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हेग कोर्ट का फैसला सिर्फ ‘नाटक’, सिंधु जल संधि पर भारत का...

होमताजा खबरदेश हेग कोर्ट का फैसला सिर्फ ‘नाटक’, सिंधु जल संधि पर भारत ने पाकिस्तान को लताड़ा Last Updated:May 16, 2026, 19:45 IST भारत ने कोर्ट के फैसले को पूरी तरह खारिज कर दिया है. ठीक उसी तरह जैसे उसने इससे पहले तथाकथित CoA द्वारा दिए गए सभी निर्णयों और टिप्पणियों को दृढ़ता से अस्वीकार किया है. विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत ने कभी भी इस तथाकथित CoA की स्थापना को मान्यता नहीं दी है. इसके द्वारा चलाई गई कोई भी कार्यवाही, दिया गया कोई भी फैसला या निर्णय शून्य और अमान्य है. सिंधु जल संधि को स्थगित रखने का भारत का निर्णय प्रभावी बना रहेगा. ख़बरें फटाफट पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि रद्द कर दिया था. (फाइल फोटो) नई दिल्ली. भारत ने सिंधु जल संधि से जुड़े तथाकथित न्यायाधिकरण यानी ‘कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन’ (सीओए) को एक बार फिर अवैध करार देते हुए उसके फैसले को पूरी तरह खारिज कर दिया है. विदेश मंत्रालय ने इसे लेकर शनिवार को एक आधिकारिक बयान जारी किया. बाद में आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ‘एक्स’ पर कहा कि भारत ने इस तथाकथित मध्यस्थता न्यायालय को कभी कानूनी मान्यता नहीं दी और उसके किसी भी निर्णय, कार्यवाही या आदेश का भारत पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता. दरअसल, पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर में भारत की किशनगंगा और रतले पनबिजली परियोजनाओं को लेकर आपत्ति जताते हुए मामले को हेग स्थित मध्यस्थता तंत्र तक पहुंचाया था. जिसे लेकर भारत का लगातार यह कहना रहा है कि संधि के प्रावधानों के तहत इस तरह के ‘कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन’ का गठन ही अवैध है. भारत ने स्पष्ट किया है कि पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय मंच का इस्तेमाल राजनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए किया है. 15 मई 2026 को इस तथाकथित सीओए ने सिंधु जल संधि की व्याख्या और जल भंडारण क्षमता से जुड़े मुद्दों पर एक पूरक फैसला जारी किया, जिसे भारत ने तुरंत खारिज कर दिया. विदेश मंत्रालय ने दो टूक कहा कि भारत की ओर से सिंधु जल संधि को ‘अबयंस’ यानी निलंबित रखने का फैसला अभी भी लागू है. पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने इस संधि पर विराम लगा दिया था. साफ संकेत दिए थे कि सीमा पार आतंकवाद और जल सहयोग साथ-साथ नहीं चल सकते. अपनी बातों पर रवैया स्पष्ट करते हुए भारत ने संधि के दायित्वों को अस्थायी रूप से रोकने का फैसला लिया था. भारत का रुख स्पष्ट और सख्त है. ये बताता है कि नई दिल्ली अब पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद और अंतरराष्ट्रीय कानूनी मंचों के दुरुपयोग के खिलाफ अधिक आक्रामक और स्पष्ट नीति अपना रही है. सरकार हर वैश्विक मंच पर दोहराती आई है कि आतंकवाद को लेकर वो सख्त है और किसी भी कीमत पर भारत की संप्रभुता या अखंडता पर प्रहार नहीं सह सकती. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Source link

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NEET UG 2026 LIVE: 10 दिनों की सीबीआई रिमांड में भेजे गए...

नई दिल्ली (NEET UG 2026 LIVE Updates). देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी 2026 को लेकर पूरे देश में घमासान मचा हुआ है. एक तरफ जहां सीबीआई नीट यूजी पेपर लीक घोटाले की जड़ों तक पहुंचने के लिए ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है, वहीं दूसरी तरफ नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने प्रभावित छात्रों के लिए दोबारा परीक्षा कराने का फैसला किया है. नीट यूजी पेपर लीक मामले की जांच सीबीआई के हाथों में है. सूत्रों की मानें तो हाल ही में बायोलॉजी टीचर मनीषा मंधारे को गिरफ्तार किया गया है. NEET UG 2026 LIVE: शाम 5 बजे जज सुनाएंगे फैसला नीट यूजी 2026 लाइव: नीट पेपर लीक मामले में आरोपी पीवी कुलकर्णी और मनीषा वाघमारे की रिमांड को लेकर कोर्ट के अंदर दोनों पक्षों के वकीलों की बहस पूरी हो चुकी है. सीबीआई के वकील ने कोर्ट के सामने दलील दी कि इस महाघोटाले की जांच अभी बेहद अहम मोड़ पर है और कई कड़ियों को जोड़ना बाकी है, इसलिए आरोपियों को 14 दिन की सीबीआई रिमांड पर भेजा जाए. इस हाई-प्रोफाइल मामले में जज आज शाम करीब 5 बजे रिमांड पर अपना अंतिम आदेश सुनाएंगे. NEET UG 2026 LIVE: छात्रों को बंधक बनाकर रटाना नीट यूजी 2026 लाइव: जांच में एक बेहद चौंकाने वाला तरीका सामने आया है. पेपर लीक माफिया परीक्षा से एक रात पहले कुछ चुनिंदा छात्रों को किसी गुप्त स्थान या फ्लैट पर ले जाते थे, जहां उनके मोबाइल छीन लिए जाते थे और उन्हें रात भर लीक प्रश्नपत्र के उत्तर रटवाए जाते थे. NEET 2026 Paper Leak Case LIVE: सीकर के फ्लैटों की छानबीन नीट यूजी 2026 लाइव: सीकर पुलिस और सीबीआई की स्थानीय टीमों ने कई ऐसे हॉस्टलों और फ्लैटों पर नोटिस चिपकाए हैं जहां संदिग्ध छात्र या एजेंट ठहरे हुए थे. इन जगहों से मिले डायरियों और बैंक पासबुक से करोड़ों रुपये के लेन-देन का पता चला है. NEET UG 2026 Paper Leak LIVE: नामी संस्थानों के पूर्व कर्मचारियों पर शक नीट यूजी 2026 लाइव: जांच में यह बात सामने आई है कि कुछ नामी कोचिंग इंस्टिट्यूट्स के पूर्व कर्मचारी और मैनेजमेंट से जुड़े लोग अब स्वतंत्र रूप से ‘कंसल्टेंसी’ चला रहे थे, जो असल में छात्रों को पास कराने के नाम पर पैसे ऐंठने का रैकेट था. NEET UG 2026 LIVE: कोचिंग हब्स पर सीबीआई की नजर नीट यूजी 2026 लाइव: राजस्थान के सीकर और कोटा जैसे बड़े कोचिंग हब्स इस समय जांच एजेंसियों के मुख्य रडार पर हैं. सीबीआई इस बात की बारीकी से जांच कर रही है कि क्या इन कोचिंग संस्थानों के कुछ बड़े शिक्षक या फैकल्टी मेंबर्स भी इस लीक गिरोह का हिस्सा थे. NEET UG 2026 Paper Leak LIVE: ‘सवाल चुनना NTA का काम, मेरा नहीं’: मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी नीट यूजी पेपर लीक 2026 लाइव: कोर्ट की कार्यवाही के दौरान मुख्य आरोपी पीवी कुलकर्णी ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की भूमिका पर सवाल उठाते हुए बड़ा दावा किया. कुलकर्णी ने कहा कि उन्हें यह बिल्कुल नहीं पता था कि उनके द्वारा तैयार किए गए सवाल परीक्षा के लिए चुने गए हैं या नहीं; उनका काम सिर्फ सवाल सेलेक्ट करके एनटीए को देना था और उन सवालों को अंतिम प्रश्नपत्र में शामिल करना या न करना पूरी तरह से एनटीए का अपना फैसला था. NEET 2026 Paper Leak Case LIVE: ‘मेरे खिलाफ सबूत नहीं, 14 दिन की रिमांड गलत’ नीट यूजी 2026 लाइव: कोर्ट में मनीषा वाघमारे के वकील ने सीबीआई की 14 दिनों की रिमांड मांग का कड़ा विरोध किया. उन्होंने अदालत से कहा कि मनीषा की गिरफ्तारी महज एक सह-आरोपी के बयान के आधार पर की गई है और जांच एजेंसी के पास उनके खिलाफ कोई पुख्ता सबूत नहीं है; ऐसे में मनीषा को 3 दिन से अधिक की रिमांड पर भेजना पूरी तरह से गलत और अवांछित होगा. NEET UG 2026 Paper Leak LIVE: मनीषा वाघमारे की कस्टडी पर सवाल नीट यूजी पेपर लीक 2026 लाइव: कोर्ट की कार्यवाही के दौरान आरोपी मनीषा वाघमारे के वकील ने उनकी कस्टडी को पूरी तरह गलत ठहराते हुए जोरदार दलीलें दीं. वकील ने अदालत से कहा कि पुणे पुलिस द्वारा सबसे पहले मनीषा को गलत तरीके से हिरासत में लिया गया था और उनकी गिरफ्तारी महज धनंजय लोखंडे नामक व्यक्ति के बयान के आधार पर की गई है, जबकि उनके खिलाफ कोई पुख्ता सबूत मौजूद नहीं है; ऐसे में सीबीआई द्वारा मांगी गई 14 दिनों की लंबी कस्टडी का कोई कानूनी औचित्य नहीं बनता है. NEET UG 2026 LIVE: विपक्ष ने सरकार को घेरा नीट यूजी 2026 लाइव: नीट पेपर लीक का यह मामला अब पूरी तरह से राजनीतिक रंग ले चुका है. देश के प्रमुख विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार और एनटीए पर तीखे हमले किए हैं और देश के शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग की है. NEET UG 2026 LIVE: काउंसलिंग प्रक्रिया पर रोक की मांग नीट यूजी 2026 लाइव: कई याचिकाकर्ताओं ने अदालत से मांग की है कि जब तक सीबीआई की जांच पूरी नहीं हो जाती और असली गुनहगार पकड़े नहीं जाते, तब तक मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए होने वाली काउंसलिंग प्रक्रिया पर पूरी तरह से अंतरिम रोक लगा दी जानी चाहिए. NEET 2026 Paper Leak Case LIVE: सिंडिकेट को लेकर बड़ा दावा नीट यूजी 2026 लाइव: कोर्ट को संबोधित करते हुए सीबीआई के वकील ने जोर देकर कहा कि इस पूरे घोटाले में पीवी कुलकर्णी और मनीषा वाघमारे का रोल सबसे महत्वपूर्ण और केंद्रीय रहा है. इन दोनों ने ही लीक प्रश्नपत्र को छात्रों तक पहुंचाने और पैसों के लेन-देन के लिए मुख्य सिंडिकेट तैयार किया था. NEET 2026 Paper Leak Case LIVE: दिल्ली से बाहर कई राज्यों में होगी छापेमारी नीट यूजी 2026 लाइव: अदालत में दलील देते हुए सीबीआई के वकील ने स्पष्ट किया कि इस पेपर लीक के तार देश के कई हिस्सों से जुड़े हैं. जांच एजेंसी ने कहा कि पूछताछ और सबूतों की बरामदगी के लिए उन्हें आरोपियों को दिल्ली से बाहर देश के कई अन्य राज्यों और रणनीतिक लोकेशंस पर लेकर जाना है, जिसके लिए लंबी रिमांड बेहद जरूरी है. NEET UG 2026 Paper Leak LIVE: मास्टरमाइंड कुलकर्णी और मनीषा वाघमारे की 14

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खाड़ी युद्ध का देहरादून की सड़कों पर असर, मानसून से पहले गड्ढामुक्त...

Last Updated:May 16, 2026, 17:47 IST देहरादून के जाख़न, मेहुवाला और सहस्त्रधारा रोड की सड़कें कभी गड्ढे मुक्त कैसे होंगी. देहरादून के निवासी मुकेश शर्मा ने कहा है कि पिछले 10 सालों में देहरादून की सड़कों के गड्ढे भरने में सरकारे नाकाम रहती हैं और अब तो तारकोल के न मिलने का बहाना मिल गया है. उन्होंने कहा कि हर 6 महीने में सड़कों का काम होता रहना चाहिए, सभी विभाग मिलकर सड़कों को दुरुस्त कर सकते हैं. उन्होंने कहा वाहन चालकों को सड़कों के गड्ढे से दिक्कत होती है. देहरादूनः 15 मई तक राज्यभर में सड़कों के गड्ढे भरने का अभियान चलाया जाता है लेकिन मानसून से पहले इस बार सड़कों के गड्ढे भर नहीं पाएंगे क्योंकि जंग की वजह से सड़क बनाने में उपयोग होने वाला तारकोल और इमल्सन महंगा हो गया है. इससे उत्तराखंड में 277 सड़कों के डामरीकरण का काम अटक गया है. ठेकेदारों की ओर से मांगी खरीद से हाथ खड़े करने के बाद अबलोनिवि ने शासन को तारकोल की दर बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा है. 10 साल से नहीं भर पाए सड़क के गढ्ढे ऐसे में देहरादून के जाख़न, मेहुवाला और सहस्त्रधारा रोड की सड़कें कभी गड्ढे मुक्त कैसे होंगी. देहरादून के निवासी मुकेश शर्मा ने कहा है कि पिछले 10 सालों में देहरादून की सड़कों के गड्ढे भरने में सरकारे नाकाम रहती हैं और अब तो तारकोल के न मिलने का बहाना मिल गया है. उन्होंने कहा कि हर 6 महीने में सड़कों का काम होता रहना चाहिए, सभी विभाग मिलकर सड़कों को दुरुस्त कर सकते हैं. उन्होंने कहा वाहन चालकों को सड़कों के गड्ढे से दिक्कत होती है. वही पैदल चलने वाले लोग भी इससे परेशान होते हैं. मुकेश ने कहा है कि हम अपने घरों में जो पदार्थ इस्तेमाल करते हैं घर सालों साल चलते हैं लेकिन सड़के एक ही बारिश में टूटकर बह जाती है, इसका मतलब यह है हम जो पदार्थ लग रहे हैं वह खराब क्वालिटी का है. उन्होंने कहा कि रेलवे के नजदीक उद्घाटन के दो-तीन दिन बाद ही बनाई गई सड़क टूट गई. उन्होंने कहा मरीज और बुजुर्ग अगर ऑटो में जाते हैं सड़कों के गड्ढे रहते हैं तो उन्हें बहुत तरह की समस्या होती है इसीलिए सड़कों को दुरुस्त किया जाना चाहिए. 45 हजार से 78 हजार रुपए प्रति मीट्रिक टन हुई तारकोल की कीमत लोक निर्माण विभाग के विभाग अध्यक्ष राजेश शर्मा ने जानकारी दी कि वैश्विक स्तर पर संघर्ष चल रहा है जिसके चलते क्रूड ऑयल महंगा हुआ है.इसका असर सड़क निर्माण में उपयोग लाने वाली सामग्री में भी देखने को मिला जहां मार्च के महीने में इसकी कीमत बढ़ गई है. सड़कों के पेचवर्क और निर्माण के लिए डामर में तारकोल इस्तेमाल होता है जिसे बिटूमिन भी कहा जाता है. उन्होंने कहा कि लगभग डेढ़ महीने पहले यानि मार्च में इसके दाम अचानक 45 हजार से 78 हजार रुपए प्रति मीट्रिक टन हो गए हैं. उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में बाधा न आए इसलिए नियमों में शिथिलता लाने के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है. मिली जानकारी के अनुसार लगभग 277 सड़कों को बनाने के लिए लगभग 17 हजार मेट्रिक टन तारकोल के साथ ही इम्लसन की 2 हजार मेट्रिक टन की जरूरत होगी. कीमतें बढ़ने से थोड़ा काम प्रभावित होगा. नई कीमतों के साथ शासन को प्रस्ताव भेजा गया है ताकि सड़क निर्माण कार्य समय पर हो सकें. About the Author Rajneesh Kumar Yadav मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Dehradun,Uttarakhand Source link

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चीतों का पसंदीदा शिकार हैं चीतल, नौरादेही में बसाहट के लिए कान्हा-पेंच...

Last Updated:May 16, 2026, 16:38 IST मध्य प्रदेश के सबसे बड़े वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में चीता लाने के लिए जोर-जोर से तैयारी चल रही है एक तरफ जहां वन कर्मियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है तो दूसरी तरफ उनके पसंदीदा भोजन चीतल को लाने की कवायद चल रही है, इसके लिए 1000 चीतल कान्हा और पेंच से शिफ्ट करने की अनुमति भी मिल गई है. मध्य प्रदेश के सबसे बड़े वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में चीता लाने के लिए जोर-जोर से तैयारी चल रही है एक तरफ जहां वन कर्मियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है तो दूसरी तरफ उनके पसंदीदा भोजन चीतल को लाने की कवायद चल रही है, इसके लिए 1000 चीतल कान्हा और पेंच से शिफ्ट करने की अनुमति भी मिल गई है.शाकाहारी वन्य प्राणी चीतल कुलांचे भरते हुए काफी तेज दौड़ते हैं और जो चीता होते है उन्हें अपना शिकार चेस करके पकड़ने की फितरत होती हैं ऐसे में इन वन्य प्राणियों का शिकार करना इन्हें काफी पसंद होता हैं. इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए  चीतलों की संख्या बढ़ाई जा रही हैं. या यूँ कहे कि नौरादेही भी चीतलों की बसाहट के लिये नया केंद्र बनकर उभर रहा है. क्योंकि 2019 से ही यहां पर चीतल लाने की प्रक्रिया चल रही है अब तक 1300 चीतल आ चुके है लेकिन चीता प्रोजेक्ट शुरू होने के बाद 1000 चीतल लाने प्रबंधन ने पत्राचार किया था जिस पर से अनुमति मिल गई है अब कान्हा और पेंच से रेस्क्यू करने के बाद नौरादेही लाया जाएगा. चीतों का पसंदीदा भोजन हैं चीतलमध्य प्रदेश में कूनो और गांधी सागर के बाद नौरादेही चीतों का तीसरा घर बनने जा रहा है. यहां पर अलग-अलग तरह के बड़ा बनाने का काम चल रहा है. सरकार के द्वारा 5 करोड़ की राशि भी आवंटित की गई है इधर जुलाई से अगस्त महीने के बीच में कूनो से ही चीता लाने की तैयारी है फिलहाल यहां पर बिल्ली प्रजाति में आने वाले तेंदुआ टाइगर तो मौजूद है ही लेकिन चीता आने के बाद यह देश का पहला ऐसा टाइगर रिजर्व बन जाएगा. जहां बिल्ली प्रजाति के तीन सबसे बड़े वन्य जीव रहेंगे इसकी वजह से पर्यटकों का रोमांच और अधिक हो जाएगा. वाइल्डलाइफ प्रेमियों के लिए तो यह किसी जन्नत की तरह होगा. वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व से विस्थापित हुए गांव की वजह से जो सैकड़ो एकड़ की जमीन खाली हुई है उनको जंगल में बदलने की कवायद जारी हैं. कान्हा और पेंच से नौरादेही में 1000 चीतलनौरादेही के डिप्टी डायरेक्टर रजनीश सिंह ने बताया कि विस्थापन के बाद गांव की जगह में जंगल की तरह घास उगने में प्राकृतिक रूप से 5 से 7 साल का समय लगता है. इसलिए वैज्ञानिक तरीके से घास उगाई जा रही है. इसके लिए खेतों में घास के बीज डाले जा रहे है, साथ ही खर पतवार को नष्ट किया जा रहा है. जल्द घास के मैदान बन सके. इससे यहां शाकाहारी जानवर आएंगे. जंगल के परिसंचरण तंत्र का विस्तार होगा.डॉ रजनीश सिंह आगे बताते हैं कि बारिश के मौसम में जुलाई तक चीतों की शिफ्टिंग हो जाएगी. इसके अलावा, रिजर्व की जैव-विविधता को मजबूत करने के लिए 1000 चितल लाए जा रहे हैं. शिफ्टिंग की अनुमति मिल चुकी है. यह प्रोजेक्ट न केवल चीतों को नया घर देगा बल्कि पूरे क्षेत्र की पारिस्थितिकी को संतुलित और समृद्ध बनाने में भी मदद करेगा. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Sagar,Madhya Pradesh Source link

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नीट घोटाले का ‘बायोलॉजी कनेक्शन’: NTA एक्सपर्ट ही निकली गद्दार, जिसके पास...

Last Updated:May 16, 2026, 15:44 IST NEET UG 2026 Paper Leak: नीट यूजी पेपर लीक मामले में सीबीआई को बड़ी कामयाबी मिली है. दिल्ली से सीनियर बॉटनी टीचर मनीषा गुरुनाथ मंधारे को गिरफ्तार किया गया है. एनटीए की इस एक्सपर्ट के पास बायोलॉजी पेपर का एक्सेस था. केमिस्ट्री प्रोफेसर की तरह इन्होंने भी पुणे में सीक्रेट क्लास लगाकर सवाल लीक किए थे. NEET Paper Leak: नीट पेपर लीक मामले में एक और गिरफ्तारी से नए खुलासे होंगे नई दिल्ली (NEET UG 2026 Paper Leak). देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी 2026 के पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो के हाथ एक और बहुत बड़ी कामयाबी लगी है. सीबीआई ने गहन पूछताछ के बाद देश की राजधानी दिल्ली से इस घोटाले की एक और मुख्य आरोपी मनीषा गुरुनाथ मंधारे को गिरफ्तार कर लिया है. मनीषा मंधारे पुणे, महाराष्ट्र में सीनियर बॉटनी (वनस्पति विज्ञान) टीचर हैं. सबसे चौंकाने वाली बात है कि वह नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की तरफ से नीट परीक्षा प्रक्रिया के लिए आधिकारिक ‘एक्सपर्ट’ के रूप में नियुक्त की गई थीं. इसी वजह से उनके पास नीट के बॉटनी और जूलॉजी (जीव विज्ञान) के प्रश्नपत्रों का पूरा एक्सेस था, जिसका उन्होंने गलत इस्तेमाल किया. जांच में सामने आया कि अप्रैल 2026 के दौरान मनीषा मंधारे ने पुणे की ही रहने वाली और पहले से गिरफ्तार आरोपी मनीषा वाघमारे के साथ मिलकर मेडिकल की तैयारी कर रहे छात्रों का एक बड़ा ग्रुप तैयार किया था. इसके बाद मनीषा मंधारे ने अपने पुणे स्थित आवास पर इन छात्रों के लिए ‘स्पेशल कोचिंग क्लासेस’ चलाईं. इन सीक्रेट क्लासेस के दौरान उन्होंने बॉटनी और जूलॉजी के असली प्रश्नपत्रों के सवाल न सिर्फ बोलकर नोट करवाए, बल्कि उनकी टेक्स्ट बुक्स (किताबों) में भी उन पर निशान लगवा दिए. 3 मई 2026 को जब मुख्य परीक्षा हुई तो कॉपियों में लिखे ये सवाल असली प्रश्नपत्र से हूबहू मैच कर गए. इस बड़े खुलासे के बाद सीबीआई ने इस रैकेट से जुड़े नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करना शुरू कर दिया है. पिछले 24 घंटे में देशभर के 6 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी मनीषा मंधारे की गिरफ्तारी के साथ ही सीबीआई की स्पेशल टीमों ने पिछले 24 घंटों के अंदर देशभर में 6 अलग-अलग रणनीतिक स्थानों पर भारी छापेमारी की है. इस कार्रवाई के दौरान जांच एजेंसी ने कई आपत्तिजनक दस्तावेज, लैपटॉप, मोबाइल फोन और आरोपियों के संदिग्ध बैंक स्टेटमेंट जब्त किए हैं. इन सभी डिजिटल डिवाइस और बैंक खातों का इस समय फॉरेंसिक और तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है, जिससे पता लगाया जा सके कि इस धांधली में कितने करोड़ रुपयों का लेन-देन हुआ था. अब तक 9 आरोपी गिरफ्तार, दिल्ली पहुंची जांच की आंच केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की लिखित शिकायत पर सीबीआई ने 12 मई 2026 को इस मामले में एफआईआर दर्ज की थी. तब से लेकर अब तक दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे और अहिल्यानगर से कुल 9 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. इनमें से 5 मुख्य आरोपियों को अदालत ने पहले ही 7 दिनों की सीबीआई कस्टडी रिमांड पर भेज दिया है. वहीं, बीते दिनों महाराष्ट्र से गिरफ्तार किए गए 2 अन्य आरोपियों को पुणे की अदालत में पेश करने के बाद ‘ट्रांजिट रिमांड’ पर दिल्ली लाया जा चुका है, जिन्हें अब दिल्ली की कोर्ट के सामने पेश किया जा रहा है. खुल गया केमिस्ट्री और बायोलॉजी पेपर लीक का ‘असली सोर्स’ सीबीआई की प्रोफेशनल और मुस्तैद जांच ने अब तक की पूछताछ में पूरी तरह साफ कर दिया है कि नीट परीक्षा के केमिस्ट्री और बायोलॉजी के पेपर लीक होने का असली जरिया क्या था. इसके साथ ही उन बिचौलियों और दलालों के सिंडिकेट का भी पर्दाफाश हो चुका है, जो छात्रों से लाखों रुपये वसूल कर उन्हें इन सीक्रेट क्लासेस तक पहुंचाते थे. सीबीआई ने साफ किया है कि देश के लाखों होनहार उम्मीदवारों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले इस रैकेट के खिलाफ बेहद निष्पक्ष, व्यापक और कड़क कानूनी कार्रवाई की जा रही है और इसमें शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा. About the Author Deepali PorwalSenior Sub Editor Deepali Porwal is a seasoned bilingual journalist with 11 years of experience in the media industry. She currently works with News18 Hindi, focusing on the Education and Career desk. She is known for her versat…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

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बॉस से नहीं, मकान मालिक से परेशान हैं बैंगलुरु के युवा! पैसे...

Last Updated:May 16, 2026, 14:33 IST Rent in Bengaluru : बैंगलुरु में अब नौकरी खोजना जितना मुश्किल नहीं है, उससे ज्‍यादा घर खोजना मुश्किल होता है. एक यूजर ने सोशल मीडिया पोस्‍ट में बताया है कि बैंगलुरु में मकान मालिक घर देने के बाद अचानक किराया बढ़ा देते हैं या फिर मकान खाली करने के लिए कहते हैं. बैंगलुरु में युवाओं के लिए मकान खोजना मुश्किल हो रहा है. नई दिल्‍ली. आज का युवा सबसे ज्‍यादा नौकरी को लेकर पेरशान रहता है, लेकिन बैंगलुरु में रहने वाले युवाओं की बात करें तो उन्‍हें अपने बॉस से ज्‍यादा मकान मालिक की टेंशन रहती है. नौकरी तो किसी तरह मिल भी जाती है, लेकिन मुश्किल होती है एक अदद घर ढूंढने में. घंटों ऑनलाइन सर्च करने और ब्रोकर से बात करने के बाद वीकेंड पर टाइम निकालकर एक घर मिलता है. लोकेशन भी मिल जाती है और किराया भी सही मिल जाता है, फिर अचानक मालिक घर खाली करने के लिए कह देता है या फिर हजारों रुपये किराया बढ़ा देता है. ऊपर जो सिचुएशन लिखी है, हो सकता है कि उससे आपका सामना कभी न हुआ हो लेकिन जो युवा अपना करियर बनाने अंजान शहर में पहुंचा है, उसके लिए यह स्थिति किसी बड़े संकट से कम नहीं है. बैंगलुरु में कई किरायेदारों के लिए यह स्थिति अब आम होती जा रही है. शहर में किराये लगातार बढ़ रहे हैं और अचानक किराये में इजाफा या मकान मालिकों के साथ मुश्किल अनुभवों की कहानियां तेजी से वायरल हो रही हैं. इस बीच एक और वायरल वीडियो ने इस चर्चा को सोशल मीडिया पर और बढ़ा दिया है. क्‍या वायरल हो रहा सोशल मीडिया परइंस्टाग्राम यूजर दिशाका ने हाल ही में एक वीडियो शेयर करते हुए दावा किया कि उनके मकान मालिक ने उन्हें झूठा कारण देकर फ्लैट छोड़ने को कहा है और फिर उनका किराया हर महीने 4,000 रुपये बढ़ा दिया. वीडियो में दिशाका ने बताया कि उनके मकान मालिक ने पहले कहा कि उनका भाई बैंगलुरु आ रहा है और उसे वही फ्लैट चाहिए जिसमें वह रह रही हैं. शुरुआत में यह वजह सही लगी, लेकिन बाद में उन्हें शक हुआ कि इसमें कुछ और है. मकान मालिक ने झूठ बोलादिशाका ने बताया कि बाद में मुझे पता चला कि मकान मालिक ने मुझसे झूठ बोला था. उन्होंने अचानक मेरा किराया 4 हजार रुपये बढ़ा दिया, यह कहते हुए कि उनका भाई शहर में आ रहा है और उसे मेरे अपार्टमेंट में शिफ्ट करना है. इस स्थिति को और उलझा देने वाली बात यह थी कि मकान मालिक पूरे बिल्डिंग के मालिक हैं. फिर भी उन्‍हें सिर्फ मुझे ही बाहर निकालना था. बाद में माना-बढ़ाना है किरायादिशाका के मुताबिक, मकान मालिक असली वजह बाद में साफ हो गई. उन्होंने दावा किया कि बाद में मकान मालिक ने माना कि इलाके में एक बेडरूम वाले फ्लैट 26,000 से 28,000 रुपये महीने में किराये पर दिए जा रहे हैं. जाहिर है कि उन्‍हें मेरे फ्लैट का किराया भी बढ़ाना था. तब मुझे समझ आया कि वह मुझे बाहर करना चाहते थे, ताकि ज्यादा पैसे मिल सकें और उनकी कहानी झूठ थी. दिशाका का कहना है क‍ि बैंगलुरु में ऐसी स्थितियां अब आम हो गई हैं. मैं बस जानना चाहती थी कि क्या यह सिर्फ मेरे साथ हो रहा है या फिर और भी लोगों के साथ. फिलहाल मैं 4 हजार रुपये महीने के ज्यादा दे रही हूं. About the Author Pramod Kumar Tiwari प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Source link

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NEET का ‘खलनायक’ पकड़ा गया! कैसे लीक हुआ नीट का पेपर पूरा...

होमवीडियोदेश NEET का ‘खलनायक’ पकड़ा गया! कैसे लीक हुआ नीट का पेपर पूरा गणित समझिए X NEET का ‘खलनायक’ पकड़ा गया! कैसे लीक हुआ नीट का पेपर पूरा गणित समझिए   NEET Paper Leak Controversy: नीट पेपर लीक मामले में एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है, जिसमें एक संगठित गैंग के जरिए पूरे नेटवर्क के माध्यम से पेपर लीक कराने का आरोप है. जांच एजेंसियों के मुताबिक इस पूरे रैकेट में अलग-अलग लोग अलग-अलग स्तर पर जुड़े थे, जिनमें रिटायर्ड लेक्चरर पी.वी. कुलकर्णी, मनीषा वाघमारे, धनंजय लोखंडे, मेडिकल स्टूडेंट शुभम खैरनार और यश यादव जैसे नाम सामने आ रहे हैं. दावा है कि इस नेटवर्क ने पहले चुनिंदा छात्रों को जोड़ा, फिर उन्हें गुप्त जगह पर ‘स्पेशल क्लास’ के नाम पर असली सवाल पहले ही पढ़ाए गए. बाद में यही सवाल कथित तौर पर असली नीट पेपर से काफी हद तक मेल खा गए, जिससे पूरे सिस्टम पर सवाल उठने लगे. इस मामले के बाद सबसे बड़ा सवाल NTA की कार्यप्रणाली पर उठ रहा है कि आखिर इतनी बड़ी परीक्षा तक बाहरी नेटवर्क की पहुंच कैसे बनी. CBI ने इस केस में कई गिरफ्तारियां की हैं और आगे की जांच जारी है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

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रामपुर के कोठी खास बाग में 300 एकड़ में फैला है नवाबी...

Last Updated:May 16, 2026, 12:41 IST Rampur news: कोठी खास बाग सिर्फ एक बाग नहीं रामपुर की नवाबी विरासत की ऐसी पहचान है जो आज भी गर्मी के सीजन में जिंदा हो उठती है. करीब 300 एकड़ में फैला यह ऐतिहासिक बाग नवाबों के दौर की कहानी कहता है यहां लगे कई पेड़ दशकों पुराने हैं और आज भी उनकी शाखों पर वही स्वाद झूलता है. जिसे कभी नवाबों के दस्तरखान तक पहुंचाया जाता था. यही वजह है कि कोठी खास बाग के आम सिर्फ रामपुर ही नहीं दूर-दूर के शहरों और विदेश तक पसंद किए जाते हैं. रामपुरः कोठी खास बाग सिर्फ एक बाग नहीं रामपुर की नवाबी विरासत की ऐसी पहचान है जो आज भी गर्मी के सीजन में जिंदा हो उठती है. करीब 300 एकड़ में फैला यह ऐतिहासिक बाग नवाबों के दौर की कहानी कहता है यहां लगे कई पेड़ दशकों पुराने हैं और आज भी उनकी शाखों पर वही स्वाद झूलता है. जिसे कभी नवाबों के दस्तरखान तक पहुंचाया जाता था. यही वजह है कि कोठी खास बाग के आम सिर्फ रामपुर ही नहीं दूर-दूर के शहरों और विदेश तक पसंद किए जाते हैं. कोठी खास बाग में पुरानी प्रजातियों के हैं आम रामपुर के नवाबों को बाग लगाने और अलग-अलग किस्मों के फलों का बेहद शौक था. उन्होंने आलीशान इमारतों के साथ ऐसे बाग बसाए जो सिर्फ शौक नहीं बल्कि शान की पहचान थे. कोठी खास बाग उन्हीं में सबसे खास माना जाता है इस बाग के भीतर आज भी कई पुरानी प्रजातियों के आम के पेड़ मौजूद हैं. लंगड़ा, दशहरी, चौसा, फजरी, कलमी, तोता परी, सुरमेदानी और दूधिया आमन जैसी किस्में यहां खूब मिलती हैं. हर किस्म का स्वाद अलग है और हर पेड़ के साथ एक पुरानी कहानी जुड़ी हुई है. इस बाग की सबसे दिलचस्प बात यह है कि यहां कुछ ऐसे पेड़ भी हैं. जिनके आम खास तौर पर अचार के लिए ही पहचाने जाते हैं. स्थानीय लोग बताते हैं कि इन पेड़ों का फल ज्यादा रसीला नहीं बल्कि सख्त और खट्टा होता है. जिससे अचार लंबे समय तक टिकता है. खास तौर पर गोला किस्म के पेड़ ऐसे हैं, जिनके आम अचार डालने के लिए सबसे ज्यादा तोड़े जाते हैं. हर सीजन में व्यापारी सीधे बाग पहुंचते हैं और इन्हीं पेड़ों से कच्चे आम खरीदकर ले जाते हैं. यही वजह है कि रामपुर के कई घरों में आज भी नवाबी बागों के आम का अचार पड़ता है. विदेश तक आम भेजा जाता है कोठी खास बाग के आम की पहचान सिर्फ स्वाद तक सीमित नहीं है यहां के आमों की मांग दिल्ली, मुंबई, बिहार, पश्चिम बंगाल और इटली  तक रहती है व्यापारी सीजन शुरू होते ही यहां पहुंच जाते हैं. बाग से बड़े ट्रकों में आम भरकर बाहर भेजे जाते हैं. ठेकेदार बताते हैं कि चौसा और फजरी सबसे आखिर तक चलते हैं इसलिए करीब ढाई महीने तक तुड़ाई होती रहती है. इस दौरान 40 से 50 मजदूर लगातार पेड़ों से आम तोड़ने, छंटाई और लोडिंग का काम करते हैं. रामपुर की पहचान अगर लंगड़ा आम से है तो उसकी असली खुशबू इन्हीं पुराने बागों में बसती है कोठी खास बाग आज भी नवाबी दौर की विरासत को संभाले हुए है. About the Author Rajneesh Kumar Yadav मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Rampur,Rampur,Uttar Pradesh Source link

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NEET UG 2026 Paper Leak: इस प्रोफेसर ने घर पर लगाई थी...

नई दिल्ली (NEET UG 2026 Paper Leak). देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी को रद्द कराने वाले पेपर लीक घोटाले में CBI को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. सीबीआई ने इस पूरे काले खेल के पीछे छिपे असली ‘किंगपिन’ यानी मास्टरमाइंड को महाराष्ट्र के पुणे शहर से दबोच लिया है. गिरफ्तार किया गया आरोपी पीवी कुलकर्णी कोई प्रोफेशनल अपराधी नहीं, बल्कि रिटायर्ड केमिस्ट्री टीचर है. जांच में सामने आया कि उसने 3 मई को हुई नीट यूजी परीक्षा से कुछ ही दिन पहले पुणे स्थित अपने घर पर बेहद गोपनीय तरीके से ‘स्पेशल कोचिंग क्लासेस’ चलाई थीं, जहां स्टूडेंट्स को सीधे असली प्रश्नपत्र रटवाया गया था. 22 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के भविष्य को दांव पर लगाने वाले इस महाघोटाले की परतें अब एक-एक कर खुलने लगी हैं. सीबीआई को जांच के दौरान उम्मीदवारों की जो कॉपियां और हाथ से लिखे नोट्स मिले हैं, वे नीट यूजी परीक्षा के केमिस्ट्री सेक्शन के प्रश्नपत्र से हूबहू (100%) मैच कर गए हैं. इस चौंकाने वाले खुलासे के बाद नीट परीक्षा पूरी तरह से रद्द हो चुकी है और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) 21 जून 2026 को इसका दोबारा आयोजन करने जा रही है. जानिए इस शातिर रिटायर्ड टीचर ने देश की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली परीक्षा के सिस्टम में कैसे सेंध लगाई थी. न प्रिंटआउट, न WhatsApp, सिर्फ हाथ से लिखे नोट्स सीबीआई के मुताबिक, नीट यूजी पेपर लीक करने का यह तरीका बेहद शातिर और अनोखा था. पीवी कुलकर्णी को पता था कि डिजिटल कॉपियां या प्रिंटआउट्स पकड़े जाने का खतरा सबसे ज्यादा होता है. इसलिए उसने अपनी सहयोगी मनीषा वाघमारे (जिसे 14 मई को गिरफ्तार किया गया) के साथ मिलकर चुनिंदा स्टूडेंट्स का एक ग्रुप तैयार किया. इसके बाद पीवी कुलकर्णी ने अपने घर पर सीक्रेट क्लास लगाई, जहां उसने अभ्यर्थियों को प्रश्न, उनके विकल्प और सही उत्तर बोल-बोल कर लिखवाए. खास स्टूडेंट्स ने इन सारे सवालों को अपनी कॉपियों में हाथ से नोट किया, जिससे बाहर किसी को भनक न लगे. कौन है मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी और क्या था उसका रसूख? पीवी कुलकर्णी मूल रूप से महाराष्ट्र के लातूर जिले का रहने वाला है, जिसे राज्य का बड़ा एजुकेशन हब माना जाता है. वह लातूर के ही एक बेहद प्रतिष्ठित कॉलेज में केमिस्ट्री का सीनियर प्रोफेसर रह चुका था और करीब चार साल पहले ही रिटायर हुआ था. सबसे गंभीर बात यह है कि सीबीआई के दावों के मुताबिक, कुलकर्णी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के जरिए नीट परीक्षा की गोपनीय प्रक्रियाओं से भी जुड़ा हुआ था. इसी वीआईपी एक्सेस का फायदा उठाकर उसने नीट यूजी परीक्षा से करीब एक हफ्ते पहले यानी अप्रैल के आखिरी दिनों में पेपर उड़ा लिया था. राजस्थान से महाराष्ट्र तक फैला धांधली का नेटवर्क नीट पेपर लीक का यह मामला सबसे पहले 7 मई को राजस्थान में उजागर हुआ था, जिसके बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की शिकायत पर 12 मई को सीबीआई ने इस केस की कमान अपने हाथों में ली. महज कुछ ही दिनों की जांच के बाद सीबीआई ने जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे और अहिल्यानगर जैसे शहरों में ताबड़तोड़ छापेमारी करके अब तक 7 मुख्य बिचौलियों और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. इनके पास से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, मोबाइल फोन और डिजिटल दस्तावेज जब्त किए गए हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच चल रही है. जांच के घेरे में लातूर का नामी कोचिंग संस्थान इस जांच की आंच अब लातूर के बड़े कोचिंग सेंटर्स तक भी पहुंच गई है. सीबीआई की 28 सदस्यीय भारी-भरकम टीम ने लातूर के मशहूर ‘रेनूकाई केमिस्ट्री क्लासेस’ (RCC) के डायरेक्टर शिवराज मोटेगांवकर के आवास पर धावा बोला और उनसे घंटों पूछताछ की. जांच एजेंसी इस बात का पता लगा रही है कि क्या इस नामी कोचिंग संस्थान और पीवी कुलकर्णी के सीक्रेट पेपर लीक नेटवर्क के बीच कोई सीधा वित्तीय लेन-देन या अंदरूनी कनेक्शन था. सीबीआई का दावा है कि जल्द ही पेपर लीक रैकेट से जुड़े कुछ और बड़े चेहरों का पर्दाफाश होगा. NEET पेपर लीक में दो और लेक्चरर का कनेक्शन नीट पेपर लीक मामले में गिरफ्तार मास्टरमाइंड और रिटायर्ड केमिस्ट्री लेक्चरर पीवी कुलकर्णी से पूछताछ के बाद CBI ने इस नेटवर्क के 2 और बड़े किरदारों की तलाश तेज कर दी है. सूत्रों के मुताबिक, पुणे और लातूर के प्रतिष्ठित संस्थानों से जुड़े 2 और लेक्चरर इस पेपर लीक को अंजाम देने में कुलकर्णी और मनीषा वाघमारे के मुख्य सहयोगी थे. ये भी पीवी कुलकर्णी की तरह NTA के साथ नीट परीक्षा की गोपनीय प्रक्रियाओं से जुड़े हुए थे. इन चारों ने मिलकर पुणे के एक संस्थान में छात्रों को बुलाकर लीक प्रश्नपत्र के सवाल और सही जवाब उनकी नोटबुक में हाथ से नोट करवाए थे. Source link

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अयोध्‍या विवाद के फैसले ने तय किया भोजशाला मंदिर मामले में निर्णय...

Last Updated:May 16, 2026, 10:37 IST Bhojshala Mandir Verdict: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच का भोजशाला मंदिर और कमाल मौला मस्जिद विवाद मामले में अपना फैसला सुना दिया है. कोर्ट ने भोजशाला को वाग्‍देवी मंदिर माना है और कहा है कि राजा भोज के समय यह शिक्षा का बड़ा केंद्र रहा होगा, ऐसे में यहां मूर्ति लगाई जा सकती है. कोर्ट ने हिंदुओं को पूजा का अधिकार देते हुए कहा है कि हमने पुरातात्विक और ऐतिहासिक फैक्‍ट्स, एएसआई की सर्वे रिपोर्ट पर विचार किया है. ASI एक्ट के प्रावधानों के साथ-साथ अयोध्या मामले को भी आधार माना है. भोजशाला विवाद में हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला दिया है. (फाइल फोटो) Bhojshala Mandir Verdict: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच का भोजशाला मंदिर और कमाल मौला मस्जिद विवाद मामले में अपना फैसला सुना दिया है. कोर्ट ने भोजशाला को वाग्‍देवी मंदिर माना है और कहा है कि राजा भोज के समय यह शिक्षा का बड़ा केंद्र रहा होगा, ऐसे में यहां मूर्ति लगाई जा सकती है. कोर्ट ने हिंदुओं को पूजा का अधिकार देते हुए कहा है कि हमने पुरातात्विक और ऐतिहासिक फैक्‍ट्स, एएसआई की सर्वे रिपोर्ट पर विचार किया है. ASI एक्ट के प्रावधानों के साथ-साथ अयोध्या मामले को भी आधार माना है. Bhojshala Mandir Verdict: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ ने शुक्रवार को भोजशाला परिसर को मंदिर मानते हुए जो ऐतिहासिक फैसला सुनाया, उसकी कानूनी और वैचारिक नींव सुप्रीम कोर्ट के अयोध्या फैसले में रखे गए सिद्धांतों पर आधारित रही. जस्टिस विजय शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की खंडपीठ ने अपने निर्णय में कहा कि विवादित धार्मिक स्थलों के निर्धारण में पुरातात्विक, ऐतिहासिक और आस्था संबंधी साक्ष्यों का वैज्ञानिक और समग्र मूल्यांकन किया जा सकता है. अदालत ने स्पष्ट किया कि उसने एएसआई रिपोर्ट, ऐतिहासिक तथ्यों और वैधानिक प्रावधानों को अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित सिद्धांतों के आधार पर परखा है. अयोध्‍या मामले में दिए गए फैसले के ये 10 सिद्धांत बने पथप्रदर्शक -: About the Author Manish Kumar बिहार, उत्‍तर प्रदेश और दिल्‍ली से प्रारंभिक के साथ उच्‍च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्‍ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्‍लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Indore,Madhya Pradesh खबरें पढ़ने का बेहतरीन अनुभव QR स्कैन करें, डाउनलोड करें News18 ऐप या वेबसाइट पर जारी रखने के लिए यहां क्लिक करें login Source link

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