिल्ली में करीब पांच से साढ़े पांच घंटे तक चली मैराथन बैठकों के बाद मुख्यमंत्री से इस्तीफा लेने का अंतिम फैसला किया गया. उन्होंने कहा कि यह इस बात का स्पष्ट संकेत है कि कर्नाटक में कांग्रेस अपने अंतिम दौर में पहुंच चुकी है. एक सवाल के जवाब में विजयेंद्र ने कहा कि सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद चाहे जो भी मुख्यमंत्री बने, वह केवल अस्थायी होगा. उन्होंने दोहराया कि कर्नाटक में समय से पहले चुनाव को कोई नहीं रोक सकता. उन्होंने कहा कि जैसे ही सिद्दारमैया इस्तीफा देंगे, उसके बाद पैदा होने वाली राजनीतिक असमंजस की स्थिति जनता के सामने आ जाएगी, चाहे अगला मुख्यमंत्री कोई भी बने. एक अन्य सवाल पर विजयेंद्र ने कहा कि कांग्रेस आलाकमान के फैसले के बाद सिद्धारमैया निश्चित रूप से इस्तीफा देंगे. हालांकि, अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, यह केवल भगवान ही जानता है. उन्होंने कहा कि यह सब कर्नाटक में कांग्रेस के पतन का संकेत है. विजयेंद्र ने स्पष्ट किया कि उनकी सिद्धारमैया से कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है और वह उन्हें दक्षिण भारत के सबसे अनुभवी मुख्यमंत्रियों में से एक मानते हैं. हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि सिद्धारमैया ने राज्य को लगभग 10 लाख करोड़ रुपये के कर्ज के बोझ तले दबा दिया है. उन्होंने कहा कि लोगों को समझना चाहिए कि कर्नाटक कर्ज के जाल में फंस चुका है. उनके अनुसार असली मुद्दा यह नहीं है कि अगला मुख्यमंत्री कौन बनेगा, बल्कि यह है कि राज्य किस दिशा में जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के अंदरूनी संघर्ष ने शासन व्यवस्था को पूरी तरह कमजोर कर दिया है. विजयेंद्र ने वाल्मीकि निगम घोटाले और ‘मुदा’ घोटाले का जिक्र करते हुए सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए. उन्होंने कुछ अधिकारियों की कथित आत्महत्या की घटनाओं का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि उपचुनावों में जीत को सुशासन का पैमाना नहीं माना जा सकता. अगर उपचुनाव की जीत ही सुशासन का पैमाना होती, तो सिद्धारमैया को इस्तीफे की नौबत नहीं आती. विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार भ्रष्टाचार में डूब चुकी है, राज्य में विकास कार्य ठप हो गए हैं और इसी वजह से नेतृत्व परिवर्तन की नौबत आई है. About the Author Rakesh Ranjan Kumar राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Bangalore,Bangalore,Karnataka Source link

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Pakistan Punjab Flood High Alert। India alerts Pakistan Chenab flood। दिल्‍ली ने...

होमताजा खबरदेश दिल्‍ली ने भेजा एक संदेश और सहमा इस्लामाबाद; पाकिस्तान के पंजाब में हाई-अलर्ट Last Updated:May 27, 2026, 18:14 IST पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जल संधि निलंबित किए जाने के बावजूद दिल्ली ने इंसानियत दिखाते हुए पाकिस्तान को चिनाब नदी में संभावित बाढ़ का अलर्ट भेजा है. जम्मू-कश्मीर के सलाल बांध से गाद साफ करने के लिए स्पिलवे गेट खोले जाने से वहां जलस्तर 3 मीटर तक बढ़ सकता है. भारत से मिले इस जरूरी इनपुट के बाद पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में तुरंत हाई-अलर्ट घोषित कर दिया गया है. भारत ने पाकिस्‍तान को संभावित बाढ़ के लिए समय से जानकारी दे दी है. भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे गंभीर तनाव और पिछले साल हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) के निलंबन के बावजूद भारत ने एक बार फिर मानवीय गरिमा और जिम्मेदारी की मिसाल पेश की है. जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में स्थित सलाल बांध से गाद निकालने और मानसून से पहले जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए भारत ने बांध के स्पिलवे गेट खोल दिए हैं. इसके चलते चिनाब नदी में पानी का बहाव तेजी से बढ़ने की संभावना है. भारत सरकार ने इस बढ़े हुए जलप्रवाह के बारे में पाकिस्तान को अरली वार्निंग भेजकर सतर्क कर दिया है ताकि निचले इलाकों में रहने वाले लोग सुरक्षित स्थानों पर जा सकें. भारत से मिले इस आधिकारिक इनपुट के बाद पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में तुरंत फ्लड अलर्ट घोषित कर दिया गया है. सियालकोट के डिप्टी कमिश्नर समेत आपदा प्रबंधन अधिकारियों को नदी पर 24 घंटे निगरानी रखने और आम जनता को चिनाब के किनारों से दूर रखने के निर्देश दिए गए हैं. यह पिछले आठ महीनों में दूसरा मौका है जब भारत ने संधि निलंबित होने और पाकिस्तान के लगातार दुष्प्रचार के बाद भी उसे इस तरह की आपदा से बचाने के लिए समय रहते सूचना दी है. इससे पहले अगस्त 2024 में भी भारत ने सतलुज नदी में बाढ़ आने की चेतावनी देकर पाकिस्तान के हजारों नागरिकों को सुरक्षित निकालने में मदद की थी. इस मानवीय कदम के विपरीत पाकिस्तान वैश्विक मंचों पर भारत के खिलाफ अपनी बयानबाजी और वॉटर वेपनाइजेशन (पानी को हथियार बनाने) के झूठे आरोपों से बाज नहीं आ रहा है. ताजिकिस्तान में जल सम्मेलन के दौरान पाकिस्तानी मंत्री डॉ. मुसादिक मलिक और संयुक्त राष्ट्र (UN) में वहां के विदेश मंत्री इशाक डार ने भारत पर साझा जल संसाधनों का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया. पाकिस्तान की यह छटपटाहट इसलिए भी है क्योंकि उसकी कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था और देश का अन्न का कटोरा कहा जाने वाला पंजाब प्रांत पूरी तरह से सिंधु बेसिन की नदियों पर निर्भर है. भारत के इस सख्त स्टैंड ने पाकिस्तान को कूटनीतिक रूप से अलग-थलग कर दिया है. भारत ने पाकिस्‍तान को सूचना दी. भारत-पाकिस्‍तान IWT विवाद 5 मुख्य बातें • बाढ़ की समय पूर्व चेतावनी: भारत ने जम्मू-कश्मीर के सलाल बांध के गेट खोलने के बाद चिनाब नदी में 30 मई तक पानी का बहाव बढ़ने की चेतावनी पाकिस्तान को दी है.• सलाल बांध की गाद सफाई: मानसून से पहले बांध की सफाई और गाद (Silt) निकालने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा स्पिलवे गेट्स को खोला गया है.• पाकिस्तान में हाई अलर्ट: भारत से इनपुट मिलने के बाद पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में आपदा प्रबंधन टीमों को सक्रिय कर दिया गया है, क्योंकि चिनाब का जलस्तर 2 से 3 मीटर तक बढ़ सकता है.• दुष्प्रचार जारी: भारत की इस मदद के बावजूद, पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने संयुक्त राष्ट्र (UN) में भारत पर पानी को हथियार बनाने का आरोप लगाया है.• सख्त रुख के बाद भी मानवीयता: 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले (जिसमें 25 पर्यटकों की जान गई थी) के बाद भारत ने ‘खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते’ की नीति के तहत संधि निलंबित कर दी थी, फिर भी भारत ने इंसानी जानों की रक्षा के लिए अलर्ट भेजा. सिंधु जल विवाद- दुश्‍मनी में भी भारत की शराफतभारत द्वारा सिंधु जल संधि (IWT) को ठंडे बस्ते में डालना पाकिस्तान के लिए एक बड़ा आर्थिक और रणनीतिक झटका है. वर्ष 1960 में हस्ताक्षरित यह संधि भारत-पाकिस्तान के बीच 1965, 1971 और 1999 के भीषण युद्धों के दौरान भी कभी नहीं रुकी थी. लेकिन, 2025 में पहलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने अपनी कूटनीति में बड़ा बदलाव किया. भारत ने न केवल संधि को निलंबित किया बल्कि मानसून के दौरान पाकिस्तान के साथ साझा किए जाने वाले वॉटर-लेवल डेटा को भी पूरी तरह से बंद कर दिया. यह डेटा पाकिस्तान के लिए पंजाब और सिंध प्रांतों में बाढ़ से बचने का एकमात्र जरिया था. इस पूरे घटनाक्रम का विश्लेषण करें तो यह साफ होता है कि भारत ने भले ही कड़े दंडात्मक कदम उठाते हुए डेटा शेयरिंग रोक दी हो लेकिन वह एक गैर-जिम्मेदार देश की तरह काम नहीं कर रहा है. चिनाब नदी को लेकर दिया गया यह ताजा अलर्ट दिखाता है कि भारत कूटनीतिक मोर्चे पर बेहद परिपक्व है; वह बिना संधि के बंधनों के भी मानवीय आधार पर आपदा प्रबंधन की जानकारी साझा कर रहा है. वहीं दूसरी ओर, पाकिस्तान की बौखलाहट वैश्विक मंचों पर साफ दिख रही है, क्योंकि आने वाले सूखे और गर्मियों के मौसम में सिंधु बेसिन के पानी के बिना उसकी पूरी खेती बर्बाद हो सकती है. भारत के इस कदम ने दुनिया को यह संदेश दिया है कि दिल्ली आतंकवाद पर कोई ढील नहीं देगा, लेकिन बेकसूर नागरिकों की जान बचाने के भूगोल और नदियों के प्राकृतिक नियमों का सम्मान हमेशा करेगा. सिंधु जल विवाद 5 सवाल-जवाब भारत ने पाकिस्तान को चिनाब नदी को लेकर क्या ताजा चेतावनी जारी की है? भारत ने पाकिस्तान को सूचित किया है कि जम्मू-कश्मीर में सलाल बांध के स्पिलवे गेट खोलने के कारण चिनाब नदी में 30 मई तक पानी का बहाव तेजी से बढ़ सकता है, जिससे वहां बाढ़ का खतरा पैदा हो सकता है. सलाल बांध के गेटों को अचानक क्यों खोलना पड़ा? मानसून सीजन की शुरुआत से पहले बांध में जमा हुई गाद (Silt Flushing) को साफ करने और अत्यधिक पानी के ओवरफ्लो को प्रबंधित करने

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एमपी में गर्मी का कहर! छतरपुर में पारा 47 डिग्री पार, मौसम...

Last Updated:May 27, 2026, 17:20 IST Weather News: छतरपुर सहित पूरे बुंदेलखंड में इस समय गर्मी से लोग परेशान हैं. तापमान 47 डिग्री सेल्सियस पहुंच रहा है. ऐसे में लोगों ने घरों से बाहर भी निकलना छोड़ दिया है. हालांकि, लोगों को गर्मी से जल्द ही राहत मिलने वाली है. जिले में पहली बारिश कब होगी? तापमान में गिरावट कब तक आएगी? आइए जानते हैं एक्सपर्ट से  मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी का दौर लगातार जारी है. गर्म हवाओं ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है. जिसके चलते मई के आखिरी सप्ताह में प्रदेश के कई जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है. जिसमें मप्र का छतरपुर जिला भी शामिल है. जहां अधिकतम तापमान 47 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जा चुका है.  मौसम विभाग ने बुंदेलखंड के दमोह ,पन्ना, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जैसे जिलों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है. नौगांव कृषि विज्ञान केंद्र में पदस्थ कृषि मौसम वैज्ञानिक हेमंत कुमार सिन्हा बताते हैं कि छतरपुर जिले में फिलहाल गर्मी नए-नए रिकार्ड बना रही है. खुद के पुराने रिकॉर्ड तोड़ रही है. इसी बीच नवतपा भी शुरू हैं जिसका असर पूरे जिले भर में 2 जून तक रहेगा.हेमंत कुमार आगे बताते हैं कि छतरपुर जिले में तापमान की बात करें तो इस नवतपा में अधिकतम तापमान 47 डिग्री सेल्सियस गया है, जो बहुत ज्यादा है. लोग अभी भी गर्मी से बेहाल और परेशान हैं. मौसम विभाग द्वारा जिले में आने वाले 2 दिनों तक सीवियर हीट वेव घोषित किया गया है. 29 से 31 मई के बीच होगा मौसम में बदलाव हालांकि, इसी बीच छतरपुर जिले के लोगों के लिए खुशखबरी भी है. क्योंकि जिले में 29 मई  से लेकर 31 भी के बीच मौसम बदलने वाला है. कहने का मतलब है कि 29 से 31 मई के बीच मौसम खराब रहेगा. तेज आंधी के साथ बिजली चमक, बूंदाबांदी की संभावना बनी रहेगी. जिससे जिले के लोगों को गर्मी से थोड़ा बहुत राहत तो मिलेगी. प्री मानसून से गर्मी से मिलेगी राहत हेमंत कुमार बताते हैं कि इस बार प्री मानसून 5 जून से 10 जून के बीच आने की संभावना है. जिससे लोगों को और राहत मिलेगी. छतरपुर जिले में देर से पहुंचेगा मानसून मानसून की बात करें तो मध्यप्रदेश में 15 जून से 18 जून तक प्रवेश करेगा.‌ ये मानसून पूरे मध्यप्रदेश में 25 जून तक कवर हो जाएगा. छतरपुर जिले की बात करें तो 23 से 25 जून के बीच में प्रवेश कर सकता है. फिलहाल पश्चिमी विक्षोभ कमजोर पड़ने और सूखी हवाओं के कारण गर्मी तेजी से बढ़ रही है. हालांकि महीने के अंत तक छतरपुर में हल्की आंधी और बूंदाबांदी की संभावना भी जताई गई है, जिससे लोगों को आंशिक राहत मिल सकती है. जिले में अधिकतम तापमान 44 से 47 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया. मौसम विभाग के अनुसार मई महीने में राजगढ़, रतलाम, खंडवा, खजुराहो और गुना जैसे जिलों में अधिकतम तापमान 44 से 47 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया. छतरपुर जिले में इस साल मई माह के पिछले दिनों का तापमान आंकड़ा :दिनांक अधि. न्यू.13मई 40 2514मई. 42.5 26.215मई 42.6 25.816मई 44.8 27.217मई 44.4 27.218 मई 46 27.319 मई 47 26.620 मई 46.6 27.521मई 46. 26.2 कृषि मौसम वैज्ञानिक हेमंत कुमार के मुताबिक 19 मई 2026 के दिन नौगांव का तापमान प्रदेश में दूसरा स्थान और वहीं प्रथम खजुराहो शहर का 47.4 डिग्री सेंटीग्रेड दर्ज किया गया था. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Chhatarpur,Chhatarpur,Madhya Pradesh Source link

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Online Gaming Supreme Court Verdict। दांव पर पैसा लगाया तो खेल जुआ...

सुप्रीम कोर्ट ने ऑनलाइन गेमिंग, कसीनो और फैंटेसी स्पोर्ट्स पर 28% जीएसटी (GST) लगाने के सरकार के फैसले को पूरी तरह बरकरार रखा है. कोर्ट ने इसके खिलाफ दायर सभी याचिकाओं को खारिज करते हुए साफ किया कि जब अनिश्चित नतीजों पर पैसा लगाया जाता है तो ‘स्किल-बेस्ड’ (कौशल आधारित) गेम भी सट्टेबाजी और जुए जैसा ही रूप ले लेते हैं. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने इसे पिछली तारीख से लागू करने की मंजूरी दे दी है और कर्नाटक हाई कोर्ट के गेम्सक्राफ्ट वाले पुराने फैसले को पूरी तरह रद्द कर दिया है. ऑनलाइन रियल-मनी गेमिंग इंडस्ट्री ने केंद्र सरकार द्वारा भेजे गए भारी-भरकम जीएसटी (GST) टैक्स नोटिस को चुनौती दी गई थी. कोर्ट ने केंद्रीय माल और सेवा कर (CGST) अधिनियम के प्रावधानों, राज्य जीएसटी कानूनों और इससे जुड़े नियमों की संवैधानिक वैधता को पूरी तरह बरकरार रखा है. जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की पीठ ने ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों द्वारा दायर की गई सभी याचिकाओं को सिरे से खारिज कर दिया. ग्रॉस गेमिंग रेवेन्यू पर टैक्‍स लगाने की थी अपीलइस पूरे कानूनी विवाद में गेमिंग कंपनियों का सबसे मुख्य और मजबूत तर्क यह था कि टैक्स का आकलन केवल उनके ‘ग्रॉस गेमिंग रेवेन्यू’ (GGR) यानी प्लेटफॉर्म फीस पर होना चाहिए. प्लेटफॉर्म फीस वह मामूली कमीशन होता है जो कंपनियां गेम आयोजित करने के बदले यूजर्स से वसूलती हैं. कंपनियों का कहना था कि यूजर्स द्वारा गेम खेलने के लिए पूल में जमा की गई पूरी रकम पर टैक्स लगाना उनके कारोबार को पूरी तरह तबाह कर देगा. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस दलील को पूरी तरह अस्वीकार कर दिया. कोर्ट ने साफ कहा कि टैक्स पूरी दांव राशि पर ही लगेगा. कौशल या किस्मत… सब सट्टासुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में एक बेहद महत्वपूर्ण कानूनी व्यवस्था दी. कोर्ट ने कहा कि कोई खेल कौशल आधारित है या किस्मत आधारित, इस बात से सट्टेबाजी और जुए की परिभाषा तय नहीं होती. अगर किसी भी खेल में किसी अनिश्चित परिणाम के ऊपर पैसा दांव पर लगाया जा रहा है तो जीएसटी के नजरिए से वह लेन-देन पूरी तरह सट्टेबाजी और जुए के चरित्र जैसा ही माना जाएगा. इसके अलावा कोर्ट ने साल 2023 के जीएसटी संशोधनों को पिछली तारीख से लागू करने के सरकार के अधिकार को भी सही माना, जिससे कंपनियों की मुश्किलें और ज्यादा बढ़ गई हैं. ऑनलाइन गेमिंग फैसले की 5 मुख्य बातें • कंपनियों की मुख्य दलील खारिज: कोर्ट ने कंपनियों की उस मांग को ठुकरा दिया जिसमें केवल ग्रॉस गेमिंग रेवेन्यू (GGR) या प्लेटफॉर्म फीस पर टैक्स लगाने की बात कही गई थी.• पूरी रकम पर लगेगा 28% टैक्स: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब गेम खेलने के लिए यूजर्स द्वारा दांव पर लगाई गई पूरी शुरुआती रकम (Full Amount Staked) पर 28% जीएसटी देना होगा.• पैसा लगते ही खेल बना ‘जुआ’: अदालत ने साफ किया कि अगर किसी भी अनिश्चित नतीजे पर पैसा दांव पर लगाया जाता है, तो टैक्स के उद्देश्य से वह खेल सट्टेबाजी और जुए की श्रेणी में ही आएगा.• पिछली तारीख से टैक्स वसूलने को मंजूरी: कोर्ट ने साल 2023 के जीएसटी संशोधनों को ‘स्पष्टीकरण’ मानते हुए इसे पिछली तारीख (Retrospective) से लागू करने की वैधता पर मुहर लगा दी है.• कानून पूरी तरह संवैधानिक: सुप्रीम कोर्ट ने CGST एक्ट के प्रावधानों, राज्यों के जीएसटी कानूनों और नियमों को संवैधानिक रूप से पूरी तरह वैध और सही ठहराया है. गेमिंग इंडस्ट्री पर बुरा असरसुप्रीम कोर्ट का यह फैसला भारत के तेजी से बढ़ते ऑनलाइन रियल-मनी गेमिंग सेक्टर के लिए एक बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित होने वाला है. कंपनियों का पूरा बिजनेस मॉडल ग्रॉस गेमिंग रेवेन्यू (GGR) पर आधारित था, जहां वे कुल जमा राशि का एक छोटा हिस्सा (लगभग 10% से 15%) प्लेटफॉर्म फीस के रूप में कमाती थीं. अब पूरी दांव राशि पर 28% जीएसटी लगने से गेमिंग कंपनियों का प्रॉफिट मार्जिन पूरी तरह खत्म होने की कगार पर पहुंच जाएगा. इसका सीधा असर यूजर्स पर पड़ेगा क्योंकि अब उन्हें गेम खेलने के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे और जीतने वाली इनामी राशि में भी कमी आ सकती है. कानूनी दृष्टिकोण से देखें तो कोर्ट ने गेम ऑफ स्किल और गेम ऑफ चांस के बीच के पुराने अंतर को टैक्स के मोर्चे पर धुंधला कर दिया है. अब तक कंपनियां कोर्ट के पुराने फैसलों का हवाला देकर खुद को सट्टेबाजी से अलग बताती थीं, लेकिन नए फैसले ने साफ कर दिया है कि जहां वित्तीय जोखिमऔर अनिश्चित परिणाम जुड़े हैं, वहां टैक्स की दरें जुए के समान ही होंगी. इसके अलावा, पिछली तारीख से टैक्स लागू होने की मंजूरी मिलने के बाद कंपनियों के ऊपर पहले से जारी अरबों रुपये के टैक्स डिमांड नोटिस का भूत फिर से जी उठा है, जिससे कई स्टार्टअप्स के बंद होने या विदेशी निवेश के रुकने का खतरा पैदा हो गया है. आनलाइन गेमिंग पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला, सवाल-जवाब : ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों की सुप्रीम कोर्ट में टैक्स को लेकर क्या मुख्य मांग थी? गेमिंग कंपनियों की मुख्य मांग थी कि जीएसटी (GST) केवल उनके ग्रॉस गेमिंग रेवेन्यू (GGR) या प्लेटफॉर्म फीस पर ही वसूला जाना चाहिए. उनका तर्क था कि यूजर्स द्वारा दांव पर लगाई गई कुल राशि उनकी कमाई नहीं है, इसलिए उस पर टैक्स लगाना गलत है. सुप्रीम कोर्ट ने कंपनियों की इस दलील को किस आधार पर खारिज कर दिया? सुप्रीम कोर्ट ने इस दलील को खारिज करते हुए कहा कि जब किसी अनिश्चित परिणाम वाले खेल में पैसा दांव पर लगाया जाता है, तो वह लेन-देन जीएसटी के दायरे में सट्टेबाजी और जुए जैसा ही माना जाता है. इसलिए टैक्स पूरी दांव राशि पर ही देय होगा. इस फैसले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट की किस बेंच ने की और किन कानूनों को वैध माना? इस मामले की सुनवाई जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की बेंच ने की. कोर्ट ने केंद्रीय माल और सेवा कर (CGST) अधिनियम के प्रावधानों, विभिन्न राज्यों के जीएसटी कानूनों और इससे जुड़े नियमों की संवैधानिक वैधता को सही ठहराया. कोर्ट ने ‘गेम ऑफ स्किल’ (कौशल का खेल) को लेकर क्या अहम टिप्पणी की है? कोर्ट ने स्पष्ट किया कि कोई खेल स्किल-बेस्ड है या नहीं,

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अब जेन-Z को मिलेगा 60 साल का अनुभव, स्कूलों में जाएंगे बुजुर्ग,...

Last Updated:May 27, 2026, 15:17 IST अखिल भारतीय सीनियर सिटिजन वेलफेयर सोसाइटी के 2500 बुजुर्गों ने संकल्‍प ल‍िया है क‍ि वे स्कूल कॉलेजों में जाकर बच्चों संग जुड़ेंगे और अपने अनुभव बांटेंगे. बदले में युवाओं से डिजिटल और साइबर ज्ञान सीखेंगे. सीन‍ियर स‍िटि‍जन अब युवाओं और बच्‍चों से जुड़ेंगे. बुजुर्गों के अनुभव युवाओं के काम आ सकते हैं. वहीं युवाओं से बुजुर्ग तकनीकी बारीकियां सीख सकते हैं. युवाओं और बुजुर्गो के बीच सामाजिक तालमेल को बेहतर करने के लिए देश के वरिष्ठ नागरिकों ने एक अनोखी पहल की है. अपनी-अपनी नौकरियों से सेवानिवृत हो चुके सीनियर सिटिजन अब छोटे बच्चों और युवाओं से जुड़ेंगे. 2500 बुजुर्गों ने युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों के बीच संवाद स्थापित करने के लिए संकल्प लिया है. ये सभी डिजिटल मंच के जरिए डिजिटल सदस्य बनाएंगे और स्कूलों, कॉलेजों में संपर्क करेंगे. बुजुर्गों का कहना है कि सेवानिवृत होने के बाद जीवन खत्म नहीं हो जाता, बेहतर समाज के निर्माण में वरिष्ठ नागरिकों के अनुभवों का उपयोग होना चाहिए. ऐसे में देशभर के वरिष्ठ नागरिकों को एक मंच पर लाने, हितों की रक्षा, स्वास्थ्य सुरक्षा, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों के बीच मंच स्थापित करने सहित कई मुद्दों पर पहला राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें संस्था के देशभर के 200 से अधिक वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल हुए. सम्मेलन में अखिल भारतीय सीनियर सिटिजन वेलफेयर सोसाइटी के संस्थापक और राष्ट्रीय अध्यक्ष केएल अरोड़ा ने कहा कि संस्था गत 17 वर्षो से उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड में काम कर रही है, संस्था को राष्ट्रीय स्तर का पंजीकरण मिलने के बाद संस्था के विजन 2030 के अंर्तगत सात एजेंडों पर काम करने के लिए प्रतिनिधियों के साथ सार्थक चर्चा की गई. इसके साथ ही संस्था का विस्तारीकरण दिल्ली सहित राष्ट्रीय स्तर पर करने का संकल्प लिया गया है. केवल वरिष्ठ नागरिकों के हितों की रक्षा ही नहीं बल्कि युवाओं के साथ साझेदारी कर वरिष्ठ नागरिक संगठन समाज को सही दिशा देने का काम भी कर रही है. संस्था के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट भारत भूषण इलाहबादी ने कहा कि संस्था युवा पीढ़ी और सीनियर सिटिजन वर्ग के बीच एक मंच का काम करेगा, जिससे मतभेद दूर होने के साथ ही जानकारियों को भी साझा किया जा सके, साइबर मंच के जरिए जानकारियों का आदान प्रदान किया जा सकेगा. उदाहरण के लिए साइबर फ्रॉड की जानकारी वरिष्ठ नागरिक युवाओं से सीखेंगे इसके लिए युवाओं को डिजिटल सदस्य के रूप में संस्था से जोड़ा जाएगा. वहीं भारत भूषण ने कहा कि युवाओं को कॉकरोच बनने की नहीं, बल्कि लॉयन बनने की जरूरत है, युवाओं के ज्ञान के सही दिशा देकर देश को विकसित बनाया जा सकता है. वरिष्ठ नागरिकों के अनुभव और युवाओं की तकनीकि जानकारी निश्चित रूप से समाज में बदलावा की दिशा तय करेगी. बता दें कि अखिल भारतीय सीनियर सिटिजन वेलफेयर सोसाइटी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से वर्ष 2010 में शुरू हुई संस्था है जो आज राष्ट्रीय स्तर का दर्जा प्राप्त कर चुकी है. आने वाले दिनों में इस संस्था के सदस्य स्कूली बच्चों से कनेक्ट होते दिखाई देंगे. About the Author प्रिया गौतमSenior Correspondent Priya Gautam is an accomplished journalist currently working with Hindi.News18.com with over 14 years of extensive field reporting experience. Previously worked with Hindustan times group (Hindustan Hindi) and …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi Source link

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Amit Shah News | India Pakistan Border | Zero Tolerance Policy

Last Updated:May 27, 2026, 14:16 IST Amit Shah News: बीकानेर में अमित शाह की बैठक में भारत पाकिस्तान सीमा से 15 क‍िलोमीटर तक अवैध निर्माण पर जीरो टॉलरेंस, बीएसएफ और एजेंसियां संयुक्त बॉर्डर मैनेजमेंट करेंगी और साइबर क्राइम पर भी सख्ती रहेगी. अम‍ित शाह ने बीकानेर में मंगलवार को की थी हाईलेवल सुरक्षा बैठक नई द‍िल्‍ली. कल यानी मंगलवार को बीकानेर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राजस्थान के बॉर्डर जिलों की सुरक्षा को लेकर हाईलेवल बैठक की. बैठक में भारत-पाक सीमा से 15 KM के दायरे में 360 ड‍िग्री सिक्योरिटी प्लान तैयार किया गया है. अमित शाह ने साफ निर्देश दिए कि सीमा से 15 क‍िलोमीटर तक के क्षेत्र में होने वाले हर अवैध निर्माण पर सख्त कार्रवाई होगी. जीरो टॉलरेंस नीति के तहत ऐसे सभी अवैध निर्माण तुरंत ध्वस्त किए जाएंगे. इस प्लान का मकसद राजस्थान के बॉर्डर जिलों में घुसपैठ, ड्रग्स तस्करी और अन्य अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह लगाम लगाना है. हवाला जैसे मामलों की होगी जांचइसके लिए बीएसएफ, एनसीबी, सीबीडीटी और राज्य की एजेंसियां मिलकर संयुक्त बॉर्डर मैनेजमेंट करेंगी. जिलाधिकारियों (DM) को बड़े अधिकार दिए गए हैं ताकि वे फर्जी कंपनियों, म्यूल अकाउंट्स और संदिग्ध आर्थिक गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई कर सकें. नकली आधार कार्ड, संदिग्ध फंडिंग और हवाला जैसे मामलों की गहन जांच के निर्देश भी दिए गए हैं हेल्‍पलाइन का होगा इस्‍तेमालसाइबर क्राइम पर रोक के लिए ‘1930’ हेल्पलाइन के प्रभावी इस्तेमाल पर जोर दिया गया है, साथ ही नए आपराधिक कानूनों के सख्त क्रियान्वयन के निर्देश भी दिए गए हैं. राजस्थान के 5 बॉर्डर जिलों के डीएम और एसपी के साथ हुई इस अहम बैठक में अमित शाह ने साफ किया कि सीमा सुरक्षा और आंतरिक सुरक्षा से समझौता किसी भी कीमत पर नहीं होगा. ब‍िहार के बॉर्डर पर हुई थी क्‍या कार्रवाईअमित शाह ने यह भी याद दिलाया कि इससे पहले बिहार के सीमांचल क्षेत्र में भी इसी तरह की कार्यवाही की गई थी. जहां अब तक लाखों अवैध रूप से निर्मित संपत्तियों को ध्वस्त किया जा चुका है. अब वही कड़ा मॉडल राजस्थान के बॉर्डर इलाकों में लागू किया जा रहा है ताकि पाकिस्तान की सीमा से 15 KM तक का पूरा क्षेत्र 360 डिग्री सिक्योरिटी कवर के तहत सुरक्षित किया जा सके. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi Source link

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