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Story Behind Congress Choice of Chief Minister in Kerala | Story of...

होमताजा खबरदेश ‘आप केरल के CM बनने वाले हैं, यह बात पत्नी को भी मत बताइएगा’, किसने कॉल किया Last Updated:May 15, 2026, 10:52 IST Kerala Next Chief Minister VD Satheesan: केरल के बनने वाले नये मुख्यमंत्री वीडी सतीशन यह पद मिलने की खबर पहले ही मिल चुकी थी. उन्हें कांग्रेस कार्य समिति की एक महिला नेता ने फोन कर पहले ही यह बात बता दी थी. हालांकि उन्होंने हिदायत दी थी कि वह यह बात किसी को नहीं बताएं. यहां तक कि पत्नी को भी नहीं. अच्छी बात यह है कि वीडी सतीशन को जब यह फोन कॉल आया तब उनकी बेटी उनके साथ कार में थी. उन्होंने उस महिला नेता के भरोसे को कायम रखते हुए बेटी को भी इतनी बड़ी बात नहीं बताई. वीडी सतीशन को पहले ही पता चल चुका था कि वह केरल के सीएम बनने वाले हैं. तिरुवंतपुरम: केरल के भावी मुख्यमंत्री के रूप में वीडी सतीशन का नाम फाइनल होने पर कई लोग हैरान हैं. लोगों का यह समझ में नहीं आ रहा है कि कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल को पछाड़कर वीडी सतीशन ने कैसे बाजी मार ली. कांग्रेस के अंदर के इस राजनीतिक खेल की कुछ जानकारियां मीडिया के सामने आई हैं, जिसमें पता चला है कि एआईसीसी की महासचिव दीपा दासमुंशी ने वीडी सतीशन को पहले ही फोन करके बता दिया था कि वह केरल के अलगे मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं. बताया जा रहा है कि वीडी सतीशन बाई कार कोच्चि से तिरुवनंतपुरम जा रहे थे. इसी दौरान दीपा दासमुंशी का उन्हें कॉल आया, कॉल रिसीव करते ही उधर से दीपा दासमुंशी ने कहा- ‘आप मुख्यमंत्री बनने वाले हैं, बधाई हो.’ जवाब में सतीशन ने कहा धन्यवाद कहा.’ तभी दीपा दासमुंशी ने अगली लाइन कही- ‘जब तक AICC इसकी औपचारिक घोषणा नहीं करती, तब तक इस बारे में किसी को मत बताना, अपनी पत्नी को भी नहीं.’ जवाब में सतीशन ने भी भरोसा दिलाया कि वह इस बात को गुप्त ही रखेंगे. उन्होंने अपनी बेटी उन्नीमाया को भी यह बता नहीं बताई, जो उस वक्त कार में उनके साथ मौजूद थी. AICC में मुख्यमंत्री की घोषणा के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू होने से पांच या छह मिनट पहले सतीशन कैंटोनमेंट हाउस पहुंचे. तब तक यह खबर फैल गई थी कि केसी वेणुगोपाल AICC टीम के साथ केरल नहीं आ रहे हैं. कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि रमेश चेन्निथला को राहुल गांधी की ओर से मुख्यमंत्री पद के लिए प्रस्तावित किया जा रहा था. हालांकि केरल कांग्रेस के कई नेता वीडी सतीशन को मुख्यमंत्री पद दिलाने के लिए अग्रेसिव नजर आ रहे थे. माना जा रहा है कि कार्यकर्ताओं की इच्छा को शांत करने के लिए ही वीडी सतीशन के नाम पर मुहर लगाई गई. बिना मंत्री बने डायरेक्ट सीएम बनने जा रहे हैं वीडी सतीशन वीडी सतीशन बिना मंत्री रहे डायरेक्ट मुख्यमंत्री बनने वाले चौथे नेता हैं. 1957 में पहली सरकार के बाद जब ईएमएस नंबूदरीपाद के मुख्यमंत्री बनने के बाद, सतीशन बिना किसी मंत्री पद के मुख्यमंत्री बनने वाले चौथे नेता हैं. एके एंटनी, ईके नयनार और वी.एस. अचू थानंदन दूसरे नेता हैं जो सीधे मुख्यमंत्री बने हैं. वीडी सतीशन राज्य की 16वीं विधानसभा में मुख्यमंत्री बनेंगे. उन्होंने 15वीं विधानसभा में विपक्ष के नेता बनने के बाद मुख्यमंत्री का पद संभाला था. 18 मई को सतीशन लेंगे सीएम पद की शपथ केरल के मुख्यमंत्री पद के लिए नामित वीडी सतीशन और अन्य मंत्री 18 मई को यहां एक समारोह में शपथ लेंगे. सतीशन ने गुरुवार को यहां पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत ओमन चांडी के घर पहुंचे और बाद में पत्रकारों को बताया कि राष्ट्रीय नेतृत्व समारोह के लिए अन्य राज्यों के नेताओं को आमंत्रित करेगा. उन्होंने कहा, ‘राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे उपस्थित रहेंगे. शपथ ग्रहण समारोह 18 मई को सुबह 10 बजे होगा. कांग्रेस के सभी नेता मौजूद रहेंगे.’ पार्टी नेताओं के अनुसार शपथ ग्रहण समारोह तिरुवनंतपुरम के सेंट्रल स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा. सतीशन ने कहा कि अन्य मंत्रियों के बारे में जल्द ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा और इस पर शुक्रवार से चर्चा शुरू होगी. उन्होंने कहा कि जब चांडी 2006 से 2011 तक विपक्ष के नेता थे, तब उन्होंने ही उन्हें विधानसभा गतिविधियों में सबसे अधिक अवसर दिए थे. उन्होंने कहा, ‘मेरे राजनीतिक जीवन का सबसे बड़ा नुकसान यह नहीं है कि मैं मंत्री नहीं बन सका, बल्कि यह है कि मैं ओमन चांडी सरकार में मंत्री नहीं बन सका.’ सतीशन ने कहा कि वह पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन से भी मुलाकात का समय लेकर मिलेंगे. हाल में केरल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ ने 140 में से 102 सीटें जीतीं. About the Author Abhishek Kumar अभिषेक कुमार News18 की डिजिटल टीम में बतौर एसोसिएट एड‍िटर काम कर रहे हैं. वे यहां बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तसीगढ़, उत्तराखंड की राजनीति, क्राइम समेत तमाम समसामयिक मुद्दों पर लिखते …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi Source link

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NEET UG 2026: जून में होगी नीट यूजी परीक्षा, दोबारा जारी होंगे...

Last Updated:May 15, 2026, 09:43 IST NEET UG 2026 Re Exam Date: नीट यूजी पेपर लीक विवाद के बाद 2026 की परीक्षा रद्द कर दी गई है. एनटीए ने नीट यूजी री एग्जाम की डेट जारी कर दी है. नीट यूजी परीक्षा अब 21 जून 2026 को होगी. इसके लिए एडमिट कार्ड भी जल्द जारी किए जाएंगे. NEET UG 2026 Re-exam Date: नीट यूजी परीक्षा की नई डेट पर आधिकारिक अपडेट का इंतजार है नई दिल्ली (NEET UG 2026 Re Exam Date). देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी 2026 को लेकर चल रहा सस्पेंस खत्म हो गया है. लेकिन इसने 23 लाख से ज्यादा उम्मीदवारों की धड़कनें बढ़ा दी हैं. नीट यूजी पेपर लीक और धांधली के गंभीर आरोपों के बाद केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 3 मई को हुई परीक्षा को रद्द करने का बड़ा फैसला लिया है. इस फैसले के साथ ही अब लाखों उम्मीदवारों को एक बार फिर से परीक्षा के तनाव और तैयारियों के दौर से गुजरना होगा. एनटीए अब 21 जून 2026 (रविवार) को नीट यूजी परीक्षा दोबारा आयोजित करने की योजना बना रहा है. इसके लिए आधिकारिक घोषणा कर दी गई है. सरकार ने साफ कर दिया है कि उम्मीदवारों के भविष्य और सिस्टम की साख को बचाने के लिए यह सख्त कदम उठाना जरूरी था. इस मामले की जांच अब सीबीआई (CBI) को सौंप दी गई है, जिससे नीट यूजी पेपर लीक कांड की जड़ तक पहुंचा जा सके. NEET UG 2026: नीट यूजी परीक्षा रद्द होने की असली वजह क्या है? नीट यूजी 2026 परीक्षा रद्द होने के पीछे ‘गेस पेपर’ लीक का बड़ा मामला सामने आया है. जांच में पता चला कि राजस्थान के सीकर और अन्य कोचिंग हब में परीक्षा से कई दिन पहले ही प्रश्नपत्र WhatsApp और अन्य माध्यमों से सर्कुलेट हो रहे थे. राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) ने पाया कि कई सवाल हूबहू मुख्य परीक्षा के पेपर से मेल खा रहे थे. दावा किया जा रहा है कि यह पेपर लाखों में बेचा गया. जब गड़बड़ी के सबूत पुख्ता हो गए और जांच की आंच बड़े गिरोह तक पहुंची तो सरकार ने परीक्षा रद्द कर दी. नीट यूजी 2026 से जुड़े आंकड़े नीट यूजी दुनिया की सबसे कठिन और सबसे बड़ी परीक्षाओं की लिस्ट में शामिल है. नीट यूजी परीक्षा 3 मई 2026 को देशभर के 551 शहरों और विदेशों के 14 केंद्रों पर आयोजित की गई थी. इस मेडिकल प्रवेश परीक्षा में करीब 22.79 लाख उम्मीदवार शामिल हुए थे. नीट यूजी परीक्षा दोपहर 2 बजे से 5:20 बजे तक पेन-एंड-पेपर मोड में हुई थी, शुरुआत में NTA ने किसी भी तरह की धांधली से इनकार किया था, लेकिन बाद में सबूतों के आधार पर हार माननी पड़ी. नीट यूजी परीक्षा अब कब होगी? रद्द हुई नीट यूजी परीक्षा का री-टेस्ट 21 जून 2026 को होगा. फिलहाल NTA नए प्रश्न पत्र तैयार करने और परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था को दोबारा चाक-चौबंद करने में जुटा है. उम्मीद है कि अगले कुछ दिनों में एनटीए नीट की ऑफिशियल वेबसाइट neet.nta.nic.in पर नीट यूजी 2026 एडमिट कार्ड भी जारी कर देगा. उम्मीदवारों को वेबसाइट और सोशल मीडिया हैंडल चेक करने की सलाह दी जाती है. क्या उम्मीदवारों को फिर से फीस देनी होगी? नहीं, उम्मीदवारों के लिए यह राहत की बात है कि उन्हें नीट यूजी 2026 री-टेस्ट के लिए कोई भी अतिरिक्त फीस नहीं देनी होगी. इसके लिए उनका पुराना रजिस्ट्रेशन ही मान्य रहेगा. एनटीए सभी उम्मीदवारों के लिए नए एडमिट कार्ड जारी करेगा. उम्मीदवारों को दोबारा फॉर्म भरने की भी कोई जरूरत नहीं है. शिक्षा मंत्रालय ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पूरी जांच सीबीआई को सौंप दी है.सरकार का कहना है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वे किसी भी पद पर हों. ईमानदारी से नीट यूजी की तैयारी करने वाले ज्यादातर उम्मीदवार इस फैसले से खुश हैं, लेकिन एक बड़ा वर्ग परीक्षा दोबारा होने के कारण मानसिक तनाव में भी है. About the Author Deepali PorwalSenior Sub Editor Deepali Porwal is a seasoned bilingual journalist with 11 years of experience in the media industry. She currently works with News18 Hindi, focusing on the Education and Career desk. She is known for her versat…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

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बिना नौकरी अब खुद का काम, दुकान शुरू करने का मौका, 2000...

Last Updated:May 15, 2026, 08:27 IST Rampur news: ऐसे कई युवा हैं जो कृषि, उद्यान, पशुपालन, डेयरी या कृषि व्यवसाय प्रबंधन जैसे विषयों से पढ़ाई करने के बाद नौकरी की तलाश में रहते हैं. अब उनके लिए यह योजना एक नया रास्ता बन सकती है उप कृषि निदेशक राम किशन सिंह के मुताबिक योजना का मकसद गांवों में किसानों को खाद, बीज, दवा और खेती की सलाह एक ही जगह उपलब्ध कराना है. साथ ही स्थानीय युवाओं को अपना काम शुरू करने का मौका देना भी है. रामपुरः रामपुर के युवाओं के लिए इस बार खेती से जुड़ा अपना काम शुरू करने का अच्छा मौका आया है. कृषि विभाग ने प्रशिक्षित कृषि उद्यमी स्वावलंबन योजना यानी एग्री जंक्शन योजना के तहत जिले में 6 नए एग्री जंक्शन वन स्टॉप शॉप खोलने की तैयारी की है यह मौका खास तौर पर उन युवाओं के लिए है जिन्होंने खेती या उससे जुड़े विषयों में पढ़ाई की है और अब खुद का रोजगार शुरू करना चाहते हैं. ये होनी चाहिए योग्यता रामपुर में ऐसे कई युवा हैं जो कृषि, उद्यान, पशुपालन, डेयरी या कृषि व्यवसाय प्रबंधन जैसे विषयों से पढ़ाई करने के बाद नौकरी की तलाश में रहते हैं. अब उनके लिए यह योजना एक नया रास्ता बन सकती है उप कृषि निदेशक राम किशन सिंह के मुताबिक योजना का मकसद गांवों में किसानों को खाद, बीज, दवा और खेती की सलाह एक ही जगह उपलब्ध कराना है. साथ ही स्थानीय युवाओं को अपना काम शुरू करने का मौका देना भी है. राम किशन सिंह ने बताया कि आवेदन वही कर सकेंगे जिन्होंने कृषि, उद्यान, पशुपालन, वानिकी, डेयरी, पशु चिकित्सा, मुर्गी पालन या कृषि व्यवसाय प्रबंधन में स्नातक किया हो आवेदक का रामपुर का निवासी होना जरूरी है उम्र अधिकतम 40 साल रखी गई है अनुसूचित जाति, जनजाति और महिला अभ्यर्थियों को 5 साल की छूट दी जाएगी आवेदन पूरी तरह मुफ्त है और ऑनलाइन भरा जाएगा आवेदन की आखिरी तारीख 30 मई तय की गई है. युवाओं को दिया जाएगा प्रशिक्षण योजना के तहत चयन होने के बाद सीधे दुकान खोलने की अनुमति नहीं मिलेगी. पहले 13 दिन का प्रशिक्षण दिया जाएगा. यहां युवाओं को बताया जाएगा कि कृषि केंद्र कैसे चलाना है किसानों को फसल के हिसाब से सही सलाह कैसे देनी है और सरकारी योजनाओं की जानकारी कैसे पहुंचानी है. प्रशिक्षण पूरा होने पर लाइसेंस भी मिलेगा जिससे वे कानूनी तौर पर बीज, उर्वरक और कीटनाशी बेच सकेंगे. इस योजना में कुछ पैसा लाभार्थी को भी लगाना होगा विभाग के अनुसार केंद्र खोलने के लिए करीब 72 हजार रुपये खुद लगाने होंगे. इसके अलावा बैंक से 3 लाख 50 हजार रुपये तक का ऋण मिल सकेगा इस ऋण पर करीब 42 हजार रुपये का तीन साल का अग्रिम ब्याज सरकार बैंक को देगी इससे शुरुआत में आर्थिक बोझ कम रहेगा दुकान किराये पर लेने वालों को 12 महीने तक हर महीने 2 हजार रुपये की मदद भी मिलेगी. एग्री जंक्शन को वन स्टॉप शॉप इसलिए कहा जाता है क्योंकि यहां किसान को एक ही जगह कई सुविधाएं मिलेंगी. किसान खाद-बीज खरीद सकेंगे फसल में बीमारी की जानकारी ले सकेंगे दवा खरीद सकेंगे. मिट्टी जांच और नई तकनीक की सलाह भी ले सकेंगे. गांव के किसानों को अलग-अलग जगह भटकना नहीं पड़ेगा. वहीं पढ़े-लिखे युवा गांव में रहकर ही अच्छी कमाई कर पाएंगे. 6 विकास खंडों में खुलेंगे केंद्र राम किशन सिंह का कहना है कि यह सिर्फ दुकान खोलने की योजना नहीं बल्कि गांव में खेती की व्यवस्था मजबूत करने की कोशिश है. सरकार चाहती है कि कृषि पढ़े युवा नौकरी के पीछे भागने के बजाय अपना काम शुरू करें. इससे किसानों को सुविधा मिलेगी और गांव में रोजगार भी बढ़ेगा. ऐसे में कृषि से पढ़ाई कर चुके युवाओं के लिए यह योजना एक अच्छी शुरुआत साबित हो सकती है. About the Author Rajneesh Kumar Yadav मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Rampur,Rampur,Uttar Pradesh Source link

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Aaj Ka Mausam Live | Today Weather Live: उत्तर भारत में 48°...

Today Weather Live: मई का महीना इस बार मौसम का सबसे खतरनाक चेहरा दिखा रहा है. उत्तर भारत राहत भरी बारिश के बाद एक बार फिर सूरज मानो आग उगल रहा है. राजस्थान के बाड़मेर में पारा 48 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है और दिल्ली-एनसीआर समेत कई राज्यों में लू के थपेड़े लोगों की हालत खराब कर रहे हैं. सड़कें दोपहर में सुनसान दिखने लगी हैं. लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं. दूसरी तरफ दक्षिण भारत में हालात बिल्कुल उलट हैं. बंगाल की खाड़ी में बन रहे लो प्रेशर और साइक्लोनिक सर्कुलेशन ने केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में तेज तूफान और भारी बारिश का खतरा बढ़ा दिया है. यानी देश इस वक्त मौसम के डबल अटैक से जूझ रहा है. कहीं आसमान से आग बरस रही है तो कहीं बादल तबाही मचाने की तैयारी में हैं. मौसम विभाग ने अगले 36 घंटे को बेहद अहम बताया है और कई राज्यों के लिए अलर्ट जारी कर दिया गया है. तेज हवाएं, ओलावृष्टि, बिजली गिरने और भारी बारिश की चेतावनी ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है. दिल्ली से लेकर बिहार और पंजाब तक मौसम तेजी से करवट बदल रहा है. कई राज्यों में दिन में तेज गर्मी पड़ रही है तो शाम होते-होते आंधी और बारिश राहत दे रही है. मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ की वजह से उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश और बर्फबारी देखने को मिल सकती है. वहीं स्काईमेट के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में सक्रियता बढ़ने से दक्षिण भारत में अगले कुछ दिन बेहद खराब मौसम रह सकता है. तमिलनाडु और केरल में भारी बारिश का अलर्ट है. उधर महाराष्ट्र, गुजरात और मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में हीटवेव का असर जारी रहेगा. पूर्वोत्तर भारत में प्री-मानसून एक्टिविटी के चलते मौसम सुहावना बना हुआ है. मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का यह चरम रूप और खतरनाक हो सकता है. यही वजह है कि लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. दक्षिण भारत में मौसम सबसे ज्यादा खतरनाक रूप लेता दिख रहा है. (PTI) देश के कई हिस्सों में मौसम का यह बदला हुआ मिजाज लोगों के लिए परेशानी और राहत दोनों लेकर आया है. जहां उत्तर भारत में आंधी और हल्की बारिश के कारण कुछ घंटों की राहत मिल रही है, वहीं तापमान लगातार ऊपर चढ़ रहा है. दूसरी तरफ दक्षिण भारत में बारिश और तूफान के कारण जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है. मौसम विभाग लगातार राज्यों को सतर्क रहने की चेतावनी दे रहा है. मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन की वजह से मौसम की यह चरम स्थिति अब ज्यादा खतरनाक होती जा रही है. पहले जहां मई में सिर्फ गर्मी का असर दिखता था, वहीं अब तूफान, ओलावृष्टि और अचानक भारी बारिश जैसी घटनाएं आम होती जा रही हैं. आने वाले दिनों में लोगों को मौसम से जुड़ी हर चेतावनी पर नजर रखने की जरूरत होगी. दिल्ली-एनसीआर में गर्मी और बारिश का मिलाजुला असर दिल्ली-एनसीआर में अगले दो दिनों तक मौसम तेजी से बदल सकता है. दिन में तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण तापमान 41 डिग्री तक पहुंच सकता है. हालांकि शाम के समय हल्के बादल और बूंदाबांदी राहत दे सकते हैं. मौसम विभाग ने तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना जताई है. दिल्ली की हवा फिलहाल मध्यम श्रेणी में बनी हुई है और AQI करीब 150 दर्ज किया गया है. वीकेंड के बाद बारिश कम होते ही गर्मी और बढ़ सकती है. यूपी में आंधी-बारिश के बीच बढ़ेगी उमस उत्तर प्रदेश में अगले दो दिन मौसम कुछ नरम रह सकता है. पूर्वी यूपी में बादलों की आवाजाही और कई जगहों पर बारिश की संभावना है. मौसम विभाग ने 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने और बिजली गिरने की चेतावनी दी है. लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी में तापमान 40 डिग्री के पार जा सकता है. पश्चिमी यूपी में गर्म हवाएं लोगों की परेशानी बढ़ाएंगी जबकि पूर्वी हिस्सों में उमस बढ़ सकती है. बिहार में ठनका और तेज आंधी का खतरा बिहार में अगले पांच दिन मौसम पूरी तरह बदला हुआ रह सकता है. पटना, गया, बांका, जमुई और किशनगंज समेत कई जिलों में तेज आंधी और बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग ने ठनका गिरने की भी चेतावनी दी है. हालांकि कुछ जिलों में तापमान अभी भी 41 डिग्री तक पहुंच रहा है. ग्रामीण इलाकों में बिजली और पानी की मांग तेजी से बढ़ रही है. राजस्थान में 48 डिग्री वाली जानलेवा लू राजस्थान इस समय सबसे ज्यादा गर्मी झेल रहा है. बाड़मेर में तापमान 48 डिग्री के पार पहुंच गया है. जयपुर, बीकानेर, जोधपुर और श्रीगंगानगर में लू जैसे हालात बने हुए हैं. हालांकि कुछ इलाकों में पश्चिमी विक्षोभ के असर से हल्की बारिश हुई है. चुरू में 30 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर में घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है. मध्य प्रदेश में सूरज उगल रहा आग मध्य प्रदेश में भी गर्मी का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है. भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में तापमान 40 डिग्री के आसपास पहुंच सकता है. दिन के समय तेज धूप लोगों की परेशानी बढ़ाएगी. हालांकि कुछ हिस्सों में शाम को बादलों की हल्की आवाजाही देखने को मिल सकती है. मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिन हीटवेव जैसी स्थिति बनी रह सकती है. राजस्थान इस समय सबसे ज्यादा गर्मी झेल रहा है.(सांकेतिक फोटो) पंजाब-हरियाणा में बदला मौसम का मिजाज हरियाणा में पश्चिमी विक्षोभ का असर साफ दिखाई दे रहा है. हिसार, जींद, करनाल और कैथल समेत कई जिलों में तेज आंधी और बारिश हुई है. मौसम विभाग ने रेवाड़ी, महेंद्रगढ़ और पंचकूला समेत कई जिलों में 60 किलोमीटर की रफ्तार से आंधी चलने का अलर्ट जारी किया है. बिजली गिरने और ओलावृष्टि का भी खतरा बना हुआ है. पंजाब में भी मौसम ने राहत दी है. अमृतसर, जालंधर, लुधियाना और मोहाली समेत कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग का कहना

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Petrol Diesel Price : देशभर में पेट्रोल-डीजल महंगा, 3 रुपये लीटर बढ़े...

Last Updated:May 15, 2026, 06:42 IST गैस के बाद आखिरकार पेट्रोल की कीमतों में भी बढ़ोतरी हो गई है. सरकारी तेल कंपनियों ने शुक्रवार सुबह पेट्रोल और डीजल के दाम करीब 3 रुपये प्रति लीटर बढ़ा दिए हैं. पेट्रोल के दाम बढ़े. नई दिल्‍ली. देशभर में पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोतरी कर दी गई है. पेट्रोल ₹3.14 प्रति लीटर महंगा होकर ₹97.77 तक पहुंच गया है, जबकि डीजल ₹3.11 प्रति लीटर बढ़कर ₹90.67 हो गया है. तेल की खुदरा कीमतों में करीब 4 साल बाद बदलाव किया गया है. इससे पहले केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी तेल के दाम बढ़ाए जाने का इशारा कर दिया था. उनके बयान के बाद से यह कयास लगाए जा रहे थे कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में जल्‍द इजाफा हो सकता है. सरकारी तेल कंपनियों की ओर से शुक्रवार सुबह जारी तेल की खुदरा कीमतों में देशभर में बदलाव दिख रहा है. नई दरें शुक्रवार रात से ही लागू हो चुकी हैं. पेट्रोलियम कंपनियों ने पहले ही महंगे क्रूड की वजह से रोजाना करीब 1,000 करोड़ रुपये के नुकसान का दावा किया था. पेट्रोलियम मंत्री ने भी कहा था कि अगर तेल के खुदरा दाम नहीं बढ़ाए गए तो तेल कंपनियों का घाटा एक तिमाही में ही 1 लाख करोड़ रुपये से ज्‍यादा पहुंच जाएगा. हालांकि, पेट्रोल और डीजल के खुदरा दाम में जो बढ़ोतरी की गई है, घाटे के मुकाबले कम ही है. दिल्‍ली में कितनी हो गई तेल की कीमत नियमित पेट्रोल ₹94.77 से बढ़कर ₹97.91 प्रति लीटर पहुंच गया है. प्रीमियम पेट्रोल का रेट ₹102–104 से ₹105.14–107.14 प्रति लीटर हो गया है. नियमित डीजल का रेट ₹87.67 से बढ़कर ₹90.78 प्रति लीटर हो गया. हर सुबह 6 बजे जारी होते हैं नए रेटहर दिन सुबह 6 बजे पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव होता है. सुबह 6 बजे से ही नए रेट लागू हो जाते हैं. पेट्रोल व डीजल के दाम में एक्साइज ड्यूटी, डीलर कमीशन, वैट और अन्य चीजें जोड़ने के बाद इसका दाम मूल भाव से लगभग दोगुना हो जाता है. यही कारण है कि पेट्रोल-डीजल के दाम इतने अधिक दिखाई देते हैं. About the Author Pramod Kumar Tiwari प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Source link

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एयर पावर में परमाणु छलांग… AMCA से भारत रचेगा युद्ध क्रांति, बना...

होमताजा खबरदेश AMCA से भारत रचेगा युद्ध क्रांति, बना रहा दुश्मन को नहीं दिखने वाला फाइटर जेट Last Updated:May 15, 2026, 05:11 IST भारत का एमका फाइटर जेट सरेआम दुश्मनों का काल बनेगा. एडीए इसके डेवलपमेंट को लेकर काम कर रही है. इसी के मद्देनजर पुट्टपर्थी में फ्लाइट टेस्ट सेंटर की नींव रखी जाएगी. विमान एकीकरण का सबसे भारी और डरावना काम यहां होगा. इस सेंटर से एमका प्रोजेक्ट को रफ्तार मिलेगी. भारत अब फिफ्थ जनरेशन जेट में अपनी पावर दिखाने को तैयार है. ख़बरें फटाफट भारत का ‘एमका’ प्रोजेक्ट दुश्मनों के लिए खतरे की घंटी है. (एआई) नई दिल्ली. भारत द्वारा विकसित किए जा रहे पांचवीं पीढ़ी के ‘एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट’ (एमका) के निर्माण में तेजी लाने की तैयारी की जा रही है. एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (एडीए) इस फाइटर जेट के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है. शुक्रवार को इसी एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी के विमान एकीकरण और उड़ान परीक्षण केंद्र की आधारशिला रखी जाएगी. यह पहल आंध्र प्रदेश में की जा रही है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू 15 मई को आंध्र प्रदेश के श्रीसत्य साईं जिले के पुट्टपर्थी में कई एयरोस्पेस और रक्षा परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे. इन परियोजनाओं को भारत की रक्षा उत्पादन क्षमता, स्वदेशी सैन्य तकनीक और आत्मनिर्भर रक्षा विनिर्माण को नई गति देने वाला माना जा रहा है. इस दौरान एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी के विमान एकीकरण और उड़ान परीक्षण केंद्र की आधारशिला भी रखी जाएगी. यह अत्याधुनिक सुविधा भारत के स्वदेशी ‘उन्नत मध्यम लड़ाकू विमान’ यानी एएमसीए (एमका) प्रोग्राम के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है. इस केंद्र में विमान एकीकरण, परीक्षण, सत्यापन और प्रमाणन से जुड़े कार्य किए जाएंगे. इससे भारतीय फाइटर जेट एमका परियोजना के विकास और परीक्षण प्रक्रिया में तेजी आएगी. ‘एमका’ भारत की पांचवीं पीढ़ी के स्वदेशी स्टील्थ लड़ाकू विमान परियोजना है. इसे भारतीय वायुसेना की भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकसित किया जा रहा है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह अनाकापल्ली जिले के टी. सिरासपल्ली गांव में भारत डायनेमिक्स लिमिटेड की अत्याधुनिक नौसेना प्रणाली निर्माण सुविधा की भी आधारशिला रखेंगे. यह नया परिसर उन्नत जलमग्न हथियार प्रणालियों और नौसैनिक युद्ध प्रणालियों के निर्माण के लिए विकसित किया जाएगा. माना जा रहा है कि यह सुविधा भारतीय नौसेना की बढ़ती सामरिक जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगी और समुद्री सुरक्षा क्षमता को और मजबूत करेगी. इसके अलावा कई निजी रक्षा और प्रौद्योगिकी कंपनियों की परियोजनाओं का भी शिलान्यास किया जाएगा. इनमें कल्याणी स्ट्रैटेजिक सिस्टम्स लिमिटेड की सहायक कंपनी अग्नेयास्त्रा एनर्जेटिक्स लिमिटेड की डिफेंस एनर्जेटिक्स फैसिलिटी प्रमुख है. यह परियोजना रक्षा क्षेत्र में उन्नत ऊर्जा और विस्फोटक प्रणालियों के स्वदेशी निर्माण को बढ़ावा देगी. श्रीसत्य साईं जिले के मदाकासिरा में एचएफसीएल लिमिटेड के गोला-बारूद और इलेक्ट्रिक फ्यूज प्लांट की आधारशिला भी रखी जाएगी. यह संयंत्र आधुनिक सैन्य गोला-बारूद और इलेक्ट्रॉनिक फ्यूज निर्माण क्षमता को बढ़ाने में मदद करेगा. कुरनूल में प्रस्तावित ड्रोन सिटी परियोजना का भी शिलान्यास होगा. यह परियोजना ड्रोन प्रौद्योगिकी, अनुसंधान, विनिर्माण और परीक्षण के लिए एक समर्पित केंद्र के रूप में विकसित की जाएगी. इससे रक्षा, कृषि, निगरानी, आपदा प्रबंधन और औद्योगिक उपयोगों के लिए ड्रोन तकनीक को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. समारोह के दौरान आंध्र प्रदेश सरकार और विभिन्न रक्षा एवं औद्योगिक संस्थाओं के बीच कई समझौता ज्ञापनों यानी एमओयू पर हस्ताक्षर होने की भी संभावना है. इन समझौतों के माध्यम से राज्य में रक्षा विनिर्माण, एयरोस्पेस निवेश, रोजगार सृजन और उच्च तकनीकी उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा. विशेषज्ञों का मानना है कि इन परियोजनाओं से आंध्र प्रदेश देश के प्रमुख रक्षा एवं एयरोस्पेस विनिर्माण केंद्रों में तेजी से उभर सकता है. साथ ही, यह पहल ‘आत्मनिर्भर भारत’ और रक्षा क्षेत्र में स्वदेशीकरण के लक्ष्य को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है. About the Author Rakesh Ranjan Kumar राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Source link

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गर्मी से बचना है? 100 रुपये का ये गमछा बना युवाओं का...

होमफोटोलाइफ़फैशन गर्मी में राहत और स्टाइल दोनों, पसंद किया जा रहा सूती गमछा, जरूर करें ट्राई Last Updated:May 14, 2026, 22:16 IST पूर्वांचल और उत्तर भारत के कई हिस्सों में गमछा लंबे समय से लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा रहा है. गाजीपुर, बलिया और बनारस जैसे इलाकों में यह सिर्फ गर्मी से बचाव का साधन नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान भी माना जाता है. अब समय के साथ इसमें नए डिजाइन, पैटर्न और ओडिशा मॉडल जैसी वैरायटी जुड़ने से यह युवाओं के बीच एक फैशन ट्रेंड के रूप में भी उभर रहा है. गांवों में बुजुर्गों और किसानों की पहचान माना जाने वाला गमछा अब युवाओं के बीच भी फिर से ट्रेंड में लौट रहा है. हल्के सूती कपड़े और ढीली बुनाई की वजह से यह गर्मी में शरीर को हवा देता है और पसीना जल्दी सोख लेता है. इस गमछे का चेकर्ड डिजाइन सिर्फ दिखावे के लिए नहीं है. इसकी वैफल वीव बुनाई में छोटे-छोटे एयर गैप बनते हैं, जो कपड़े के अंदर हवा के प्रवाह को बेहतर बनाते हैं. यही वजह है कि गर्मी में यह गमछा ज्यादा आरामदायक महसूस होता है. गर्मी में गहरे नीले और हरे रंग के प्रिंट आंखों को सुकून देते हैं. अजय बताते हैं कि अब लोग डार्क और लाइट शेड्स का कॉम्बिनेशन ज्यादा पसंद कर रहे हैं. अगर शर्ट डार्क है, तो लोग ऐसा लाइट बेस वाला गमछा चुन रहे हैं जो चेहरे को आकर्षक दिखाता है. लिनन और कॉटन का मिक्स फैब्रिक हवा को आसानी से आर-पार जाने देता है और डार्क शर्ट पर बेहतरीन कंट्रास्ट भी देता है. टेक्सटाइल विशेषज्ञ मानते हैं कि हल्के सूती और ढीली बुनाई वाले गमछे गर्म इलाकों के लिए ज्यादा आरामदायक होते हैं क्योंकि इनमें हवा का प्रवाह बेहतर रहता है. यही वजह है कि पूर्वांचल की गर्मी में आज भी गमछा ‘देसी एसी’ की तरह इस्तेमाल किया जाता है. गाजीपुर की तपती दुपहरी में जब सूरज आग उगलता है, तब यहाँ के लोगों का सबसे भरोसेमंद साथी बनता है यह गमछा. यह गमछा देखने में काफी अट्रैक्टिव है. कॉटन साइंस के अनुसार जब हवा गमछे के महीन रेशों से होकर गुजरती है, तो वह चेहरे को ठंडी हवा का अहसास कराती है. लू के थपेड़ों से बचने के लिए गाजीपुर के लोग इसे चेहरे पर लपेटना पसंद कर रहे हैं. Add News18 as Preferred Source on Google सौरभ के मुताबिक, कुर्ते के साथ पहनने के लिए ये फूलदार गमछे आजकल काफी हिट हैं. साइंटिफिक नजरिए से देखा जाए तो हाई-क्वालिटी कॉटन सूरज की हानिकारक अल्ट्रावॉयलेट किरणों को कुछ हद तक सोख लेता है. यह फैशन और सेहत दोनों का परफेक्ट कॉम्बिनेशन माना जा रहा है. इस गमछे में पिक स्ट्रिप और मल्टी कलर फ्लोरल डिजाइन इसे दूर से ही आकर्षक बना देते हैं. पूर्वांचल में गमछा सिर्फ पसीना पोंछने का साधन नहीं रहा, बल्कि यह यहां की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा माना जाता है. गाजीपुर, बलिया, बनारस और आसपास के इलाकों में दशकों से किसान, मजदूर और यात्री सूती गमछा इस्तेमाल करते आए हैं क्योंकि इसका कपड़ा गर्मी में हवा पास होने देता है और पसीना जल्दी सोख लेता है. समय के साथ इसकी बुनाई और डिजाइन में बदलाव आया है. अब फूलदार प्रिंट, ओडिशा मॉडल, चेकर्ड पैटर्न और वैफल वीव जैसे नए डिजाइन युवाओं को भी आकर्षित कर रहे हैं. सफेद रंग पर नारंगी और पीले फूलों की हल्की छपाई वाला यह गमछा इस समय गाजीपुर के बाजारों में सबसे अलग नजर आ रहा है. सफेद आधार वाले गमछे सूरज की रोशनी को रिफ्लेक्ट (परावर्तित) करते हैं, जिससे शरीर ज्यादा गर्म नहीं होता. अजय के अनुसार, अब लोग धूप से बचाव के साथ-साथ यह भी देख रहे हैं कि गमछा उनके पैंट-शर्ट के साथ मैच कर रहा है या नहीं. हरे और क्रीम रंग के पारंपरिक डिजाइन वाला यह ओडिशा मॉडल गमछा अपनी बारीक बुनाई और कलात्मक पैटर्न की वजह से अलग पहचान बना रहा है. इस तरह के गमछों में सिर्फ धूप से बचाव ही नहीं, बल्कि क्षेत्रीय संस्कृति की झलक भी दिखाई देती है. हल्का सूती कपड़ा गर्मी में आराम देता है, जबकि इसकी पारंपरिक बॉर्डर डिजाइन इसे सामान्य गमछों से अलग बनाती है. दुकानदारों के मुताबिक अब युवा सिर्फ साधारण गमछा नहीं, बल्कि अलग-अलग राज्यों के डिजाइन वाले गमछे भी पसंद कर रहे हैं. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

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युद्ध, आतंक और आर्थिक संकट पर जयशंकर का कड़ा रुख; BRICS में...

नई दिल्ली. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने गुरुवार को भरोसा जताया कि नई दिल्ली में चल रही ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में हुई चर्चाएं दुनिया को ज्यादा स्थिर, न्यायसंगत और सबको साथ लेकर चलने वाली व्यवस्था बनाने में मदद करेंगी. नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में पहुंचे विदेशी प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए जयशंकर ने कहा कि यह बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब दुनिया लगातार ज्यादा जटिल और अनिश्चित होती जा रही है. इसका सबसे ज्यादा असर उभरती अर्थव्यवस्थाओं और विकासशील देशों पर पड़ रहा है. उन्होंने ऊर्जा, खाद्य, उर्वरक और स्वास्थ्य सुरक्षा जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए ज्यादा प्रभावी कदम उठाने की जरूरत पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में सुरक्षित और बिना रुकावट समुद्री आवाजाही बेहद जरूरी है, क्योंकि इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था जुड़ी हुई है जयशंकर ने भरोसेमंद सप्लाई चेन और विविध बाजारों की जरूरत पर भी जोर दिया, ताकि आर्थिक मजबूती बनी रहे. उन्होंने कहा कि अच्छी शासन व्यवस्था और सबको साथ लेकर विकास के लिए तकनीक का सही इस्तेमाल जरूरी है. साथ ही, भरोसे, पारदर्शिता और तकनीक तक बराबर पहुंच से जुड़े मुद्दों पर भी ध्यान देना होगा. विदेश मंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों का समाधान बातचीत, कूटनीति और आतंकवाद के खिलाफ मजबूत सहयोग से निकाला जाना चाहिए. उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी और अस्थायी दोनों श्रेणियों में सुधार की जरूरत पर भी जोर दिया. जयशंकर ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर लिखा, “भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता का फोकस मजबूती, नवाचार, सहयोग और टिकाऊ विकास पर है. हमें भरोसा है कि ब्रिक्स इंडिया 2026 की चर्चाएं दुनिया को ज्यादा स्थिर, न्यायपूर्ण और समावेशी बनाने में मदद करेंगी.” ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की दो दिवसीय बैठक गुरुवार को नई दिल्ली में भारत की अध्यक्षता में शुरू हुई. इस अहम बैठक की अध्यक्षता जयशंकर कर रहे हैं, जिसमें ब्रिक्स सदस्य देशों और साझेदार देशों के विदेश मंत्री और वरिष्ठ प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं. यह बैठक भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत पहला बड़ा मंत्रीस्तरीय कार्यक्रम है और माना जा रहा है कि इससे इस साल होने वाले ब्रिक्स नेताओं के शिखर सम्मेलन का एजेंडा तय करने में अहम भूमिका निभेगी. भारत 2026 में ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है. इसकी थीम है “बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, को-ऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी” यानी मजबूती, नवाचार, सहयोग और टिकाऊ विकास के लिए काम करना. यह सोच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से 2025 में रियो डी जेनेरियो में हुए 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में दिए गए ‘लोगों को केंद्र में रखने और मानवता पहले’ के दृष्टिकोण पर आधारित है. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि हमारी चार प्राथमिकताएं – लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सतत विकास – साझेदार देशों सहित सहभागिता के लिए एक व्यावहारिक ढांचा प्रदान करती हैं. पहला: लचीलापन…हम आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने, बाजारों में विविधता लाने, प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों को बेहतर बनाने और जलवायु-लचीला बुनियादी ढांचा तैयार करने पर कार्य कर रहे हैं. सामाजिक कल्याण के लिए डिजिटल एकीकरण जैसी पहलें लोगों के कल्याण पर हमारे विशेष ध्यान को दर्शाती हैं. दूसरा: नवाचार…BRICS इनक्यूबेटर नेटवर्क, साइंस एंड रिसर्च रिपॉजिटरी और यूथ स्टार्टअप प्लेटफॉर्म जैसी पहलें नवाचार के पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने और अवसरों का विस्तार करने का उद्देश्य रखती हैं. तीसरा: सहयोग…BRICS MSME कनेक्ट पोर्टल, ट्रेड रिसीवेबल्स डिस्काउंटिंग सिस्टम तथा कृषि और स्वास्थ्य क्षेत्रों में साझेदारियां ठोस परिणाम प्रदान करेंगी. चौथा: सतत विकास…हमारा ध्यान जलवायु कार्रवाई, स्वच्छ ऊर्जा और सतत विकास के मार्गों पर केंद्रित है. विदेश मंत्री ने कहा, “दुनिया बदल चुकी है. और BRICS को भी आगे बढ़ना होगा. केवल चर्चा का मंच बनने से आगे बढ़कर परिणाम देने वाला मंच बनना होगा. हमारी प्रासंगिकता केवल इरादों से नहीं, बल्कि परिणामों से तय होगी. जितना अधिक हम अपने समाजों और उनकी आकांक्षाओं से जुड़ेंगे, BRICS का महत्व उतना ही बढ़ेगा. भारत अंतरराष्ट्रीय समझ, एकजुटता, खुलेपन, समावेशिता, पूर्ण परामर्श और सहमति के सिद्धांतों के अनुरूप BRICS को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराता है.” Source link

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IMD Weather Alert | IMD News | 80 की रफ्तार में पाकिस्तान...

Tomorrow Weather: पाकिस्तान-भारत की सीमा के पास उठा बवंडर अब तबाही मचाने को तैयार है. गुरुवार को मौसम विभाग (आईएमडी) ने चेताते हुए बताया कि आज की ही रात पंजाब, दिल्ली, हरियाणा, और उत्तर प्रदेश में आंधी-तूफान दस्तक दे सकता है. मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार, अगर आप आज रात कहीं बाहर निकलने की योजना बना रहे हैं, तो सावधान हो जाएं! पाकिस्तान के ऊपर से बन रहा एक भयंकर आंधी-तूफान का सिस्टम तेजी से भारत की तरफ बढ़ रहा है. आज रात यह तूफानी सिस्टम उत्तर भारत के कई बड़े राज्यों को अपनी चपेट में ले लेगा, जिससे भारी तबाही मच सकती है. मौसम पर नजर रखने वाले विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान के ऊपर आंधी-तूफान के बड़े क्लस्टर (Thunderstorm Clusters) बनने शुरू हो गए हैं. ये क्लस्टर तेजी से पूर्व दिशा यानी कि भारत की ओर बढ़ रहे हैं. देर शाम और आज रात के दौरान ये तूफानी क्लस्टर पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारी तबाही मचा सकते हैं. एक्टिव मौसमी प्रणाली 80 की रफ्तार में आंधी-तूफान मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, इस दौरान 40 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने का अनुमान है. हवा की रफ्तार इतनी तेज होगी कि कच्चे मकानों को नुकसान पहुंच सकता है, पेड़ उखड़ सकते हैं और टिन शेड या अस्थाई ढांचे हवा में उड़ सकते हैं. इसके साथ ही धूल भरी आंधी (Dust Storm) के कारण विजिबिलिटी (देखने की क्षमता) भी काफी कम हो जाएगी, जिससे रात के समय ड्राइविंग करना बेहद खतरनाक हो सकता है. राज्यों के हिसाब से तूफ़ान का टाइमटेबल मौसम के नए अनुमानों के अनुसार, यह तूफानी सिस्टम अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग समय पर अपना खतरनाक रूप दिखाएगा: राजस्थान: उत्तरी राजस्थान, जिसमें जयपुर और उसके आसपास के इलाके शामिल हैं, वहां शाम 7 बजे से रात 9 बजे के बीच तूफान का असर दिखना शुरू हो जाएगा. पंजाब: पंजाब में इसका पहला और सीधा असर शाम 7 बजे से रात 11 बजे के बीच देखने को मिलेगा. हरियाणा और चंडीगढ़: रात 8 बजे से 11 बजे के बीच यह तूफान हरियाणा और चंडीगढ़ को अपनी चपेट में लेगा. दिल्ली-NCR और उत्तर प्रदेश: दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के इलाकों के लिए मौसम विभाग ने रात 9 बजे से देर रात 1 बजे के बीच का समय सबसे ज्यादा ‘एक्टिव वेदर विंडो’ बताया है. यानी इस समय के बीच दिल्ली वालों को सबसे ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है. बारिश, ओले और जलभराव का भी बड़ा खतरा इस तूफान में सिर्फ तेज हवाएं और बिजली ही नहीं गिरेगी, बल्कि कई इलाकों में बेहद कम समय में मध्यम से भारी बारिश भी हो सकती है. अचानक होने वाली इस तेज बारिश से निचले इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक जाम की भारी समस्या पैदा हो सकती है. इसके अलावा, जिन इलाकों में तूफान तेजी से शक्तिशाली होगा, वहां अचानक ओलावृष्टि यानी ओले गिरने की भी पूरी संभावना जताई गई है. आईएमडी की सेटेलाइट इमेज अचानक क्यों बन रहे हैं ऐसे हालात? मौसम विज्ञानियों का कहना है कि उत्तर भारत में इस समय भीषण गर्मी पड़ रही है. दिन के समय सतह के अत्यधिक गर्म होने से वायुमंडल में एक बड़ी अस्थिरता पैदा हो गई है. उत्तर-पश्चिमी भारत के ऊपर बहने वाली गर्म और शुष्क हवाएं जब आने वाले पश्चिमी विक्षोभ से जुड़ी नमी और ठंडी हवाओं से टकरा रही हैं, तो यह टकराव भयंकर तूफानी सिस्टम को जन्म दे रहा है, जो एक ‘बम’ की तरह फट रहा है. हालांकि, मौसम विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि तूफान का असर सभी जगह एक समान नहीं होगा. कुछ जिलों में भारी तबाही वाला मौसम देखने को मिल सकता है, जबकि कुछ इलाकों में इसका असर बेहद कम होगा या वे पूरी तरह से इस तूफान से बच जाएंगे. हवाओं की दिशा और तूफानी बादलों के आगे बढ़ने की गति पर बहुत कुछ निर्भर करेगा. प्रशासन की सख्त चेतावनी अधिकारियों और आपदा प्रबंधन विभागों ने आम जनता के लिए सख्त चेतावनी जारी की है. लोगों से अपील की गई है कि जैसे ही आंधी-तूफान शुरू हो, वे तुरंत सुरक्षित और पक्के मकानों के अंदर चले जाएं. पेड़ों के नीचे या कच्चे ढांचों के पास शरण लेने से बचें और घरों के बाहर रखे हल्के और उड़ने वाले सामानों को सुरक्षित जगह पर बांधकर रख दें ताकि वे हवा में उड़कर किसी को नुकसान न पहुंचाएं. पाकिस्तान से आ रहे तूफान का असर भारत के किन राज्यों में देखने को मिलेगा? इस तूफान का मुख्य असर पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के इलाकों में देखने को मिलेगा। दिल्ली-एनसीआर में इस आंधी-तूफान के आने का मुख्य समय क्या बताया गया है? मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी यूपी में इस तूफान का सबसे ज्यादा असर रात 9 बजे से देर रात 1 बजे के बीच रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने हवाओं की रफ्तार कितनी रहने का अनुमान जताया है? तूफान के दौरान हवाओं की रफ्तार 40 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे के बीच रहने का अनुमान है, जो पेड़ उखाड़ने और अस्थाई ढांचों को नुकसान पहुंचाने के लिए काफी है। उत्तर भारत में अचानक इस तरह का भयंकर तूफान क्यों आ रहा है? उत्तर-पश्चिमी भारत की अत्यधिक गर्म और शुष्क हवाओं का पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) की ठंडी हवाओं और नमी के साथ टकराना इस भयंकर तूफानी सिस्टम के बनने का मुख्य कारण है। Source link

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पश्चिम एशिया की आग अब BRICS तक पहुंची, भिड़ गए ईरान और...

होमताजा खबरदेश पश्चिम एशिया की आग BRICS तक पहुंची, भिड़ गए ईरान और UAE, खूब हुई तू-तू मैं-मैं Last Updated:May 14, 2026, 23:18 IST ईरान के उप विदेश मंत्री डॉ. काज़ेम ग़रीबाबादी ने UAE पर अमेरिका और इज़राइल के साथ मिलकर ईरान विरोधी कार्रवाई में शामिल होने का आरोप लगाया. ईरान ने कहा कि UAE में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाना ‘आत्मरक्षा’ के अधिकार के तहत उठाया गया कदम था. ख़बरें फटाफट ब्रिक्स समिट में पश्चिम एशिया तनाव को लेकर ईरान और यूएई में बहस हो गई. नई दिल्ली. नई दिल्ली में चल रही BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक गुरुवार को उस वक्त अचानक बेहद तनावपूर्ण हो गई, जब ईरान और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के प्रतिनिधियों के बीच तीखी जुबानी जंग छिड़ गई. पश्चिम एशिया में पहले से सुलग रहे संकट की आग अब BRICS जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचती दिखी, जहां दोनों देशों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए. बैठक के दौरान UAE ने ईरान पर क्षेत्र में अस्थिरता फैलाने, आक्रामक सैन्य गतिविधियों को बढ़ावा देने और पड़ोसी देशों की सुरक्षा को खतरे में डालने का आरोप लगाया. UAE के प्रतिनिधियों ने कहा कि ईरान की कार्रवाई पूरे खाड़ी क्षेत्र को युद्ध की तरफ धकेल रही है और इससे वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर भी खतरा पैदा हो रहा है. इसके जवाब में ईरान के उप विदेश मंत्री डॉ. काज़ेम ग़रीबाबादी ने बेहद कड़ा पलटवार किया. उन्होंने UAE पर अमेरिका और इज़राइल के साथ मिलकर ‘ईरान विरोधी साजिश’ में शामिल होने का आरोप लगाया. ईरानी प्रतिनिधि ने कहा कि UAE की जमीन पर मौजूद अमेरिकी ठिकाने ईरान की सुरक्षा के लिए सीधा खतरा बन चुके हैं और उन पर कार्रवाई ‘आत्मरक्षा’ के अधिकार के तहत की गई. ईरान ने साफ संकेत दिए कि यदि उसके खिलाफ क्षेत्रीय मोर्चाबंदी जारी रही, तो जवाब और भी आक्रामक हो सकता है. इस बयान के बाद बैठक में मौजूद कई देशों के प्रतिनिधियों के बीच हलचल बढ़ गई. माना जा रहा है कि BRICS मंच पर इस तरह की खुली टकराहट ने यह साफ कर दिया है कि पश्चिम एशिया का संकट अब सिर्फ क्षेत्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक शक्ति संतुलन का मुद्दा बन चुका है. विशेषज्ञों का मानना है कि BRICS जैसे मंच पर ईरान और UAE के बीच खुला आरोप-प्रत्यारोप इस बात का संकेत है कि खाड़ी क्षेत्र में तनाव खतरनाक स्तर तक पहुंच चुका है. ऊर्जा आपूर्ति, समुद्री सुरक्षा और वैश्विक व्यापार पर इसका असर आने वाले दिनों में और गहरा हो सकता है. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Source link

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