भारतन्यूज़ – टॉप हेडर
News Menu Bar

Author name: scsmdos@gmail.com

झारखंड

बजट में लेने हैं प्रीमियम क्वालिटी शूज तो यह बाजार है परफेक्ट!...

Last Updated:May 27, 2026, 13:53 IST Jamshedpur Famous Shoe Market: जमशेदपुर का शालिनी मार्केट सस्ते और ट्रेंडी जूतों के लिए काफी मशहूर है. आपको जिस भी तरह के शूज चाहिए, यहां आसानी से मिल जाएंगे. कीमत की बात करें तो शुरुआत 400 रुपये से हो जाती है, फिर आपकी पसंद या बजट जैसा हो आप वैसा चुनाव कर सकते हैं. शालिनी मार्केट में करीब 7 से 8 ऐसी दुकानें हैं जो मुख्य रूप से जूतों के लिए जानी जाती हैं. यहां दुकानदार ग्राहकों को अलग-अलग रेंज, डिजाइन और इस्तेमाल के हिसाब से विकल्प दिखाते हैं. कई लोग यहां एक बार खरीदारी करने के बाद दोबारा भी आते हैं क्योंकि उन्हें कम कीमत में अपनी पसंद का सामान मिल जाता है. शालिनी मार्केट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां हर बजट के अनुसार विकल्प मौजूद हैं. यहां जूतों की शुरुआती कीमत करीब 400 रुपये से है. स्पोर्ट्स शूज, रनिंग शूज, स्नीकर्स से लेकर कैजुअल और ट्रेंडी डिजाइन तक आसानी से उपलब्ध हैं. कॉलेज जाने वाले छात्र हों या ऑफिस जाने वाले युवा, हर किसी के लिए यहां कई विकल्प देखने को मिल जाते हैं. जमशेदपुर में फैशन और स्टाइल को पसंद करने वाले युवाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है. हर कोई चाहता है कि उसके पास ऐसे जूते हों जो देखने में शानदार हों, पहनने में आरामदायक हों और बजट में भी फिट बैठें. ऐसे में शहर का शालिनी मार्केट युवाओं के लिए एक पसंदीदा जगह बनकर उभर रहा है. यहां कम कीमत में कई तरह के जूते उपलब्ध हैं, जिसके कारण रोजाना बड़ी संख्या में लोग खरीदारी करने पहुंचते हैं. Add News18 as Preferred Source on Google मार्केट में मौजूद दुकानदारों के अनुसार यहां अलग-अलग शहरों से जूते मंगाए जाते हैं. दिल्ली, मुंबई, सूरत और अहमदाबाद जैसे बड़े व्यापारिक केंद्रों से आने वाले प्रोडक्ट्स यहां उपलब्ध होते हैं. इसी वजह से लोगों को कई तरह की डिजाइन और स्टाइल एक ही जगह पर देखने को मिल जाती है. कम कीमत और ज्यादा विकल्प इस बाजार को युवाओं के बीच लोकप्रिय बना रहे हैं. आज के समय में जहां ब्रांडेड जूतों की कीमत कई बार लोगों के बजट से बाहर हो जाती है, वहीं शालिनी मार्केट जमशेदपुर के युवाओं के लिए एक आसान और किफायती विकल्प बन चुका है. यही वजह है कि यह बाजार धीरे-धीरे शहर के फैशन और शॉपिंग कल्चर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनता जा रहा है. यहां की एक और चर्चा का विषय है कि कई दुकानों में बड़े ब्रांड्स से प्रेरित डिजाइन वाले जूते भी उपलब्ध रहते हैं. प्रीमियम लुक और आधुनिक डिजाइन के कारण युवा इन्हें काफी पसंद करते हैं. कीमतें आमतौर पर बजट के हिसाब से रखी जाती हैं, जिससे कम खर्च में स्टाइलिश लुक पाने वाले ग्राहकों को सुविधा मिलती है. खरीदारी के दौरान ग्राहक अपनी जरूरत और गुणवत्ता के अनुसार विकल्प चुन सकते हैं. Source link

झारखंड

कोडरमा में ट्रक ने महिला का पैर कुचला:घर के बाहर सफाई कर...

कोडरमा जिले के चंदवारा थाना क्षेत्र में पिपराडीह रेलवे स्टेशन के रैक पॉइंट के पास एक ट्रक की चपेट में आने से 50 वर्षीय देवकी देवी गंभीर रूप से घायल हो गईं। बताया जा रहा है कि मदनगुंडी निवासी देवकी देवी अपने घर के बाहर साफ-सफाई कर रही थीं। तभी रैक पॉइंट की ओर लोडिंग के लिए जा रहा एक तेज रफ्तार ट्रक उन्हें कुचलते हुए निकल गया। हादसे में ट्रक का पहिया उनके दाहिने पैर पर चढ़ गया, जिससे उनका पैर बुरी तरह जख्मी हो गया। सदर अस्पताल से रिम्स रेफर, हालत गंभीर घटना के बाद मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए घायल महिला को तुरंत कोडरमा सदर अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए रांची स्थित रिम्स रेफर कर दिया। फिलहाल महिला की हालत चिंताजनक बताई जा रही है। गुस्साए ग्रामीणों ने किया सड़क जाम हादसे से नाराज ग्रामीणों ने रैक पॉइंट की ओर जाने वाले मार्ग को जाम कर दिया और धरने पर बैठ गए। उनका आरोप है कि इस मार्ग से गुजरने वाले ट्रक अक्सर लापरवाही से चलते हैं, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई ट्रकों के पास फिटनेस, बीमा और प्रदूषण से जुड़े जरूरी कागजात तक नहीं होते, बावजूद इसके वे खुलेआम सड़क पर दौड़ते हैं। इसी वजह से हादसे के शिकार लोगों को बीमा का लाभ भी नहीं मिल पाता है। डीटीओ ने फिर जांच का दिया भरोसा स्थानीय लोगों का आरोप है कि मदनगुंडी से रैक पॉइंट तक प्रस्तावित सर्विस रोड का निर्माण नहीं होने से भी दुर्घटनाओं में बढ़ोतरी हो रही है। उन्होंने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार जिला प्रशासन को लिखित शिकायत दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। वहीं, डीटीओ ने कहा कि रैक पॉइंट पर पहले भी वाहनों की जांच कर फाइन वसूला गया है और अब एक बार फिर सघन जांच अभियान चलाया जाएगा। Source link

झारखंड

चतरा में शराब तस्करी का बड़ा खुलासा:भूसे के नीचे छुपाकर ले जा...

चतरा जिले में अवैध शराब के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। झारखंड-बिहार सीमा पर स्थित वशिष्ठ नगर जोरी थाना क्षेत्र में चलाए जा रहे सघन वाहन जांच अभियान के दौरान पुलिस ने एक पिकअप वैन से भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब बरामद की है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। मोरेनवा टोल टैक्स के पास पुलिस टीम वाहनों की जांच कर रही थी, तभी एक तेज रफ्तार पिकअप वैन को रोकने का इशारा किया गया। खाकी देखते ही ड्राइवर भागा, दबोचा गया पुलिस को सामने देख चालक घबरा गया और गाड़ी बीच सड़क पर छोड़कर भागने लगा। हालांकि, मुस्तैद जवानों ने तुरंत घेराबंदी कर उसे खदेड़कर पकड़ लिया। इसके बाद जब वाहन की तलाशी ली गई। पहली नजर में ऊपर सफेद रंग के करीब 30 बोरे लदे हुए मिले, जिनमें लकड़ी का भूसा भरा था। पुलिस को शक हुआ, जिसके बाद जब भूसे की बोरियों को हटाया गया तो नीचे छुपाकर रखी गई शराब की खेप देखकर टीम भी चौंक गई। भूसे के नीचे छुपी थी 43 पेटी महंगी विदेशी शराब तलाशी के दौरान कुल 43 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब बरामद की गई, जिसकी कीमत करीब 5 लाख 50 हजार रुपये आंकी गई है। जब्त शराब में रॉयल स्टैग (750ml) की 22 पेटी, रॉयल स्टैग (375ml) की 8 पेटी, रॉयल चैलेंजर्स (375ml) की 8 पेटी और आइकॉनिक व्हाइट (375ml) की 5 पेटी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, तस्करों ने बेहद चालाकी से भूसे के नीचे शराब छुपाकर परिवहन किया जा रहा था, ताकि चेकिंग में किसी को शक न हो। बिहार सप्लाई की थी योजना जोरी थाना प्रभारी अमित कुमार सिंह ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ है। इस पूरे नेटवर्क के पीछे एक मास्टरमाइंड का हाथ है, जिसने चतरा में चालक को शराब की खेप सौंपी थी। ड्राइवर को वशिष्ठ नगर जोरी के रास्ते हंटरगंज होते हुए बिहार के डोभी पहुंचना था, जहां से इसे अन्य जिलों में ऊंचे दामों पर सप्लाई किया जाना था। पुलिस ने पिकअप वाहन (BR21GC3755) जब्त कर चालक और मालिक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। टीम में एसआई छोटन राम सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। पुलिस का दावा है कि मुख्य सरगना का सुराग मिल चुका है और जल्द ही पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश किया जाएगा। Source link

ताज़ा खबर

पहले लहराया भगवा, अब कोलकाता में होगा साल का सबसे बड़ा आयोजन,...

Last Updated:May 27, 2026, 13:14 IST इस बार अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 का मुख्य कार्यक्रम 21 जून को कोलकाता में होने जा रहा है. हाल ही में पश्‍च‍िम बंगाल में बीजेपी ने व‍िधानसभा चुनावों में जीत दर्ज कर सत्‍ता हासि‍ल की है. इस बार योग द‍िवस की थीम स्वस्थ उम्र बढ़ाने के लिए योग रखी गई है. इसकी घोषणा खजुराहो योग महोत्सव में केंद्रीय राज्‍य मंत्री प्रतापराव जाधव ने की. इस बार अंतरराष्‍ट्रीय योग द‍िवस का कार्यक्रम कोलकाता में आयोज‍ित क‍िया जाएगा. International Yoga Day 2026: पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार आने के बाद अब यहां साल का सबसे बड़ा आयोजन होने जा रहा है. केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री प्रताप राव जाधव ने ऐलान किया है कि इस बार 21 जून का अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 मुख्य कार्यक्रम कोलकाता में आयोजित किया जाएगा. इस बार की थीम होगी स्वस्थ उम्र बढ़ाने के लिए योग. 21 जून को मनाया जाने वाला अंतरराष्ट्रीय योग दिवस हर साल पूरे भारत और विश्व में मनाया जाता है लेकिन भारत में एक स्थान पर उसका भव्य और मेगा आयोजन होता है. इस बार योग दिवस 2026 का मुख्य आयोजन कोलकाता में होने जा रहा है. केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने इसकी घोषणा करते हुए बताया कि इस साल योग दिवस की थीम स्वस्थ उम्र बढ़ाने के लिए योग रखी गई है. मंत्री जाधव ने यह घोषणा मध्य प्रदेश के मशहूर पर्यटन स्थल खजुराहो समूह स्मारक में आयोजित योग महोत्सव 2026 के दौरान की. यहां हजारों लोगों ने कॉमन योग प्रोटोकॉल में हिस्सा लेकर सामूहिक योग किया था. कार्यक्रम में प्रतापराव जाधव ने कहा कि योग सिर्फ व्यायाम नहीं, बल्कि भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा है, जो शरीर और मन दोनों को स्वस्थ रखने में मदद करती है. उन्होंने कहा कि बढ़ती उम्र में फिट और स्वस्थ रहने के लिए योग बेहद जरूरी है. उन्होंने यह भी कहा कि खजुराहो अपनी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत की वजह से भविष्य में योग और वेलनेस का वैश्विक केंद्र बन सकता है.इस मौके पर सरकार ने योग संगम पोर्टल और योग पार्क पोर्टल भी लॉन्च किए. साथ ही नया योग टी-शर्ट डिजाइन भी पेश किया गया. मंत्रालय के मुताबिक योग 365 अभियान के तहत 100 दिन की मुफ्त योग ट्रेनिंग में अब तक दो लाख से ज्यादा लोग हिस्सा ले चुके हैं. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने वीडियो संदेश में कहा कि योग और खजुराहो दोनों भारत की सांस्कृतिक पहचान के अहम प्रतीक हैं और नई पीढ़ी तेजी से योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना रही है. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में योग प्रेमियों ने भाग लिया और कॉमन योग प्रोटोकॉल का सामूहिक प्रदर्शन किया. आयुष मंत्रालय ने इसे योग के जरिए बेहतर स्वास्थ्य और फिटनेस की दिशा में बड़ा कदम बताया. About the Author प्रिया गौतमSenior Correspondent Priya Gautam is an accomplished journalist currently working with Hindi.News18.com with over 14 years of extensive field reporting experience. Previously worked with Hindustan times group (Hindustan Hindi) and …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Kolkata,Kolkata,West Bengal Source link

झारखंड

गाय-भैंस के दूध से नहीं दालचीनी से बनता है यह खास घी,...

Last Updated:May 27, 2026, 13:05 IST Ayurvedic Cinnamon Ghee: आपने आज तक कई तरह का घी खाया होगा लेकिन क्या कभी दालचीनी के घी के बारे में सुना भी है? पलामू के आयुर्वेद के जानकार शिव कुमार पांडे यह खास घी बना रहे हैं. घी तैयार होने में 2 महीने का समय लगता है और यह कई बीमारियों में लाभ देता है. कीमत की बात करें तो 60 एमएल घी 800 रुपये का मिलेगा. ख़बरें फटाफट पलामू. आज तक आपने गाय, भैंस या देसी घी के कई प्रकारों के बारे में सुना और इस्तेमाल किया होगा, लेकिन क्या कभी दालचीनी से बने घी के बारे में सुना है? पलामू जिले में एक ऐसा अनोखा और पारंपरिक आयुर्वेदिक घी तैयार किया जा रहा है, जिसे ‘दालचीनी का घी’ कहा जाता है. आयुर्वेद के जानकार शिव कुमार पांडे पिछले कई वर्षों से इस विशेष घी को पारंपरिक और प्राकृतिक विधि से तैयार कर रहे हैं. उनका दावा है कि यह पुराने समय में इस्तेमाल होने वाली बेहद लाभकारी औषधियों में से एक है, जो आज के समय में लगभग खत्म होती जा रही है. पहले होता था कई समस्याओं में इस्तेमालशिव कुमार पांडे ने लोकल 18 को बताया कि आजकल लोग दालचीनी का घी बनाना लगभग भूल चुके हैं, जबकि पुराने समय में इसका उपयोग कई समस्याओं में किया जाता था. यह घी खास प्रक्रिया से तैयार किया जाता है, जिससे दालचीनी के सभी गुण घी में समाहित हो जाते हैं. यही वजह है कि इसे दुनिया का सबसे मीठा और गुणकारी घी कहा जाता है. उन्होंने बताया कि यह घी खासकर जोड़ों के दर्द, गठिया, साइटिका और शरीर के दर्द में काफी फायदेमंद माना जाता है. दर्द वाली जगह पर इसकी मालिश करने से राहत मिलती है. इन परेशानियों में करता है फायदाउन्होंने बताया कि दालचीनी का घी केवल शरीर के दर्द तक सीमित नहीं है, बल्कि दांतों के दर्द, पायरिया, मसूड़ों की सूजन और मुंह की दुर्गंध जैसी समस्याओं में भी लाभकारी माना जाता है. इसके अलावा खांसी और दमा से परेशान लोग अगर थोड़ा सा दालचीनी घी मुंह में रख लें, तो इससे आराम महसूस होता है. शिव कुमार पांडे ने बताया कि गुड़ को कूटकर इस घी में मिलाकर प्राकृतिक चॉकलेट भी तैयार की जा सकती है, जो स्वादिष्ट होने के साथ सेहत के लिए भी फायदेमंद होती है. बहुत मेहनत से होता है तैयारइस घी को तैयार करने की प्रक्रिया काफी लंबी और मेहनतभरी होती है. इसे ‘शतसिद्ध पद्धति’ से तैयार किया जाता है, जिसमें लगभग दो महीने का समय लगता है. पूरी प्रक्रिया प्राकृतिक तरीके से की जाती है, जिसके कारण इसकी लागत भी अधिक आती है. वर्तमान में 60 एमएल दालचीनी घी की कीमत 800 रुपये रखी गई है. शिव कुमार पांडे का कहना है कि यह केवल एक उत्पाद नहीं, बल्कि प्राचीन आयुर्वेदिक परंपरा को जीवित रखने का प्रयास है. इच्छुक लोग उनसे संपर्क कर इस विशेष दालचीनी घी को खरीद सकते हैं. About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Palamu,Jharkhand Source link

झारखंड

मंगनी टूटने के तनाव में युवक ने दे दी जान

थाना क्षेत्र के करमा इरबा गांव में मंगलवार को 28 वर्षीय युवक नफीस अहमद ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। युवक का शव उसके कमरे में फंदे से लटका मिला। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में मातम पसर गया और मौके पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई। परिजनों के अनुसार, सुबह काफी देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुलने पर घरवालों को शक हुआ। काफी आवाज लगाने के बावजूद अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर दरवाजा खोला गया। अंदर का दृश्य देखकर परिवार के लोगों के होश उड़ गए। नफीस अहमद का शव फंदे से झूल रहा था। यह देखते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलने पर ओरमांझी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को फंदे से नीचे उतारकर कब्जे में लिया। पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, नफीस अहमद की कुछ समय पहले मंगनी हुई थी, लेकिन किसी कारणवश मंगनी टूट गई थी। Source link

झारखंड

अड्डाबाजी और नशापान कर रहे युवकों को सख्त चेतावनी, अगली बार दिखे...

रांची जिला प्रशासन की ओर से मंगलवार को अनुमंडल पदाधिकारी सदर कुमार रजत के नेतृत्व में लोवाडीह से दुर्गा सोरेन चौक तक विशेष जांच अभियान चलाया गया। यह अभियान जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक ्त मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देश पर चलाया गया। अभियान के दौरान सड़क किनारे कुछ युवक अनावश्यक रूप से जमावड़ा लगाए हुए पाए गए। प्रशासनिक अधिकारियों ने युवकों से पूछताछ की और सार्वजनिक स्थानों पर अड्डाबाजी तथा नशे से जुड़ी गतिविधियों को लेकर सख्त चेतावनी दी। बता दें िक दैनिक भास्कर के 22 मई के अंक में अड्डेबाजी और नशेड़ियों पर खबर प्रकाशित की गई थी। अनुमंडल पदाधिकारी कुमार रजत ने युवकों को भविष्य में ऐसी गतिविधियों से दूर रहने का निर्देश देते हुए कहा कि सार्वजनिक स्थलों पर कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधियों को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने और आम नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस तरह के अभियान आगे भी लगातार चलाए जाएंगे। प्रशासन की ओर से युवाओं से सकारात्मक गतिविधियों में भाग लेने और सामाजिक वातावरण को बेहतर बनाने में सहयोग करने की अपील भी की गई। 22 मई का अंक। Source link

ताज़ा खबर

चुनाव आयोग वोटर्स के साथ था, है और रहेगा… SIR पर सुप्रीम...

होमवीडियोदेश चुनाव आयोग वोटर्स के साथ था, है और रहेगा… SIR पर सुप्रीम ऑर्डर के बाद सीईसी ज्ञानेश कुमार का बयान X चुनाव आयोग वोटर्स के साथ था, है और रहेगा… SIR पर सुप्रीम ऑर्डर के बाद सीईसी ज्ञानेश कुमार का बयान   सुप्रीम कोर्ट की तरफ से बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखने के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग हमेशा मतदाताओं के साथ था, है और आगे भी रहेगा. सीईसी ने साफ कहा कि मतदान राष्ट्र सेवा की दिशा में पहला कदम है और 18 वर्ष से अधिक उम्र के हर नागरिक को मतदाता बनकर लोकतंत्र में अपनी भागीदारी निभानी चाहिए. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद चुनाव आयोग की ओर से आई यह पहली बड़ी प्रतिक्रिया मानी जा रही है. मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि संविधान, जनप्रतिनिधित्व कानून और तय निर्देशों के अनुसार चुनाव आयोग लगातार मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए काम करता रहा है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

झारखंड

डांस करते-करते घटाएं वजन! पलामू में खुली पहली जुंबा क्लास, महिला मेंटोर...

पलामू. आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग काम और जिम्मेदारियों के बीच अपनी सेहत पर ध्यान नहीं दे पाते हैं. लगातार तनाव, गलत खानपान और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण लोग मानसिक और शारीरिक रूप से कमजोर होते जा रहे हैं. ऐसे में अगर रोज कुछ पल खुद के लिए निकालकर जुंबा किया जाए, तो यह सेहत के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है. जुंबा न केवल शरीर को फिट रखता है, बल्कि मानसिक तनाव को भी कम करता है. म्यूजिक और डांस के साथ होने वाला यह वर्कआउट शरीर में ऊर्जा बढ़ाता है, वजन नियंत्रित करता है और दिल को स्वस्थ रखने में मदद करता है. पलामू में पहली बार शुरू हुई क्लासदरअसल, पलामू जिले के मेदिनीनगर में महिलाओं की फिटनेस और मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए पहली बार खास महिलाओं के लिए जुंबा और डांस फिटनेस क्लास की शुरुआत की गई है. विशाल मेगा मार्ट के बगल में शुरू हुए इस ‘जुंबा फिटनेस एकेडमी’ में महिलाएं अब मस्ती के साथ फिट रहने की ट्रेनिंग ले रही हैं. यहां महिलाओं को महिला मेंटोर द्वारा ट्रेनिंग दी जा रही है, जिससे वे खुद को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बना सकें. जिले में इस तरह का यह पहला सेंटर माना जा रहा है, जहां महिलाओं के लिए खास तौर पर डांस, एरोबिक्स और फिटनेस को जोड़कर ट्रेनिंग दी जा रही है. जिले की पहली महिला मेंटोरसंचालिका अंशा तिवारी ने लोकल18 को बताया कि इस फिटनेस एकेडमी की शुरुआत 21 अप्रैल से हुई है. अंशा 25 साल की हैं, जो पलामू की पहली फीमेल जुंबा मेंटोर के रूप में पहचान बना रही हैं. वे बताती हैं कि बचपन से ही उन्हें डांस का काफी शौक था. स्कूल और कॉलेज के दिनों में उन्होंने कई प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया और कई पुरस्कार भी जीते. वह योग चैंपियन भी रह चुकी हैं, जहां जिला स्तर पर पहला और राज्य स्तर पर तीसरा स्थान हासिल कर चुकी हैं. इसके अलावा वर्ष 2025 में ‘मिस मेदिनीनगर’ का खिताब भी जीत चुकी हैं. मस्ती-मस्ती में वर्कआउटअंशा ने बताया कि कोरोना काल के दौरान, जब लोग घरों में बंद थे, तब उन्होंने ऑनलाइन फिटनेस और वर्कआउट ट्रेनिंग ली. वहीं से उन्हें महिलाओं के लिए कुछ अलग शुरू करने का विचार आया. उन्होंने कहा कि पलामू, गढ़वा और चैनपुर क्षेत्र में पहली बार महिलाओं के लिए इस तरह की डांस और जुंबा क्लास खोली गई है. यहां महिलाएं मस्ती के साथ फिटनेस की ट्रेनिंग लेती हैं, जिससे उनका आत्मविश्वास भी बढ़ता है. शरीर ही नहीं दिमाग भी रखे फिटएकेडमी में जिम बॉल, केटलबेल, एरोबिक्स, चेयर वर्कआउट समेत कई आधुनिक फिटनेस तकनीकों के जरिए ट्रेनिंग दी जाती है. यहां महिलाओं को वेट लॉस और वेट गेन दोनों के लिए अलग-अलग ट्रेनिंग और डाइट प्लान भी दिए जाते हैं. अंशा के अनुसार, जुंबा केवल शरीर को फिट नहीं रखता, बल्कि मानसिक तनाव को भी कम करता है. लगातार डांस और एक्सरसाइज करने से शरीर में ऊर्जा बनी रहती है, मोटापा नियंत्रित होता है और मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होता है. लगता है इतना शुल्कउन्होंने कहा कि अक्सर महिलाएं पूरे परिवार की जिम्मेदारियों में खुद पर ध्यान नहीं दे पातीं. ऐसे में यह सेंटर महिलाओं के लिए खास प्लेटफॉर्म बन रहा है, जहां वे खुद के लिए समय निकालकर फिट और आत्मनिर्भर बन सकती हैं. यहां प्रशिक्षण के लिए 1000 रुपये मासिक शुल्क रखा गया है. धीरे-धीरे यह सेंटर महिलाओं के बीच काफी लोकप्रिय होता जा रहा है. Source link

झारखंड

भाजपा और आरएसएस के एजेंडे विभाजनकारी : शिल्पी

झारखंड सरकार की मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने सरना, सनातन और डीलिस्टिंग की राजनीति को लेकर भाजपा और आरएसएस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश संविधान से चलता है, किसी दल या व्यक्ति की वैचारिक जिद से नहीं। संविधान हर नागरिक को अपनी आस्था मानने, पालन करने और प्रचार करने का अधिकार देता है। तिर्की ने आरोप लगाया कि डीलिस्टिंग, सरना और ईसाई मुद्दों को उछालकर समाज को धार्मिक आधार पर बांटने तथा आदिवासियों को आपस में लड़ाने की कोशिश हो रही है। इसका उद्देश्य जल, जंगल और जमीन पर कॉरपोरेट कब्जे का रास्ता साफ करना है। उन्होंने ओडिशा के नियमगिरि और सीजिमाली तथा छत्तीसगढ़ के हसदेव अरण्य का उदाहरण देते हुए कहा कि खनन परियोजनाओं से आदिवासी अस्तित्व, संस्कृति और पर्यावरण संकट में हैं। Source link

Scroll to Top